Home Blog Page 1207

पत्नी और 2 भाइयों को टिकट, हिन्दू विरोधी शफीकुर्रहमान पर भी भरोसा: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सपा ने जारी की प्रत्याशियों की पहली लिस्ट

समाजवादी पार्टी (सपा) ने मंगलवार (30 जनवरी 2024) को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में 16 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है। जिन उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है उनमें सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, भाई धर्मेंद्र यादव, भाई अक्षय यादव जैसे मुलायम यादव के परिवार के सदस्यों के नाम हैं।

समाजपार्टी पार्टी ने जिन 16 लोगों को टिकट दिया है, उनमें संभल से शफीकुर्रहमान बर्क, फिरोजाबाद से अक्षय यादव, मैनपुरी से डिंपल यादव, एटा से देवेश शाक्य, बदायूँ से धर्मेंद्र यादव, खीरी से उत्कर्ष वर्मा, धौरहरा से आनंद भदौरिया, उन्नाव से अनु टंडन, लखनऊ से रविदास मेहरोत्रा, फर्रुखाबाद से नवल किशोर शाक्य, अकबरपुर से राजाराम पाल, बांदा से शिवशंकर सिंह पटेल, फैजाबाद से अवधेश प्रसाद, अंबेडकरनगर से लालजी वर्मा, बस्ती से राम प्रसाद चौधरी और गोरखपुर से काजल निषाद के नाम शामिल हैं।

सपा की इस सूची को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इस सूची में परिवारवाद और जातिवाद पूरी तरह हावी है। वहीं, इस सूची में शामिल शफीकुर्रहमान बर्क को हिंदू विरोधी बयानों के लिए जाना जाता है। वो अखिलेश यादव से भी बगावत कर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें टिकट दिया गया है। इस बीच, सोशल मीडिया पर लोग समाजवादी पार्टी पर निशाना साध रहे हैं।

सोशल मीडिया यूजर सचिन पाण्डेय ने इस लिस्ट को लेकर समाजवादी पार्टी की आलोचना की है। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “समाजवादी पार्टी में सवर्णों- ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, श्रीवास्तव सहित व्यापारी जातियों व अन्य सामान्य जाति का कोई स्थान नहीं है। सपा का नारा यादव मुस्लिम दलित (PDA) है। दलित और पिछड़ा केवल सपा के लिए वोटबैंक।”

प्रशांत किशोर नाम के यूजर ने लिखा, “तीन नाम अभी से परिवार के हैं। काहे के समाजवादी?”

नीरज दुबे ने लिखा, “समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर ‘परिवार प्रथम’ के सिद्धांत को सर्वोपरि रखा है। सूची में शामिल कई नाम अखिलेश यादव के परिवारजनों के ही हैं। कार्यकर्ताओं को सिर्फ नारे लगाने के लिए पार्टी में रखा गया है।”

बता दें कि इंडी गठबंधन में अखिलेश यादव कॉन्ग्रेस के सहयोगी है। ये अलग बात है कि अभी तक कॉन्ग्रेस और सपा में सीटों की पहचान को लेकर कोई समझौता सार्वजनिक तौर पर नहीं हुआ है, सिवाय इसके कि 11 सीटों पर कॉन्ग्रेस चुनाव लड़ेगी। ऐसे में इनमें से कुछ सीटें ऐसी भी हो सकती हैं, जिन पर कॉन्ग्रेस की भी दावेदारी हो।

‘ये भारत है, पाकिस्तान नहीं’: कर्नाटक में BJP की आपत्ति के बाद हटाया गया हरा झंडा, हनुमान ध्वज उतारे जाने के बाद JDS कार्यकर्ताओं ने भी पहनना शुरू किया भगवा

कर्नाटक के मंड्या में कॉन्ग्रेस सरकार की पुलिस द्वारा हनुमान जी के ध्वज को हटाने वाला मामला अभी थमा भी नहीं था कि राजधानी बेंगलुरु में हरा झंडा लगाने का मामला सामने आ गया है। 108 फ़ीट आंजनेय ध्वज को हटाने के बाद भड़की भाजपा ने हरा झंडा हटाने की माँग की है। भाजपा का कहना है कि ये हरा झंडा बेंगलुरु के शिवाजीनगर में फहराया गया है। भाजपा नेता व विजयपुरा से विधायक बसनगौड़ा R पाटिल यत्नाल ने सोशल मीडिया पकटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस मुद्दे को उठाया है।

