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अटारी बॉर्डर से मुलेठी में छिपाकर हीरोइन की तस्करी मामले में 2 और गिरफ्तार, एनआईए ने जाँच के बाद पंजाब और दिल्ली से दो को पकड़ा, 700 करोड़ की ड्रग्स हुई थी बरामद

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार (22 मार्च 2024) को अटारी ड्रग जब्ती मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें कुल 102 किलोग्राम से अधिक हेरोइन की बरामदगी और जब्ती शामिल थी। ये हेरोइन अप्रैल 2022 में लिकोरिस जड़ों (मुलेठी) की एक खेप में छिपाकर देश में तस्करी कर लाई गई थी, लेकिन सीमा पर इसे पकड़ लिया गया था।

अब तक कुल पाँच आरोपित गिरफ्तार

एनआईए ने इस मामले में जिन दो लोगों को पकड़ा है, उनकी पहचान फिरोजपुर (पंजाब) के दीपक खुराना उर्फ दीपू और अवतार सिंह उर्फ सनी के रूप में हुई है। इस मामले में अब तक कुल पाँच आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जाँच से पता चला है कि दीपक खुराना न केवल एक ड्रग डीलर और ड्रग क्वालिटी टेस्टर था, बल्कि ‘ड्रग्स की आय’ का हैंडलर भी था। वहीं अवतार ड्रग्स की बिक्री, कैश मैनेजमेंट, बैंकिंग और हवाला के जरिए ड्रग्स से पैसे बनाता था।

दीपक और अवतार इस केस के मुख्य आरोपित रजी हैदर जैदी और शाहिद अहमद उर्फ काजी अब्दुल वदूद के पुराने साथी हैं। एनआईए ने बताया है कि दीपक और अवतार भारत में ड्रग्स की बिक्री और उसके पैसों को इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल तक पहुँचाने के बड़े खिलाड़ी हैं।

इस मामले में नशीली दवाओं की जब्ती दो किस्तों में 24 और 26 अप्रैल 2022 को भारतीय सीमा शुल्क विभाग द्वारा की गई थी, जब नशीले पदार्थ आईसीपी अटारी, अमृतसर के माध्यम से अफगानिस्तान से देश में पहुँचे थे। नशीले पदार्थों की कुल कीमत लगभग 700 करोड़ रुपये थी।

एनआईए की जांच के अनुसार, यह खेप अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ के निवासी फरार आरोपी नजीर अहमद कानी द्वारा भारत में भेजी गई थी, जिसे दुबई स्थित फरार आरोपी शाहिद अहमद उर्फ काजी अब्दुल वदूद के निर्देश पर पहुँचाया जाना था। इसे रज़ी हैदर ज़ैदी देश के अन्य हिस्सों में पहुँचाता।

इस मामले में एनआईए16 दिसंबर 2022 को शाहिद अहमद और नजीर अहमद कानी के साथ-साथ दो अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं, रजी हैदर जैदी और विपिन मित्तल पहले गिरफ्तार हुए थे, जबकि अमृतपाल सिंह को 15 दिसंबर 2023 को देश से भागने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से 1.34 करोड़ रुपए बरामद हुए थे, जो ड्रग्स से कमाए गए थे।

IPL की ओपनिंग में मुनव्वर फारूकी को देख आक्रोशित हुए लोग, JioCinema से पूछा सवाल – हिन्दू विरोधी को क्यों दिया मंच?

IPL 2024 का शुक्रवार (22 मार्च, 2024) को आगाज़ हुआ। पहले मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच खेला गया। चेन्नई में AR रहमान, सोनू निगम और मोहित चौहान जैसे संगीत की दुनिया के सितारों ने परफॉर्मेंस दिया। हालाँकि, इस दौरान फैंस को सबसे ज्यादा खटका हिन्दू विरोधी मुनव्वर फारूकी का दिखना। JioCinema आईपीएल-2024 को OTT पर दिखा रहा है। वहीं मुनव्वर फारूकी को एक गेस्ट के रूप में देखा गया।

JioCinema को कई लोग अनइंस्टॉल करने का अभियान भी चला रहे हैं। मुनव्वर फारूकी को मैच को लेकर राय देते हुए देखा गया। उनके साथ रैपर बादशाह भी बैठे हुए थे। साथ ही अन्य गेस्ट्स भी चर्चा करते हुए दिखे। ‘नेशनलिस्ट श्रेया’ ने लिखा, “हिन्दू विरोधी मुनव्वर फारूकी को कमेंट्री बॉक्स में क्यों बुलाया गया है? IPL के 80% दर्शक हिन्दू हैं और आप एक हिन्दू विरोधी को बुला रहे हैं? आपको शर्म आनी चाहिए। सब कोई JioCinema को अनइंस्टॉल करें।”

