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भविष्य देखना है तो भारत आइए, मैं भाग्यशाली जो मुझे मिल रहा यह मौका: अमेरिकी राजदूत एरिक गारसेटी, कहा- हम यहाँ नसीहत देने नहीं, सीखने आते हैं

नई दिल्ली में अमेरिका के राजदूत एरिक गारसेटी ने कहा है कि अगर कोई भविष्य को देखना और महसूस करना चाहता है तो उसे भारत आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत में अमेरिका का राजदूत बन कर अपने आप को भाग्यशाली मानते हैं।

अमेरिका के राजदूत एरिक गारसेटी ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा,”यदि आप भविष्य देखना चाहते हैं, तो भारत आइए। यदि आप भविष्य को महसूस करना चाहते हैं, तो भारत आइए। यदि आप भविष्य पर काम करना चाहते हैं, तो भारत आइए। अमेरिकी दूतावास के मुखिया के रूप में हर दिन ऐसा करने में मैं सक्षम हूँ और इस कारण से अपने को मैं भाग्यशाली मानता हूँ।”

उन्होंने यह भी कहा कि हम यहाँ (भारत में) लोगों को नसीहत देने नहीं बल्कि समझने और सीखने आते हैं। गारसेटी ने यहाँ स्वामी विवेकानंद भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका में ‘उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक संघर्ष करो’ का संदेश दिया था, हमें भी बेहतर भविष्य के लिए यही करना होगा।”

अमेरिकी राजदूत के अलावा इस कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवान भी शामिल हुए। उन्होंने और अमेरिका के रिश्तों को लेकर कहा, “अमेरिका और BRICS समूह के सदस्य भारत के बीच तकनीक समेत तमाम क्षेत्रों में सहयोग ऊँचाइयों पर पहुँचा हैं।”

गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के रिश्तों में उतार चढ़ाव देखने को मिले हैं। इन उतर चढ़ावों की बड़ी वजह खालिस्तानी आतंकवादी गुरवतपन्त सिंह पन्नू है। उसको मारने के प्रयास का आरोप खुफिया एजेंसियों पर लगा था, इसको लेकर दोनों देश जाँच कर रहे हैं।

अमेरिकी राजदूत गारसेटी को भी लेकर भारत में मिश्रित भाव देखने को मिला है। कुछ क्षेत्रों में उनके कार्यकाल के दौरान काफी प्रगति हुई है जबकि उनकी कुछ टिप्पणियों को लेकर विवाद भी हुआ है। पन्नू मामले को लेकर उन्होंने सीमा ना लांघने वाला बयान दिया था जिस पर काफी विवाद हुआ था।

राहुल गाँधी जिसे बताते हैं ‘मोदी का यार’, उस ओवैसी के खिलाफ कैंडिडेट नहीं देगी कॉन्ग्रेस: तेलंगाना के पार्टी महासचिव बोले- वोटों का बँटवारा रोकने को करेंगे समर्थन

लोकसभा चुनाव 2024 में कॉन्ग्रेस पार्टी हैदराबाद में अपना उम्मीदवार नहीं देगी। यह बात तेलंगाना कॉन्ग्रेस के महासचिव ने कही है। उन्होंने कहा है कि वोटों का बँटवारा रोकने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी का समर्थन करेगी।

कॉन्ग्रेस नेता फिरोज खान ने यह बात ऐसे समय में कही है, जब इस बार हैदराबाद लोकसभा सीट से AIMIM के मुखिया की राह मुश्किल बताई जा रही है। बीजेपी ने यहाँ से माधवी लता को उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें उनके समर्थक ‘हिंदू शेरनी’ कहते हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि आज ओवैसी के खिलाफ कैंडिडेट नहीं देने की बात करने वाली कॉन्ग्रेस उन्हें ‘बीजेपी का बी-टीम’ बताती रही है। कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ओवैसी को ‘मोदी का यार’ कहते रहे हैं।

कॉन्ग्रेस ने किया ओवैसी को समर्थन देने का ऐलान

टाइम्स नाउ से बातचीत में तेलंगाना प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के महासचिव और हैदाराबाद लोकसभा सीट से साल 2019 में लोकसभा चुनाव हार चुके कॉन्ग्रेस नेता मोहम्मद फिरोज खान ने इस बात का ऐलान किया। उन्होंने कहा, “हैदराबाद में दो लोकसभा सीटें हैं, सिकंदराबाद और हैदराबाद लोकसभा। मेरा निर्वाचन क्षेत्र सिकंदराबाद में है, हैदराबाद में नहीं। हैदराबाद में ओवैसी जीतेंगे, क्योंकि AIMIM और कॉन्ग्रेस पार्टी के बीच ‘कॉम्प्रोमाइज’ हो गया है, असदुद्दीन निश्चित तौर पर हैदराबाद जीतेंगे।” बता दें कि तेलंगाना में कॉन्ग्रेस ने 17 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है, लेकिन हैदराबाद सीट को लेकर चुप्पी साध रखी है।