उन्होंने अपने ट्वीट में बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर और DCP (ईस्ट) को टैग करते हुए पूछा कि क्या किसी सार्वजनिक क्षेत्र में दुश्मन मुल्क के रंग से मिलता-जुलता झंडा फहराना हमारी ध्वज संहिता के खिलाफ नहीं है? उन्होंने माँग की कि उस झंडे को तुरंत हटाया जाए और वहाँ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाए। उन्होंने कहा कि शिवाजीनगर भारत में है, पाकिस्तान में नहीं। इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद पुलिस और बृहद बेंगलुरु महानगरपालिका (BBMP) हरकरत में आ गई।

प्रशासन ने कहा है कि BBMP कमचारियों की मदद से उक्त झंडे को वहाँ से हटा दिया गया है। स्थानीय मस्जिद के कर्मचारियों और मुस्लिम नेताओं को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। हालाँकि, कुछ मुस्लिमों ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और कहा कि पिछले 30 वर्षों से ये झंडा वहाँ पर वैसे ही फहर रहा था। लेकिन, पुलिस-प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई नियमानुसार ही की गई है। भाजपा-JDS गठबंधन राज्य में हिन्दू हित के मुद्दों को लेकर आक्रामक है।

उधर मंड्या के करगोदु में अब भी प्रदर्शन जारी है। JDS नेताओं ने भी अब अपने पारंपरिक हरे रंग की शॉल की जगह भगवा गमछा पहनना शुरू कर दिया है। भाजपा-JDS ने कहा है कि मंड्या में हर घर के ऊपर भगवा झड़ना फहराया जाएगा, अगर कर्नाटक सरकार में हिम्मत है तो वो रामभक्तों को रोक कर दिखा दे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष HD कुमारस्वामी ने भी सन्देश दिया है कि राज्य में उनके समर्थक भाजपा के साथ मिल कर काम करें। लोकसभा चुनाव भी दोनों दल मिल कर लड़ेंगे।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हमले में 3 जवान बलिदान, 14 घायल: एयरलिफ्ट कर रायपुर भेजा गया

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के टेकलगुड़ेम पुलिस कैंप पर नक्सलियों ने बड़ा हमला किया है। इस हमले में 3 जवान बलिदान हो गए हैं, जबकि लगभग 14 जवान घायल हैं। घायलों को जगदलपुर रायपुर ले जाया गया है। इनमें 4 जवानों की हालत गंभीर है, जबकि अन्य खतरे से बाहर हैं। बता दें कि साल 2021 में टेकलगुड़ेम में ही नक्सलियों ने हमला किया था, जिसमें 23 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार (30 जनवरी 2024) को जोनागुड़ा-अलीगुड़ा क्षेत्र में सुरक्षाबलों की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इस टीम में सीआरपीएफ की कोबरा, एसटीएफ और डीआरजी के जवान शामिल थे। दोपहर 3 बजे के करीब घात लगाए नक्सलियों ने सुरक्षाबलों की टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी अपनी पोजिशन सँभाल ली और दोनों तरफ से फायरिंग हो ने लगी।

दरअसल, पुलिस और नक्सलियों के बीच यह मुठभेड़ जगरगुंडा थाना क्षेत्र के टेकलगुड़ेम गाँव में हुई है। टेकलगुड़ेम गाँव में एक नया पुलिस कैंप खोला गया है। इसी कैंप से सुरक्षाबल सर्च ऑपरेशन के लिए निकले थे। इसके बाद टीम पर माओवादियों ने हमला कर दिया। चार घंटों तक चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल की आड़ लेकर भागने में कामयाब हो गए हैं।

