एक तरफ जहाँ बाला साहेब ठाकरे की पुण्यतिथि (17 नवंबर) को सरकार बनाने की बात सामने आ रही है वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार का कहना है कि सरकार बनने में अभी वक्त लगेगा।
...जब अपने बेटे की क़रतूत की ख़बर सोनू के अब्बू तैबुल को लगी तो वो हथियार के साथ उसे बचाने के लिए अपने साथ कई लोगों को लेकर घटना-स्थल पर पहुँचा। तैबुल के साथ तनवीर, बाबरस राजा, अफ़सर, मुर्तजा और दिलशाद थे, जो हथियार के ज़ोर पर सोनू को वहाँ से बचाकर ले गए।
"विधायक द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द बहुत ही अपमानजनक हैं और अगर विधायक इन शब्दों के लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी नहीं माँगते हैं, तो उनकी जीभ काट दी जाएगी।"
थिरुमावलवन इससे पहले भी हिन्दुओं की आलोचना कर चुके हैं और बाद में वो अपने बयान से पलट जाते हैं। हालाँकि, चिदंबरम सांसद ने कथित तौर पर अपने भाषण पर ख़ेद व्यक्त किया है, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनसे सार्वजनिक माफ़ी की माँग की है।
सरकार ने बच्चों को गुमराह करने की यह ‘कोशिश जानबूझकर’ की है। उन्होंने कहा, ‘‘चालाकी से असत्य बताया गया है। मुख्यमंत्री को इस बड़ी भूल के लिए माफी माँगनी चाहिए।’’