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JNU में फिर भिड़े लेफ्ट और ABVP के छात्र: डंडा, साइकिल, धारदार हथियार सब चले; 1 माह में दूसरी झड़प

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के कैंपस में एक बार फिर से लेफ्ट छात्रों में और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों में झड़प का मामला सामने आया है। घटना स्कूल ऑफ लैंग्वेज के पास की है। दोनों पक्षों में झड़प चुनावी कमेटी के सदस्यों को चुनने को लेकर हुई। घायल छात्रों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

कुछ वीडियोज भी सामने आई हैं जिसमें अराजक तत्व कहीं डंडा लेकर दूसरों को पीट रहे हैं तो कहीं दूसरे के ऊपर साइकिल उठाकर फेंक रहे हैं। इसके अलावा कुछ छात्रों को भीड़ द्वारा घेरकर मारा जा रहा है जिन्हें सिक्योरिटी गार्ड बचाता दिखाई दे रहा है।

दोनों संगठनों के छात्रों ने एक दूसरे के विरुद्ध शिकायत दी है। पुलिस ने बताया है कि उन्हें दोनों तरफ से शिकायत मिली है वो इस मामले में जाँच कर रहे हैं। तीन लोग घायल हुए हैं।

विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले में कोई बयान नहीं आया है लेकिन इस झड़प की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें भीड़ में दोनों गुटों के सदस्यों को एक साथ भिड़ते देखा जा सकता है। एक शख्स इधर से उधर साइकिलें फेंक रहा है।

लेफ्ट सदस्यों का कहना है कि एबीवीपी के लोगों ने उनके ‘कॉमरेडों’ पर बुरी तरह हमला किया जिसकी वजह से वह बुरी तरह घायल हुए।

एबीवीपी वालों का कहना है कि जो छात्र स्कूल ऑफ लैंग्वेज में जनरल बॉडी मीटिंग अटेंड करने आए थे, उनपर लेफ्ट के गुंडों ने धारदार हथियार से वार किया। सिर्फ इसलिए क्योंकि वो चुनाव को निष्पक्ष ढंग से होता देखना चाहते थे। एबीवीपी के ट्वीट के मुताबिक कई छात्रों के चेहरे पर गहरी चोटें भी आई हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार एबीवीपी के जेएनयू अध्य उमेश चंद्र अजमीरा ने कहा,”वाममपंथी छात्र चुनाव प्रक्रिया में धांधली करने का प्रयास कर रहे थे। स्कूल ऑफ लैंग्वेज के छात्रों ने आपत्ति जताई…पूरी प्रक्रिया 3-4 घंटे से अधिक समय तक रुकी रही…जब आधे घंटे बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई, तो आइशी घोष (जेएनयू अध्यक्ष) ने चार कम्युनिस्ट नामों की घोषणा की और कहा कि वे निर्वाचित हो गए हैं। कार्यकर्ताओं ने नाम उजागर करने और चयन प्रक्रिया की माँग की।”

उन्होंने आगे बताया, “इस दौरान दानिश (एआईएसएफ सदस्य) ने कहा कि चार नहीं बल्कि दो ही पुराने सदस्यों को दोबारा चुना गया है। आइशी और दानिश ने विरोधाभासी बातें कहीं जिसे सुन छात्र आपत्तियाँ उठा रहे थे…नामों का खुलासा करने को कहा जा रहा था और उन नामों को वापस लेने और स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से चयन करने की माँग की जा रही थी। इसी बीच वामपंथी छात्रों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी और ‘डफली’ को हथियार बनाकर छात्रों पर हमला कर दिया…200 से ज्यादा वामपंथी छात्रों ने वहाँ मौजूद 4-5 कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया…यह कोई नई बात नहीं है।

9 फरवरी को भी हुआ था हमला

बता दें कि इससे पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 9 फरवरी 2024 को देर रात 2 छात्र संगठन (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और लेफ्ट ग्रुप) के सदस्यों के बीच मारपीट होने की खबर सामने आई थी। इस झगड़े में कुछ छात्र घायल हुए थे जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घायलों का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हुआ था।

उस समय भी मुद्दा जनरल बॉडी मीटिंग पर चल रही मीटिंग पर हुआ था। एबीवीपी छात्रों का कहना था कि लेफ्ट संगठनों ने उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की, तो लेफ्ट के छात्रों का कहना था कि एबीवीपी के छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया। कुछ वीडियो सामने आई थी जिसमें एबीवीपी के छात्र दावा कर रहे थे कि लेफ्ट वालों ने उन्हें धारदार हथियार और अपनी स्टील की बनी ढपलियों से मारा।

