Homeदेश-समाजकेरल में मुस्तफा ने जलाई बाइबिल, फिर वायरल किया वीडियो: स्वीडन में कुरान जलाए...

केरल में मुस्तफा ने जलाई बाइबिल, फिर वायरल किया वीडियो: स्वीडन में कुरान जलाए जाने के विरोध में घटना, क्रिसमस पर भी कर चुका है तोड़फोड़

साथ ही वीडियो में वो पुस्तक के ऊपर तेल डालता हुआ भी दिख रहा है, ताकि ये अच्छे से जल जाए। मुस्तफा पर पहले भी भड़काऊ करतूतों के आरोप लग चुके हैं।

स्वीडन में कुरान जलाए जाने के विरोध में केरल में मुस्तफा नाम के व्यक्ति ने ईसाइयों की पवित्र पुस्तक बाइबिल को जला डाला। राज्य की पुलिस ने कहा है कि जानबूझ कर सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल बिगाड़ने की साजिश की जा रही है। केरल में मुस्लिमों और ईसाइयों, दोनों की अच्छी-खासी जनसंख्या है। उसने इस वीडियो को भी वायरल कर दिया। पुलिस का कहना है कि समाज की आस्था को नुकसान पहुँचाने के लिए ऐसा किया गया।

केरल की पुलिस ने इसे एक साजिश करार दिया है। पुलिस ने अपनी FIR में लिखा है कि केरल में दोनों समाज मिलजुल कर रहते हैं, जिन्हें इन करतूतों के जरिए भड़काने की कोशिश की जा रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि मुस्तफा पहले बाइबिल को मेज पर रखता है, जिसके बाद वो लाइटर जला कर से जलाने की कोशिश करता है। जब इसमें वो असफल रहा तो उसने गैस स्टोव को जला कर उसके ऊपर बाइबिल को रख दिया।

साथ ही वीडियो में वो पुस्तक के ऊपर तेल डालता हुआ भी दिख रहा है, ताकि ये अच्छे से जल जाए। मुस्तफा पर पहले भी भड़काऊ करतूतों के आरोप लग चुके हैं। पिछले साल क्रिसमस के मौके पर उसने एक सरकारी अस्पताल में तोड़फोड़ मचाई थी। इस मामले में कासरगोड जिले के मुन्नाद स्थित बेडकम थाना क्षेत्र की पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि उसने जानबूझ कर ऐसा किया है। वीडियो को वायरल भी उसने ही करवाया।

बता दें कि स्वीडन में कुछ नेताओं द्वारा कुरान जलाए जाने की घटनाएँ सामने आई हैं, जिसके बाद दुनिया भर के मुस्लिम स्वीडन के वृद्ध प्रदर्शन कर रहे हैं। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में तुर्की के दूतावास के बाहर रासमस पालूदान के नेतृत्व में इस घटना को अंजाम दिया गया था। लोगों ने कुरान के पन्ने भी फाड़े थे। लंदन में भी स्वीडन के दूतावास के बाहर इस घटना के विरोध में प्रदर्शन हुआ। ईरान सहित कई इस्लामी मुल्कों में हजारों मुस्लिम सड़क पर उतरे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गालीबाजों में दिखे ‘स्वतंत्रता सेनानी’ और मोदी सरकार में ‘क्रूर ब्रिटिश’… ‘पत्रकारिता’ के नाम पर इस वामपंथी सनक को छोड़ दो आरफा-श्याम-तनुश्री

आरफा-श्याम-तनुश्री और अनमोल ने उस सीजेपी प्रदर्शन पर राउंड टेबल चर्चा की जो खत्म हो चुकी है, लेकिन झारखंड पेपर लीक पर फेविकोल लगा के बैठे है।

वांगचुक ने 26 दिन भूख हड़ताल कर राहुल गाँधी को दिया राजनीतिक वापसी का मौका, लेकिन उनके अहंकार ने सब चौपट कर दिया

वांगचुक ने बताया कि वह चाहते थे राहुल गाँधी उनका अनशन तुड़वाएँ। जानिए कैसे कॉन्ग्रेस ने CJP आंदोलन से दूरी बनाकर अलग सियासी राह चुनी।
- विज्ञापन -