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27 मौतों से हाहाकार, इफ्तार के मजे लेती ‘सरकार’… दारुबंदी वाले बिहार में ज़हरीली शराब के कहर से 6 अंधे भी हो गए, CM नीतीश बोले – गलत काम मत करो

बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले में सब ठीक नहीं है। ज़हरीली शराब से अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 6 की आँखों की रोशनी चली गई है।

बिहार के पूर्वी चम्पारण में ज़हरीली शराब से हुई मौतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। उधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से इफ्तार पार्टी में व्यंजनों का आनंद लेते दिखे। सीएम नीतीश कुमार पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम माँझी के आवास पर इफ्तार पार्टी में शामिल हुए। माँझी की पार्टी HAM भी महागठबंधन की सरकार का हिस्सा है। साथ ही बिहार के कई बड़े नेता भी इस इफ्तार पार्टी में इस्लामी टोपी और तौलिए के साथ भोजन करते दिखे।

लेकिन, बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले में सब ठीक नहीं है। ज़हरीली शराब से अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 6 की आँखों की रोशनी चली गई है। जिले के 5 अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई घटनाओं में 2 दिन के भीतर इतनी मौतें हुई हैं। उधर सीएम नीतीश कुमार ने ये कह कर इतिश्री कर ली कि किसी को इस तरह का गलत काम नहीं किया जाता, इसके लिए समझाया जाता है। बिहार पुलिस का कहना है कि 400 जगहों पर छापेमारी कर के 60 शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

हालाँकि, पुलिस-प्रशासन ज़हरीली शराब से 14 मौतों की बात ही स्वीकार कर रहा है। इस मामले में अब तक 2 ASI और 9 चौकीदारों को निलंबित किया गया है। जिले में अब तक 5 FIR दर्ज की गई। तुरकौलिया और रघुनाथपुर में 13, हरसिद्धि में 6, पहाड़पुर में 5 और सुगौली में 3 लोगों की जानें गई हैं। आशंका है कि मृतकों का आँकड़ा और बढ़ सकता है। विपक्षी भाजपा भी इस घटना पर राजद-जदयू गठबंधन सरकार पर हमलावर है।

पश्चिम चम्पारण से सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने मिस्र के फराओ से नीतीश कुमार की तुलना करते हुए कहा कि तब शासक की गलती से 2000 लोग मारे गए थे, आज बिहार में लोग अचानक मर रहे और कारण का पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम नीतीश ने ’पुलिस माफिया गठजोड़ाइटिस’ नामक नई बीमारी का अविष्कार किया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इस प्रकरण की जाँच कराए जाने की माँग की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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