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DMK को ‘करप्शन’ और ‘फैमिली पॉलिटिक्स’ पर PM मोदी ने घेरा, कहा- इस बार पापों का हिसाब करेगी जनता: कच्चातिवु पर कॉन्ग्रेस की कलई भी खोली

लोकसभा चुनाव 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी ताकत से मैदान में उतर आए हैं। तमिलनाडु के वेल्लोर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया और डीएमके के साथ ही कॉन्ग्रेस को जमकर निशाने पर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डीएमके एक फैमिली की पार्टी है, जिसका काम है डिवाइड एंड रूल। पीएम मोदी ने डीएमके पर तमिल नाडु के युवाओं को नशे में ढकेलने का आरोप लगाया।

पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वेल्लोर की धरती नया इतिहास बनाने जा रही है। बीजेपी और एनडीए को तमिलनाडु में अपार जनसमर्थन मिल रहा है। पूरा तमिलनाडु कह रहा है ‘एक बार फिर मोदी सरकार’।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीएमके पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि पूरी डीएमके एक फैमिली की कंपनी बनकर रह गई है। डीएमके की फैमिली पॉलिटिक्स की वजह से तमिलनाडु के युवाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है। उसकी राजनीति का मुख्य आधार डिवाइड, डिवाइड और डिवाइड है। ये पार्टी देश के लोगों को भाषा के नाम पर लड़ाती है, धर्म और जाति के नाम पर लड़ाती है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के बारे में कहा जाता था कि भारत की इकॉनमी कभी भी फेल हो सकती है। वही भारत आज दुनिया की एक ताकत बनकर उभर रही है। मुझे खुशी है कि भारत में तमिलनाडु की एक भूमिका रही है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी को आगामी 14 अप्रैल के नव वर्ष के लिए शुभकामनाएं देता हूँ। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह वर्ष तमिलनाडु की यात्रा को और मजबूत करेगा। आने वाले चुनाव तमिलनाडु के लोगों में नया उत्साह पैदा करेंगे।

मोदी ने कहा कि डीएमके तमिलनाडु को पुरानी सोच में फंसा कर रखना चाहती है। डीएमके की फैमिली पॉलिटिक्स की वजह से यहाँ के यूथ को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है। इस पार्टी में आगे बढ़ने के लिए 3 क्राइटेरिया है। पहला- फैमिली पॉलिटिक्स, दूसरा- करप्शन और तीसरा एंटी तमिल कल्चर।

वेल्लोर रैली में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत आज दुनिया में एक शक्ति के रूप में उभर रहा है और मुझे खुशी है कि तमिलनाडु ने इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। तमिलनाडु ने इसे आगे बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत आगे बढ़ रहा है, तो विनिर्माण क्षेत्र में भारत को आगे ले जाने में तमिलनाडु की कड़ी मेहनत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुझे विश्वास है कि तमिलनाडु में बन रहा डिफेंस कॉरिडोर इस राज्य को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस और डीएमके पार्टी की सरकार ने कई दशक पहले कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका को दे दिया। किस कैबिनेट में ये निर्णय हुआ? किसके फायदे के लिए ये फैसला हुआ? इस पर कॉन्ग्रेस की बोलती बंद है। बीते वर्षों में उस द्वीप के पास जाने पर तमिलनाडु के हजारों मछुआरे गिरफ्तार हुए हैं। उनकी नौकाएँ जब्त कर ली गई हैं। गिरफ्तारी पर कॉन्ग्रेस और डीएमके झूठी हमदर्दी दिखाते हैं, लेकिन ये लोग तमिलनाडु के लोगों को ये सच नहीं बताते हैं कि कच्चातिवु द्वीप इन लोगों ने स्वयं श्रीलंका को दे दिया और तमिलनाडु की जनता को अंधेरे में रखा था।

पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ऐसे मछुआरों को निरंतर रिहा कराकर वापस ला रही है। इतना ही नहीं 5 मछुआरों को श्रीलंका ने फाँसी की सजा दे दी थी। मैं उनको भी जिंदा वापस लेकर आया था। डीएमके और कॉन्ग्रेस सिर्फ मछुआरों के नहीं बल्कि देश के भी गुनहगार हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि सैंड स्मगलर्स ने 2 साल में राज्य का 4600 करोड़ रुपए का नुकसान किया है। पूरे राज्य में लूट का खेल चल रहा है। हम केंद्र सरकार से राज्य के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए भेजते हैं। ये पैसा डीएमके के करप्शन के भेंट चढ़ जाता है। डीएमके ने राज्य के भविष्य और छोटे बच्चो को नहीं छोड़ा। स्कूल में भी ड्रग्स कारोबार है। एनसीबी ने जिस ड्रग लॉर्ड को गिरफ्तार किया है। उसके संबंध स्टालिन फैमिली से है। इन चुनाव में तमिलनाडु की जनता डीएमके के पापों का हिसाब करेगी।

देवी प्रतिमा विसर्जित करने जा रहे लोगों पर मुस्लिम भीड़ का हमला, बंगाल पुलिस ने पीड़ित हिंदुओं पर भी किया केस: BJP बोली- श्रीराम का भजन बजाने पर बनाया निशाना

पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में सोमवार (8 अप्रैल, 2024) को देवी प्रतिमा विसर्जित करने जा रहे हिन्दू भक्तों पर मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया। यह लोग रक्षा काली की प्रतिमा नदी में विसर्जित करने जा रहे थे, इनमें कुछ भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल थे। बंगाल पुलिस ने इस मामले में पीड़ितों पर ही FIR दर्ज कर दी।

