Monday, October 25, 2021
Homeदेश-समाजअब राँची की मस्जिद में छिपे मिले 11 विदेशी मौलवी, 3 चीनी: क्वारेंटाइन में...

अब राँची की मस्जिद में छिपे मिले 11 विदेशी मौलवी, 3 चीनी: क्वारेंटाइन में भेजे गए

इससे पहले पटना की एक मस्जिद से 12 मौलवी हिरासत में लिए गए थे। पड़ताल के दौरान मालूम हुआ कि ये सभी मजहब का प्रचार करने के लिए आए हुए थे। रॉंची से पकड़े गए मौलवियों ने भी खुद को मजहबी प्रचारक ही बताया है।

झारखंड की राजधानी राँची के एक जिले में स्थित मस्जिद से 11 विदेशी मौलवियों को पुलिस प्रशासन ने हिरासत में लिया है। इससे पहले बिहार के पटना में 12 विदेशियों को एक मस्जिद से हिरासत में लिया गया था। राँची में तमाड़ जिले स्थित राड़गाँव मस्जिद में छिपे मौलवियों में से 3 मौलवी चीन से हैं, जबकि 4-4 किर्गिस्तान और कजाकिस्तान से हैं।

पड़ताल के दौरान प्राप्त पहचान पत्रों से इनकी शिनाख्त चीन के मा मेंनाई, ये देहाइ, मा मेरली, किर्गिस्तान के नूर करीम, नारलीन, नूरगाजिन, अब्दुल्ला और कजाकिस्तान के मिस्नलो, साकिर, इलियास आदि के रूप में हुई है। पटना मामले की तरह इन मौलवियों ने भी खुद को अब तक पूछताछ में मजहब प्रचारक बताया है। इनका कहना है कि इन्होंने 1 महीने से भारत के विभिन्न मस्जिदों में पनाह ली और 19 मार्च को राँची से बस द्वारा जमशेदपुर जाने के दौरान तमाड़ में रड़गाँव के पास स्थित एक मस्जिद में रुके। यानी ये सभी राँची के इस मस्जिद में पिछले 5 दिन से थे।

हालाँकि, पहले इनके बारे में किसी को कोई खबर नहीं थी। लेकिन कोरोना वायरस के कारण फैलती अफवाहों के बीच इनके मस्जिद में छिपे होने की खबर मालूम पड़ी। जानकारी पाते ही ग्रामीणों में कानाफूसी शुरू हुई। लोग एक-दूसरे से इनके बारे में बात करने लगे। आखिर में इनकी सूचना प्रशासन को मिली।

दैनिक जागरण के रॉंची संस्करण में 25 मार्च 2020 को प्रकाशित खबर

मामले की जानकारी पाते ही प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मस्जिद पहुँचे। जहाँ उन्हें ये 11 विदेशी मौलवी छिपे मिले। पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेकर अपनी जाँच पड़ताल की। फिर इन सभी को सुरक्षा लिहाज से क्वारेंटाइन के लिए मुसाबनी स्थिति कांस्टेबल ट्रेनिंग स्कूल भेज दिया गया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, डीएसपी अजय कुमार ने बताया, “कोरोनावायरस के प्रभाव के कारण पुलिस ने काफी सावधानी बरतते हुए सभी के कागजात की जाँच की जा रही है। सभी के वीजा-पासपोर्ट भी जब्त किए गए हैं।”

गौरतलब है कि बिहार के पटना मामले में भी पड़ताल के दौरान मालूम हुआ था कि सभी विदेशी मजहब का प्रचार करने वहाँ आए थे। लेकिन यहाँ इन्हें अपने काम (मजहब प्रचार) को करने के लिए अशोक राजपथ पर नूरी मस्जिद स्थित तबलिगी जमायत मुख्यालय जाना था। इस दौरान इन लोगों ने अपनी जाँच भी नहीं करवाई थी और स्थानीयों को संदेह होने पर इनके बारे में प्रशासन को मालूम पड़ा था।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

केरल में नॉन-हलाल रेस्तराँ खोलने वाली महिला को बेरहमी से पीटा, दूसरी ब्रांच खोलने के खिलाफ इस्लामवादी दे रहे थे धमकी

ट्विटर यूजर के अनुसार, बदमाशों के खिलाफ आत्मरक्षा में रेस्तराँ कर्मचारियों द्वारा जवाबी कार्रवाई के बाद केरल पुलिस तुशारा की तलाश कर रही है।

असम: CM सरमा ने किनारे किया दीवाली पर पटाखों पर प्रतिबंध का आदेश, कहा – जनभावनाओं के हिसाब से होगा फैसला

असम में दीवाली के मौके पर पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध का ऐलान किया गया था। अब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि ये आदेश बदलेगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
131,783FollowersFollow
412,000SubscribersSubscribe