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4 साल की बच्ची के रेप का आरोपित इस्माइल लश्कर डेढ़ माह बाद पुलिस हिरासत में, कहा- पोर्न देखने की लत ने करवाया अपराध

राजकोट में, पश्चिम बंगाल के एक प्रवासी परिवार की चार साल की लड़की के साथ बलात्कार के आरोपित इस्माइल लश्कर को लगभग डेढ़ महीने बाद पुलिस ने आखिरकार बृहस्पतिवार (जुलाई 02, 2020) रात कच्छ जिले के भचाऊ में गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

पुलिस ने कहा कि उन्नीस वर्षीय आरोपित इस्माइल लश्कर को उसके मोबाइल फ़ोन की लोकेशन के आधार पर दबोचा गया। स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) और पुलिस की एक टीम ने गत बृहस्पतिवार को उसके 19 वर्षीय पड़ोसी इस्माइल लश्कर को हिरासत में लिया है।

20 मई को इस्माइल लश्कर ने बच्ची को उठाया था, जो भचाऊ के यशोदा धाम इलाके में उसकी झोपड़ी के पास खेल रही थी। वह छोटी बच्ची को उसके घर के पीछे झाड़ियों में ले गया था और उसके साथ कथित रूप से बलात्कार किया था।

पूछताछ के दौरान आरोपित इस्माइल लश्कर ने पुलिस को बताया कि वह अपने मोबाइल फोन पर पोर्न फिल्म देखने का आदी था, जिसने उसे बलात्कार करने के लिए प्रेरित किया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कच्छ के एक पूर्व पुलिस अधिकारी का कहना है – “आरोपित इस्माइल बलात्कार पीड़िता लड़की का पड़ोसी है और पश्चिम बंगाल का है। लड़की का परिवार पिछले दो वर्षों से वहाँ रह रहा है। चार साल की बच्ची कॉलोनी में ही उस आदमी के कमरे के पास खेलती थी। आरोपित इस्माइल वहाँ अकेला रहता है और उसे पोर्नोग्राफी देखने की आदत है। उस व्यक्ति ने उस दिन लड़की का अपहरण कर लिया, जब वह अपने कमरे के बाहर खेल रही थी, उसे पास की एक झाड़ी में ले गया और उसके साथ बलात्कार किया।”

इस्माइल लश्कर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (3) (ए) (बी) (बलात्कार) और 363 (अपहरण) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही उस पर यौन अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज है।

गाँधीधाम क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एमएस राणा ने कहा कि उन्हें अपराध में इस्माइल की संलिप्तता के बारे में सूचना मिली थी और इस बात पर ध्यान दिया कि आरोपित इस्माइल लश्कर इलाके में अक्सर आता रहता था।

पश्चिम बंगाल: घर में बम बनाने के दौरान हुआ विस्फोट, महारुल शेख और तफुल शेख की मौत, 5 अन्य घायल

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक घर में हुए बम विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई और पाँच अन्य घायल हो गए। यह विस्फोट शुक्रवार (जुलाई 3, 2020) रात नौ बजे जिले के जंगीपुर उपमंडल के सुती कस्बे में हुआ। बताया जा रहा है कि वे लोग अपने घर में बम बना रहे थे तभी विस्फोट हो गया।

रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस ने पुष्टि की है कि दो मुस्लिम युवकों के साथ कुछ अन्य लोग क्रूड बम बनाने में शामिल थे, तभी एक आकस्मिक विस्फोट हुआ जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों की पहचान महारुल शेख और तफुल शेख के रूप में हुई है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने पाँचों घायलों को स्थानीय सबडिविजनल अस्पताल में भर्ती कराया है। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जाँच में पता चला है कि ये लोग इलाके में स्थानीय नहीं थे, उन्हें काम पर रखा गया था और क्रूड बम बनाने के लिए लाया गया था। फिलहाल जाँच जारी है और पुलिस घायल व्यक्तियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