कुछ यूजर्स ने लिखा कि IPL एक बार फिर नीचे गिर रहा है, उसने हिन्दू देवी-देवताओं पर चुटकुले सुना कर कमाई करने वाले को गेस्ट के रूप में बुलाया है। मुनव्वर फारूकी को पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज ज़हीर खान के साथ भी चर्चा करते हुए देखा गया। वहीं इस दौरान ‘बिग बॉस OTT’ और ‘लॉक अप’ रियलिटी शो के विजेता मुनव्वर फारूकी के फैंस खासे खुश नज़र आए और वो उनके क्लिप्स शेयर करते व साथ ही लुक्स की भी तारीफ़ की।

हाल ही में मुनव्वर फारूकी के कारण 2 हिन्दू यूट्यूबर्स में मारपीट भी हो गई। यूट्यूबर मैक्सटर्न ने आरोप लगाए हैं कि एल्विश यादव और उनके 8 साथियों ने उसके साथ मारपीट की। एल्विश यादव और मुनव्वर फारूकी एक साथ मैदान पर क्रिकेट खेलने उतरे। इस दौरान दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं और मैक्सटर्न (सागर ठाकुर) ने एल्विश यादव की आलोचना की थी। हालाँकि, बाद में दोनों ने आपसी मनमुटाव भुला कर झगड़े को खत्म कर लिया था।

‘शुरू से अंत तक घोटाले में सक्रिय हिस्सेदारी’: कोर्ट ने CM अरविंद केजरीवाल को 28 मार्च तक ED की रिमांड में भेजा, अन्य आरोपितों संग बिठा कर होगी पूछताछ

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले में 10 दिनों के लिए ED (प्रवर्तन निदेशालय) की रिमांड में भेज दिया है। जाँच एजेंसी ने उन्हें इस घोटाले का मुख्य सरगना बताया था। दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया इस मामले में पहले से ही जेल में हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन भी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल में ही हैं। शराब घोटाले का दलाल विजय नायर AAP (आम आदमी पार्टी) का कम्युनिकेशन सेल का इंचार्ज था। AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी जेल में हैं।

ED का कहना है कि पूरी की पूरी आम आदमी पार्टी इस शराब घोटाले में शामिल थी। रिमांड एप्लिकेशन में साफ़ लिखा है कि घूस लेन-देन वाली पूरी साजिश को रचने वाले अरविंद केजरीवाल ही थे और इस अपराध शराब नीति निर्माण से लेकर इस अपराध से होने वाले फायदे का इस्तेमाल करने तक में उनकी सक्रिय हिस्सेदारी थी। ED का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में जिस ‘कंपनी’ (संस्था) को फायदा पहुँचा वो AAP ही है, इसीलिए पूरी पार्टी इसमें शामिल थी।

रिमांड एप्लिकेशन में कहा गया है कि अन्य लोगों के साथ मिल कर अरविंद केजरीवाल ने पूरी साजिश रची। 9 बार समन दिए जाने के बावजूद वो जाँच एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए, जबकि उन्हें जाँच में सहयोग का पूरा मौका दिया गया। इस संबंध में अदालत में एक अलग शिकायत दायर की गई है। ED का कहना है कि बार-बार समन को धता बताना भी घोटाले में उनकी हिस्सेदारी की तरफ इशारा करता है। उनका जो बयान रिकॉर्ड किया गया, उसमें भी उन्होंने न सच बोला न ठीक तथ्य बताए।

जाँच एजेंसी ने दिल्ली के CM को PMLA, 2002 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी बताया है। उन्हें BRS नेता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री KCR की बेटी K कविता समेत अन्य आरोपितों के सामने बिठा कर पूछताछ की जाएगी। जाँच एजेंसी का कहना है कि इस पूरे घोटाले की तह तक जाने के लिए उनसे पूछताछ आवश्यक है। अब अटकलें लग रही हैं कि क्या अरविंद केजरीवाल इस्तीफा देंगे या जेल से ही सरकार चलाएँगे? उनकी पत्नी सुनीता के सीएम बनने के कयास भी लंबे समय से लग रहे हैं।

हिस्ट्रीशीटर बना कलियुग का श्रवण कुमार, खुद के चमड़े से बनवाई माँ के लिए चप्पल: रामायण का नाम लेकर खुद को महात्मा साबित करने चला!

रामायण पढ़कर एक बदमाश का ऐसा हृदय परिवर्तन हुआ कि उसने अपने शरीर के चमड़े से माँ के लिए खड़ाऊँ बनवा डाला। यही नहीं, उसने खुद को कलियुग का श्रवण कुमार साबित करने के लिए अपने घर पर भागवत कथा का आयोजन किया और फिर अपनी माँ को उसने खुद के शरीर के निकवाए गए चपड़े से बना चप्पल भेंट किया। बस, फिर क्या था, माँ के साथ ही वहाँ मौजूद हर कोई इमोशनल हो गया और मीडिया भी उसे कलियुग का दूसरा श्रवण कुमार बताने लगा। हाँ, ये जरूर है कि मीडिया को हर साल ऐसे कई कई श्रवण कुमार मिल ही जाया करते हैं। न यकीन हो तो गूगल पर ‘कलियुग का श्रवण कुमार’ लिखकर सर्च कर लीजिए।

बाकी ये मामला है महाकाल की नगरी उज्जैन के ढांचा भवन इलाके का। जहाँ के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर रौनक गुर्जर का रामायण पढ़ते-पढ़ते ऐसा हृदय परिवर्तन हुआ, कि अंगुलिमाल की तर्ज पर महर्षि वाल्मीकि बनने का ख्याल आ गया। वैसे तो रौनक गुर्जर कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रह चुका है। एनकाउंटर के दौरान पैर में गोली भी खा चुका है, लेकिन अब वो नियमित तौर पर रामायण का पाठ करता है और धार्मिक गतिविधियों में लीन रहने की कोशिश करता है।

इसी तरह दिन गुजर ही रहे थे कि रौनक गुर्जर को रामायण पढ़ते हुए श्रवण कुमार से प्रेरणा मिल गई। ऐसे में उन्होंने संकल्प ले लिया कि वे अपनी चमड़ी से माँ के लिए चप्पलें बनवाएंगे। रौनक गुर्जर ने इस संकल्प को किसी को भी नहीं बताया, लेकिन गत दिनों उन्होंने एक सर्जरी के बाद अपनी जाँघ से चमड़ी निकलवाकर माँ के लिए चरण पादुका बनवाई और उन्हें भेंट कर दी। जब बेटे रौनक गुर्जर ने माँ निरूला गुर्जर को या चरण पादुका पहनाई तो माँ बेटे का यह अगाध प्रेम देखकर लोगों की आँखों से आँसू बहने लगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांदीपनि नगर ढांचा भवन पुरानी टंकी के पास अखाड़ा ग्राउंड परिसर में सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन हो रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक गुरु और कथावाचक जितेंद्र महाराज कथा सुना रहे हैं। इस भागवत कथा का आयोजन करा रहा है रौनक गुर्जर नाम का व्यक्ति, जो कभी अपराधों के चलते हिस्ट्रीशीटर की मुहर लेकर घूम रहा है। और यहीं पर सेंटी करने वाला ये सारा कार्यक्रम किया गया। बाकी, रौनक के मन में कब ये सब करने का ख्याल आया, किस डॉक्टर ने उसकी चमड़ी निकाली, कितनी चमड़ी निकाल कर चप्पल बना, ये सब जानकारी बाकी के कथित मेनस्ट्रीम मुर्गा नाच कराने वाले मीडिया हाउस बता ही चुके हैं, जिसकी वजह से पूरे देश के लोगों की आँखों से आँसुओं की धारा बह रही है।

वैसे, भले ही ये समाचार पढ़ कर सभी के आँखों में आँसू आ रहे हों, लेकिन ऐसा कभी हो सकता है कि क्या कोई माँ अपने ही बेटे के शरीर से निकले चमड़े का बना चप्पल पहन पाए? तो भईया, सेंटी होने की जगह सीधी सी बात है कि जनता को मन को लुभाने वाली खबरें पढ़नी होती है और मीडिया को ऐसी ही खबरें दिखाकर टीआरपी और हिट्स बटोरनी होती है… बाकी जन भावनाओं से खेलने वाले अपना काम कर निकलते हैं। ये तो रामायण के नायक भगवान राम भी नहीं जानते होंगे कि रौनक ने अपने ही चमड़े की चप्पलें बनवाकर माँ को कितनी खुशी दी होगी, बाकी उसे महात्मा बनना था, और मीडिया वालों को नया त्यागी (त्याग करने वाला) चाहिए था, तो वो मिल गया। बाकी जपो, हरि का नाम… कलियुग का दूसरा श्रवण कुमार।

