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चैत्र नवरात्रि के पहले दिन ईडाणा माता ने ढाई घंटे तक किया अग्नि स्नान, प्रतिमा को आँच तक नहीं आई: दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का हुजूम, देखिए Video

राजस्थान के मेवाड़ स्थित शक्ति पीठ ईडाणा माता ने चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अग्रि स्नान करके भक्तों को दर्शन दिया। बताया जा रहा है कि सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर माता की प्रतिमा के चारों ओर आग की लपटें उठती दिखीं, फिर आधे घंटे तक माँ के दर्शन हुए।

ये आग की लपटें करीबन ढाई घंटे तक प्रतिमा के पास जलती रहीं। इस दौरान धीरे-धीरे माँ पर चढ़ाई जाने वाली चुनर और धागे सब भस्म हो गए लेकिन माँ की प्रतिमा वैसी की वैसी रही। करीबन 12:30 बजे जब आग शांत हुई तो माता का फिर से नया श्रृंगार किया गया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, ईडाणा माता स्थित गायत्री धाम के आचार्य शैलेश त्रिवेदी ने माता के अग्नि स्नान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्निस्नान को लेकर कोई दिन और समय तय नहीं है। यह संयोग है कि इस बार हिंदू नव वर्ष के दिन अभिजीत मुहूर्ज में अग्नि स्नान शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि जब आसपास के लोगों को आज के दिन माता के स्नान के बारे में पता चला तो मंदिर में भक्तों की भीड़ लग गई। पिछले साल भी माता ने अग्निस्नान करके अपने दर्शन चैत्र नवरात्रि में दिए थे। 2022 में माता ने 28 मार्च को अग्नि स्नान किया था। 2021 में माता ने 2 बार स्नान किया था। एक 9 मार्च 2021 को और फिर 14 मार्च 2021 को।

बता दें कि उदयपुर से करीब 60 किलो मीटर दूर कुराबड़- बम्बोरा मार्ग पर अरावली की पहाडिय़ों के बीच स्थित ईडाणा माता का यह मंदिर हजारों वर्ष प्राचीन है। मान्यता है कि महाभारत काल में इस मंदिर की स्थापना की गई थी। अग्निस्नान देखने के लिए लोग यहाँ विदेशों से भी आते हैं। लेकिन कोई तिथि तय नहीं होने के कारण ज्यादातर मौकों पर लोगों को निराश होकर ही लौटना पड़ता है। इस मंदिर की देवी ईडाणा माता को स्थानीय रजवाड़े अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते आए हैं।

यहाँ माता का कोई भव्य मंदिर नहीं है। ईडाणा माता बरगद के वृक्ष के नीचे विराजमान हैं। माता के सिर के ऊपर कोई शिखर भी नहीं है। माता खुले आसमान के नीचे निवास करती हैं। माँ की मूर्ति के पीछे केवल मनोकामना पूरी होने पर भक्तों की ओर से चढ़ाई जाने वाली चुनरी और त्रिशूलों का सुरक्षा कवच मौजूद है।

यह घटना किसी आश्चर्य से कम नहीं है कि अग्नि स्नान के बाद भी माता की प्रतिमा वर्षों पहले जैसी थी आज भी वैसी ही है जबकि ईडाणा माता के अग्निस्नान के समय उठने वाली लपटों से कई बार उस बरगद के पेड़ तक को नुकसान पहुँचा हैं जिसके नीचे सदियों से माता रानी विराजमान हैं। इस शक्ति पीठ की विशेष बात यह है कि यहाँ माँ के द्वार और दर्शन चौबीस घंटे खुले रहते हैं और माना जाता है कि यहाँ आकर लकवाग्रस्त मरीज ठीक हो जाते हैं। ईडाणा माता परिसर में दर्शन के लिए माँ का दरबार, अखंड ज्योति दर्शन, धुनी दर्शन, रामदेव मंदिर व एक बड़ी भोजनशाला है।

बंगाल पुलिस ने NIA अधिकारियों को भेजा समन, FIR रद्द करवाने हाई कोर्ट पहुँची एजेंसी: बम विस्फोट के आरोपितों को पकड़ने गई थी, हमले के बाद हुआ था केस

पश्चिम बंगाल में बम ब्लास्ट के आरोपितों को गिरफ्तार करने गई NIA की टीम पर हमला के बाद राज्य की पुलिस ने NIA अधिकारियों पर ही महिलाओं के शोषण का मामला दर्ज कर लिया है। इतना नहीं, पुलिस ने NIA के दो अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है और क्षतिग्रस्त वाहन भी लाने को कहा है। इसके बाद NIA ने कलकत्ता हाई कोर्ट पहुँचकर FIR रद्द करने की माँग की है।