बीजेपी प्रत्याशी माधवी लता की प्रतिक्रिया

कॉग्रेस द्वारा असदुद्दीन ओवैसी को समर्थन देने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए हैदराबाद से बीजेपी उम्मीदवार कोम्पेला माधवी लता ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “कॉन्ग्रेस AIMIM के साथ गठबंधन, लेकिन दावा यह कि वो बीजेपी की बी टीम है। सीपीआई बंगाल में INDI गठबंधन का हिस्सा है, लेकिन केरल में नहीं। AAP दिल्ली में गठबंधन है, लेकिन पंजाब में नहीं। कॉन्ग्रेस के साथ समस्या यह है कि उसे यह स्पष्ट नहीं है कि क्या करना है। कॉन्ग्रेस मुक्त भारत = प्रगति युक्त भारत।”

कॉन्ग्रेस के भीतर उठा विरोध, तहसीन पूनावाला ने जताई नाराजगी

हैदराबाद लोकसभा सीट पर असदुद्दीन ओवैसी को समर्थन देने पर कॉन्ग्रेस के भीतर ही नाराजगी दिख रही है। महत्वपूर्ण मुद्दों पर कई बार पार्टी से अलग लाइन लेने वाले राजनीतिक विश्लेषक एवं कॉन्ग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “अभी तक कॉन्ग्रेस पार्टी की तरफ से आधिकारिक बयान नहीं आया है कि वो जनाब असदुद्दीन ओवैसी को हैदराबाद लोकसभा सीट पर ‘फ्री रन’ देगी। हालाँकि कॉन्ग्रेस अगर ओवैसी साहब के खिलाफ उम्मीदवार न उतारने का फैसला लेती है, तो ये अपराध करने जैसा होगा। ऐसा करना कॉन्ग्रेस के लिए बड़ी भूल साबित होगी, जो अंतत: कॉन्ग्रेस की ताकत खत्म कर देगी।”

उन्होंने आगे लिखा, “असदुद्दीन ओवैसी पर कभी विश्वास नहीं किया जा सकता। उनका मिशन है कॉन्ग्रेस को बर्बाद करना। उन्होंने हमेशा राहुल गाँधी जी का मजाक उड़ाया है और बेईज्जती की है। अगर कॉन्ग्रेस पार्टी ओवैसी को समर्थन देती है, तो मैं इसके बिल्कुल खिलाफ हूँ। अगर कॉन्ग्रेस पार्टी नफरत के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है, तो फिर लड़ाई लड़कर ही अंतर पैदा किया जा सकता है। असदुद्दीन ओवैसी और उनकी जहरीली राजनीति वापस लोकसभा में नहीं पहुँचनी चाहिए। कॉन्ग्रेस पार्टी की असदुद्दीन ओवैसी जैसे सांसद को हराना एक जिम्मेदारी भी है।”

राहुल ने ओवैसी को कहा था ‘मोदी का यार’

बता दें कि कुछ माह पहले ही हुए तेलंगाना के विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। उस चुनाव के दौरान राहुल गाँधी ने असदुद्दीन ओवैसी और तेलंगाना के तत्कालीन मुख्यमंत्री केसीआर को पीएम मोदी का यार कहा था। तेलंगाना में केसीआर की बीआरएस और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM का गठबंधन है।

बता दें कि हैदाबाद सीट पर असदुद्दीन ओवैसी का सीधा मुकाबला बीजेपी की प्रत्याशी माधवी लता से है। हैदराबाद की हिंदू शेरनी कही जाने वाली माधवी लता पहली बार चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन राजनीतिक हलकों में ये बाद उठ रही है कि वो असदुद्दीन ओवैसी पर सीधे मुकाबले में भारी पड़ रही हैं। माधवी लता हैदराबाद की जानी-मानी समाजसेविका हैं और उनके नाम की अब पूरे देश में चर्चा हो रही है। बहरहाल, तेलंगाना कॉन्ग्रेस ने ओवैसी के समर्थन की जो घोषणा की है, उस पर अभी कॉन्ग्रेस के हाई कमान की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। हैदराबाद लोकसभा सीट पर कॉन्ग्रेस अगर ओवैसी को समर्थन देती है, तो इसका असर पूरे देश की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।

सुप्रीम कोर्ट पहुँचे CM केजरीवाल, AAP पर भी चल सकता है मनी लॉन्ड्रिंग का केस: तिहाड़ में मुलाकात की भगवंत मान और संजय सिंह को नहीं मिली अनुमति

दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी और शराब घोटाला मामले में तिहाड़ में बंद इसके संयोजक अरविन्द केजरीवाल की मुश्किलों में इजाफा कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि राजनीतिक दल पर भी पैसे की हेराफेरी के अंतर्गत (PMLA) मुकदमा चल सकता है। CM केजरीवाल से मिलने की अनुमति भी राज्यसभा सांसद संजय सिंह और पंजाब CM भगवंत मान को नहीं दी गई है। CM केजरीवाल ने अब गिरफ्तारी को रद्द करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार (9 अप्रैल, 2024) को ED द्वारा CM केजरीवाल की गिरफ्तारी को वैध ठहराया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी कहा था कि वो कठोर रूप से दिल्ली में शराब नीति बनाने और घूस माँगने में व्यक्तिगत रूप से शामिल हैं, साथ ही AAP के संयोजक के रूप में भी वो इस अपराध में शामिल हैं।

इसी निर्णय में हाई कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक दलों पर भी कम्पनियों की तरह ही मनी लॉड्रिंग कानून के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है। ऐसे में कम्पनी या राजनीतिक दल का मुखिया दोषी होगा। आम आदमी पार्टी के मामले में केजरीवाल पार्टी के संयोजक हैं, अतः वही इस मामले में जिम्मेदार भी होंगे।

हाई कोर्ट ने इस निर्णय का आधार कम्पनी और राजनीतिक दल की परिभाषा को बनाया है। कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक दल और कम्पनी, दोंनो ही लोगों का संगठन हैं, ऐसे में राजनीतिक दल भी PMLA के तहत लाए जा सकते हैं।

वहीं तिहाड़ प्रशासन ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली CM अरविन्द केजरीवाल से मिलने की अनुमति देने से मना कर दिया है। तिहाड़ प्रशासन ने कहा है कि वह सुरक्षा कारणों के चलते ऐसा नहीं कर सकता।

इससे पहले दोनों AAP नेताओं को बुधवार (10 अप्रैल, 2024) को दोपहर 1 बजे CM केजरीवाल से मिलने का समय दिया गया था। अब तिहाड़ प्रशासन उन्हें दूसरा समय उपलब्ध करवाएगा। सांसद संजय सिंह दिल्ली शराब घोटाला में हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आए हैं।

CM केजरीवाल ने ED गिरफ्त को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा वैध ठहराए जाने के निर्णय के विरुद्ध अब सुप्रीम कोर्ट का रास्ता अख्तियार किया है। CM केजरीवाल ने इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह तुरंत सुनवाई करे। इस पर बुधवार (10 अप्रैल, 2024) को निर्णय होगा।

इससे पहले 21 मार्च, 2024 को गिरफ्तार होने के बाद भी CM केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट पहुँचे थे लेकिन बाद उन्होंने यह याचिका वापस ले ली थी। उन्होंने इसके बाद ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट का रुख किया था जिसमें उन्हें राहत नहीं मिली थी।

गौरतलब है कि दिल्ली शराब घोटाला में 21 मार्च, 2024 को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। उन्होंने कोर्ट ने वर्तमान में 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा हुआ है।

लोगों को इकट्ठा कर सरकारी स्कूल का टीचर करवा रहा था ‘मसीहत की संगति’, हिन्दू कार्यकर्ताओं को देख अफरातफरी मची: पकड़े जाने पर बोला- धर्मान्तरण नहीं करवाया

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में ईसाई धर्मान्तरण के प्रयास का मामला सामने आया है। यहाँ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ताओं ने एक शिक्षक सहित 3 लोगों को पकड़ का पुलिस के हवाले किया है। इन सभी पर आरोप है कि ये महिलाओं और बच्चों को बाइबिल पढ़ा रहे थे। मौके से ईसाई धर्म के साहित्य भी मिलने का दावा किया जा रहा है। घटना रविवार (7 अप्रैल 2024) की है। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना फर्रुखाबाद जिले के थानाक्षेत्र मेरापुर की है। रविवार को यहाँ के क़ुरार गाँव में हिन्दू संगठनों को कुछ बाहरी और संदिग्ध लोगों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस सूचना पर धर्म जागरण जिला प्रमुख दिनेश सिंह तोमर अपने कुछ सहयोगियों के साथ सुबह 11 बजे गाँव में पहुँचे। उन्होंने पाया कि एक घर में कई लोगों की मौजूदगी थी और वहाँ ढोलक पर संगीत का कार्यक्रम हो रहा था। हिन्दू संगठन के सदस्यों को देखते ही सभास्थल पर अफरातफरी मच गई।

