Home Blog Page 1080

‘छोड़ेंगे नहीं, सबको मिलेगी सजा’ : मॉस्को आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने खाई कसम, 11 संदिग्ध हिरासत में, 4 बंदूकधारी

रूस की राजधानी मॉस्को में हुए आतंकी हमले के बाद अब तक 11 संदिग्ध लोग हिरासत में लिए गए हैं। इनमें कथिततौर पर 4 बंदूकधारी भी है जिन्होंने निर्दोष लोगों पर हमला किया। रूसी प्रशासन का दावा है कि इन लोगों को मदद यूक्रेन से प्राप्त हुई थी। हमले के बाद ये लोग यूक्रेन के रास्ते रूस से भागने वाले थे। रूस को ये बिंदु पता लगने के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी हमलावरों की पहचान होगी और जो भी इसमें शामिल होगा हर किसी को सजा मिलेगी।

बता दें कि रूस की प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि आईएस आतंकियों को मदद मुहैया यूक्रेन ने कराई थी। हमलावर बॉर्डर पार कर सकें इसके लिए एक रास्ता यूक्रेन ने खोला हुआ था। वहीं यूक्रेन का कहना है कि वो इस आतंकी हमले में शामिल नहीं थे। उनकी लड़ाई रूस की सेना से न कि नागरिकों से।

राष्ट्रपति पुतिन ने इस घटना के बाद अपने संबोधन आतंकियों को सजा देने की कसम खाई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “हम उन सभी लोगों की पहचान करेंगे और उन्हें दंडित करेंगे जिन्होंने आतंकवादियों को समर्थन दिया, जिन्होंने रूस के खिलाफ, हमारे लोगों के खिलाफ इस अत्याचार, इस हमले की तैयारी की।”

बता दें कि इस हमले में आतंकवादियों ने कॉन्सर्ट हॉल में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की और बाद में बम भी फेंके। इन लोगों ने कॉन्सर्ट हॉल में आग लगाने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल किया। अब तक मौत का आँकड़ा 133 पहुँच गया है। वहीं 107 के करीब घायल हैं। 28 शव तो शौचालय में जबकि 14 शव सीढ़ियों पर मिले हैं। एक वीडियो भी सामने आई है जिसमें एक आतंकी लोगों को मारते हुए दिखाया जा रहा है और मारने के बाद उनका गला रेत रहा है। ये वीडियो कहाँ की है ये तो नहीं पता चल सका है लेकिन रूस में हमले के बाद इसे शेयर किया जा रहा है।

गौरतलब है कि जहाँ रूस ने 4 बंदूकधारियों को हिरासत में लेने की बात कही है। वहीं इस्लामिक स्टेट का कहना है कि सारे हमलावर हमले के बाद सुरक्षित रूप से अपने ठिकानों पर आ गए। अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, आतंकी हमला करने के बाद रेनॉल्ट गाड़ी में भागे थे। बाद में उन्हें दक्षिण-पश्चिम में ब्रांस्क क्षेत्र में देखा गया। पुलिस ने उनका पीछा गया और पकड़ने का प्रयास किया। बाद में उनकी कार से पिस्तौल, राइफल की मैग्जीन, ताजिकिस्तान के पासपोर्ट बरामद हुए। एक टीवी संपादक सिमोनियन ने यह भी जानकारी दी कि संदिग्ध लोगों में से एक आतंकी 4 मार्च को तुर्की से आया था। टीवी पत्रकार ने यह भी बताया है कि इन लोगों को पैसे देकर ये हमला करने के निर्देश टेलीग्राम के जरिए मिले थे।

‘राम का नाम क्यों ले रहे हो’: बोर्ड की परीक्षा बढ़िया होने पर हिंदू छात्र ने कहा ‘जय श्रीराम’ तो अतीक-अल्फाज ने पीटा, लड़के के पिता को भी धमकाया

गुजरात के अमरेली में 12वीं की छात्र को सिर्फ इसलिए पीटा गया, क्योंकि बोर्ड की परीक्षा में उसका पेपर अच्छा गया था, जिसके बाद उसने बोर्ड सेंटर के बाहर खुशी में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाकर खुशी जताई थी। खास बात ये है कि उस छात्र की पिटाई करने वाले युवकों ने ये कहते हुए हिंदू छात्र को पीटा कि ये सेंटर मुस्लिम का है। जिस स्कूल में छात्र का सेंटर गया था, उसका नाम एमएमकेजी हाई स्कूल है। इस स्कूल का संचालन फैज़-ए-मुहम्मदी एजुकेशनल वेलफेयर एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।