पुलिस ने कहा कि जिस घर में आरोपित बम बना रहे थे, वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और इसका मालिक फरार है। अधिकारी ने कहा कि घर के मालिक की पत्नी से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। एक व्यक्ति, जिसकी हालत बिगड़ गई थी, उसे बाद में मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में स्थानांतरित कर दिया गया।

गौरतलब है कि पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के बीरभूम के लेबारा गाँव में तृणमूल कॉन्ग्रेस के बूथ अध्यक्ष मुस्ताक शेख ने बम बनाते समय हुए विस्फोट में अपने दोनों हाथ गँवा दिए थे। इस बम की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बम विस्फोट की आवाज सुनकर गाँव के कई लोग भाग खड़े हुए। 

वहीं पूर्वी मिदनापुर जिले के लालपुर गाँव में शेख कासमुद्दीन नामक एक स्थानीय निवासी और तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) समर्थक के घर के पीछे से 153 क्रूड बम बरामद किया गया था। भगवानपुर पुलिस ने बमों की बरामदगी के साथ ही इस मामले के सिलसिले में चार लोगों को भी गिरफ्तार किया था।

उद्धव ठाकरे ने दी 6 लग्जरी कारों की खरीद को मंजूरी, मंत्री ने कहा- सरकारी कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए लेना पड़ेगा उधार

महाराष्ट्र इस वक़्त कोरोना वायरस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। वहीं ऐसे गंभीर हालातों में भी राज्य में महा विकास अगाड़ी सरकार ने अपने मंत्रियों के लिए 6 नए लक्जरी वाहनों की खरीद की इजाजत दे दी है।

उद्धव ठाकरे सरकार ने यह मंजूरी ऐसे समय में दी है, जब राज्य कोरोना वायरस महामारी के चलते हुए लॉकडाउन की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने जिन लग्जरी कारों की खरीद को मंजूरी दी है उनमें 5 पदाधिकारियों और 1 महाराष्ट्र स्कूल शिक्षा और खेल विभाग के स्टाफ के लिए सुनिश्चित की गई है।

सरकार का कहना है कि स्कूली शिक्षा और खेल विभाग को सरकारी काम करने के लिए वाहनों की आवश्यकता होती है। जिसको देखते हुए महाराष्ट्र राज्य सरकार ने 6 वाहनों को खरीद के लिए अधिकृत किया है, जिसमें खेल विभाग के स्टाफ के लिए भी 1 कार शामिल है।

महाविकास अगाड़ी सरकार ने लोअर परेल मुंबई, मधुबन मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड से 22,83,086 रुपए की इनोवा क्रिस्टा 2.4 ZX (7 सीट) की खरीद के लिए अपनी मंजूरी दी है । जहाँ यह बात ध्यान देने लायक है की सरकार ने खरीद की सीमा 20 लाख रुपए रखीं थी। जोकि निर्धारित राशि से ज्यादा है। इसलिए नई गाड़ी के लिए वित्त विभाग की राज्य स्तरीय वाहन समीक्षा समिति और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विशेष रूप से इसकी मंजूरी दी है।

देश में इस वक्त कोरोना वायरस के कुल 6,48,000 मामलों सामने आएँ हैं। जिसमें अकेले महाराष्ट्र में लगभग 1,92,990 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं इस महामारी के घटने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहें है।

ऐसे संवेदनशील समय में नए वाहनों की खरीद को मंजूरी देने के फैसले के दो दिन पहले ही राहत और पुनर्वास के कैबिनेट मंत्री विजय वाडेत्तीवार ने दावा किया था कि ”राज्य को सरकारी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए अगस्त में उधार लेना पड़ सकता है।” उन्होंने यह भी कहा था, ”राज्य की स्थिति ऐसी है कि उसे अगले महीने सरकारी अधिकारियों की सैलरी देने के लिए ऋण लेगा होगा।”

इसके बाद भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और वित्त विभाग द्वारा, सामने बढ़ती महामारी को देखने के बावजूद, राज्य में आर्थिक स्थिति का पूरी तरह से संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। ऐसे गंभीर हालत में भी सरकार 6 लक्जरी वाहनों की खरीद का अनावश्यक प्रावधान पारित कर रही है।