‘सनातन धर्म के अपमान के खिलाफ बोलने से रोका गया, 2 साल से किया जा रहा प्रताड़ित’: गुजरात में कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता ने छोड़ी पार्टी, टिकट मिला फिर भी नहीं लड़ेंगे चुनाव

गुजरात में कॉन्ग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक रोहन गुप्ता ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे का पत्र और अपने व्यक्तिगत जीवन से जुड़े कड़वे अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पिछले 3 दिनों से उनके पिता अस्पताल में हैं और इस दौरान उन्हें उनके दृष्टिकोण को समझने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने पिछले 40 वर्षों में नेताओं के धोखों और काले कारनामों के बारे में बताया और ये भी कि कैसे ये लोग ये सब कर के भी सुरक्षित निकल गए।

रोहन गुप्ता ने कहा कि इन घावों की निशानियाँ आज भी मौजूद हैं और इन्हें वो अपने पिता की आँखों में देख सकते हैं। रोहन गुप्ता ने कॉन्ग्रेस के कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के एक नेता द्वारा प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता नहीं चाहते हैं कि पिछले 2 वर्षों में वो जिस मानसिक आघात से गुजरे हैं उसके बाद वो भी वही कीमत चुकाएँ जो उनके पिता ने सहा। उन्होंने बताया कि उनके पिता उनके साथ वही चीजें होने की कल्पना कर सकते थे, लेकिन वो ये सब नहीं देख पाए।

रोहन गुप्ता ने लिखा, “उन्होंने ये सब बर्दाश्त किया और अपना स्वास्थ्य खराब कर लिया, अंत में उन्हें बायपास सर्जरी करानी पड़ी। वो नहीं चाहते थे कि मुझे इससे गुजरना पड़े। हम दोनों योद्धा हैं, पिछले 40 वर्षों से पार्टी के लिए अपनी-अपनी भूमिका में लड़ रहे हैं। मैं किसी चीज से डरता नहीं हूँ, लेकिन जब मुझे धोखा देने की व्यवस्थित साजिश हो तो मैं आवाज़ उठाऊँगा। मेरी विनम्रता को मेरी कमजोरी न समझा जाए, मैंने अपना सबक सीख लिया है।”

हाल ही में रोहन गुप्ता ने अहमदाबाद पूर्व लोकसभा क्षेत्र से बतौर कॉन्ग्रेस उम्मीदवार अपना नाम वापस ले लिया था। अब उन्होंने इसे कठिन निर्णय बताया है। उन्होंने पार्टी के संचार विभाग के नेता द्वारा लगातार चरित्र हनन और अपमानित किए जाने के कारण पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उक्त नेता पिछले 2 वर्षों से ऐसा कर रहा है, पिछले 3 दिनों में भी वो अपनी हरकत से बाज नहीं आया और आगे भी वो अअपनी करतूतें जारी रखेगा, उसे कोई रोक भी नहीं पाएगा।

निराश रोहन गुप्ता ने कहा कि वो अपने आत्म-सम्मान पर और चोट रहने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने घोषणा की कि उनकी नैतिकता उन्हें अब पार्टी में नहीं रहने दे सकती है। बकौल रोहन गुप्ता, जिस नेता की वो बात कर रहे हैं उसने अपने अहंकारी और असभ्य व्यवहार से पार्टी को भी काफी नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी नेता ने कट्टरपंथी मानसिकता का परिचय देते हुए सनातन धर्म के अपमान पर पार्टी में चुप्पी बनाए रखी, जिससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से ठेस पहुँचा है।

रोहन गुप्ता के अनुसार, उन्हें भी विपक्षी नेताओं द्वारा सनातन धर्म का लगातार अपमान किए जाने के खिलाफ टीवी पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इससे कॉन्ग्रेस की छवि और नेताओं के मनोबल को नुकसान पहुँचा है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं के कारण ईमानदार कार्यकर्ता पार्टी छोड़ते हैं। अपना इस्तीफा-पत्र में रोहन गुप्ता ने लिखा कि राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने पिछले 13 वर्षों से पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारियाँ अच्छी तरह निभाई हैं। उन्होंने अपने खिलाफ अपमानजनक अभियान चलाए जाने का भी आरोप लगाया।

घर पर मनेगी एल्विश यादव की होली, नोएडा के कोर्ट ने दी जमानत: साँपों का जहर सप्लाई करने के मामले में 5 दिन से जेल थे बंद

यूट्यूबर और बिग बॉस OTT के विजेता एल्विश यादव को साँपों के जहर मामले में जमानत मिल गई है। उन्हें नोएडा के कोर्ट ने शुक्रवार (22 मार्च, 2024) को जमानत दे दी है। उन्हें नोएडा पुलिस ने साँपों का जहर सप्लाई करने के आरोप पर गिरफ्तार किया था।

