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सैफई मेडिकल कॉलेज की 18 साल की छात्रा का शव सड़क किनारे मिला, शादीशुदा महेंद्र बाथम गिरफ्तार: 4 साल से पड़ा था पीछे, रेप की जताई जा रही आशंका

इटावा के सैफई मेडिकल कॉलेज में एएनएम की छात्रा की हत्या कर शव को हाईवे पर फेंक दिया गया, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने जमकर हंगामा मचाया। इस बीच, पुलिस ने हत्यारोपी महेंद्र बाथम को गिरफ्तार कर लिया है। वो छात्रा के गाँव का पड़ोसी है और शादीशुदा है। इसके बावजूद वो छात्रा से प्रेम-संबंध बनाना चाहता था। छात्रा ने मना किया, तो उसने छात्रा की हत्या कर दी।

ये वारदात सैफई मेडिकल कॉलेज से जुड़ी है। सैफई के वैदपुरा थाना इलाके में गुरुवार (15 मार्च 2024) को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की छात्रा का संदिग्ध हालत में शव मिलने से हड़कंप मच गया। छात्रा का शव वैदपुरा इलाक़े में सोनई पुल के पास से बरामद हुआ, जिसके बाद छात्र भड़क उठे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक छात्रा सैफई मेडिकल कॉलेज में एएनएम फ़र्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी। वो दोपहर के समय अपनी सहेली को मोबाइल देकर चली गई, लेकिन शाम के समय उसका शव वैदपुरा में मदर डेरी के पास से बरामद हुआ। छात्रा के साथ दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही है, हालाँकि अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है।

इस मामले में मुख्य आरोपित महेद्र बाथम गिरफ्तार हो गया है। वो शादीशुदा है, इसके बावजूद वो लड़की पर प्रेम-प्रसंद के लिए दबाव बना रहा था। वो मेडिकल कॉलेज से ही लड़की को लेकर गया था, लेकिन उसने छात्रा की हत्या कर दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़की के शव पर गोली का निशाना भी मिला है। शव जहाँ मिला है, वो स्थान मेडिकल कॉलेज से 8 किमी दूर बताया जा रहा है। इस हत्याकांड की जानकारी मिलते ही छात्र आक्रोशित हो गए। उन्होंने सैफई मेडिकल कॉलेज में कामकाज ठप कर दिया। घटना की जानकारी पर एसएसपी समेत पुलिस अधिकारी पोस्टमार्टम हाउस पर पहुँचे और छात्रों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मुख्य नामजद आरोपित महेंद्र बाथम को गिरफ्तार कर लिया गया है। महेंद्र बाथम औरैया का रहने वाला है। वह लड़की को पहले से जानता था। वहीं, उसके मददगारों को भी हिरासत में ले लिया गया है। एसएसपी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त वाहन और हथियार को भी बरामद कर लिया गया है। अब इटावा पुलिस महेंद्र बाथम के खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्रवाई कर रही है।

इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी सामने आ रही हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छात्रा की हत्या को गंभीर मामला बताया और इस मामले की न्यायिक जाँच की माँग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं। हालाँकि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए न सिर्फ मुख्य आरोपित को गिरफ्तार किया है, बल्कि उसके सहयोगियों को भी पकड़ा है। अब पुलिस इस मामले में एनएसए के तहत भी कार्रवाई कर रही है।

जिस ‘पत्रकार’ के लिए PM मोदी की हत्या की साजिश ‘छोटे-मोटे बम धमाके’ की कोशिश, उसने ज्वाइन किया अलजजीरा: पहले ही एपिसोड में परोसी हिंदू घृणा

NDTV के विवादित न्यूज एंकर श्रीनिवासन जैन ने कतर के मीडिया संस्थान अलजजीरा को ज्वाइन कर लिया है। कल यानी 14 मार्च को उन्होंने अपने एक्स पर एक ट्वीट शेयर करके इसकी जानकारी दी। इस ट्वीट में उन्होंने उस रिपोर्ट की क्लिप लगाई हुई थी जो उन्होंने अलजजीरा के लिए की। ये रिपोर्ट उन्होंने अयोध्या में रामजन्मभूमि के वक्त की थी।

श्रीनिवासन जैन ने इस रिपोर्ट में पूर्ण रूप से अलजजीरा को वही बिंदु निकालकर दिए जो अलजजीरा चाहता था। उन्होंने भारत में हिंदुत्व के प्रति जागृत होते लोगों को नकारात्मक रूप से पेश करने का प्रयास किया है। साथ ही ये दिखाया कि भारत अब सेकुलर राष्ट्र के अलावा बहुसंख्यक आबादी का राष्ट्र हो गया है। यहाँ एक बड़ा धार्मिक इवेंट, जो कि पॉलिटिकल भी है क्योंकि यहाँ देश के प्रधानमंत्री आ रहे हैं।

उन्होंने इस बात पर भी गौर करवाया कि ये मंदिर एक मजहबी ढाँचे को तोड़कर बना है जिसे हिंदू कार्यकर्ताओं ने तोड़ा था। इसके अलावा श्रीनिवासन ने मीडिया को भी दिखाया कि जो मीडिया 1990 में हिंदू कार्यकर्ताओं द्वारा तोड़े गए ढाँचे पर रिपोर्ट दिखा रही था वो अब उसी जगह खड़े हुए मंदिर के बनने से खुश है और उसे उत्साह के साथ दिखा भी रहा है।