दरअसल, NIA की टीम ने शनिवार (06 अप्रैल 2024) को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के भूपतिनगर में साल 2022 में हुए विस्फोट के मामले में आरोपितों को गिरफ्तार करने पहुँची थी। इस दौरान अधिकारियों पर ही हमला कर दिया और उसकी वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हालाँकि, टीम साजिशकर्ता मनोब्रत जना और बलाई चरण मेइती को गिरफ्तार कर लिया। इस विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई थी।

टीएमसी नेता मनोब्रत जना की पत्नी ने एनआईए अधिकारियों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करा दी है। ये एफआईआर छेड़छाड़ और महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के आरोपों में दर्ज कराई गई है। हालाँकि, NIA ने इन आरोपों का खंडन किया है। एनआईए ने कहा कि उसकी टीम ने कोई भी गैर-कानूनी काम नहीं किया। एनआईए की टीम बम धमाके की जाँच के लिए पहुँची थी।

इस FIR के आधार पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने मंगलवार (9 अप्रैल 2024) को छापेमारी के दौरान हमले में घायल होने वाले दो अधिकारियों को समन भेजा है। पुलिस ने 11 अप्रैल को भूपतिनगर थाने में पेश होने के लिए कहा है। इतना ही नहीं, भूपतिनगर पुलिस थाने के जाँच अधिकारी ने एनआईए से शनिवार को हुए कथित हमले के दौरान क्षतिग्रस्त वाहन को भी साथ लाने के लिए कहा है।

भूपतिनगर पुलिस स्टेशन के जाँच अधिकारियों ने एनआईए टीम पर हमले के मामले में तीन ग्रामीणों को भी समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है। ग्रामीणों को अगले दो से तीन दिनों के भीतर पुलिस के सामने पेश होने को कहा गया है। 

राज्य सरकार की कार्रवाई को देखते हुए NIA कलकत्ता हाई कोर्ट पहुँच गई है। एजेंसी ने हाई कोर्ट के सिंगल बेंच जज जय सेनगुप्ता के समक्ष बताया कि राज्य पुलिस ने एजेंसी के उन अधिकारियों के खिलाफ ‘छेड़छाड़’ के लिए एफआईआर दर्ज की थी, जिन पर आरोपित के परिवार के सदस्यों के आदेश पर हमला किया गया था।

गौरतलब है कि बंगाल में केंद्रीय एजेंसी पर पहली बार हमला नहीं हुआ है। इसके पहले 5 जनवरी 2024 को संदेशखाली में TMC नेता शाहजहाँ शेख को गिरफ्तार करने गई ED की टीम पर भी हमला किया गया था। उसी हमले के बाद जनजातीय समाज की कई महिलाओं ने आगे आकर शाहजहाँ शेख व उसके गुर्गों पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।

‘शराब नीति बनाने और घूस लेने में शामिल थे अरविंद केजरीवाल’: दिल्ली हाईकोर्ट ने ED की गिरफ्तारी को माना जायज, कहा- CM के लिए अलग कानून नहीं होता

दिल्ली उच्च न्यायालय ने AAP के संयोजक व प्रदेश के CM अरविंद केजरीवाल को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अपनी याचिका में केजरीवाल ने कहा था कि उनकी गिरफ़्तारी PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग कानून) की धारा-19 का उल्लंघन है। जस्टिस स्वर्ण कान्त शर्मा ने कहा, “ED द्वारा जुटाए गए तथ्यों से पता चलता है कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की शराब नीति बनाने की साजिश रची, वो इसका हिस्सा बने और फिर इस अपराध से हुई आय का इस्तेमाल किया।”

दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि वो कठोर रूप से दिल्ली में शराब नीति बनाने और घूस माँगने में व्यक्तिगत रूप से शामिल हैं, साथ ही AAP के संयोजक के रूप में भी वो इस अपराध में शामिल हैं। इस मामले में सरकारी गवाह बने आरोपितों के संबंध में कोर्ट ने कहा कि इससे जुड़ा कानून 100 वर्ष पुराना है और ये कोई 1 साल पुराना कानून नहीं है कि याचिकाकर्ता को झूठ का फँसा दिया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को गवाहों को क्रॉस-एग्जामिन करने का अधिकार है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि कौन चुनाव लड़ने के लिए टिकट देता है और कौन इलेक्टोरल बॉन्ड्स खरीदता है ये हमारी चिंता का मसला नहीं है। जज ने कहा कि जाँच एजेंसी को ये निर्देश नहीं दिया जा सकता कि वो एक व्यक्ति की सहूलियत के हिसाब से जाँच को दिशा दे, वो अपने हिसाब से काम करेगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक आम आदमी और एक मुख्यमंत्री के लिए अलग-अलग कानून नहीं हो सकता। गिरफ़्तारी की टाइमिंग को लेकर हाईकोर्ट ने कहा कि गिरफ़्तारी और रिमांड को कानून के हिसाब से देखना है, चुनावों को बिना मद्देनजर रखते हुए।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ED द्वारा खुद को गिरफ्तार किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उच्च न्यायलय ने इस संबंध में फैसला सुरक्षित रख लिया था। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने पहले ही कहा था कि उन्हें कोर्ट पर भरोसा नहीं है। बुधवार (3 अप्रैल, 2024) को दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई थी। कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और एडवोकेट विक्रम चौधरी ने दिल्ली CM की तरफ से पैरवी की थी।

दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री KCR की बेटी K कविता की कस्टडी 23 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी है। BRS की के कविता भी शराब घोटाले में फँसी हुई हैं। हालाँकि, उन्होंने अदालत को लिखे पत्र में खुद को पीड़िता बताते हुए कहा है कि ED और CBI पिछले ढाई वषों से मीडिया ट्रायल चला रही है। उन्होंने दावा किया कि शराब घोटाले से उन्हें कोई आर्थिक लाभ नहीं मिला है, उन्होंने आरोप लगाया कि उनके व्यक्तिगत एवं राजनीतिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाई गई है।

K कविता ने आरोप लगाया कि टीवी चैनलों पर उनके मोबाइल फोन को दिखाया जाता है, जो उनकी प्राइवेसी का उल्लंघन है। BRS की नेता ने जाँच में पूर्ण सहयोग का दावा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने बैंक खाते की जानकारियाँ भी जाँच एजेंसियों से साझा कर दी है। उन्होंने जाँच एजेंसियों पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि छापेमारियों से उन्हें शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना हुई है। K कविता ने कहा कि जिन मोबाइल फोन्स के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने नष्ट कर दिया, वो सब वो सौंप देंगी।

शाहिद ने सलीम को, सलीम ने रईस को, रईस ने फुरकान को… 3 बार बेची गई जेपी नड्डा की पत्नी की कार, चोरी के बाद फारूख के फॉर्महाउस में छिपाया था

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा की पत्नी मल्लिका की फॉर्च्यूनर कार 19 मार्च, 2024 को दिल्ली के गिरी नगर इलाके से चोरी हो गई थी। इस गाड़ी को दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस ने सामूहिक अभियान चला कर 15 दिनों बाद गुरुवार (4 मार्च, 2024) को वाराणसी से खोज निकाला। अलग-अलग प्रदेशों में दी गई दबिश के दौरान इस फॉर्च्यूनर को चुराने वाली गैंग के कई सदस्य गिरफ्तार किए गए। 15 दिनों में यह वाहन 3 अलग-अलग मौकों पर बेचा गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 19 मार्च को यह फॉर्च्यूनर तब चोरी हुई जब इसे दिल्ली के गिरी नगर इलाके में सर्विसिंग के लिए भेजा गया था। जेपी नड्डा के ड्राइवर जोगिंदर सिंह ने इसकी FIR थाना गोविंदपुरी में दर्ज करवाई थी। दिल्ली पुलिस ने फ़ौरन ही फॉर्च्यूनर की तलाश शुरू कर दी। जाँच के दौरान मिले पहले CCTV फुटेज में फॉर्च्यूनर दिल्ली से गुरुग्राम की तरफ जाती दिखी। इसके आगे के फुटेज का मिलान करते हुए दिल्ली पुलिस फरीदाबाद के बुडकल इलाके में पहुँची।

यहाँ फॉर्च्यूनर की तलाश में दिल्ली और हरियाणा पुलिस मिल कर काम करने लगीं। कुछ ही देर में यह पता लगा लिया गया कि चोरी शिवांश और शाहिद नाम के 2 चोरों द्वारा की गई है। इन दोनों को गाड़ी चोरों के एक बड़े गैंग का मेंबर बताया गया। पुलिस ने फ़ौरन शाहिद और शिवांश की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार 22 मार्च को पटियाला हाउस के पास शिवांश दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। पूछताछ में उसने चोरी में अपने साथ शाहिद, फारुख और शाहकुल के भी शामिल होने की जानकारी दी।

मिली जानकारी के मुताबिक, ये चारों आरोपित फॉर्च्यूनर चुराने हुंडई की क्रेटा कार से गए थे। यह क्रेटा कार भी इन आरोपितों ने कुछ दिनों पहले नोएडा से चुराई थी। नड्डा परिवार की फॉर्च्यूनर चुरा कर इन्होंने उसे फरीदाबाद में रहने वाले फारुख नाम के व्यक्ति के फॉर्म हाउस में छिपा दिया था। यहीं पर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से सलीम नाम का ग्राहक आया। उसने फॉर्च्यूनर पसंद कर के खरीद ली। सलीम का काम ही चोरी की गाड़ियाँ कम दामों पर खरीद कर ऊँचे रेट पर बेचना बताया जा रहा है। उसका कारोबार UP के मुरादाबाद, मैनपुरी, हाथरस और सीतापुर जैसे शहरों में फैला हुआ है।