ये मामला सावरकुंडला का है, जहाँ भगवान राम का नाम लेने पर अतीक कुरैशी और अल्फाज कुरैशी ने छात्र को पीट दिया। उन्होंने कहा, ‘यहाँ क्यों राम का नाम ले रहे हो, क्या पता नहीं है कि किस जगह (स्कूल पर) खड़े हो।’ इस मामले में बाद में छात्र के पिता ने दोनों युवकों को समझाने के लिए बुलाया, तो दोनों ने उनके साथ भी बदतमीजी की और ‘कौम के भाइयों के लिए कुर्बान’ होने की बात कही। अब इस मामले में पीड़ित के पिता ने एफआईआर दर्ज कराई है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद एफआईआर की कॉपी के मुताबिक, पीड़ित छात्र 20 मार्च को 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने सावरकुंडला के एसएमकेजी हाई स्कूल गया था। यहाँ उसका पेपर अच्छा हुआ, तो उसने बाहर आकर ‘जय श्री राम’ का उद्घोष किया और भगवान को धन्यवाद कहा। लेकिन उसी सेंटर पर 12वीं की परीक्षा दूसरी बार दे रहे मोहम्मद अतीक कुरैशी को ये बात जँची नहीं। उसने कहा कि ‘चिल्लाओ मत, मेरा पेपर अच्छा नहीं गया है।’ ये बात कहने के बाद उसने पीड़ित के साथ झगड़ा किया।

एफआईआर की कॉपी

इस बीच अतीक का दोस्त अल्फाज कुरैशी भी वहाँ पहुँच गया। दोनों ने राम का नाम लेने पर हिंदू छात्र की पिटाई कर दी। जिसे बाकी छात्रों ने किसी तरह से छुड़ाया। यहाँ ध्यान देने वाली बात है कि पीड़ित छात्र ने भगवान राम को धन्यवाद कहने के लिए ‘जय श्री राम’ कहा था, न कि किसी को बुलाकर या संबोधित करके।

इस घटना के बाद छात्र ने अपने पिता को पूरी बात की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने दोनों युवकों को फोन करके बुलाया। दोनों देर रात दुकान पहुँचे, लेकिन उन्होंने अपने गलती मानने की जगह हिंदू छात्र के पिता को ही धमका दिया और कहा कि ज्यादा समझदारी हो तो समझौता कर लो।

मामले में छात्र के पिता ने सावरकुंडला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मोहम्मद अतीक कुरेशी और अल्फाज कुरेशी दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 506(2) और 114 के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी।

एफआईआर की कॉपी

पीड़ित छात्र के पिता ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने कहा कि उनका बेटा पेपर अच्छा होने के कारण अन्य छात्रों के साथ भगवान का नाम ले रहा था, तभी एक मुस्लिम छात्र ने पीछे से आकर उसे थप्पड़ मारा और कहा, “तुम्हें पता है, यह किसका स्कूल है? ये शब्द यहाँ नहीं बोल सकते। जाँच में पता चला कि सावरकुंडला के इस एसएमजीके स्कूल का प्रबंधन फैज़-ए-मुहम्मदी एजुकेशनल वेलफेयर एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।

‘हम अपने भाइयों के लिए खुद को कुर्बान कर देंगे’

पीड़ित के पिता ने आगे कहा, “मेरे बेटे ने दोनों पीटे गए युवकों की स्कूटर के नंबर नोट कर लिए थे, इसलिए मेरी दुकान में पहले काम कर चुके एक व्यक्ति के माध्यम से मेरा अल्फाज और आरिफ (अल्फाज का अब्बा) से संपर्क हुआ। इसलिए उन दोनों को मेरी दुकान पर बुलाया गया।” उन्होंने कहा कि जब हम बात कर रहे थे तो आरिफ कुरेशी ने ‘हम अपने भाइयों के लिए कुर्बान हो जाएँगे’ कहकर मुझे जान से मारने की धमकी दी और चले गए। फिर मैं पुलिस स्टेशन गया और शिकायत दर्ज कराई।’

पुलिस ने की घटना की पुष्टि

ऑपइंडिया ने पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए पुलिस से भी संपर्क किया। मामले की जाँच कर रहे एएसआई वाई एस वनरा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

तत्काल सुनवाई की केजरीवाल की याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने ठुकराई, ED गिरफ्तारी को दी थी चुनौती: शराब घोटाले में PMLA कोर्ट ने K कविता को भी नहीं दी राहत

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हाई कोर्ट से फिर झटका लगा है। अदालत ने उनकी याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सीएम केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिमांड के खिलाफ अपनी अर्जी में रविवार यानी 24 मार्च 2024 की सुबह सुनवाई की माँग की थी।

दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मनमोहन की अदालत के मुताबिक, याचिका पर होली की छुट्टी के बाद यानी 27 मार्च को कोर्ट खुलने के बाद सुनवाई होने की उम्मीद है। सोमवार और मंगलवार (25-26 मार्च 2024) को हाईकोर्ट में अवकाश है।

वहीं, भारतीय राष्ट्रीय समिति (BRS) की नेता के. कविता को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 26 मार्च 2024 तक ED की रिमांड पर भेज दिया है। कोर्ट में ED ने रिमांड के लिए दलील दी कि के कविता का साक्ष्यों और केस के अन्य आरोपियों से आमान-सामना करवाना जरूरी है।

