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अजीत झा

संपादक, ऑपइंडिया (हिंदी)

BJP का गया दुर्ग कितना मजबूत, क्या लगातार 8वीं बार कामयाब रहेंगे प्रेम कुमार?

गया देश का सबसे गंदा शहर है। जाम, संकरी सड़कें शहर की पहचान हैं। बावजूद बीजेपी का यह दुर्ग क्यों अभेद्य दिख रहा?

बिहार का वो गाँव जहाँ कभी पूरे राज्य से आते थे कारोबारी, आज फेरी लगाने और पलायन को मजबूर

क्या बिहार से पलायन करने की मजबूरी को रोकने का इलाज बड़े कल-कारखाने ही हैं? क्या बड़ी इंडस्ट्रियों के बगैर राज्य में रोजगार का सृजन नहीं हो सकता?

‘एक्के केस में बाभन का रिहाई और यादव को सजा, मोदी उसको सड़ा दिया जेल में’ – ‘विकास’ के बाद भी जातीय गोलबंदी

लखीसराय जिले की दो विधानसभा सीटों के समीकरण, यादव बहुल पंचायतों का इस बार कैसा है चुनावी मिजाज। नीतीश का सूर्यगढ़ा से क्या है 'नाता'?

जंगलराज का डर ऐसा कि लालू से अपने भी काट रहे कन्नी, ‘मोदी के हनुमान’ कहीं चुस्त तो कहीं सुस्त

जमीन पर यह चर्चा जोर-शोर से है कि लोजपा के कुछ कैंडिडेट जीतने में सफल रहे तो बीजेपी नीतीश कुमार को छोड़ देगी।

अब यीशु की पूजा करते हैं… हैदर जिसको कहता है उसे वोट देते हैं… मोदी ने सब बंद करवा दिया है…

"यहाँ 13-14 घर संथाल है। इसमें चार घर ईसाई हो गया है। हमलोगों का 500 के करीब वोट पड़ता है। सब जुट जाएँगे तो समझिए 2000 के करीब होगा।"

बिहार चुनाव 2020: जमुई की 4 सीटों पर ‘बंगला’ और ‘बागी’ से उलझे समीकरण

बिहार के 14 जिलों की जिन 71 सीटों पर पहले चरण यानी 28 अक्टूबर को वोट डाले जाने हैं, उनमें जमुई की भी चार सीटें हैं।

संजय सिंह और डेरेक ओ ब्रायन ने ईशान करण की चिट्ठी नहीं पढ़ी… वरना पत्रकार हरिवंश से पंगा न लेते

दूर बैठकर भी कर्मचारियों के मन को बखूबी पढ़ लेने वाले हरिवंश जी, अब आसन पर बैठ संजय सिंह, डेरके ओ ब्रायन की 'राजनीति' को पढ़ हँसते होंगे।

नरेंद्र मोदी: यह नाम लेते ही आपके जेहन में कैसी तस्वीर उभरती है?

नरेंद्र मोदी, यानी एक ऐसा नेता जो कोई भी बड़ा निर्णय ले सकता है, चाहे विकास के एजेंडे पर हो या फिर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा।