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शेख शाहजहाँ तो गिरफ्तार हो गया पर इस मरी हुई व्यवस्था का इलाज कौन करेगा, क्योंकि जंगलराज से भी गया गुजरा है ममता बनर्जी का बंगाल

शेख शाहजहाँ (Sheikh Shahjahan) को पश्चिम बंगाल की पुलिस ने 29 फरवरी 2024 की सुबह गिरफ्तार कर लिया। वह 55 दिनों से फरार था। इस बीच पश्चिम बंगाल के संदेशखाली से जो कुछ बाहर निकल कर आया वह बताता है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के शासनकाल में इस प्रदेश ने जंगलराज से बर्बर-वहशी युग तक जाने की यात्रा पूरी कर ली है।

जंगलराज ऐसे शासनकाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जब हद दर्जे की अव्यवस्था और अराजकता दिखे। कानून का भय अपराधियों में न हो। आम आदमी खौफ के साये में लिपटा रहे। मसलन, मेरी उम्र के लोग जिस बिहार में बड़े हुए उसे जंगलराज कहा जाता है। उस दौर में एक तरफ आधारभूत संरचनाएँ ध्वस्त होती जा रहीं थी, दूसरी तरफ कोई शहाबुद्दीन किसी चंदा बाबू के बेटों को तेजाब से नहलाकर मार डालता था। अपह​रण का उद्योग जड़ें जमा रहा था और जातीय नरसंहार फल फूल रहा था… लेकिन संदेशखाली से प्रताड़ना की जो भयावह कहानियाँ सामने आई हैं वह बताती हैं कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल जंगलराज से भी बदतर स्थिति में साँसें ले रहा है।

संदेशखाली बताता है कि वामपंथियों ने अपने शासनकाल में पश्चिम बंगाल में जिस राजनीतिक हिंसा को ‘सामान्य’ बनाया, वह टीएमसी के शासनकाल में घर से महिलाओं को उठाकर, उन्हें रातभर भोगकर, सुबह छोड़ देने की स्थिति तक जा चुका है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हिंसा किस कदर बैठी हुई है कि यह देश ने तब भी देखा था, जब विधानसभा चुनावों में टीएमसी की जीत सुनिश्चित होते ही विपक्षी दलों को वोट देने वालों को लक्षित कर हिंसा हुई थी। हत्याएँ और लूटपाट हुई थी। बड़े पैमाने पर लोगों को पलायन कर दूसरे राज्यों में शरण लेनी पड़ी थी।

ऐसी घटनाएँ बंगाल में जंगलराज होने के लेकर देश को लगातार अलर्ट करती रहीं, लेकिन उसके बर्बर-वहशी युग में जीने की खबर देश को तब खबर लगी, जब शाहजहाँ शेख राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। शेख को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाँ 5 जनवरी 2024 को मिली, जब पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर हमला हुआ। पत्थरों से लैस 250-300 लोगों की भीड़ ने सीआरपीएफ जवानों और पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा। ईडी की टीम राशन घोटाला में छापेमारी के लिए गई थी।

शाहजहाँ शेख टीएमसी का कोई हैवीवेट नेता नहीं है। वह जिस भूमिका में है, उस भूमिका वाले नेता हर दल में सैकड़ों होते हैं। वह कभी विधायक-सांसद नहीं रहा। यह जरूर है कि वह हजारों करोड़ के राशन घोटाले में आरोपित ममता सरकार के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक का ‘खास’ बताया जाता है। पर किसी मंत्री का खास होकर ही कोई खुद को इतना ताकतवर समझने की भूल शायद ही करे कि वह राष्ट्रीय एजेंसी पर हमला करवा दे।

शाहजहाँ शेख के संदेशखाली का बेताज बादशाह होने, खुद को ताकतवर समझने की वजहों और बंगाल के जंगलराज से बर्बर युग में जाने की यात्रा पूरी करने का पता तब चला जब संदेशखाली की महिलाओं ने उसके खिलाफ मुँह खोलने का साहस दिखाया। जब इन महिलाओं को ‘बाहरी’ बताकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़िताओं को झुठलाने की कोशिश की तो पता चला कि शाहजहाँ शेख जैसों को बंगाल में ताकत कहाँ से मिलती है।

ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने तो शेख की गिरफ्तारी को लेकर ऐसा भ्रम का माहौल बनाया कि कलकत्ता हाई कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेकर यह कहना पड़ा कि उसने गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई। इस फटकार के बाद टीएमसी ने कहा कि शाहजहाँ शेख सात दिनों में गिरफ्तार कर लिया जाएगा और आखिरकार 29 फरवरी को उसको गिरफ्तार करने की खबर आ गई। इससे ठीक पहले बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी एक चौंकाने वाला दावा करते हुए बताया था कि शाहजहाँ शेख बंगाल पुलिस की ‘सेफ कस्टडी’ में है। हाई कोर्ट ने कहा कि बंगाल पुलिस ही नहीं, उसे ईडी और सीबीआई भी गिरफ्तार करने को स्वतंत्र है।