भाजपा ने इस मामले में कहा कि विसर्जन के दौरान भगवान श्रीराम के भजन बजाए जाने पर उसके कार्यकर्ताओं और बूथ अध्यक्ष पर जानलेवा हमला किया गया। पार्टी ने बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर राजनीतिक आतंकवाद का आरोप लगाया है।

भाजपा ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “ममता के भतीजे और उनके गुंडों के राजनीतिक आतंकवाद के लिए प्रसिद्ध रही इस जगह में खूब दंगे हो रहे हैं।” इस मामले में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाई पड़ता है कि लोगों के घरों में आग लगी है, इससे धुआँ और लपटें निकल रही हैं।

सिंघा वाहिनी के अध्यक्ष और भाजपा नेता देवदत्त माजी ने आरोप लगाया कि TMC के ब्लॉक अध्यक्ष एसके शमीम द्वारा इस यात्रा पर हमला करने के लिए मोटरसाइकिलों पर 100 से अधिक मुस्लिमों को भेजा गया था। माजी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ”साफ़ तौर पर यह एक पूर्व नियोजित हमला था।” उन्होंने कहा कि एसके जहाँगीर खान द्वारा फाल्टा से सरिशा की ओर जिहादियों की पूरी फ़ौज भी भेजी गई थी।

भाजपा के आईटी विभाग के मुखिया अमित मालवीय ने इस घटना की तुलना 2019 से की। उन्होंने कहा कि 2019 में डायमंड हार्बर के बागाखाली ब्लाक में मस्जिदों से हिन्दुओं पर हमले का ऐलान किया गया था, इसके बाद भारी हिंसा हुई थी।

उन्होंने लिखा, “चुनाव से ठीक पहले यही खेल दोहराया जा रहा है, ताकि ममता बनर्जी के भतीजे की चुनाव जीत सुनिश्चित हो। दिल्ली में हो रहा TMC का ड्रामा इस हिंसा को छुपाने के लिए है, जिसे एकदम सफाई के साथ अंजाम दिया जा रहा है। 17 अप्रैल को रामनवमी से पहले खुद ममता बनर्जी ने भी पिछले साल की तरह हिंसा की चेतावनी दी है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने बाद में इस मामले को NIA को सौंप दिया और TMC से जुड़े कई दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया।”

अमित मालवीय ने चुनाव आयोग से इस मामले में ध्यान देने की अपील की। उन्होंने माँग की कि यहाँ अतिरिक्त केन्द्रीय सुरक्षा बल तैनात किए जाएँ। हालाँकि, पश्चिम बंगाल की पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है कि हिन्दू जुलूस पर हमला हुआ था। बंगाल पुलिस ने दावा किया कि यह घटना गाली-गलौज को लेकर दो समूहों के बीच हुई लड़ाई की है।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक्स पर लिखा,”डायमंड हार्बर थाने के अंतर्गत सरिशा क्षेत्र में कल रात हुई एक घटना के बारे में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर झूठी सूचना फैलाई जा रही है। मामले की सच्चाई यह है कि गाली गलौज को लेकर दो समूह आपस में लड़े थे। बड़े अधिकारियों की सीधी निगरानी के कारण यह तनाव शांत हो गया। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यहाँ किसी भी धार्मिक जुलूस में तोड़फोड़ नहीं हुई है, जैसा कि दावा किया गया है।”

पश्चिम बंगाल पुलिस ने कहा कि सांप्रदायिक भावनाएँ भड़काने की कोशिश करने वालों से कानूनन सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस ने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। गौरतलब है कि हमले के कथित पीड़ित भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। देवदत्त माजी ने 12 भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज FIR की जानकारी साझा की है, उन्होंने कहा है कि इनमें से दो को गिरफ्तार भी किया गया है।

माजी ने एक्स पर FIR की जानकारी भी दी। उन्होंने लिखा, “F.I.R नंबर 156/2024 डायमंड हार्बर थाना U/S 143/147/153A/295A/435/436/307/34 IPC और 9MPO अधिनियम।” इस FIR में 12 व्यक्तियों के नाम हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा इस मामले में नामजद किए गए लोगों के नाम राजेश हलदर, सरबन घोष, उत्तम बाग, अनिंदा हलदर, निताई मंडल, कृष्णा सरदार, बुद्धदेब बाग, कार्तिक, अयान दत्ता, सोमनाथ हलदर, सौरव हलदर और राजकुमार सरदार हैं।

एक्स पर पश्चिम बंगाल पुलिस की कहानी पर माजी ने पलटवार करते हुए कहा कि जिन भी हिंदुओं पर मामला दर्ज किया गया है, वे हिंदुत्व के लिए काम करने वाले और भाजपा बूथ कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में भी उत्तम बाग नाम के भाजपा कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया था, उनके साड़ी शोरूम और मोटरसाइकिल शोरूम पर हमला किया गया था, साड़ियाँ चुरा ली गई थीं और नकद पैसे भी चुरा लिए गए थे।”

माजी ने कहा कि उत्तम बाग को फिर गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि वह इसमें शामिल नहीं है। माजी ने कहा कि पुलिस रात 2 बजे उनके आवास पर पहुंची और लगभग एक घंटे तक उनके घर पर छापेमारी की, जिससे परिवार सदमे में आ गया और उनके पड़ोसी भी डर गए। पुलिस ने बहुत बवाल किया।

माजी ने 2021 की तस्वीरें भी साझा कीं जिसमें उत्तम बाग के शोरूम खराब हालत में दिखता है। उन्होंने उत्तम बाग के घर में पुलिस की हाल ही में हुई छापेमारी का एक CCTV वीडियो भी साझा किया। इसके अलावा एक और भाजपा कार्यकर्ता के घर पर भी छापा मारा गया। यह भाजपा कार्यकर्ता डेढ़ साल के एक बच्चे का पिता है जो कि एक बीमारी से पीड़ित है। जब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया तो वह बच्चे के लिए दूध लेने गए थे।