2023 में दिया था NDTV से इस्तीफा

गौरतलब है कि अलजजीरा ज्वाइन करने वाले श्रीनिवासन ने पिछले साल जनवरी में एनडीटीवी से अपना इस्तीफा दिया था। श्रीनिवासन लगभग 30 सालों से कथित पत्रकारिता संस्थान एनडीटीवी के लिए सेवाएँ दे रहे थे। इस्तीफे से पहले वह एनडीटीवी 24×7 चैनल में ग्रुप एडिटर की जिम्मेदारी निभा रहे थे।

श्रीनिवासन जैन ने एक ट्वीट के जरिए अपने फैसले का ऐलान किया था। उन्होंने लिखा था, “एनडीटीवी पर लगभग तीन दशक से चला आ रहा सिलसिला आज समाप्त हो गया। इस्तीफा देने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन… जो है यही है। बाकी बातें बाद में।”

विवादों से घिरी श्रीनिवासन की पत्रकारिता

बता दें कि वर्ष 1995 से NDTV के साथ काम कर रहे श्रीनिवासन जैन अपने करियर के दौरान लगातार विवादों में घिरे रहे। जुलाई 2022 में उन्होंने तथाकथित फैक्ट-चेकर मोहम्मद ज़ुबैर को अपना मित्र बताते हुए उसके जमानत के लिए ₹50,000 का मुचलका भरा था। कोरोना काल में उन्होंने कोवैक्सीन को लेकर झूठ फैलाया था। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश करने वाली लश्कर-ए-तैयबा की आतंकवादी इशरत जहाँ के जुर्म को कमतर बतलाने का प्रयास किया था। उन्होंने दावा किया था कि इशरत जहाँ गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री को मारने नहीं आई थी बल्कि छोटा-मोटा बम धमाका करने आई थी।

‘BJP स्कीम लाती है तो कॉन्ग्रेस-डीएमके स्कैम करते हैं’: पीएम मोदी कन्याकुमारी में बोले- तमिलनाडु से उठी लहर INDI गठबंधन की घमंड तोड़ेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (15 मार्च 2024) को तमिलनाडु के कन्‍याकुमारी पहुँचे और एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि INDI गठबंधन तमिलनाडु का कभी विकास नहीं कर सकता। डीएमके और कॉन्ग्रेस का गठबंधन नहीं चाहता कि तमिलनाडु कभी विकसित बने। पीएम ने कहा कि इनका घोटालों और भ्रष्‍टाचार का इतिहास रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, “DMK और कॉन्ग्रेस का इंडी अलायंस कभी भी तमिलनाडु को विकसित नहीं बना सकता। इन लोगों की हिस्ट्री घोटालों की है। इन लोगों की राजनीति का आधार लोगों को लूटने के लिए सत्ता में आना है। एक बीजेपी की कल्याणकारी स्कीम होती है और दूसरी ओर इनके करोड़ों के स्कैम होते हैं।”

उन्होंने कहा, “हमने ऑप्टिकल फाइबर और 5जी दिया। हमारे नाम पर डिजिटल इंडिया स्कीम है। इंडी अलायंस के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए का 2जी का स्कैम है। DMK उस लूट की सबसे बड़ी हिस्सेदार थी। बीजेपी ने बड़ी संख्या में एयरपोर्ट बनाए। हमारे नाम पर उड़ान स्कीम है। इंडी अलायंस के नाम देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले हेलीकॉप्टर स्कैम है।”

प्रधानमंत्री ने कन्याकुमारी में कहा, “हमारी खेलो इंडिया और टॉप स्कीम से देश ने खेलों में ऊँचा मुकाम हासिल किया, लेकिन उनके नाम पर सीडब्ल्यूजी स्कैम का दाग है। हमने खनिज सेक्टर में रिफॉर्म को लागू किया। इंडी गठबंधन के नाम पर स्कैम की कालिख लगी है। ये लिस्ट बहुत लंबी है और यही इंडी अलायंस की सच्चाई है।”

मछुआरों का मुद्दा उठाते हुए पीएम ने कहा, “इंडी अलायंस के ये लोग तमिलनाडु के लोगों की जिंदगियों से खिलवाड़ के भी जिम्मेदार हैं। श्रीलंका में हमारे मछुआरे भाइयों को फाँसी की सजा दी गई थी, ये मोदी चुप नहीं बैठा। हर रास्ते का इस्तेमाल किया और हर प्रकार का दबाव बनाया। मैं उन सभी मछुआरों को श्रीलंका से फाँसी के फंदे से उतारकर वापस लाया।”