इसके ठीक बाद जिस तरह से उसकी गिरफ्तारी की खबर आई है, उसके बाद कहा जा रहा है कि बढ़ते दबाव के बीच बंगाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी दिखाने को ‘मजबूर’ हुई है ताकि शेख केंद्रीय एजेंसियों के हाथ न लगे। हाई कोर्ट की फटकारों और सुवेंदु अधिकारी के दावे से काफी पहले दैनिक भास्कर को शाहजहाँ शेख के भाई ने बताया था कि वह फरार नहीं है। वह बंगाल में ही है।

पर बंगाल की असली चुनौती शाहजहाँ शेख की गिरफ्तारी नहीं है। उसे इस हाल में ले जाने के लिए जिम्मेदार वह व्यवस्था है जो एक ट्रक ड्राइवर को संदेशखाली में अपनी सल्तनत चलाने की इजाजत देता है। जो सत्ता बदलते ही माकपा से टीएमसी में घुसपैठ कर किसी को ऐसी व्यवस्था कायम कर लेने की ताकत दे देता है, जिसमें उसके गुर्गे घर-घर जाकर सुंदर महिलाओं का चुन सकें और उनका ‘भोग’ कर सकें।

ऐसे में सवाल उठता है कि इस व्यवस्था का इलाज कौन करेगा? ध्यान रहे कि संदेशखाली मामले को सुनने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया था। शाहजहाँ शेख को गिरफ्तार करने के बाद बंगाल पुलिस कह रही है कि उसे ईडी पर हमले के मामले में पकड़ा गया है। इसका संदेशखाली के यौन शोषण के मामलों से कोई वास्ता नहीं है।

एक मशहूर कहावत है कि सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का। संदेशखाली की पीड़िताओं को न्याय और पश्चिम बंगाल को इस नरक से मुक्ति ‘कोतवाल’ को बदले बिना शायद ही मिले। वैसे भी हमें इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में ही अपने लिए बेहतरी की तलाश करनी है। बिहार ने 2005 में किया था। क्या बंगाल 2024 में कर पाएगा? सनद रहे कि संदेशखाली की महिलाओं के बर्बर और घिनौने आरोपों को ममता बनर्जी ‘मामूली घटना’ बता चुकी हैं।

गोसेवक का रेत दिया था गला, NIA से जाँच करवाएगी छत्तीसगढ़ सरकार: पीड़ित परिजनों से मिलने के बाद CM का ऐलान, राम मंदिर के विरोध में की थी हत्या

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर दहशत फैलाने के लिए 6 मुस्लिमों ने बीते माह एक गोसेवक साधराम यादव की छत्तीसगढ़ के कवर्धा में हत्या कर दी थी। अब इस हत्या की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को सौंपी जाएगी, इसका ऐलान छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया है।

मीडिया से बात करते हुए CM साय ने कहा, “पिछले दिनों साधराम यादव की निर्दयता से हत्या कर दी गई। उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी, फिर भी उनकी गला रेत कर हत्या कर दी गई, इस घटना की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। हमारे पास उनके भाई और पत्नी समेत परिजन न्याय माँग करने आए हैं। दोषियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, लेकिन जिस निर्दयता के साथ हत्या हुई है, उसको देखते हुए परिजनों की माँग है कि उच्च स्तर की जाँच हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।”

CM साय ने जाँच को लेकर कहा, “हम इस जाँच को NIA को सौंपेंगे ताकि इसकी तह तक जाया जा सके। इसमें यदि और भी कोई पहलू है तो वह भी सामने आए क्योंकि ऐसी घटनाएँ दुश्मनी के कारण होती हैं। इस मामले में कोई दुश्मनी के बिना हत्या की गई, ऐसे में यह व्यक्ति नहीं बल्कि विचारधारा की हत्या है। इसलिए हम NIA जाँच की संस्तुति करेंगे।”

गौरतलब है कि 20 जनवरी 2024 को छत्तीसगढ़ के कवर्धा में लालपुर गाँव में अयाज, इदरीश, मेहताब और शेख रफीक समेत 6 ने मिलकर गोसेवक साधराम यादव (50) की ISIS आतंकियो की तरह गला रेत कर हत्या कर दी थी। बताया गया था कि हत्यारे 22 जनवरी, 2024 को होने वाली राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर दहशत फैलाना चाहते थे।

आरोपितों ने साधराम यादव से पहले भी जान-बूझकर विवाद किया था और ‘सर तन से जुदा’ करके हत्या कर दी। उनकी हत्या के बाद कवर्धा में लोगों का गुस्सा भड़क उठा था। प्रशासन ने आरोपितों को पकड़ने के साथ ही इनके घरों पर बुलडोजर भी चलाया था।

पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपितों पर UAPA की धारा 16 लगाई थी। छत्तीसगढ़ में पहली बार नक्सलियों के लावा ऐसे मामले में UAPA का इस्तेमाल किया गया था। हत्या करने वाले अयाज और इदरीश का आतंकी कनेक्शन भी सामने आया था। अयाज के कश्मीर जाने और इदरीश के संदिग्ध के लोगों से मिलने की जानकारी भी मिली थी।

अयाज खान को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल की जाँच की गई तो उसके लगातार कई बार जम्मू-कश्मीर जाने की जानकारी सामने आई। जब छत्तीसगढ़ से टीम जम्मू-कश्मीर भेजी गई तो आतंकवादियों से कनेक्शन सामने आए। एक अन्य आरोपित इदरीश खान के संदिग्धों से बात करने सम्बंधित जानकारी मिली थी। अब साधराम यादव की हत्या के मामले में राज्य सरकार और भी सख्त है और इसकी जाँच NIA से करवाएगी।

वन चाय प्लीज… कौन है डॉली चायवाला, जिसका ‘इनोवेशन’ देखने नागपुर की फुटपाथ पर पहुँच गए बिल गेट्स: नेटिजन्स बोले- ये सज्जन कौन हैं

माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने हाल में नागपुर के वायरल डॉली चाय वाला से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने न केवल फुटपाथ पर खड़े होकर डॉली के हाथ की चाय पी, बल्कि उनके साथ रील भी बनाई। ये रील अब जगह-जगह वायरल है। इसे 24 घंटे से भी कम समय में 1 मिलियन लाइक मिल चुके हैं।

वीडियो में बिल गेट्स मजेदार अंदाज में ‘वन चाय प्लीज’ कहते दिखते हैं। उसके बाद डॉली अपनी स्पेशल चाय बनाते है। उनके अंदाज को वीडियो में बारीकी से रिकॉर्ड किया गया है। इसके बाद वो जो काँच के ग्लास में बिल गेट्स को चाय देते हैं, वीडियो में उसे भी दिखाया गया है।

इस वीडियो को शेयर करते हुए बिल गेस्ट ने लिखा, “भारत में हर जगह इनोवेशन खोजी जा सकती है। आप जहाँ जाते हैं। वहीं इनोवेशन मिलता है। यहाँ तक कि एक सिंपल सी चाय भी यहाँ बेहतरीन है।”

बिल गेट्स ने ये भी कहा कि वे दोबारा भारत आने के लिए उत्सुक हैं। भारत जो कि अद्भुत इनोवेशन का घर है, यहाँ जिंदगी जीने के नए सरीखे हैं। उनकी वीडियो के अंत में है कि वो आगे भी और चाय पर चर्चा करना चाहेंगे।

इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स हैरान हैं। स्विगी इंडिया ने इस वीडियो पर कमेंट करके पूछा है कि आखिर इस चाय का बिल कितना बना। यूजर्स कह रहे हैं कि हर भारतीय इस वीडियो को देखने के बाद शॉक में है।

बिल गेट्स की वीडियो पर आए कॉमेंट (फोटो साभार: बिल गेट्स की वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट)

बता दें कि डॉली चायवाला एक फेमस सोशल मीडिया पर्सनेलिटी हैं। उनकी महाराष्ट्र के नागपुर में एक अलग पहचान है। मौजूदा जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से रविंद्र टेगौर सिविल लाइन नागपुर के पास चाय बेचते हैं। वो अपने स्टाइल से ग्राहकों का ध्यान इतना आकर्षित करते हैं कि हर कोई इनकी वीडियो बनाने को बेताब रहता है।

बिल गेट्स की वीडियो पर आए कॉमेंट (फोटो साभार: बिल गेट्स की वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट)

आपको सोशल मीडिया पर इनकी तमाम वीडियोज देखने को मिल जाएँगी जिसमें इनके दूध के पैकेट को फाड़ने के ढंग से लेकर पानी में चायपत्ती डालने तक को लोगों ने हाईलाइट करके दिखाया हुआ है।

बिल गेट्स की वीडियो पर आए कॉमेंट (फोटो साभार: बिल गेट्स की वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट)

डॉली चायवाला की वीडियो बनाकर तो कई लोग बहुत बहुत फेमस भी हुए हैं। उनके इतने फेमस होने का ही कारण है कि लोग दुनिया के सबसे अमीर आदमियों में से एक बिल गेट्स की वीडियो देखने के बाद मजाकिया अंदाज में यहाँ तक कह रहे हैं कि डॉली चायवाले के साथ ये सज्जन कौन है।

किसानों के ‘भेष’ में हिंसा करने वालों का पासपोर्ट-वीजा रद्द करवाने की तैयारी, CCTV कैमरों-ड्रोन से हरियाणा पुलिस ने की उपद्रवियों की पहचान

किसान आंदोलन के नाम पर हरियाणा पुलिस पर पथराव करने और बैरिकेड तोड़ने वालों के वीजा और पासपोर्ट अब रद्द किए जाएँगे। हरियाणा और पंजाब की सीमा पर उत्पात मचाने वालों पर पुलिस बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। ऐसे उपद्रवियों की पहचान भी कर ली गई है।

हरियाणा पुलिस के अधिकारी DSP जोगिन्दर शर्मा ने बताया है, “मैं यह मीडिया के माध्यम से बताना चाह रहा हूँ कि किसान आंदोलन में पंजाब से हरियाणा की तरफ आने वाले जो भी उपद्रवी हैं, जो बैरिकेड तोड़ रहे हैं या उत्पात मचा रहे हैं, उनको हमने चिन्हित किया है। इनकी पहचान हमारे ड्रोन और CCTV कैमरों में कैद हो गई है। इन लोगों के खिलाफ हम हमारे पासपोर्ट ऑफिस, दूतावास में पहचान भेज कर वीजा और पासपोर्ट, दोनों रद्द करने की माँग करेंगे।”

