दिल्ली पुलिस के बार-बार कहने पर भी मौलाना साद इमारत खाली करवाने को तैयार नहीं था। बाद में उसने केवल 167 लोगों को ही क्वारंटाइन किए जाने की अनुमति दी। लेकिन, जब डोभाल ने मोर्चा सॅंभाला तो वह पूरी इमारत खाली करवाने को तैयार हो गया।
इन तीन महीनों में अगर वो EMI या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें इस अवधि का ब्याज देना होगा। हालाँकि, इस वजह से उनके लोन चुकाने की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ जाएगी। सबसे जरुरी बात यह है कि EMI पर ग्राहकों को सिर्फ तीन माह की मोहलत मिली है, ना की लोन चुकाने से माफी!
पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से त्राहि-त्राहि कर रही है। लेकिन, चीन संक्रमण पर काबू पाने का जश्न मना रहा है। उसने वेट मार्केट फिर से खोल दिया है। खुलेआम कुत्ते, बिल्ली, बतख, खरगोश का माँस बिक रहा है। चमगादड़, केकड़े और छिपकलियाँ भी बेची जा रही हैं।
पुलिस से वहाँ उपस्थित लोग झड़प करने लगे। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज कर के लोगों को वहाँ से भगाना पड़ा। जमालुद्दीन अंसारी, हुसैन ख़ान, सैयद नवाब कुरैशी, मोहम्मद मिराज शेख और अजहरुद्दीन शेख समेत अन्य लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है। इन सब पर राजस्थान एपिडेमिक डिजीजेज एक्ट लगाया गया है।
पुलिस ने मौलाना साद, डॉ जीशान, मुफ्ती शहजाद, मोहम्मद सैफी युनूस और मो सलमान के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने बताया कि संख्या ज्यादा होने के कारण जगह को खाली कराने में 5 दिन लगे। वहीं ये भी मालूम हुआ कि 28 मार्च को पुलिस द्वारा नोटिस मिलने के बाद से इस कार्यक्रम को आयोजित करने वालों में से एक मोहम्मद साद फरार है। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।
सीएम योगी के मीडिया सलाहकार सिद्धार्थ वरदराजन को चेताया कि अगर उन्होंने अपनी इस फेक न्यूज़ को तुरंत डिलीट नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी और उन पर मानहानि का मुकदमा भी चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए ये भी कहा कि कार्रवाई के बाद वेबसाइट के साथ-साथ केस लड़ने के लिए भी सिद्धार्थ वरदराजन को डोनेशन माँगना पड़ जाएगा।
”हम भी यहीं के बाशिंदे हैं। हम भी पाकिस्तानी हैं। तो हमारा भी ख्याल करना चाहिए। जैसे सब लोगों के साथ कॉपरेट करते हैं। हमारे साथ भी करना चाहिए। हमारे पास भी छोटे-छोटे बच्चे हैं। हम भी गरीब लोग हैं। यहाँ के रहने वाले। मगर फिर हमारे साथ कोई कॉपरेट क्यों नहीं करता। दूसरे लोगों को दिया जाता है। हमें नहीं दिया जाता। ये गलत है न!”
"दिल्ली व पंजाब के दोनों मुख्यमंत्रियों से हाथ जोड़ कर आग्रह है कि मजनू का टीला में फँसे लोगों को निकालें। इनमें से कई लोगों को सर्दी-बुखार भी है और कई खाँस भी रहे हैं। इन सबकी मेडिकल जाँच करानी ज़रूरी है।"