वहीं, जेएनयू के AISA संगठन ने आरोप लगाया था कि एबीवीपी ने यूजीबीएम (जनरल बॉडी मीटिंग) को बाधित किया और उन्होंने जेएनयूएसयू के अध्यक्ष और अन्य लोगों के साथ हाथापाई की। साथ ही साउंड सिस्टम भी तोड़ दिया।

2 से ज्यादा बच्चे होने पर नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी… SC ने माना नियम बिलकुल सही: खारिज की राजस्थान के पूर्व सैनिक की याचिका

किसी व्यक्ति को दो से ज्यादा बच्चे होने के कारण सरकारी नौकरी न देना कहीं से संविधान के खिलाफ नहीं है। ऐसा सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के एक मामले में आदेश देते हुए कहा है। कोर्ट ने कहा कि ये नियम पॉलिसी दायरे में आता है, इसमें उन्हें हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है।

इस आदेश के साथ कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने पूर्व सैनिक रामजी लाल जाट की याचिका को खारिज किया। साथ ही राजस्थान हाई कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा। हाईकोर्ट में इस मामले पर निर्णय 12 अक्टूबर 2022 को आया था।

बता दें कि इस मामले पर याचिका पूर्व सैनिक रामजी लाल जाट ने डाली थी। वह 2017 में रिटायर हुए थे और उन्होंने 2018 में राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी के लिए आवेदन किया था। हालाँकि दो बच्चे से ज्यादा होने के कारण उनका आवेदन खारिज हो गया।

उनके आवेदन को राजस्थान पुलिस अधीनस्थ सेवा नियम 1989 के नियम 24(4) का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया था। ये नियम, 1 जून 2002 के बाद पैदा हुए दो से अधिक बच्चे वाले व्यक्ति को नौकरी देने से रोकता है।

नौकरी न मिलने पर रामजी लाल जाट ने इसी नियम के खिलाफ तर्क देते हुए पहले राजस्थान हाई कोर्ट में अपनी याचिका लगाई और फिर सुप्रीम कोर्ट में। हालाँकि दोनों ओर से उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करने का फैसला बरकरार रखते हुए बताया कि ऐसा नियम पंचायत चुनाव लड़ने की योग्यता के तौर पर भी पेश किया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा।

अदालत ने तब माना था कि दो से अधिक जीवित बच्चे होने पर उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने का प्रावधान कोई भेदभावपूर्ण और संविधान के दायरे से बाहर नहीं है। ये परिवार नियोजन को बढ़ावा देने वाला प्रावधान है।

कोर्ट ने कहा कि उन्हें इस मामले में ऐसा कुछ नहीं दिखता कि वो राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करें इसलिए यह याचिका खारिज की जाती है। दो बच्चे होने पर सरकारी नौकरी न देना संविधान के दायरे में है।

मजहबी कट्टरता पर NBDSA की मुहर, लव जिहाद-रामनवमी हिंसा की रिपोर्टिंग खटकी: ‘आज तक’ से सुधीर चौधरी के शो का वीडियो हटाने को कहा

समाचार ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्ड एसोसिएशन (NBDSA) ने देश के तीन प्रमुख न्यूज चैनलों पर कार्रवाई की है। इसके तहत टाइम्स नाउ नवभारत और न्यूज 18 इंडिया पर जुर्माना लगाते हुए ‘लव जिहाद’ से जुड़े एक शो का वीडियो हटाने को कहा है। वहीं आज तक को रामनवमी पर हुई हिंसा पर आधारित सुधीर चौधरी के एक शो का वीडियो सभी प्लेटफॉर्म से हटाने को कहा है।

2023 में रामनवमी पर देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसा पर आधारित सुधीर चौधरी के शो को लेकर NBDSA का मानना है कि यह एक विशेष समुदाय को निशाना बनाती है। न्यूज चैनल को भेजे नोटिस में कहा गया है कि कुछेक ‘उपद्रवी घटनाओं’ को सांप्रदायिक हिंसा से जोड़कर इस शो में समुदाय विशेष को निशाना बनाया गया है। चैनल को भविष्य में सावधानी बरतने की चेतावनी भी दी गई है।

यह नोटिस एक्स/ट्विटर यूजर इंद्रजीत घोरपड़े (@jeetxg) की शिकायत के आधार पर जारी किया गया है। इसमें वीडियो को हटाकर सात दिनों के भीतर इसकी जानकारी देने को कहा गया है। शो के दौरान कही गई कुछ बातों का हवाला देकर नोटिस में कहा गया है कि एंकर (सुधीर चौधरी) ने इसे बिल्कुल ‘अलग रंग’ देने का काम किया है।