उपद्रवियों की पहचान करने के विषय में उन्होंने बताया, “हमने बहुत सारी फोटोग्राफ ऐसी ली हैं जिनमें कुछ लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं और उपद्रव मचा रहे हैं। उनका नाम और पता निकाल कर पासपोर्ट और वीजा ऑफिस भेज रहे हैं और इन्हें रद्द करने करवाएँगे।”

गौरतलब है कि हरियाणा और पंजाब की सीमा पर खन्नौरी तथा संभू में बीते कई दिनों पंजाब से आए किसान डेरा डाले हुए हैं। यह किसान दिल्ली जाने की माँग कर रहे हैं। इनको हरियाणा पुलिस ने यहाँ रोका हुआ है। पुलिस ने इसके लिए बैरिकेड लगाए हुए हैं और ड्रोन से इनकी निगरानी कर रहे हैं।

इस किसान आंदोलन में कुछ उपद्रवी भी शामिल हैं। यह हरियाणा पुलिस के ड्रोन को पत्थर फेंक कर गिरा रहे हैं। उपद्रवी हरियाणा पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड भी तोड़ रहे हैं। इन उपद्रवियों के चलते अब तक हरियाणा पुलिस के 30 से अधिक जवान घायल हो चुके हैं। दो पुलिसकर्मियों की यहाँ मौत भी हो चुकी है।

यह किसान आंदोलन संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) द्वारा किया जा रहा है। इसकी माँग है कि इन्हें दिल्ली जा कर प्रदर्शन करने दिया जाए। यह दिल्ली जाकर MSP पर गारंटी समेत अन्य कई माँग कर रहे हैं।

इनकी कई बार केंद्र सरकार से बातचीत भी हो चुकी है लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका है। हालाँकि, इस किसान आंदोलन के नेताओं में भी आपसी मतभेद सामे आए हैं। किसानों का एक धड़ा सीधे केंद्र से भिड़ना चाहता है जबकि दूसरा धड़ा व्यवस्थित तरीके से प्रदर्शन करना चाहता है।

मुकेश अंबानी, अनंत, राधिका… ने खुद परोसा खाना, 51 हजार लोगों की ‘अन्न सेवा’: प्री वेडिंग सेरेमनी के लिए आए जोड़े को जामनगर के ग्रामीणों ने दिया आशीर्वाद, देखें Video

मुकेश अंबानी के सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी का प्री-वेडिंग फंक्शन ‘अन्न सेवा’ के साथ आरंभ हुआ। इस दौरान गुजरात के जामनगर के रिलायंस टाउनशिप के जोगवाड गाँव में पूरे अंबानी परिवार ने स्थानीय लोगों को बैठाकर खाना खिलाया।

समाचार एएनआई के अवुसार, राधिका मर्चेंट की नानी और उनके माता पिता वीरेन और शैला मर्चेंट भी इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे। बताया जा रहा है कि इस अन्न सेवा के लिए 51 हजार लोग आमंत्रित किए गए थे। इन 51 हजार लोगों को आगामी कुछ दिनों तक यूँ ही खाना खिलाया जाएगा।

इस दौरान अनंत अंबानी ने भी ग्रामीणों को शालीनता से ‘जय श्री कृष्णा’ कहते हुए अपने हाथ से अन्न परोसा। वीडियो में देख सकते हैं मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी कैसे चेहरे पर मुस्कान के साथ ग्रामीणों को खाना खिला रहे हैं।

एक अन्य वीडियो में राधिका और अनंत अंबानी को ग्रामीण अपना आशीर्वाद देकर जाते भी दिख रहे हैं। वहीं अंबानी परिवार अन्न सेवा के बाद बेहद खुश दिख रहा है।

उनका ये अंदाज देख भारतीय अभिभूत हैं। पूरे परिवार को लोग शुभकामनाएँ दे रहे हैं कि लोग थोड़े से अमीर होते हैं तो उनके कदम जमीन पर नहीं रहते लेकिन ये परिवार को दुनिया के अमीरों में से है फिर भी इतना सादा व्यवहार है।

बता दें कि अनंत अंबानी की शादी के लिए अंबानी परिवार की अन्य तैयारियाँ भी लोगों का दिल जीत रही हैं। अभी हाल में उन्होंने शादी की तैयारियों से पूर्व जामनगर में ही 14 मंदिरों का निर्माण करवाया है। इसकी वीडियो रिलायंस फाउंडेशन ने अपने एक्स पर शेयर भी की।

वीडियो में मूर्तिकार बता रहे थे कि कैसे उन्हें ये काम करके सम्मानित महसूस हो रहा है। उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे अंबानी परिवार ने उन्हें भी शादी में बुलाया हो।

इसी तरह अनंत अंबानी का ‘वनतारा’ प्रोजेक्ट भी अभी हाल में लॉन्च किया गया। जिसे लॉन्च करते हुए वह बोले थे कि उनके माता पिता ने हमेशा से पशुओं से प्यार करना सिखाया है, इसलिए वह उन्होंने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी।

‘उनके लिए पाकिस्तान दुश्मन देश, हमारे लिए पड़ोसी’: कर्नाटक में कॉन्ग्रेस MLC के विवादित बोल, बीजेपी ने कहा- आज भी निभाई जा रही नेहरू-जिन्ना की दोस्ती

