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ओडिशा से धराए मुर्शिदाबाद में हिन्दू पिता-पुत्र के हत्यारे के 2 बेटे, इसराइल और सेफाउल को पकड़ने के लिए पुलिस को चलानी पड़ी गोली: हिंसा करके ईद के बाद भाग गए थे

ओडिशा पुलिस ने मुर्शिदाबाद के 6 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है, जिनमें बाबुल एसके अब्दुल खालिक, सबा करीम, रोनी एसके, मनारुल एसके और अजफरुल एसके शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में 2 हिन्दुओं की हत्या के मुख्य आरोपित जियाउल शेख के 2 बेटों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें ओडिशा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के बांधबहाल इलाके में हुई है। इन दोनों ने पुलिस कस्टडी से भागने का भी प्रयास किया, जिसके चलते उनका एनकाउंटर हुआ।

यह कार्रवाई सोमवार (21 अप्रैल, 2025) की सुबह हुई। ओडिशा पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापा मारा। ओडिशा पुलिस टीम ने यहाँ दो व्यक्तियों सफाउल हक और बानी इसराइल को हिरासत में लिया।

पुलिस को चलानी पड़ी गोली

गिरफ्तारी के दौरान, आरोपितों के कब्जे से एक पिस्टल भी मिली। उन्होंने इसी दौरान पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने के लिए हवा में चेतावनी के तौर पर 4 राउंड गोलियाँ चलाईं। ओडिशा पुलिस के एक्शन के चलते उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया है।

दो आरोपित बानी इसराइल और सेफाउल हक, जियाउल शेख के पुत्र हैं और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के समसेरगंज थाना क्षेत्र के सुलिताला गाँव के निवासी हैं। इनके पास से एक देसी पिस्तौल और 7.62 एमएम की दो जिंदा गोलियाँ बरामद की गईं।

इन दोनों के अलावा, मुर्शिदाबाद के छह अन्य लोगों को भी ओडिशा पुलिस ने हिरासत में लिया है। उनके नाम बाबुल एसके, अब्दुल खालिक, सबा करीम, रोनी एसके, मनारुल एसके और अजफरुल एसके शामिल हैं। ये सभी समशेरगंज थाना क्षेत्र के निवासी हैं और यह 11 अप्रैल, 2025 को मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में शामिल थे।

इसी हिंसा के दौरान हरगोविंद दास और उनके बेटे चंदन दास की इस्लामी कट्टरपंथियों ने हत्या कर दी थी। जिन आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है वह आरोपित ईद के दौरान मुर्शिदाबाद गए थे और फिर झारसुगुड़ा लौटकर मजदूरी करने लगे थे। CCTV फुटेज और मोबाइल टावर रिकॉर्ड से जियाउल शेख की घटनास्थल पर मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है।

बाहर से अपराध करके आने वालों पर सख्त कार्रवाई: IG हिमांशु लाल

ओडिशा पुलिस के IG हिमांशु कुमार लाल ने इस मामले में बताया, “ओडिशा पुलिस ने जब उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो उन्हें भागने की कोशिश की। इसके बाद हमने फायरिंग की और उन्हें गिरफ्तार किया। इस मामले में अभी जाँच चल रही है। बाहर से अपराध करके ओडिशा आने वालों पर सख्त कार्रवाई चल रही है, हमने सभी अधिकारियों से सतर्क रहने को कहा है।”

उसपर भीड़ को उकसाने और साजिश रचने का आरोप है। जियाउल शेख को पहले ही उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा से गिरफ्तार किया जा चुका है। इस हत्याकांड से जुड़ी अब तक कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं।

वहीं, वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की इस्लामी हिंसा को लेकर कुल 153 एफआईआर दर्ज की गई हैं और इसमें 292 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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