इजरायल ने बर्बाद किया ईरानी परमाणु ठिकाना: घातक F-35 विमानों ने मिसाइल अड्डे पर ग‍िराए बम

इजरायल और उसके धुर व‍िरोधी ईरान के बीच साइबर अटैक चरम पर है। ताजा घटना में इजरायल ने जोरदार साइबर हमला करके ईरान के परमाणु ठिकानों में दो विस्‍फोट करा दिए। इनमें से एक यूरेनियम संवर्धन केंद्र है और दूसरा मिसाइल निर्माण केंद्र। यही नहीं इजरायल ने अपने घातक F-35 फाइटर जेट की मदद से ईरान के पर्चिन इलाके में मिसाइल न‍िर्माण स्‍थल पर धावा बोला और उसे बर्बाद कर दिया।

यहाँ आपका ये भी जानना जरूरी है कि एक कुवैती अखबार जिसका नाम अल जरीदा है उसकी रिपोर्ट के अनुसार ये दावा किया गया है कि ये अटैक पिछले हफ्ते हुआ। साथ ही अखबार ने ये भी जानकारी दी है कि इजरायल की ओर से बमबारी के बाद ईरान के अंडरग्राउंड नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र में आग लग गई और जोरदार विस्‍फोट हुआ। माना जा रहा है कि इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को धक्‍का लगा है और वह करीब दो महीने पीछे चला गया है।

नतांज ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 250 किलोमीटर दूर है, जहाँ एयरस्‍ट्राइक से बचाव के लिए भूमिगत यूरेनियम संवर्धन केंद्र बनाए गए हैं। यह घटना 26 जून की बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने F-35 स्‍टील्‍थ फाइटर जेट की मदद से ईरान के पर्चिन इलाके में बम गिराए, जिसे मिसाइल उत्‍पादन का केंद्र समझा जाता है।

कुवैती अखबार अल जरीदा ने इस बात का भी दावा किया है कि पिछले शुक्रवार को फाइटर जेट F-16 स्‍टील्‍थ ने ईरान के पर्चिन इलाके में मौजूद एक ठिकाने पर हमला किया था और बमबारी की थी। कहा जा रहा है कि यही मिसाइल उत्‍पादन केंद्र था।

आपको बता दें कि इजरायल ये आरोप लगाता रहा है कि अपने हथियार और मिसाइलों को ईरान लगातार यहूदियों के विरोधी हिज्‍बुल्‍ला को मुहैया करा रहा है, ऐसे में अचानक इस अटैक से ईरान को गहरा सदमा लगा है।

हालाँकि, रिपोर्ट लिखे जाने तक इजरायल ने इन दोनों ही अटैक को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इससे पहले ऐसी रिपोर्ट्स आई थीं कि ईरान ने अप्रैल महीने में इजरायल के पानी के सप्‍लाइ को हैक करने की कोशिश की थी। ईरान के इस हमले को इजरायल के साइबर डिफेंस ने असफल कर दिया था। अगर ईरान अपने इस प्रयास में सफल हो जाता तो पानी के अंदर क्‍लोरीन की मात्रा खतरनाक स्‍तर तक बढ़ जाती। पूरे देश में पानी का संकट भी खड़ा हो जाता।

चौबेपुर SO विनय तिवारी पर रेड की जानकारी लीक करने का आरोप: हुए सस्पेंड, सिपाही और होम गार्ड से भी पूछताछ

कानपुर के बिठूर में 8 पुलिसकर्मियों की जान लेने वाला हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे फरार है। कुख्यात अपराधी को पकड़ने के लिए एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और जिला पुलिस ज़मीन आसमान एक कर जाँच पड़ताल में जुटी है। वहीं पुलिस इस बात की भी आशंका जता रही है कि महकमे के ही किसी शख्स ने इस बात की मुखबिरी की है। इसी सिलसिले में आईजी मोहित अग्रवाल ने चौबेपुर थाना प्रभारी विनय तिवारी को सस्पेंड कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चौबेपुर के थाना प्रभारी की भूमिका इस हत्याकांड के दौरान संदिग्ध बताई जा रही है।

पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन के चलते 2200 नम्बरों को सर्विलांस पर लगाया है। जिससे मुठभेड़ रात तक मतलब 24 घंटे के भीतर विकास ने जिस भी किसी शख्स से बातचीत की हो उसका पता लगाया जा सके। रेड से पहले विकास गुप्ता को इसकी पल-पल की जानकारी मिल रही थी। काल डिटेल में कई पुलिसकर्मियों के भी नम्बर सामने आए है। जिसके चलते चौबेपुर के दरोगा, सिपाही और होम गार्ड की तहकीकात की जा रही हैं।

एसटीएफ के अनुमान के मुताबिक विकास दुबे को पहले ही पुलिस के दबिश की जानकारी दे दी गई थी। और इस सूचना को लीक करने का शक थानाध्यक्ष विनय तिवारी पर गया है। यहाँ तक इलाके की पूरी जानकारी होने के बावजूद दबिश के समय विनय तिवारी पीछे चल रहे थे और गोलीबारी के समय वे जेसीबी के पीछे छुप गए थे। और वहाँ से बच कर निकल गए थे। जिससे इस बात का साफ पता चलता है कि विनय तिवारी को पहले से ही इस हमले की जानकारी थी।

बता दें पुलिस रेड की जानकारी मुखबिरों से लगते ही विकास ने अपने आदमियों को पहले से ही सेट कर लिया था। उसे पता था कि कितनी संख्या में पुलिस कितने बजे तक आ रही है। पुलिस फ़ोर्स की जानकारी मिलने के बावजूद वह भागा नहीं। उसके गिरोह के लोग इलाके में घुसने वाले रास्तों की छतों पर पहले से खड़े होकर पुलिस का इंतजार कर रहे थे। वे सभी अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे। और जैसे ही पुलिस इलाके के नज़दीक पहुँची तो उनलोगों ने अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर दी।

क्या था दबिश के पहले राहुल का मामला

दरअसल, विकास दुबे ने चौबेपुर थाना क्षेत्र के निवासी राहुल तिवारी के ससुर लल्लन शुक्ला की जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया था। जिसको लेकर राहुल तिवारी ने कोर्ट में विकास दुबे के खिलाफ केस फ़ाइल कराया था। बात कोर्ट तक ले जाने को लेकर विकास दुबे के आदमियों ने राहुल तिवारी को रास्ते से उठवा लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके साथ ही दोबारा कोर्ट जाने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

विकास की धमकियों से डर कर राहुल ने चौबेपुर थाने में घटनाक्रम की शिकायत की। जिसकी पूछताछ के लिए बुधवार (1 जुलाई, 2020) को थानाध्यक्ष आरोपित विकास दुबे के घर पहुँची थी। इसी दौरान विकास दुबे ने थानाध्यक्ष के सामने ही राहुल के साथ दोबारा मारपीट की। जिसका बीच बचाव करने पर विकास ने थाना प्रभारी का मोबाइल छीनकर उनके साथ भी हाथापाई की थी। इसके बाद थानाध्यक्ष ने राहुल की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया और बदसलूकी की चर्चा भी किसी से नहीं की।

बाद में राहुल ने विकास की शिकायत आलाधिकारियों से की। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर केस दर्ज हुआ था। और सीओ बिल्हौर के नेतृत्व में विकास को धर दबोचने के लिए गुरुवार की रात पूरी प्लानिंग की गई थी।

विकास दुबे के घर पर पुलिस ने चलाया बुलडोजर

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। एक तरफ उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है, दूसरी तरफ उसके घर पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कानपुर के बिठुर स्थित विकास दुबे का घर JCB से गिरा दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस की 100 टीमें अलग-अलग इलाकों की तलाशी ले रही हैं, जहाँ विकास के घर वाले रहते हैं।

