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फिल्म ’72 हूरें’ की रिलीज़ से पहले ट्विटर ने सस्पेंड किया निर्माता अशोक पंडित का हैंडल, इस्लामी-वामपंथी गिरोह ने की है मास रिपोर्टिंग

वामपंथी और इस्लामी गिरोह लगातार इस फ़िराक में था कि किसी ट्वीट को बहाना बना कर अशोक पंडित का ट्विटर हैंडल निलंबित करवाया जाए।

ट्विटर पर इस्लामी कट्टरपंथियों और वामपंथियों ने ’72 हूरें’ फिल्म के निर्माता अशोक पंडित के खिलाफ सोशल मीडिया में अभियान चलाया, जिसके बाद उनका ट्विटर हैंडल सस्पेंड कर दिया गया है। संजय पूरन सिंह चौहान द्वारा निर्देशित इस फिल्म का वो सह-निर्माता हैं। उनके साथ-साथ गुलाब सिंह तँवर, किरण डागर और अनिरुद्ध तँवर ने इस फिल्म का निर्माण किया है। ये फिल्म शुक्रवार (7 जुलाई, 2023) को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है।

अशोक पंडित सोशल मीडिया पर इस्लामी कट्टरपंथियों के खिलाफ कई सालों से आवाज उठाते रहे हैं। इसलिए, इस्लामवादी भी उन्हें निशाना बनाए रखते हैं। इस बार, उनके एक ट्वीट को निशाना बना कर ‘टीम साथ’ नामक प्रोपेगंडा हैंडल ने उनके ट्विटर हैंडल को सस्पेंड करा दिया। इसके लिए मास रिपोर्टिंग का सहारा लिया गया। अशोक पंडित ने सभी रक्षकों के विनाश की बात कही थी, उनके इसी ट्वीट पर मास रिपोर्टिंग की गई।

वामपंथी और इस्लामी गिरोह लगातार इस फ़िराक में था कि किसी ट्वीट को बहाना बना कर अशोक पंडित का ट्विटर हैंडल निलंबित करवाया जाए। ‘टीम साथ’ ने उन पर हत्या की धमकी देने का आरोप लगाते हुए यूजर्स से मास रिपोर्टिंग की अपील की। साथ ही ‘ट्विटर सेफ्टी’ और कंपनी के मालिक एलन मस्क को टैग करने की भी सलाह दी। अशोक पंडित इस ट्वीट में कोई धमकी नहीं दे रहे थे, बल्कि बुराई के विनाश और अच्छे की जीत से उनका आशय था।

इसी ट्वीट को आधार बना कर अशोक पंडित के ट्विटर हैंडल को सस्पेंड करवा दिया गया

भाजपा नेताओं तजिंदर पाल सिंह बग्गा, कपिल मिश्रा शलभ मणि त्रिपाठी और रमेश सोलंकी ने ट्विटर द्वारा अशोक पंडित का हैंडल सस्पेंड किए जाने के खिलाफ आवाज़ उठाई है। ट्विटर से अपील की जा रही है कि वो अशोक पंडित के हैंडल को रिस्टोर करे। बता दें कि ’72 हूरें’ आतंकवाद के खिलाफ बनी फिल्म है, जिसके ट्रेलर को जनता से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। ‘टीम साथ’ अक्सर इस्लामी कट्टरपंथियों और वामपंथियों की करतूतों की पोल खोलने वालों के पीछे लगा रहता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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