नोएडा की अदालत ने उन्हें ₹50,000-₹50,000 के दो मुचलकों पर जमानत दी। नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव को 17 मार्च को गिरफ्तार किया था। उनके जमानत के पहले भी प्रयास हुए थे लेकिन नोएडा में वकीलों की हड़ताल हो रही थी, इसकी वजह से उनकी जमानत नहीं हो पा रही थी।

एल्विश के वकील प्रशांत राठी ने जमानत मिलने पर कहा, “सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने उन्हें ₹50,000 के दो मुचलकों पर जमानत दे दिया। हमने कोर्ट से कहा कि एल्विश यादव निर्दोष है। एल्विश के दो दोस्तों की भी बेल हो गई है।” एल्विश के खिलाफ दर्ज मामले में NDPS धारा भी जोड़ी गई थी। हालाँकि बाद में यह सामने आया था कि कोर्ट ने उन पर लगी 6 NDPS धाराओं में से 2 धाराएँ हटा दी थी। उन पर से मामला अब भी खत्म नहीं हुआ है, मुकदमा अभी चलता रहेगा।

एल्विश के विषय में यह भी जानकारी सामने आई थी कि उन्होंने साँपों का जहर सप्लाई करने की बात कबूली थी। हालाँकि, इस बात को एल्विश के माता पिता ने नकारा था। एल्विश के माता पिता उनसे जेल में मिलने भी गए थे। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बात की थी।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, एल्विश यादव के माता सुषमा यादव और पिता राम अवतार यादव ने बताया था कि वो लोग अपने बेटे से मिलकर आए हैं और उनके बेटे ने कोई गुनाह नहीं कबूला है। ऐसी खबर न चलाई जाए। उन्होंने कहा कि उनका बेटा बिलकुल निर्दोष है और साफ सुथरा है। उसने कुछ गलत नहीं किया।

उनसे जब एल्विश यादव के लग्जरी लाइफस्टाइल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा अगर उनका बेटा लग्जरी लाइफस्टाइल जीता है तो इसका मतलब ये नहीं कि उसपर संदेह किया जाए। एल्विश के पिता ने बताया कि उनके बेटे के पास कोई लग्जरी गाड़ी नहीं है। दो गाड़ियाँ हैं- फॉर्च्यूनर और वैगनआर। उन्होंने बताया कि एल्विश की वीडियो में जो दिखती हैं वो लोन पर ले रखी हैं। इसके अलावा कुछ गाड़ियाँ वो दोस्तों से लेता है।

एबीपी से बात करते हुए, एल्विश यादव के माता-पिता ने मेनका गाँधी से कहा था कि वो उस संस्था की अध्यक्ष हैं जिसने एल्विश पर केस किया है। अगर एल्विश की गिरफ्तारी के बाद उन्हें खुशी मिल गई हो तो वो उनके बेटे पर थोड़ी सी दया दिखाएँ। अपनी बात कहते हुए एल्विश के माता-पिता कई बार भावुक हुए। उन्होंने कहा कि तीन दिन से उन दोनों के पेट में अन्न का दाना तक नहीं गया। पता नहीं लोग क्यों उनके बच्चे को परेशान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चूँकि उनका बेटा कम उम्र में इतना मशहूर हो गया इसलिए लोगों को उससे जलन होने लगी। पिता बोले कि वो खुद एक टीचर हैं। जब वो दूसरों के बच्चों को पढ़ाते हैं तो क्या अपने बच्चे को नहीं पढ़ाया होगा। उन्होंने कहा- “मुझे अपनी परवरिश पर गर्व है और मैं हर जन्म में उसका पिता बनना चाहूँगा।”

एल्विश पर मुकदमा ‘पीपुल्‍स फार एनिमल संस्‍थान’ के पदाधिकारी गौरव गुप्‍ता ने दर्ज कराया था। एफआईआर छह लोगों के खिलाफ थी। इसमें आरोप था कि रेव पार्टियों में साँपों का जहर सप्लाई करने में एल्विश भी जुड़े हैं। इसके बाद नोएडा पुलिस ने जाँच शुरू की और पार्टी से मिले सैंपल चेक कराए। रिपोर्ट में सामने आया कि वो सैंपल कोबरा-करैत प्रजाति के थे। इस रिपोर्ट के आने के एक माह बाद ही एल्विश की गिरफ्तारी हुई थी।

₹520 करोड़ की कमाई छिपाई, ₹135 करोड़ बकाया: हाईकोर्ट में आयकर पर कॉन्ग्रेस के झूठ की खुली पोल, याचिका रद्द

