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धर्म पूछकर मारते हैं गोली, सैनिक और BJP नेता होते हैं निशाना… पहलगाम में जिस TRF ने दिया था हिंदुओं के नरंसहार को अंजाम, उसे अब अमेरिका ने भी आतंकी संगठन माना: जानें ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ कैसे करता है काम

एक तारीख जो भारत के दिल में नासूर बनकर दर्ज हो गई, वो है 22 अप्रैल 2025 की। पहलगाम की शांत घाटियों में गूंजती गोलियों की आवाजों ने 26 बेगुनाह जिंदगियों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। इस बार आतंकियों ने न धर्म छिपाया, न नीयत- ‘क्या तुम हिंदू हो’??? पूछने के बाद सीधे गोली मार दी। ये कोई छिपा हमला नहीं था, ये एक धार्मिक नरसंहार था।

जिस आतंकी संगठन TRF ने इस कत्लेआम की जिम्मेदारी ली थी, उसे भारत पहले ही आतंकी संगठन घोषित कर चुका था। TRF कोई आम संगठन नहीं है। ये पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की गोद में पला वो खूनी भेड़िया है, जिसे लश्कर-ए-तैयबा ने नया नाम और नया चेहरा देकर छोड़ा है। लेकिन अब अमेरिका ने भी आधिकारिक रूप से TRF को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह जानकारी दी। मार्को रुबियो ने बताया कि यह फैसला ट्रंप सरकार ने आतंकवाद से लड़ने और पहलगाम हमले में न्याय दिलाने के लिए लिया है।

अमेरिका ने एक प्रेस स्टेटमेंट जारी कर TRF को आतंकी संगठन घोषित किया

वहीं, भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा कि अमेरिका ने TRF को आतंकी संगठन घोषित करके अच्छा किया। उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि यह भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद के खिलाफ मजबूत साथ होने का सबूत है। जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अमेरिकी विदेश विभाग की तारीफ भी की।

टीआरएफ क्या है और कैसे काम करता है?

द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) एक आतंकी संगठन है। यह पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का ही एक नया रूप है। TRF सीधे-सीधे बड़ा संगठन नहीं है। यह छोटे-छोटे आतंकी समूहों की तरह काम करता है, जिन्हें टेरर मॉड्यूल कहते हैं। इनमें फाल्कन स्क्वाड जैसे नाम शामिल हैं।

ये समूह किसी खास काम के लिए तैयार होते हैं और काम खत्म होने के बाद या तो खत्म हो जाते हैं या अपना चेहरा बदल लेते हैं। TRF के आतंकी बहुत चालाक होते हैं। वे आम लोगों की तरह रहते हैं।

हमला करने से पहले वे अपनी जगह की रेकी करते हैं, यानी वहाँ की पूरी जानकारी जुटाते हैं। फिर वे हथियार इकट्ठा करते हैं और ट्रेनिंग लेते हैं। हमले के बाद वे अपने हथियार छिपा देते हैं और घाटियों या जंगलों में छिप जाते हैं।

ये आतंकी सोशल मीडिया का भी खूब इस्तेमाल करते हैं। वे इसके जरिए इस्लामिक कट्टरता फैलाते हैं और युवाओं का ब्रेनवॉश करते हैं, ताकि वे उनके साथ जुड़ जाएँ। ऐसा करने से उन्हें दो फायदे होते हैं। पहला, वे हमलों के लिए स्थानीय लड़कों का इस्तेमाल कर पाते हैं। दूसरा, स्थानीय लोगों को चुनने से उन्हें सहानुभूति भी मिलती है और छिपने के लिए जगह भी मिल जाती है।

TRF जैसे आतंकी संगठन हाइब्रिड मिलिटेंट्स का भी इस्तेमाल करते हैं। ये ऐसे आम नौजवान होते हैं जिनका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होता। ये ऑनलाइन माध्यम से इन आतंकी समूहों से जुड़ते हैं।

फिर इन्हें ट्रेनिंग दी जाती है और हमला करने का लक्ष्य बताया जाता है। हमला करने के बाद ये फिर से अपने गाँव या शहर जाकर आम जिंदगी जीने लगते हैं। चूंकि इनका कोई रिकॉर्ड नहीं होता, इसलिए इन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है।

TRF जैसे संगठन आर्टिक्स 370 हटाए जाने के बाद सामने आए। ये ऑनलाइन ही शुरू हुए थे और बाद में दूसरे बड़े आतंकी गुटों से जुड़ गए। ऊपर से देखने पर ये ऐसे लगते हैं जैसे नए बने हों, लेकिन इनका मकसद एक ही होता है- कश्मीर के स्थानीय लोगों के मन में गैर-कश्मीरियों के लिए डर और गुस्सा पैदा करना।

साथ ही, कश्मीर को आतंकवाद से अस्थिर बनाए रखना। ये आतंकी एक ‘शैडो वॉर’ (अदृश्य युद्ध) चला रहे हैं, जिसमें वे खुद को ‘हम’ और बाकी देश व सेना को ‘वे’ बताते हैं, जो उनके साथ गलत कर रहे हैं।

टीआरएफ ने अब तक कितने हमले किए हैं?

टीआरएफ ने अब तक कई आतंकी हमले किए हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हमले नीचे दिए गए हैं।

अप्रैल 2020 में कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में घुसपैठ करने के बाद इस हमले में सेना के 5 जवान बलिदान हुए थे, जिनमें एक जेसीओ भी शामिल थे।

30 अक्टूबर 2020 को साउथ कश्मीर के कुलगाम जिले में बीजेपी के तीन कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

26 नवंबर 2020 को श्रीनगर के लवेपोरा इलाके के पास श्रीनगर-बारामूला हाईवे पर उन्होंने दो सैनिकों को गोली मारी और उनके हथियार छीन लिए। उन्होंने इस हत्या का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया था।

26 फरवरी 2023 को कश्मीरी पंडित संजय शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

20 अक्टूबर 2024 को गांदरबल के गगनगीर इलाके में श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे पर टनल बनाने वाली जगह पर फायरिंग की। इस हमले में बडगाम के डॉक्टर शहनवाज मीर और पंजाब-बिहार के 6 मजदूर मारे गए थे।

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से ठीक पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 हिंदू पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। इस हमले में कई लोग घायल भी हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी भी TRF ने ही ली थी। यह हमला टीआरएफ ने अपने फाल्कन स्क्वाड की मदद से किया था, जिसे बेहद खूंखार और तेज-तर्रार माना जाता है।

अमेरिकी अधिकारियों मार्को रुबियो ने इस हमले को 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर हुआ सबसे घातक हमला बताया।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का स्टेटमेंट

पहलगाम हमला

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकी हमला हुआ। यह हमला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने मिलकर प्लान किया था।

इसे पाकिस्तान के नेताओं और सेना के कहने पर अंजाम दिया गया था। यह हमला सिर्फ पाकिस्तानी आतंकियों ने ही किया था। ISI ने पाकिस्तान में बैठे लश्कर कमांडर साजिद जट्ट को साफ निर्देश दिए थे कि वह पहलगाम में केवल विदेशी आतंकियों का इस्तेमाल करे।

