सना ने कहा, "शुरुआती दिन काफी कठिन थे। गुस्सा, बुखार और उल्टी के कारण मैं बिस्तर से उठ भी नहीं पाती थी। मैं हार्मोन में हो रहे बदलाव के कारण बैठकर रोया करती थी।"
ऑस्ट्रेलियन हिंदू मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में भी दिख रहा है कि कैसे जिस खालिस्तान रेफरेंडम का इतना हल्ला किया गया था वो चंद लोगों के साथ सिमट गया है।