कर्नाटक कॉन्ग्रेस के बड़े नेता और विधान परिषद सदस्य बीके हरिप्रसाद ने पाकिस्तान को दुश्मन राष्ट्र मानने से इंकार कर दिया। हरिप्रसाद ने कहा कि भाजपा के लिए पाकिस्तान दुश्मन राष्ट्र हो सकता है लेकिन हमारे लिए तो पड़ोसी राष्ट्र है। उनके इस बयान पर सदन में हंगामा मच गया।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीके हरिप्रसाद ने कर्नाटक विधान परिषद में कहा, “वे (भाजपा) लोग एक दुश्मन देश के साथ हमारे संबंधों के विषय में बात करते हैं। उनके अनुसार पाकिस्तान एक दुश्मन देश है। हमारे लिए, पाकिस्तान दुश्मन देश नहीं है बल्कि यह हमारा पड़ोसी देश है।”

आगे उन्होंने कहा, ” वे कहते हैं कि पाकिस्तान हमारा दुश्मन देश है, हाल ही में, उन्होंने पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया। वह लाहौर में जिन्ना की मजार पर गए थे और कहा था कि वह एक धर्मनिरपेक्ष नेता थे। क्या तब पाकिस्तान दुश्मन देश नहीं था?”

बीके हरिप्रसाद ने यह बयान तब दिया जब भाजपा नेताओं ने सदन में आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस उम्मीदवार की जीत के बाद ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए। उनका एक वीडियो भी इस सम्बन्ध सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बीके हरिप्रसाद इस बयान पर अब घिर गए हैं। भाजपा ने उन पर हमला बोला है।

कर्नाटक भाजपा के एक्स हैंडल ने बीके हरिप्रसाद की यह वीडियो डालते हुए लिखा, “बीके हरिप्रसाद ने आज सदन में स्पष्ट कर दिया कि कॉन्ग्रेस का पाकिस्तान के प्रति रवैया और सोच क्या है। कर्नाटक कॉन्ग्रेस ने पाकिस्तान को भाजपा के लिए एक शत्रु और अपने लिए पड़ोसी बताकर यह स्पष्ट कर दिया है कि पीढ़ियों से चली आ रही जिन्ना और जवाहर लाल नेहरु की दोस्ती अब भी मौजूद है।”

भाजपा ने कहा कि कॉन्ग्रेस विधानसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वालों के साथ खड़ी है और भारत पर 4 बार युद्ध का ऐलान करने वाले पाकिस्तान को पड़ोसी राष्ट्र बताती है। भाजपा कर्नाटक अध्यक्ष बी वाई विजयेन्द्र ने भी इस मामले में कॉन्ग्रेस पर हमला बोला है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का कॉन्ग्रेस को दुश्मन ना मानना लम्बे समय से मुद्दा रहा है लेकिन सच को छुपाया नहीं जा सकता है और राहुल गाँधी के सिपाहसालार हरिप्रसाद ने विधान परिषद में इसे स्पष्ट कर दिया। विजयेन्द्र ने कह़ा कि यही कारण है जिससे पाकिस्तान पीएम मोदी की बजाय कॉन्ग्रेस सरकार चाहता है।

गौरलतब है कि बीके हरिप्रसाद का बयान ऐसे समय में आया है जब मंगलवार (27 फरवरी, 2024) को सम्पन्न हुए राज्यसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस उम्मीदवारों के विजयी होने के बाद पकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जाने की बात उठी थी। इस मामले में बेंगलुरु पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर ली थी।

हाई कोर्ट की सख्ती के बाद पकड़ा गया TMC नेता शेख शाहजहाँ, संदेशखाली में ED की टीम पर हमले के बाद से ही था फरार

संदेशखाली मामले के मुख्य आरोपित व तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता शेख शाहजहाँ को पश्चिम बंगाल पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे 29 फरवरी की सुबह गिरफ्तार किया। वह पिछले 55 दिन से फरार चल रहा था। इस बीच उसके कई करीबी गिरफ्तार हुए लेकिन शाहजहाँ का पता नहीं चल पा रहा था। गुरुवार को उसे बंगाल पुलिस ने मिनाखान इलाके से पकड़ा।

मिनाखान के एसडीपीओ अमीनुल इस्लाम खान ने बताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तर 24 परगना के मिनाखान इलाके से शाहजहाँ शेख को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे बशीरहाट सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया जाना है। फिलहाल वह कोर्ट लॉकअप में बंद है।

बता दें कि संदेशखाली में तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता शेख शाहजहाँ के खिलाफ 70 से ज्यादा शिकायतें पुलिस में दर्ज हुई थी जिसके बाद पुलिस ने इस केस में 2 दिन पहले ही एफआईआर की थी। वहीं कोलकाता हाईकोर्ट ने तो साफ कहा था कि शेख शाहजहाँ की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं लगाई जा रही। उसे गिरफ्तार करना जरूरी है।

कोर्ट ने बुधवार को निर्देश दिया था कि महिलाओं पर यौन अत्याचार और संदेशखाली में जमीन हड़पने के मुख्य आरोपी तृणमूल कांग्रेस नेता शाहजहां शेख को सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या पश्चिम बंगाल पुलिस में से कोई भी गिरफ्तार कर सकती है। हाई कोर्ट की फटकार के बाद बंगाल की टीएमसी पार्टी ने कहा था कि वह शेख शाहजहाँ को एक हफ्ते के भीतर पकड़ लेंगे।