माजी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस दोनों भाजपा कार्यकर्ताओं को बेरहमी से पीट रही है। माजी ने बताया कि यहाँ स्थिति बहुत गंभीर है। एक तरफ जिहादियों का अत्याचार है तो दूसरी तरफ ममता और अभिषेक बनर्जी की पुलिस का अत्याचार कर रही है। उन्होंने बताया कि पूरा गाँव डरा हुआ है और हिंदू युवक गाँव छोड़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC अध्यक्ष ममता बनर्जी ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है।

सावन में मटन, नवरात्रि में मछली… लालू फैमिली की नीयत पर उठे सवाल: नेटिजन्स बोले- मुस्लिमों को खुश करने के लिए तेजस्वी यादव ने डाला वीडियो

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता व बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने ट्विटर पर मछली खाते हुए वीडियो पोस्ट की है। उन्होंने अपनी वीडियो के साथ बताया है कि ये 8 अप्रैल 2024 की है। इस वीडियो में तेजस्वी यादव खाई हुई मछली के कांटे के साथ बार-बार अपनी थाली दिखाते हैं। उनकी वीडियो देखने के बाद हिंदू आहत हैं। सवाल हो रहा है कि क्या ये जानते हुए कि हिंदू लोग नवरात्रि में मांस का सेवन नहीं करते, ये सब मुस्लिम वोटर्स को खुश करने के लिए किया जा रहा है, जैसा उनके पिता लालू यादव ने सावन के समय में मटन खाकर किया था। भाजपा ने भी तेजस्वी के हिंदू होने पर सवाल खड़े किए हैं।

वीडियो में क्या है

बता दें कि तेजस्वी यादव ने 9 अप्रैल 2024 को अपने एक्स अकॉउंट पर एक वीडियो शेयर की थी। इस वीडियो में वो अपने दिन की व्यस्तता बताते हुए मछली दिखा रहे थे। वीडियो में उन्हें कहते सुना गया था, “पूरे दिन हम प्रचार किए हैं। हम लोगों को अब यही 10-15 मिनट मिला है कि हम लोग लंच कर सकें। आज मुकेश जी खाना लाए हैं, मछली लाए हैं जो एक कांटे की है। बहुत ही स्वादिष्ट खाना है। साथ में रोटी है, नमक है, प्याज है और हरी मिर्च है। मुकेश जी को मछली खिलाने के लिए धन्यवाद।”

इसके बाद विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश साहनी इस वीडियो में बताते दिखते हैं कि ये मछली मिथिलांचल में कोसी नदी में पाई जाती है। इसे चेचरा मछली कहते हैं। जो भी समय मिल रहा है उस दौरान हम हेलिकॉप्टर में ही लंच कर ले रहे हैं। आगे वह वीडियो में मछली के साथ मिर्जी दिखाते हुए कहते हैं, “इस वीडियो को देखने के बाद कुछ लोगों को मिर्ची लगेगा, वो मिर्ची हमसे माँग लें। हम लोग निश्चित रूप से सामाजिक न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।”

भाजपा ने उठाए सवाल

तेजस्वी की 3 मिनट की वीडियो को देख हिंदू भड़के हुए हैं। कहा जा रहा है कि ऐसा जानबूझकर तेजस्वी ने किया है ताकि उनके मुस्लिम वोटर्स को इससे खुशी मिले और हिंदू आहत हों। इसी मामले पर भाजपा नेताओं ने भी राजद को घेरा है।

विजय सिन्हा ने कहा, “ये लोग सनातनी बनना चाहते हैं लेकिन सनातनी संस्कार सीख नहीं पाए… सावन में मटन खाते हैं और नवरात्र में मछली खाना, वोट के लिए इतना गिर गए हैं ये लोग, धर्म, संस्कार को लज्जित करते हैं। ये लोग धर्म का अपमान करते हैं।”

वहीं गिरिराज सिंह ने कहा, “तेजस्वी जी सीजनल सनातनी हैं, तुष्टिकरण के पोषक हैं। जब इनकी सरकार थी तो वोट की खातिर इनके पिताजी ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को अवैध तरीके से बसाया। काफी संख्या में ऐसे लोग आए थे। ये वोट के सौदागर नहीं हैं। न कि सनातन के पुजारी हैं। ये सनातन का लबादा ओढ़कर तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं।”

इसी तरह हिंदू भी उनकी वीडियो देख अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। जितेंद्र प्रताप लिखते हैं, “नवरात्रि में हिंदू लोग नॉनवेज नहीं खाते लेकिन सिर्फ मुसलमानों को खुश करने के लिए और यह दिखाने के लिए कि मैं हिंदू धर्म के रीति रिवाज को नहीं मानता तेजस्वी यादव ने यह वीडियो डाला है।”

एक यूजर ने पूछा कि जब मछली खाई पिछले दिन थी, तो उसी दिन उसको पोस्ट करते। नवरात्रि के पहले दिन पोस्ट करके क्या साबित करना चाहते हैं।

सोनू कुमार लिखते हैं, “नवरात्रि में तेजस्वी यादव मछली खा रहे हैं, बड़ी शान से वीडियो बनाकर हिंदू को दिखा रहे हैं, ये हिंदू की भावना को आहत करना है।”

गौरतलब है कि अभी पिछले ही साल लालू यादव का सावन पर मटन खाने का फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। उस समय भी हिंदुओं की नाराजगी इसी बात से थी कि आखिर ये लोग सावन के पवित्र महीने में मटन खाकर, उसकी तस्वीरें खिंचाकर क्या साबित करना चाहते हैं। तस्वीर में मीसा भारती के दिल्ली आवास पर राहुल गाँधी के साथ लालू यादव मटन खाते दिखे थे।

