परिजन बताते हैं कि दंगाई भीड़ ने जिस समय नरेश पर हमला किया उस समय वह बिलकुल निहत्थे थे, वे घर के पास स्थित मंदिर को बचाने निकले थे, मगर उन्हें क्या पता था कि उस दंगाई भीड़ का कहर उनपर ही टूटेगा।
24 फरवरी को चॉंदबाग में पुलिस पर हमला सोची-समझी साजिश थी। दंगाइयों ने पुलिस को बुलाने से पहले सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए थे ताकि उनकी पहचान न हो। अब फुटेज के आधार उनकी धर-पकड़ की जा रही है।
बीजेपी ने सात कॉन्ग्रेस सांसदों को शेष लोकसभा सत्र में भाग लेने से निलंबित करने के निर्णय का स्वागत किया है। भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव ने कहा कि सांसदों का आचरण बेहद शर्मनाक था। इतना ही नहीं कुर्सी का अपमान करने वाले सदस्यों को अधिकतम सजा मिलनी चाहिए।
बीजेपी विधायक संजय पाठक ने अपनी हत्या किए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा है, "मैं सीएम कमलनाथ से नहीं मिला हूँ। बीती रात मुझे अगवा करने की कोशिश की गई थी। मेरे ऊपर बहुत दबाव बनाया जा रहा है।"
डीसीपी शर्मा की पत्नी उनकी हालत देखकर बेहद भावुक मन से 24 फरवरी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उस दिन अमित शर्मा के ऑफिस स्टाफ ने घर पर कॉल की थी और कहा था कि अमित शर्मा घायल हो गए हैं।
एक चैनल की टीम आज प्रदर्शन को कवर करने पहुॅंची। वहॉं करीब 19 औरतें ही थीं। कमजोर होते प्रदर्शन की सच्चाई छिपाने के लिए औरतों ने हूटर बजाया तो कुछ मर्द वहॉं पहुॅंचे। उन्होंने डराने के लिए महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी भी की।
किश्तवाड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि मारवा इलाके के रहने वाले गुलाम हुसैन, मोहम्मद यासीन, जाकिर हुसैन, मोहम्मद इकबाल और बशीर अहमद हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को पनाह देने के साथ उनकी मदद करते थे।
यूपी पुलिस ने लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर 57 दंगाइयों के पोस्टर लगाए हैं। दंगाइयों को संपत्ति के नुकसान की वसूली का नोटिस भी दिया गया है। हिंसा फैलाने वाले सभी उपद्रवियों के पोस्टर और बैनर लगाए जाएँगे। जुर्माना नहीं देने पर इनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।