वहीं, अरविंद केजरीवाल को भी गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश करते हुए ED ने दलील दी कि वे शराब घोटाले के मास्टरमाइंड हैं और कविता मनीष सिसोदिया और केजरीवाल के संपर्क में थीं। कोर्ट ने केजरीवाल को 28 मार्च (गुरुवार) को दोपहर 2 बजे तक ED की रिमांड पर भेजा है। अब खबर है कि अरविंद केजरीवाल, कविता और मनीष सिसोदिया को एक साथ बैठाकर पूछताछ हो सकती है।

ED ने कोर्ट में दलील दी कि के कविता के जरिए ही साउथ लॉबी (दक्षिण भारत के शराब कारोबारियों) ने 100 करोड़ रुपए की रिश्वत देकर नई शराब नीति में एंट्री की। इसमें मिले 100 करोड़ रुपए की रिश्वत में से आम आदमी पार्टी (AAP) ने 45 करोड़ रुपए गोवा चुनाव में खर्च किए।

ऐसे में ED सूत्रों का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कविता का आमान-सामना करना बेहद जरूरी है, ताकि नई शराब नीति की साजिश का खुलासा किया जा सके। इसमें प्रवर्तन निदेशालय कविता और अन्य आरोपितों से कई गंभीर सवाल कर सकती है।

अरविंद केजरीवाल से सामना के दौरान ED कविता से पूछ सकती है कि दिल्ली सरकार की नई शराब नीति के बारे में उन्हें जानकारी कैसे मिली। क्या आपने खुद दिल्ली सरकार को अप्रोच किया था या केजरीवाल सरकार की तरफ से प्रस्ताव आया था? अरविंद केजरीवाल से मुलाकात या संपर्क का जरिया क्या है? शराब नीति तैयार करते समय केजरीवाल से कितनी बार बातचीत या संपर्क हुए।

इसके अलावा भी प्रवर्तन निदेशालय अरविंद केजरीवाल और कविता से कई तरह के सवाल कर सकती है। वहीं, ED अरविंद केजरीवाल से पूछ सकती है कि कविता के जरिए साउथ लॉबी को नई शराब नीति के बारे में उन्हें जानकारी कब हुई। कविता से उनका संपर्क कब हुआ और क्या कविता के कहने पर प्रॉफिट मार्जिन 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया गया था?

खेल रहा था हिंदू बच्चा, गेंद कासिम के पैर में लगी तो फूँक दिया घर: तीन गोवंश झुलसे, जिंदा जलने से बाल-बाल बचा राजबलि चौहान का परिवार

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक हिंदू परिवार का घर कासिम नाम के मुस्लिम व्यक्ति ने फूँक दिया, क्योंकि बच्चे के खेलते समय उसे गेंद लग गई थी। इस आगजनी में पीड़ित परिवार के छप्पर वाले घर में बंधी तीन गोवंश जानवर झुलस गए, जिनका इलाज अभी पशु अस्पताल में चल रहा है। गनीमत रही कि पीड़ित परिवार किसी तरह घर निकलकर अपनी और परिवार की जान बचाई। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में आरोपित को पकड़ा और फिर चालान करके उसे जेल भेजने की जगह घर भेज दिया।

ये मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का है। जहाँ के हरैया थाना इलाके के मुस्लिम बहुल गाँव शेरवादीह में महज तीन घर मुस्लिमों से अलग हैं। बाकी पूरा गाँव मुस्लिमों का है। इस गाँव के रहने वाले राजबलि चौहान का आरोप है कि दो दिन पहले उनका 8 साल का नाती खेल रहा था, तभी उसकी गेंद कासिम के पैर में लग गई। कासिम ने इसके बदले बच्चे की न सिर्फ शिकायत घर पर की, बल्कि घर वालों को धमकाया भी। यही नहीं, जब बच्चे के पिता ने विरोध किया, तो पूरे परिवार को जिंदा जला देने की धमकी दी और चला गया।

आरोप है कि एक सप्ताह बाद कासिम ने 18 मार्च 2024 की देर रात उसके छप्परनुमा घर पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और आग लगा दी। इस दौरान पूरा परिवार उसी छप्परनुमा घर में सो रहा था। आग तेजी से बढ़ी तो पूरे परिवार ने किसी तरह से जान बचाई। इस दौरान छप्परनुमा घर में बंधे तीन गोवंश झुलस गए, जिनका पशु चिकित्सालय द्वारा इलाज किया जा रहा है।

इस मामले में पीड़ित राजबलि ने पुलिस में शिकायत की, तो थाने में उनकी बात नहीं सुनी गई, जिसके बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने थाने में प्रदर्शन किया, तब जाकर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बावजूद पुलिस ने कासिम का मामूली धाराओं में चालान करके छोड़ दिया।

पुलिस पर लग रहे आरोपों को डीएसपी अशोक कुमार मिश्रा ने गलत बताया है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद हमने एफआईआर दर्ज कर ली है, जिसमें कासिम को मुख्य आरोपित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अग्निकांड में झुलसे गोवंशों का इलाज अभी जारी है।

