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स्वरा भास्कर से लेकर पूजा भट्ट तक के संपर्क में था हिंदू विरोधी दंगों वाला उमर खालिद, दिल्ली कोर्ट में पढ़ी गई व्हॉट्सएप चैट: ऑल्ट न्यूज, सुशांत सिंह, योगेंद्र यादव के भी नाम

दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों की साजिश रचने का आरोपित उमर खालिद बेल के लिए एक से दूसरी अदालतों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसके खिलाफ दायर आरोप पत्र और प्राप्त सबूत उसकी बेल याचिका मंजूर नहीं होने दे रहे। 9 अप्रैल 2024 को भी उसके मामले पर दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा कोर्ट में उसकी कई हस्तियों के साथ व्हॉट्सएप चैट पढ़ी गई।

इन चैट्स से खुलासा होता है कि उमर खालिद सोशल मीडिया से लेकर मीडिया में फर्जी का नैरेटिव तैयार करने के लिए सेलीब्रिटियों का सहारा लेता था। उसके संपर्क में वामपंथी स्वरा भास्कर के अलावा अभिनेत्री पूजा भट्ट, अभिनेता सुशांत सिंह समेत कई लोग थे। इसके अलावा अपने गढ़े नैरेटिव को हवा देने के लिए वो ऑल्ट न्यूज जैसे संस्थानों का भी सहारा लेता था।

जानकारी के मुताबिक जिन लोगों के साथ उमर खालिद की चैट सामने आई उसमें जिग्नेश मेवानी हैं। चैट में उमर खालिद अपने मतलब की ‘द वायर’ खबर को ज्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए जिग्नेश मेवानी को भेज रहा था और उसे कह रहा था कि वो लिंक ट्विटर पर साझा करे।

इसी तरह योगेंद्र यादव और पूजा भट्ट को मैसेज भेजकर उमर खालिद डॉ कफील पर ट्वीट करने की अपील कर रहा था। इसके अलावा उसने सुशांत सिंह को भी द क्विंट की रिपोर्ट भेजकर कहा था कि अभिनेता उसे अपने ट्विटर पर शेयर करें।

इन चैट्स से पता चलता है कि किस तरीके से उमर खालिद अधिक फॉलोवर्स वाले लोगों का इस्तेमाल अपने फर्जी के नैरेटिव को फैलाने के लिए कर रहा था। वो खुद उन्हें बताता था कि उन्हें कौन से लिंक ट्विटर पर साझा करने चाहिए ताकि उनके द्वारा उठाया मुद्दा गरमाए।

कोर्ट में ‘हम भारत के लोग’ नाम के व्हॉट्सएप ग्रुप का जिक्र भी अभियोजन पक्ष द्वारा किया गया। इसमें उमर कह रहा था कि ‘हम भारत के लोग’ को एक बयान जारी करके जामिया के छात्रों की गिरफ्तारी की निंदा करनी चाहिए। उसका कहना था कि अगर वो ऐसा करेंगे तो उनका पक्ष वायर, क्विंट वाले तो जरूर कवर करेंगे। बाद में वो उस लिंक को सोशल मीडिया के जरिए फैला देंगे।

इसी प्रकार से स्वरा भास्कर के साथ उमर खालिद की बात शाहीन बाग में समर्थन देने को लेकर हुई थी।

रसिका के साथ भी जामिया के मुद्दे पर उमर की बात हुई थी। संजुकता बासु के साथ भी खालिद ने द क्विंट की खबर पर चर्चा की थी। उमर खालिद ने ऑल्ट न्यूज के अर्चित से भी बात की थी कि वो लोग उसका पक्ष अपनी रिपोर्ट में दें।

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में चैट्स को पढ़ते हुए बताया कि किस तरह से उमर खालिद अपने संदेशों को व्यापक स्तर पर पहुँचाने के लिए इन लोगों से संपर्क करता था। ये भी बताया गया कि उसने जो दिल्ली कमिश्नर को पत्र लिखा था वो भी उसने मीडिया को पब्लिश किया था और बाद में वो लिंक फैलाया था। इतना ही नहीं, कोर्ट में खालिद के अब्बा का वीडियो भी चलाया गया जो कि आरफा खानुम के साथ था।

नोट: यह खबर मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है। इसे पूरा पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

चर्च के बाद अब ईसाइयों का यूथ संगठन भी आया आगे, दिखाएगा ‘द केरल स्टोरी’: लव जिहाद दिखाने वाली फिल्म पर बिलख रहे हैं लिबरल-वामपंथी

केरल के ईसाइयों का युवा संगठन ‘द केरल कैथोलिक यूथ मूवमेंट’ (KCYM) फिल्म द केरल स्टोरी को जगह-जगह पर दिखाएगा। KCYM ने यह निर्णय इडुक्की चर्च प्रशासन के समर्थन में लिया है। इससे पहले लव जिहाद और ISIS की भयावहता को दिखाने वाली इस फिल्म को इडुक्की और थामरस्सेरी चर्च प्रशासन ने बच्चों को दिखाया था।

