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छोटी लड़कियों की नीलामी, माँ से रेप: राजस्थान के हाल देख भड़की NCW, जाँच के लिए भेजी जाएगी टीम, मंत्री बोले- यहाँ ऐसे काम नहीं होते

राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा, ''एनसीडब्ल्यू की एक टीम को राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में भेजा जा रहा है। 1 नवंबर को मैं राजस्थान के सीएस और भीलवाड़ा एसपी से मिलूँगी। पिछले कुछ वर्षों से राज्य से ऐसी ही घटनाएँ सामने आई हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है ।''

राजस्थान के भीलवाड़ा से स्टाम्प पेपर पर लड़कियों को बेचे जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए थे। इसमें बताया गया था कि लड़कियों को बेचे जाने से मना करने पर लड़कियों की माँ के साथ रेप किया जाता है। इसके पीछे जातीय पंचायतों की भूमिका बताई गई थी। हालाँकि राजस्थान के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस बात से इंकार किया है कि प्रदेश में लड़कियों को बेचा जाता है।

रिपोर्ट को लेकर पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया था और राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा था। नोटिस में कहा गया था मीडिया रिपोर्ट में जिस घिनौनी प्रथा का दावा किया गया है, वह मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

रिपोर्ट पर अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की प्रमुख रेखा शर्मा ने भी चिंता जताई है और बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, ”एनसीडब्ल्यू की एक टीम को राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में भेजा जा रहा है। 1 नवंबर को मैं राजस्थान के सीएस और भीलवाड़ा एसपी से मिलूँगी। पिछले कुछ वर्षों से राज्य से ऐसी ही घटनाएँ सामने आई हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है ।”

घटना पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी संज्ञान लिया है। एनसीपीसीआर के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, ”हम मामले की जाँच करेंगे। 7 नवंबर को, मैं ट्रेफिकिंग से प्रभावित गाँव का दौरा करूँगा, प्रभावित परिवारों से मिलूँगा और यह जानने की कोशिश करूँगा कि इस गठजोड़ में कौन शामिल हैं। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि इस सांठगांठ पर प्रतिबंध लगाया जाए और आरोपी को दंडित किया जाए।

राजस्थान राज्य महिला आयोग ने भी इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लिया है और पुलिस महानिदेशक और भीलवाड़ा कलेक्टर को नोटिस जारी कर तत्काल कार्रवाई करने की माँग की है और 7 दिनों में तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

दूसरी ओर राजस्थान सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस बात से इनकार किया है कि प्रदेश में लड़कियों को बेचा जाता है। उन्होंने कहा, ”यह जाँच का विषय है। जब इस तरह की जानकारी सामने आती है तो हम तब तक सच्चाई नहीं जान सकते जब तक कि जाँच न हो जाए। एनएचआरसी को इस बारे में पहले राजस्थान पुलिस से बात करनी चाहिए थी। प्रदेश में लड़कियों की बिक्री नहीं होती।”

मीडिया रिपोर्ट में क्या है?

लड़कियों की ब्रिकी से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट राजस्थान के भीलवाड़ा से संबंधित है। इसमें पीड़ितों के हवाले से बताया गया है कि लड़कियों को नीलाम कर देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेशों तक भेजा जा रहा है। इसमें बताया गया है कि भीलवाड़ा की कई बस्तियों में विवाद या कर्ज के मामलों का निपटारा पुलिस की जगह जातीय पंच कर रहे हैं। वे लड़कियों की नीलामी करवा रहे हैं। इनकार करने पर उनकी माताओं से बर्बरता की जाती है।

रिपोर्ट में कई मामलों का जिक्र किया गया है। ऐसे ही एक मामले के बारे में बताया गया है कि 15 लाख रुपए के भुगतान के बदले जातीय पंचायत ने एक आदमी को पहले अपनी बहन को बेचने के लिए मजबूर किया। इसके बाद उसे 12 साल की बेटी को बेचने को मजबूर किया गया। इस तरह एक-एक कर उस व्यक्ति की सभी पाँच बेटियाँ गुलाम बन गई। बावजूद उस व्यक्ति का कर्ज खत्म नहीं हुआ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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