जिस शिवलिंग का अभिषेक करते थे सम्राट विक्रमादित्य, उसे ASI ने खोजा: मंदिर के द्वार पर नक्काशी और गंगा-यमुना

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में खुदाई के दौरान अब तक का सबसे प्राचीन मंदिर और शिवलिंग मिला है। इस शिवलिंग के पहली सदी से लेकर पाँचवीं सदी के बीच की होने की संभावना जताई जा रही है। कहा जा रहा है कि यह मंदिर मठ से निर्मित किए गए होंगे। 4 मार्च 2024 से चल रही आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया( ASI) द्वारा यह खुदाई चौमुखनाथ मंदिर आसपास मौजूद टीलों की हो रही है।

इस खुदाई में माना जा रहा है कि अभी कई और प्राचीन प्रतिमाएँ और मंदिरों के अवशेष मिल सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह खुदाई पन्ना जिले के गाँव नचना कुठारा में चल रही है। यहाँ 2 प्राचीन मंदिर स्थित हैं। इन्हें आसपास इलाकों में चौमुखनाथ (चतुर्भुज नाथ) और पार्वती मंदिर के नाम से जाना जाता है। माता पार्वती मंदिर 5वीं की, जबकि चौमुखनाथ मंदिर 8वीं सदी की बताई जा रही है।

भारतीय आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया( ASI) के जबलपुर सर्किल के पुरातत्वविद डॉक्टर शिवाकांत वाजपेयी के नेतृत्व में मंदिर परिसर के पास अवस्थित 8 टीलों में से 2 को चिह्नित किया गया है। इन्हीं टीलों के आसपास खुदाई का काम चल रहा है। लगभग 15 दिनों की खुदाई के बाद पार्वती मंदिर से लगभग 33 मीटर दूर मौजूद टीले से एक शिवलिंग निकला है।

पुरातत्वविदों का दावा है कि खुदाई में सामने आया शिवलिंग 1 से 5वीं सदी के बीच का हो सकता है। इतिहासकार इसे गुप्तकालीन शिवलिंग बता रहे हैं। शिवलिंग का निर्माण किस चीज से हुआ है, इसकी जाँच अभी चल रही है। पुरातत्वविद वाजपेयी के मुताबिक, खुदाई आगे बढ़ने के साथ अभी कुछ और ऐतिहासिक धरोहरें मिल सकती हैं।

जिस गाँव में यह शिवलिंग मिला है उसके बारे में पुरातत्वविदों का मानना है कि सम्भवतः यह जगह गुप्तकाल में कोई समृद्ध व्यापारिक केंद्र रहा होगा। फिलहाल ASI इस बात का पूरा ध्यान रख रहा है कि खुदाई से निकली शासकीय संपत्ति को कोई नुकसान न पहुँचे। औजारों को बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है। खुदाई के लिए टीलों को धागे से चिह्नित करके वहाँ वीडियोग्राफ़ी और फोटो खींचना प्रतिबंधित कर दिया गया है।

वाजपेयी के मुताबिक, ASI के पहले महानिदेशक जनरल अलेक्जेंडर कनिंघम ने इस गाँव में 2 पुराने मंदिरों की खोज की थी। साल 1885 में इससे जुड़ी रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई थी, जिसमें पहला पार्वती मंदिर और दूसरा चतुर्मुख शिव मंदिर की बात कही गई है। तब से ASI की लिस्ट में यह स्थान ऐतिहासिक धरोहरों के तौर पर शामिल था। बकौल वाजपेयी, वे भारत के सबसे पुराने मंदिर की तलाश में हैं।

पुरातत्वविद डॉक्टर नारायण व्यास कहते हैं कि नचना का पार्वती मंदिर उन शुरुआती उपासना स्थलों में से है, पत्थरों को काटकर बनाए गए स्थानों की जगह ले रहा है। यह मंदिर दो मंजिला है। इसमें एक मंडप और एक गर्भगृह है। इसकी छत सपाट है। इससे पता चलता है कि तब तक मंदिरों के शिखर बनना शुरू नहीं हुए थे। इसके प्रवेश द्वार पर खूबसूरत नक्काशी से गंगा और यमुना की छवि को उकेरा गया है।

मंदिरों पर कुछ पौराणिक कथाओं का भी चित्रण हैं। उन पर गुप्तकाल का प्रभाव है। डॉक्टर व्यास बताते हैं कि मंदिर स्थापत्य की शुरुआत गुफा मंदिरों से हुई थी। ईसा पूर्व की दूसरी शताब्दी में अजंता में हीनयान बौद्ध परंपरा की गुफाएँ बनी थीं। उसके बाद कुछ गुफाओं के साथ पत्थरों को जोड़कर मंदिर बनाने का नया आर्किटेक्ट विकसित हुआ था।