गौरतलब है कि टेकलगुड़ा में ही 3 अप्रैल 2021 में सुरक्षाबलों और नक्सली की मुठभेड़ में 23 जवान बलिदान हो गए थे, जबकि 35 से ज्यादा घायल हो गए थे। इस मुठभेड़ में करीब 350 से 400 नक्सली शामिल थे। इनमें माओवादियों के बड़े लीडर भी मौजूद थे। जवानों पर BGL (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) दागा गया था।

इतना ही नहीं, इस दौरान नकस्लियों ने DRG, CRPF और कोबरा बटालियन के जवानों से हथियार भी लूट कर ले गए थे। नक्सलियों ने कोबरा बटालियन के एक जवान राकेश्वर सिंह मन्हास का अपहरण भी कर लिया था। हालाँकि, छह दिन तक कब्जे में रखने के बाद नक्सलियों ने बस्तर के गाँधी कहलाने वाले स्वतंत्रता सेनानी धर्मपाल सैनी की मध्यस्थता के बाद राकेश्वर सिंह को छोड़ दिया था।

बताते चलें कि तीन दिन पहले चिंतागुफा क्षेत्र में सक्रिय रहे दो महिलाओं और एक पुरुष नक्सली ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया था। इनमें से एक महिला नक्सली पर एक लाख रुपए का इनाम रखा गया था। शनिवार (27 जनवरी 2024) की शाम को सीआरपीएफ के 50वीं बटालियन के अधिकारियों के समक्ष नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।

सीआरपीएफ के द्वितीय कमान के अधिकारी दुर्गाराम ने बताया कि पुलिस के पूना नर्कोम अभियान से प्रभावित होकर दूधी सुकड़ी (53), दूधी देवे (38) और माड़वी हड़मा (26) ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें से दूधी देवे पर एक लाख रुपए का इनाम था। तीनों को प्रोत्साहन राशि दी गई। इसके अलावा, इन्हें राज्य सरकार की पुनर्वास नीति योजना का लाभ दिया जाएगा।

बंगाल में पुलिया के पास मिला BJP के बूथ प्रभारी का शव, अपने ही घर में नहीं घुसने दिया जा रहा था: TMC के गुंडों पर हत्या का आरोप

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या का दौर अब भी थमता हुआ नहीं दिख रहा है। पार्टी के सूचना एवं तकनीक विभाग के इंचार्ज एवं बंगाल भाजपा के प्रभारी अमित मालवीय ने एक वीडियो ट्वीट किया है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ता मिथुन खामरुई का शव जमीन पर पड़ा हुआ दिख रहा है। साथ ही आसपास कई लोग भी जमा हुए दिख रहे हैं। उन्होंने TMC के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये पार्टी हिंसा को लेकर हंगामा कर रही थी, जिस पर राज्य में इसी का पेटेंट है।

मामला पश्चिमी मेदिनीपुर जिले का है। मिथुन खामरुई सालबोनी प्रखंड के करनगर क्षेत्र स्थित मोहनपुर गाँव में बूथ संख्या 28 पर पार्टी के प्रभारी थे। अमित मालवीय ने बताया है कि पिछले कुछ महीनों से सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडे उन्हें धमकी दे रहे थे। उन्हें उनके घर में भी नहीं घुसने दिया जा रहा था। 2018 में मिथुन खामरुई की माँ ने भाजपा के टिकट पर पंचायत चुनाव लड़ा था। सिर्फ अभी ही नहीं, बल्कि 2021 में विधानसभा चुनाव के बाद भी हिंसा हुई थी जिसमें उनके घर पर भी कई बार हमले किए गए थे।

अमित मालवीय ने कहा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की TMC गुंडों से भरी हुई है। ये गुंडे फलते-फूलते हैं, क्योंकि राज्य की गृह मंत्री के रूप में ममता बनर्जी वो उन्हें संरक्षण देती है। मिथुन खामरुई जैसे सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं के खून से उनके हाथ रंगे हुए हैं। मिथुन खामरुई का पोस्टमॉर्टम मेदिनीपुर अस्पताल में हुआ है और उनके पिता ने FIR भी दर्ज करा दी है। भाजपा परिवार की पूरी मदद कर रही है।” मिथुन का शव एक खेत के पास पड़ा हुआ मिला, जहाँ कई ग्रामीण जमा हो गए।