डीएमके और कॉन्ग्रेस को महिला विरोधी बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “कॉन्ग्रेस और डीएमके केवल महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करना जानते हैं… डीएमके नेताओं ने जयललिता जी के साथ जो किया वह सभी को याद है। महिलाओं के प्रति उनका नजरिया आज भी वैसा ही है. तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भाजपा की सरकार संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण बिल लाई तो कॉन्ग्रेस और डीएमके ने इसका नहीं समर्थन किया। पीएम मोदी ने कहा, “मैं 1991 में एकता यात्रा लेकर कन्याकुमारी से कश्मीर गया था, इस बार मैं कश्मीर से कन्याकुमारी आया हूँ। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने देश को तोड़ने का सपना देखने वालों को नकार दिया है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “अब तमिलनाडू के लोग भी ऐसे लोगों को नकारने जा रहे हैं। आज कन्याकुमारी से देश के इस दक्षिणी छोर से जो लहर उठी है, वो लहर बहुत दूर तक जाने वाली है। मैं तमिलनाडू की धरती पर बहुत बड़े परिवर्तन की आहट देख रहा हूँ। तमिलनाडू में भाजपा का प्रदर्शन इस बार DMK और कॉन्ग्रेस के INDI गठबंधन का सारा घमंड तोड़कर रख देगा।”

सैंटियागो मार्टिन ने दिए ₹1368 करोड़, कॉन्ग्रेस-TMC-लेफ्ट-DMK से लिंक: सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाली ‘फ्यूचर गेमिंग’ के बारे में जानिए सब कुछ

कल (14 मार्च, 2024) देश के चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए चुनावी बॉन्ड खरीदने वाली कम्पनियों के विषय में जानकारी प्रकाशित की। सबसे अधिक बॉन्ड खरीदने वाली फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज कम्पनी है, इसका मालिक घोटाले का आरोपित सैंटियागो मार्टिन है।

इस जानकारी से सामने आया है कि सैंटियागो मार्टिन की कम्पनी ने 12 अप्रैल, 2019 से 24 जनवरी, 2024 के बीच ₹1,368 करोड़ का राजनीतिक चंदा दिया है। ‘लॉटरी किंग’ के रूप में भी जाने जाना वाला, सैंटियागो मार्टिन का केरल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPIM), तमिलनाडु में सत्ताधारी द्रविड़ मुन्नेत्र कजघम (DMK), पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कॉन्ग्रेस पार्टी के साथ काफी करीबी रिश्ता है।

CPI(M) से सैंटियागो मार्टिन का गठजोड़

सैंटियागो मार्टिन ने वर्ष 2007 में कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र देशाभिमानी को ₹50 लाख के चार चुनावी बॉन्ड के माध्यम से ₹2 करोड़ का चंदा दिया था। जब यह मामला खुला तो पार्टी लोगों के निशाने पर आ गई। पार्टी की छवि बचाने के लिए महासचिव प्रकाश करात ने पैसा स्वीकार करने के बाद उसे लौटाने का निर्णय लिया था।

वर्ष 2016 में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के करीबी माने जाने वाले एक वरिष्ठ वकील एमके दामोदरन ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर एक मामले में सैंटियागो मार्टिन की तरफ से केस लड़ा था। मुख्यमंत्री विजयन के कानूनी सलाहकार एमके दामोदरन लॉटरी घोटाले के सिलसिले में मार्च 2018 में सैंटियागो मार्टिन के लिए कोर्ट गए थे।

DMK से भी संबंध

अक्टूबर 2010 में, तमिलनाडु के एडवोकेट जनरल पी.एस. रमन ने केरल हाई कोर्ट में सैंटियागो मार्टिन का केस लड़ा था। जब इस पर केरल सरकार ने ऐतराज किया तो तत्कालीन मुख्यमंत्री करूणानिधि ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और रमन को इस मामले की पैरवी छोड़नी पड़ी थी।

फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज के मालिक सैंटियागो मार्टिन ने ₹50 करोड़ रुपये खर्च करके करुणानिधि की 75वीं फिल्म के निर्माण में मदद की। उसने इसमें स्क्रिप्ट भी लिखी थी। यह भी कहा जाता है कि ‘इलैगनन‘ नाम की एक फिल्म 3 साल तक अधर में लटकी रही, इसके बाद मार्टिन ने इसे पुनः चालू किया। इस फिल्म की कहानी लिखने के लिए करूणानिधि को ₹45 लाख का भुगतान किया गया था।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, “सिनेमा के बड़े नामों का कहना है कि इसके बदले में उसे (सेंटिआगो) को बिना कोई समस्या के अपना लॉटरी का धंधा चलाने दिया जाता है।” जनवरी 2023 में यह रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सैंटियागो मार्टिन के दामाद आधव अर्जुन को DMK ने 2024 लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी चुनावी रणनीतिकार की भूमिका में नियुक्त किया था।यह भी बताया जाता है कि अर्जुन के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री दामाद सबरीसन के साथ अच्छे सबंध हैं।

कॉन्ग्रेस और TMC से भी जुड़े हैं तार

वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी सितंबर 2010 में केरल हाई कोर्ट में घोटाले के दागी सैंटियागो मार्टिन का केस लड़ा था। हालाँकि, उन्हें कम्युनिस्टों के विरोध के चलते मामले से नाम वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था। तक कॉन्ग्रेस के मीडिया प्रमुख जनार्दन द्विवेदी ने कहा था, “पार्टी ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है, भले ही सिंघवी इस मामले से हटने की घोषणा की है।”

