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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

‘ताजमहल की जगह 2,000 यूनिवर्सिटी बनाते तो मुस्लिम होते दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे’

आजम खान ने कहा कि चुनाव में भाजपा के खिलाफ मजबूत विपक्ष के रूप में खड़े होने के लिए BSP-SP में समझौता हुआ था। सभी लोग जानते हैं कि दलित वोट बैंक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्नाव रेप मामला: CBI ने माँगी सेंगर की कस्टडी, SC ने जाँच के लिए दिए 15 दिन

सेंगर की कस्टडी के अलावा पीड़िता के चाचा से पूछताछ के लिए भी सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई ने इजाजत माँगी है। सुप्रीम कोर्ट ने रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा को दिल्ली के तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है।

वीडियो में पुलिस को घूस देते दिखा MLA कुलदीप सेंगर का सहयोगी, जाँच के आदेश

रिंकू शुक्ला के मुताबिक़, "यह मेरी आदत है। मैंने उन्हें (पुलिसकर्मी) चाय पीने के लिए पैसे दिए होंगे क्योंकि वह वहाँ खड़ा था। मेरा इरादा उन्हें रिश्वत देने का नहीं था। मैं 10-15 दिन पहले जेल के अंदर सेंगर से मिल चुका हूँ।"

64% आतंकियों को सेना ने आतंकी बनने के साल भर में ही मार गिराया, 7% को तो बस 10 दिन में

सेना के मुताबिक 83% स्थानीय आतंकियों का पत्थरबाजी का ही इतिहास होता है। इसलिए, अगर वो आज वो अपने बच्चों को नहीं नहीं रोकते तो साल भीतर उन्हें मरना पड़ेगा।

भू-माफिया आजम का छलका दर्द, बोले- पासपोर्ट में एक गलती से दाऊद या लादेन नहीं बन जाते

आजम खान ने कहा कि कि पासपोर्ट में एक गलती से यह मतलब नहीं है कि उनके सम्बन्ध लादेन से हैं। दरअसल, अब्दुल्ला आजम दो जन्मतिथियों के मामले में फँस गए हैं। उनके खिलाफ धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया था।

उगाही के आरोप में News Nation का पत्रकार नदीम ख़ान गिरफ़्तार

पत्रकार नदीम ख़ान के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा-386 (किसी व्यक्ति को मौत या शिकायत की आशंका में डालकर), धारा-500 (मानहानि के लिए सजा) और धारा-504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

₹500 में पत्थरबाजी करने वाले 83% लड़के बड़े होकर बनते हैं आतंकवादी

चिनार कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने J&K की सभी माताओं से अनुरोध के स्वर में कहा कि अगर आज आपका बच्चा 500 रुपए के लिए पत्थरबाजी करता है, तो वह कल आतंकवादी बन जाएगा और संभवत: एक साल के भीतर मारा जाएगा।

Video Viral: डेढ़ साल की बच्ची के लिए DSP गोविंद बने वासुदेव…

गोविंद ने बताया, “मैं और मेरी टीम के अन्य सदस्यों को देवीपुरा पहुँचने के लिए बाढ़ वाली सड़कों से गुज़रना पड़ा, हमने एक पोल की रस्सी से बाँध दिया ताकि लोग इसे पकड़कर आगे बढ़ सकें। इसी दौरान हमे बच्ची और उसकी माँ के घर में फँसे होने की सूचना मिली।"