भविष्य देखना है तो भारत आइए, मैं भाग्यशाली जो मुझे मिल रहा यह मौका: अमेरिकी राजदूत एरिक गारसेटी, कहा- हम यहाँ नसीहत देने नहीं, सीखने आते हैं

नई दिल्ली में अमेरिका के राजदूत एरिक गारसेटी ने कहा है कि अगर कोई भविष्य को देखना और महसूस करना चाहता है तो उसे भारत आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत में अमेरिका का राजदूत बन कर अपने आप को भाग्यशाली मानते हैं।

अमेरिका के राजदूत एरिक गारसेटी ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा,”यदि आप भविष्य देखना चाहते हैं, तो भारत आइए। यदि आप भविष्य को महसूस करना चाहते हैं, तो भारत आइए। यदि आप भविष्य पर काम करना चाहते हैं, तो भारत आइए। अमेरिकी दूतावास के मुखिया के रूप में हर दिन ऐसा करने में मैं सक्षम हूँ और इस कारण से अपने को मैं भाग्यशाली मानता हूँ।”

उन्होंने यह भी कहा कि हम यहाँ (भारत में) लोगों को नसीहत देने नहीं बल्कि समझने और सीखने आते हैं। गारसेटी ने यहाँ स्वामी विवेकानंद भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका में ‘उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक संघर्ष करो’ का संदेश दिया था, हमें भी बेहतर भविष्य के लिए यही करना होगा।”

अमेरिकी राजदूत के अलावा इस कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवान भी शामिल हुए। उन्होंने और अमेरिका के रिश्तों को लेकर कहा, “अमेरिका और BRICS समूह के सदस्य भारत के बीच तकनीक समेत तमाम क्षेत्रों में सहयोग ऊँचाइयों पर पहुँचा हैं।”

गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के रिश्तों में उतार चढ़ाव देखने को मिले हैं। इन उतर चढ़ावों की बड़ी वजह खालिस्तानी आतंकवादी गुरवतपन्त सिंह पन्नू है। उसको मारने के प्रयास का आरोप खुफिया एजेंसियों पर लगा था, इसको लेकर दोनों देश जाँच कर रहे हैं।

अमेरिकी राजदूत गारसेटी को भी लेकर भारत में मिश्रित भाव देखने को मिला है। कुछ क्षेत्रों में उनके कार्यकाल के दौरान काफी प्रगति हुई है जबकि उनकी कुछ टिप्पणियों को लेकर विवाद भी हुआ है। पन्नू मामले को लेकर उन्होंने सीमा ना लांघने वाला बयान दिया था जिस पर काफी विवाद हुआ था।

राहुल गाँधी जिसे बताते हैं ‘मोदी का यार’, उस ओवैसी के खिलाफ कैंडिडेट नहीं देगी कॉन्ग्रेस: तेलंगाना के पार्टी महासचिव बोले- वोटों का बँटवारा रोकने को करेंगे समर्थन

लोकसभा चुनाव 2024 में कॉन्ग्रेस पार्टी हैदराबाद में अपना उम्मीदवार नहीं देगी। यह बात तेलंगाना कॉन्ग्रेस के महासचिव ने कही है। उन्होंने कहा है कि वोटों का बँटवारा रोकने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी का समर्थन करेगी।

कॉन्ग्रेस नेता फिरोज खान ने यह बात ऐसे समय में कही है, जब इस बार हैदराबाद लोकसभा सीट से AIMIM के मुखिया की राह मुश्किल बताई जा रही है। बीजेपी ने यहाँ से माधवी लता को उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें उनके समर्थक ‘हिंदू शेरनी’ कहते हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि आज ओवैसी के खिलाफ कैंडिडेट नहीं देने की बात करने वाली कॉन्ग्रेस उन्हें ‘बीजेपी का बी-टीम’ बताती रही है। कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ओवैसी को ‘मोदी का यार’ कहते रहे हैं।

कॉन्ग्रेस ने किया ओवैसी को समर्थन देने का ऐलान

टाइम्स नाउ से बातचीत में तेलंगाना प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के महासचिव और हैदाराबाद लोकसभा सीट से साल 2019 में लोकसभा चुनाव हार चुके कॉन्ग्रेस नेता मोहम्मद फिरोज खान ने इस बात का ऐलान किया। उन्होंने कहा, “हैदराबाद में दो लोकसभा सीटें हैं, सिकंदराबाद और हैदराबाद लोकसभा। मेरा निर्वाचन क्षेत्र सिकंदराबाद में है, हैदराबाद में नहीं। हैदराबाद में ओवैसी जीतेंगे, क्योंकि AIMIM और कॉन्ग्रेस पार्टी के बीच ‘कॉम्प्रोमाइज’ हो गया है, असदुद्दीन निश्चित तौर पर हैदराबाद जीतेंगे।” बता दें कि तेलंगाना में कॉन्ग्रेस ने 17 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है, लेकिन हैदराबाद सीट को लेकर चुप्पी साध रखी है।

बीजेपी प्रत्याशी माधवी लता की प्रतिक्रिया

कॉग्रेस द्वारा असदुद्दीन ओवैसी को समर्थन देने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए हैदराबाद से बीजेपी उम्मीदवार कोम्पेला माधवी लता ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “कॉन्ग्रेस AIMIM के साथ गठबंधन, लेकिन दावा यह कि वो बीजेपी की बी टीम है। सीपीआई बंगाल में INDI गठबंधन का हिस्सा है, लेकिन केरल में नहीं। AAP दिल्ली में गठबंधन है, लेकिन पंजाब में नहीं। कॉन्ग्रेस के साथ समस्या यह है कि उसे यह स्पष्ट नहीं है कि क्या करना है। कॉन्ग्रेस मुक्त भारत = प्रगति युक्त भारत।”