गौरतलब है कि रामनवमी पर हुई हिंसा हिंदू घृणा और मुस्लिमों की मजहबी कट्टरता की उपज थी। इस्लामी कट्टरपंथी अक्सर यह दावा करते हैं कि मुस्लिम बहुल इलाकों से हिंदुओं का जुलूस निकालना भड़काऊ है। NBDSA की कार्रवाई इसी मजहबी असहिष्णुता पर सवाल उठाने को लेकर की गई है। यह गौर करने वाली बात है कि यदि हिंदू बहुल इलाके से इसी तरह मुस्लिमों के जुलूसों को गुजरने पर निशाना बनाया जाता तो उसे ‘कुछ उपद्रवियों की हिंसा’ की जगह ‘हिंदुओं की असहिष्णुता’ के तौर पर पेश किया जाता है।

रामनवमी पर हुई हिंसा का बचाव करने के लिए जिस तर्क का इस्तेमाल किया गया है, ठीक यही तर्क मजहबी आधार पर भारत के विभाजन के लिए इस्तेमाल हुआ था। मुस्लिम समुदाय और उनके नुमाइंदों ने तब दावा किया था इस्लाम की अपनी अलग रवायतें हैं और वे हिंदुओं के साथ नहीं रह सकते। इसलिए उन्हें अलग देश दिया जाना चाहिए जो इस्लामी वसूलों पर चले। ऐसे में मजहबी असहिष्णुता और हिंदू घृणा के कारण अंजाम दी गई हिंसा पर सवाल उठाने को लेकर मीडिया चैनल को दंडित करना एक तरह से उन्हीं मजहबी दावों का समर्थन है जिसके कारण देश का विभाजन हुआ था।

चाहे इस्लामवादी हों या लेफ्ट-लिबरल, वे अक्सर ‘मुस्लिम क्षेत्र’ जुमले का इस्तेमाल करते हैं। कई विपक्षी नेता भी मुस्लिम क्षेत्रों से हिंदुओं के जुलूस पर सवाल उठाते हैं। सुधीर चौधरी ने अपने शो में किसी इलाके के इसी तरह के वर्गीकरण पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि जब हम जनसंख्या के आधार पर किसी इलाके को हिंदू, सिख, जैन, पारसी या ईसाई क्षेत्र के तौर पर वर्गीकृत नहीं करते तो फिर किसी खास जगह को ‘मुस्लिम इलाका’ क्यों घोषित कर दिया जाता है। उन्होंने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए बताया था कि भारत की 81% आबादी हिंदू है। केवल 14% मुस्लिम हैं। उन्होंने पूछा था, “कुछ जगहों को ‘मुस्लिम इलाका’ क्यों बताया जाता है, जबकि सिख, ईसाई, हिंदू, पारसी या जैन कभी भी किसी खास जगह न तो अपना इलाका घोषित करते हैं और न ही वहाँ अन्य समुदाय को अपने धार्मिक आयोजनों से रोकते हैं।”

बता दें कि 30 मार्च 2024 को देश के अलग-अलग हिस्सों से रामनवमी शोभा यात्रा पर हमलों की सात बड़ी घटनाएँ पिछले साल सामने आई थी। इन घटनाओं के बारे में आप विस्तार से इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत पर एक लाख का जुर्माना

लाइव लॉ के मुताबिक, समाचार प्रसारण और डिजिटल मानक प्राधिकरण ने टाइम्स नाउ नवभारत पर हिमांशु दीक्षित द्वारा होस्ट किए गए एक शो को लेकर कार्रवाई की है। दीक्षित ने उस शो में झारखंड के मानवी राज सिंह केस को दिखाया था और शो को नाम दिया था, ‘जिहादियों से बेटियों को बचाओ’। एनबीडीएसए ने कहा इस शो में सभी मामलों को एक जैसा बताया गया है। एनबीडीएसए का कहना है कि इस शो में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाते हुए अंतर-धार्मिक संबंधों को ‘लव जिहाद’ के तौर पर प्रचारित किया गया है। इसके लिए एनबीडीएसए ने टाइम्स नाउ नवभारत पर 1 लाख का जुर्माना लगाते हुए इस शो का वीडियो हटाने के लिए कहा है।

न्यूज18 इंडिया के खिलाफ भी कार्रवाई

एनबीडीएसए ने न्यूज18 इंडिया पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है। एनबीडीएसए ने अमीश देवगन और अमन चोपड़ा के शो में श्रद्धा वॉकर केस को ‘लव जिहाद’ बताने पर नाराजगी जताई है और चैनल पर 50 हजार का जुर्माना ठोका है। यही नहीं, चैनल को अपने सभी प्लेटफॉर्म से इस शो से जुड़े वीडियो को हटाने के भी निर्देश दिए हैं।

