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कारोबार करना पहले से हुआ आसान, केंद्र और राज्यों में बेहतर समन्वय: कुमार मंगलम बिड़ला

मोदी सरकार के राज में भारत वर्ल्ड बैंक की ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस रैंकिंग में ऊपर चढ़ा है। ताज़ा रैंकिंग में भारत 14 स्थान ऊपर आकर 63वीं पोज़ीशन पर पहुँच गया है। इससे देश में विदेशी निवेश को बूस्ट मिलने की उम्मीद है।

अर्थव्यवस्था में मंदी, बढ़ती बेरोजगारी, निवेश के अनुकूल माहौल नहीं होने के विपक्ष के आरोपों के बीच आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि देश में उद्योग धंधे लगाना और कारोबार करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।

थाइलैंड में मीडिया से बात करते हुए बिड़ला ने कहा कि हालाँकि भारत में अभी भी बेहतरी की बहुत सी सम्भावनाएँ हैं और हम इससे भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत में व्यापार करने का मतलब अधिकाँश मामलों में केंद्र और राज्य सरकार दोनों के साथ किसी भी प्रोजेक्ट विशेष में काम करना होता है। चूँकि हम इतना बड़ा देश हैं, इसलिए ऐसा कर पाना (केंद्र और राज्य सरकार, दोनों के ही साथ काम कर पाना) थोड़ा अधिक मुश्किल हो जाता है। बकौल बिड़ला, “मुझे लगता है कि राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के बीच किसी प्रोजेक्ट विशेष को लेकर समन्वय की स्थिति पहले से बहुत बेहतर है।”

उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार के राज में भारत वर्ल्ड बैंक की ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस रैंकिंग में ऊपर चढ़ा है। ताज़ा रैंकिंग में भारत 14 स्थान ऊपर आकर 63वीं पोज़ीशन पर पहुँच गया है। सीआईआई निदेशक चंद्रजीत बनर्जी समेत उद्योग जगत की कई हस्तियों ने उम्मीद जताई है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में ही भारत ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस रैंकिंग में चोटी के 50 देशों में भी शामिल हो ही जाएगा। उद्योग चैंबर एसोचैम से जुड़े बालकृष्ण गोयनका ने ट्विटर पर लिखा कि भारत में इससे विदेशी निवेश को बूस्ट मिलेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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