हमले को गुप्त रखने के लिए किसी भी कश्मीरी आतंकी को इसमें शामिल नहीं किया गया। इसके बजाय, जम्मू-कश्मीर में पहले से मौजूद लश्कर के विदेशी आतंकियों को यह काम सौंपा गया।

पहलगाम हमले की अगुवाई सुलेमान नाम का एक शख्स कर रहा था। वह पाकिस्तान के विशेष बल का एक संदिग्ध कमांडो रह चुका है। उसने 2022 में LOC (लाइन ऑफ कंट्रोल) पार करके जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की थी।

सुलेमान ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में लश्कर के ट्रेनिंग कैंप में प्रशिक्षण लिया था। इस दस्ते में सुलेमान के अलावा दो और पाकिस्तानी आतंकी थे। सैटेलाइट फोन से पता चला कि सुलेमान 15 अप्रैल 2025 को त्राल के जंगल में था।

इससे पता चलता है कि वह हमले से करीब एक हफ्ते पहले ही पहलगाम के पास पहुँच गया था। सुलेमान अप्रैल 2023 में पुंछ में सेना के एक ट्रक पर हुए हमले में भी शामिल था, जिसमें पाँच सैनिक शहीद हुए थे।

हालाँकि, ISI और लश्कर के इस बड़े मिशन को अंजाम देने से पहले वह दो साल तक शांत रहा था। हमलावरों ने 26 लोगों को चुना और मार दिया, जिनमें सभी पुरुष थे और 25 हिंदू थे। अभी घाटी में करीब 68 विदेशी आतंकी और 3 स्थानीय आतंकी एक्टिव हैं।

20,000 करोड़ की DRDO परियोजना को मिली हरी झंडी, एयर इंडिया के 6 एयरबस A321 विमान बनेंगे नेत्रा MK-2: स्वदेशी रडार से लैस AWACS बनेंगी इंडियन एयरफोर्स की आँखें

भारत सरकार ने भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए छह स्वदेशी एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमानों के निर्माण को मंज़ूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट 20,000 करोड़ रुपए की लागत वाली एक बड़ी रक्षा परियोजना है, जिसे DRDO एयरबस और भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर तैयार करेगा।

ये विमान भारतीय वायुसेना की निगरानी, कमांड और कंट्रोल क्षमताओं को नई ताकत देंगे। रिपोर्टस के अनुसार इस परियोजना को AWACS इंडिया कार्यक्रम या नेत्रा MK-2 कहा जा रहा है। इसके तहत एयर इंडिया के बेड़े से प्राप्त छह एयरबस A321 विमानों को अत्याधुनिक निगरानी विमानों में बदला जाएगा।

इन विमानों में पृष्ठीय पंख के ऊपर एक बड़ा रडार एंटीना लगाया जाएगा, जो 360 डिग्री रडार कवरेज देगा। यह प्रणाली दुश्मन के विमानों, जमीनी राडार और अन्य खतरों का लंबी दूरी से पता लगाने और ट्रैक करने में सक्षम होगा। इसमें AESA (Active Electronically Scanned Array) रडार तकनीक का इस्तेमाल होगा, जो दुनिया की सबसे उन्नत रडार तकनीकों में से एक है।

नेत्रा MK-2 विमान में आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (ELINT), संचार इंटेलिजेंस (COMINT), मल्टी-मिशन ऑपरेटर स्टेशन और सक्रिय शोर रद्दीकरण जैसी उन्नत क्षमताएँ भी होंगी। DRDO इस पूरी प्रणाली को डिजाइन और विकसित कर रहा है, जबकि विमान के सैन्य बदलावों की जिम्मेदारी फ्रांस या स्पेन में एयरबस की सुविधाओं पर किया जाएगा।

इसके तहत यात्री विमानों की सीटें हटाई जाएँगी, आगे के हिस्से को मज़बूत किया जाएगा, अतिरिक्त विद्युत इकाई लगाई जाएगी और मिशन कंसोल इंस्टॉल किए जाएँगे। यह पहली बार होगा जब भारत में एयरबस A321 जैसे विमान को इतनी जटिल सैन्य भूमिका के लिए बदला जा रहा है।

अभी भारतीय वायुसेना इजराइल के सहयोग से बनाए गए तीन IL-76 ‘फाल्कन’ AWACS और कुछ सीमित स्वदेशी नेत्रा विमान (Emb-145 प्लेटफॉर्म पर) का उपयोग करती है। लेकिन IL-76 विमानों में बार-बार तकनीकी समस्याएँ आती रही हैं, जिससे भारत को अपने निगरानी नेटवर्क को मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई।

AWACS प्रणाली हवा में उड़ते हुए कमांड सेंटर की तरह काम करती है, जो दुश्मन के हमलों की पहले से चेतावनी देती है और युद्ध के दौरान अपने लड़ाकू विमानों को सही दिशा में गाइड करती है। यह परियोजना चीन और पाकिस्तान जैसी सीमाओं पर चौकसी को और बेहतर बनाएगी।

नेत्रा MK-2 AWACS से जुड़ीं 10 खास बातें

  • 360 डिग्री रडार कवरेज: नेत्रा MK-2 में एक बड़ा रडार एंटीना होगा, जो 360 डिग्री निगरानी देगा। यह दुश्मन के विमान, मिसाइल और जमीनी ठिकानों को सैकड़ों किलोमीटर दूर से पकड़ सकता है।
  • स्वदेशी AESA रडार: इसमें DRDO का बनाया GaN-बेस्ड AESA रडार होगा, जो 500 किमी से ज्यादा दूरी तक छोटे-बड़े खतरों को ट्रैक करेगा, जैसे ड्रोन और स्टील्थ विमान।
  • हवा में कमांड सेंटर: यह विमान उड़ता हुआ कंट्रोल रूम है, जो युद्ध के दौरान IAF के लड़ाकू विमानों को गाइड करेगा और रियल-टाइम जानकारी देगा।
  • एयरबस A321 का इस्तेमाल: एयर इंडिया के 6 A321 विमानों को सैन्य जरूरतों के लिए बदला जाएगा। ये विमान बड़े, भरोसेमंद और लंबी उड़ान के लिए मुफीद हैं।
  • इलेक्ट्रॉनिक और संचार खुफिया: इसमें ELINT और COMINT सिस्टम होंगे, जो दुश्मन की रेडियो सिग्नल और बातचीत को पकड़कर खुफिया जानकारी जुटाएँगे।
  • आधुनिक मिशन कंसोल: विमान में मल्टी-मिशन ऑपरेटर स्टेशन होंगे, जो कई तरह के ऑपरेशनों को एक साथ मैनेज करने में मदद करेंगे।
  • स्व-रक्षा की क्षमता: इसमें रडार वार्निंग रिसीवर और काउंटर मेजर्स डिस्पेंसिंग सिस्टम होंगे, जो मिसाइल हमलों से विमान को बचाएँगे।
  • आत्मनिर्भर भारत का कदम: यह प्रोजेक्ट DRDO और भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर बन रहा है, जो मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगा और विदेशी निर्भरता कम करेगा।
  • निर्यात की संभावना: नेत्रा MK-2 की तकनीक इतनी उन्नत है कि भविष्य में इसे अन्य देशों को बेचा जा सकता है, जिससे भारत की रक्षा इंडस्ट्री को फायदा होगा।
  • 2026-27 में शामिल होने की उम्मीद: पहला विमान 2026-27 तक IAF को मिलेगा, जो चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर निगरानी को और मजबूत करेगा।