इसी खोजबीन के दौरान पुलिस ने लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में भी छापेमारी की। नौकर के सिवाय विकास के इंद्रलोक कॉलोनी वाले घर में कोई नहीं मिला। मगर पुलिस ने वहाँ से कुछ संदिग्ध सामानों के साथ पेन ड्राइव बरामद किया है।

उसी इलाके में रहने वाले विकास के भाई दीप के घर भी पुलिस ने दबिश दी। लेकिन वह भी घटना के बाद से ही फरार है। पुलिस को उसकी पत्नी के पास से रिवाल्वर मिली है। इसका लाइसेंस होने का दावा किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही हैं।

काफिरों को देश से निकालेंगे, हिन्दुओं की लड़कियों को उठा कर ले जाएँगे: दिल्ली दंगों की चार्ज शीट में चश्मदीद

पूर्वी दिल्ली में सीएए विरोध के नाम पर हुए हिंदू विरोधी दंगों के दौरान आईबी इंस्पेक्टर अंकित शर्मा की हुई हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए आम आदमी पार्टी से निलंबित नगर निगम पार्षद ताहिर हुसैन ने ‘काफिरों’ को मारने के लिए धर्म के नाम पर भीड़ को उकसाया था। इस बात का जिक्र दिल्ली पुलिस ने गवाह के बयानों का हवाला देते हुए दायर किए गए आरोप पत्र में किया है।

अब इसे लेकर स्वराज्य की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने एक ट्वीट किया है, जिसमें स्वाति ने लिखा है कि अंकित शर्मा की हत्या की चार्जशीट पर अधिकांश रिपोर्टों ने इस हिस्से को पूरी तरह से छोड़ दिया और उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया जैसे कि उसने अपनी पिस्तौल को दंगे से एक दिन पहले ही निकाला था।

पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा द्वारा ट्विटर पर शेयर किए गए दो स्क्रीनशॉट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने अंकित शर्मा की हत्या में दायर की गई चार्जशीट में कुछ गवाहों के बयानों का हवाला दिया है, जिसमें गवाह की ओर से लिखा गया है कि ताहिर हुसैन ने इशारा करके बताया था कि ये मकान हिंदुओं के हैं।

इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हिन्दुओं के उन सब दुकानों व मकानों का आग लगा दी। भीड़ में शामिल सभी लोग हिंदुओं को गंदी-गंदी गालियाँ दे रहे थे और हिंदुओं को खतम करने की बात बोल रहे थे।

गवाह ने आगे बताया कि सभी लोग हिंदुओं के घर जलाने की बात व हमको काफिर कह रहे थे। उनकी बातें हमें बहुत बुरी लग रही थी। दंगाई मुस्लिम भीड़ हमारी दुकान के बाहर तोड़-फोड़ कर रहे थे व हमारी तरफ पत्थर मार रहे थे। भीड़ में शामिल सभी लोग हिंदुओं के खिलाफ नारे लगा रहे थे और कह रहे थे कि इन काफिरों को देश से निकाल देंगे, मारेंगे और हिंदुओं की लड़कियों को उठा कर ले जाएँगे। भीड़ हिंदू मुर्दाबाद के नारे लगा रही थी और एक दूसरे को हिंदुओं के खिलाफ भड़का रहे थे।

दरअसल, इससे पहले 23 जून, 2020 को दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में मुख्य आरोपित आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) के दिल्ली और नोएडा स्थित घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने 6 ठिकानों पर छापेमारी की थी। ताहिर हुसैन के खिलाफ इसको लेकर चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।

आपको बता दें कि दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों के बीच 25 फरवरी की शाम को आईबी इन्स्पेक्टर अंकित शर्मा अचानक से लापता हो गए थे। इसके तीन दिन बाद अंकित शर्मा का शव क्षत-विक्षत अवस्था में चाँद बाग के गंदे नाले में से मिला था, जो कि आरोपित ताहिर हुसैन की घर से महज 100 मीटर की दूरी पर है।

चीनी झुनझुना बजाते सीताराम येचुरी का वीडियो वायरल, कम्युनिस्टों के बीच मेल की कर रहे हैं पैरोकारी