भाजपा की बंगाल यूनिट ने कहा कि ये सब तृणमूल कॉन्ग्रेस के क्रूर हथकंडे को उजागर करता है। पार्टी ने TMC के स्थानीय मंडल अध्यक्ष बाबुल घोष पर मिथुन खामरुई की हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है। उनका शव उनके घर से कुछ ही किलोमीटर दूर एक पुलिया के पास बरामद किया गया। उनकी उम्र मात्र 35 वर्ष थी। पहले वो TMC के सक्रिय कार्यकर्ता हुआ करते थे, लेकिन फिर भाजपा में आ गए थे। सोमवार (29 जनवरी, 2024) को उनके न मिलने से परिवार वाले उनकी तलाश कर रहे थे। पुलिस इसे शराब पीने से हुई मौत बता रही है।

एक्शन में राजस्थान के शिक्षा मंत्री: सभी स्कूलों में माँ सरस्वती की मूर्ति जरूरी, सभी का ड्रेस कोड भी समान; पालन न करने वालों पर होगी सख्ती

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने राज्य के सभी स्कूलों में माँ सरस्वती की मूर्ति स्थापित और ड्रेस कोड लागू करने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि सभी सरकारी और निजी स्कूलों में माँ सरस्वती की मूर्ति लगाना अनिवार्य होगा और यह मूर्ति स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाई जाएगी। इसके अलावा सभी स्कूलों में छात्रों के लिए ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। यह ड्रेस कोड छात्रों की उम्र और लिंग के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि वर्तमान में स्कूल में जो हालात बने हुए हैं उसके लिए वे जाँच के आदेश देंगे। शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि वे स्कूलों में वे धर्मांतरण नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जिस स्कूल में माँ सरस्वती की तस्वीर नहीं होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि स्कूलों में ड्रेस कोड ही लागू होंगे।

इससे पहले राजस्थान सरकार में मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने भी स्कूलों में मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनकर जाने का विरोध किया था। उन्होंने कहा था, “कई देशों में हिजाब पर प्रतिबंध है तो यहाँ भी हिजाब पर प्रतिबंध होना चाहिए। अनुशासन के लिए जरूरी है कि स्कूलों में सभी को एक ही ड्रेस में आएँ। ऐसे तो कोई कुछ भी पहनकर आ जाएगा। कोई थानेदार ही कह देगा कि मैं तो कुर्ते पायजामे में आऊँगा।”

बता दें कि जयपुर के गंगापोल इलाके में स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं ने आरोप है कि उनके स्कूल के वार्षिक समारोह के दौरान हवामहल के विधायक बालमुकुंद आचार्य को बुलाया गया था। मुस्लिम छात्राओं का आरोप है कि भाजपा विधायक ने स्कूल में आकर हिजाब को लेकर बातें कीं और इस दौरान धार्मिक नारे भी लगवाए। इसके बाद मुस्लिम छात्राओं ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन भी किया था।

इस मामले को कॉन्ग्रेस विधायक रफीक खान ने विधानसभा में भी उठाया था। इसके बाद विधानसभा में हंगामा भी हुआ। इस पर बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि बच्चियों को ‘भारत माता की जय’ बोलने को कहा गया। सरस्वती माता की जय बोलने को कहा गया। उन्होंने पूछा कि इसमें गलत क्या है? सरस्वती माता की जय बोलना गलत है?

बालमुकुंद आचार्य ने आगे कहा, “मैंने विद्यालय की प्रिंसिपल से पूछा था कि विद्यालय में दो तरह के ड्रेस कोड हैं क्या? मुझे दो तरह का माहौल नजर आया। एक हिजाब में और एक बिना हिजाब के। कल को हमारे बच्चे भी लहंगा-चुन्नी या अलग-अलग रंग के ड्रेस में आएँगे तो स्कूल में कैसे चलेगा?”