‘पत्रकार’ रोहिणी सिंह ने सितम्बर 2021 में एक ‘क्षेत्रीय दल’ और एक लॉटरी माफिया के बीच एक गठजोड़ की तरफ इशारा किया था।

इसके बाद दिसंबर, 2021 में उन्होंने ट्वीट किया, ”अडानी और अम्बानी को भूल जाओ। लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन पर नजर रखो और उस पार्टी पर नजर रखो जिसे वह फंड करता है। देश की राजनीति में आगे का समय बड़ा दिलचस्प है।’

G2G न्यूज की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि सैंटियागो की कम्पनी फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज ने वर्ष 2017 और 2021 के बीच पश्चिम बंगाल में ₹12000 करोड़ GST दिया था। इस न्यूज रिपोर्ट में कम्पनी की वेबसाइट को आधार बनाते हुए लिखा गया था, “फ्यूचर गेमिंग देश के बड़े करदाताओं में से एक है। हर बार समय पर बड़ी मात्रा में करों का भुगतान करके, एक मजबूत देश के निर्माण में इसका योगदान प्रशंसनीय है।” सैंटियागो मार्टिन की कंपनी कंपनी लम्बे समय से पश्चिम बंगाल में ‘डियर लॉटरी’ चला रही है।

नवंबर 2022 में, सीबीआई ने बताया था कि तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के मंत्री अनुब्रत मंडल और उनकी बेटी ने तीन साल में 5 बार यह लॉटरी जीती है।

क्या करती है फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स?

हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट बताती है कि फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज की स्थापना वर्ष 1991 में सैंटियागो मार्टिन ने की थी। यह कम्पनी तमिलनाडु में शुरू हुई थी, लेकिन जब यहाँ लॉटरी बंद हो गई तो मार्टिन ने अपना अधिकांश धंधा केरल और कर्नाटक में चालू कर दिया।

इस पूरे प्रकरण के केंद्र में रहने वाला सैंटियागो मार्टिन ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ लॉटरी ट्रेड एंड अलाइड इंडस्ट्रीज का अध्यक्ष हैं। उसकी इस कम्पनी में 1000 से अधिक लोग काम करते हैं। फ्यूचर गेमिंग वर्तमान में 13 राज्यों में लॉटरी चलाती है, इन राज्यों में अभी भी लॉटरी को कानूनी मान्यता है। यह राज्य अरुणाचल प्रदेश, असम, गोवा, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, नागालैंड और सिक्किम हैं।

मार्टिन की यह कम्पनी ‘डियर लॉटरी’ नाम से लॉटरी चलाती है। उसकी कम्पनी फ्यूचर गेमिंग दक्षिण भारत में अपनी एक अन्य कम्पनी मार्टिन कर्नाटक और पूर्वोत्तर के राज्यों में अपनी एक अन्य कम्पनी सिक्किम लॉटरी के माध्यम से धंधा करती है।

सैंटियागो मार्टिन का ‘लॉटरी घोटाला’

सैंटियागो मार्टिन पर 1 अप्रैल, 2009 से 31 अगस्त, 2010 के बीच में केरल में लॉटरी टिकटों की फर्जी बिक्री के माध्यम से सिक्किम सरकार को (₹910.29 करोड़) का नुकसान पहुँचाने का आरोप है। ED ने इस विषय में बताया था, “मार्टिन और उसकी सहयोगी कंपनियों और संस्थाओं ने अप्रैल 2009 से अगस्त 2010 के बीच जीतने वाले लॉटरी टिकटों के पैसो को बढ़ा चढ़ा कर दिखाया जिससे सिक्किम सरकार को 910 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।”

तब इस मामले में एजेंसी ने उनकी ₹157.7 करोड़ की चल संपत्ति (म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट) और ₹299.16 करोड़ की अचल सम्पत्ति जब्त कर ली थी। दिसंबर 2021 में, ED ने मनी लांड्रीग के चलते उसकी ₹19.59 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी। वर्ष 2019 में आयकर विभाग ने देश भर में ‘लॉटरी मार्टिन’ के 70 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

म्यांमार के शहर यंगून में कभी मजदूरी करने वाला सैंटियागो मार्टिन ₹7000 करोड़ का ‘लॉटरी’ का धंधा खड़ा कर चुका है। वह लगातार पैसों की गड़बड़ी और धोखाधड़ी समेत मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 2011 से जाँच एजेंसियों के राडार पर हैं।

उत्तर की तरह दक्षिण में भी चल रहा हिंदुओं का संघर्ष, केरल की 100+ मंदिरों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे कृष्णा राज और उनके साथी: जानिए क्या है ‘Save Deities’

हिंदू मंदिरों को वापस से उनकी सही पहचान दिलाने के लिए आज जहाँ उत्तर भारत में वरिष्ठ वकील हरी शंकर जैन और उनके बेटे विष्णु जैन ने अपनी जी जान लगाई हुई है, तो वहीं दक्षिण में भी हिंदू मंदिरों और देवी-देवताओं की ओर से लड़ाई लड़ने के लिए वकीलों का एक समूह आ खड़ा हुआ है। अयोध्या-काशी के कारण हम पिता-पुत्र की जोड़ी को तो जान गए लेकिन केरल के इन वकीलों को अभी जानना हमारे लिए बाकी है।