धर्मांतरण के लिए ब्लैकमेल करती थी सोनिया: भाजपा नेता ने की थी सुसाइड, छत्तीसगढ़ पुलिस ने युवती को किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी थाना क्षेत्र में भाजपा नेता शैलेंद्र जायसवाल की मौत पर से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार (29 फरवरी 2024) को सोनिया लकड़ा नाम की एक लड़की को भी गिरफ्तार किया है। सोनिया ना सिर्फ शैलेंद्र को ब्लैकमेल करती थी, बल्कि धर्मांतरण का भी दबाव बना रही है।

दरअसल, 15 जुलाई 2023 को 44 साल के शैलेंद्र जायसवाल की बिजली के खंभे में फाँसी के फंदे में लटकी हुई लाश मिली थी। मृतक शैलेंद्र उस समय नगर पंचायत के एल्डरमैन और बिलासपुर सांसद प्रतिनिधि थे। शैलेंद्र राम्हेपुर के पास कियोस्क चलाते थे। इसके अलावा, वो राजनीति में भी सक्रिय थे।

शैलेंद्र जायसवाल 14 जुलाई को जब घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। उन्हें मोबाइल पर संपर्क किया तो उनका मोबाइल बंद मिला। अगले दिन 15 जुलाई को शैलेंद्र की लाश उनके कियोस्क सेंटर से लगभग आधे किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक खेत के बीच में खंभे पर फाँसी पर लटकती मिली।

इसके बाद पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू की। पुलिस ने मृतक के कियोस्क सेंटर से 6 अलग-अलग सुसाइड नोट बरामद किया। मृतक शैलेंद्र द्वारा लिखे सुसाइट नोट में सोनिया लकड़ा नाम की एक लड़की का जिक्र किया गया था। उसमें कहा गया था कि वह ब्लैकमेल कर रही है और धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बना रही है।

इस सुसाइड नोट में शैलेंद्र जायसवाल ने 32 साल की सोनिया लकड़ा को 20,000 रुपए देने की बात भी लिखी थी। सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस ने इसकी सत्यता की जाँच के लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के बाद भेज दिया था। नोट की जाँच के 7 महीने बाद आई रिपोर्ट में इसे सही पाया गया है।

सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने सोनिया लकड़ा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया। युवती के खिलाफ 306 का अपराध पंजीबद्ध करने के बाद पुलिस ने उसे लोरमी के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित घर से दबोच लिया। सोनिया वनग्राम जमुनाही की रहने वाली है और प्राइवेट नौकरी करती है।

लोरमी की एसडीपीओ माधुरी धीरही का कहना है कि सुसाडल नोट की जाँच के आधार पर आरोपित युवती सोनिया लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पैसों की उगाही और धर्मांतरण के मामले में धारा 306 के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

हाथ में बंदूक लेकर पत्रकार के घर में घुसा कॉन्ग्रेस नेता अनवर कादरी, परिवार के सामने बुरी तरह पीटा, महिलाओं के साथ भी की बदसलूकी: Video

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कॉन्ग्रेस नेता ने पत्रकार के घर में घुसकर मारपीट की है। वो अपने समर्थकों के साथ पत्रकार के घर घुसा, उस समय उसके हाथों में बंदूक थी और उसने घर में घुसकर पत्रकार की जमकर पिटाई की। इस दौरान उसने घर की महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है। वहीं, वारदात को अंजाम देने वाले कॉन्ग्रेस नेता का नाम अनवर कादरी बताया जा रहा है। वो इंदौर के वार्ड नंबर 57 से पार्षद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला सदर बाजार के बड़वाली चौकी इलाके की है। जहाँ बुधवार (28 फरवरी 2024) को कॉन्ग्रेस के पार्षद अनवर कादरी ने जावेद नाम के शख्स के घर में घुसकर उसकी जमकर पिटाई की। वो हाथों में बंदूक लेकर अपने साथियों के साध जावेद के घर में दिनदहाड़े घुस आया और जावेद पर हमला बोल दिया। अनवर के साथ जुबेर, मोगली आशिक और उसके साले असलम अमजद के साथ ही कुछ अन्य लोग भी थे।

इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें अनवर और उसके साथी हाथों में हथियार लेकर जावेद के घर की तरफ जाते दिखाई दे रहा है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनवर कादरी ने पत्रकार को अपने खिलाफ खबर लिखने से नाराज होकर सबक सिखाने के लिए उसकी पिटाई की है। जावेद खान ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस पार्षद अनवर कादरी अपने बारे में कुछ खबरें छापे जाने पर नाराज था। इस बीच जावेद ने सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के जरिए उससे जुड़ी कुछ जानकारी भी माँगी थी, इसी बात से बौखलाकर उसने हमला बोल दिया। हालाँकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में कादरी को पूर्व पार्षद भी बताया जा रहा है।

