पुलिस ने बताया कि एक पादरी की कब्र को एक गुट दूसरी जगह ले जाना चाहता था। चर्च के कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने इसका विरोध किया। विरोध करने वालों का नेतृत्व थॉमस पॉल रामबन कर रहे थे। जो लोग कब्र दूसरी जगह ले जाना चाहते थे वे जैकोबाइट्स समूह के थे।
सीमा से सटे बांग्लादेशी जिलों की गरीब महिलाओं को दलाल लालच देकर अपने जाल में फॉंसते हैं। उन्हें गैर कानूनी तरीके से सीमा पार कराकर लाया जाता है। फिर भी इन महिलाओं को कोलकाता, मुंबई, गोवा सहित देश के अन्य हिस्सों में कोठों पर बेच दिया जाता है।
एसआईटी का दावा है कि अश्लील वार्तालाप और मसाज सहित लगभग सभी आरो चिन्मयानन्द ने कबूल कर लिए हैं। इनके बारे में विस्तार से बताने से मना किया है, क्योंकि उसे अपने किए पर शर्म आ रही है। SIT परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जाँच कर रही है।
अमेरिका से शरण मॉंगने वाली इस्माइल फिलहाल अपनी बहन के घर ब्रुकलीन में रह रहीं हैं। उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि पाकिस्तानी अधिकारियों से बचकर वह अमेरिका आने में कैसे सफल हुईं। केवल इतना बताया है कि वो हवाई जहाज से अमेरिका नहीं पहुँचीं।
"अमेरिका में हाउडी मोदी कार्यक्रम से पहले ये ऐलान किए गए हैं, यानी सट्टेबाजों को छूट देने की तैयारी है। आज़ादी के बाद हिन्दुस्तान सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है। हमारे पास संवेदनहीन सरकार और सकर्कस देखने के अलावा और कुछ उपलब्ध नहीं है।"
इसी तरह की एक घटना में थालास्सेरी पॉक्सो अदालत ने कैथोलिक पादरी रॉबिन वडक्कमचेरी को नाबालिग लड़की के साथ रेप करने और उसे कैद रखने के आरोप में 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही उस पर 3 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था।
एसआईटी ने चिन्मयानंद के अश्लील वीडियो के बदले 5 करोड़ रुपए माँगने के आरोप में पीड़ित छात्रा के साथी संजय सिंह, उसके चचेरे भाई विक्रम और मौसेरे भाई सचिन सेंगर को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा तीनों का मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, वहाँ से तीनों को जेल...
पाकिस्तान के संसदीय कार्य राज्य मंत्री अली मोहम्मद खान को फैसला वापस लिया जाना नागवार गुजरा है। उन्होंने ट्वीट कर स्कूल की बच्चियों के लिए बुर्का को अनिवार्य करने के फैसले को अच्छा कदम और इस्लाम तथा मदीना के उसूलों के हिसाब से बताया था।