दिल्ली से गायब हेमंत सोरेन राँची में प्रकट हुए, गाड़ी से तय किया सफर: विधायकों के साथ बैठक में दिखी पत्नी कल्पना भी: गाड़ी से तय किया सफर

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ED से बचते बचाते दिल्ली में ना मिलने के बाद अब राँची में सामने आए हैं। उनके विषय में सोमवार (29 जनवरी, 2024) से कोई सूचना नहीं मिल रही थी। अब वह राँची में दिखाई पड़े हैं। उन्होंने अपने विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक भी की है।

उनकी इस बैठक की तस्वीरें झारखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी जारी की हैं। इस बैठक में उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी शामिल हैं। इसके अलावा उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक भी इसमें मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि इस बैठक में कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।

गौरतलब है कि 29 जनवरी को सुबह उनके दिल्ली स्थित आवास पर होने की जानकारी मिलने के कारण जाँच एजेंसी ED उनसे पूछताछ करने पहुँची थी। ED को वह यहाँ नहीं मिले थे। बताया गया था कि ED के आने के कुछ ही समय पहले हेमंत सोरेन यहाँ से निकल गए थे। उनके दिल्ली स्थित आवास पर ED ने कई घंटों तक जाँच की थी और यहाँ से एक BMW गाड़ी और ₹36 लाख बरामद किए थे। ED उनके ड्राईवर को भी अपने साथ ले गई थी।

ED हेमंत सोरेन से यहाँ जमीन घोटाला मामले में पूछताछ करने पहुँची थी। इससे पहले ED ने उनसे इस मामले में 20 जनवरी, 2024 को पूछताछ की थी। ED का कहना था कि कुछ प्रश्नों के उत्तर बाकी हैं इसलिए उन्हें दोबारा जाँच एजेंसी के सामने आना होगा। ED ने उन्हें 29 या 31 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया था। हालाँकि, जब एजेंसी 29 जनवरी को उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुँची तो वह यहाँ नहीं मिले। उन्होंने 29 जनवरी को ही शाम को अपनी राँची की फ्लाइट भी रद्द करवा दी थी।

ED ने हेमंत सोरेन जानकारी जुटाने के लिए सभी एयरपोर्ट को अलर्ट कर दिया था। ED ने दिल्ली पुलिस समेत आसपास के राज्यों की पुलिस से भी उनके विषय में सूचना माँगी थी। इसके बाद वह आज (30 जनवरी) को सड़क मार्ग से राँची पहुँचे। यहाँ वह अब विधायकों की बैठक कर रहे हैं। बताया गया है कि उन्होंने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से भी मिलने का समय माँगा है।

अटकलें लग रही हैं कि वह अपनी गिरफ्तारी के डर से पहले ही CM पद छोड़ कर अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना देंगे। उन्होंने कल (31 जनवरी) को ED को पूछताछ का समय भी दिया है। उन्होंने कल भेजे गए इमेल में ED से राँची में दोपहर 1 बजे पूछताछ के लिए आने को कहा था। उनकी विधायक दल की बैठक से ही तय होगा कि उनका अगला कदम क्या होता है।

मिस्त्री राशिद ने सिर में हथौड़ा मार-मार कर प्रेमिका के भाई और माँ की कर दी हत्या, नर्सरी में पड़े मिले खून सने शव: जिस घर में टाइल्स लगाने गया उसी घर की लड़की को फँसाया

बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में एक महिला और उसके बेटे की हत्या के मामले में राशिद नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है। राशिद टाइल्स का मिस्त्री है, जिसे जेल भेज दिया गया है। उसके पास से हथौड़ा भी मिला है, जिसका इस्तेमाल कर के उसने माँ-बेटे की हत्या की थी। महिला की बेटी के साथ उसका प्रेम-प्रसंग चल रहा था। साथ ही वो उस लड़की से शादी भी करना चाहता था। पूछताछ में पुलिस को ये भी पता चला है कि वारदात से कुछ दिनों पहले राशिद ने अपनी पूर्व प्रेमिका से कहा था – “तुम्हारे भाई को निपटा दूँगा।”

मृतक बारादरी गाँव के रहने वाले थे। जहाँ महिला की उम्र 44 साल थी, जबकि बेटे की उम्र 20 साल थी। दोनों इज्जतनगर थाना क्षेत्र में बाईपास के किनारे एक नर्सरी का संचालन करते थे। शुक्रवार (26 जनवरी, 2024) को रात के करीब साढ़े 10 बजे दोनों का शव उनकी नर्सरी में ही पड़े हुए मिले। दोनों के शरीर से खून बह रहा था। हालाँकि, यूपी पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर राशिद को दबोच लिया। रविवार को उसे जेल भेज दिया गया।