सलीम की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस ने लखीमपुर खीरी में दबिश दी। इस दबिश में उत्तर प्रदेश पुलिस भी शामिल रही। सलीम को पकड़ लिया गया। पूछताछ में सलीम ने बताया कि वो फॉर्च्यूनर कार सीतापुर जिले के मोहम्मद रईस को बेच चुका है। दिल्ली पुलिस ने फ़ौरन ही सलीम की निशानदेही पर सीतापुर में रेड की। सीतापुर में मोहम्मद रईस को भी दबोच लिया गया लेकिन फॉर्च्यूनर यहाँ भी नहीं मिली। रईस ने बताया कि उसने फॉर्च्यूनर को खरीद कर फ़ौरन ही अमरोहा जिले के फुरकान को बेच दिया है।

फुरकान की तलाश में पुलिस ने तत्काल अमरोहा में दबिश दी। यहाँ फुरकान तो मिला लेकिन चोरी हुआ वाहन नहीं। फुरकान ने पुलिस को बताया कि वो फॉर्च्यूनर को वाराणसी के बेनिया बाग़ की पार्किंग में खड़ा कर के आया है। फुरकान की बताई गई जगह पर पुलिस टीम 4 मार्च, 2024 को पहुँच गई। सूचना सही पाई गई और बेनिया बाग़ की पार्किंग से जे पी नड्डा की पत्नी की फॉर्च्यूनर को बरामद कर लिया गया। अब तक शिवांश, शाहिद, सलीम, मोहम्मद रईस और फुरकान को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

न कश्मीर मुद्दे पर मिला साथ, न टारगेट किलिंग का प्रोपगेंडा आया काम: पाकिस्तान ने भारत पर उठाए सवाल तो सऊदी अरब से लेकर US तक हुई फजीहत

भारत के खिलाफ बयानबाजी करने पर पाकिस्तान को सऊदी अरब से लेकर अमेरिका तक से मुँह की खानी पड़ रही है। सऊदी अरब में तो पाकिस्तान ने अपना पुराना रोना रोते हुए कश्मीर पर मुद्दा उठाया तो वहाँ से जवाब मिला कि वो जाकर इस बारे में भारत से बात करें। वहीं अमेरिका ने भी पाकिस्तान के उन दावों पर बनी ‘द गार्जियन’ की उस रिपोर्ट कुछ बोलने से मना किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत पाकिस्तान में घुसकर लोगों को मार रहा है।

सऊदी अरब ने साथ देने से किया मना

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सऊदी अरब के दौरे पर गए हैं। शरीफ ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने पहले तो अपने मुल्क की आर्थिक सहायता के लिए मोहम्मद बिन सुलेमान से गुहार लगाई। इसके बाद जब ये माँग सुन ली गई तो कश्मीर पर यूएन में उनकी ओर से बोलने को कहा।

इस सऊदी के प्रिंस ने कहा, “कश्मीर का मुद्दा पाकिस्तान और भारत के बीच का है और दोनों देशों को बातचीत से इसे सुलझाना चाहिए।” उनके इस बयान के बाद इसे पाकिस्तानी नागरिक खुद अपनी फजीहत मान रहे हैं। एक यूट्यूबर से बात करते हुए एक पाकिस्तानी ने कहा कि ये मामला पाकिस्तानी, भारतीय या किसी अन्य के हाथ में नहीं होना चाहिए, कश्मीर के लोग क्या चाहते हैं इस पर होना चाहिए।

अमेरिका ने की फजीहत

बता दें कि जैसे भारत की बात आने पर सऊदी ने पाकिस्तान का साथ नहीं दिया है वैसे ही द गार्जियन की रिपोर्ट में पाकिस्तानियों के पक्ष को अमेरिका के राज्य विभाग ने कोई तवज्जों नहीं दी। भारत पर लगाए गए टारगेट किलिंग के इल्जाम पर विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, “इस मसले में हम मीडिया रिपोर्टों को देख कर रहे हैं। आंतकियों की मौत में भारत की संलिप्तता पर हमारी कोई टिप्पणी नहीं है। लेकिन हम दोनों पक्षों को तनाव से बचने और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों द गार्जियन ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें पाकिस्तानियों के हवाले से दावा किया गया था कि भारत, पाकिस्तान में आतंकियों को मरवा रहा है। उसकी संलिप्ता 20 से ज्यादा हत्याओं में हैं। द गार्जियन और पाकिस्तान का मकसद था कि शायद ऐसी रिपोर्ट से भारत की बदनामी होगी लेकिन इस रिपोर्ट को पढ़कर भारतीय अपने देश की सरकार की और तारीफें करने लगे।

गलत ट्रेन में चढ़ाया, न टिकट दिया-न पैसे, गायब होने की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी: झगड़े का पति ने लिया ऐसा ‘बदला’ पत्नी 3 दिन तक भूखे-प्यासे भटकती रही

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है कि सुन लोग दाँतों तले अंगुली दबा ले रहे हैं। दरअसल, एक पति ने अपनी पत्नी को घर भेजने की बात कहकर उसे गलत ट्रेन पर चढ़ा दिया। इस दौरान उसने अपनी पत्नी को ना ही टिकट कटाकर दिया और ना ही खर्च के लिए पैसे दिए। पत्नी लगातार तीन दिनों तक भूखी-प्यासी घूमती रही और इधर पति ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित मॉडल टाउन में रहने 27 साल के थान चौधरी का अपनी 37 वर्षीया पत्नी लक्ष्मी ध्रुव से किसी बात पर झगड़ा हो गया था। इसके बाद उसने अपनी पत्नी को उसके घर आगरा भेजने के लिए दुर्ग स्टेशन लेकर आया। उस वक्त स्टेशन पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस खड़ी थी। उसने पत्नी को ट्रेन के AC कोच में बिना टिकट के चढ़ा दिया।

कहा जा रहा है कि थान चौधरी ने पत्नी को ट्रेन पर बैठाने के बाद अपने साढ़ू (पत्नी के बहनोई) को फोन करके बताया कि उसने ट्रेन में बैठा दिया है और आगरा ट्रेन से लेकर उसे अपने गाँव गुमानगढ़ी थाना सादाबाद जिला हाथरस पहुँचा आए। दूसरे दिन उसका जीजा लक्ष्मी को लेने गया, लेकिन वह नहीं आई। उसके बाद उसका जीजा ने थान को इसकी जानकारी दे दी।

इसके बाद थान चौधरी ने इसकी सूचना जीआरपी पुलिस को दी और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर खोजबीन शुरू कर दी। हालाँकि, जीआरपी पुलिस को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इसी बीच रिपोर्ट लिखवाने के तीन दिन बाद महिला खुद दुर्ग स्टेशन के जीआरपी चौकी पहुँच गई और पुलिस को इसके बारे मे जो बताया, उसे सुनकर पुलिस भी चौंक गई।

महिला लक्ष्मी ध्रुव ने बताया कि उसका अपने पति थान सिंह से अक्सर विवाद होता रहता था। उसका पति उसे अक्सर घर पर छोड़ने की बात कहता था। महिला ने बताया कि 1 अप्रैल 2024 को भी ऐसा ही हुआ। उस दिन थान चौधरी उसे लेकर दुर्ग लेकर आया और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के एसी कोच में बैठा दिया। उसके पास के ट्रेन का टिकट और पैसे भी नहीं थे। इससे वह हड़बड़ा गई।

महिला ने आगे बताया कि डोंगरगढ़ में उसका पर्स भी चोरी हो गया। इसमें उसके पति का मोबाइल नंबर भी था। पर्स चोरी होने के बाद उसके पास किसी का नंबर नहीं था और ना ही पैसे थे। यहाँ तक कि ट्रेन का टिकट भी नहीं था। इस तरह वह किसी से संपर्क भी नहीं कर पाई। ट्रेन जब डोंगरगढ़ पहुँची तो लक्ष्मी ट्रेन से उतर गई।

महिला ने बताया कि इस घटना से दुखी होकर वह डोंगरगढ़ में ही ठहरी रही। इस दौरान वह एक मंदिर ठहरी और वहाँ वह भूखे-प्यासे थी। इसके बाद वह किसी तरह दुर्ग लौटी है और जीआरपी से संपर्क किया। उसने अपने साथ किसी तरह का अपराध होना नहीं बताया है। यह महिला फिलहाल अपने घर दुर्ग वापस चली गई है।

अब ‘Z’ कवच में रहेंगे भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त, IB की रिपोर्ट पर मोदी सरकार ने दिया आदेश: खुफिया एजेंसी ने राजीव कुमार की सुरक्षा को बताया था खतरा

खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की रिपोर्ट के आधार केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार को Z कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की है। राजीव कुमार को जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मिलने के बाद अब वे देश में जहाँ भी जाएँगे, उनके साथ यह सुरक्षा घेरा साथ चलेगा।