भारत और चीन के हालिया सीमा तनाव ने देश के कई राजनीतिक दलों के छिपे एजेंडे और सीमा पार से उनके सॉंठगॉंठ को उजागर कर दिया है। कॉन्ग्रेस के बाद अब माकपा नेता सीताराम येचुरी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे चीन का झुनझुनाया बजा रहे हैं।

इसमें माकपा महासचिव सीताराम येचुरी चीन की सराहना करते हुए कह रहे हैं कि विभिन्न देशों के कम्युनिस्टों के बीच मेल रहना चाहिए। वैसे वामपंथियों के लिए यह कोई नई बात नहीं है। 1962 में जब भारत और चीन के बीच जंग चल रहा थी, तब भी इनका झुकाव देश के दुश्मनों की तरफ था और वे ‘लाल किले पर लाल सलाम’ जैसे नारे लगा रहे थे।

हाल ही में कॉन्ग्रेस और चीन के सत्ताधारी दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना के बीच एक खुफ़िया समझौते की बात सामने आई थी। इसके अलावा यह बात भी सामने आई थी कि चीन से सोनिया गॉंधी के स्वामित्व वाले राजीव गॉंधी फाउंडेशन को दान भी मिला था।

कॉन्ग्रेस की तरह ही माकपा की भी भूमिका नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें येचुरी चीन का समर्थन करते नजर आ रहे हैं। साथ ही इस बात पर जोर भी दे रहे हैं कि एक देश के वामपंथियों को दूसरे देशों के वामपंथी विचारधारा के लोगों से संपर्क बनाए रखना चाहिए। खासकर, चीन और रूस से। 

देश की राजधानी के एक शानदार रेस्तरां में दिसंबर 2019 में दिए गए इस इंटरव्यू में येचुरी यह बात कही है। वे चीन के प्रति झुकाव की बात कबूल करते हुए कहते हैं कि वामपंथी देश होने के बावजूद चीन ने वैश्विक परिदृश्य के लिहाज़ से खुद को बहुत बदला है।

जब येचुरी से चीन में उइगरों पर हो रहे अत्याचार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे टालते हुए कहा कि चीन पहले भी इस तरह की खबरों का खंडन कर चुका है। जब उनसे हॉन्कॉन्ग में जारी विरोध को लेकर सवाल किया कि वहॉं के लोगों को अपना मत रखने तक की आजादी नहीं है तो उन्होंने कहा कि ‘क्या भारत में भी बोलने की पूरी आज़ादी है?’

इतना ही नहीं गरीब और वंचितों के स्वयंभू मसीहा येचुरी ने यह भी खुलासा किया कि वे अमेरिकी कंपनी एप्पल के उत्पाद का उपयोग करते हैं। यात्रा के दौरान नेटफ्लिक्स पर का इस्तेमाल फिल्म डाउनलोड करने के लिए करते हैं।

सोनीपत में दो पुलिसकर्मियों की हत्या: मरने से पहले कॉन्सटेबल रविंद्र ने हाथ पर लिखा वाहन का नंबर, आरोपित गिरफ्तार

हरियाणा के पानीपत में दो पुलिस जवान के वीरगति के प्राप्त होने की खबर है। आईपीएस अधिकारी सूरज सिंह परिहार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जवानों को वायरलेस के माध्यम से एक गाड़ी के बारे में सूचना मिली थी। जब वो उस गाड़ी को रोकने की कोशिश कर रहे थे तो आरोपितों ने उन पर गोलियों से हमला किया और उनकी हत्या कर दी।

वीरगति को प्राप्त हुए एक जवान ने गोली लगने के बाद भी, मौत से पहले, खून से सने सड़क पर लेटे एक पुलिसकर्मी ने मामले को सुलझाने में पुलिस की मदद करने के लिए अपने हाथ पर वाहन का नंबर लिखा था।