दिनेश सिंह तोमर ने पुलिस में शिकायत देते हुए बताया है कि जिस घर में ढोलक पर संगीत बज रहा था वहाँ 12 महिलाएँ और 7 पुरुष बाहर से बुलाए गए थे। इनके साथ नाबालिग उम्र के कुछ बच्चे भी घर में मौजूद थे। आरोप है कि इन सभी को ईसाई बनाने की तैयारी थी। इन्हें बाइबिल पढ़ाई जा रही थी। मौके पर 2 बाइबिल और बैंकों के 3 चेक मिलने का दावा किया जा रहा है। इन चेकों पर किसी के दस्तखत नहीं थे। हिन्दू संगठन के सदस्यों से सभा में मौजूद लोगों की बहस होनी शुरू हो गई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

जब हिन्दू संगठनों ने चल रहे कार्यक्रम के बारे में पूछा तो जवाब में इसे ‘मसीहत की संगति’ बताया गया। टीचर का नाम शिवप्रसाद बताया जा रहा है। वो मेरापुर के श्रीराम स्वरूप स्कूल में अध्यापक है। यह शिक्षक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले का निवासी है। हालाँकि पूछताछ में शिवप्रासद खुद को इलाहबाद का निवासी बताता दिख रहा है। ऑपइंडिया को मिले एक वीडियो में इंटर कॉलेज में पढ़ाने वाले शिवप्रसाद ने खुद पर लगे धर्मान्तरण के आरोपों से इंकार किया है।

शिव प्रसाद ने कहा कि उनकी पत्नी काफी बीमार थी तब लोगों ने उन्हें ईसाईयत के कार्यक्रमों में जाने की सलाह दी थी। शिवप्रसाद ने अपने पास ब्लैंक चेक मिलने की बात कबूल की है लेकिन इसे उन्होंने अपने निजी खर्चे के लिए बताया। अंत में शिवप्रसाद ने अपनी गलती की क्षमा भी माँगी है। वह फिलहाल फर्रुखबाद के सराय इलाके में रह रहा है। ऑपइंडिया के पास पुलिस में दी गई तहरीर मौजूद है।

हिन्दू संगठन के सदस्यों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुँची। शिकायत में यह भी बताया गया है कि इलाके में झाड़फूंक के नाम पर लम्बे समय से गरीबों के धर्मान्तरण करवाए जा रहे हैं। इन लोगों पर क्षेत्र में अन्धविश्वास फैलाने का भी आरोप है। बाहरी बताए जा रहे 3 लोगों को हिरासत में ले लिया था जिन्हे फिलहाल छोड़ दिया गया है। अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

स्वरा भास्कर से लेकर पूजा भट्ट तक के संपर्क में था हिंदू विरोधी दंगों वाला उमर खालिद, दिल्ली कोर्ट में पढ़ी गई व्हॉट्सएप चैट: ऑल्ट न्यूज, सुशांत सिंह, योगेंद्र यादव के भी नाम

दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों की साजिश रचने का आरोपित उमर खालिद बेल के लिए एक से दूसरी अदालतों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसके खिलाफ दायर आरोप पत्र और प्राप्त सबूत उसकी बेल याचिका मंजूर नहीं होने दे रहे। 9 अप्रैल 2024 को भी उसके मामले पर दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा कोर्ट में उसकी कई हस्तियों के साथ व्हॉट्सएप चैट पढ़ी गई।

इन चैट्स से खुलासा होता है कि उमर खालिद सोशल मीडिया से लेकर मीडिया में फर्जी का नैरेटिव तैयार करने के लिए सेलीब्रिटियों का सहारा लेता था। उसके संपर्क में वामपंथी स्वरा भास्कर के अलावा अभिनेत्री पूजा भट्ट, अभिनेता सुशांत सिंह समेत कई लोग थे। इसके अलावा अपने गढ़े नैरेटिव को हवा देने के लिए वो ऑल्ट न्यूज जैसे संस्थानों का भी सहारा लेता था।

जानकारी के मुताबिक जिन लोगों के साथ उमर खालिद की चैट सामने आई उसमें जिग्नेश मेवानी हैं। चैट में उमर खालिद अपने मतलब की ‘द वायर’ खबर को ज्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए जिग्नेश मेवानी को भेज रहा था और उसे कह रहा था कि वो लिंक ट्विटर पर साझा करे।

इसी तरह योगेंद्र यादव और पूजा भट्ट को मैसेज भेजकर उमर खालिद डॉ कफील पर ट्वीट करने की अपील कर रहा था। इसके अलावा उसने सुशांत सिंह को भी द क्विंट की रिपोर्ट भेजकर कहा था कि अभिनेता उसे अपने ट्विटर पर शेयर करें।

इन चैट्स से पता चलता है कि किस तरीके से उमर खालिद अधिक फॉलोवर्स वाले लोगों का इस्तेमाल अपने फर्जी के नैरेटिव को फैलाने के लिए कर रहा था। वो खुद उन्हें बताता था कि उन्हें कौन से लिंक ट्विटर पर साझा करने चाहिए ताकि उनके द्वारा उठाया मुद्दा गरमाए।