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (22 मार्च, 2024) को कॉन्ग्रेस की वो याचिका ठुकरा दी, जिसमें 3 वर्षों (2014-17) की आयकर की कार्यवाही की पुनः समीक्षा को चुनौती दी गई थी। बता दें कि इनकम टैक्स विभाग ने ये जाँच शुरू की है। जस्टिस यशवंत वर्मा और पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने की पीठ ने ये फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने इस मामले में 20 मार्च को ही फैसला सुरक्षित रख लिया था। कॉन्ग्रेस की तरफ से पार्टी नेता अभिषेक मनु सिंघवी बतौर वकील पेश हुए।

वहीं IT विभाग की तरफ से वकील ज़ोहेब हुसैन ने दलीलें पेश की। कॉन्ग्रेस ने पार्टी की आयकर प्रक्रियाओं की पुनः समीक्षा के खिलाफ रुख अपनाया है। पार्टी की दलील है कि आयकर विभाग बाध्य है कि वो 6 वर्ष की सीमा से पहले की कार्यवाही का पुनर्मूल्यांकन नहीं किया जा सकता है। हालाँकि, इनकम टैक्स विभाग का कहना है कि उसने अपने अधिकारों का कोई उल्लंघन नहीं किया है। IT विभाग का कहना है कि जो दस्तावेज जब्त हुए हैं, उससे पता चलता है कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने 520 करोड़ रुपए की कमाई छिपाई।

वहीं इस महीने की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘आयकर अपीलीय अधिनियम (ITAT)’ के आदेश को सही ठहराया था और कॉन्ग्रेस पार्टी की ये माँग रद्द कर दी थी कि 100 करोड़ रुपए से भी अधिक के बकाए की रिकवरी वाली नोटिस पर रोक लगाई जाए। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि आईटी डिपार्टमेंट के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार उन्हें नज़र नहीं आता है। हालाँकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉन्ग्रेस को ये छूट दी है कि परिस्थितियों के बदलने की स्थिति में वो पुनः फिर ITAT के पास जाए।

आयकर विभाग ने टैक्स ट्रिब्यूनल को बताया है कि बीते वित्तीय वर्ष में कॉन्ग्रेस ने 1000 करोड़ रुपए का कैश होने की घोषणा की थी। इसके अलावा पार्टी ने अपने पास 340 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति होने की बात भी बताई थी। देश भर में कॉन्ग्रेस पार्टी के कई बैंक खाते हैं। वहीं पार्टी आरोप लगा रही है कि उसके बैंक एकाउंट्स फ्रीज कर लिए गए हैं, ऐसे में उसके पास चुनाव लड़ने के लिए फंड ही नहीं है। कॉन्ग्रेस पार्टी को आयकर विभाग को ब्याज समेत 135 करोड़ रुपए बकाए का भुगतान करना है।

‘यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान’: PM मोदी को मिला भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, सिर्फ 4 लोगों को मिला है ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक नई उपलब्धि दर्ज हुई है। उन्हें आज (22 मार्च 2024) भूटान में वहाँ के राजा से सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त हुआ। पीएम मोदी पहले विदेशी शानाध्यक्ष हैं जिन्हें भूटान ने इस सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो (Order of the Druk Gyalpo)’ से नवाजा है। इससे पहले ये सम्मान सिर्फ चार लोगों को मिला है। साल 2008 में यह पुरस्कार रॉयल क्वीन आशी केसांग वांगचुक को दिया गया था। इसके बाद ये सम्मान अब पीएम मोदी को मिला है। उनके अवार्ड पाते ही चारों ओर तालियाँ बजीं। सबने खड़े होकर पीएम का अभिवादन किया।

भूटान के राजा द्वारा ‘सर्वोच्च नागरिक सम्मान’ से सम्मानित होने के बाद पीएम मोदी ने कहा, “आज एक भारतीय के नाते मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन है, आपने मुझे भूटान के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया है। हर पुरस्कार अपने आप में विशेष होता ही है लेकिन जब किसी अन्य देश से पुरस्कार मिलता है तो यह महसूस होता है कि हम दोनों देश सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”

पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “140 करोड़ भारतवासी जानते हैं कि भूटान के लोग उनके अपने परिवार के सदस्य हैं। भूटान के लोग भी यह जानते हैं और मानते हैं कि भारत उनका परिवार है। हमारे संबंध, मित्रता, आपसी सहयोग और विश्वास अटूट है। इसलिए मेरे लिए आज का यह दिन बहुत विशेष है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “भारत और भूटान एक साझी विरासत का हिस्सा है। भारत भगवान बुद्ध की भूमि है, उनकी तपोस्थली है। भारत वह भूमि है जहाँ बुद्ध को बोध प्राप्त हुआ था। भूटान ने भगवान बुद्ध की उन शिक्षाओं को आत्मसात किया, उन्हें संरक्षित किया।”

बता दें कि पीएम मोदी इन दिनों दो दिन के भूटान दौरे पर हैं। वहाँ उनका भव्य स्वागत हुआ। शुक्रवार को वो राजधानी थींपू के ताशिचो दजोंग पैलेस पहुँचे। यहाँ उनका औपचारिक रूप से स्वागत हुआ। स्वयं भूटान के राजा जिग्मे वागंचुक ने उनसे मुलाकात की। वहीं उनसे पहले वहाँ के पीएम शेरिंग टोबगे ने पारो एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री को देख उन्हें गले लगाया था और उन्हें कहा था- “स्वागत है मेरे बड़े भाई।”

लोकसभा चुनाव से पहले TMC कैंडिडेट सुजाता मंडल ने वोटरों को दी ‘नतीजा’ भुगतने की धमकी, पहले दलितों को कह चुकी हैं ‘भिखारी’

पश्चिम बंगाल की बिष्णुपुर लोकसभा सीट से टीएमसी कैंडिडेट सुजाता मंडल का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो वोटरों को धमकाती दिख रही हैं। तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार (बिष्णुपुर निर्वाचन क्षेत्र) सुजाता मंडल ने गुरुवार (21 मार्च) को ग्रामीणों को जमकर धमकाया और अपनी पार्टी के लिए वोट करने के लिए कहा। सुजाता मंडल ने कहा कि अगर इस इलाके से टीएमसी पीछे भी रह गई, तो टीएमसी का कोई भी नेता यहाँ नहीं आएगा, मेरी तो भूल ही जाइए। मंडल ने कहा कि ये बात मीडिया भी रिकॉर्ड कर रही होगी, तो उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। ये वही सुजाता मंडल हैं, जो अनुसूचित जाति के लोगों को भिखारी भी कह चुकी हैं।

ये घटना बाँकुरा जिले के ओंधा विधानसभा क्षेत्र की है, जहाँ सुजाता मंडल चुनाव प्रचार के लिए पहुँची थी। स्थानीय महिलाओं से बातचीत करते हुए उन्होंने महिलाओं को जमकर धमकाया और कहा कि अगर किसी ने बीजेपी को वोट डाला, तो अंजाम भी उसे भुगतना पड़ेगा। एबीपी आनंदा के वीडियो में सुजाता मंडल कहती दिख रही हैं, “मुझे ये कहने में कोई हिचक नहीं है कि आप लोग लोटस (कमल) को वोट दे रहे हैं।”

सुजाता मंडल महिलाओं को धमकी देती दिख रही हैं, जिसमें वो कह रही हैं, “मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि मीडिया के लोग या अन्य लोग इस बात को सुन रहे हैं। बाकी मैं देखूँगी कि टीएमसी को यहाँ से अगर बढ़ती नहीं मिली, तो टीएमसी का कोई भी व्यक्ति आपका रोना सुनने नहीं आने वाला।”

ग्रामीणों का मजाक उड़ाते हुए सुजाता कहती दिख रही हैं, “मुझे सच्चाई का पता है, मैं इसे अभी बता दे रही हूँ। हमारी पार्टी से आपकी समस्याओं को सुनने कोई नहीं आने वाला है। फिर बीजेपी के लोगों से ही अपनी दिक्कतें कहना।” सुजाता ने कहा, ये कभी नहीं हो सकता कि टीएमसी यहाँ काम करे और बीजेपी को लोग इस सीट से चुनकर भेजते रहें। अगर यहाँ टीएमसी लीड पाती है, तो मैं यहाँ आधी रात को भी तुम लोगों की समस्याओं को सुलझाने आ जाऊंगी, वर्ना यहाँ कोई भी नहीं आएगा।

सुजाता मंडल ने आगे कहा, “जहाँ टीएमसी को लीड नहीं मिलेगी, वहाँ मुझे छोड़िए, कोई पार्टी का कार्यकर्ता भी नहीं आएगा। बतौर टीएमसी की सिपाही मैं कभी बर्दास्त नहीं करूंगी कि ममता बनर्जी लोगों को देती रहें और बदले में उन्हें गद्दारी मिले”

ये पहली बार नहीं है कि टीएमसी के किसी कैंडिडेट ने मतदाताओं को धमकाया हो। हाल ही में नालदा उत्तर लोकसभा सीट से टीएमसी उम्मीदवार प्रसून बनर्जी ने चुनाव आयोग के अधिकारियों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को धमकाया था।

अनुसूचित जाति के लोगों को कहा था ‘भिखारी’

साल 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान सुजाता मंडल ने अनुसूचित जाति के लोगों को ‘भिखारी’ कहा था। उन्होंने न्यूज18 बांग्ला से बात करते हुए कहा था, “ममता बनर्जी चाहे जितना इन लोगों (अनुसूचित जाति) को मदद कर दें, इनकी कंगाली नहीं जाएगी।” उन्होंने आगे कहा था, “कुछ लोग प्रकृति से ही भिखारी होते हैं, कुछ लोग परिस्थितिवश, लेकिन अनुसूचित जाति के लोग प्रकृति से ही भिखारी होते हैं।”

सुजाता मंडल ने अनुसूचित जाति के लोगों पर बीजेपी का पक्ष लेने के आरोप लगाए हुए कहा था, “ममता बनर्जी ने इन लोगों को सबकुछ दिया, लेकिन इन लोगों ने खुद को पैसों के लिए बीजेपी को बेच दिया। अब ये लोग (बीजेपी) हम पर अत्याचार कर रहे हैं।”

यहाँ ये भी बताना जरूरी है कि साल 2021 के उस चुनाव में सुजाता मंडल को स्थानीय लोगों ने जमकर कूटा भी था। वो ये चुनाव बीजेपी उम्मीदवार मधुसूदन बाग से 7142 वोटों से हार गई थीं।

जो अपनी बेटी तक को नहीं छोड़ता हो उसी का नाम है लालू प्रसाद: बिहार के डिप्टी CM ने बताया RJD चीफ का ‘परिचय’, कहा- किडनी लिया, टिकट दिया

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजद नेता लालू प्रसाद यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने लालू प्रसाद यादव पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगाया है। उन्होंने लालू प्रसाद यादव पर अपनी बेटी तक को ना छोड़ने का आरोप लगाया है।

सम्राट चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “ऐसे नेता हैं, जो टिकट बेचने में माहिर खिलाड़ी हैं। लालू जी ने अपनी बेटी तक को नहीं छोड़ा, पहली किडनी ली फिर टिकट दिया। यही है लालू यादव जी का परिचय। जो व्यक्ति अपनी बेटी तक को नहीं छोड़ता हो, उसका नाम है लालू यादव।”

सम्राट चौधरी ने यह बात लोकसभा चुनावो के सम्बन्ध में कही। उनका इशारा लालू यादव और उनकी बेटी रोहिणी आचार्य की तरफ था। रोहिणी आचार्य ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी दान की थी। लालू प्रसाद यादव का किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन सिंगापुर में दिसम्बर 2022 में हुआ था।

रोहिणी आचार्य के बिहार के सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालाँकि, अभी उनकी उम्मीदवारी स्पष्ट नहीं है पर वह बीते कुछ समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय दिख रही हैं। रोहिणी पटना में हुई महागठबंधन की एक रैली में भी दिखी थीं। इस रैली में राहुल गाँधी भी थे।

यदि रोहिणी चुनाव लड़ती हैं तो वह लालू के परिवार से सक्रिय राजनीती में उतरने वाली छठी शख्स होंगी। लालू प्रसाद यादव के अतिरिक्त रोहिणी की माँ राबड़ी देवी, भाई तेजप्रताप और तेजस्वी तथा बड़ी बहन मीसा भारती सांसद-विधायक रहे चुके हैं।

सारण सीट से रोहिणी के लड़ने की चर्चा इसलिए भी है क्योंकि इस सीट पर लालू प्रसाद यादव भी सांसद रह चुके हैं। सारण लोकसभा सीट पहले छपरा लोकसभा थी। यह 2009 में परिसीमन के बाद सारण लोकसभा बनाई गई थी। छपरा से लालू प्रसाद यादव 3 बार सांसद रहे हैं। सारण लोकसभा से 2009 में लालू प्रसाद यादव भी सांसद बने थे।

हालाँकि, यह सीट 2014 के बाद से भाजपा के पास है। भाजपा के राजीव प्रताप रूडी इस सीट से लगातार दो बार से सांसद हैं। पिछले दो चुनावों में भाजपा का यहाँ वोट प्रतिशत भी बढ़ा है। ऐसे में यदि रोहिणी आचार्य को टिकट मिलता है तो उनके लिए यहाँ से रास्ता आसान नहीं होगा।