गौरतलब है कि पिछले महीने राशन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय शेख शाहजहाँ के घर छापा मारने आई थी। हालाँकि उसके समर्थकों ने ईडी पर ही उलटा हमला कर दिया और शेख शाहजहाँ फरार हो गया। उसके बाद से टीएमसी नेता कहाँ था ये किसी को नहीं पता था। हाल में उसके भाई ने मीडिया को बताया था कि वो बंगाल में ही है, लेकिन उसकी बात नहीं हुई है।

आग की अफवाह के बीच झारखंड में स्टेशन से पहले रूकी ट्रेन, अफरा-तफरी के बीच बगल की ट्रैक पर ट्रेन ने कइयों को कुचला: 2 शव बरामद, रेलवे बोला- चेन खींची गई

झारखंड के जामतारा में रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा हादसा हो गया है। यहाँ ट्रेन की चपेट में लगभग 12 लोगों के आने की खबर है। इनमें से कुछ की मौत हुई है। हादसा अंग एक्सप्रेस में सवार यात्रियों के साथ हुआ है। दरअसल, ट्रेन में आग लगने की खबर के बाद यात्रियों में भगदड़ मच गई थी। बदहवास होकर भाग रहे इन्हीं यात्रियों को दूसरी पटरी पर आ रही एक अन्य ट्रेन ने कुचल दिया।

मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुँच चुके हैं। राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। हादसे में कुछ लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। घटना बुधवार (28 फरवरी 2024) की देर शाम की है। घटना जामतारा के कालाझरिया मोड़ रेलवे हाल्ट की है। यह हॉल्ट आसनसोल रेलवे डिवीजन में आता है।

रेलवे की तरफ से आग लगने की आशंका वाली बात नहीं कही गई है। कहा गया है कि अलार्म चेन खींचने की वजह से ट्रेन नंबर 12254 रुकी हुई थी। उसी दौरान दो लोग ट्रैक पर आ गए, जिनको MEMU ट्रेन ने कुचल दिया। रेलवे के मुताबिक, आग लगने की कोई घटना नहीं हुई थी। मारे जाने वाले ट्रेन के यात्री नहीं थे। इस मामले की जाँच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी बनाई गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जामतारा के स्थानीय विधायक इरफ़ान अंसारी ने बताया कि बंगलुरु यशवंतपुर एक्सप्रेस (अंग एक्सप्रेस) डाउन लाइन पर जा रही थी। इस बीच रेलवे लाइन के पास डाली गई गिट्टियों से धूल उड़ने लगी। ट्रेन के ड्राइवर ने उड़ रही धूल को आग से उठने वाली धुआँ समझा और ट्रेन रोक दी। ट्रेन रुकते ही उसमें सवार यात्री बदहवास होकर इधर-उधर भागने लगे।

विधायक इफ़रान अंसारी ने आगे बताया कि इसी आपाधापी के माहौल के बीच अप लाइन पर तेजी से EMU एक्सप्रेस गुजरी। इस ट्रेन की चपेट में रेलवे लाइन पर भाग रहे कई यात्री आ गए। इसमें से कई लोगों की मौके पर ही कट कर मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मौके पर राहत और बचाव कार्यों के लिए एम्बुलेंस आदि भेजी गई है।

गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है। घटनास्थल के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जहाँ रेलवे ट्रैक पर कुछ लोगों के शव दिखाई दे रहे हैं। यहाँ सुरक्षा बल यात्रियों को संभालने में जुटे दिख रहे हैं। घटनास्थल पर काफी अँधेरा है, जहाँ लाइट के इंतज़ाम किए जा रहे हैं।

जामतारा के डिप्टी कमिश्नर के मुताबिक, अभी मृतकों व घायलों की सटीक संख्या की जानकारी नहीं हो पाई है। अभी तक 2 शव बरामद होने की सूचना है। हालाँकि वायरल वीडियो में बोल रहा व्यक्ति 3 लोगों का शव दिखने का दावा कर रहा है। आसपास काफी सामन भी बिखरा पड़ा है, जो हड़बड़ी में भाग रहे यात्रियों का बताया जा रहा है। स्थानीय SDM के मुताबिक हादसे की जाँच शुरू कर दी गई है।

‘इस हैवान को जेल में होना चाहिए’: महुआ मोइत्रा के एक्स बॉयफ्रेंड जय अनंत देहाद्राई ने कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर पर लगाए गंभीर आरोप

कुछ समय पहले चर्चा में रहे सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर को लेकर सोशल मीडिया पर गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा है कि ये आदमी बेहद घृणित और वीभत्स है। इस आदमी को जेल में होना चाहिए। दरअसल, जय अनंत ने किसी लड़की का पोस्ट अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है, जिसने शशि थरूर के साथ अपनी आपबीती शेयर की है। इस नोट में लड़की ने जय के साथ उस घटनाक्रम को शेयर किया है, जब वो शशि थरूर से मिली थी।

