Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयकोमोरोस ने उपराष्ट्रपति नायडू को दिया सर्वोच्च सम्मान 'दि ऑर्डर ऑफ़ ग्रीन क्रेसेंट'

कोमोरोस ने उपराष्ट्रपति नायडू को दिया सर्वोच्च सम्मान ‘दि ऑर्डर ऑफ़ ग्रीन क्रेसेंट’

यह कोई पहला मौका नहीं है कि भारत के उच्च पद पर आसीन किसी व्यक्ति को किसी इस्लाम बहुल देश ने सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ा हो। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी...

भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू इन दिनों अफ्रीका महाद्वीप के एक देश कोमोरोस की यात्रा पर हैं। यहाँ आज (11 अक्टूबर, 2019) उन्हें राजधानी मोरोनि में कोमोरोस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘दि ऑर्डर ऑफ़ ग्रीन क्रेसेंट’ से सम्मानित किया गया। करीब 98 फीसदी सुन्नी समुदाय की आबादी वाले इस देश में रहने वाले 2 % ईसाई वर्ग अल्पसंख्यक हैं।

हर देश में सामान्यतः एक सर्वोच्च नागरिक सम्मान का प्रावधान होता है जैसे हिंदुस्तान में ‘भारत रत्न’ ठीक वैसे ही कोमोरोस में “दि ऑर्डर ऑफ़ ग्रीन क्रीसेंट” नामक सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाता है। दरअसल यह सम्मान एक तुर्किश संस्था के ज़रिए संचालित किया जाता था, जिसकी शुरुआत 1920 में हुई थी। नशामुक्ति और ड्रग्स पर प्रतिबन्ध इस संस्था का उद्देश्य है।

दुनिया भर में भारतीय राष्ट्राध्यक्षों का सम्मान इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि कूटनीति के स्तर पर यह बताता है कि अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत का स्थान कितना मज़बूत है। दरअसल सरकार पर कश्मीर से अनुच्छेद 370 के फैसले को लेकर कई लोग यह चिंता जता रहे थे कि पाकिस्तान इस्लामिक देशों की ओर मदद का कटोरा लेकर भाग सकता है लेकिन पीएम मोदी की अंतरराष्ट्रीय नीति ने पहले ही खाड़ी देशों में स्थित अधिकतर इस्लामिक देशों और दुनिया के अन्य भू-भाग में बसे इस्लामिक देशों को न सिर्फ भारत के समर्थन में लाकर खड़ा कर दिया बल्कि देश के उच्च पदों पर बैठे लोगों को भी विशेष सम्मान दिया। यही वजह है कभी पीएम मोदी तो कभी देश के उपराष्ट्रपति को अंतरराष्ट्रीय जगत में ख़ासा सम्मान मिल रहा है।

बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है कि भारत के उच्च पद पर आसीन किसी व्यक्ति को किसी ऐसे देश में सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ा हो जहाँ इस्लाम बहुल आबादी निवास करती है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी संयुक्त अरब अमीरात का सर्वोच्च सम्मान ‘अवार्ड ऑफ ज़ायेद’ मिल चुका है। भारत को विश्वस्तर पर सम्मानित करने और पीएम मोदी को अपने सम्मान से नवाजने की लम्बी फेहरिस्त में कई इस्लामिक देश शामिल हैं, इस लिस्ट में में बहरीन, अफ़ग़ानिस्तान, फलस्तीन जैसे देश प्रमुख हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।
- विज्ञापन -