वर्तिका सिंह ने कोर्ट में दी याचिका में इकबाल अंसारी पर मारपीट का आरोप लगाया था। साथ ही इकबाल अंसारी समेत 5 के खिलाफ देशद्रोह और कई अन्य मामलों को लेकर यह याचिका दायर की थी।
"चूँकि अर्थव्यवस्था मंदी की स्थिति में थी, इसलिए सरकार ने लोगों को इस मुद्दे से भटकाने के लिए ये कदम उठाया। सरकार को यह दिखाना था कि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में 100 दिन के अंदर अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया।"
"1985 में राम जन्मभूमि न्यास बना और 1989 में केस दाखिल किया गया। इसके बाद सोची समझी नीति के तहत कार सेवकों का आंदोलन चला। विश्व हिंदू परिषद ने माहौल बनाया जिसके कारण 1992 में बाबरी मस्जिद गिरा दी गई।"
"छह महीने के भीतर अनुच्छेद-370 पर केंद्र सरकार के फैसले के समर्थन में जम्मू-कश्मीर के लोग आगे आएँगे। पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) वापस लेना अगला लक्ष्य है। हालाँकि इसे सैन्य आक्रामकता के ज़रिए हासिल नहीं किया जाएगा।"
ब्रिटिश होने के बावजूद टली भारत की वास्तविकताओं को उस राजनीतिक दल से कहीं अधिक समझते हैं जिसने दशकों तक देश पर शासन किया है। जिस हकीकत को टली जैसे विदेशी समझ लेते हैं वह कॉन्ग्रेस क्यों नहीं समझ पाती है, ये पूरी तरह से समझ से परे है।
लोकसभा चुनाव में मिली हार के और बसपा अध्यक्ष के गठबंधन तोड़ने के बाद से अखिलेश यादव के सामने अपनी पार्टी को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है। हाल ही में कई राज्यसभा सदस्य सपा छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए हैं।
छापेमारी के दौरान ईडी ने लेनदेन से संबंधित कई कागजात, डिजिटल सबूत के साथ ही संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जब्त किए। इस साल के शुरुआत में केडी सिंह से संबंधित अल्केमिस्ट इंफ्रा रियल्टी लिमिटेड कंपनी की 239 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई थी।
ED ने 2003 में खरीदी गई इन सम्पत्तियों को ज़ब्त इसलिए कर लिया था, क्योंकि उसे शक था कि इसके लिए विदेशी मुद्रा का उपयोग बिना RBI की पूर्वानुमति लिए किया गया है। किसी विदेशी द्वारा अचल सम्पत्ति खरीदे जाने के मामले में यह इजाजत ज़रूरी है।