इस तरह के नोटिस राजस्थान के लगभग हर कॉलेज में जारी किए गए हैं। साथ ही कॉलेजों को टारगेट दिया गया है कि हर क्लास से कम से कम 10 बच्चे राहुल गाँधी की युवा आक्रोश रैली में आने ही चाहिए।
लोहरदगा में हुई हिंसा में घायल होने के बाद उन्हें राँची के ऑर्किड अस्पताल में भर्ती किया गया था। यहाँ से 2 दिन के इलाज के बाद ब्रेन हेमरेज व स्थिति गंभीर बताकर उसे रिम्स रेफर कर दिया गया था। CAA के समर्थन में निकाले गए तिरंगा यात्रा के दौरान पत्थरबाजी में नीरज घायल हो गए थे।
इन लोगों ने हाथों में तख्तियाँ और तिरंगा झंडा लिया हुआ था। इन तख्तियों में लिखा था कि भारत के संविधान और 'वन्दे मातरम' का सम्मान करो। इसी रैली में अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने वाले फ़ैसले की भी तारीफ की गई। स्कॉटलैंड में खालिस्तानियों के ख़िलाफ़ नारेबाजी हुई।
"यह पागलपन और हास्यास्पद है। मैंने आज तक कभी ऐसा कुछ नहीं सुना; कम से कम भारत में तो बिल्कुल नहीं। मुझे नहीं पता कि यह किस तरह की मानसिकता है। अगली बार जब आप यहाँ आएँगे तो हो सकता है कि आपको बैकग्राउंड में चर्च की प्रेयर या भगवत गीता सुनाई दे।"
संबित पात्रा ने कहा कि सोनिया गाँधी के पिता तो मुसोलिनी और हिटलर जैसे तानाशाहों से जुड़े हुए थे, फिर उन्हें भारत की नागरिकता क्यों दी गई? संबित पात्रा के इन आरोपों का अब तक कॉन्ग्रेस ने कोई जवाब नहीं दिया है।
सोनिया ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट कह दिया था कि जब भी ऐसा लगे कि सरकार कॉन्ग्रेस के बनाए दिशानिर्देशों के अनुरूप काम नहीं कर रही है, पार्टी शिवसेना से अपना समर्थन वापस ले लेगी। सोनिया के आदेश के बाद उद्धव से लिखित आश्वासन लिया गया, तभी महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बन पाई।
भाजपा के कार्यकर्ताओं ने त्रिची के सरकारी अस्पताल के बाहर हत्या के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन करते हुए आरोपितों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की। हालाँकि, पुलिस के आश्वासन पर आंदोलनकारियों ने विरोध-प्रदर्शन वापस ले लिया।
पश्चिम बंगाल अब चौथा राज्य बन गया है, जहाँ CAA के खिलाफ प्रस्ताव पास हो चुका है। इससे पहले केरल, पंजाब और राजस्थान विधानसभा में सीएए विरोधी प्रस्ताव पास किया जा चुका है।