डॉ़क्टर व्यास का कहना है कि विदिशा के पास बेसनगर में एक पुराने मंदिर की नींव के अवशेष मिले हैं। शायद यह लकड़ी का बना हुआ और यह दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व का है। यहाँ एक गरूड़ स्तंभ है, जिसे स्थानीय लोग खाम्म बाबा कहते हैं। माना जाता है कि यह बेसनगर के मंदिर की ही छवि है।

कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इस मंदिर का डिजाइन शुरुआती ग्रीक मंदिरों से मिलता-जुलता है। इसे चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के समय 5वीं शताब्दी की शुरुआत में बनाया गया था। बताते चलें कि मध्य प्रदेश के कटनी जिले में बहोरीबंद के पास तिगवाँ गाँव में 36 पुराने मंदिरों का एक समूह है, जिसमें कंकाली मंदिर का ढाँचा अभी भी अच्छी स्थित में है। इसे 5वीं शताब्दी की शुरुआत का माना जाता है।

एयरटेल ने कहा- फोन में मालवेयर हो सकता है, एंटी वायरस इंस्टॉल करें; सागरिका घोष ने किया दावा- विपक्षी MP की जासूसी करवा रही मोदी सरकार

तृणमूल कॉन्ग्रेस की राज्यसभा सांसद और पूर्व ‘पत्रकार’ सागरिका घोष ने एक्स पर ये दावा किया है कि उनका फोन मोदी सरकार हैक कर रही है। उन्होंने एटरटेल के हवाले से दावा किया है कि उनका सिस्टम (मोबाइल फोन) मालवेयर (वायरस) से संक्रमित हो सकता है।

एयरटेल द्वारा भेजे गए मेल में लिखा है, “प्रिय ग्राहक, हमें CERT-IN द्वारा सूचना दी गई है कि आपका डिवाइस बॉट/मालवेयर से संक्रमित है।” इसके आगे एयरटेल ने सागरिका घोष से उनके सिस्टम में एंटी वायरस और एंटी-स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर इंस्टाल करने की सिफारिश की है।

शुक्रवार (22 मार्च 2024) को सागरिका घोष ने पूछा था, ”कुछ दिन पहले यह ईमेल मिला। क्या यहाँ कोई जानता है कि साइबर स्वच्छता क्या है? और इसे कैसे पता चलेगा कि मेरे सिस्टम में मैलवेयर है?”

एक दिन बाद शनिवार (23 मार्च 2024) को उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद होने के कारण उनका फोन हैक किया जा रहा है। उन्होंने लगभग बेशर्मी से लिखा, “अपडेट: एयरटेल से दोबारा बात की। ये उतना हानिरहित नहीं है जितना उन्होंने सोचा था। उन्हें मेरे फोन में सेंध(हैकिंग) की कोशिश का शक है। प्रिय भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय: एक विपक्षी सांसद का फोन क्यों हैक किया जा रहा है।”

सागरिका घोष, जो फर्जी खबरें फैलाने में नई नहीं हैं ने कहा कि विपक्षी पार्टी की सांसद होने की वजह से उनके फोन को हैक किया जा सकता है। उन्होंने पूछा, “मुझे एयरटेल इंडिया से यह ईमेल क्यों प्राप्त हुआ है?”

उनके विवादास्पद ट्वीट पोस्ट करने के बाद, कई सोशल मीडिया यूजर ने बताया कि जब कोई उपयोगकर्ता अनधिकृत ऐप डाउनलोड करता है तो इंटरनेट सेवा प्रदाता ऐसे संदेश भेजते हैं।

एक नेटिज़न ने ट्वीट किया, “शायद यह एक मैलवेयर/वायरस हमला है जो तब होता है जब कोई अनधिकृत ऐप्स इंस्टॉल करता है।”

एक अन्य यूजर ने सागरिका घोष से अनजान ऐप्स इंस्टॉल न करने को कहा।

एक यूजर ने टीएमसी सांसद से कहा, ”यह एक मैलवेयर है। ऐसा आपके द्वारा देखे गए वेब पेजों के कुछ ख़राब चयन के कारण हो सकता है…” बता दें कि सागरिका घोष को टीएमसी ने इसी साल राज्यसभा सांसद बनाया है। इससे पहले वो खुद को ‘निष्पक्ष’ पत्रकार कहती रही थी।

जिन कॉन्ग्रेस विधायकों के कारण हिमाचल में हारे अभिषेक मनु सिंघवी, वे BJP में हुए शामिल: 3 निर्दलीय MLA ने भी हाथ में पकड़ा कमल का फूल

हिमाचल प्रदेश में पार्टी से निष्कासित किए गए कॉन्ग्रेस के 6 पूर्व विधायक शनिवार (23 मार्च 2024) को भाजपा (BJP) में शामिल हो गए। दरअसल, कॉन्ग्रेस के एक व्हिप का उल्लंघन करने के बाद इन इन लोगों को विधायक पद से अयोग्य करार दिया गया था। वे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आदि नेताओं की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो गए।

इन बागी नेताओं को पार्टी में शामिल करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि इनके आने से भाजपा और मजबूत होगी। पूर्व सीएम ने कहा कि राज्य में कॉन्ग्रेस सरकार पर अपने वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे जनता में आक्रोश है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जनाक्रोश के कारण इन नेताओं ने हाल में हुए संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन किया था।

कॉन्ग्रेस के जो 6 बागी विधायक भाजपा में शामिल हुए वे हैं- राजेंद्र राणा, रवि सिंह ठाकुर, इंद्रदत्त लखनपाल, सुधीर शर्मा, चैतन्य शर्मा और देवेंद्र कुमार भुट्टो। ये सभी कॉन्ग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुए थे, लेकिन हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राज्य सरकार के पक्ष में मतदान करने के पार्टी व्हिप की अवज्ञा करने के कारण 29 फरवरी 2024 को अयोग्य करार दिया गया था।

इन विधायकों की विधायकी जाने के बाद निर्वाचन आयोग ने इनके निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनाव की घोषणा की है। माना जाता है कि ये सभी पूर्व विधायक भाजपा की टिकट पर अपनी-अपनी सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं। इसके अलावा, तीन निर्दलीय विधायकों – आशीष शर्मा, होशियार सिंह और केएल ठाकुर ने शुक्रवार (22 मार्च 2024) भी भाजपा में शामिल हो गए हैं।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की मौजूदगी में ये सभी नेता भाजपा में शामिल हुए। इस दौरान राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि अयोग्य ठहराए गए विधायकों ने गुरुवार (21 मार्च 2024) की रात को भाजपा हाईकमान के साथ बैठक की थी। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए।

इस दौरान राजेंद्र राणा ने कहा कि जब से कॉन्ग्रेस की सरकार बनी है, तब जनता की सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार युवाओं के रोजगार पर गौर नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों से किए गए वादे पूरी नहीं कर रही है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू तानाशाह बन गए हैं और वे लोगों को अपमानित कर रहे। विधायकों की सुनने वाला कोई नहीं है। सरकार विधायकों के मुताबिक नहीं चल रही है।

आधे घंटे के ₹2 लाख, 1 घंटे के ₹5 लाख… अनुराग कश्यप ने तय किया अपना रेट, बोले- नए लोगों पर वक्त बर्बाद नहीं करूँगा

बॉलीवुड फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने अपने इंस्टाग्राम पर घोषणा की है कि वह अब इंडस्ट्री में करियर बनाने आए नए लोगों से फ्री में नहीं मिलेंगे। उनका कहना है कि नए लोगों से मिलकर उन्होंने अब तक बहुत समय बर्बाद कर लिया है लेकिन आगे से वो इस काम के पैसे लेंगे।

अपने इंस्टाग्राम पर उन्होंने पोस्ट डाला। इसमें उन्होंने कहा, “न्यूकमर्स को मदद करने की कोशिश में मैंने अपना बहुत वक्त बर्बाद किया, जिनमें से अधिकतर बेकार साबित हुए। इसलिए अब आगे से मैं रेंडम लोगों से मुलाकात करने में अपना वक्त बिल्कुल बर्बाद करने वाला नहीं जो खुद को क्रिएटिव जीनियस समझते हैं। इसलिए अब से मैंने अपना रेट तय कर दिया है।”

अनुराग कश्यप ने अपना रेट बताते हुए स्पष्ट तौर पर लिखा, “अगर कोई मुझसे 10-15 मिनट मिलना चाहता है तो मैं उनसे 1 लाख रुपए चार्ज करूँगा। आधे घंटे के लिए मैं 2 लाख रुपए लूँगा और कोई एक घंटा मुझसे मिलना चाहता है तो उसके लिए उन्हें मुझे 5 लाख रुपए पे करने होंगे। ये है मेरा चार्ज। मैंने लोगों से मीटिंग कर करके थक गया हूँ। अगर आपको सचमुच लगता है कि आप ये अफोर्ड कर सकते तो मुझे कॉल करिए वर्ना भाड़ में जाइए। और सारे पैसे एडवांस में पे होंगे।”

अनुराग कश्यप ने अपने इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “और मेरा यही मतलब है कि मुझे टेक्स्ट या डीएम या कॉल न करें। पहले पे करें और तभी आपको समय दिया जाएगा। मैं कोई चैरिटी नहीं हूँ और मैं शॉर्टकट ढूँढने वाले लोगों से थक गया हूँ।”

अनुराग कश्यप के इस पोस्ट के बाद लोग उसपर मजे ले रहे हैं। कोई कह रहा है कि ये पोस्ट अनुराग ने ड्रिंक में की है तो कोई पूछ रहा है कि इसका मतलब ये है कि आप सिर्फ अमीर बच्चों की ही मदद करेंगें। तो कोई याद दिला रहा है कि जब तुम न्यूकमर रहे होगे तब तुम्हें भी किसी न किसी ने समर्थन किया होगा तब जाकर आज तुम अनुभवी हुए हो।

रोजा में था फिर खाना कैसे माँगा, बीवी ससुराल में थी या मायके में? हिंदू बच्चों के हत्यारे साजिद के परिजन कर रहे अलग-अलग दावे

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में 19 मार्च 2024 को 2 हिन्दू बच्चों का गला रेतने के मुख्य आरोपित साजिद को पुलिस ने अगले दिन एक मुठभेड़ में मार गिराया। साजिद का भाई और घटना का दूसरा आरोपित जावेद गिरफ्तार हो चुका है और उसे पुलिस ने जेल भेज दिया है। इस पूरे मामले में आरोपितों और उनके परिजनों के बयानों में काफी विरोधाभास निकल कर सामने आया है।

अगर आरोपित जावेद और उसके घर वालों के बयानों के आधार पर जाँच की जाए तो कातिलों के रोजा रखने, साजिद की बीवी और जावेद की लोकेशन पर अलग-अलग निष्कर्ष निकल कर सामने आएँगे। इन सभी के बयानों और पुलिस के खुलासे में भी काफी अंतर है। आरोपित जावेद की लोकेशन पर भी संशय है।

जावेद की लोकेशन पर अलग-अलग दावे

FIR के अलावा, मृतकों के पड़ोसियों का दावा है कि दोनों मासूमों की हत्या के समय जावेद घर के ही नीचे था। IG राकेश कुमार सिंह ने भी अपने बयान में जावेद के घटनास्थल पर मौजूदगी की बात कही है, जो वारदात के बाद फरार हो गया था। पुलिस और FIR कॉपी के उलट, जावेद की लोकेशन के मामले में उसके परिजनों और सखानू गाँव के कुछ निवासियों के अलग ही दावे हैं।

जावेद की दादी ने ऑपइंडिया को बताया कि घटना के समय जावेद अपने गाँव में ही था और मिट्टी खोद रहा था। हमें एक जगह भी दिखाई गई, जहाँ गड्ढा था। जावेद की दादी ने हमें बताया, “वो अपने घर पर मिट्टी खोद रहा था। उसे किसी ने फोन करके बताया कि भाई साजिद का झगड़ा हो गया है। वो काम छोड़कर बदायूँ भागा और वहाँ पुलिस ने उसे पकड़ लिया।”

जावेद की रिश्तेदार रुखसाना और पड़ोसी मुजफ्फर ने भी जावेद द्वारा मिट्टी खोदे जाने की बात दोहराई। जिस जगह मिट्टी खोदी गई है उसे देख कर लगता है कि उसकी अधिक-से-अधिक 1 घंटा पहले खुदाई हुई होगी। अब सवाल यह ये कि जावेद ने महज 1 घंटे ही मिट्टी खोदी होगी? महज एक घंटे के काम को दिन भर का काम बताने के पीछे क्या मंशा रही होगी। शायद भविष्य में यह भी जाँच का विषय बने।

इसी इतनी मिट्टी को जावेद द्वारा खोदने का किया जा रहा दावा

जावेद का बरेली में गिरफ्तारी से पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में उसने घटनास्थल पर भीड़ देखकर डर के मारे भाग जाने का दावा किया था। जावेद के गाँव सखानू की बदायूँ शहर से दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। दोनों के बीच सिंगल सड़क है, जो व्यस्त है और बाजार से होकर जाती है।

अगर जावेद बाइक से भी अपने भाई के पास घटनास्थल पर जाता तो उसे वहाँ पहुँचने में कम-से-कम 40 मिनट का समय लगता है। इतने समय में आक्रोशित भीड़ घटनास्थल के बजाय पुलिस चौकी पहुँच चुकी थी। ऐसे में तमाम सवाल ऐसे खड़े होते हैं कि घटना के समय जावेद था कहाँ ?

साजिद की बीवी मायके या ससुराल में ?

इस दोहरे हत्याकांड में साजिद की बीवी सना का जिक्र मीडिया और सोशल मीडिया में पहले दिन से है। FIR में भी साजिद द्वारा अपनी बीवी को गर्भवती बताकर पैसे वसूलने का जिक्र किया गया है। 21 जनवरी को आजतक ने साजिद की ससुराल ददमई जाकर सना और साजिद की सास मिस्कीन से बात की थी। इस बातचीत में सना के गर्भवती न होने का भी खुलासा हुआ था।

तब साजिद की ससुराल वालों ने यह भी दावा किया था कि सना पिछले 15 दिनों से अपने मायके में ही है। ऑपइंडिया की टीम जब साजिद के गाँव सखानू में पहुँची तो वहाँ इन दावों के उलट ही बात पता चली। साजिद की दादी ने दावा किया कि घटना से कुछ घंटे पहले घर पर मौजूद साजिद ने अपनी बीवी से खाना बनाने के लिए कहा था।

साजिद की दादी के पास मौजूद रुखसाना और शानवाज आदि भी इस दावे के समर्थन में हाँ में हाँ मिलाते दिखे। हालाँकि साजिद की बीवी की लोकेशन के बारे में अभी तक प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का दावा है कि घटना से जुड़े तमाम पहलुओं पर विचार-विमर्श चल रहा है।

दादी सही या बीवी ?

