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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

कारोबार करना पहले से हुआ आसान, केंद्र और राज्यों में बेहतर समन्वय: कुमार मंगलम बिड़ला

बिड़ला ने कहा कि अभी भी बेहतरी की बहुत सी सम्भावनाएँ हैं। हमें याद रखना चाहिए कि भारत में कारोबार का मतलब केंद्र और राज्य दोनों की सरकारों के साथ काम करना होता है। इस मायने में पहले से स्थिति काफी बेहतर हुई है।

राम मंदिर: अयोध्या पर फैसले से पहले संघ ने बनाई रणनीति, केंद्र में सांप्रदायिक सद्भाव

बैठक में कहा गया कि फैसले के बाद देश का सद्भाव नहीं बिगड़ना चाहिए। इसके साथ ही कोई ऐसी बात न हो जिससे किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुॅंचे। संघ के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ऐसे मौके पर किसी भी तरह के आक्रामक तेवर के लिए कोई जगह नहीं है।

झारखंड में 5 चरणों में मतदान, 23 दिसंबर को आएँगे नतीजे: कॉन्ग्रेस ने खड़े किए सवाल

झारखंड के 19 जिले नक्सल प्रभावित हैं। इनमें से 13 अति संवेदनशील हैं। इन जिलों में विधानसभा की 67 सीटें हैं। यही कारण है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम को ध्यान में रखते हुए चुनाव पॉंच चरणों में कराने का फैसला लिया गया है।

1984 दंगा पर बादल ने मोदी को लिखा पत्र, कहा- 309 सिख सैनिकों को कर दें आरोप मुक्त

बादल ने कहा है कि 1984 में भगोड़ा करार दिए गए 309 सिख सैनिकों का कोर्ट मार्शल किया गया था। उनकी सेवा समाप्‍त कर दी गई थी। अब इन सिख सैनिकों को सभी आरोपों से बरी कर उन्हें पूर्व सैनिक माना जाना चाहिए।

प्राइवेट वार्ड में नहीं होगा चिदंबरम का इलाज, हाई कोर्ट ने कहा- तिहाड़ में ही साफ और स्वच्छ वातावरण दें

हाई कोर्ट में पेश मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में कहा गया है कि चिदंबरम को प्राइवेट वार्ड में एडमिट करने की आवश्यकता नहीं है। जेल में ही उनके रेगुलर चेकअप और घर का खाना मुहैया कराने के निर्देश अदालत ने दिए हैं।

कॉन्ग्रेसी सुरजेवाला ने रसोई गैस की कीमत पर फैलाया झूठ, ₹247 की कमी को बताया ₹302 का इजाफा

दिल्ली में 1 मई 2014 को ग़ैर-सब्सिडी वाले LPG की क़ीमत ₹928.50 थी और उसी साल जनवरी में इसकी क़ीमत ₹1241.00 थी। मौजूदा कीमत (₹681.50) से तुलना करें तो पता चलता है कि 2014 से यह ₹247.00 सस्ती है न कि ₹302.50 महॅंगी, जैसा सुरजेवाला ने दावा किया है।

घर के सामने ही दूरदर्शन के डायरेक्टर को मारी थी जिहादियों ने गोली, अपने ही लोगों ने की थी मुखबिरी

'रेडियो कश्मीर' का नाम अब 'ऑल इंडिया रेडियो' हो गया है। इसके साथ ही लोगों को लस्सा कौल याद आ रहे हैं। दूरदर्शन कश्मीर के डायरेक्टर रहे कौल की हत्या जेकेएलएफ के आतंकियों ने कर दी थी।

वहाबी सीख देने वाली ‘जमात’ है कश्मीर के लिए सबसे बड़ा खतरा, उसके लोग हर जगह हैं: सत्यपाल मलिक

मलिक ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में जमात के 20 प्रतिशत लोग सचिवालय में हैं, अध्यापक हैं और यहाँ तक पीडीपी पार्टी भी इसी जमात की विचारधारा की पार्टी है। जिसके कारण वे महबूबा मुफ्ती के साथ सरकार बनाने के नतीजे अब तक भुगत रहे हैं।