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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने लेखक और वकील से की बदसलूकी, राहुल कँवल ने कैमरा घुमा लिया

शांतनु का कहना है कि यह केवल उनका और राघव का पक्ष सुनने की बात नहीं थी। बात उनके साथ हुए बर्ताव की है। जब लोग उन्हें पकड़ने की बात कर रहे थे, गुस्से से आगे बढ़ रहे थे, तब इंडिया टुडे ने भीड़ को सँभालने के लिए कुछ नहीं किया।

शरजील ‘एक प्रेम कथा’: आतंकी जाकिर मूसा की तरह शरजील इमाम को भी जानेमन ने ही करवाया गिरफ्तार

राजद्रोह के केस होने के बाद दो दिन से बिहार में छापेमारी करने पहुँचे पाँच सदस्यों के पुलिस दल को यह बात पता चली की शरजील अपनी प्रेमिका के संपर्क में है। जिसके बाद पुलिस ने शरजील की प्रेमिका से संपर्क किया और उसकी मदद से शरजील इमाम गिरफ्तार हो पाया।

मोतिहारी से ​हिरासत में लिए गए कन्हैया कुमार

कन्हैया को सभा करने की इजाजत नहीं दी गई थी। बावजूद वह अपने वाहन पर खड़ा होकर समर्थकों को संबोधित करने लगा। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

भारत को इस्लामी मुल्क बनाना चाहता है शरजील इमाम, पूछताछ में माना- वीडियो से नहीं हुई छेड़छाड़

पूछताछ में शरजील ने कबूला है कि उसकी किसी वीडियो के साथ छेड़छाड़ नहीं हुई है। उसे अपनी गिरफ्तारी का पछतावा नहीं है। इस्लामिक यूथ फेडरेशन और पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया के साथ उसके संपर्कों की पुलिस पड़ताल कर रही है।

शाहीन बाग में कहाँ से आ रहा है दाना-पानी: आसिफ तूफानी ने उगल दिए सारे राज

"ये सब अल्लाह कर रहे हैं। कुदरती रूप से सारा सामान सुबह एक जगह पर रखा मिलता है और हम सिर्फ़ उसे उठाकर बाँटने का काम करते हैं। हम अल्लाह के बंदे हैं। हमें इंसान ने पैदा नहीं किया।"

ऐसे कैसे चलेगा खान साहब… पुलिस का ये अंदाज देख भौंचक रह गए लोग

एक यूजर ने लिखा, "बेचारा नवाब बन रहा था। पूरी नवाबी एक फोटो अपलोड होने से निकाल गई।" कुछ ने इसे सीएए और एनआसी से जोड़कर चुटकी ली और पूछा कि अगर खान साहब कागज़ नहीं दिखाएँगे तो कितने का जुर्माना लगेगा।

गोरखपुर का डॉ. कफील खान मुंबई से गिरफ्तार, AMU में दिया था भड़काऊ भाषण

एएमयू में 12 दिसंबर को करीब 600 छात्रों को संबोधित करने के दौरान डॉ. खान ने कहा था कि मोटाभाई सबको हिंदू या मुस्लिम बनना सिखा रहे हैं। उसने भीड़ को उकसाते हुए कहा था कि यह हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। हमें लड़ना होगा।

गोडसे का डर दिखाने वालों ने हाई कोर्ट में नहीं लगने दी गाँधी की प्रतिमा, देखती रही कॉन्ग्रेस

धर्मनिरपेक्ष देश के एक धर्मनिरपेक्ष राज्य की अदालत में गॉंधी की प्रतिमा स्थापित नहीं हो पाई। ऐसा करने वाले ही गाँधी के नाम को भुनाने के फेर में लगे रहते हैं। तो क्या उनके लिए गॉंधी प्रतीक से ज्यादा कुछ भी नहीं?