मीडिया से बात करते हुए KCYM के डायरेक्टर पादरी जॉर्ज वेल्लाक्कुडियिल ने कहा, “हमने यह ऐलान इसलिए किया है क्योंकि द केरल स्टोरी दिखाने के बाद इडुक्की चर्च प्रशासन को मीडिया और अन्य लोगों ने परेशान कर रखा था। हम इसको लेकर शुक्रवार को अंतिम निर्णय लेंगे।”

गौरतलब है कि KCYM केरल के कैथोलिक ईसाई युवाओं का बड़ा संगठन है, इसके अंतर्गत तीन कैथोलिक मान्यताओं, लैटिन चर्च, साइरो मालाबार चर्च और साइरो मलनकारा चर्च के संगठन आते हैं। इसकी पला, थामरस्सेरीऔर थालास्सेरी यूनिट ने 13 अप्रैल के बाद द केरल स्टोरी के प्रसारण का निर्णय लिया है।

वेल्लाक्कुडियिल ने यह भी कहा कि भले ही केरल स्टोरी को एक काल्पनिक फिल्म कहा गया हो लेकिन हमने कई ईसाई लड़कियों को खराब रिश्तों से बचाया है। हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि लड़कियों को शादी के लिए धर्मांतरण को कहा जाता है और फिर उनके माता-पिता को भी उनसे नहीं मिलने दिया जा सकता।”

थामरस्सेरी क्षेत्र के KCYM अध्यक्ष रिचाल्ड जॉन ने इस मामले पर कहा कि इडुक्की में द केरल स्टोरी को एक बार और प्रदर्शित किया जाएगा और हमें चर्च के बड़े अधिकारियों का पूरा आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि उनका क्षेत्र मलप्पुरम और कोझिकोड में फैला हुआ है और यह फिल्म दिखाने के पीछे कोई राजनीतिक एंगल नहीं है।

द न्यू इन्डियन एक्सप्रेस से उन्होंने कहा, “हम अपने इलाके में ‘लव जिहाद’ होते हुए देख रहे हैं। गौरतलब है कि हमारे विभाग ने 325 धर्मांतरण के मामलों की पहचान की है। यह संख्या मुद्दे की गंभीरता को उजागर करती है।” KCYM के एक और पदाधिकारी अखिल सी जोस ने कहा कि जब इडुक्की चर्च प्रशासन के फिल्म को दिखाने के निर्णय की आलोचना की गई तो हमने इसे प्रसारित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हम बच्चों को प्रेम में आने वाले खतरे से बचाने के लिए यह फिल्म दिखा रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले साइरो मालाबार चर्च के इडुक्की प्रशासन ने इस फिल्म को 10वीं और 12वीं तक के बच्चों को दिखवाया था। इस दौरान उन्हें लव जिहाद पर पुस्तिकाएँ भी वितरित कीं। साथ ही उनसे कहा गया कि वह इस फिल्म की समीक्षा लिखें कि कैसे ये फिल्म बाकी फिल्मों से अलग है। इसके अलावा इस पुस्तिका में ये भी जानकारी थी कि किस तरह से लड़कियों को प्रलोभन देकर फँसाया जाता है। इसके अलावा साइरो मालाबार चर्च के थामारास्सेरी सूबा ने बच्चों को इस फिल्म को दिखाने का निर्णय लिया था।

गौरतलब है कि द केरल स्टोरी फिल्म को 5 मई ,2023 को रिलीज किया गया था। इस फिल्म की कहानी केरल में लड़कियों के लव जिहाद और फिर आंतक के मुंह में धकेले जाने को लेकर थी। इस फिल्म का तब भी वामपंथी और लिबरलों ने खूब विरोध किया था। फिल्म पर पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रतिबंध भी लगाया था। यह प्रतिबंध सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया था। इस फिल्म को दर्शकों ने काफी सराहा था और इसे बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी कमाई हुई थी। इस फिल्म ने लगभग ₹300 करोड़ की कमाई की थी।

बागेश्वर बाबा की तस्वीर लगाई, अपशब्द लिखे, दी ‘सर तन से जुदा’ की धमकी: बरेली पुलिस ने फैज रजा और सलमान को गिरफ्तार किया

बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के पीछे कट्टरपंथी हाथ धोकर पड़े हैं। अकेले यूपी के बरेली से ही ‘सर तन से जुदा’ की ख्वाहिश रखने वाले दो कट्टरपंथी मुस्लिम गिरफ्तार किए गए हैं, वो भी अलग-अलग मामलों में… मकसद साझा है, ‘सर तन से जुदा’।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरेली के आँवला इलाके के रहने वाले फैज रजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर धीरेंद्र शास्त्री का ‘सर तन से जुदा’ करने का पोस्ट डाला। इस पोस्ट में बाकायदा म्यूजिक और डॉयलॉग भी था। फैज रजा के खिलाफ हिंदू संगठन एकजुट हो गए और प्रशासन से कार्रवाई की माँग की, जिसके बाद फैज रजा को पुलिस ने पकड़ लिया।