टाइल्स मिस्त्री राशिद ने बताया कि वो 2018 में उक्त महिला के घर में टाइल्स लगाने गया था, तभी उनकी बेटी से उसकी दोस्ती हो गई थी। फिर दोनों प्यार में पड़ गए। इंटरनेट चैटिंग और कॉलिंग के माध्यम से वो आपस में बातें करने लगे। युवती पार्लर चलाती थी और ये जानने के बावजूद राशिद से शादी को तैयार थी कि वो शादीशुदा है। हालाँकि, परिजनों ने युवती की शादी कहीं और तय कर दी। राशिद ने ये बात घर में भी बता दी। राशिद ने युवती के माँ और भाई को बता दिया कि वो किसी और से प्यार करती है।

युवती ने भी अपने मंगेतर संजीव को कॉल कर के कह दिया कि वो अगर शादी कर भी लेती है तो उसे तलाक दे देगी या मर जाएगी। मंगेतर ने इसके बाद बात कर के शादी रद्द कर दी और सामान का जो लेनदेन हुआ था वो भी लौटा दिया गया। राशिद ने बताया कि वो इस बात से गुस्सा था कि युवती का भाई उसकी शादी ठीक करने के लिए कहीं-कहीं बात कर रहा था। फिर राशिद ने युवती से कहा कि वो उसके भाई को रास्ते से हटा देगा। घटना वाले दिन वो नर्सरी गया था।

राशिद का कहना है कि वहाँ उसने जब युवती से शादी की बात की तो भाई ने भड़क कर उस पर हमला कर दिया। वो साथ में एक भारी-भड़कम हथौड़ा लेकर गया था। उसने उसी हथौड़े से लड़के पर हमला कर दिया। उसने सिर पर पीछे से हथौड़े से वार किया। बेटे पर हमला होते देख महिला राशिद को खींचने लगी। बेटे के जमीन पर गिरते ही राशिद ने माँ के सिर पर ताबड़तोड़ हथौड़े मारे। इसके बाद युवक का मोबाइल और हथौड़ा छिपा कर वो वहाँ से निकल गया।

पुलिस के पास दर्ज कराई गई FIR में इस मामले में संजीव को नामित किया गया था। हालाँकि, उसकी लोकेशन पंजाब में दिखा रही थी। पुलिस को शक हुआ कि हत्या कर के कोई इतनी जल्दी पंजाब कैसे भाग सकता है। फिर पुलिस ने काल रिकार्ड्स खँगाले और सच्चाई का पता लगाया। लड़की के भाई ने राशिद से कहा था, “तुम मुस्लिम हो और शादीशुदा हो, इसीलिए अपने जीते-जी तुमसे बहन की शादी नहीं करूँगा।” इसके बाद से ही राशिद उसकी हत्या की साजिश रचने लगा था।

शिवलिंग के आसपास जानबूझकर बना दी गई दीवारें, पीठिका आदि को छिपाने की कोशिश: ASI से सील एरिया का सर्वे कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दी याचिका

हिन्दू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके वाराणसी स्थित ज्ञानवापी ढाँचा परिसर में मिले शिवलिंग का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से विस्तृत सर्वे कराने की माँग की है। याचिका में कहा गया है कि जहाँ से यह शिवलिंग मिला है, उसके आसपास नई दीवालें बना दी गई हैं। ये दीवालें असल इमारत के साथ मेल नहीं खाती हैं और मुख्य इमारत से जुड़ी हुई नहीं हैं।

हिन्दू पक्ष ने कहा कि शिवलिंग के आसपास का निर्माण उसकी विशेषताओं को छुपाने के लिए जानबूझकर किया गया है। इससे शिवलिंग की पीठिका जैसी विशेषताएँ दबा दी गई हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि यह शिवलिंग कहाँ से आया, इसका पता लगाया जाए। हिंदू पक्ष का कहना है कि मुस्लिमों के लिए इस शिवलिंग का कोई महत्व नहीं है और वह इसे लगातार एक फव्वारा बताते आए हैं।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अभी जिस ASI सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है, वह सील इलाके को छोड़कर किया गया है। यह सील इलाका वजूखाना कहलाता है। यहाँ नमाजी हाथ-पैर धोते थे। हिन्दू पक्ष का कहना है कि यहाँ भी सर्वे किया जाए, जिससे पूरी सच्चाई बाहर आए। बिना उसकी जाँच के अभी की रिपोर्ट का कोई महत्व नहीं है।

गौरतलब है मई 2022 में ज्ञानवापी के सर्वे में शिवलिंग निकला था। इसके बाद पूरे परिसर की ASI जाँच की माँग की गई थी। ASI ने अपनी जाँच पूरी करके रिपोर्ट हाल ही में सार्वजनिक की है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यहाँ कभी एक बड़ा हिन्दू मंदिर हुआ करता था। अवशेष पर ढाँचा खड़ा है। परिसर के अंदर हिन्दू मंदिर मौजूद होने के भी कई सबूत मिले हैं।

ASI की रिपोर्ट में बताया गया है कि ज्ञानवापी ढाँचे के भीतर मंदिर का अस्तित्व प्रमाणित करने वाली कई कृतियों को जानबूझकर छुपाकर रखा गया था। ये सभी कृतियाँ (मूर्तियाँ, शिलाएँ, शिलालेख) उन तहखानों की जाँच में मिले हैं, जिन्हें जानबूझकर दीवालों और मलबों के सहारे बंद कर दिया गया था।

ASI की टीम जब एक तहखाने में पहुँची तो उसे पता लगा कि इसके प्रवेश को जानबूझ कर ईंटों और मलबे से भरा गया था। इस मलबे को यहाँ की छतों में छेद करके भरा गया था। यह भी बताया गया कि दूसरे तहखाने को भरने के लिए यहाँ पाई गईं कलाकृतियों का इस्तेमाल किया गया। इन तहखानों में एक छोटा मंदिर, भगवान विष्णु के विग्रह, शैव द्वारपाल और बजरंग बली की मूर्तियाँ मिली हैं।

ASI ने अपनी खोज में यहाँ कई शिवलिंग और भगवान विष्णु के विग्रह भी मिलने की भी बात कही है। यहाँ से कृष्ण भगवान की एक प्रतिमा और भगवान गणेश का पत्थर से निर्मित एक सिर भी मिला है। नंदी की भी दो तोड़ी हुई मूर्तियाँ भी बरामद की गई हैं। यहाँ कई अन्य प्रतीक भी मिले हैं, जिनकी पहचान नहीं हो पाई, क्योंकि वे काफी क्षत-विक्षत अवस्था में थे।

पड़ोस की 6 साल की बच्ची से आफताब कुरैशी ने किया कई बार बलात्कार, राज खुलने पर गिरफ्तार: गुस्साए ग्रामीण कर रहे फाँसी की माँग

महाराष्ट्र से एक 6 साल की दलित बच्ची के बलात्कार का मामला सामने आया है। बच्ची का बलात्कार करने वाले आफताब महबूब कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्ची के बलात्कार के कारण ग्रामीणों में काफी रोष है। पुलिस मामले की आगे जाँच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, लातूर के देवनी पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले वलान्दी गाँव में एक 6 वर्षीय दलित नाबालिग के साथ उसी गाँव के रहने वाले आफताब महबूब कुरैशी ने बलात्कार किया। बच्ची का कहना है कि कुरैशी ने कई दिन तक उसका बलात्कार किया। महबूब कुरैशी ने बच्ची को धमकाया भी कि अगर वह किसी को कुछ बताएगी तो वह उसकी हत्या कर देगा।

इस घटना का खुलासा तब हुआ जब बच्ची ने पूरी घटना अपनी माँ को बताई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महबूब कुरैशी बच्ची को शैम्पू दिलाने के बहाने बुला रहा था, इस दौरान वह डरी सहमी सी नजर आई। जब उसके परिजनों ने उससे पूछा तो बच्ची ने बताया कि आफ़ताब उसके साथ गन्दी हरकत कर रहा है।