इस मामले को लेकर इंदौर के एसीपी विवेक सिंह चौहान ने बताया कि जावेद की लिखित शिकायत पर अनवर कादरी और उनके तीन साथियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 452 (चोट पहुंचाने, हमला करने या गलत तरीके से बंधक बनाने के लिए जबरन घर में घुसना), धारा 323 (मारपीट) और अन्य संबद्ध प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। चौहान ने बताया कि कादरी ने भी खान के खिलाफ फोन पर उन्हें धमकी देने के आरोप में सदर बाजार पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि ये विवाद फोन कॉल के बाद ही शुरू हुआ था। वही, अनवर कादरी ने कहा कि ‘अपनी सुरक्षा’ के लिए लाइसेंसी हथियार साथ ले गया था। हालाँकि उसकी सारी करतूतें सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से सामने आ चुकी हैं।

‘मैंने लोगों को बुलाकर ED अधिकारियों पर हमले का आदेश दिया’: शाहजहाँ शेख ने कबूला जुर्म, महिलाओं को धमकाने वाला उसका करीबी अमीर अली गाजी भी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस से 6 साल से निलंबित जिला परिषद प्रधान शाहजहाँ शेख ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ भीड़ को भड़काने की बात कबूल की है। उसने कहा कि उसे लगा कि ईडी उसे गिरफ्तार कर सकती है। इसलिए उसने लोगों को बुलाया और ईडी अधिकारियों और सीआरपीएफ जवानों पर हमला करने का आदेश दिया।

बता दें कि संदेशखाली की महिलाओं से यौन उत्पीड़न करने के आरोपित शाहजहाँ शेख के मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार की फजीहत हो रही है। अब इस फजीहत से बचने के लिए तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) ने शाहजहाँ शेख को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है। इसके साथ उसके मामले की जाँच बंगाल पुलिस की CID ब्रांच को सौंप दिया है।

सामने आए रिमांड कॉपी के पहले पन्ने में कहा गया है कि शाहजहाँ ने जाँच अधिकारी के सामने अपना अपराध कबूल कर लिया है। उसने माना है कि ईडी अधिकारियों पर हमले में उसकी संलिप्तता थी। इसमें यह भी लिखा है कि शाहजहाँ एफआईआर में नामित आरोपित है। वह अपने क्षेत्र में प्रभावशाली है और जमानत पर रिहा होने के बाद उसके फरार होने और मामले के गवाहों को धमकी देने की पूरी आशंका है।

उसमें आगे कहा गया है कि इस हमले में बड़ी संख्या में उपद्रवी शामिल हैं, जिनकी सही ढंग से पहचान करना जरूरी है। शेख ही एकमात्र व्यक्ति है, जो फरार आरोपितों की जानकारी दे सकता है। इस मामले में अब तक लूटे गए सामानों की बरामदगी नहीं हो सकी है। आरोपित ने अपने गुर्गों द्वारा लूटे गए सामान को गुप्त स्थानों से बरामद करने में पुलिस की मदद करने का आश्वासन दिया है।

पुलिस रिमांड की कॉपी (साभार: आजतक)

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि शाहजहाँ शेख के संबंधित मुद्दों के साथ संदेशखाली और नज़ात थाना क्षेत्र में गंभीर कानून और व्यवस्था की समस्या व्याप्त है। शाहजहाँ शेख और उसके सहयोगियों की रिहाई से इस समय इन इलाकों में और हिंसा भड़क सकती है। इसमें आगे कहा गया है कि आरोपित की प्रतिष्ठा बहुत खराब है और उसके निचली अदालत के आदेश का उल्लंघन कर फरार होने की पूरी आशंका है।

बंगाल पुलिस ने शाहजहाँ शेख के एक और करीबी अमीर अली गाजी को भी गिरफ्तार किया है। उसे ओडिशा के राउरकेला से गिरफ्तार किया गया है। अमीर अली पर पिछले कुछ दिनों में संदेशखाली के ग्रामीणों को डराने-धमकाने और उनसे पैसे वसूलने के कई आरोप लगे थे। वह महिलाओं को धमकाता था और मनरेगा मजदूरों से कट मनी वसूल करता था।

रिमांड कॉपी (साभार: आजतक)

बता दें कि शाहजहाँ शेख को बंगाल पुलिस ने गुरुवार (29 फरवरी) की सुबह नॉर्थ 24 परगना के मीनाखान इलाके से उसे गिरफ्तार किया था। लगभग 55 दिन से फरार शेख को बशीरहाट कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे 10 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है। वहीं, भाजपा ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय एजेंसियों की गिरफ्तारी से बचाने के लिए बंगाल पुलिस ने हिरासत में लिया और उसे हर तरह की सुख-सुविधा उपलब्ध करा रही है।

वहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट सोमवार (4 मार्च 2024) को संदेशखाली मामले की जाँच CBI को सौंपे जाने की याचिका पर सुनवाई करेगा। साउथ बंगाल के ADG सुप्रतिम सरकार ने बताया कि इस गिरफ्तारी में सेक्शुअल असॉल्ट का कोई मामला नहीं है। शाहजहाँ के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं। हाल ही में दर्ज हुए मामले 2-3 साल पहले की घटनाओं के हैं और इनकी जाँच-पड़ताल में समय लगेगा।

इस बीच शेख शाहजहाँ के खिलाफ दर्ज मामलों की जाँच पश्चिम बंगाल आपराधिक जाँच विभाग (सीआईडी) को सौंपी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम उनके (शाहजहाँ शेख के) खिलाफ मामलों की जाँच करेंगे। उन्हें पूछताछ के लिए भवानी भवन (बंगाल पुलिस मुख्यालय) लाया गया है।”

शाहजहाँ को 5 जनवरी 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमले से संबंधित दो मामलों में गिरफ्तार किया गया है। ये अधिकारी राशन घोटाले के संबंध जाँच के लिए उसके आवास पर गए थे। इसी दौरान उन पर हमला हुआ था। अधिकारियों ने बताया, “उस पर 147 (दंगा) और 307 (हत्या का प्रयास) सहित भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।”

श्रेयस अय्यर और ईशान किशन को लेकर बीसीसीआई पर भड़के इरफान पठान, बोले- हार्दिक पांड्या को क्यों किया रिटेन? क्रिकेट के लिए बताया बुरा फैसला

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने श्रेयस अय्यर और ईशान किशन का सालाना अनुबंध खत्म कर दिया है। श्रेयर अय्यर और ईशान किशन को सालाना अनुबंध वाली लिस्ट से हटाने पर दोनों खिलाड़ियों के फैन्स नाराज हैं, तो अब पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। इरफान पठान ने बीसीसीआई पर सवाल भी खड़े किए हैं, तो हार्दिक पांड्या का नाम लेकर बीसीसीआई को आईना भी दिखाया है।

इरफान पठान ने गुरुवार (29 फरवरी 2024) को इस विवाद पर अपनी राय रखी। उन्होंने बीसीसीआई को कटघरे में भी खड़ा किया। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की तुलना हार्दिक पांड्या से करते हुए इरफान पठान ने एक्स पर लिखा, “श्रेयस और ईशान दोनों ही टैलेंटेड क्रिकेटर हैं। उम्मीद है वे वापसी करेंगे। यदि हार्दिक पांड्या रेड बॉल क्रिकेट नहीं खेलना चाहते तो क्या उन्हें और दूसरों को वॉइट बॉल के घरेलू टूर्नामेंट नहीं खेलने चाहिए, अगर वे उस समय भारतीय टीम का हिस्सा न हों। यदि यह नियम हर किसी पर एक जैसा लागू नहीं है तो फिर भारत मनचाहा रिजल्ट हासिल नहीं कर सकता।”

बता दें कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट जारी किया था, जिसमें हार्दिक पांड्या को रिटेनरशिप में ग्रेड ए अनुबंध मिला। यह हैरान करने वाला था, क्योंकि किशन और श्रेयस अय्यर को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर रखा गया है। देखा जाए तो हार्दिक पांड्या से अधिक मैच इन दोनों ने खेले और रणजी ट्रॉफी खेलने से कतराने की वजह से बोर्ड ने एक्शन लिया। दूसरी ओर, हार्दिक पांड्या लंबे समय से डोमेस्टिक नहीं खेल रहे हैं, लेकिन उनपर एक्शन नहीं लिया गया।

गौरतलब है कि बीसीसीआई के सेंट्रेल कॉन्ट्रैक्ट में आमतौर पर ग्रेड ए प्लस में शामिल खिलाड़ियों को 7 करोड़, ए ग्रेड में शामिल खिलाड़ियों को 5 करोड़, ग्रेड बी में 3 करोड़ तो वहीं ग्रेड सी में शामिल खिलाड़ियों को 1 करोड़ के दायरे में रखा जाता है। ये राशि इस साल बढ़ भी सकती है। हालाँकि इस साल की फीस का जिक्र नहीं किया गया है।

वसीम से दोस्ती करो और उसके साथ घूमो: अलवर में साथ रह रहीं मुस्लिम छात्राएँ 2 बहनों पर धर्मांतरण का बनाती थीं दबाव, बोलती थीं- पैसे मिलेंगे, तीनों गिरफ्तार

राजस्थान के अलवर में कॉलेज में पढ़ने वाली दो बहनों का इस्लाम में धर्मांतरण करने का दबाव डालने का मामला प्रकाश में आया है। ये दबाव उनके साथ किराए के मकान में रहने वाली काजल उर्फ बबीता जाटव और सकीना मेव नाम की दो लड़कियाँ बना रही थीं। ये लड़कियाँ दोनों बहनों को वसीम नाम के लड़के से दोस्ती करने का भी दबाव डाल रही थीं। उनका कहना था कि इसके लिए पैसे मिलेंगे।