जानकारी के मुताबिक, बरेली के आँवला कोतवाली में सैकड़ों की संख्या में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इकठ्ठा होकर एक शिकायती पत्र सौंपा। शिकायती पत्र में कहा गया है कि हिंदू सनातन धर्म के गुरु पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की फोटो लगाकर अशोभनीय तरह से एडिट कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। जिसमें सिर तन से जुदा का ऑडियो भी लगाया गया है।

राष्ट्रीय बजरंग दल के आंवला जिला अध्यक्ष पवन ने बताया कि फैज राजा ने फेसबुक पर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का फोटो लगाकर उनका सिर तन से जुदा करने और अपशब्द लिखते हुए स्टेट्स लगाया है। इसमें सिर तन से जुदा का गाना भी शामिल किया है। इससे माहौल खराब हो सकता है। पुलिस ने फैज रजा को गिरफ्तार कर लिया है। बरेली के वरीय पुलिस अधिकारी वीरेश कुमार ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने फैज की गिरफ्तारी की पुष्टि की।

वहीं, बरेली के ही इज्जतनगर के सलमान को भी धीरेंद्र शास्त्री का ‘सर तन से जुदा’ करने का शौक चढ़ा। इस मामले में भी पुलिस सक्रिय हुई और सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में भी हिंदू संगठनों ने कार्रवाई की माँग की थी।

सलमान ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया था। सलमान खान धीरेंद्र शास्त्री का सर काटने और जमीन में गाड़ने की धमकी दे रहा था, साथ ही उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल भी कर रहा था। इस मामले में लोगों की शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

‘₹5 लाख दो या मुस्लिम बनो’: तालिब ने राकेश बनकर दलित लड़़की को फँसाया, रेप का अश्लील वीडियो बनाकर करने लगा ब्लैकमेल

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले से एक दलित लड़की के साथ लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ तालिब खाँ नाम के युवक ने अपना नाम राकेश रखकर पहले पीड़िता को प्यार के झाँसे में लिया, फिर उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान तालिब ने पीड़िता की अश्लील वीडियो बनाकर उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

आरोप है कि इस्लाम नहीं कबूलने की पर 22 साल के तालिब ने पीड़िता से 5 लाख रुपए की माँग की थी। आखिरकार इस मामले में तंग आकर लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तालिब के खिलाफ FIR दर्ज कर ली और रविवार (7 अप्रैल 2024) को उसे गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला शाहजहाँपुर जिले के थाना क्षेत्र सिंधौली का है। यहाँ शुक्रवार (5 अप्रैल 2024) के एक दलित लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु 10 साल पहले ही हो चुकी है। लगभग 2 साल पहले उसे एक युवक मिला, जिसने अपना नाम राकेश बताया था।

राकेश ने थोड़े समय की बातचीत में पीड़िता से दोस्ती कर ली। इसके बाद दोनों आपस में बातें करने लगे और फिर दोनों मिलने-जुलने लगे। इस दौरान आरोपित ने पीड़िता से रेप भी किया। इसी बीच राकेश ने पीड़िता के साथ कुछ व्यक्तिगत तस्वीरें भी खींच लीं। लगभग 4 माह पहले लड़की को पता चला कि जिसे वो राकेश समझ रही है वो असल में लखीमपुर खीरी जिले का रहने वाला तालिब खाँ है।

सच्चाई जानकर वो तालिब से दूरी बनाने लगी। अपनी पोल खुल जाने के बाद तालिब पीड़िता पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने लगा। जब पीड़िता ने इससे मना किया तो उसकी तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देने लगे। तालिब ने पीड़िता को बदनाम करके कहीं भी शादी लायक न छोड़ने जैसी बातें भी कहीं।

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पीड़िता द्वारा तालिब खान से ऐसा न करने की मिन्नतें की गईं। हालाँकि तालिब का दिल नहीं पसीजा। उलटे वो पीड़िता से 5 लाख रुपए की डिमांड करने लगा। अपनी शिकायत में लड़की ने तालिब खाँ पर कड़ी कार्रवाई की माँग उठाई है।

पुलिस ने 22 वर्षीय तालिब खाँ पर FIR दर्ज कर के उसकी तलाश शुरू कर दी। उस पर IPC की धारा 384, 376 और 506 के अलावा SC/ST एक्ट में कार्रवाई की गई है। रविवार (7 अप्रैल) को तालिब को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई कर रही है।

फूलों की वर्षा, शास्त्रीय नृत्य, नादस्वरम की गूँज, पौराणिक पात्रों की वेशभूषा में लोग… चेन्नई में ब्लॉकबस्टर रहा PM मोदी का रोडशो, महिलाओं-बच्चों में दिखा उत्साह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लो कसभा चुनाव 2024 से पहले अपना पहला इंटरव्यू एक तमिल चैनल ‘Thanthi TV’ को दिया था। अब उन्होंने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में रोडशो किया। कुछ दिनों पहले पीएम मोदी सालेम भी पहुँचे थे, जहाँ वो दिवंगत भाजपा नेता ऑडिटर रमेश को श्रद्धांजलि देते समय भावुक हो गए थे। 52 वर्षीय ऑडिटर रमेश को 19 जुलाई, 2013 को उनके घर में घुस कर मुस्लिमों ने मार डाला था। अब चेन्नई में पीएम मोदी के रोडशो में मंगलवार (9 अप्रैल, 2024) को भारी भीड़ उमड़ी।