जय अनंत देहाद्राई ने पीड़ित द्वारा भेजे गए मैसेज में उसकी पहचान को छिपाते हुए पोस्ट किया है। जय अनंत ने अपने ट्वीट में लिखा, “ये है शशि थरूर की हकीकत। घृणित और वीभत्स। इस नीच आदमी को जेल में होना चाहिए। मैं देश के किसी भी कोर्ट में मामले के जाने से पहले पीड़िता की पहचान को छिपा रहा हूँ।” जय अनंत देहाद्राई ने #METOO आंदोलन की तर्ज पर ये आरोप साझा किए हैं और कहा है कि वो इस मामले में कोर्ट में भी जाएँगे।

जय देहाद्राई के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

पीड़ित ने देहाद्राई को जो मैसेज भेजा है, उसे देहाद्राई ने शेयर किया है। इसमें लिखा है, “मैं सीधे मुद्दे पर आती हूँ. ये उसी बात से जुड़ा है, जिसमें आपने शशि थरूर के बारे में ट्वीट किया था। तो मैं उस कार्यक्रम में मौजूद थी, जो अक्टूबर में हुआ था और अंबेडकर पर लिखी थरूर की किताब की लॉन्चिंग थी। वो उस समय कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद के लिए खड़े थे। इस इवेंट के बाद मैं उससे (थरूर से) मिली और थोड़ी बातचीत की (मैं उनकी बहुत बड़ी प्रशंसक थी)) और उस बातचीत के बाद हमने हाथ मिलाया, लेकिन ये काफी अजीब था, क्योंकि वो मेरे हाथ को काफी ताकत से और अजीब तरीके से दबा रहे थे, जो दर्दनाक भी था। इस पूरे वाकये के दौरान जब हमारी बातचीत हो रही थी, तो उनकी नजरे मेरे सीने पर गड़ी थी। जो कि बेहद अजीब था। उस दिन मैंने खुद को ये सोचकर सांत्वना दी कि हो सकता है कि ये जानबूझकर न किया गया हो, क्योंकि मुझे वाकई भरोसा नहीं हो रहा था कि वो व्यक्ति जिसके लिए मैं फैनगर्ल की तरह हो, वो ऐसा भी हो सकता है।”

देहाद्राई के पोस्ट के दोनों स्क्रीनशॉट

उस पोस्ट में आगे लिखा है, “इस घटना के बाद मैं एक बार फिर से उनसे एक अलग इवेंट (अमृत माथुर के किताब की लॉन्चिंग) में मिली। वो शातिराना तरीके से मुझसे बात कर रहे थे। मैंने अब ये आपके साथ इसलिए शेयर किया है, क्योंकि आपके ट्वीट के बाद मुझे लगा कि यही इस बंदे की आदत है। ये अफसोसजनक है। लेकिन मैं आपको इसके खिलाफ (संभवत: जय की पूर्व महिला मित्र) खड़े होने के लिए बड़ी शाबाशी देती हूँ। मैं आपको बता भी नहीं सकती कि मैंने बतौर इंसान उसके बारे में कैसी खतरनाक बाते सुनी हैं। मुझे पता है कि ऐसे लोगों के खिलाफ खड़ा होना बिल्कुल भी आसान नहीं है। लेकिन आप जरूर ऐसा (लड़ते रहेंगे) करेंगे। मजबूत रहें।”

थरूर पर पहले भी गंभीर आरोप लगा चुके हैं देहाद्राई

बता दें कि जय देहाद्राई पहले भी शशि थरूर के खिलाफ गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने 6 और 8 दिसंबर को भी थरूर पर गंभीर आरोप लगाए थे और कहा था कि इस आदमी को जेल में होना चाहिए। जय अनंत ने 8 दिसंबर को किए गए एक ट्वीट में लिखा, “शशि थरूर को जेल में होना चाहिए, न कि संसद में।” उनका यह पोस्ट उनके द्वारा किए गए एक पहले ट्वीट से जुड़ा था जिसे उन्होंने डिलीट कर दिया। अपने 6 दिसंबर के पुराने पोस्ट में जय अनंत ने दावा किया था कि महुआ मोइत्रा और उनके सामने शशि थरूर ने एक महिला से छेड़छाड़ की थी और महुआ इस मुद्दे पर चुप रही थीं।

बेरहमी से पिटाई… मौत की धमकी और फिर माफ़ी: अरबी में लिखे कपड़े पहनने वाली महिला पर ईशनिंदा का आरोप, सजा पर मंथन कर रहे पाकिस्तानी मौलवी

भले ही पाकिस्तान आर्थिक और राजनैतिक रूप से पूरी तरह से अस्थिर है लेकिन वहाँ मज़हबी कट्टरता अपने चरम पर है। इसका एक उदाहरण तब देखने को मिला, जब लाहौर में एक महिला को कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने घेर लिया था। हमलावरों का मानना था कि महिला के कपड़ों पर अरबी भाषा में कुछ लिखा था। अरबी के शब्दों को कुरान की आयतें बताते हुए ऐसे कपड़े पहनना उन्मादी भीड़ ने ईशनिंदा माना। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान’ के हमलावरों ने ‘सिर तन से जुदा’ के नारे लगाए थे। पर असलियत यह थी कि महिला की पोशाक पर लिखे शब्द किसी मज़हबी किताब की लाइनें नहीं थीं।