इस प्रोजेक्ट के 3 साल में पूरा होने की उम्मीद है और पहला विमान 2026-27 तक भारतीय वायुसेना को सौंपा जा सकता है। इससे भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल हो जाएगा जिनके पास स्वदेशी रूप से विकसित हवाई चेतावनी प्रणाली है। साथ ही यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। भविष्य में यह तकनीक निर्यात के लिए भी रास्ते खोल सकती है।

ED ने गुरुग्राम की विवादित लैंड डील में रॉबर्ट वाड्रा, उनकी कंपनियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट: 43 संपत्तियाँ हो चुकी हैं कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के गुरुग्राम स्थित शिखोपुर लैंड डील मामले में कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा सहित 11 लोगों और संस्थाओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट गुरुवार (17 जुलाई 2025) को नई दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष PMLA कोर्ट में दाखिल की गई।

रिपोर्टस के अनुसार, यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जिसमें वाड्रा की कंपनी पर भारी मुनाफा कमाने और नियमों का उल्लंघन करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

मामला वर्ष 2008 में गुरुग्राम के शिखोपुर गाँव (अब सेक्टर 83) की 3.53 एकड़ जमीन की खरीद से जुड़ा है। ED के अनुसार, रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्रा लि ने यह जमीन ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से महज 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी।

कुछ ही महीनों में हरियाणा सरकार ने इस जमीन पर व्यावसायिक कॉलोनी के लिए लाइसेंस दे दिया, जिससे जमीन की कीमत लगभग 700% बढ़ गई। इसके बाद सितंबर 2012 में इस जमीन को DLF को करीब 58 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।

उस वक्त हरियाणा में कॉन्ग्रेस की भूपिंदर सिंह हुड्डा की सरकार थी। इस सौदे की जाँच तत्कालीन IAS अधिकारी अशोक खेमका ने शुरू की और म्यूटेशन रद्द कर दिया। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का मामला बताया।

इसी के आधार पर 1 सितंबर 2018 को गुरुग्राम पुलिस ने FIR  दर्ज की। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू की।  का कहना है कि इस सौदे से जो मुनाफा हुआ, उसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इधर-उधर घुमाया गया।

रॉबर्ट वाड्रा को अप्रैल 2025 में तीन दिनों तक पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जहाँ उनके बयान PMLA के तहत दर्ज किए गए। वाड्रा ने इन सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है और कहा है कि उन्होंने जाँच में पूरा सहयोग किया है और 23000 से ज्यादा पेज के दस्तावेज भी सौंपे हैं।

इस चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा के अलावा उनकी कंपनियों, सत्यनंद याजी, केवल सिंह विर्क और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्रा. लि. को आरोपित बनाया गया है। इसके अलावा बुधवार (16 जुलाई 2025) को ED ने वाड्रा और उनकी कंपनियों की कुल 43 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है, जिनकी कीमत लगभग 37.64 करोड़ रुपए बताई गई है।

फिलहाल कोर्ट ने इस चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया है। अगली सुनवाई की तारीख तय की जा चुकी है, जिसके बाद यह तय होगा कि आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चलेगा या नहीं।

महाकाल की नगरी में टीचर शकील मोहम्मद ने जलाई हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें, मुँह खोलने पर छात्रों को दी जान से मारने की धमकी: नमाज-कुरान पढ़ने का भी डाला दबाव, गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सरकारी स्कूल के टीचर शकील मोहम्मद ने हिंदू देवी-देवताओं और भारत माता की तस्वीरें जलाईं। इसके साथ राष्ट्रीय ध्वज को भी जलाने की कोशिश की गई। शकील पर छात्रों को जबरन कुरान और नमाज पढ़ाने का भी आरोप है।

दरअसल, महिदपुर के नागपुर गाँव में माध्यमिक विद्यालय नागपुरा है। स्कूल के एक छात्र ने अपने चाचा रोहित राठौड़ को शकील मोहम्मद के करतूतों के बारे में बताया। छात्रों के अनुसार, 11 जुलाई 2025 को शकील ने छात्र-छात्राओं के सामने भगवान गणेश, माता सरस्वती और भारत माता की तस्वीर तोड़ दी और उन्हें आग के हवाले कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्र की शिकायत पर उसके चाचा रोहित राठौड़ 16 जुलाई 2025 को स्कूल पहुँचे। यहाँ चश्मदीद बने बाकी छात्र-छात्राओं से बात की गई, तो घटना सही निकली। फिर सभी छात्रों के परिजनों ने मिलकर टूटी हुई तस्वीरों के फोटो और वीडियो बनाए। उन्हें लेकर पुलिस के पास पहुँचे।

रोहित राठौड़ ने पुलिस से आरोपित शकील मोहम्मद के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। रोहित ने बताया कि उनका भतीजा अनुराग राठौड़ माध्यमिक विद्यालय नागपुरा में कक्षा छठीं का छात्र है। उसने बताया कि टीचर शकील मोहम्मद ने छात्रों के सामने हिंदू देवी-देवताओं और भारत-माता की तस्वीर को जलाया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

इसके अलावा शकील मोहम्मद कक्षा में छात्रों पर नमाज पढ़ने और कुरान पढ़ने का भी दबाव डालता है। कहता है कि वह छात्रों को नमाज और कुरान पढ़ाएगा। इसके साथ छात्रों के माता-पिता के खिलाफ भी आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करता था।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि आरोपित टीचर ने लसूड़िया मंसूर क्षेत्र के स्कूल में टीचर रहते हुए भी यह काम किया है। इसके साथ बाकी जगहों पर भी इसे दोहराया है।

वहीं, पुलिस ने आरोपित शकील मोहम्मद के खिलाफ BNS की धारा 298, 351(3) में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने शकील मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। उधर जिला शिक्षा अधिकारी आनंद शर्मा ने भी शकील मोहम्मद को पद से निलंबित कर दिया है।

हिंदू संगठन ने किया विरोध-प्रदर्शन

शकील मोहम्मद के हिंदू देवी-देवताओं को जलाने का मामला सामने आने के बाद हिंदू संगठन ने रोष जताया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस थाने का घेराव कर विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की माँग की। वहीं, पुलिस ने आरोपित शकील को महिदपुर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

पति का पत्नी से जबरन पासवर्ड माँगना निजता का उल्लंघन, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: विवाह में भी सीमाएँ जरूरी, शक के आधार पर नहीं माँग सकते कॉल डिटेल्स

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक फैसले में साफ कर दिया कि शादी का मतलब यह नहीं कि पति को पत्नी की निजी जानकारी, जैसे मोबाइल पासवर्ड या बैंक खाते का विवरण, हासिल करने का हक मिल जाता है। कोर्ट ने साफ कहा कि पति अपनी पत्नी को उसके मोबाइल फोन या बैंक खाते के पासवर्ड शेयर करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।

रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने इसे निजता का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि ऐसा करना घरेलू हिंसा की श्रेणी में आ सकता है। यह मामला तब सामने आया जब दुर्ग के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) माँगने के लिए दुर्ग के एसएसपी और और फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उसने अनुरोध किया कि उसकी पत्नी के कॉल डिटेल उसको उपलब्ध कराए जाएँ।

पति ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(i-a) के तहत क्रूरता का हवाला देते हुए तलाक की अर्जी दाखिल की थी। उसका दावा था कि पत्नी के व्यवहार और संदिग्ध गतिविधियों के चलते उसे कॉल रिकॉर्ड की जरूरत है। पत्नी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कोर्ट में अपना पक्ष रखा। पति ने पारिवारिक कोर्ट में माँग की कि पुलिस को उसकी पत्नी के कॉल रिकॉर्ड देने का आदेश दिया जाए, लेकिन कोर्ट ने इसे ठुकरा दिया। इसके बाद उसने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जो भी खारिज हो गई।

हाई कोर्ट के जस्टिस राकेश मोहन पांडे ने सुनवाई के दौरान कहा कि विवाह एक साझेदारी है, न कि स्वामित्व। पति-पत्नी को एक-दूसरे की निजता का सम्मान करना होगा।

हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के के.एस. पुट्टस्वामी जैसे फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक है। इसमें मोबाइल पर निजी बातचीत और व्यक्तिगत जानकारी शामिल है। कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि बिना ठोस सबूत के संदेह के आधार पर किसी की कॉल डिटेल माँगना गलत है।

कोर्ट ने कहा कि निजता का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत एक मौलिक अधिकार है। इसमें व्यक्तिगत अंतरंगता, विवाह की पवित्रता और यौन अभिविन्यास जैसे मुद्दों का संरक्षण शामिल है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि मोबाइल पर की गई बातचीत अक्सर गोपनीय और निजी प्रकृति की होती है और यह किसी व्यक्ति के निजी जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इस प्रकार की बातचीत में हस्तक्षेप करना निजता के अधिकार का उल्लंघन माना जाएगा।

दिल्ली में विकास नाम के युवक ने लाइव स्ट्रीमिंग कर दी जान, शाकिब नाम के युवक पर लगाया पत्नी को फाँसने का आरोप: बेटे के लिए भी की अपील, Video हुआ वायरल

दिल्ली के निहाल विहार में एक शख्स ने लाइव वीडियो चला कर फाँसी लगा ली। वीडियो में उसने कहा कि उसकी पत्नी का शाकिब नाम के व्यक्ति के साथ संबंध है। उसने कहा कि पत्नी आए दिन कलह करती थी, इसलिए वह आत्महत्या कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, आत्महत्या करने वाले व्यक्ति का नाम विकास है। वह निहाल विहार का रहने वाला था। वायरल वीडियो में वह कह रहा है – “मैं विकास हूँ, मेरी पत्नी का नाम पूजा है और हमारा चार साल का बच्चा है। मेरी शादी को पाँच साल हो चुके हैं। पहले सब कुछ ठीक था, जिंदगी सही चल रही थी, लेकिन अचानक सब कुछ खराब हो गया। मैंने अपनी जिंदगी खुद बर्बाद कर ली।”

रिपोर्ट के मुताबिक, उसने कहा कि उसकी पत्नी का शाकिब नाम के एक व्यक्ति से संबंध है। उसने शाकिब पर साइबर क्राइम में शामिल होने और उसे झूठे केस में फँसाने का भी आरोप लगाया। विकास ने बताया कि उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई थी और उनके चार साल के बेटे को भी उपने साथ ले गई है।

वायरल वीडियो में विकास कह रहा है, “मेरी पत्नी अपनी माँ और बहनों के साथ रहती है। इनका हिसाब बहुत गलत है। पता नहीं किस तरह खर्चा चलता है। आज मैं मर जाता हूँ तो मेरे बेटे को मेरे माता पिता और बहन को सौंपा जाए, उसकी माँ को न दिया जाए।

विकास के मुताबिक, “कर्ज के चलते पत्नी चार साल के बच्चे को छोड़कर शाकिब नाम के युवक के साथ घूमने लग गई है। मैं काफी कर्ज में था जिसके चलते घरेलू कलह होता था, लेकिन अब मैंने सब कर्ज चुका दिया है और मर रहा हूँ।” पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जाँच कर रही है।

लड़की को फँसाने के लिए हिंदू बन डीपी में भगवान की फोटो लगाने लगा वसीम, मुस्लिम बनाने के लिए छांगुर ने दिए ₹15 लाख: सऊदी में बेचने की साजिश, इनकार करने पर गैंगरेप

जलालुद्दीन उर्फ छांगुर पीर केवल धर्मांतरण नहीं, लड़कियों को बेचने का धंधा भी करता था। छांगुर के धर्मांतरण नेटवर्क की शिकार हुई कर्नाटक की पीड़िता ने उस पर हुए जुल्मों की कहानी सुनाई, जिसको सुनते ही किसी के भी रौंगटे खड़े हो जाएँगे। छांगुरृ हिंदू लड़कियों को ‘पैकेज’ समझता था। यही नाम लेकर हिंदू लड़कियों को सऊदी अरब भेजा जाता था, जहाँ उन्हें बेच देते थे। छांगुर के जाल में फँसी कर्नाटक की पीड़िता ने उसपर हुए जुल्मों की आपबीती सुनाई।

कैसे पीड़िता को भारत से सऊदी अरब ले जाया गया। पीड़िता को बंद कमरे में कई-कई दिन तक रखकर प्रताड़ित किया गया। किसी तरह चंगुल से भागकर भारत लौटी। तो यहाँ भी जीने नहीं दिया गया। फर्जी तरीके से पैसे ऐंठे गए। सहारनपुर में छांगुर के गुर्गों ने गैंगरेप किया। पीड़िता आज भी एक बंद कमरे में रहती है, जहाँ न टॉयलेट है और न रसोई। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद घर की बिजली भी कट गई है।

राजू राठौड़ बनकर वसीम ने की दोस्ती

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, युवती पर जुल्म की कहानी साल 2021 से शुरू होती है। जब राजू राठौड़ नाम से मोहम्मद वसीम इंस्टाग्राम पर युवती से दोस्ती की फरमाइश भेजता है। युवती लगातार इग्नोर करती है, तो एक अलग अकाउंट से महिला का मैसेज आता है। वह खुद को वसीम की भाभी बताती है। भाभी के कहने पर युवती ने वसीम से दोस्ती कर ली।

तब वसीम खुद को राजपूत बताता था। उसकी इंस्टाग्राम DP पर भी अक्सर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें लगी होती थीं। कुछ दिन बाद कॉल पर बात होने लगी। युवती अनाथ थी और भाई की कुछ महीने पहले ही मौत हुई थी। वसीम ने युवती के अकेलेपन का फायदा उठाया। युवती को परिवार का मोह था, यही बात वसीम जान चुका था।