इस दौरान तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और कोयम्बटूर से भाजपा के सांसद प्रत्याशी K अन्नामलाई भी मौजूद थे। सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। लोगों ने स्वागत में उनके ऊपर पुष्पवर्षा की। कई लोग पौराणिक पात्रों के रूप में सज-धज कर पहुँचे थे, महिलाओं बच्चों को लेकर आई थीं और भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के झंडों के साथ मौजूद थे। ये यात्रा चेन्नई के पॉण्डी बाजार होकर भी गुजरी। पीएम मोदी ने काशी-तमिल संगम और सौराष्ट्र-तमिल संगम के जरिए तमिल संस्कृति का प्रचार-प्रसार करवाया।

कई महिला कलाकार इस दौरान नृत्य करती हुई भी दिखीं। पीएम मोदी ने चोल राजवंश के राजदंड ‘सेंगोल’ को सम्मान देते हुए उसे नई संसद की लोकसभा में स्थापित किया, जिसका इस्तेमाल आज़ादी के दौरान सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में किया गया था और फिर कॉन्ग्रेसी सरकारें इसे भूल गई थीं। तमिलनाडु में भाजपा इस बार AIADMK के साथ गठबंधन में नहीं है और 9 छोटे-छोटे राजनीतिक दलों के साथ वोटरों को साधने की कोशिश कर रही है।

चेन्नई में पीएम मोदी के रोडशो के दौरान कई कलाकार शास्त्रीय वाद्ययंत्र नादस्वरम बजाते हुए भी दिखे। पीएम मोदी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और मध्य प्रदेश के बालाघाट में रैलियाँ कर के चेन्नई रोडशो के लिए पहुँचे थे। इस दौरान सेन्ट्रल चेन्नई से भाजपा उम्मीदवार और पूर्व राज्यपाल तमिलसाई सुन्दरराजन भी उनके साथ मौजूद थीं। हाल में भाजपा अध्यक्ष JP नड्डा के अलावा राजनाथ सिंह, हरदीप सिंह पुरी और अनुराग सिंह ठाकुर भी तमिलनाडु का दौरा कर चुके हैं।

कोयम्बटूर और नीलगिरि सीटों को भाजपा 1998 और 99 में जीत चुकी है। विरुधुनगर से दिवंगत अभिनेता शरतकुमार की पत्नी राधिका भाजपा के टिकट पर लड़ रही हैं। चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2 किलोमीटर लंबा रोडशो पनगल पार्क से लेकर टेनाम्पेट तक चला। लगभग 45 मिनट तक वो जनता के बीच रहे। अगले ही दिन वेल्लोर और मेट्टुपलायनम में उनकी रैली होनी है। 12 अप्रैल के बाद पीएम मोदी फिर से तमिलनाडु का दौरा करेंगे।

छत्तीसगढ़ में ITBP ने जमींदोज किया नक्सलियों का ‘स्मारक’, टीलेनुमा आकृति पर लाल झंडा लगाकर घोषित करते थे अपना इलाका

भारतीय सुरक्षाबलों ने कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों में आतंकवाद एवं अलगाववाद की कमर तोड़ने के बाद मध्य भारत में नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार शुरू कर दिया है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की बटालियन ने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सलियों के उस निशान को तोड़ दिया, जिसे वे अपने इलाके के तौर पर दर्शाते थे। मंलगवार (9 अप्रैल 2024) को हुई इस कार्रवाई का ITBP ने वीडियो भी बनाया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

छत्तीसगढ़ ITBP ने इस कार्रवाई को अपने X हैंडल पर शेयर किया है। ITBP ने लिखा, “53वीं वाहिनी ने कस्‍तूरमेटा क्षेत्र, नारायणपुर (छत्तीसगढ़) के ईकपाड इलाके में वामपंथी उग्रवादियों के एक स्‍मारक को ध्‍वस्‍त किया।” शेयर किए गए वीडियो और तस्वीरों में लाल रंग के पक्के स्मारक पर कुछ जवान चढ़े दिख रहे हैं। इनके हाथों में हथौड़ी, गैंती, फावड़ा व अन्य औजार हैं। थोड़े समय के बाद ही यह स्मारक मलबे में तब्दील हो जाता है।

ऑपइंडिया ने इन स्मारकों के बारे में नक्सल क्षेत्र में तैनात CRPF के एक सीनियर अधिकारी से बात की। उन्होंने हमें बताया कि लगभग एक दशक पहले ऐसे स्मारक छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में हजारों की तादाद में हुआ करते थे। इन स्मारकों को वामपंथी अपने इलाके का प्रतीक के तौर पर बनवाते थे। इन स्मारकों के ऊपर नक्सली अपना लाल झंडा फहरा कर रखते थे।

