Sunday, July 21, 2024
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‘इस्लामी आतंकियों का पक्ष ले रहा ट्विटर’: पत्रकार आरती टिक्कू ने Twitter को कोर्ट में खींचा, भाई की जान को खतरा बताने पर अकाउंट कर दिया था लॉक

भाई को 'मौत की धमकी' देने वाले इस्लामी आतंकवादियों का एक वीडियो शेयर करने के बाद ट्विटर ने आरती के अकाउंट को सस्पेंड कर दिया था।

न्यूज वेबसाइट ‘द न्यू इंडियन’ की को-फाउंडर पत्रकार आरती टिक्कू सिंह ने ट्विटर द्वारा अपना अकाउंट सस्पेंड करने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने ट्विटर के फैसले को रद्द करने की माँग करते हुए याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने कहा है कि संविधान के तहत उनके अधिकारों का उल्लंन हुआ है। 

याचिका में कहा गया है कि ट्विटर उनके अकाउंट को लॉक कर इस्लामी आतंकवादियों का पक्ष ले रहा है। ट्विटर की कार्रवाई भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत उनके अधिकारों का उल्लंघन करती है और सोशल मीडिया कंपनी के फैसले को रद्द करने की माँग की है।

रिपब्लिक को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मैंने एक रिट याचिका के साथ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है, जिसमें भारत सरकार से मेरे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जीवन के मौलिक अधिकार की रक्षा करने के लिए कहा गया है। सरकार मेरे प्रति जवाबदेह है। यह सिर्फ आरती टिक्कू बनाम ट्विटर के बारे में नहीं है, यह हर उस भारतीय नागरिक के बारे में है, जिसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ट्विटर द्वारा किसी न किसी बहाने से रोक दी जाती है। कभी-कभी यह सनकी होता है, कभी-कभी यह एल्गोरिदम होता है और कभी-कभी यह इस्लामी आतंक के शिकार लोगों के खिलाफ ट्विटर के अपने पूर्वाग्रह होते हैं।”

बता दें कि 15 दिसंबर 2021 को अपने भाई को ‘मौत की धमकी’ देने वाले इस्लामी आतंकवादियों का एक वीडियो शेयर करने के बाद ट्विटर ने आरती के अकाउंट को सस्पेंड कर दिया था।

ट्विटर को टैग करते हुए एक ट्वीट में, उन्होंने आरोप लगाया कि ट्विटर इंडिया ‘पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों’ को भारतीयों को धमकाने और कश्मीरी पंडितों के खिलाफ साजिश के सिद्धांतों को गढ़ने के लिए ‘ट्विटर स्पेस’ फीचर का इस्तेमाल करने की अनुमति दे रहा है। ट्वीट में, उन्होंने ‘इनोसेंट किलिंग्स बंद करो’ (‘Stop Innocent Killings’) टाइटल वाले एक सत्र की एक स्क्रीन रिकॉर्डिंग पोस्ट की थी, जिसमें सदस्यों को आरती के भाई साहिल टिक्कू को निशाना बनाते हुए देखा गया। साहिल श्रीनगर का रहने वाले हैं और भारतीय जनता युवा मोर्चा की जम्मू-कश्मीर यूनिट के प्रवक्ता भी हैं।

आरती सिंह टिक्कू का ट्वीट

ट्विटर ने साहिल टीकू को लेकर फैलाई गई नफरत के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके उलट प्लेटफॉर्म ने ‘नियमों का उल्लंघन’ बताते हुए आरती के ट्वीट को डिलीट कर दिया। बाद में 15 दिसंबर को ट्विटर ने हेटफुल स्पीच के खिलाफ अपने नियमों का हवाला देते हुए उनके अकाउंट को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया। 

चूँकि उनका ट्विटर अकाउंट लॉक है, आरती टिक्कू सिंह ने अब ट्विटर के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और सरकार से उनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जीवन के मौलिक अधिकार की रक्षा करने के लिए कहा है। वकील मुकेश शर्मा के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि जिस तरह से उनके भाई को कुछ सदस्यों द्वारा निशाना बनाया गया था, वह जनवरी 1990 की याद दिलाता है। हालाँकि, वह यह देख कर चौंक गईं कि ट्विटर ने उन्हें इस ट्वीट के लिए यह कहते हुए नोटिस दिया कि यह उसके नियमों के खिलाफ है। 

टिक्कू ने ट्विटर के आरोप पर कहा है कि उनके ट्वीट ने स्पष्ट रूप से किसी समुदाय के खिलाफ हिंसा या घृणा को नहीं उकसाया गया है। वह सिर्फ अपने भाई के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की रिपोर्ट कर रही थी। साहिल टिक्कू को इस्लामवादियों द्वारा ऑनलाइन धमकियाँ मिलती रहती हैं। जिसके बाद उन्होंने 18 दिसंबर को श्रीनगर पुलिस में एक FIR दर्ज की थी। ट्विटर स्पेस से सामने आए वीडियो में, कुछ सदस्यों को टिक्कू को टारगेट करने की बात कहते हुए देखा जा सकता है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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