अदालत ने यह भी कहा कि केवल मुस्लिमों के दो से अधिक बच्चे होने का आधार भी ग़लत है। अदालत ने कहा कि इस मामले में 21 याचिकाकर्ताओं में से सभी ने दो से अधिक बच्चे होने की बात स्वीकार की है। जबकि इनमें केवल एक मुस्लिम है, वह भी एक महिला।
"यहाँ तब्लीगी जमात के बेहद "सख्त और रूढ़िवादी" भी बड़े आराम से रहते हैं। यहाँ सूफी परंपरा का केंद्र भी है, जहाँ लोग मकबरे की पूजा करते हैं और कव्वालियाँ गाते हैं। भारत में सहिष्णुता की भावना है।"
"एसडीओ साहब भला गाड़ी से क्यों उतरेंगे? वो तो बाबू हैं, साहब हैं। बहुत बड़े आदमी हैं। बाढ़ पीड़ितों से मैंने आपकी काफ़ी तारीफ सुनी है। कोशिश कीजिए कि मुझे ये दोबारा सुनने को न मिले। पीड़ितों के लिए कैम्प लगाइए नहीं तो आपके दफ़्तर के बाहर धरना दूँगा। ।"
मामला सामने आने के बाद से विधायक गायब हैं। उनके मोबाइल का अंतिम लोकेशन झारखंड में मिलने के कारण माना जा रहा है कि वे बिहार के बाहर छिपे हुए हैं। विधायक के करीबियों पर किशोरी को धमकाने के आरोप भी हैं।
सरपंच असलम के सामने एक विधवा (हिन्दू) और एक पुरुष (मुस्लिम) को रस्सी से बाँधा जाता है। छड़ी से पिटाई की जाती है, गंदे-गंदे शब्द बोले जाते हैं, अवैध संबंधों का ताना दिया जाता है। इसके बाद जबरन शादी कराई जाती है और विधवा का धर्म परिवर्तन कराने के लिए गाय का मांस भी खिलाया जाता है।
जेपी नड्डा ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने अनुच्छेद 370 से आदिवासियों का हक़ मारने का काम किया है। इसके लिए जवाहरलाल नेहरू को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि संविधान सभा में कोई भी इसके पक्ष में नहीं था। देश के पहले क़ानून मंत्री अम्बेडकर भी इसके लिए राज़ी नहीं थे।
कलीमुद्दीन युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कर उन्हें पाकिस्तान भेजा करता था। 2014 में वह दुबई के रास्ते पाकिस्तान गया था और कराची में रुका था। वहीं उसे हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया था।
केरल का कोल्लम कभी काजू उद्योग की वैश्विक राजधानी माना जाता था। यहाँ काजू उद्योग से आने वाले रुपयों से लाइब्रेरी से लेकर होटल तक बने। इतना ही नहीं, दादा साहब फाल्के अवॉर्ड जीतने वाले निर्देशक अडूर गोपालकृष्णन भी इसी उद्योग की वजह से फ़िल्में बना पाए।