अधिकारी ने आगे बताया कि धीरे-धीरे नक्सलियों का दमन हुआ और स्मारक भी खत्म होते चले गए। वर्तमान में ऐसे स्मारक न के बराबर हैं। उनका कहना है कि सुरक्षाबलों का मूवमेंट आगे बढ़ रहा है और जल्द ही ऐसे स्मारकों की तादाद शून्य हो जाएगी। अधिकारी ने इसके लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जागरूकता और सोच में बदलाव को प्रमुख कारण बताया।

गौरतलब है कि इसी सप्ताह CRPF के जवानों ने छत्तीसगढ़ के लाखापाल क्षेत्र में आने वाले गाँव केरलापेंडा में 23 साल से बंद पड़े एक मंदिर की साफ़-सफाई के बाद वहाँ पूजा-अर्चना शुरू करवाई है। तब ग्रामीणों ने बताया था कि कभी वहाँ श्रद्धालुओं का मेला लगता था, लेकिन नक्सलियों की वजह से धीरे-धीरे मेला बंद हो गया और मंदिर जर्जर होता चला गया।

एकता का गला रेता, समोसे में बीफ, कंडोम, पत्थर और गुटखा डाल कर खिलाया, आरफा खानम शेरवानी को दिक्कत – हमारे कौम वालों का नाम क्यों छापा? खुद हिन्दुओं को बताती हैं गुंडा

मीडिया का एक बड़ा वर्ग चाहता है कि किसी भी अपराध में अगर अपराधी मुस्लिम है तो उसकी पहचान छिपा ली जाए, किसी को उसका नाम या उसके मजहब के बारे में पता न चलने पाए। तभी तो मुस्लिमों द्वारा की जाने वाली हर हिंसा के बाद अपराधियों को ‘बेचारा’ साबित करने की कोशिश की जाती है और बताया जाता है कि आखिर वो ये सब करने को क्यों ‘मजबूर’ हुआ। इसी गिरोह की एक सदस्य हैं आरफा खानम शेरवानी नाम की, जो सोमोसे में कंडोम परोसने और हत्या जैसे मुद्दे पर अपराधियों की पहचान छिपाना चाहती हैं।

आगे बढ़ने से पहले 2 घटनाओं का जिक्र करते हैं। पहली घटना है महाराष्ट्र के पुणे की जहाँ रहीम शेख, अजहर शेख, मजहर शेख, फिरोज शेख और विक्की शेख ने समोसे में गुटखा, पत्थर और कंडोम डाल कर लोगों को खिला दिया। असल में एक कंपनी में समोसे की सप्लाई का कॉन्ट्रेक्ट उनसे छीन कर किसी और को दे दिया गया था, इसीलिए बदला निकालने के लिए उन्होंने ऐसा किया। जिस नई कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट मिला था, उन्हें बदनाम करना उनकी मंशा थी। नई कंपनी में अपने कर्मचारियों को प्लांट कर के ये सब करवाया गया।

दूसरी घटना है पंजाब के मोहाली की, जहाँ मुरादाबाद निवासी अनस कुरैशी ने अपनी प्रेमिका एकता की गला दबा कर हत्या कर दी। दोनों 4 वर्षों से रिलेशनशिप में थे। पड़ोसियों ने घर में जाकर देखा तो एकता का शव बिस्तर के नीचे खून से लथपथ पड़ा हुआ था। CCTV में देखा जा सकता है कि अनस कुरैशी रात के ढाई बजे घर में घुसता है एकता के आने कुछ देर बाद, तड़के सुबह 5 बजे निकल लेता है। एकता का परिवार उस समय जागरण में गया हुआ था। धारदार हथियार से गर्दन की दाहिनी तरफ वार कर के हत्या की गई थी।

अब आप बताइए, पहली घटना में शेखों के नाम या दूसरी घटना में अनस कुरैशी का नाम अगर कोई मीडिया संस्थान अपनी खबर में लिखता है तो इसमें उसकी क्या गलती है? अगर अपराध अब्दुल ने किया है तो क्या उसका नाम बदल कर ‘रमेश’ कर दिया जाए? वैसे भी नाम बदल कर हिन्दू युवतियों को फँसाने और फिर उनकी हत्या करने वाले ‘लव जिहादियों’ की संख्या कम नहीं है। आखिर मुस्लिम अपराधियों के प्रति इतनी दया दिखाए जाने की अपेक्षा क्यों रखी जाती है?

अब यहाँ सीन में आती हैं आरफा खानम शेरवानी। सीनियर एडिटर हैं ‘The Wire’ में, इसी से अंदाज़ा लगा लीजिए कि कितनी विश्वसनीय हैं। उन्हें अक्सर अपनी फोटोशॉप्ड तस्वीरें पोस्ट करने के लिए भी जाना जाता है। खैर, आरफा खानम शेरवानी ने उपर्युक्त दोनों खबरों का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “भारत के 2 मुख्य समाचारपत्र TOI (टाइम्स ऑफ इंडिया) और HT (हिंदुस्तान टाइम्स) ने कैसे 2 अलग-अलग अपराधों को बेशर्मी से मुस्लिमों को निशाना बनाते हुए कवर किया है।”