दरअसल, देश में लोकसभा चुनाव की प्रतिक्रिया जारी है। तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के साथ-साथ कई राजनीतिक पार्टियाँ इस समय हंगामा कर रही है। इसको देखते हुए ही इंटेलिजेंस ब्यूरो ने ‘थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट’ आई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को सुरक्षा दी गई है।

बता दें कि देश में मिलने वाली 6 सुरक्षा श्रेणियों में SPG सर्वोच्च सुरक्षा श्रेणी है। यह सुरक्षा सिर्फ देश के प्रधानमंत्री को दी जाती है। इसके बाद Z+ सुरक्षा और Z सुरक्षा आती है। जेड सुरक्षा भारत की तीसरी सबसे उच्च सुरक्षा श्रेणी है।

इस सुरक्षा कवच में 4-6 एनएसजी कमांडो और पुलिसकर्मियों सहित 22 कर्मी शामिल होते हैं। उद्योगपति गौतम अडानी, बाबा रामदेव और अभिनेता आमिर खान को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। Z श्रेणी के तहत एक निजी व्यक्ति को सुरक्षा कवर मिलता है तो वह इसका भुगतान करता है, जबकि अन्य व्यक्तियों का खर्च सरकार उठाती है।

ध्यान देने वाली बात ये है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों का कार्यकाल 6 वर्ष के लिए होता है। सीईसी की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष और चुनाव आयुक्तों की 62 वर्ष होती है। भारत के निर्वाचन आयोग के पास विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव संपन्न कराने की जिम्मेदारी होती है।

भारत के तीन सदस्यों से मिलकर बनने वाला निर्वाचन आयोग के प्रमुख के चुनाव आयुक्तों का पद और वेतनमान भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश के सामान होता है। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त को संसद द्वारा महाभियोग के जरिए ही हटाया जा सकता है। इसके अलावा, मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से स्वयं इस्तीफा देकर भी हट सकते हैं।

महिला वकील के कपड़े उतरवाए, 36 घंटे बिठा कर रखा, डार्क वेब पर अश्लील वीडियो बेचने की धमकी: CBI-पुलिस बन कर ठगा, ब्लैकमेल कर वसूले ₹11 लाख

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से साइबर क्राइम का एक नया मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला वकील को वीडियो कॉल कर के 36 घंटों तक कैमरे पर लाइव बिठाए रखा गया। इस दौरान उसके कपड़े तक उतरवा कर अश्लील वीडियो बनाए गई। वीडियो डार्क वेब पर बेचने की भी धमकी दी गई। महिला वकील को ब्लैकमेल कर के 15 लाख रुपए ठग लिए गए। आरोपितों ने खुद को मुंबई पुलिस और CBI का अधिकारी बताया था। घटना बुधवार (3 अप्रैल, 2024) की है। मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक निजी फर्म में वकील के तौर पर काम करने वाली पीड़िता को 3 अप्रैल की दोपहर में सवा 2 बजे के आसपास एक फोन कॉल आती है। कॉल अनजान नंबर से की गई थी। कॉलर ने खुद को फेडएक्स कूरियर कम्पनी का स्टाफ बताया। उसने बताया कि पीड़िता के नाम पर थाईलैंड में एक पार्सल भेजा गया था जिसमें 140 ग्राम MDM मिला है। MDM के प्रकार का ड्रग्स होता है। महिला वकील कुछ समझ पाती इस से पहले कॉल किसी और व्यक्ति को ट्रांसफर कर दी गई।

फोन लाइन पर आए व्यक्ति ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया। पीड़िता का रैकेट मानव तस्करी और ड्रग्स रैकेट से जुड़े होने की धमकी देते हुए कॉलर ने अपने मोबाइल पर स्काइप एप डाउनलोड करने के लिए कहा। स्काइप एप डाउनलोड करवाने के बाद आरोपितों ने कॉल को किसी अभिषेक चौहान के पास ट्रांसफर कर दिया। खुद को अभिषेक चौहान बता रहे व्यक्ति ने अपना परिचय CBI अधिकारी के तौर पर दिया। कॉलर ने पीड़िता से कहा कि बैंक के किसी स्टाफ ने उनका खाता मनी लॉन्ड्रिंग के लिए प्रयोग किया है।

थोड़ी देर बाद पीड़िता को स्काइप एप के जरिए वीडियो कॉल करने के लिए कहा गया। आरोपितों ने पीड़िता को धमकी दी कि वो लगातार वीडियो कॉल पर बनी रहे। यहाँ तक कि तब भी जब वो सो रही हो। डर के मारे पीड़िता ने ऐसा ही किया। अगले दिन खाता सत्यापित करवाने के नाम पर कॉलर ने पीड़िता से अपने एकाउंट में 10 लाख 70 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए। थोड़ी देर बाद उन्होंने पीड़िता के क्रेडिट कार्ड से 2-2 लाख रुपए के 2 ट्रांजिक्शन और करवाए। इस दौरान उन्होंने पीड़िता से खुद को घर में बंद ही रखने को कहा था। महिला वकील डर से उनकी हर बात मानती रही।