अब वसीम ने युवती को वसीम के साथ परिवार बनाने का लालच दिया। शादी के लिए प्रपोज किया। यहाँ तक की वसीम की भाभी ने भी जोर देकर कहा कि वसीम से शादी कर लोगी तो परिवार बन जाएगा। युवती ने बता मान ली।

सऊदी अरब ले जाकर धर्मांतरण कराया

वसीम सऊदी अरब रहता था। युवती को भी सऊदी बुलाया। कुछ ही दिन में फर्जी वीजा और पासपोर्ट युवती के पते पर पहुँच गए। अब युवती को वसीम पर पूरा भरोसा हो गया था। युवती और उसके भाई ने मिलकर घर बनाया था और युवती ब्यूटी पार्लर चलाती थी। पार्लर और घर दोनों बेच दिया और सऊदी की फ्लाइट पकड़ने दिल्ली पहुँच गई।

दिल्ली एयरपोर्ट पर वसीम के पापा और भाभी मिले, उनके साथ एक और शख्स था। तीनों ने युवती को फ्लाइट पकड़ने के तरीके सिखाए। छह घंटे में सऊदी अरब पहुँच गई, यहाँ वसीम से पहली मुलाकात हुई। वह दिखने में हिंदू ही था, बात-बात में भगवान का नाम भी लेता था।

युवती ने वसीम को फोन पर बात करते हुए ‘पैकेज’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए सुना। यहाँ ‘पैकेज’ हिंदू लड़कियों को बोला जा रहा था, जो भारत से सऊदी लाई जा रही थीं।

युवती ने आगे बताया कि उसे सऊदी अरब में अल-बदीहा के एक मकान में रखा गया। मकान में पहुँचते ही वसीम ने युवती को मंगलसूत्र पहनाया और माँग भर दी। इस वक्त तक युवती ने जीवनभर के सपने संजो लिए थे। लेकिन तभी वसीम को कॉल पर बात करते सुना, “(युवती का नाम लेते हुए बोला) वो आ चुकी है और धर्म बदलने के लिए तैयार है।” इतना सुनते ही युवती घबरा गई।

युवती को तब वसीम की असलियत पता लगी कि राजू राठौड़ असल में मुस्लिम है। वह युवती को आयशा बनाना चाहता था। युवती ने विरोध किया तो मारपीट की गई। अश्लील वीडियो बनाया और वायरल करने को ब्लैकमेल किया। युवती का फोन भी छीन लिया और उसे फ्लैट में तीन दिन तक बंद कर रखा।

तीन दिन बाद फ्लैट में छांगुर का चेला बदर अख्तर सिद्दीकी आया। वह सऊदी में धर्मांतरण का नेटवर्क संभालता था। बदर और वसीम को आपस में बात करते सुना तो पता लगा कि युवती को यहाँ तक लाने के लिए ₹15 लाख रुपए मिले थे।

कर्नाटक वापस आकर भी प्रताड़ना जारी रही

सऊदी अरब में युवती पर तीन महीने तक रोजाना जुल्म ढहाए गए। अब युवती का टूरिस्ट वीजा खत्म हो चुका था। तो युवती वापस कर्नाटक आकर किराए के मकान में रहने लगी। यहाँ युवती रोजाना इस खौफ में रहती कि कहीं उसका वीडियो वायरल तो नहीं हो गया। पार्लर में असिस्टेंट की नौकरी करने लगी।

लेकिन वसीम की धमकियाँ यहाँ आकर भी नहीं रुकी। रोजाना कॉल पर पैसे माँगने लगा, कभी कोई मर गया तो कभी कोई बीमार है। ढाई साल तक यह सिलसिला चलता गया। हिम्मत कर कर्नाटक पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने युवती के दिए नंबरों पर फोन किया।

इसके बाद युवती को जान से मारने की धमकियाँ मिलने लगी। युवती को सहारनपुर बुला लिया गया, जहाँ वसीम के घरवाले रहते थे। मई 2024 में युवती सहारनपुर पहुँची थी। यहाँ युवती का सच से वास्ता हुआ। असल में जिसे वसीम की भाभी समझा, वह तो वसीम की बीवी थी। यहाँ पूरे गाँव में वसीम का कुनबा था।

यहाँ युवती को बँधक बनाकर रखा गया। घर का हर सदस्य युवती को धर्म बदलने के लिए धमकाते रहे। युवती अगर पुलिस के पास पहुँचती भी तो पुलिस दोबारा उसे वसीम के घर छोड़ जाती थी। फिर दोबारा धमकाने और मारपीट शुरू कर दी जाती।

गोमांस परोसा, सिगरेट से जलाया और वसीम के रिश्तेदारों ने गैंगरेप किया

एक रोज घरवालों ने युवती के सामने गोमांस परोस दिया। युवती ने हाथ लगाने से इनकार किया तो लातों और बेल्टों से पीटा। इतना ही नहीं अगले दिन जब युवती बाहर निकली, तो 12-14 लोगों ने गाड़ी मे डालकर ले गए। मुँह पर कपड़ा और हाथ-पैर बाँधकर गैंगरेप किया गया।

आरोपित वसीम के चाचा, दोस्त और कई रिश्तेदार थे। इसका वीडियो भी बनाया गया। खाली प्लॉट में ले जाकर चाकू-लातों-बेल्ट से मारा। हिंदू धर्म को गालियाँ दी। युवती की हालत बहुत खराब हो गई, सारी हड्डियाँ चूर हो चुकी थी।

छांगुर पीर के अड्डे पर ले गए

इसके बाद छांगुर पीर के अड्डे पर ले जाया गया। छांगुर ने देखते ही पहली बात कही- “अरे, इसे चेहरे पर क्यों मारा। उसे तो ठीक रखना था, वरना खरीदेगा कौन। अब ले जाओ। इसका इलाज करवाओ और चाहे जितने पैसे लगें। रूहानी इलाज मैं कर देता हूँ।” इतना कहते ही युवती को एक तावीज पहना दिया।

युवती को अस्पताल में गलत जानकारी से भर्ती करा दिया गया। वहाँ से घसीट-घसीटकर फिर एक बार भागी और सीधा कचहरी पहुँची। यहाँ हिंदू संगठन विश्व हिंदू रक्षा परिषद के गोपाल राय से युवती की मुलाकात हुई। गोपाल राय ने युवती को न्याय दिलाने में मदद की।

अब 03 जून 2025 को लखनऊ के गोमतीनगर में युवती ने घर वापसी कर ली है। छांगुर भी गिरफ्तार किया जा चुका है। लेकिन आज भी युवती छांगुर और उसके गुर्गों के खौफ में रहती है। युवती सहारनपुर में उसी घर में रहती है, जहाँ वसीम के घरवालों ने प्रताड़ना की थी।

युवती बताती है कि अब वह घर-घर जाकर पार्लर का काम करती है। लेकिन सड़क पर चलते आज भी भद्दे इशारे किए जाते हैं, तो कोई सिगरेट का धुआँ फेंकता है। युवती को अलग-अलग नंबर से धमकियाँ भी मिलती हैं। युवती को डर है कि जब तक छांगुर के गुर्गे बाहर खुला घूम रहे हैं, तब तक कभी-भी उसकी हत्या की जा सकती है।