साजिद की बीवी ने 20 मार्च को एक अन्य न्यूज़ चैनल पर बताया था कि उसे अपने पति पर लगे हत्या के आरोप और उसके बाद उसके एनकाउंटर आदि की जानकारी नहीं है।

यदि साजिद की दादी के दावे सही मानें तो मासूमों की हत्या के तुरंत बाद घर पर फोन आया। इसी फोन के बाद जावेद गाँव से बदायूँ निकल गया। तब जाते समय उसने साजिद के साथ हुए विवाद की जानकारी घर में भी दी थी। ऐसे में सवाल उठता है कि सच साजिद की बीवी बोल रहीं है या उनकी दादी?

रोजा था तो रोटी क्यों माँगा?

जावेद ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि रमजान के महीने में साजिद ने छुरा खरीदा था। इस छुरे को रमजान के महीने में इफ्तारी के लिए गोश्त आदि काटने के लिए प्रयोग में होना बताया था। हमसे बातचीत के दौरान साजिद की दादी ने इसके उलट बातें कहीं। उसकी दादी ने कहा कि 19 मार्च की शाम लगभग 5 बजे साजिद ने बदायूँ निकलने से पहले अपनी बीवी से खाना माँगा था।

बताते चलें कि इस्लामी मान्यताओं के मुताबिक, रमजान के महीने में रोजेदारों को सूर्यास्त होने तक खाना तो दूर पानी भी पीने की इजाजत नहीं होती। 5 बजे सूर्यास्त नहीं हुआ था। उर्दू पॉइंट के मुताबिक, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में इफ़्तारी का समय शाम 6:30 के बाद है। ऐसे में अगर साजिद का रोजा था तो उसने बीवी से खाना क्यों माँगा?

अगर साजिद ने रोजा नहीं रखा था तो उसका भाई एवं दूसरा आरोपित जावेद ने झूठ क्यों बोला? सवाल यह भी है कि क्या साजिद की दादी सही बोल रही है? फ़िलहाल निष्कर्ष के तौर पर यह माना जा सकता है कि साजिद के परिजनों के बयान पुलिस और FIR के विपरीत तो हैं ही और वे एक-दूसरे के बयान भी अलग हैं।

गाल से रगड़ा गाल, रंग लगाया, लेट गए एक दूसरे पर: होली वाली रील के लिए दो लड़कियों ने मेट्रो में की हरकत, लोग बोले- इन्हें पकड़कर जेल भेजो

रील्स पर रीच, लाइक, फॉलोवर के लिए आजकल कंटेंट क्रिएटर वीडियो में अश्लीलता का स्तर बढ़ाते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला होली के बीच सामने आया है। एक वीडियो वायरल हो रही है इस वीडियो में दो लड़कियाँ हैं जो मेट्रो के बीच में बैठकर होली के लिए रील बना रही हैं।

वायरल होती रील में देख सकते हैं कि लड़कियाँ बीच मेट्रो में सफेद रंग के कपड़ों में बैठी हैं और रंग अपने आगे रखकर एक दूसरे को लगा रही है। इस दौरान पहले ये एक दूसरे को हाथ से रंग लगाती हैं इसके बाद एक दूसरे से चिपकते हुए गाल को गाल से रगड़ती हैं, और फिर करीब आने लगती हैं।

इनकी इस हरत को देख पीछे बैठे लोग अपना मुँह घुमा रहे हैं। उन्हें शर्म आ रही है लेकिन वीडियो बनाने वाली लड़कियाँ एकदम सहज हैं। इन दोनों लड़कियों की यह वीडियो देखने बाद नेटिजन्स को अजीब लग रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि ये क्या नौटंकी चल रही है। देश में कहीं भी कोई कानून-व्यवस्था नहीं बची है क्या।

यूजर इस वीडियो को देखने के बाद गुस्से में हैं। एक यूजर कहता है- “सस्ती लोकप्रियता के लिए मुजरा बंद करो, धर्म के नाम पर अश्लीलता बंद करो।”

एक यूजर ने कहा, “सरकार से आपात अनुरोध है कि इंस्टा रील को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय आपदा-महामारी घोषित कर देना चाहिए और इसके शिकार लोगों को क्वारंटाइन सेंटर भेज देना चाहिए ताकि वाइरस और न फैले।”

लोगों की माँग है कि इन दोनों पर भारी जुर्माना और साथ मे जेल होनी ही चाहिए।

बता दें कि सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग गानों और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रील बनाने का चलन पिछले कुछ समय से शुरू हुआ है। ये ट्रेंड धीरे-धीरे घातक हो रहा है क्योंकि कंटेंट क्रिएटर अपनी वीडियो बनाने के कारण किसी भी हद तक जा रहे हैं। अब तक कई ऐसे मामले आ चुके हैं जब इन रील्स के चक्कर में कई लोगों की जान गई।