इस फैसले से जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री, फारूक अब्दुल्ला, उनके बेटे उमर अब्दुल्ला, गुलाम नबी आजाद और महबूबा मुफ्ती इस फैसले से प्रभावित होंगे।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने 6 जनवरी को इंदिरा गाँधी के हत्यारों को याद किया। अमृतसर के दरबार साहिब परिसर स्थित गुरुद्वारा झंडा बुंगा में उन्हें श्रद्धांजलि दी।