आरफा खानम शेरवानी ने आगे लिखा कि भारत के मुख्यधारा की मीडिया ही यहाँ की ‘रवांडा रेडियो’ है, दक्षिणपंथी कचरे नहीं। ‘रवांडा रेडियो’ वहाँ की सरकारी मीडिया एजेंसी है, जिस पर कई बार फर्जी खबरें फैलाने और घृणा का प्रसार करने के आरोप लगे हैं। ‘न्यूजलॉन्ड्री’ ने भी जून 2020 में एक लंबा-चौड़ा लेख लिख कर भारतीय मीडिया की तुलना ‘रवांडा रेडियो’ से की थी। यानी, भारत, जहाँ सैकड़ों मीडिया संस्थान हैं, वो इन चंद लोगों के हिसाब से खबरें चलाएँ – यही इनकी इच्छा है।

आप देखिए, आरफा खानम शेरवानी को दिक्कत अपराध करने वाले से नहीं है, दिक्कत इससे है कि मीडिया उस अपराध को कवर क्यों कर रहा है। आरफा खानम शेरवानी इस दौरान गुजरात के वड़ोदरा की एक खबर का जिक्र करना भूल गईं, जो इनसे मिलता-जुलता है। वहाँ युसूफ शेख समोसे में गोमांस भर कर बेचा करता था। इस मामले में 6 गिरफ्तार हुए हैं। अब इस मामले में भी आरफा खानम शेरवानी को लिख देना चाहिए कि युसूफ शेख का नाम मत लो, उसको ‘रामप्रसाद’ लिखो।

एकता नाम की जिस हिन्दू महिला का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया, उसके लिए आरफा के मन में कोई सहानुभूति नहीं है। इस हत्याकांड से उन्हें कोई समस्या नहीं है। समस्या है इससे कि हत्यारे का नाम क्यों लिख दिया गया। लोगों को पता कैसे चल गया कि ये ‘लव जिहाद’ है और हत्यारा मुस्लिम है। इन्हीं लोगों का पहले मीडिया में वर्चस्व था, जब बड़े-बड़े अख़बार भी मुस्लिमों के अपराध को ‘समुदाय विशेष’ लिख-लिख कर ढँकते थे। हिन्दुओं के मामले में आज तक कभी ऐसा नहीं लिखा गया।

वैसे आरफा खानम शेरवानी का ‘द वायर’ पहली खबर को इस तरह कवर कर सकता है – “हिन्दुओं ने समोसे में कंडोम, पत्थर और गुटखा भर कर खाया, फिर भी तानाशाही भाजपा सरकार ने मुस्लिमों को गिरफ्तार किया।” दूसरी खबर की हेडलाइन कुछ ऐसी हो सकती है, “महिला की लाश मिली, उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया – मोदी के भारत में प्रेम का गला घोंटा जा रहा है।” और हाँ, ये वही आरफा खानम शेरवानी हैं जो जब तक रोज हिन्दुओं को 10 बार गाली नहीं देती हैं तब तक उनका भोजन नहीं पचता है।

सोचिए, आरफा खानम शेरवानी ने उस CAA को ‘हिंदुत्व नागरिकता’ बताए जाने का समर्थन किया, जिसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारत में शरण एवं नागरिकता मिल रही है। कोई उनसे पूछे कि इसमें हिंदुत्व कहाँ से आ गया? उन्होंने कहा था कि कंगना रनौत जैसी सेलेब्रिटीज को ‘हिंदुत्व हीरोज’ के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। वो PM नरेंद्र मोदी को ‘हिंदुत्व राजनीति’ से जोड़ चुकी हैं। अयोध्या में बाबरी विध्वंस करने वालों को वो ‘हिंदुत्व भीड़’ कह कर संबोधित कर चुकी हैं।

यहाँ कहाँ चला जाता है आरफा खानम शेरवानी का ज्ञान? वो किसी इफ्तार पार्टी में हिस्सा लेती हैं तब भी हिंदुत्व को गाली देती हैं। हिन्दू धर्म की तुलना तालिबान से कर चुकी हैं। गाय के हत्यारों पर NSA लगाए जाने पर भी हिंदुत्व को गाली देती हैं। वामपंथी इतिहासकारों की पोल खोलने वालों को वो ‘हिंदुत्व इतिहासकार’ बता चुकी हैं। आरफा खानम शेरवानी भले मुस्लिम हैं, लेकिन हिन्दुओं को ही हिंदुइज्म और हिंदुत्व का अंतर समझाती हैं। हिंदुत्व को फासीवादी भी बता चुकी हैं।

मतलब, आरफा खानम शेरवानी बिना किसी बात के 100 बार हिन्दू धर्म को गाली दे तो ठीक, लेकिन समोसे में कंडोल, पत्थर और गुटखा डाल कर खिलाने वालों या फिर एक हिन्दू महिला के बेरहमी से कत्ल कर देने वाले का नाम तक लिख दिया जाए न्यूज़ रिपोर्ट में तो उन्हें आपत्ति है कि किसी की इस्लामी पहचान क्यों उजागर की जा रही है। 110 करोड़ हिन्दुओं के देश में रोज हिन्दू धर्म को गाली देकर भी आरफा खानम शेरवानी सुरक्षित हैं, फिर भी वो हिन्दुओं को गुंडा बताती हैं।

