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जम्मू-कश्मीर में मनाई जा रही है शांतिपूर्ण तरीके से ईद

पत्रकार आदित्य कौल ने एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में यह स्पष्ट दिख रहा है कि शहर में अब तक कोई हिंसा या कोई अप्रिय घटना नहीं घटित हुई है और ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से अता की गई।

जम्मू-कश्मीर में नकारात्मक प्रचारों के बावजूद ईद का त्योहार बड़ी धूमधाम और शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जा रहा है। इस बात की पुष्टि सोशल मीडिया की तस्वीरों से हो रही है। 

जम्मू और कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने मीडिया को बताया कि ईद का त्योहार शांतिपूर्ण और पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि कश्मीर घाटी के सभी क्षेत्रों में, लोग अपनी स्थानीय मस्जिदों में आते-जाते रहें इसके लिए सुरक्षा मानदंडों में ढील दी गई है। साथ ही मस्जिदों में लोगों के इकट्ठा होने पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है।

दिलबाग सिंह ने यह भी कहा कि घाटी में हिंसा या पथराव की कोई घटना नहीं हुई है। ख़बरों के अनुसार, अकेले बारामूला में 10,000 से अधिक लोगों ने शांति से ईद की नमाज अता की।

राजौरी क्षेत्र में, मस्जिदों में ईद की नमाज़ अता की गई जहाँ समुदाय विशेष के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए। पुलिस ने कहा है कि दो दिन पहले प्रतिबंधों में ढील दी गई थी ताकि लोग ईद मनाने के लिए ख़रीदारी कर सकें और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था कर सकें।

मीडिया में छाई ख़बरों में कश्मीर की मस्जिदों के दृश्य भी दिखाए जहाँ ईद की नमाज़ और समुदाय विशेष का जमावड़ा बिना किसी हिंसक घटनाओं के सुचारू रूप से चलता दिखा।

श्रीनगर में, लोग बड़ी संख्या में मस्जिदों में जमा हुए हैं और ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण तरीके से अता की गई।

पत्रकार आदित्य कौल ने एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में यह स्पष्ट दिख रहा है कि शहर में अब तक कोई हिंसा या कोई अप्रिय घटना नहीं घटित हुई है और ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से अता की गई।

हालाँकि, इन खबरों के बीच ऐसे कई नेता, मीडिया पोर्टल और निहित स्वार्थ वाले व्यक्ति भी शामिल हैं, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर ग़लत सूचना दी। EX-IAS अधिकारी से राजनेता बने शाह फ़ैसल ने अनुच्छेद-370 हटाने के लिए भारत में हिंसा और बदला लेने की धमकी दी। उन्होंने ट्वीट किया था कि अपमान का बदला लेने तक कोई ईद नहीं मनाई जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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