हाल में केरल की विभिन्न अदालतों में हिंदू मंदिरों की खोई संपत्ति वापस दिलाने के लिए सैंकड़ों याचिकाएँ दायर की गई। ये याचिका इन्हीं वकीलों की मेहनत का परिणाम है। यही वकील एकजुट होकर हिंदू मंदिरों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं जिसकी वजह से आज इनकी चर्चा है। द न्यूज मिनट पर तो इन्हें लेकर विस्तार से खबर भी प्रकाशित हुई है।

इस समूह में एक वकील कृष्णा राज भी हैं। उन्हीं के नेतृत्व में हिंदू मंदिरों की जमीन पर अतिक्रण करने वाले लोगों, ट्रस्टों और संगठनों को लक्षित करते हुए 100 केसों को उठाया गया है। इस समूह के प्रयास के चलते ही ईसाई मिशनरी नेटवर्क सेंट फिलोमेना साधु जन संगम को अदालत में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उन्होंने खुद धोखाधड़ी से कोन्नमकुलंगरा भगवती मंदिर की जमीन खरीदी थी और अब इस समूह के प्रयास ने उन्हें कोर्ट में लाकर खड़ा कर दिया है।

बता दें कि केरल के वकीलों के इस समूह का नेतृत्व करने वाले कृष्णा राज अपने हिंदुत्व विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। उनकी टीम में प्रथीश विश्वनाथ जैसे साथी वकील हैं और कुछ अन्य दक्षिणपंथी कार्यकर्ता हैं। इन लोगों ने अपने इस अभियान के लिए SaveDeities नाम का संगठन भी खोला हुआ जिसमें 7 वकीलों का समूह है।

इस संगठन की शुरुआत साल 2018 में की गई थी। इस टीम का हिस्सा- सुप्रीम कोर्ट और केरल हाईकोर्ट के वकील आर कृष्णा राज तो हैं हीं, इनके अलावा केरल हाई कोर्ट के बीएन शिवशंकर, प्रथीस विश्वनाथन, के ए बालन, वकील ई एस सोनी, कुमारी संगीता एस नायर और राजेश वीआर भी हैं। ये सारे वकील इस संगठन से जुड़कर और मिलकर हिंदू मंदिरों को पहचान दिलाने के लिए काम कर रहे हैं।

SaveDeities पर इस बात को भी विस्तार से बताया गया है कि इस समूह ने किन केसों को अदालतों में उठाया है। कहाँ-कहाँ मंदिरों की जमीन पर अवैध अतिक्रमण हो रखा है और कैसे केरल में स्थिति यह है कि सरकार के हस्तक्षेप से राजस्व विभाग के माध्यम से अतिक्रमणकारियों को पट्टायम (खरीद प्रमाण पत्र) और अन्य कानूनी कब्ज़ा/स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी करके मंदिर संपत्तियों के अतिक्रमण को वैध बनाया जा रहा है।

यही साइट ये भी बताती है कि इन वकीलों ने इस काम की शुरुआत इसलिए की थी क्योंकि ये केरल राज्य में किसी ने भी अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने और मंदिर की संपत्तियों को देवताओं, असली मालिकों को वापस करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया है। ऐसी परिस्थितियों में, ये समूह कब्जे वाले क्षेत्रों से मंदिरों की खोई संपत्ति को बचाने के लिए ऐसे प्रयास कर रहे हैं।

द न्यूज मिनट की रिपोर्ट के अनुसार, वकील कृष्ण राज कहते हैं, “मैं किसी संघ परिवार से जुड़ा नहीं हूँ। कानूनी मामलों में मैं बस उनकी सहायता करता हूँ। मैं गौरवान्वित हिंदू हूँ पर क्षमाप्रार्थी नहीं। मेरा उद्देश्य भगवान की खोई संपत्तियों को पुन: प्राप्त करना है। अकेले मैं इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहा हूँ।” बता दें कि भले ही कृष्ण राज ने अपने संबंध संघ से जुड़े नहीं बताए, लेकिन आरएसएस के पूर्व प्रचारक और हिंदू सेवा केंद्रम के संस्थापक प्रतीश विश्वनाथ उनकी टीम का हिस्सा हैं जो वकील आर कृष्ण राज के साथ मिलकर मंदिरों की भूमि को पुन: प्राप्त करने के प्रयासों में जुड़े हैं।

घर में घुस सिर पर तानी पिस्टल, बैट से पीटा, परिवार को बंधक बना ₹3 करोड़ की डकैती: दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी डकैत मिराज का किया एनकाउंटर, शाहिद को भी दबोचा