आरोप है कि 36 घंटे तक चली इस वीडियो कॉल के दौरान कॉलर ने नार्को टेस्ट के नाम पर पीड़िता के सारे कपड़े तक उतरवा दिए। बाद में महिला के अश्लील वीडियो डार्क वेब पर बेचने की धमकी दे कर उस से 10 लाख रुपए और भेजने के लिए ब्लैकमेल किया जाने लगा। आखिरकार पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने IT एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर के मामले की जाँच शुरू कर दी है। फिलहाल अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

EC दफ्तर के बाहर से दिल्ली पुलिस ने उठाया, छोड़ दिया तो थाने में ही बैठ गए TMC नेता: ‘ड्रामा’ लंबा होते देख फुटेज खाने AAP नेता भी पहुँचे

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 8 अप्रैल 2024 को तृणमूल कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेताओं ने जाँच एजेंसियों के प्रमुखों को बदलवाने के लिए निर्वाचन आयोग के बाहर धरना देना शुरू किया। इस बीच दिल्ली पुलिस ने उन्हें शांत करने के लिए अपनी हिरासत में लिया और फिर थाने में कुछ देर बैठाकर इन्हें वापस जाने को कहा, मगर टीएमसी नेताओं ने वहाँ से निकलने के बजाय वहीं पर अपना धरना देना शुरू कर दिया।

अब कल से वो मंदिर मार्ग थाने के बाहर ही डटे हैं। पुलिस हटने को बोल रही है लेकिन वो एक नहीं सुन रहे। उनका कहना है कि वो अपना 24 घंटे का धरना पूरा करके ही जाएँगे। दिल्ली पुलिस के एसीपी रैंक के अधिकारी ने भी टीएमसी नेताओं को उस जगह से हटने को कहा है मगर टीएमसी नेता वहीं हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा जारी किए गए विजुअल्स में सारे टीएमसी नेताओं को धरने के नाम पर एक साथ बैठकर हँसते हुए देखा जा रहा है। ऐसे में लोग उनके धरने की गंभीरता पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं आम आदमी पार्टी से दिल्ली में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भी मंदिर मार्ग पहुँचकर टीएमसी नेताओं से मुलाकात की।

उन्होंने कहा, “जिस तरीके से बंगाल में और देश के अन्य भागों में रोज विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कभी ED, NIA, IT के छापे डाले जा रहे हैं, इससे साफ है कि केंद्र सरकार चाहती है कि विपक्षी पार्टियों को इस चुनाव में बिल्कुल चुप कर दिया जाए।”

बता दें कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले टीएमसी ने सीबीआई, एनआईए, ईडी और आयकर विभागों के प्रमुखों को बदलने की माँग लेकर निर्वाचन आयोग के पास धरना दिया था। टीएमसी नेताओं में प्रमुख नाम तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन, नदीमुल हक, डोला सेना, साकेत गोखले और सागरिका घोष, विधायक विवेक गुप्ता, पूर्व सांसद अर्पिता घोष, शांतनु सेन तथा अबीर रंजन बिश्वासन एवं पार्टी की छात्र शाखा की पश्चिम बंगाल इकाई के उपाध्यक्ष सुदीप राहा भी हैं। दिल्ली पुलिस ने इन्हें शाम में हिरासत में लिया।

‘ये विदेश घूमते हैं लेकिन सरदार पटेल की प्रतिमा का दर्शन नहीं करते’: गोमती के उद्गम स्थल से बोले PM मोदी – हम अफगानिस्तान से पूरी श्रद्धा से लेकर आए गुरु ग्रन्थ साहिब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (9 अप्रैल, 2024) को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ध्यान दिलाया कि आज देश के विभिन्न हिस्सों में नववर्ष मनाया जा रहा है। उन्होंने विक्रम संवत् 2081 के पहले दिन का जिक्र करते हुए समस्त देशवासियों को उगादी, गुड़ी-पड़वा, चेती-चांद, नवरेह और साजिबु-चेरोबा की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ दी। उन्होंने ध्यान दिलाया कि आज से चैत्र नवरात्रि भी शुरू हो गई है और देशभर में शक्ति उपासना की धूम मची है।

