सीएए विरोधी रैली में उपद्रव मचाने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी के परिजनों से मिलने के लिए प्रियंका ने यूपी पुलिस को चकमा दिया था। उस दौरान उन्होंने एक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता की स्कूटी के पीछे बैठ कर अपनी यात्रा तय की थी।
झामुमो के साथ कॉन्ग्रेस पहले भी सरकार में साझेदार रही है। फिर भी हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण में सोनिया गॉंधी नहीं पहुँचीं। क्या कर्नाटक के अनुभव और आम चुनावों के नतीजों से मारा विपक्ष अब मट्ठा भी फूॅंक-फूॅंक कर पी रहा है?
ईसाई मिशनरी भोले-भाले लोगों को प्रलोभन दे रहा था और अपने मजहब की श्रेष्ठता का बखान कर रहा था। तभी वहाँ पहुँचे बौद्ध भिक्षु सुमनरत्ना ने उसे ऐसा चाटा मारा कि उसका चश्मा ज़मीन पर जा गिरा और वो व्यक्ति लड़खड़ाते हुए कुछ क़दम पीछे जा खड़ा हुआ।
ये वही इलाक़ा है, जहाँ एक वर्ष पूर्व मिन्हाज अंसारी नामक व्यक्ति ने बीफ का फोटो और भड़काऊ बयान शेयर किया था। बाद में पुलिस की हिरासत में उसकी मौत हो गई थी। कॉन्ग्रेस विधायक डॉक्टर इरफ़ान अंसारी ने 'दहशतगर्दों पर कार्रवाई' की बात कही है।
पाकिस्तान की अनीला एहसान ने पैगंबर मुहम्मद पर सवाल उठाकर वहाँ के कट्टरपंथियों को बैठे-बिठाए एक मुद्दा दे दिया। अब उन्हें इस्लामिक क़ानून के अनुसार, 'ईशनिंदा' के आरोप का सामना करना पड़ सकता है।
अपने दुख को भूल डॉ. अर्चना सिंह यह सुनिश्चित करने में जुटी थीं कि प्रियंका गॉंधी की सुरक्षा में सेंध न लगे। तब शायद ही उन्होंने सोचा होगा कि प्रियंका के सामने उनके साथ बदसलूकी होगी और उलटे आरोप उन पर ही मढ़ दिया जाएगा।
"सैल्यूट है मेरठ के सिटी एसपी अखिलेश नारायण सिंह को, पाकिस्तान ज़िंदाबाद और भारत मुर्दाबाद के नारे लगा रहे उपद्रवियों को करारा जवाब देने के लिए। अब कुछ तथाकथित प्रबुद्धों को अफ़सोस है कि भारत मुर्दाबाद और पाकिस्तान ज़िंदाबाद बोलने वाले गद्दारों को पाकिस्तान जाने को क्यों कहा।"
आयशा ने प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वो देश में अल्पसंख्यक राजनीति को उभरते हुए देखना चाहती हैं। उन्होंने अल्पसंख्यक राजनीति का अर्थ समझाते हुए बताया कि इसका आशय 'मुस्लिम-बहुजन पॉलिटिक्स' से है।