दिल्ली पुलिस के एक एनकाउंटर में एक बांग्लादेशी डकैत मेहराज को गिरफ्तार किया गया है। यह डकैत कई मामलों में वाँछित था। इसने पिछले वर्ष दिल्ली में एक बड़ी डकैती डाली थी। इस बांग्लादेशी डकैत के साथ एक और बदमाश की भी गिरफ्तारी हुई है।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार (15 मार्च, 2024) को दिल्ली पुलिस के साथ द्वारका के धुलसिरास इलाके में बदमाशों का एनकाउंटर हुआ। पुलिस ने यहाँ इन बदमाशों को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया था। जब बदमाशों ने पुलिस को देखा तो उन्होंने गोलियाँ चलाना चालू कर दिया।

इसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। पुलिस की फायरिंग में एक बांग्लादेशी बदमाश मेहराज उर्फ़ मेराज को पैर में गोली लगी। उसके साथ एक और बदमाश शाहिद को भी पकड़ लिया गया। पुलिस ने बताया कि दोनों तरफ से तीन-तीन गोलियाँ चलाई गईं।

पुलिस ने बताया कि मेहराज द्वारा चलाई गई गोली एक पुलिस इंस्पेक्टर अक्षय को लगी। हालाँकि, इंस्पेक्टर अक्षय को कोई नुकसान नहीं हुआ क्योंकि उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकट पहन रखी थी। एक और कॉन्स्टेबल को गोली छूते हुए निकली।

पुलिस ने बताया है कि मेहराज को पुलिस की गाड़ी में अस्पताल भेजा गया था जहाँ उसका इलाज चल रहा था। मेहराज बांग्लादेश का निवासी है और पाँच अपराधों में आरोपित है। वह डकैती और अवैध हथियार रखने के कई अपराध कर चुका है।

उसने पिछले साल दिल्ली के अशोक विहार में एक कारोबारी परिवार को निशाना बना कर डकैती डाली थी। उसने एक परिवार को बंदूक की नोक पर लेकर ₹3 करोड़ की लूट की थी। उसने परिवार के साथ बीत से मारपीट की थी और एक कमरे में बंद कर दिया था। उसने इस परिवार से ₹1.38 करोड़ नकद और ₹1.50 करोड़ के गहने लूट लिए थे और फरार हो गया था। उसके खिलाफ पुलिस ने अशोक नगर थाने में कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस ने उसके ऊपर ₹2 लाख का इनाम घोषित किया गया था। माना जा रहा था कि वह यहाँ अपराध करके बांग्लादेश चला गया है। हालाँकि, अब उसे पकड़ लिया गया है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

शादी के रिश्तों में अड़ंगा डाल रहा था चर्च, बाइक से आया और एक के बाद एक 8 चर्चों पर की पत्थरबाजी: केरल की घटना

केरल के इडुक्की में एक शख्स को कई चर्च पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसने रोड किनारे बने कई चर्च पर पत्थर फेंके और उन्हें क्षतिग्रस्त किया। वह चर्च से गुस्सा था इसीलिए पत्थर फेंक रहा था। उसे आगे की पूछताछ चल रही है।

जानकारी के अनुसार, इडुक्की के पुलियानमला का रहने वाला जुबिन जोस चर्च से गुस्सा था। उसने अपनी गुस्सा उतारने के लिए चर्च पर हमला करने की ठानी थी। उसके गुस्से का कारण यह था कि चर्च उसकी शादी के लिए आने वाले रिश्तों को रोक रहा था। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि जुबिन जोस का पहले भी विवाह हो चुका था, हालाँकि उसका तलाक हो गया था। वह अब दोबारा विवाह करने का प्रयास कर रहा था लेकिन चर्च इसमें अडंगा लगा रहा था। इसके कारण वह चर्च पर खीझ गया था।

चर्च से शादी ना होने देने का बदला लेने के लिए जुबिन जोस ने मंगलवार (12 मार्च, 2024) को चर्च पर हमले की योजना बनाई थी। इसके बाद वह कट्टप्पन्ना, चेट्टूकुझी समेत आसपास के स्थानों पर बने हुए चर्च पर पत्थर फेंकने और हमला करने के लिए निकल पड़ा। उसने रास्ते में आने वाले कई चर्च पर पत्थरबाजी की। वह अपनी मोटरसाइकिल से 20 किलोमीटर दूर तक चर्च पर हमला करने के लिए गया। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि उसने इस दौरान कुल आठ चर्च पर हमला किया।

जुबिन ने इन सभी चर्च में लगे शीशों पर पत्थर फेंके। चर्च पर हुए हमलों के बाद केरल पुलिस हरकत में आई और उसकी तलाश चालू की गई। पुलिस ने इन सभी स्थानों से CCTV फुटेज निकलवा कर जुबिन की पहचान की। इसके बाद उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया।

इसके बाद उससे पूछताछ की गई तो खुलासा हुआ कि उसने अपनी शादी रोकने के कारण बदला लेने के लिए इन पर हमला किया। इससे पहले हमले के बाद अंदाजा लगाया गया था कि यह काम समाज में तनाव उत्पन्न करने के लिए किया गया है। हालाँकि, मामले की जाँच के बाद सच्चाई कुछ और ही निकली।

सेंसर बोर्ड ने कहा- फिल्म से निकालो ‘जय श्री राम’ का नारा, डायरेक्टर बोले- मर जाऊँगा पर नहीं हटाऊँगा: जानिए ‘तीसरी बेगम’ पर विवाद क्यों