कोर्ट में ‘हम भारत के लोग’ नाम के व्हॉट्सएप ग्रुप का जिक्र भी अभियोजन पक्ष द्वारा किया गया। इसमें उमर कह रहा था कि ‘हम भारत के लोग’ को एक बयान जारी करके जामिया के छात्रों की गिरफ्तारी की निंदा करनी चाहिए। उसका कहना था कि अगर वो ऐसा करेंगे तो उनका पक्ष वायर, क्विंट वाले तो जरूर कवर करेंगे। बाद में वो उस लिंक को सोशल मीडिया के जरिए फैला देंगे।

इसी प्रकार से स्वरा भास्कर के साथ उमर खालिद की बात शाहीन बाग में समर्थन देने को लेकर हुई थी।

रसिका के साथ भी जामिया के मुद्दे पर उमर की बात हुई थी। संजुकता बासु के साथ भी खालिद ने द क्विंट की खबर पर चर्चा की थी। उमर खालिद ने ऑल्ट न्यूज के अर्चित से भी बात की थी कि वो लोग उसका पक्ष अपनी रिपोर्ट में दें।

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में चैट्स को पढ़ते हुए बताया कि किस तरह से उमर खालिद अपने संदेशों को व्यापक स्तर पर पहुँचाने के लिए इन लोगों से संपर्क करता था। ये भी बताया गया कि उसने जो दिल्ली कमिश्नर को पत्र लिखा था वो भी उसने मीडिया को पब्लिश किया था और बाद में वो लिंक फैलाया था। इतना ही नहीं, कोर्ट में खालिद के अब्बा का वीडियो भी चलाया गया जो कि आरफा खानुम के साथ था।

नोट: यह खबर मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है। इसे पूरा पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

चर्च के बाद अब ईसाइयों का यूथ संगठन भी आया आगे, दिखाएगा ‘द केरल स्टोरी’: लव जिहाद दिखाने वाली फिल्म पर बिलख रहे हैं लिबरल-वामपंथी

केरल के ईसाइयों का युवा संगठन ‘द केरल कैथोलिक यूथ मूवमेंट’ (KCYM) फिल्म द केरल स्टोरी को जगह-जगह पर दिखाएगा। KCYM ने यह निर्णय इडुक्की चर्च प्रशासन के समर्थन में लिया है। इससे पहले लव जिहाद और ISIS की भयावहता को दिखाने वाली इस फिल्म को इडुक्की और थामरस्सेरी चर्च प्रशासन ने बच्चों को दिखाया था।

मीडिया से बात करते हुए KCYM के डायरेक्टर पादरी जॉर्ज वेल्लाक्कुडियिल ने कहा, “हमने यह ऐलान इसलिए किया है क्योंकि द केरल स्टोरी दिखाने के बाद इडुक्की चर्च प्रशासन को मीडिया और अन्य लोगों ने परेशान कर रखा था। हम इसको लेकर शुक्रवार को अंतिम निर्णय लेंगे।”

गौरतलब है कि KCYM केरल के कैथोलिक ईसाई युवाओं का बड़ा संगठन है, इसके अंतर्गत तीन कैथोलिक मान्यताओं, लैटिन चर्च, साइरो मालाबार चर्च और साइरो मलनकारा चर्च के संगठन आते हैं। इसकी पला, थामरस्सेरीऔर थालास्सेरी यूनिट ने 13 अप्रैल के बाद द केरल स्टोरी के प्रसारण का निर्णय लिया है।

वेल्लाक्कुडियिल ने यह भी कहा कि भले ही केरल स्टोरी को एक काल्पनिक फिल्म कहा गया हो लेकिन हमने कई ईसाई लड़कियों को खराब रिश्तों से बचाया है। हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि लड़कियों को शादी के लिए धर्मांतरण को कहा जाता है और फिर उनके माता-पिता को भी उनसे नहीं मिलने दिया जा सकता।”

थामरस्सेरी क्षेत्र के KCYM अध्यक्ष रिचाल्ड जॉन ने इस मामले पर कहा कि इडुक्की में द केरल स्टोरी को एक बार और प्रदर्शित किया जाएगा और हमें चर्च के बड़े अधिकारियों का पूरा आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि उनका क्षेत्र मलप्पुरम और कोझिकोड में फैला हुआ है और यह फिल्म दिखाने के पीछे कोई राजनीतिक एंगल नहीं है।

