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तबलीगी जमात को बचाने के लिए ‘द वायर’ ने चलाया CM योगी का झूठा बयान: दर्ज हो सकता है केस, मिली फटकार

ऐसे कई मौलानाओं के बयानों को ढकने के लिए 'द वायर' ने फेक न्यूज़ चला तो दिया लेकिन वो पकड़ा गया। 'द वायर' ने अपने लेख में ऐसा दावा किया और उसके संपादक वरदराजन ने इस लेख को शेयर भी किया। लेकिन, उनकी पोल खुलते देर न लगी।

जहाँ एक तरफ़ पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रही है, ‘द वायर’ जैसे प्रोपेगेंडा पोर्टल्स इस आपदा काल में भी अपना उल्लू सीधा करने में लगे हुए हैं। ताज़ा मामला ‘द वायर’ के संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन का है, जिसने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में फेक न्यूज़ फैलाई है। तबलीगी जमात को बचाने के लिए तड़पते ‘द वायर’ ने फेक न्यूज़ चलाया कि जिस दिन इस इस्लामी संगठन का मजहबी कार्यक्रम हुआ, उसी दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 25 मार्च से 2 अप्रैल तक अयोध्या प्रस्ताविक विशाल रामनवमी मेला का आयोजन नहीं रुकेगा क्योंकि भगवान राम अपने भक्तों को कोरोना वायरस से बचाएँगे।

‘द वायर’ और उसके संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन ने फैलाया झूठ

दरअसल, दिक्कत ये है कि तमाम ऐसे मौलानाओं के बयान आ रहे हैं कि अल्लाह समुदाय विशेष को कोरोना वायरस से बचा लेगा। अपनी तकरीर में दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज के मौलाना साद ने भी अपने समुदाय के लोगों से कहा कि वो डॉक्टरों और सरकार की सलाह न मानें क्योंकि मिलने-जुलने और एक-दूसरे के साथ बैठ कर खाने से कोरोना नहीं होगा। ऐसे कई मौलानाओं के बयानों को ढकने के लिए ‘द वायर’ ने फेक न्यूज़ चला तो दिया लेकिन वो पकड़ा गया। ‘द वायर’ ने अपने लेख में ऐसा दावा किया और उसके संपादक वरदराजन ने इस लेख को शेयर भी किया। लेकिन, उनकी पोल खुलते देर न लगी।

‘द वायर’ ने अपने लेख के माध्यम से फैलाया फेक न्यूज़

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने सिद्धार्थ वरदराजन की ये चोरी पकड़ ली और उन्हें जम कर फटकार लगाई। उन्होंने ‘द वायर’ और उसके संस्थापक पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने कभी कोई ऐसी बात कही ही नहीं है, जैसा कि लेख में दावा किया गया है। उन्होंने सिद्धार्थ को चेताया कि अगर उन्होंने अपनी इस फेक न्यूज़ को तुरंत डिलीट नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी और उन पर मानहानि का मुकदमा भी चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए ये भी कहा कि कार्रवाई के बाद वेबसाइट के साथ-साथ केस लड़ने के लिए भी सिद्धार्थ वरदराजन को डोनेशन माँगना पड़ जाएगा।

बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात की 6 मंजिला इमारत में जमा हुए ढाई हजार लोगों में से अब तक 95 से भी अधिक समुदाय विशेष के लोगों को कोरोना वायरस होने की ख़बर है। वो विभिन्न राज्यों में कई अन्य लोगों के भी संपर्क में आए हैं, जिनके संक्रमण का शिकार बनने की आशंका है। निजामुद्दीन में रुके लोगों में अधिकतर विदेशी थे, जो वीजा नियमों का उल्लंघन करते हुए देश में रुके हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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