पिछले 50 सालों से बॉलीवुड जगत में बतौर फिल्म मेकर अपनी जगह बनाए रखने वाले केसी बोकाडिया की नई फिल्म पर सेंसर बोर्ड कैंची चलाने के लिए परेशान है। बोकाडिया की फिल्म का नाम ‘तीसरी बेगम’ है। बताया जा रहा है कि सेंसर बोर्ड ने उन्हें फिल्म से ‘जय श्री राम’ हटाने को कहा है। इस फिल्म के सर्टिफिकेट के लिए उन्होंने पिछले साल आवेदन किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म को देख पहले तो सेंसर बोर्ड की परीक्षण समिति ने इसे एग्जामिन करने के बाद इसे सेंसर सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया। उन्होंने इस फिल्म के लिए कहा कि ये एक समुदाय विशेष के लिए वैमनस्यता को फैलाती है। साथ ही बोकाडिया को 14 दिन का समय दिया कि वो इस फिल्म को पुनरीक्षण समिति के पास ले जाएँ।

सेंसर बोर्ड के इस फैसले के बाद जब बोकाडिया ने दोबारा से फिल्म के सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया तो 6 मार्च 2024 को उनके पास एक पत्र आया। इस पत्र में कहा गया था कि ‘तीसरी’ बेगम को केवल बयस्कों के लिए प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा रिविजन कमेटी से मिली सलाह में 14 स्थानों पर कट्स या बदलाव करने को भी कहे गए थे।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक बोकाडिया बताते हैं कि उन्हें फिल्म रिलीज से पहले 14 कट्स लगाने को कहे गए हैं और उन्हें दुख इस बात का है कि इन कट्स में एक जगह ‘जय श्री राम’ हटाने को भी कहा गया है। बोकाडिया बोले- “राम हमारी आस्था के केंद्रबिंदु हैं और फिल्म में ये बात एक ऐसा किरदार कह रहा है जो खुद पर हमलावर हुए शख्स की शरण में है।”

उन्होंने रामचरित मानस के सुंदरकांड में से भगवान राम के उस कथन का उदाहरण दिया जिसमें वो विभिषण के शरण में आने पर कहते हैं- “शरणागत कहुं जे तजहिं निज अनहित अनुमानि। ते नर पांवर पाप सम तिन्हहिं बिलोकत हानि।।”

बोकाडिया ने कहा, “यदि कोई हमलावर किसी की जान लेने पर आमादा है और अपनी जान बचाने के लिए वह शख्स प्रभु श्रीराम के नाम का उच्चारण ले रहा हो तो उसे ‘जय श्री राम’ कहने से भारत में तो शायद ही कोई रोकना चाहेगा।”

उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म तीसरी बेगम भी ऐसी ही है जिसमें एक शख्स अपनी पहचान छिपाकर तीसरी शादी करता है और बाद में गलती मानता दिखता है। वह बताते हैं कि वो शख्स जान बचाने के लिए प्रभु श्रीराम का नाम लेता दिखता है ऐसे में वो ये नाम क्यों हटाएँ। उन्होंने कहा है- “मैं मर जाऊँगा लेकिन मैं अपनी फिल्म से किसी कीमत पर जय श्री राम नहीं हटाऊँगा।” उन्होंने अपनी बात को सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी तक पहुँचा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले 40 साल में 60 फिल्म को बनाया है लेकिन कभी इस तरह सेंसर बोर्ड ने परेशान नहीं किया।

हाल में उन्होंने दूरदर्शन के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल पर एक साप्ताहिक धारावाहिक बनाया- सरदार द गेम चेंजर। इसे देख केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसे हफ्ते में दो बार करने का सुझाव दिया, लेकिन सेंसर बोर्ड ने उनकी फिल्म को देख उसे रिलीज करने से ही मना कर दिया और जब अनुमति दी तो उसमें से श्रीराम का नाम हटाने को कहा। केसी बोकाडिया कहते हैं कि अगर उन्हें इस फिल्म को जय श्री राम शब्दों के साथ रिलीज होने से रोका गया तो वह इसके खिलाफ हाई कोर्ट जाएँगे।

पीछे से लगा धक्का इसलिए ममता बनर्जी हुईं लहूलुहान, डॉक्टर ने बताया क्यों नाक-माथे में आई चोट: जाँच करने CM आवास जाएगी बंगाल पुलिस

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कॉन्ग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को कल (14 मार्च, 2024) शाम माथे और नाक पर चोट पीछे से धक्का दिए जाने के कारण लगी थी। यह जानकारी SSKM अस्पताल के डायरेक्टर ने दी है, जहाँ CM ममता का इलाज हुआ था। पीएम मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

SSKM अस्पताल के डायरेक्टर मोनिमॉय बंदोपाध्याय ने बताया, “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री आज शाम लगभग 07:30 बजे हमारे अस्पताल में आई थीं। उन्होंने अपने घर पर पीछे से धक्का लगने के कारण गिरने की सूचना दी। उन्हें माथे पर चोट लगी थी और साथ ही नाक पर कटे हुए का निशान था। उनके काफी खून बह रहा था। उनके आने के बाद न्यूरोसर्जरी के विभागाध्यक्ष, मेडिसिन के डॉक्टर और हमारे संस्थान के हृदय रोग विशेषज्ञ द्वारा उनकी जाँच की गई।”