युवती का यही कहना है कि वह अनाथ थी, लेकिन परिवार के सपने ने उसे अकेला भी बना दिया।

सेक्सी बातें हो या गाली देना या फिर मीमबाजी… सब कुछ करती है एलन मस्क की ‘एनी’, यूजर के कहने पर कपड़े भी उतार देती है: AI गर्लफ्रेंड के बारे में जानिए सब कुछ

जहाँ एक ओर प्यार में पड़कर धोखे खाने वाली खबरें जब-तब सामने आती रहती हैं। वहीं, दूसरी ओर एलन मस्क ने इसके तोड़ के लिहाज से एक नया ‘आविष्कार’ कर डाला है। इस आविष्कार का नाम ‘एनी’ रखा गया है। एनी एलन मस्क की AI गर्लफ्रेंड के तौर पर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। इसे लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के साथ आलोचना भी हो रही है।

असल में एलन मस्क ने अपने AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) में एक नया फीचर लॉन्च किया है। इसे ‘AI कंपेनियन्स’ कहा जा रहा है। इनमें एक गॉथिक एनीमे लड़की एनी (Ani) है। इसे सुनहरे बालों और काले कपड़े के साथ डिजाइन किया गया है।

ये यूजर्स से फ्लर्ट करती है, मीम्स भेजती है और भावनात्मक रूप से जुड़ने की कोशिश करती है। साथ ही ये सेक्स चैट (अंतरंग या यौन संकेतों वाली बातचीत) के लिए भी आसानी से उपलब्ध होगी।

इसके अलावा दूसरा कैरेक्टर बैड रूडी ( Bad Rudy) नाम का एक रेड पांडा है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये मजाक उड़ाने, ताना मारने और अश्लील स्वभाव भी दिख सकता है। मस्क के ये एनीमे यूजर्स को ऐसे 3D एनिमेटेड कैरेक्टर्स के रूप में मिलते हैं जिन्हें अपनी पसंद के अनुसार न केवल बदला जा सकता है पर साथ ही अपने अनुसार ढाला भी जा सकता है।

ये नए फीचर्स यूजर्स को ज्यादा रोमांचक और व्यक्तिगत अनुभव देने के लिहाज से तैयार किए गए हैं। एनी को 3D एनिमेशन, वॉयस सिंथेसिस और इमोशन रिकग्निशन जैसी क्षमताओं के साथ भी जोड़ा गया है। मस्क ने इस फीचर को ‘काफी शानदार’ बताया है और कहा है कि यह फिलहाल टेस्टिंग प्रक्रिया में है, लेकिन जल्द ही Super AI सब्सक्राइबर्स के लिए आसानी से उपलब्ध होगा।

प्रशंसा या आलोचना

एलन मस्क के इस नए ‘अविष्कार’ को जितने लोग पसंद कर रहे हैं उतनी ही इसकी आलोचना भी हो रही है। Apple के App Store पर Grok को 12+ उम्र के लिए सुरक्षित बताया गया है। इस लिहाज से एनी 12 वर्ष की आयु से अधिक हर किसी व्यक्ति के लिए आसानी से उपलब्ध हो सकती है। ऐसे में इसे लेकर भविष्य में कई चुनौतियाँ सामने आने के आसार हैं।

एनी के साथ बातचीत के दौरान ‘नॉट सेफ फॉर वर्क’ यानी NSFW मोड भी डाला गया है। इसके तहत एनी यूजर के लिए अंतरंगता के स्तर तक आ सकती है। इसके तहत वह यूजर के कहने पर बिकनी जैसे कपड़ों में दिख सकती है और उसी स्तर की बात भी कर सकती है।

इसे लेकर कई संस्थाओं ने आलोचना की है। नेशनल सेंटर ऑन सेक्शुअल एक्प्लॉइटेशन (National Center on Sexual Exploitation) ने एनी को बच्चों को यौन स्तर पर सरलता से उपलब्ध होने और यौन व्यवहार में जोखिम बढ़ाने वाला बताया है। इससे बच्चों के लिहाज से वैश्विक सुरक्षा चिंताओं समेत कई तरह के अपराध बढ़ने की भी आशंका जताई गई है।

असल में एनी को डिजाइन जापानी ‘waifu culture’ से प्रेरित है। इसमें लोग एनीमे पात्रों से भावनात्मक जुड़ाव महसूस करते हैं। सांस्कृतिक संदर्भ से देखा जाए तो एक क्षेत्र विशेष या कुछ अन्य यूजर्स के लिए ये आकर्षक हो सकता है, लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि ये यौन संबंधों के प्रचार और एक तरह से भावनात्मक शोषण के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है।

किसके लिए है उपलब्ध

यह फीचर फिलहाल सिर्फ iOS ऐप और SuperGrok Heavy सब्सक्राइबर्स के लिए ही उपलब्ध है, जिनकी मासिक कीमत $300 (लगभग ₹25,700) है। xAI ने इस फीचर को $30/माह के SuperGrok सब्सक्रिप्शन में शामिल किया है।

इसके साथ ही मस्क ने इस फीचर में और नयापन लाने के लिए ‘Waifu Engineer’ की वैकेंसी सामने आई है। इसके तहत 180,000 से 440,000 डॉलर (1 करोड़ 54 लाख 70 हजार 700 से 34 करोड़ 80 लाख रुपए) की नौकरियाँ भी निकाली गई हैं। इससे ये तो साफ है कि कंपनी इस तकनीक को और विस्तार देने की योजना बना रही है

तकनीकी के स्तर पर एनी को मनोवैज्ञानिक तौर पर ‘इंटिमेसी सिस्टम’ की तरह काम करने वाला बनाया गया है। इसका अर्थ है कि जैसे-जैसे यूजर एनी से बात करता जाएगा, वैसे वैसे एनी का व्यवहार भी उसी स्तर पर अधिक व्यक्तिगत और अंतरंग होता चला जाएगा।

विश्लेषकों का मानना है कि इससे ऑनलाइन स्तर पर भावनात्मक निर्भरता और डिजिटल अकेलापन बढ़ने के आसार होंगे। ऐसे में इसे मानव संबंधों की जगह लेने वाला एक खतरनाक विकल्प बताया जा रहा है। हालाँकि इन्हीं के बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस तरह की प्रणाली को ‘रिलेशनशिप का भविष्य’ भी मान रहे हैं।

एक तरह से देखा जाए तो एनी तकनीक का वह चमत्कार है जो आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस और इंसान की भावनाओं के बीच एक समन्वय बनाने की कोशिश कर सकता है। लेकिन इसके साथ ही यह नैतिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक खतरों को भी सामने लाता है।

एलन मस्क का यह तकनीकी अविष्कार AI के भविष्य की दिशा भी तय कर सकती है और साथ ही सवाल भी उठा सकती है कि तकनीक का सहारा लेकर अकेलेपन का इलाज ढूँढना कितना सही और सुरक्षित हो सकता है।