पीएम मोदी ने कहा कि हर कोई भक्ति में डूबा हुआ है, शक्ति उपासना में जुटा हुआ है। कुछ ही दिन में बैसाखी भी आने वाली है, पीएम मोदी ने जनता को इसकी भी शुभकामनाएँ दी। पीएम मोदी ने कहा कि सारी दुनिया की मुश्किलों के बीच भारत आज दिखा रहा है कि उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे कभी कॉन्ग्रेस सरकारें दुनिया से मदद माँगती थीं, लेकिन कोरोना के महासंकट में भारत ने पूरी दुनिया में दवाइयाँ और वैक्सीन भेजी।

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में कहीं भी युद्ध का संकट आया, हम एक-एक भारतीय को सुरक्षित वापस लाए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से गुरु ग्रंथ साहिब के ग्रंथों को पूरी श्रद्धा से भारत लाए और ये सब आपके एक वोट की ताकत से हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब नीयत सही होती है, हौसले बुलंद होते हैं, तो नतीजे भी सही मिलते हैं। उन्होंने कहा कि आज हम चारों तरफ विकसित भारत का निर्माण होते हुए देख रहे हैं।

पीलीभीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद दिलाया कि कैसे सपा, बसपा और कॉन्ग्रेस के 14 साल में जितने रुपए गन्ना किसानों को मिले थे, उससे ज्यादा रुपए योगी आदित्यनाथ की सरकार यहाँ गन्ना किसानों को दे चुकी है। उन्होंने बताया कि देश में Ethanol Blending को लेकर जो बड़ा अभियान चल रहा है, उससे भी पीलीभीत के किसानों को बड़ा फायदा होने वाला है। प्रधानमंत्री ने ये जानकारी भी दी कि भाजपा सरकार ने गन्ना किसानों की परेशानी को कम करने के लिए पूरी ताकत से काम किया है। साथ ही कई चीनी मिलें खुलीं है, कई का विस्तार हुआ है और ये काम लगातार किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, “पीलीभीत की धरती पर माता यशवंतरी देवी का आशीर्वाद है। यहाँ आदि गंगा माँ गोमती का उद्गम स्थल है। आज नवरात्रि के पहले दिन मैं देश को ये भी याद दिला रहा हूँ कि कैसे I.N.D.I. गठबंधन ने शक्ति को खत्म करने की सौगंध खाई है। आज देश में जिस शक्ति की पूजा हो रही है, उस शक्ति का कॉन्ग्रेस ने घोर अपमान किया है। जिस शक्ति के आगे हम शीश झुकाते हैं, उस शक्ति को उखाड़ फेंकने की बात ये कॉन्ग्रेस के नेता कर रहे हैं। हमारे कल्याण सिंह जी ने राम मंदिर के लिए अपना जीवन और सरकार समर्पित कर दी। देश के हर परिवार ने अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार योगदान दिया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने पीलीभीत की जनता के सामने कहा कि I.N.D.I. गठबंधन वालों को राम मंदिर के निर्माण से पहले भी नफरत थी और आज भी नफरत है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर न बने इसके लिए कॉन्ग्रेस ने लाख कोशिश की, लेकिन जब देश की जनता ने पाई-पाई देकर इतना भव्य मंदिर बना दिया और जब मंदिर वालों ने आपके सारे गुनाह माफ करके प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रित किया। पीएम मोदी ने कहा कि इसके बावजूद कॉन्ग्रेस ने आमंत्रण को ठुकरा कर भगवान राम का अपमान किया और जो नेता प्राण प्रतिष्ठा में गए, उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण के दलदल में कॉन्ग्रेस इतना डूब गई है कि उससे कभी बाहर नहीं निकल सकती। बकौल पीएम मोदी, कॉन्ग्रेस ने जो घोषणा पत्र बनाया है, वो कॉन्ग्रेस का नहीं, बल्कि मुस्लिम लीग का घोषणा पत्र लगता है। उन्होंने सपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी आज जिस कॉन्ग्रेस के साथ खड़ी है, उस कॉन्ग्रेस ने 1984 में हमारे सिख साथियों के साथ क्या किया था, वो कोई भूल नहीं सकता। उन्होंने कहा कि ये भाजपा है, जो सिखों के साथ पूरी शक्ति से खड़ी है, उनकी भावनाओं को समझते हुए काम करती है।

पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस और उसके I.N.D.I. गठबंधन को, देश की महान विभूतियों का अपमान करने में भी संकोच नहीं होता। कॉन्ग्रेस के या समाजवादी पार्टी के बड़े नेता आज तक कभी स्टैच्यू आफ यूनिटी पर नहीं गए है। ये लोग विदेश घूम आते हैं, लेकिन अपने ही देश में सरदार पटेल की प्रतिमा का दर्शन नहीं करते।” बता दें कि पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र से भाजपा ने इस बार वरुण गाँधी का टिकट काट कर जितिन प्रसाद को उतारा है, जो कॉन्ग्रेस से आए थे।