द न्यू इन्डियन एक्सप्रेस से उन्होंने कहा, “हम अपने इलाके में ‘लव जिहाद’ होते हुए देख रहे हैं। गौरतलब है कि हमारे विभाग ने 325 धर्मांतरण के मामलों की पहचान की है। यह संख्या मुद्दे की गंभीरता को उजागर करती है।” KCYM के एक और पदाधिकारी अखिल सी जोस ने कहा कि जब इडुक्की चर्च प्रशासन के फिल्म को दिखाने के निर्णय की आलोचना की गई तो हमने इसे प्रसारित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हम बच्चों को प्रेम में आने वाले खतरे से बचाने के लिए यह फिल्म दिखा रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले साइरो मालाबार चर्च के इडुक्की प्रशासन ने इस फिल्म को 10वीं और 12वीं तक के बच्चों को दिखवाया था। इस दौरान उन्हें लव जिहाद पर पुस्तिकाएँ भी वितरित कीं। साथ ही उनसे कहा गया कि वह इस फिल्म की समीक्षा लिखें कि कैसे ये फिल्म बाकी फिल्मों से अलग है। इसके अलावा इस पुस्तिका में ये भी जानकारी थी कि किस तरह से लड़कियों को प्रलोभन देकर फँसाया जाता है। इसके अलावा साइरो मालाबार चर्च के थामारास्सेरी सूबा ने बच्चों को इस फिल्म को दिखाने का निर्णय लिया था।

गौरतलब है कि द केरल स्टोरी फिल्म को 5 मई ,2023 को रिलीज किया गया था। इस फिल्म की कहानी केरल में लड़कियों के लव जिहाद और फिर आंतक के मुंह में धकेले जाने को लेकर थी। इस फिल्म का तब भी वामपंथी और लिबरलों ने खूब विरोध किया था। फिल्म पर पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रतिबंध भी लगाया था। यह प्रतिबंध सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया था। इस फिल्म को दर्शकों ने काफी सराहा था और इसे बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी कमाई हुई थी। इस फिल्म ने लगभग ₹300 करोड़ की कमाई की थी।

बागेश्वर बाबा की तस्वीर लगाई, अपशब्द लिखे, दी ‘सर तन से जुदा’ की धमकी: बरेली पुलिस ने फैज रजा और सलमान को गिरफ्तार किया

बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के पीछे कट्टरपंथी हाथ धोकर पड़े हैं। अकेले यूपी के बरेली से ही ‘सर तन से जुदा’ की ख्वाहिश रखने वाले दो कट्टरपंथी मुस्लिम गिरफ्तार किए गए हैं, वो भी अलग-अलग मामलों में… मकसद साझा है, ‘सर तन से जुदा’।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरेली के आँवला इलाके के रहने वाले फैज रजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर धीरेंद्र शास्त्री का ‘सर तन से जुदा’ करने का पोस्ट डाला। इस पोस्ट में बाकायदा म्यूजिक और डॉयलॉग भी था। फैज रजा के खिलाफ हिंदू संगठन एकजुट हो गए और प्रशासन से कार्रवाई की माँग की, जिसके बाद फैज रजा को पुलिस ने पकड़ लिया।

जानकारी के मुताबिक, बरेली के आँवला कोतवाली में सैकड़ों की संख्या में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इकठ्ठा होकर एक शिकायती पत्र सौंपा। शिकायती पत्र में कहा गया है कि हिंदू सनातन धर्म के गुरु पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की फोटो लगाकर अशोभनीय तरह से एडिट कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। जिसमें सिर तन से जुदा का ऑडियो भी लगाया गया है।

राष्ट्रीय बजरंग दल के आंवला जिला अध्यक्ष पवन ने बताया कि फैज राजा ने फेसबुक पर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का फोटो लगाकर उनका सिर तन से जुदा करने और अपशब्द लिखते हुए स्टेट्स लगाया है। इसमें सिर तन से जुदा का गाना भी शामिल किया है। इससे माहौल खराब हो सकता है। पुलिस ने फैज रजा को गिरफ्तार कर लिया है। बरेली के वरीय पुलिस अधिकारी वीरेश कुमार ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने फैज की गिरफ्तारी की पुष्टि की।

वहीं, बरेली के ही इज्जतनगर के सलमान को भी धीरेंद्र शास्त्री का ‘सर तन से जुदा’ करने का शौक चढ़ा। इस मामले में भी पुलिस सक्रिय हुई और सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में भी हिंदू संगठनों ने कार्रवाई की माँग की थी।

सलमान ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया था। सलमान खान धीरेंद्र शास्त्री का सर काटने और जमीन में गाड़ने की धमकी दे रहा था, साथ ही उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल भी कर रहा था। इस मामले में लोगों की शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

‘₹5 लाख दो या मुस्लिम बनो’: तालिब ने राकेश बनकर दलित लड़़की को फँसाया, रेप का अश्लील वीडियो बनाकर करने लगा ब्लैकमेल

