Homeराजनीतिझारखंड में 5 चरणों में मतदान, 23 दिसंबर को आएँगे नतीजे: कॉन्ग्रेस ने खड़े...

झारखंड में 5 चरणों में मतदान, 23 दिसंबर को आएँगे नतीजे: कॉन्ग्रेस ने खड़े किए सवाल

चुनाव पॉंच चरण में कराए जाने को लेकर कॉन्ग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के प्रदेश प्रभारी पूर्व मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा है कि पॉंच चरणो में चुनाव कराने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने आयोग से एक ही चरण में चुनाव कराने की अपील की थी।

झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों का चुनाव आयोग ने ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा के लिए पॉंच चरणों में मतदान होगा। नतीजे 23 दिसंबर को आएँगे।

5 जनवरी 2020 को झारखंड की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल पूरा होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज (शुक्रवार) बताया कि पहले चरण का मतदान 30 नवम्बर, दूसरे चरण का 7 दिसंबर, तीसरे चरणा का 12 दिसंबर, चौथे चरण का 16 दिसंबर और पाँचवे चरण का मतदान 20 दिसंबर को होगा।

चुनाव पॉंच चरण में कराए जाने को लेकर कॉन्ग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के प्रदेश प्रभारी पूर्व मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा है कि पॉंच चरणो में चुनाव कराने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने आयोग से एक ही चरण में चुनाव कराने की अपील की थी। बता दें कि झारखंड के 19 जिले नक्सल प्रभावित हैं। इनमें से 13 अति संवेदनशील हैं। इन जिलों में विधानसभा की 67 सीटें हैं। यही कारण है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम को ध्यान में रखते हुए चुनाव पॉंच चरणों में कराने का फैसला लिया गया है। आयोग की टीम ने 17-18 अक्टूबर को राज्य का दौरा भी किया था।

पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 31.3 फीसदी वोट के साथ 37 सीटें जीती थी। उसकी सहयोगी आजसू को 3.7 फीसदी वोट के साथ 5 सीटें मिली थीं। जेएमएम 20.4 फीसदी वोटो के साथ 19 सीटें, कॉन्ग्रेस 10.5 फीसदी वोट के साथ 7 और जेवीएम 10 फीसदी वोट के साथ साथ 8 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। इस बार भी भाजपा राज्य की सत्ता में वापसी को लेकर पूरी तरह आशान्वित दिख रही है। जन आशीर्वाद यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री रघुवर दास पहले से ही राज्य के दौरे पर हैं। दूसरी ओर, झामुमो और झाविमो के साथ मिलकर कॉन्ग्रेस चुनौती देने की कोशिश कर रही है। हालॉंकि उसकी यह रणनीति लोकसभा चुनाव में बुरी तरह फेल रही थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Antifa के आतंक पर BBC का पर्दा: हमलावरों को बताया ‘प्रदर्शनकारी’, अमेरिकी कोर्ट ने ICE सेंटर पर हमले और पुलिसकर्मी को गोली मारने को...

अमेरिका के टेक्सास ICE सेंटर हमले और पुलिस अधिकारी पर गोलीबारी में दोषी 8 Antifa सदस्यों को BBC ने अपनी रिपोर्ट में बताया प्रदर्शनकारी।

बऊबाजार ब्लास्ट के ‘मास्टरमाइंड’ की रिहाई पर SC की रोक, कोलकाता में ‘हिंदुओं को मारना’ चाहता था राशिद खान: पढ़ें- कैसे ममता सरकार ने...

बऊबाजार विस्फोट के दोषी राशिद खान की रिहाई फिलहाल रुकी, सुप्रीम कोर्ट अब दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश की समीक्षा करेगा।
- विज्ञापन -