CM ममता को दिए गए इलाज के विषय में बंदोपाध्याय ने बताया, “उनके माथे पर तीन और नाक पर एक टांका लगाया गया और साथ ही में पट्टी कर दी गई थी। उनकी CT स्कैन और ECG जैसी जाँच भी की गईं थी।” उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने CM ममता को अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी, जिससे उनकी देखरेख की जा सके, हालाँकि वह घर चली गईं।”

CM ममता की भाभी और TMC पार्षद काजरी बनर्जी ने भी धक्का दिए जाने की बात की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया ”उन्हें पीछे से धक्का दिया गया था।” CM ममता के साथ काजरी बनर्जी भी अस्पताल गईं थी। उनके पति कार्तिक बनर्जी ने कहा कि मैं उस समय घर पर नहीं था।

CM ममता को चोट लगने के मामले में अब कोलकाता की लालबाजार थाने की पुलिस जाँच करेगी। वह आज मुख्यमंत्री आवास जाएगी। CM ममता के बेडरूम में भी आने जाने वालों को सूची टियर हो रही है। धक्के के एंगल पर जाँच हो रही है कि उन्हें धक्का कैसे लगा।

ममता बनर्जी चोट

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी की कल शाम को चोटिल होने की तस्वीरें सामने आई थीं। तृणमूल कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने उनकी दो तस्वीरें जारी करके यह जानकारी दी थी कि वह गंभीर रूप से चोटिल हैं। पार्टी द्वारा जारी की गई फोटो में CM ममता के माथे से खून बहता दिखा था और साथ ही नाक पर भी चोट लगी हुई थी।

CM ममता को लगी चोट को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “मैं ममता दीदी के जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूँ।” पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

CM ममता को यह चोट लोकसभा चुनावों के ऐलान से पहले लगी है। ऐसे में उनकी पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले भी ममता बनर्जी चोटिल हो गई थीं और उनके कई कार्यक्रम रद्द करने पड़े थे। तब उनके पाँव में प्लास्टर चढ़ाया गया था और उन्होंने व्हीलचेयर पर ही चुनाव प्रचार पूरा किया था। 

मेघालय में प्रतिबंधित संगठन HNLC के 4 सदस्य गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार एवं गोला-बारूद बरामद: विवादित पंजाबी लेन में किए थे IED धमाके

मेघालय के री-भोई जिले में प्रतिबंधित संगठन हाइनीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (HNLC) के स्लीपर सेल का भंडाफोड़ हुआ है। इस संगठन के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किए गए हैं। माना जाता है कि यह संगठन पड़ोसी बांग्लादेशी से अपनी गतिविधियों को अंजाम देता है।

इन चारों सदस्यों को शिलॉन्ग के विवादित पंजाबी लेन इलाके में आईईडी ब्लास्ट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक जगपाल धनोआ सिंह ने बताया कि बुधवार (13 मार्च 2024) को री-भोई जिले में एचएनएलसी के झंडे के साथ हथियार, जिलेटिन की छड़ें, डेटोनेटर और इग्निशन फ़्यूज़ जब्त किए गए।

बता दें कि 9 मार्च 2024 की रात री-भोई जिले के पंजाबी लेन इलाके में आईईडी विस्फोट हुआ था। इस विस्फोट में एक व्यक्ति के घायल हुआ था। इसके बाद 11 मार्च 2024 को चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। चारों आरोपित अपने आकाओं के निर्देश पर काम कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपितों में HNLC का सचिव टार्ज़न लिंबा भी शामिल है। 

IED ब्लास्ट के बाद मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने विस्फोट करने वाले अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही थी। उन्होंने कहा, “मामले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जिम्मेदार लोगों को सजा दी जाए।”

विवादित पंजाबी लेन मामला: लगभग 200 साल पहले ब्रिटिश आर्मी अपने कुछ सिख सैनिकों को शिलॉन्ग लाई थी। इन सिखों को यहाँ साफ-सफाई का काम दिया गया था। तब से सिखों के परिवार पंजाबी लेन में रह रहे हैं। हालाँकि, बाद में राज्य सरकार ने सिखों को दूसरी जगह रहने की पेशकश की थी।

हालाँकि, सिख जाना नहीं चाहते थे, लेकिन बाद में वे स्थानांतरण के लिए तैयार हो गए। उनकी माँग थी कि सरकार द्वारा उनके घरों के निर्माण की लागत वहन की जाए। इसको लेकर हाल ही में सिखों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा था।

पत्र में लिखा गया कि पुनर्वास की प्रक्रिया को रोकने के मकसद से यह विस्फोट किया गया। साल 2018 में एक बस ड्राइवर पर सिखों द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया। इसके बाद इलाके में हिंसा भड़की, एक महीने तक कर्फ्यू लगा रहा। तब से यहाँ पर तनाव की स्थिति बनी हुई है।