ओडिशा में कॉलेज छात्रा के सुसाइड केस में NSUI पर उठी उँगली, दोस्त का दावा- ऑनलाइन बदनामी में जुटा था कॉन्ग्रेस का संगठन: क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जाँच की जिम्मेदारी

ओडिशा के बालासोर में फकीर मोहन महाविद्यालय की छात्रा की मौत हो गई है। इस पर राजनीति गरमा गया है। कॉन्ग्रेस समेत विपक्षी दलों ने 17 जुलाई 2025 को राज्य बंद का आह्वान किया। लेकिन अब खुलासा हुआ है कि कॉन्ग्रेस की छात्र संगठन एनएसयूआई ने पीड़िता को ऑनलाइन प्रताड़ित किया।

दरअसल छात्रा ने यौन उत्पीड़न के आरोपी एक प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कॉलेज परिसर में खुद को आग के हवाले कर दिया। बी.एड. द्वितीय वर्ष की छात्रा तीन दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष करती रही। आखिरकार सोमवार (14 जुलाई 2025) रात एम्स-भुवनेश्वर में उसने दम तोड़ दिया।

छात्रा के भाई ने बालासोर जिले के भोगराई थाने में शिकायत दर्ज कराई है और चार लोगों पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनके परिवार को परेशान करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ की जा रही है और कुछ लोग इसका राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्राइम ब्रांच कर रही जाँच

ओडिशा पुलिस ने यह मामला महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध शाखा (सीएडब्ल्यू एंड सीडब्ल्यू) को सौंप दिया। डीएसपी इमान कल्याण नायक को मुख्य जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे संवेदनशील मामलों को संभालने के लिए जाने जाते हैं। उनकी मदद के लिए इंस्पेक्टर पंचाली राउत को लगाया गया है। यह टीम सहदेव खुंटा पुलिस थाने के साथ मिलकर काम करेगी। प्राथमिकी इसी थाने में दर्ज किया गया है।

यह जाँच धारा 75(1)(iii) के तहत यौन उत्पीड़न, धारा 78 के तहत पीछा करने, धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और धारा 351(2) के तहत धमकी देने के लिए किया गया है।

अधिकारियों ने जाँच में सबूतों और गवाहों के बयानों की फिर से जाँच करने की बात कही है। इस दौरान कॉलेज प्रोफेसर और बाकी अधिकारियों की भूमिका की भी जाँच की जाएगी। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ” प्रधानाचार्य दिलीप घोष और विभागाध्यक्ष समीर कुमार साहू के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।”

हताशा में उठाया कदम

12 जुलाई को पीड़िता परेशान होकर प्रिंसिपल घोष के ऑफिस के बाहर खुद को आग के हवाले कर दिया। सीसीटीवी फुटेज से पता चल रहा है कि पीड़िता रोते हुए घोष के ऑफिस में घुसी। करीब आधे घंटे बाद पीड़िता रोती हुई बाहर आई। बताया जा रहा है कि उसने कथित तौर पर एक दोस्त को फोन किया था, जिसमें उसने बताया था कि प्रिंसिपल उस पर विभागाध्यक्ष समीरा कुमार साहू के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत वापस लेने का दबाव बना रही हैं।

दोस्त के मुताबिक प्रिंसिपल ने पहले समय माँगा, लेकिन कुछ नहीं किया। दोस्त के मुताबिक, ” प्रिंसिपल ने शिकायत वापस नहीं लेने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।”

दोस्त ने कहा कि उसे जूनियर छात्रों ने भी ट्रोल किया। उसे सोशल मीडिया और कैंपस में उसके चरित्र पर कीचड़ उछाला गया और ‘बुरी लड़की’ के तौर पर प्रचारित किया गया। 30 जून को भी वह प्रिंसिपल के पास गई थी। प्रिंसिपल ने 7-8 दिनों का समय माँगा लेकिन कुछ नहीं किया। इस दौरान विभागाध्यक्ष ने उसे बदनाम करने की साजिश रची।

कॉन्ग्रेस के छात्र संगठन पर उठे सवाल

कॉन्ग्रेस पार्टी की दोगलई उस वक्त सामने आ गई जब ये पता चला कि एनएसयूआई से जुड़े छात्र पीड़िता को परेशान कर रहे थे। जहाँ पार्टी राज्यव्यापी बंद का आह्वान करती है वहीं छात्रसंघ इस मामले में फँसता नजर आ रहा है।

इससे पहले कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने पीड़िता के पिता से बात कर घटना के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया।

हालाँकि सौम्यश्री के एक दोस्त ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि एनएसयूआई लड़की को एक राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाह रहा था।

जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया और दूसरे साक्ष्यों से पता चलता है कि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ ने सौम्यश्री के खिलाफ ऑनलाइन चरित्र हनन करने की कोशिश की। NSUI से जुड़े अकाउंट्स ने सौम्यश्री को ‘ चालाक’ बताते हुए, ‘शिक्षा मंत्री के करीबी’ होने और ‘सहानुभूति बटोरने’ की कोशिश करने का आरोप लगाया।

NSUI सदस्य अजय कुमार पांडा ने अपने पोस्ट में दावा किया कि सौम्यश्री का एक वरिष्ठ मंत्री के साथ लेन-देन का रिश्ता है। यह पोस्ट वायरल हो गया। इससे सौम्यश्री और हताश हो गयी । बीजेपी प्रवक्ता संजू वर्मा ने एनएसयूआई कार्यकर्ता और राहुल गाँधी के समर्थक सौरव बेहरा की तस्वीरें साझा करते हुए उसे लड़की के आत्मदाह करने का आरोपी बताया। वर्मा ने बताया कि सौम्यश्री भाजपा की छात्र शाखा एबीवीपी से जुड़ी थी और बेहरा उसे लगातार परेशान कर रहा था।

एबीवीपी ने आरोपी विभागाध्यक्ष डॉ. साहू की एनएसयूआई नेताओं के साथ आराम से भोजन करते हुए तस्वीरें भी शेयर की हैं। इस बीच सीपीएम नेता सुरेश पाणिग्रही ने पूरे मामले की न्यायिक जाँच की माँग की है। उन्होंने कहा, ” पीड़िता ने लोकल विधायक से लेकर शिक्षा मंत्री तक शिकायत की…लेकिन कुछ नहीं हुआ”

पूरे मामले पर सौम्यश्री का परिवार बुरी तरह टूट गया है। उसने सभी चार आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की माँग की है। परिवार का कहना है कि अगर न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार सामूहिक आत्महत्या कर लेगा।

मजहबी कट्टरपंथ से किन्नर भी नहीं महफूज, इस्लाम कबूलने से इनकार करने पर HIV संक्रमित इंजेक्शन लगाया: हिंदू किन्नरों के जबरन धर्मांतरण के 10 मामले एक साथ

मध्य प्रदेश के इंदौर में हाल ही में हिंदू किन्नरों पर धर्मांतरण का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। यहाँ हिंदू किन्नरों को इस्लाम न कबूलने पर HIV संक्रमित इंजेक्शन लगाया गया। इससे अब तक 60 किन्नर HIV संक्रमित हो चुके हैं। पुलिस को तहरीर देते हुए हिंदू किन्नर समूह ने बताया कि पायल उर्फ नईम अंसारी और सीमा हाजी उर्फ फरजाना इस अवैध धर्मांतरण कृत्य में शामिल हैं।