काजल और सकीना के दबाव से तंग आकर दोनों बहनों ने 27 फरवरी 2024 को अलवर के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामला दर्ज करके पुलिस ने तीनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में ये भी पता करने की कोशिश की जा रही है कि इसमें कोई धर्मांतरण गैंग शामिल है या नहीं।

पीड़ित युवतियों का ये भी कहना है कि उनकी दोनों सहेलियाँ वसीम नाम के मुस्लिम युवक से दोस्ती करने और उसके साथ कॉलेज आने-जाने और दूसरे जगहों पर घूमने-फिरने जाने का दबाव बनाती हैं। उनका कहना है कि उन पर धर्म परिवर्तन करके मुस्लिम लड़कों से निकाह करने का भी वे दबाव बनाती थीं। इतना ही नहीं, उनकी बात नहीं मानने पर ये लड़कियाँ उन्हें जान से मारने की धमकी भी देती थीं।

वहीं, वसीम उनका पीछा भी करता था। वसीम और कुछ मुस्लिम लड़के उन्हें फोन करते थे और दोस्ती करने का दबाव बनाते थे। रिपोर्ट में बहनों ने बताया कि दूसरे समुदाय की ये लड़कियाँ कहती थीं कि वे मुस्लिम समुदाय के लड़कों से दोस्ती करती हैं तो वे उन्हें पैसे भी देंगे। बहनों का कहना है कि रास्ते में आते-जाते ये लड़कियाँ कुछ लड़कों को उनके पीछे लगा देती हैं।

जिला पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि 27 तारीख को दो लड़कियाँ थाना कोतवाली आईं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे कॉलेज में पढ़ती है और किराए पर कमरा लेकर अलवर शहर में रहती है। उनकी दो रूममेट्स उन पर दबाव बनाती है कि वसीम नामक के लड़के के साथ दोस्ती करो, उसके साथ बाहर घूमने जाओ और शादी करके धर्म परिवर्तन कर लो।

एसपी ने बताया कि घटना की गंभीरता देखते हुए मामले की जाँच CO सिटी नारायण सिंह को सौंपी गई है। उन्होंने दोनों पीड़ित बहनों की बयान लिए और उनकी काउंसिलिंग कराई। उन्होंने कहा कि अब ये मालूम करने का प्रयास किया जा रहा है कि मामले में और कोई तो शामिल नहीं है। यदि ऐसा पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

सोलर पैनल वाले 1 करोड़ घर, ₹78000 तक सब्सिडी, 300 यूनिट बिजली फ्री, 17 लाख को रोजगार: मोदी सरकार ने ‘PM सूर्य घर’ पर लगाई मुहर, जानिए सब कुछ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिसमें सबसे अहम फैसला पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर लिया गया। केंद्र सरकार ने इस योजना पर मुहर लगा दी है। इस योजना के तरह 75 हजार करोड़ से अधिक का निवेश भारत सरकार करेगी। इसके तहत 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएँगे।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत एक करोड़ घरों को 300 यूनिट्स की बिजली मुफ्त दी जाएगी। इस योजना के तहत 2 किलोवाट सिस्टम्स के रेसिडेंशियल रुफटॉप सोलर के लिए कुल सिस्टम्स के लागत का 60 फीसदी रकम की केंद्रीय वित्तीय मदद भी दी जाएगी। 2 से 3 किलोवाट के सिस्टम की लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा सरकार देगी। सरकार एक किलोवाट सिस्टम्स पर 30,000 रुपये की सरकार सब्सिडी देगी, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये और 3 किलोवाट सिस्टम्स पर 78000 रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी।

17 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए हाउसहोल्ड्स बिजली बिल बचत करने के साथ डिस्कॉम को सरप्लास पावर बेचकर कमाई भी कर सकेंगे। 3 किलोवाट के रुफटॉप सोलर सिस्टम्स के जरिए 300 यूनिट्स तक औसतन बिजली उत्पादन किया जा सकेगा। इस योजना के जरिए रेसिडेंशियल सेक्टर में 30 गीगावाट सोलर कैपिसिटी की क्षमता तैयार हो सकेगी, जिससे अगले 25 वर्षों के रुफटॉप सोलर सिस्टम्स के लाइफ के दौरान जिससे 720 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सकेगा। सरकार ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए 17 लाख डायरेक्ट जॉब मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिटिक्स, सप्लाई चेन, सेल्स, इंस्टॉलेशन, ओ एंड एम और दूसरे सर्विसेज में पैदा किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक में उर्वरकों पर 24,420 करोड़ रुपए की सब्सिडी का फैसला लिया गया है, जिससे करोड़ों किसान को फायदा होगा। सरकार ने कहा है कि डीएपी 1,350 रुपये प्रति क्विंटल के दाम पर मिलती रहेगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंत्रिमंडल में लिए गए इस फैसले की संवाददाताओं को जानकारी दी। उन्होंने कहा, “एक अप्रैल से 30 सितंबर तक के खरीफ सत्र 2024-25 के लिए पीएंडके उर्वरकों पर 24,420 करोड़ रुपये की पोषक तत्व-आधारित सब्सिडी को मंजूरी दी गई है।”

सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री पर जोर

सरकार ने बृहस्पतिवार (29 फरवरी 2024) को 1.26 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ गुजरात और असम में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्तावों को मंजूरी देने के बाद दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि तीनों इकाइयों का निर्माण अगले 100 दिन में शुरू हो जाएगा।इस बैठक में कई अन्य अहम फैसले भी लिए गए।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्प (पीएसएमसी) के साथ साझेदारी में एक सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करेगी। इस संयंत्र की स्थापना गुजरात के धोलेरा में की जाएगी। इसमें 91,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड 27,000 करोड़ रुपये के निवेश से असम के मोरीगाँव में एक सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करेगी। सीजी पावर – जापान की रेनेसा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन और थाइलैंड की स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर गुजरात के साणंद में एक सेमीकंडक्टर संयंत्र लगाएगी। साणंद संयंत्र में 7,600 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है।

अब अंबानी परिवार में नहीं होगा मुकेश-अनिल जैसा झगड़ा? बोले अनंत- मेरे लिए बहन माता जैसी, भाई राम… हम फेवीक्विक से जुड़े

मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी इन दिनों खूब चर्चा में है। हाल में उन्होंने इंडिया टुडे के राहुल कंवल को इंटरव्यू दिया था। इस वीडियो में उन्होंने कई जगह ऐसी बातें कहीं जो अब भारत के लोगों का दिल जीत रही हैं। इस वीडियो में उन्होंने पशु प्रेम से लेकर हिंदू धर्म और गणेश भगवान में अपनी आस्था के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि आज जो कुछ भी उन लोगों के पास उसके निर्माणकर्ता उनके पिता मुकेश अंबानी हैं और माँ से उन्होंने ये सीखा है कि कैसे बेजुबानों की सेवा करके पुण्य कमाया जा सकता है। साथ ही बड़ी सहजता से ये बताया कि उनका रिश्ता उनके अपने भाई बहनों के साथ कैसा है।

44 मिनट के वीडियो में इंटरव्यू के दौरान 31 मिनट के पास जब उनसे पूछा गया कि उनके पिता और चाचा के बीच जो दरार आई, उसे लेकर क्या उन्हें कभी कोई चिंता सताती है। इस पर उन्होंने कहा, “मुझे बिलकुल ऐसी कोई चिंता नहीं है। मेरा भाई मेरा राम है। मेरी बहन मेरे लिए माता रानी के समान है। हमेशा ये लोग मेरी रक्षा करते हैं। ये लोग जैसा कहेंगे वैसा ही करूँगा। अगर हम एक दूसरे पर विश्वास रखेंगे तो कभी कोई तुलना नहीं होगी। हम फेवीक्विक जैसे एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर आप आगे-पीछे वाले लोगों का सुनोगे तो कॉम्पिटिशन होगा। अगर विश्वास रहेगा तो ऐसा कुछ नहीं होगा।”

वीडियो में अनंत ने बताया कि वो गणेश भगवान के बहुत बड़े भक्त हैं। वनतारा के जरिए हाथियों की सेवा करते हैं और इस सेवा को वो गणेश भगवान को समर्पित करते हैं। वीडियो में उन्होंने बताया कि जैसे वो भगवान गणेश के भक्त हैं वैसे ही उनका भाई शिव भगवान का बहुत बड़ा भक्त हैं। उनकी दादी भी शिव भक्त थीं और नानी की भी भगवान में खूब आस्था थी। उन्होंने बताया कि उनकी माँ नीता अंबानी नवरात्रियों पर आज भी उपवास करती हैं। घर के सभी सदस्यों को सनातनी होने पर बहुत गर्व है।

बता दें कि अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी से पूर्व पूरा अंबानी परिवार जामनगर में आकर लगातार धर्म-कर्म के कार्यों में जुटा है। उन्होंने हाल में जामनगर में 14 मंदिरों का निर्माण करवाया है। इसके अलावा उन्होंने प्री वेडिंग की जो शुरुआत की है उसे भी अन्न सेवा से की है। इसके लिए उन्होंने 51 हजार लोगों को बिठाकर भोजन करवाया।