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले से एक दलित लड़की के साथ लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ तालिब खाँ नाम के युवक ने अपना नाम राकेश रखकर पहले पीड़िता को प्यार के झाँसे में लिया, फिर उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान तालिब ने पीड़िता की अश्लील वीडियो बनाकर उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

आरोप है कि इस्लाम नहीं कबूलने की पर 22 साल के तालिब ने पीड़िता से 5 लाख रुपए की माँग की थी। आखिरकार इस मामले में तंग आकर लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तालिब के खिलाफ FIR दर्ज कर ली और रविवार (7 अप्रैल 2024) को उसे गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला शाहजहाँपुर जिले के थाना क्षेत्र सिंधौली का है। यहाँ शुक्रवार (5 अप्रैल 2024) के एक दलित लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु 10 साल पहले ही हो चुकी है। लगभग 2 साल पहले उसे एक युवक मिला, जिसने अपना नाम राकेश बताया था।

राकेश ने थोड़े समय की बातचीत में पीड़िता से दोस्ती कर ली। इसके बाद दोनों आपस में बातें करने लगे और फिर दोनों मिलने-जुलने लगे। इस दौरान आरोपित ने पीड़िता से रेप भी किया। इसी बीच राकेश ने पीड़िता के साथ कुछ व्यक्तिगत तस्वीरें भी खींच लीं। लगभग 4 माह पहले लड़की को पता चला कि जिसे वो राकेश समझ रही है वो असल में लखीमपुर खीरी जिले का रहने वाला तालिब खाँ है।

सच्चाई जानकर वो तालिब से दूरी बनाने लगी। अपनी पोल खुल जाने के बाद तालिब पीड़िता पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने लगा। जब पीड़िता ने इससे मना किया तो उसकी तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देने लगे। तालिब ने पीड़िता को बदनाम करके कहीं भी शादी लायक न छोड़ने जैसी बातें भी कहीं।

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पीड़िता द्वारा तालिब खान से ऐसा न करने की मिन्नतें की गईं। हालाँकि तालिब का दिल नहीं पसीजा। उलटे वो पीड़िता से 5 लाख रुपए की डिमांड करने लगा। अपनी शिकायत में लड़की ने तालिब खाँ पर कड़ी कार्रवाई की माँग उठाई है।

पुलिस ने 22 वर्षीय तालिब खाँ पर FIR दर्ज कर के उसकी तलाश शुरू कर दी। उस पर IPC की धारा 384, 376 और 506 के अलावा SC/ST एक्ट में कार्रवाई की गई है। रविवार (7 अप्रैल) को तालिब को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई कर रही है।

फूलों की वर्षा, शास्त्रीय नृत्य, नादस्वरम की गूँज, पौराणिक पात्रों की वेशभूषा में लोग… चेन्नई में ब्लॉकबस्टर रहा PM मोदी का रोडशो, महिलाओं-बच्चों में दिखा उत्साह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लो कसभा चुनाव 2024 से पहले अपना पहला इंटरव्यू एक तमिल चैनल ‘Thanthi TV’ को दिया था। अब उन्होंने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में रोडशो किया। कुछ दिनों पहले पीएम मोदी सालेम भी पहुँचे थे, जहाँ वो दिवंगत भाजपा नेता ऑडिटर रमेश को श्रद्धांजलि देते समय भावुक हो गए थे। 52 वर्षीय ऑडिटर रमेश को 19 जुलाई, 2013 को उनके घर में घुस कर मुस्लिमों ने मार डाला था। अब चेन्नई में पीएम मोदी के रोडशो में मंगलवार (9 अप्रैल, 2024) को भारी भीड़ उमड़ी।

इस दौरान तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और कोयम्बटूर से भाजपा के सांसद प्रत्याशी K अन्नामलाई भी मौजूद थे। सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। लोगों ने स्वागत में उनके ऊपर पुष्पवर्षा की। कई लोग पौराणिक पात्रों के रूप में सज-धज कर पहुँचे थे, महिलाओं बच्चों को लेकर आई थीं और भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के झंडों के साथ मौजूद थे। ये यात्रा चेन्नई के पॉण्डी बाजार होकर भी गुजरी। पीएम मोदी ने काशी-तमिल संगम और सौराष्ट्र-तमिल संगम के जरिए तमिल संस्कृति का प्रचार-प्रसार करवाया।

कई महिला कलाकार इस दौरान नृत्य करती हुई भी दिखीं। पीएम मोदी ने चोल राजवंश के राजदंड ‘सेंगोल’ को सम्मान देते हुए उसे नई संसद की लोकसभा में स्थापित किया, जिसका इस्तेमाल आज़ादी के दौरान सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में किया गया था और फिर कॉन्ग्रेसी सरकारें इसे भूल गई थीं। तमिलनाडु में भाजपा इस बार AIADMK के साथ गठबंधन में नहीं है और 9 छोटे-छोटे राजनीतिक दलों के साथ वोटरों को साधने की कोशिश कर रही है।