हुसैनी समोसा सेंटर में बीफ सप्लाई करने वाला इमरान कुरैशी गिरफ्तार, मीट एक्सपोर्ट कंपनी में कर चुका है काम: वडोदरा पुलिस ने घर से दबोचा

गुजरात के वडोदरा में सोमवार (8 अप्रैल 2024) को समोसे में गोमांस भरकर बेचे जाने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित इमरान यूसुफ कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस ने शनिवार (6 अप्रैल 2024) को 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। हालाँकि, इमरान फरार होने में कामयाब हो गया था। इस मामले में पुलिस ने कुल 7 आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर किया था।

इमरान पर समोसे में भरे जा रहे गोमांस को सप्लाई करने का आरोप है। पुलिस मामले की जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई में जुटी है। दाहोद का निवासी इमरान युसूफ कुरैशी फिलहाल आनंद जिले के भालेज में रहता है। इमरान के साथ उसकी बीवी और अम्मी भी रहती हैं। वह पहले एक मीट एक्सपोर्ट की एक कम्पनी में काम कर चुका है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाद में इमरान वडोदरा जिले में मांस काटकर बेचने वालों के साथ काम करने लगा। यहीं पर उसकी मुलाक़ात अन्य आरोपितों से हुई थी। समोसे के कारोबार में ज्यादा फायदा कमाने के लिए इमरान ने ही आरोपितों को सस्ते दाम पर मांस बेचने की पेशकश की थी। आरोपितों को इमरान की सलाह पसंद आ गई।

इमरान अन्य आरोपितों को समोसे में भरने के लिए मांस सप्लाई करते हुए उनके लाभ में अपना हिस्सा लेने लगा। जिस कमरे में मांस को रखा जाता था, उसे फ्रीजर जैसा बना दिया गया था। इन आरोपितों के पास कारोबार करने का कोई वैध लाइसेंस भी नहीं था। चिपवाड इलाके में एक किराए की बिल्डिंग में ये सभी 5वीं मंजिल पर गोमांस भर के समोसे सप्लाई कर रहे थे।

दरअसल, एक पशु कार्यकर्ता ने पुलिस को सूचना दी थी कि हुसैनी समोसा नाम के दुकान पर बीफ (गोमांस) वाले समोसे मिलते हैं। उसने यह भी कहा कि उस दुकान पर कहीं भी नहीं लिखा है कि यहाँ मीट वाले समोसे मिलते हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शनिवार (6 अप्रैल 2024) को पुलिस ने ‘हुसैनी समोसा सेंटर’ नाम की इस दुकान पर दबिश दी।

दबिश के दौरान कुल 300 किलोग्राम गोमांस जब्त हुआ। इसके अलावा 152 किलो समोसे बनाने के सामान भी सीज किए गए। ये समोसे शहर की तमाम दुकानों पर बेच दिए जाते थे। यहाँ से उन्हें दुकानदार तल करके ग्राहकों को खिलाया करते थे। पुलिस ने लगभग 49,000 रुपए की लागत की कटोरियाँ और मशीनें भी कब्ज़े में लीं हैं।

पुदबिश के दौरान यूसुफ शेख, नईम शेख, हनीफ भठियारा, दिलावर पठान, मोइन हब्दाल और मोबिन शेख पकड़े लिए गए। इसके 2 दिन के बाद इमरान को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। FSL की जाँच में ये साफ हो गया है कि समोसा में इस्तेमाल होने वाला मीट बीफ (गोमांस) ही है। फिलहाल पुलिस मामले में जाँच और जरूरी कार्रवाई कर रही है।

पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी में लगी सभी गाड़ियों में लगेगा GPS, गड़बड़ी पर तलब होंगे ड्राइवर-अधिकारी: चुनाव आयोग के अधिकारी बदले

लोकसभा चुनाव के दौरान बंगाल में चुनाव से जुड़ी हर गाड़ी में GPS सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए चुनाव आयोग ने आदेश जारी कर दिए हैं। इन गाड़ियों की आयोग निगरानी करेगा। चुनाव आयोग ने बंगाल में एक चुनाव अधिकारी का भी तबादला किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयोग ने आदेश दिया है कि बंगाल में चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी हर गाड़ी में GPS लगाया जाए। इसमें वह गाड़ियाँ भी शामिल हैं जिनमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को पोलिंग स्टेशन तक ले जाया जाना है। इसके अलावा अन्य अधिकारीयों एवं कर्मचारियों की गाड़ियों में भी GPS लगेगा।

चुनाव आयोग ने यह आदेश चुनाव अधिकारियों को भेज दिया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि वह गाड़ियों में लगे इन GPS से EVM की गतिविधि पर नजर रखेगा। चुनाव आयोग मतगणना सामग्री बाँटने वाले केन्द्रों से लेकर पोलिंग बूथ तक यह गतिविधि जाँचेगा। कोई भी गड़बड़ी होने पर चुनाव अधिकारी और ड्राईवर को तलब किया जाएगा।