सोनीपत एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि बुटाना चौकी में तैनात हमारे कॉन्सटेबल रविंद्र व एसपीओ कप्तान सिंह गश्त पर थे। दोनों जवान रविंद्र और कप्तान ने उन्हें नाईट कर्फ्यू की अवेहलना में गिरफ्तार करना चाहा तो उन्होंने उनपर हमला कर दिया और वारदात को अंजाम दे डाला।

उन्होंने आगे कहा, “रविंद्र बलिदान होते-होते गाड़ी का नम्बर अपने हाथ पर लिख गए और उनकी मदद से हमें उस मामले को ट्रैस करने में सफलता हासिल भी हुई। इस मामले में हमने अमित नाम के आरोपित को एनकाउंटर में मार भी गिराया है जबकि एक आरोपित संदीप को हम गिरफ्तार कर चुके हैं, और अन्य आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लेंगे।”

प्रदेश के डीजीपी मनोज यादव ने कहा कि प्रथम दृष्टया जो बात सामने आ रही है उसके मुताबिक, दोनों पुलिसवालों की हत्या किसी धारदार हथियार से की गई लगती है। पोस्टमार्टम की पूरी रिपोर्ट में हत्या का खुलासा होगा। इस मामले में दो युवतियों की भी गिरफ्तारी हुई है।

जानकारी के मुताबिक अज्ञात बदमाशों ने दोनों पुलिस कर्मचारियों की चौकी से करीब 500 मीटर दूर बंद हरियाली सेंटर के निकट हत्या कर दी। दोनों पुलिसकर्मियों की हत्या की जानकारी तब मिली जब सुबह दोनों के शव सड़क किनारे पड़े मिले। सूचना मिलते ही एसपी जशनदीप सिंह रंधावा, बरोदा थाना के एसएचओ सहित विभिन्न थानों व क्राइम इंवेस्टिगेशन एजेंसी के पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे। अधिकारी घटना को लेकर विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जाँच कर रहे हैं।

DMK यूथ सचिव ने ब्लैकमेल कर 4 साल तक महिला का यौन उत्पीड़न: मना किया तो कर दी हत्या, तलाश में जुटी तमिलनाडु पुलिस

तमिलनाडु में डीएमके यूथ विंग के सचिव देवेंद्रन पर 22 वर्षीय महिला शशिकला का यौन उत्पीड़न और हत्या करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि देवेंद्रन ने महिला के साथ चार साल तक बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला की हत्या चेंगलपट्टू जिले के चेयूर के पास नैनार कुप्पम में कर दी गई। शशिकला एक निजी कंपनी में काम करती थी और नैनापर कुप्पम की मूल निवासी थी। कथित तौर पर देवेंद्रन और उसके भाई पुरुषोत्तमन ने उसका यौन उत्पीड़न किया और बाद में जब महिला ने इससे इनकार किया शिकायत करने की बात कही तो देवेंद्रन ने उसे मौत के घाट उतार दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि देवेंद्रन और पुरुषोत्तमन ने चुपके से महिला का नहाते समय का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया था और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर दोनों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।

महिला ने आरोपितों को चेतावनी दी कि वो अपने माता-पिता को इसके बारे में बता देगी, जिसके बाद गुस्से में डीएमके पदाधिकारी ने उसकी हत्या कर दी। और इसे इस तरह से पेश किया जैसे पीड़िता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या किया हो।

बाद में शशिकला के भाई ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की हत्या के बाद से ही दोनों आरोपित फरार हैं। पुलिस देवेंद्रन और उसके भाई पुरुषोत्तमन की तलाश कर रही है।

महिला की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने Justice For Sasikala का ट्रेंड चलाया और डीएमके नेता के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

एक यूजर ने पीड़िता के लिए न्याय की माँग करते हुए लिखा कि एक 22 वर्षीय लड़की को 2 आदमियों (भाइयों) द्वारा नहाते समय कथित तौर पर फिल्माया गया था। उस वीडियो का इस्तेमाल 4 साल तक उसे ब्लैकमेल और यौन उत्पीड़न करने के लिए किया गया था। 24 जून को उसे फाँसी पर लटका पाया गया था। उसके परिवार को हत्या का संदेह है। वो न्याय चाहते हैं, उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