चेन्नई में पीएम मोदी के रोडशो के दौरान कई कलाकार शास्त्रीय वाद्ययंत्र नादस्वरम बजाते हुए भी दिखे। पीएम मोदी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और मध्य प्रदेश के बालाघाट में रैलियाँ कर के चेन्नई रोडशो के लिए पहुँचे थे। इस दौरान सेन्ट्रल चेन्नई से भाजपा उम्मीदवार और पूर्व राज्यपाल तमिलसाई सुन्दरराजन भी उनके साथ मौजूद थीं। हाल में भाजपा अध्यक्ष JP नड्डा के अलावा राजनाथ सिंह, हरदीप सिंह पुरी और अनुराग सिंह ठाकुर भी तमिलनाडु का दौरा कर चुके हैं।

कोयम्बटूर और नीलगिरि सीटों को भाजपा 1998 और 99 में जीत चुकी है। विरुधुनगर से दिवंगत अभिनेता शरतकुमार की पत्नी राधिका भाजपा के टिकट पर लड़ रही हैं। चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2 किलोमीटर लंबा रोडशो पनगल पार्क से लेकर टेनाम्पेट तक चला। लगभग 45 मिनट तक वो जनता के बीच रहे। अगले ही दिन वेल्लोर और मेट्टुपलायनम में उनकी रैली होनी है। 12 अप्रैल के बाद पीएम मोदी फिर से तमिलनाडु का दौरा करेंगे।

छत्तीसगढ़ में ITBP ने जमींदोज किया नक्सलियों का ‘स्मारक’, टीलेनुमा आकृति पर लाल झंडा लगाकर घोषित करते थे अपना इलाका

भारतीय सुरक्षाबलों ने कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों में आतंकवाद एवं अलगाववाद की कमर तोड़ने के बाद मध्य भारत में नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार शुरू कर दिया है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की बटालियन ने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सलियों के उस निशान को तोड़ दिया, जिसे वे अपने इलाके के तौर पर दर्शाते थे। मंलगवार (9 अप्रैल 2024) को हुई इस कार्रवाई का ITBP ने वीडियो भी बनाया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

छत्तीसगढ़ ITBP ने इस कार्रवाई को अपने X हैंडल पर शेयर किया है। ITBP ने लिखा, “53वीं वाहिनी ने कस्‍तूरमेटा क्षेत्र, नारायणपुर (छत्तीसगढ़) के ईकपाड इलाके में वामपंथी उग्रवादियों के एक स्‍मारक को ध्‍वस्‍त किया।” शेयर किए गए वीडियो और तस्वीरों में लाल रंग के पक्के स्मारक पर कुछ जवान चढ़े दिख रहे हैं। इनके हाथों में हथौड़ी, गैंती, फावड़ा व अन्य औजार हैं। थोड़े समय के बाद ही यह स्मारक मलबे में तब्दील हो जाता है।

ऑपइंडिया ने इन स्मारकों के बारे में नक्सल क्षेत्र में तैनात CRPF के एक सीनियर अधिकारी से बात की। उन्होंने हमें बताया कि लगभग एक दशक पहले ऐसे स्मारक छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में हजारों की तादाद में हुआ करते थे। इन स्मारकों को वामपंथी अपने इलाके का प्रतीक के तौर पर बनवाते थे। इन स्मारकों के ऊपर नक्सली अपना लाल झंडा फहरा कर रखते थे।

अधिकारी ने आगे बताया कि धीरे-धीरे नक्सलियों का दमन हुआ और स्मारक भी खत्म होते चले गए। वर्तमान में ऐसे स्मारक न के बराबर हैं। उनका कहना है कि सुरक्षाबलों का मूवमेंट आगे बढ़ रहा है और जल्द ही ऐसे स्मारकों की तादाद शून्य हो जाएगी। अधिकारी ने इसके लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जागरूकता और सोच में बदलाव को प्रमुख कारण बताया।

गौरतलब है कि इसी सप्ताह CRPF के जवानों ने छत्तीसगढ़ के लाखापाल क्षेत्र में आने वाले गाँव केरलापेंडा में 23 साल से बंद पड़े एक मंदिर की साफ़-सफाई के बाद वहाँ पूजा-अर्चना शुरू करवाई है। तब ग्रामीणों ने बताया था कि कभी वहाँ श्रद्धालुओं का मेला लगता था, लेकिन नक्सलियों की वजह से धीरे-धीरे मेला बंद हो गया और मंदिर जर्जर होता चला गया।