Tuesday, August 3, 2021
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कैसे लें अपने बैंक से तीन महीनों तक EMI में छूट, किन बातों का रखना है ख्याल, जानिए सब-कुछ

"सभी कॉमर्शियल, क्षेत्रीय, ग्रामीण, एनबीएफसी और स्‍मॉल फाइनेंस बैंकों को किस्‍त के भुगतान पर 3 महीने का मोरैटोरियम (लोन अदा करने में मोहलत) देने की अनुमति दी जाती है। यह वैसे सभी लोन के लिए प्रभावी होगी जिनकी ईएमआई 31 मार्च को जानी है।"

कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण और देशव्यापी 21 दिन के लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था से लेकर रोजमर्रा का जनजीवन बड़े स्तर पर प्रभावित हुआ है। इसी कारण आम आदमी की सुविधा का ध्यान रखते हुए हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। RBI ने सभी बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्‍तीय संस्‍थाओं (NBFC) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के साथ अन्‍य वित्‍तीय संस्‍थानों को टर्म लोन की किस्‍त तीन महीने तक टालने (Moratorium on Term Loans) के लिए कहा है।

गत शुक्रवार (मार्च 27, 2020) को आरबीआई (RBI) ने कहा था कि कंपलीट लॉकडाउन के चलते कारोबार ठप पड़ गए हैं। जिसके बाद आरबीआई के निर्देश पर कई अग्रणी बैंकों ने अपने खाताधारकों और ग्राहकों को तीन महीने तक लोन की EMI से छूट देने की घोषणा की है। EMI भरने में यह राहत मार्च 01, 2020 और मई 31, 2020 के बीच आने वाली किस्तों पर प्रभावी रहेगी। यानी, अगर ग्राहकों ने मार्च के महीने का पेमेंट कर दिया है तो फिर केवल दो महीने (अप्रैल, मई) की EMI अभी नहीं चुकाने की छूट मिलेगी।

आरबीआई का आदेश

RBI ने अपने बयान में कहा है- “सभी कॉमर्शियल, क्षेत्रीय, ग्रामीण, एनबीएफसी और स्‍मॉल फाइनेंस बैंकों को किस्‍त के भुगतान पर 3 महीने का मोरैटोरियम (लोन अदा करने में मोहलत) देने की अनुमति दी जाती है। यह वैसे सभी लोन के लिए प्रभावी होगी जिनकी ईएमआई 31 मार्च को जानी है।”

ध्यान देने योग्य बातें

आरबीआई ने यह फैसला उन लोगों को ध्यान में रखकर लिया है, जिनका कैश फ्लो लॉकडाउन के कारण रूक गया है। ऐसे लोग बाद में कैश फ्लो शुरू होने पर बकाए का भुगतान कर पाएँगे। इन 3 महीनों के दौरान अगर ये ईएमआई नहीं भी चुका पाते हैं तो ऐसे ग्राहकों की क्रेडिट हिस्ट्री पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

तीन माह की मोहलत का अर्थ कर्जमाफी नहीं

हालाँकि, एक जरुरी बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि इन तीन महीनों में अगर वो EMI या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें इस अवधि का ब्याज देना होगा। हालाँकि, इस वजह से उनके लोन चुकाने की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ जाएगी। सबसे जरूरी बात यह है कि EMI पर ग्राहकों को सिर्फ तीन माह की मोहलत मिली है, ना की लोन चुकाने से माफी!

मोरेटोरियम (तीन माह की मोहलत) से जुड़े कुछ मामलों में स्पष्टीकरण नहीं होने की वजह से इस विकल्प को चुनने वाले ग्राहकों पर ब्याज कैसे और कब लगेगा, यह फिलहाल बैंकों पर निर्भर है, और बैंक ने अभी तक इस सम्बन्ध में कोई जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई हैं।

आरबीआई के इस फैसले से बैंकों के ग्राहकों को इन 3 महीनों के दौरान होम लोन, ऑटो लोन आदि की EMI देने में राहत मिल गई है। इसके अलावा अगर कोई कारोबारी वर्किंग कैपिटल पर लोन की EMI नहीं चुका पाता है तो उसे डिफॉल्ट नहीं माना जाएगा। कई बैंक तीन माह की यह राहत स्वतः दे रहे हैं, तो कई बैंक ग्राहक के माँग पर यह लाभ उपलब्ध करा रहे हैं। साथ ही, जिन ग्राहकों की EMI हर माह ECS के माध्यम से कटती है, ऐसे ग्राहक अगर चाहते हैं कि उनकी EMI अगले दो माह तक न कटे, तो उन्हें यह ध्यान रखना होगा ​कि उस खाते में पैसा न रहे।

आरबीआई के निर्देश के बाद कुछ सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों ने अपने ग्राहकों को 3 महीने का मोरेटोरियम ऑफर करने का एलान किया है। इनमें एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, कैनरा बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और आईडीबीआई आदि शामिल हैं। SBI समेत कई बैंकों ने ट्विटर और अपनी वेबसाईट के जरिए इसकी जानकारी दी है।

कैसे ले सकते हैं लाभ?

बैंक अपने ग्राहकों को यह सुविधा दे तो रहे हैं लेकिन इसका फायादा उठाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सर्वप्रथम यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप जिस बैंक के ग्राहक हैं उसने आपके मासिक EMI पर खुद ही रोक लगा दी है या वह ऐसा आपकी कॉल या रजिस्ट्रेशन के बाद ऐसा करेगा?

उदाहरण के तौर पर देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के अनुसार, सभी टर्म लोन पर किश्त अपने आप (बिना ग्राहक की पहल के) तीन महीने के लिए टल जाएँगे। ग्राहकों को इसके लिए बैंक में आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

ऐसे में कोई ग्राहक इस दौरान अगर अपनी ईएमआई का भुगतान करता है तो भी ठीक और यदि नहीं करता है, तब भी बैंक उस पर किसी प्रकार का दंड आरोपित नहीं करेगा और ग्राहक को डिफॉल्टर घोषित नहीं किया जाएगा जाएगी। लेकिन अगर 1 मार्च 2020 से पहले का कोई डिफ़ॉल्ट और ओवर ड्यू है तो वह चुकाना होगा। पुराने बकाए का भुगतान नहीं टाला जाएगा, इस भुगतान न करने पर पेनाल्टी लगेगी।

आरबीआई द्वारा तीन माह के लोन भुगतान की मोहलत से जुड़ी अन्य जानकारियाँ इस लिंक पर भी उपलब्ध हैं

नोट : किसी भी प्रकार के ऋण और EMI सम्बन्धी जानकारी के बारे में एक बार किसी CA, अपने बैंक की वेबसाइट या बैंक कर्मचारी से जानकारी अवश्य लें, क्योंकि अभी तक बैंक द्वारा EMI की अवधि और इसे टालने की सूरत में आरोपित होने वाले ब्याज पर स्पष्ट रूप से कोई घोषणा नहीं की गई है

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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