YSR कॉन्ग्रेस ने अपने ही MP की सदस्यता खत्म करने की माँग की, आंध्र में ईसाई धर्मांतरण का किया था खुलासा

वाईएसआर (YSR) कॉन्ग्रेस के सांसद रघुराम कृष्णम राजू के खिलाफ उनकी अपनी ही पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। राजू ने आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर ईसाई मिशनरियों द्वारा किए जा रहे धर्मांतरण का खुलासा किया था।

उन्होंने राज्य सरकार पर ईसाई तुष्टिकरण का आरोप भी लगाया था। प्रदेश में वाईएआर कॉन्ग्रेस की ही सरकार चल रही है। इस खुलासे के बाद राजू को धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई थी।

अब शुक्रवार को वाईएसआर कॉन्ग्रेस सांसदों के एक समूह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुलाकात कर राजू की सदस्यता समाप्त करने की मॉंग की। राजू आन्ध्र प्रदेश के नर्सापुरम से लोकसभा सांसद हैं।

राज्य सभा सांसद वी विजयसाईं रेड्डी ने सांसदों के इस समूह की अगुवाई करते हुए कृष्ण राजू पर अपने दल के नेताओं और आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी लिए असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उनका यह भी कहना था कि राजू ने संगठन की नीतियों के खिलाफ जाकर विपक्षी दल के नेताओं से बराबर संपर्क रखा है। वी विजयसाईं रेड्डी वाईएसआर कॉन्ग्रेस के महासचिव भी हैं।  

इसके अलावा विजयसाईं ने कहा कि कृष्ण राजू ने अपनी परेशानियों को लेकर पार्टी के लोगों से कभी बात नहीं की। इसके उलट हर बात सार्वजनिक रूप से कहते हैं जो दल की नीतियों के खिलाफ है। इस रवैये के कारण उन पर एंटी डीफेक्शन लॉ लागू होता है।

वाईएसआर कॉन्ग्रेस के एक अन्य नेता मिथुन रेड्डी ने बताया कि राजू ने कई बार नोटिस भी दिया गया, जिसका जवाब उन्होंने बेहद लचर तरीके से दिया।  

कृष्णम राजू अपनी ही पार्टी पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगा चुके हैं। वे केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और अजय भल्ला से भी मिल चुके हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा में वे एक गाना भी जारी कर चुके हैंl

कृष्णम राजू ने भी विजयसाईं रेड्डी को नोटिस भेज आरोप लगाया था कि उनके तौर-तरीकों से पार्टी को नुकसान हो रहा है। पिछले महीने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिख उन्होंने पार्टी नेताओं से जान का ख़तरा भी बताया था।

उन्होंने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से भी की लेकिन वहाँ से मदद नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने केंद्र से सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ी थी। पत्र में उन्होंने यहाँ तक लिखा था, “पार्टी के एक विधायक ने सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। पिछले कुछ दिनों से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भी इस तरह की चेतावनी अक्सर मिलती रहती हैl स्थानीय पुलिस से कोई मदद न मिलने के चलते मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि जल्द से जल्द मुझे सुरक्षा मुहैया कराएँ।”

करीब एक महीने पहले कृष्णम राजू ने एक समाचार चैनल पर डिबेट के दौरान कहा था कि राज्य में ईसाई मिशनरी पैसे देकर बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन करा रही हैं।  उन्होंने कहा था, “रिकॉर्ड के अनुसार हमारे राज्य में ईसाइयों का प्रतिशत 2.5% से कम है, लेकिन वास्तव में यह 25% से कम नहीं होगा।” YSRCP नेता ने बताया था कि कुछ लोग ऐसे वर्ग से आते हैं, जिन्हें पहले से ही फायदा मिल रहा होता है। ऐसे में यदि वो ईसाई धर्म अपना लेते हैं, तो उन्हें वो फायदा मिलना बंद हो जाता है। यही कारण है कि लोग धर्मांतरण करते हैं, मगर उसका पंजीकरण नहीं करवाते।