मलिक ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में जमात के 20 प्रतिशत लोग सचिवालय में हैं, अध्यापक हैं और यहाँ तक पीडीपी पार्टी भी इसी जमात की विचारधारा की पार्टी है। जिसके कारण वे महबूबा मुफ्ती के साथ सरकार बनाने के नतीजे अब तक भुगत रहे हैं।
लश्कर ने इन कैंपों के लिए आतंकियों की भर्ती भी शुरू कर दी है। भर्ती स्वात घाटी के पास पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से सटे कबीलाई इलाकों, पेशावर, क्वेटा और इलाका-ए-घैर में की जा रही है।
याचिकाकर्ताओं ने यह दलील भी दी थी कि महिला चालकों को छूट देकर समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन किया गया है। इस पर शाश्वत भारद्वाज द्वारा याचिका में कहा गया कि लिंग के आधार पर नियम में भेदभाव करना समानता के अधिकार का उल्लंघन है।
एनएससीएन (आईएम) अलग संविधान की मॉंग को फिलहाल ठंडे बस्ते में रखने को राजी हो गया। नगा अपने कार्यक्रमों में खुद के झंडे का इस्तेमाल कर सकेंगे। लेकिन, सरकारी कार्यक्रमों और इमारतों में यह नहीं लगाया जाएगा।
"भारत से करतारपुर आने वाले सिखों के लिए दो बातें जरूरी हैं। पहला उन्हें पासपोर्ट की जरूरत नहीं है केवल एक वैध पहचान पत्र चाहिए और दूसरा उन्हें 10 दिन पहले रजिस्ट्रेशन कराने की कोई आवश्यकता नहीं है।"
शिवसेना के नहीं मानने की सूरत में निर्दलीय और अन्य छोटे दलों के साथ भाजपा अल्पमत सरकार का गठन कर सकती है। वहीं, एनसीपी ने फिर से साफ कर दिया है कि वह विपक्ष में ही बैठेगी।
सतीश पूनिया को समझने में समय लगेगा। वे नए-नए मुल्ला हैं, जो नया मुल्ला होता है, वो जोर से बांग देता है। उनकी अभी वहीं स्थिती बनी है। उन्हें अमित शाह और नरेंद्र मोदी के इशारे मिले हैं।