पूछताछ के दौरान सबसे मुख्य प्रश्न यह था कि आवास पर मिली नकदी को जब्त क्यों नहीं किया गया और घटना के तुरंत बाद पहुँचे पुलिसकर्मियों के फोन से वीडियो क्यों डिलीट किया गया।
कूवर में सिर्फ गुरुद्वारा ही नहीं बल्कि एक मंदिर पर भी ऐसा ही हमला शनिवार को ही किया गया। मंदिर से जुड़े लोगों ने बताया है कि यह हमले पूर्व नियोजित हो सकते हैं।
भाजपा नेता ने बताया कि कैसे मुर्शिदाबाद हिंसा में पीड़ितों को निशाना बनाकर उनकी जमापूँजी खाक की गई थी, उन्होंने वो जले हुए नोट भी दिखाए और जानकारी दी कि दो परिवारों को उन्हें सहायता दे दी है।