Homeराजनीतिमहिलाओं के शरीर पर चढ़ गए लोग, CM नीतीश को रोकना पड़ा भाषण, चलीं...

महिलाओं के शरीर पर चढ़ गए लोग, CM नीतीश को रोकना पड़ा भाषण, चलीं लाठियाँ: कुछ ऐसी रही महागठबंधन की रैली, इसके लिए यूनिवर्सिटी ने रोक दी थी परीक्षा

महारैली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिलाओं को कुछ पुरुषों पर लाठी चलाते देखा जा सकता है।

बिहार के पूर्णिया में आयोजित महागठबंधन की रैली में कई बार भारी हंगामा देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाषण के बीच शिक्षक अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। सीएम नीतीश ने अपना भाषण रोककर उन्हें समझाने की कोशिश की। दूसरी तरफ रैली के दौरान महिलाओं और पुरुषों के बीच झड़प की भी खबर है। बताया जा रहा है कि कुछ शरारती तत्वों ने भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के साथ अभद्रता की।

2024 में होने वाले आम चुनावों से पहले बिहार के महागठबंधन ने पूर्णिया में शनिवार (25 फरवरी, 2023) को बड़ी रैली आयोजित की। रैली में महागठबंधन में शामिल सभी 7 पार्टियों के नेता शामिल हुए। पूर्णिया के रंगभूमि मैदान में आयोजित महारैली में सीएम नीतीश कुमार के संबोधन के दौरान शिक्षक अभ्यर्थियों ने बहाली की माँग को लेकर नारेबाजी करना शुरू कर दिया। नारेबाजी से सीएम नीतीश भड़क गए। उन्होंने कहा कि यहाँ क्यों आए हो। क्या आपको मालूम है कि बिहार में कितने शिक्षकों की बहाली हुई और कितनों की होने वाली है। चिंता मत करो बड़ी संख्या में शिक्षकों की बहाली होगी।

महारैली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिलाओं को कुछ पुरुषों पर लाठी चलाते देखा जा सकता है। कहा जा रहा है कि महारैली के दौरान रंगभूमि मैदान में शरारती तत्व महिलाओं के शरीर पर चढ़ने लगे। इसके बाद महिलाओं ने पुरुषों पर लाठियाँ बरसानी शुरू कर दीं। कार्यक्रम के बीच काफी देर तक यह हंगामा चलता रहा।

महागठबंधन की रैली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, पूर्व सीएम जीतनराम मांझी,कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह और वाम दलों के नेता मौजूद रहे। रैली को आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने वर्चुअली संबोधित किया। उधर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी पश्चिम चंपारण जिले में रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेपाल में 10 साल बाद ₹200 और ₹500 के नए भारतीय नोटों का इस्तेमाल शुरू, मोदी सरकार की बड़ी कूटनीतिक जीत: जानिए कैसे पड़ोसी...

भारतीय यात्रियों को अब नेपाल में खरीदारी, होटल बुकिंग और यात्रा के दौरान छोटे भारतीय नोटों की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

जहाँ महात्मा बुद्ध ने दिया पहला उपदेश, वो सारनाथ अब UNESCO की विश्व धरोहर: UP की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान, जानें- राज्य के...

UNESCO ने सारनाथ को भारत का 45वाँ विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। 28 वर्षों के इंतजार के बाद मिली इस उपलब्धि से पूर्वांचल को नई पहचान मिली।
- विज्ञापन -