कॉन्ग्रेस के भीतर उठा विरोध, तहसीन पूनावाला ने जताई नाराजगी

हैदराबाद लोकसभा सीट पर असदुद्दीन ओवैसी को समर्थन देने पर कॉन्ग्रेस के भीतर ही नाराजगी दिख रही है। महत्वपूर्ण मुद्दों पर कई बार पार्टी से अलग लाइन लेने वाले राजनीतिक विश्लेषक एवं कॉन्ग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “अभी तक कॉन्ग्रेस पार्टी की तरफ से आधिकारिक बयान नहीं आया है कि वो जनाब असदुद्दीन ओवैसी को हैदराबाद लोकसभा सीट पर ‘फ्री रन’ देगी। हालाँकि कॉन्ग्रेस अगर ओवैसी साहब के खिलाफ उम्मीदवार न उतारने का फैसला लेती है, तो ये अपराध करने जैसा होगा। ऐसा करना कॉन्ग्रेस के लिए बड़ी भूल साबित होगी, जो अंतत: कॉन्ग्रेस की ताकत खत्म कर देगी।”

उन्होंने आगे लिखा, “असदुद्दीन ओवैसी पर कभी विश्वास नहीं किया जा सकता। उनका मिशन है कॉन्ग्रेस को बर्बाद करना। उन्होंने हमेशा राहुल गाँधी जी का मजाक उड़ाया है और बेईज्जती की है। अगर कॉन्ग्रेस पार्टी ओवैसी को समर्थन देती है, तो मैं इसके बिल्कुल खिलाफ हूँ। अगर कॉन्ग्रेस पार्टी नफरत के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है, तो फिर लड़ाई लड़कर ही अंतर पैदा किया जा सकता है। असदुद्दीन ओवैसी और उनकी जहरीली राजनीति वापस लोकसभा में नहीं पहुँचनी चाहिए। कॉन्ग्रेस पार्टी की असदुद्दीन ओवैसी जैसे सांसद को हराना एक जिम्मेदारी भी है।”

राहुल ने ओवैसी को कहा था ‘मोदी का यार’

बता दें कि कुछ माह पहले ही हुए तेलंगाना के विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। उस चुनाव के दौरान राहुल गाँधी ने असदुद्दीन ओवैसी और तेलंगाना के तत्कालीन मुख्यमंत्री केसीआर को पीएम मोदी का यार कहा था। तेलंगाना में केसीआर की बीआरएस और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM का गठबंधन है।

बता दें कि हैदाबाद सीट पर असदुद्दीन ओवैसी का सीधा मुकाबला बीजेपी की प्रत्याशी माधवी लता से है। हैदराबाद की हिंदू शेरनी कही जाने वाली माधवी लता पहली बार चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन राजनीतिक हलकों में ये बाद उठ रही है कि वो असदुद्दीन ओवैसी पर सीधे मुकाबले में भारी पड़ रही हैं। माधवी लता हैदराबाद की जानी-मानी समाजसेविका हैं और उनके नाम की अब पूरे देश में चर्चा हो रही है। बहरहाल, तेलंगाना कॉन्ग्रेस ने ओवैसी के समर्थन की जो घोषणा की है, उस पर अभी कॉन्ग्रेस के हाई कमान की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। हैदराबाद लोकसभा सीट पर कॉन्ग्रेस अगर ओवैसी को समर्थन देती है, तो इसका असर पूरे देश की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।

सुप्रीम कोर्ट पहुँचे CM केजरीवाल, AAP पर भी चल सकता है मनी लॉन्ड्रिंग का केस: तिहाड़ में मुलाकात की भगवंत मान और संजय सिंह को नहीं मिली अनुमति

दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी और शराब घोटाला मामले में तिहाड़ में बंद इसके संयोजक अरविन्द केजरीवाल की मुश्किलों में इजाफा कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि राजनीतिक दल पर भी पैसे की हेराफेरी के अंतर्गत (PMLA) मुकदमा चल सकता है। CM केजरीवाल से मिलने की अनुमति भी राज्यसभा सांसद संजय सिंह और पंजाब CM भगवंत मान को नहीं दी गई है। CM केजरीवाल ने अब गिरफ्तारी को रद्द करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार (9 अप्रैल, 2024) को ED द्वारा CM केजरीवाल की गिरफ्तारी को वैध ठहराया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी कहा था कि वो कठोर रूप से दिल्ली में शराब नीति बनाने और घूस माँगने में व्यक्तिगत रूप से शामिल हैं, साथ ही AAP के संयोजक के रूप में भी वो इस अपराध में शामिल हैं।

इसी निर्णय में हाई कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक दलों पर भी कम्पनियों की तरह ही मनी लॉड्रिंग कानून के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है। ऐसे में कम्पनी या राजनीतिक दल का मुखिया दोषी होगा। आम आदमी पार्टी के मामले में केजरीवाल पार्टी के संयोजक हैं, अतः वही इस मामले में जिम्मेदार भी होंगे।

हाई कोर्ट ने इस निर्णय का आधार कम्पनी और राजनीतिक दल की परिभाषा को बनाया है। कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक दल और कम्पनी, दोंनो ही लोगों का संगठन हैं, ऐसे में राजनीतिक दल भी PMLA के तहत लाए जा सकते हैं।