चुनाव आयोग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, “GPS ट्रैकिंग प्रणाली का उपयोग चुनाव से एक दिन पहले वितरण/फैलाव केंद्र और प्राप्ति केंद्र (डीसीआरसी) से मतदान केंद्र तक ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक मतदाता मशीन) और अन्य मतदान सामग्री की आवाजाही की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा कि कोई मतदान के बाद स्ट्रांग रूम में लाते समय कोई छेड़छाड़ ना हो।”

गौरतलब है कि चुनाव आयोग चुनाव के समय EVM, मतदान कर्मचारियों और अन्य सामग्रियों को मतगणना केन्द्रों से पोलिंग बूथ तक पहुँचाने के लिए बड़ी संख्या में गाड़ियों का उपयोग करता है। इनमें से अधिकांश गाड़ियाँ किराए पर ली जाती हैं। चुनाव प्रक्रिया के बाद इन गाड़ियों को लौटा दिया जाता है। अब इन्हीं गाड़ियों में आयोग GPS ट्रैकर लगाएगा।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में एक चुनाव अधिकारी का तबादला करने का भी निर्णय लिया है। चुनाव आयोग ने बंगाल के संयुक्त चुनाव अधिकारी राहुल नाथ को चुनाव आयोग से हटा दिया है। उनकी जगह पर अर्नब चैटर्जी को संयुक्त चुनाव अधिकारी बनाया गया है। पश्चिम बंगाल में सभी सात चरणों में चुनाव होगा। इसकी शुरुआत 19 अप्रैल से होगी और अंतिम चरण 1 जून को है। इसके नतीजे 4 जून, 2024 को आने हैं। पश्चिम बंगाल में मुख्य लड़ाई TMC और भाजपा के बीच में है।

बालाघाट की जमीन से महाकाल के ‘भक्त’ ने जनता को किया नमन, कहा- मौज करने के लिए पैदा नहीं हुआ मोदी, मेहनत करता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव 2024 का प्रचार जोर-शोर से कर रहे हैं। एक-एक दिन में वे कई-कई रैलियों में हिस्सा ले रहे हैं। पीएम मोदी मंगलवार (9 अप्रैल 2024) को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के बाद मध्य प्रदेश के बालाघाट पहुँचे और जनता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जो लोग अपनी तिजोरियाँ भरने राजनीति में आए हैं वे मोदी को धमकी न दें। मोदी तो अपनी कमाई भी देश सेवा में लगा देने की आदत रखता है। मोदी मौज करने के लिए पैदा नहीं हुआ है। मोदी मेहनत करता हैं, क्योंकि उसके लक्ष्य बहुत बड़े हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “मैंने देश विरोधी ताकतों को अंजाम तक पहुँचाने के लिए सीखा है। हम इन गीदड़भभकियों से नहीं डरते हैं। इंडी गठबंधन के लोग मोदी से चिढ़े हुए हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर ये लोग मोदी को गाली देते हैं। मोदी या तो महाकाल के सामने झुकता है या फिर जनता जनार्दन के सामने।”

उन्होंने कहा कि भाजपा ने अब तक जो विकास के कार्य किए हैं, वो तो फुलझड़ी है। अभी तो विकास के रॉकेट को और भी ऊँचाई पर लेकर जाना है। पीएम मोदी ने कहा कि अभी तो ये ट्रेलर है। असली दीपावली मननी तो अभी बाकी है। ये चुनाव नए भारत के निर्माण के मिशन है। ये विकसित भारत, विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को नई उर्जा देने वाला चुनाव है।

कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जब देश में पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति पद के लिए आगे बढ़ीं, तब कॉन्ग्रेस ने उन्हें हराने के लिए पूरी ताकत लगा दी। कॉन्ग्रेस ने कभी आदिवासी विरासत का सम्मान तक नहीं किया। गोविंद गुरु जैसे क्रांतिकारी को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा तक नहीं दिया। कॉन्ग्रेस आजादी का श्रेय ​किसी आदिवासी को नहीं, अपने शाही परिवार को देना चाहती है।”

उन्होंने कहा, “आजादी के बाद दशकों तक कॉन्ग्रेस बहुत ही पुरानी सोच पर चली। एक तो उनके मन में आजादी के आंदोलन का अहंकार भरा पड़ा था और सामान्य लोगों ने जो आजादी के आंदोलन में त्याग किया, तपस्या की और बलिदान दिया, उसे सत्ता में आते ही कॉन्ग्रेस ने नकार दिया। एक छोटे से परिवार का कुनबा हावी हो गया और उसी की सोच देश को पिछड़ेपन की ओर धकेलती गई।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कभी कॉन्ग्रेस सरकार अपनी शिकायतें लेकर दूसरे देशों के पास जाती रहती थी, लेकिन आज वक्त बदल चुका है। दुनिया के बड़े-बड़े देश, आपस में युद्ध कर रहे देश… भारत से अपने मुद्दों पर बात करने के लिए आते हैं। अपने देश का ये रुतबा देखकर हर देशवासी का रुतबा बुलंद हो जाता है।”