चीनियों के अलावा 4-4 मौलवी किर्गिस्तान और कजाकिस्तान से हैं। इन्होंने बताया है कि ये करीब एक महीने से भारत में हैं और कई मस्जिदों में पनाह ले चुके हैं। जहॉं से इन्हें पकड़ा गया उस मस्जिद में ये बीते पॉंच दिन से ठहरे थे।
भगवान झूलेलाल ने अपने चमत्कारिक जन्म और जीवन से सिंधी हिंदुओं के जान की रक्षा की। हिन्दू धर्म को बचाए रखा। मिरखशाह जैसे ना जाने कितने इस्लामिक कट्टरपंथी आए और धर्मांतरण का खूनी खेल खेला। लेकिन भगवान झूलेलाल की वजह से सिंध में एक दौर में ऐसा नहीं हो पाया था।
सरकार की गंंभीरता और देश की जागरुकता का ही परिणाम है कि 133 करोड़ आबादी वाले देश में कोरोना सबसे धीमी गति से फ़ैल रहा है, लेकिन द लायर जैसे पोर्टल को शायद देश में इटली जैसी तबाही का इंतजार है।
साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया कि वहाँ पर 'इन्फेक्शन रेट' बाकी दुनिया से एकदम अलग है। उन्होंने लिखा कि ये सब बिना लॉकडाउन के ही संभव हुआ। हालाँकि, आज ही ख़बर आई है कि सिंगापुर के दो इंटरनेशनल स्कूलों के बच्चों के 6 पेरेंट्स कोरोना वायरस के शिकार हो गए हैं।
इस प्रस्ताव का सदन में मौजूद सभी 107 बीजेपी विधायकों के अलावा 2 निर्दलीय, बीएसपी और एक एसपी के विधायक ने समर्थन किया। बहुमत प्रस्ताव पारित कराने के लिए सदन में आसंदी पर मौजूद सभापति जगदीश देवड़ा ने मतदान की औपचारिकता पूरी करवाई। इस दौरान हुए मतदान में विश्वास मत को ध्वनिमत के जरिए सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
तो क्या लॉकडाउन का मतलब लाइफ का लॉक हो जाना? खाना-पीना सब बंद? नहीं। घबराएँ नहीं। आज की रात से पहले जो लॉकडाउन किया गया था, कुछ वैसा ही आगे भी मतलब 14 अप्रैल तक चलेगा।
कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। बकौल पीएम, कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा।
पुलिस ने माईक लेकर पूरे शहर के लोगों से घरों के अंदर रहने का आह्वान किया साथ ही मस्जिदों के मौलवियों से अपील की कि वह अपने लोगों से कहें कि कुछ दिनों तक सभी लोग मस्जिद में न आकर अपने घर पर ही नमाज पढ़ें। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।