वहीं तिहाड़ प्रशासन ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली CM अरविन्द केजरीवाल से मिलने की अनुमति देने से मना कर दिया है। तिहाड़ प्रशासन ने कहा है कि वह सुरक्षा कारणों के चलते ऐसा नहीं कर सकता।

इससे पहले दोनों AAP नेताओं को बुधवार (10 अप्रैल, 2024) को दोपहर 1 बजे CM केजरीवाल से मिलने का समय दिया गया था। अब तिहाड़ प्रशासन उन्हें दूसरा समय उपलब्ध करवाएगा। सांसद संजय सिंह दिल्ली शराब घोटाला में हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आए हैं।

CM केजरीवाल ने ED गिरफ्त को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा वैध ठहराए जाने के निर्णय के विरुद्ध अब सुप्रीम कोर्ट का रास्ता अख्तियार किया है। CM केजरीवाल ने इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह तुरंत सुनवाई करे। इस पर बुधवार (10 अप्रैल, 2024) को निर्णय होगा।

इससे पहले 21 मार्च, 2024 को गिरफ्तार होने के बाद भी CM केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट पहुँचे थे लेकिन बाद उन्होंने यह याचिका वापस ले ली थी। उन्होंने इसके बाद ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट का रुख किया था जिसमें उन्हें राहत नहीं मिली थी।

गौरतलब है कि दिल्ली शराब घोटाला में 21 मार्च, 2024 को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। उन्होंने कोर्ट ने वर्तमान में 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा हुआ है।

लोगों को इकट्ठा कर सरकारी स्कूल का टीचर करवा रहा था ‘मसीहत की संगति’, हिन्दू कार्यकर्ताओं को देख अफरातफरी मची: पकड़े जाने पर बोला- धर्मान्तरण नहीं करवाया

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में ईसाई धर्मान्तरण के प्रयास का मामला सामने आया है। यहाँ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ताओं ने एक शिक्षक सहित 3 लोगों को पकड़ का पुलिस के हवाले किया है। इन सभी पर आरोप है कि ये महिलाओं और बच्चों को बाइबिल पढ़ा रहे थे। मौके से ईसाई धर्म के साहित्य भी मिलने का दावा किया जा रहा है। घटना रविवार (7 अप्रैल 2024) की है। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना फर्रुखाबाद जिले के थानाक्षेत्र मेरापुर की है। रविवार को यहाँ के क़ुरार गाँव में हिन्दू संगठनों को कुछ बाहरी और संदिग्ध लोगों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस सूचना पर धर्म जागरण जिला प्रमुख दिनेश सिंह तोमर अपने कुछ सहयोगियों के साथ सुबह 11 बजे गाँव में पहुँचे। उन्होंने पाया कि एक घर में कई लोगों की मौजूदगी थी और वहाँ ढोलक पर संगीत का कार्यक्रम हो रहा था। हिन्दू संगठन के सदस्यों को देखते ही सभास्थल पर अफरातफरी मच गई।

दिनेश सिंह तोमर ने पुलिस में शिकायत देते हुए बताया है कि जिस घर में ढोलक पर संगीत बज रहा था वहाँ 12 महिलाएँ और 7 पुरुष बाहर से बुलाए गए थे। इनके साथ नाबालिग उम्र के कुछ बच्चे भी घर में मौजूद थे। आरोप है कि इन सभी को ईसाई बनाने की तैयारी थी। इन्हें बाइबिल पढ़ाई जा रही थी। मौके पर 2 बाइबिल और बैंकों के 3 चेक मिलने का दावा किया जा रहा है। इन चेकों पर किसी के दस्तखत नहीं थे। हिन्दू संगठन के सदस्यों से सभा में मौजूद लोगों की बहस होनी शुरू हो गई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

जब हिन्दू संगठनों ने चल रहे कार्यक्रम के बारे में पूछा तो जवाब में इसे ‘मसीहत की संगति’ बताया गया। टीचर का नाम शिवप्रसाद बताया जा रहा है। वो मेरापुर के श्रीराम स्वरूप स्कूल में अध्यापक है। यह शिक्षक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले का निवासी है। हालाँकि पूछताछ में शिवप्रासद खुद को इलाहबाद का निवासी बताता दिख रहा है। ऑपइंडिया को मिले एक वीडियो में इंटर कॉलेज में पढ़ाने वाले शिवप्रसाद ने खुद पर लगे धर्मान्तरण के आरोपों से इंकार किया है।

शिव प्रसाद ने कहा कि उनकी पत्नी काफी बीमार थी तब लोगों ने उन्हें ईसाईयत के कार्यक्रमों में जाने की सलाह दी थी। शिवप्रसाद ने अपने पास ब्लैंक चेक मिलने की बात कबूल की है लेकिन इसे उन्होंने अपने निजी खर्चे के लिए बताया। अंत में शिवप्रसाद ने अपनी गलती की क्षमा भी माँगी है। वह फिलहाल फर्रुखबाद के सराय इलाके में रह रहा है। ऑपइंडिया के पास पुलिस में दी गई तहरीर मौजूद है।

हिन्दू संगठन के सदस्यों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुँची। शिकायत में यह भी बताया गया है कि इलाके में झाड़फूंक के नाम पर लम्बे समय से गरीबों के धर्मान्तरण करवाए जा रहे हैं। इन लोगों पर क्षेत्र में अन्धविश्वास फैलाने का भी आरोप है। बाहरी बताए जा रहे 3 लोगों को हिरासत में ले लिया था जिन्हे फिलहाल छोड़ दिया गया है। अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

स्वरा भास्कर से लेकर पूजा भट्ट तक के संपर्क में था हिंदू विरोधी दंगों वाला उमर खालिद, दिल्ली कोर्ट में पढ़ी गई व्हॉट्सएप चैट: ऑल्ट न्यूज, सुशांत सिंह, योगेंद्र यादव के भी नाम

दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों की साजिश रचने का आरोपित उमर खालिद बेल के लिए एक से दूसरी अदालतों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसके खिलाफ दायर आरोप पत्र और प्राप्त सबूत उसकी बेल याचिका मंजूर नहीं होने दे रहे। 9 अप्रैल 2024 को भी उसके मामले पर दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा कोर्ट में उसकी कई हस्तियों के साथ व्हॉट्सएप चैट पढ़ी गई।

इन चैट्स से खुलासा होता है कि उमर खालिद सोशल मीडिया से लेकर मीडिया में फर्जी का नैरेटिव तैयार करने के लिए सेलीब्रिटियों का सहारा लेता था। उसके संपर्क में वामपंथी स्वरा भास्कर के अलावा अभिनेत्री पूजा भट्ट, अभिनेता सुशांत सिंह समेत कई लोग थे। इसके अलावा अपने गढ़े नैरेटिव को हवा देने के लिए वो ऑल्ट न्यूज जैसे संस्थानों का भी सहारा लेता था।

जानकारी के मुताबिक जिन लोगों के साथ उमर खालिद की चैट सामने आई उसमें जिग्नेश मेवानी हैं। चैट में उमर खालिद अपने मतलब की ‘द वायर’ खबर को ज्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए जिग्नेश मेवानी को भेज रहा था और उसे कह रहा था कि वो लिंक ट्विटर पर साझा करे।

इसी तरह योगेंद्र यादव और पूजा भट्ट को मैसेज भेजकर उमर खालिद डॉ कफील पर ट्वीट करने की अपील कर रहा था। इसके अलावा उसने सुशांत सिंह को भी द क्विंट की रिपोर्ट भेजकर कहा था कि अभिनेता उसे अपने ट्विटर पर शेयर करें।

इन चैट्स से पता चलता है कि किस तरीके से उमर खालिद अधिक फॉलोवर्स वाले लोगों का इस्तेमाल अपने फर्जी के नैरेटिव को फैलाने के लिए कर रहा था। वो खुद उन्हें बताता था कि उन्हें कौन से लिंक ट्विटर पर साझा करने चाहिए ताकि उनके द्वारा उठाया मुद्दा गरमाए।

कोर्ट में ‘हम भारत के लोग’ नाम के व्हॉट्सएप ग्रुप का जिक्र भी अभियोजन पक्ष द्वारा किया गया। इसमें उमर कह रहा था कि ‘हम भारत के लोग’ को एक बयान जारी करके जामिया के छात्रों की गिरफ्तारी की निंदा करनी चाहिए। उसका कहना था कि अगर वो ऐसा करेंगे तो उनका पक्ष वायर, क्विंट वाले तो जरूर कवर करेंगे। बाद में वो उस लिंक को सोशल मीडिया के जरिए फैला देंगे।

इसी प्रकार से स्वरा भास्कर के साथ उमर खालिद की बात शाहीन बाग में समर्थन देने को लेकर हुई थी।

रसिका के साथ भी जामिया के मुद्दे पर उमर की बात हुई थी। संजुकता बासु के साथ भी खालिद ने द क्विंट की खबर पर चर्चा की थी। उमर खालिद ने ऑल्ट न्यूज के अर्चित से भी बात की थी कि वो लोग उसका पक्ष अपनी रिपोर्ट में दें।

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में चैट्स को पढ़ते हुए बताया कि किस तरह से उमर खालिद अपने संदेशों को व्यापक स्तर पर पहुँचाने के लिए इन लोगों से संपर्क करता था। ये भी बताया गया कि उसने जो दिल्ली कमिश्नर को पत्र लिखा था वो भी उसने मीडिया को पब्लिश किया था और बाद में वो लिंक फैलाया था। इतना ही नहीं, कोर्ट में खालिद के अब्बा का वीडियो भी चलाया गया जो कि आरफा खानुम के साथ था।

नोट: यह खबर मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है। इसे पूरा पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

चर्च के बाद अब ईसाइयों का यूथ संगठन भी आया आगे, दिखाएगा ‘द केरल स्टोरी’: लव जिहाद दिखाने वाली फिल्म पर बिलख रहे हैं लिबरल-वामपंथी

केरल के ईसाइयों का युवा संगठन ‘द केरल कैथोलिक यूथ मूवमेंट’ (KCYM) फिल्म द केरल स्टोरी को जगह-जगह पर दिखाएगा। KCYM ने यह निर्णय इडुक्की चर्च प्रशासन के समर्थन में लिया है। इससे पहले लव जिहाद और ISIS की भयावहता को दिखाने वाली इस फिल्म को इडुक्की और थामरस्सेरी चर्च प्रशासन ने बच्चों को दिखाया था।

मीडिया से बात करते हुए KCYM के डायरेक्टर पादरी जॉर्ज वेल्लाक्कुडियिल ने कहा, “हमने यह ऐलान इसलिए किया है क्योंकि द केरल स्टोरी दिखाने के बाद इडुक्की चर्च प्रशासन को मीडिया और अन्य लोगों ने परेशान कर रखा था। हम इसको लेकर शुक्रवार को अंतिम निर्णय लेंगे।”

गौरतलब है कि KCYM केरल के कैथोलिक ईसाई युवाओं का बड़ा संगठन है, इसके अंतर्गत तीन कैथोलिक मान्यताओं, लैटिन चर्च, साइरो मालाबार चर्च और साइरो मलनकारा चर्च के संगठन आते हैं। इसकी पला, थामरस्सेरीऔर थालास्सेरी यूनिट ने 13 अप्रैल के बाद द केरल स्टोरी के प्रसारण का निर्णय लिया है।