बच्ची की बातें सुनने के बाद परिजनों ने आफ़ताब महबूब कुरैशी के खिलाफ थाने में शिकायत दी और उसके खिलाफ देवनी पुलिस थाने में POCSO, बलात्कार और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने अब मामले की जाँच करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची का भी मेडिकल करवा लिया है। बताया गया है कि बच्ची के पिता की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है और वह अपनी माँ के साथ रहती है।

गाँव में बलात्कार की वारदात होने के बाद से ग्रामीणों में काफी गुस्सा है। उन्होंने वलान्दी गाँव के बाजार को बंद रखा। बच्ची के साथ बलात्कार करने की घटना की खबर आसपास के गाँवों में भी पहुँच गई और यहाँ के निवासियों ने भी प्रदर्शन किया। महिलाओं ने बलात्कार के विरोध में कैंडल मार्च निकाला है। गुस्साए ग्रामीण आफताब महबूब कुरैशी को जल्द से जल्द फाँसी की सजा देने की माँग कर रहे हैं।

स्कूल से आई, होमवर्क किया, छत पर खेलते-खेलते आया हार्ट अटैक… 12 साल की बच्ची की अचानक मौत से सदमे में पिता, सीने से लगा कर रोते रहे

उत्तर प्रदेश के औरैया में एक 12 साल की बच्ची की खेलते-खेलते अचानक आए हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई। बिलख-बिलख कर रोते पिता का वीडियो भी सामने आया है। सोमवार (29 जनवरी, 2024) को शाम को बच्ची छत पर खेल रही थी। साथ में और भी बच्चे थे। अचानक वो खेलते-खेलते मुँह के बल गिर गई। अन्य बच्चों ने उसे उठाने की कोशिश की, जो नाकाम साबित हुई। बच्चों ने घरवालों को बताया, जो उसे आनन-फानन में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचे।

वहाँ डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। हालाँकि, परिवार को यकीन नहीं हुआ कि बच्ची की अचानक से मौत हो गई है। वो उसे लेकर दूसरे अस्पताल में गए। वहाँ डॉक्टरों ने उसका चेकअप किया। वहाँ भी बताया गया कि वो मर चुकी है। साथ ही हार्ट अटैक के लक्षण की बात भी कही गई। दिबियापुर के स्टेशन रोड ककराही में ये घटना हुई। बच्ची के पिता संजय मिश्रा मिठाई की दुकान चलाते हैं। उनकी बेटी परी मदर इंडिया कन्वेंट स्कूल में 5वीं कक्षा में पढ़ती थी।

उन्होंने बताया कि परी छत पर खेल रही थी और अचानक गिर गई, जिसके बाद उसके दोस्तों ने नीचे आकर घर वालों को बताया। उन्होंने बताया कि बेसुध बच्ची को उसी हालत में लेकर परिवार CHC पहुँचा। उसके बाद चिचोली स्थित अस्पताल में ले जाया गया। वहाँ भी डॉक्टरों ने वही बात कही। उसके बाद पिता अपनी बेटी के शव को सीने से लगा कर रोने लगे। वो बार-बार कह रहे थे कि अभी तो ये खेल रही थी, अचानक क्या हो गया, उठ जा। अस्पताल के कर्मचारी उन्हें समझाते रहे।

बच्ची के पिता पोस्टमॉर्टम कराने को लेकर भी जारी नहीं थे, क्योंकि उनका कहना था कि वो अपनी बेटी के शरीर में चीरा नहीं लगने देंगे। संजय की 2 बेटियों और एक बेटे में परी सबसे बड़ी थी। परी का 8 साल का जुड़वाँ भाई-बहन भी है। तीनों बच्चे एक ही स्कूल में पढ़ते थे। स्कूल की छुट्टी से लौट कर तीनों ने खाना खाया, होमवर्क पूरा किया और छत पर खेलने चले गए। पिछले कुछ महीनों में हार्ट अटैक की कई घटनाएँ सामने आई हैं और कई डराने वाले वीडियो भी वायरल हुए हैं।