अब मामले के तूल पकड़ लेने के बाद इस्लामी मौलवी उस पोशाक के बारे में अपनी-अपनी राय अलग-अलग रूपों में रख रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, जिससे यह तय किया जा सके कि पीड़िता महिला के खिलाफ FIR दर्ज किया जाए या नहीं। पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने अपने X हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में कुछ इस्लामी मौलवी महिला के कपड़ों पर छपे शब्दों का ‘विश्लेषण” कर रहे हैं। उनमें से कुछ का मानना है कि छपे प्रिंट कुरान की आयतों जैसे हैं।

अब कुछ मौलवी यह भी माँग कर रहे हैं कि जिस महिला को भीड़ ने पीट-पीट कर अधमरा कर दिया उसके खिलाफ पाकिस्तानी कानून के हिसाब से FIR भी दर्ज हो। जबकि असलियत में महिला के कपड़ों के जिन प्रिंट पर यह पूरा विवाद हो रहा है वो अरबी भाषा के शब्द हैं, जिनके अर्थ सुंदर और मधुर आदि हैं। भुखमरी की कगार पर खड़े इस देश में आर्थिक नीतियों पर चर्चा के बजाय इस बात पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है कि कैसे महिला को ईशनिंदा के नाम पर मौत तक की सजा दी जाए।

लाहौर की पुलिस अधिकारी सैयदा शहरबानो नकवी ने इस पूरे विवाद पर बताया है कि महिला अरबी लिखे शब्दों वाला कुर्ता पहन कर बाजार गई थी जिससे कुछ लोगों को कुरान की आयतें लिखे होने का भ्रम हो गया था। हालाँकि इस बीच लगातार धमकियों और कट्टरपंथियों के हमलों से डरी पीड़िता ने बिना अपनी कोई गलती के भी पाकिस्तानी आवाम से माफ़ी माँग ली है। महिला का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें वो मौलवी और पुलिस की मौजूदगी में माफ़ी माँग रही है।

वीडियो में पीड़िता महिला ने कहा, “मैंने जो कुर्ता पहना था, उसे उसके डिज़ाइन के चलते खरीदा था। मुझे नहीं पता था कि लोग यह सोचेंगे कि उस पर अरबी भाषा में कुछ गलत लिखा हुआ है। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। यह सब अनजाने में हुआ, फिर भी मैं माफी माँगती हूँ। एक सुन्नी मुस्लिम होने के नाते मैं कुरान और सुन्नत या रसूल के खिलाफ ‘गुस्ताखी’ करने के बारे में सोच भी नहीं सकती।” दरअसल महिला के ये शब्द पास बैठे मौलवियों के निर्देश पर बोले जा रहे थे।

कुवैत की कम्पनी ने डिजाइन की थी पोशाक

महिला के जिन कपड़ों पर यह पूरा विवाद हुआ था वह कुवैत की एक कम्पनी द्वारा डिजाइन किया गया है। अब उस कम्पनी ने इस मामले में खुद को घसीटे जाने पर पाकिस्तान के कट्टरपंथियों की सख्त आलोचना की है। semplicitakw नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से बताया कि उसका ब्रांड कपड़ों पर कई डिजाइन में अरबी भाषा वाले शब्दों का उपयोग करता है। कम्पनी ने खासतौर पर उनके ब्रांड के कपड़े से भड़के पाकिस्तानियों को सम्बोधित किया है।

अपनी पोस्ट में कुवैत की कंपनी ने लिखा, “प्रिय पाकिस्तानी लोगों। मासूम लड़की के साथ हाल में हुई घटना से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। हमारी कम्पनी कुवैत में है। हम दुनिया भर में जहाज नहीं भेजते हैं। कृपया हमें फ़ॉलो और मैसेज करके परेशान करना बंद करें। अरबी हमारी भाषा है। इसलिए हम हर जगह अलग-अलग फ़ॉन्ट में इन शब्दों का उपयोग करते हैं।”

हालात भुखमरी की लेकिन कट्टरता से बाज नहीं

बताते चलें कि पाकिस्तान अख़बार डॉन ने दिसंबर 2023 में अपने देश की आर्थिक हालत पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। तब अख़बार ने बताया था कि राजनैतिक अस्थिरता और गलत नीतियों के चलते पाकिस्तान फार्मास्युटिकल, दूरसंचार और तेल के क्षेत्रों में तेजी से पीछे जा रहा है। कई कंपनियों ने पाकिस्तान में अपनी हिस्सेदारी बेचकर कारोबार को समेट लिया है। लगातार घाटे में चलते की वजह से पाकिस्तान सुजुकी मोटर कम्पनी लिमिटेड ने वहाँ वाहनों का निर्माण बंद कर दिया था और खुद को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट कर लिया था।

विदेशी कर्ज से पल रहे पाकिस्तान में ही झूठी अफवाहों पर कत्ल हो जाना, महिलाओं का उत्पीड़न होना और मज़हब के नाम पर सिर तन से जुदा जैसी घटनाएँ सामने आ रही हैं। ऑपइंडिया ने इस से पहले भी पाकिस्तान के कई ऐसे मामलों को विश्वपटल पर रखा था जिसमें उन्मादी भीड़ ने मजहब के नाम पर लोगों की हत्याएँ की थीं।

(इस खबर को अंग्रेजी में श्रद्धा पांडेय ने लिखा है। इसे आप इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।)

Despite being beaten in Pakistan, the punishment for the woman wearing Arabic language clothes is being considered