वेल्लाक्कुडियिल ने यह भी कहा कि भले ही केरल स्टोरी को एक काल्पनिक फिल्म कहा गया हो लेकिन हमने कई ईसाई लड़कियों को खराब रिश्तों से बचाया है। हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि लड़कियों को शादी के लिए धर्मांतरण को कहा जाता है और फिर उनके माता-पिता को भी उनसे नहीं मिलने दिया जा सकता।”

थामरस्सेरी क्षेत्र के KCYM अध्यक्ष रिचाल्ड जॉन ने इस मामले पर कहा कि इडुक्की में द केरल स्टोरी को एक बार और प्रदर्शित किया जाएगा और हमें चर्च के बड़े अधिकारियों का पूरा आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि उनका क्षेत्र मलप्पुरम और कोझिकोड में फैला हुआ है और यह फिल्म दिखाने के पीछे कोई राजनीतिक एंगल नहीं है।

द न्यू इन्डियन एक्सप्रेस से उन्होंने कहा, “हम अपने इलाके में ‘लव जिहाद’ होते हुए देख रहे हैं। गौरतलब है कि हमारे विभाग ने 325 धर्मांतरण के मामलों की पहचान की है। यह संख्या मुद्दे की गंभीरता को उजागर करती है।” KCYM के एक और पदाधिकारी अखिल सी जोस ने कहा कि जब इडुक्की चर्च प्रशासन के फिल्म को दिखाने के निर्णय की आलोचना की गई तो हमने इसे प्रसारित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हम बच्चों को प्रेम में आने वाले खतरे से बचाने के लिए यह फिल्म दिखा रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले साइरो मालाबार चर्च के इडुक्की प्रशासन ने इस फिल्म को 10वीं और 12वीं तक के बच्चों को दिखवाया था। इस दौरान उन्हें लव जिहाद पर पुस्तिकाएँ भी वितरित कीं। साथ ही उनसे कहा गया कि वह इस फिल्म की समीक्षा लिखें कि कैसे ये फिल्म बाकी फिल्मों से अलग है। इसके अलावा इस पुस्तिका में ये भी जानकारी थी कि किस तरह से लड़कियों को प्रलोभन देकर फँसाया जाता है। इसके अलावा साइरो मालाबार चर्च के थामारास्सेरी सूबा ने बच्चों को इस फिल्म को दिखाने का निर्णय लिया था।

गौरतलब है कि द केरल स्टोरी फिल्म को 5 मई ,2023 को रिलीज किया गया था। इस फिल्म की कहानी केरल में लड़कियों के लव जिहाद और फिर आंतक के मुंह में धकेले जाने को लेकर थी। इस फिल्म का तब भी वामपंथी और लिबरलों ने खूब विरोध किया था। फिल्म पर पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रतिबंध भी लगाया था। यह प्रतिबंध सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया था। इस फिल्म को दर्शकों ने काफी सराहा था और इसे बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी कमाई हुई थी। इस फिल्म ने लगभग ₹300 करोड़ की कमाई की थी।

बागेश्वर बाबा की तस्वीर लगाई, अपशब्द लिखे, दी ‘सर तन से जुदा’ की धमकी: बरेली पुलिस ने फैज रजा और सलमान को गिरफ्तार किया

बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के पीछे कट्टरपंथी हाथ धोकर पड़े हैं। अकेले यूपी के बरेली से ही ‘सर तन से जुदा’ की ख्वाहिश रखने वाले दो कट्टरपंथी मुस्लिम गिरफ्तार किए गए हैं, वो भी अलग-अलग मामलों में… मकसद साझा है, ‘सर तन से जुदा’।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरेली के आँवला इलाके के रहने वाले फैज रजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर धीरेंद्र शास्त्री का ‘सर तन से जुदा’ करने का पोस्ट डाला। इस पोस्ट में बाकायदा म्यूजिक और डॉयलॉग भी था। फैज रजा के खिलाफ हिंदू संगठन एकजुट हो गए और प्रशासन से कार्रवाई की माँग की, जिसके बाद फैज रजा को पुलिस ने पकड़ लिया।

जानकारी के मुताबिक, बरेली के आँवला कोतवाली में सैकड़ों की संख्या में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इकठ्ठा होकर एक शिकायती पत्र सौंपा। शिकायती पत्र में कहा गया है कि हिंदू सनातन धर्म के गुरु पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की फोटो लगाकर अशोभनीय तरह से एडिट कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। जिसमें सिर तन से जुदा का ऑडियो भी लगाया गया है।

राष्ट्रीय बजरंग दल के आंवला जिला अध्यक्ष पवन ने बताया कि फैज राजा ने फेसबुक पर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का फोटो लगाकर उनका सिर तन से जुदा करने और अपशब्द लिखते हुए स्टेट्स लगाया है। इसमें सिर तन से जुदा का गाना भी शामिल किया है। इससे माहौल खराब हो सकता है। पुलिस ने फैज रजा को गिरफ्तार कर लिया है। बरेली के वरीय पुलिस अधिकारी वीरेश कुमार ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने फैज की गिरफ्तारी की पुष्टि की।

वहीं, बरेली के ही इज्जतनगर के सलमान को भी धीरेंद्र शास्त्री का ‘सर तन से जुदा’ करने का शौक चढ़ा। इस मामले में भी पुलिस सक्रिय हुई और सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में भी हिंदू संगठनों ने कार्रवाई की माँग की थी।

सलमान ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया था। सलमान खान धीरेंद्र शास्त्री का सर काटने और जमीन में गाड़ने की धमकी दे रहा था, साथ ही उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल भी कर रहा था। इस मामले में लोगों की शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।