इनके डर से कई हिंदू किन्नर इस्लाम कबूल चुके हैं। बाकी हिंदू किन्नर जो अपना धर्म न छोड़ने पर अड़े हुए हैं, उनको HIV संक्रमित इंजेक्शन लगा दिया गया। इंदौर शहर में HIV संक्रमित 100 से अधिक किन्नर घूम रहे हैं। वहीं, जब पुलिस इन आरोपितों को पकड़ने पहुँचती है, तो पुलिस को भीतर नहीं जाने दिया जाता है। इसके चलते पुलिस खाली हाथ लौटती है।

इसकी शिकायत CJI, PMO, CMO, DM और पुलिस कमिश्नर से की जाती है। इसके बाद मामले की जाँच के लिए SIT गठन कर जाँच शुरू की गई है। लेकिन हिंदू किन्नरों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला पहला नहीं है। पिछले सालों में मुस्लिम किन्नरों का हिंदू किन्नरों पर धर्मांतरण कराने के कई मामले सामने आए हैं। इनमें छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से हैं। ऐसी 10 घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है।

इस्लाम कबूल न करने पर समाज से बहिष्कार करने की दी धमकी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सकरी क्षेत्र में मु्स्लिम किन्नरों ने हिंदू किन्नरों को धर्म परिवर्तन करने के लिए धमकाया। पीड़ित आसमा किन्नर ने बताया कि राजा किन्नर उन्हें संदल चढ़ाने के दबाव बनाती है, इसके नाम पर 10-19 हजार रुपए भी वसूलती हैं। ऐसा न करने पर गुंडों से हाथ-पैर तुड़वाकर सामाजिक बहिष्कार करने की धमकियाँ दी गईं। 06 मई 2025 को हिंदू किन्नरों की मामले में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।

उस्ताद किन्नर ने धर्मांतरण के लिए पीटा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के बीबीनगर क्षेत्र स्थित केसूपुर गाँव में मुस्लिम किन्नर ने सीता उर्फ सपना पर धर्मांतरण का दबाव बनाया। सीता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि इस्लाम कबूल करने से इनकार करने पर उसके उस्ताद ने जबरन बंद कमरे में बँधक बनाकर मारपीट की। सीता ने चंगुल से भागकर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवाई।

मुजफ्फरनगर में हिंदू किन्नर को इस्लाम न कबूलने पर बेरहमी से पीटा

घटना मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र की है। दलित हिंदू किन्नर मुस्कान ने पुलिस को धर्म परिवर्तन का दबाव और जानलेवा हमला होने संबंधित तहरीर दी। मुस्कान ने बताया कि प्रीति, कौशर अली और गुड्डू ने उसे इस्लाम कबूल न करने पर बेरहमी से पीटा। मुस्कान को पूजा-पाठ करने से भी रोका गया।

मुस्कान ने दावा किया कि कौशर अली लोगों को अपना नाम गीता बताता है। प्रीति भी मुस्लिम है, लेकिन हिंदू नाम रखा हुआ है। मुस्कान ने बताया कि प्रीति पहले पुरुष था, बाद में ऑपरेशन कराकर किन्नर बन गया।

पूजा-पाठ करने पर जान से मारने की धमकी दी, नमाज पढ़ने का दबाव

मध्य प्रदेश के इंदौर में हिंदू किन्नर ने पुलिस तहरीर में बताया कि उसपर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया जा रहा है। नंदलाल पुर में अधिकतर मुस्लिम किन्नर रहते हैं, पीड़ित किन्नर को भी वही रहकर नमाज पढ़ने पर मजबूर किया गया। इनकार करने पर घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित किन्नर ने बताया कि पूजा पाठ करने से भी रोका गया।

सीतापुर में हिंदू किन्नरों पर मंदिर हटाकर इस्लाम कबूलने का दबाव

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में मु्स्लिम किन्नरों ने हिंदू किन्नरों पर मंदिर हटाकर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया। हिंदू किन्नर ने बताया कि मुस्लिम किन्नर क्षेत्र में घूम-घूमकर धर्म परिवर्तन करने के लिए किन्नरों को ब्रेनवॉश कर रहा है। हिंदू किन्नरों ने मामले की जानकारी हिंदू संगठनों को दी। इसके बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर 4 मुस्लिम किन्नरों के खिलाफ केस दर्ज किया।

अलीगढ़ में हिंदू किन्नरों पर जबरन माँस खाने और नमाज पढ़ने का दबाव

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हिंदू किन्नरों ने बताया कि मुस्लिम किन्नर गुंडे बुलाकर उनकी पिटाई करवाते हैं। हिंदू किन्नरों पर जबरन माँस खाने और नमाज पढ़ने का दबाव बनाते हैं। मुस्लिम किन्नरों ने हिंदू इलाकों में घुसकर बधाई भी माँगी।

इसके बाद दोनों गुटों के बीच हंगामा में खूनी-संघर्ष भी हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मामला शांत कराया। मामले में पुलिस ने FIR भी दर्ज की थी।

प्रयागराज में मौलाना ने हिंदू किन्नर का धर्मांतरण किया

उत्तर प्रदेश के प्रयागजराज में मौलाना की मदद से एक किन्नर ने दूसरे किन्नर का धर्मांतरण करवा दिया। पीड़ित किन्नर की माँ ने जॉर्जटाउन थाने पहुँचकर आरोपित किन्नर पर मुकदमा दर्ज कराया। पीड़ित किन्नर की माँ ने बताया कि उसका बच्चा पंकज को जबरन आपत्तिजनक चीजें खिलाई और उसका शारीरिक उत्पीड़न किया। पत्थर गली स्थित मौलाना ने दूसरे किन्नरों के कहने पर इस्लाम में धर्म परिवर्तन भी करवा दिया।

इस्लाम कबूलो या निकलो, करनाल में हिंदू किन्नर को दी गालियाँ

हरियाणा के करनाल स्थित जुंडला घरौंडा क्षेत्र में हिंदू किन्नरों पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर डेरे से निकाल देने के धमकी दी। साथ ही बीफ और बाकी मांस खाने को भी कहा। हिंदू किन्नर ज्योति ने बताया कि आरोपित मुस्लिम किन्नर अब्दु कर रहमान और अब्दुल करीम उर्फ लल्लू ने जबरन घर में घुसकर उनके गुरु और उन्हें गंदी गालियाँ भी दी।

फरीदाबाद में हिंदू किन्नरों पर धर्म परिवर्तन का दबाव, पुलिस से सुरक्षा की माँग

हरियाणा के फरीदाबाद के सेक्टर-16 क्षेत्र में हिंदू किन्नरों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। पीड़ित किन्नर कुमकुम, सपना, राधिका, सोमिया, सलोनी, लवली ने बताया कि गुड्डू किन्नर ने इस्लाम कबूल कर लिया है। इसके बाद से गु्ड्डू बाकी हिंदू किन्नर पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव बना रही है। हिंदू किन्नरों ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की माँग की।