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खाना-पानी-दवा लेकर लालू प्रसाद यादव पहुँचे ED दफ्तर, जॉब स्कैम मामले में चल रही पूछताछ: झारखंड CM हेमंत सोरेन के भी दिल्ली आवास पर पहुँची टीम

राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद से ‘नौकरी के बदले जमीन घोटाला’ मामले में पूछताछ करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम आज (29 जनवरी 2024) बिहार की राजधानी पटना पहुँची है। यहाँ लालू प्रसाद यादव से पूछताछ चालू हो गई है। यह पूछताछ पटना स्थित ED दफ्तर में हो रही है। उनकी दवा-खाना-पानी भी यहाँ भिजवाया गया है।

इससे पहले लालू यादव को आज (29 जनवरी, 2024) के पूछताछ के लिए समन भेजा गया था। लालू प्रसाद यादव अभी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर जमानत पर जेल से बाहर हैं। वह चारा घोटाले के मामले में जेल में बंद थे। लालू प्रसाद यादव से पूछताछ करने पहुँची ED की टीम का राजद के कार्यकर्ताओं ने घेराव भी किया और हंगामा काटा।

तेजस्वी यादव से भी होगी पूछताछ

गौरतलब है कि लालू यादव के बाद कल (30 जनवरी, 2024) को उनके बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से भी पूछताछ होगी। इसके लिए भी ED ने पहले ही समन भेज दिया था। लालू यादव से होने वाली सुनवाई में उनके साथ उनकी बेटी मीसा भारती भी पहुँची हैं।

ED की पूछताछ के लिए भले ही पहले से तारीख तय थी लेकिन यह ऐसे समय में हो रही है जब एक ही दिन पहले बिहार में राजद की सरकार गिरी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनकी पार्टी से समर्थन वापस ले लिया था और एनडीए के साथ मिलकर सरकार बना ली है।

इससे पहले 9 जनवरी, 2024 को इस मामले में ED ने एक 4,800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव का नाम शामिल है। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों के नाम भी चार्जशीट में शामिल किए गए थे।

इस घोटाले की सीबीआई जाँच कर रही है लेकिन इसमें जुड़े पैसे के लेनदेन में गडबडी गड़बड़ी की जाँच ED को मिली है। ED ने मार्च 2023 में इस मामले में छापेमारी भी की थी। ED की जाँच में सामने आया है कि नौकरी के बदले लिए गए पैसे से कई जमीनें औने पौने दामों पर खरीदीं गईं।

इनमें से कुछ जमीनें पटना और एक मकान दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में भी खरीदा गया। दिल्ली के इस बंगले की कीमत ₹150 करोड़ है, सामने आया था कि यह मकान एक ऐसी कम्पनी के नाम पर था जिसे तेजस्वी यादव ने मात्र ₹4 लाख में खरीदा था।

हेमंत सोरेन के आवास पर पूछताछ के लिए पहुँची ED

जहाँ एक और लालू प्रसाद यादव से ED पूछताछ कर रही है वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास पर भी एक टीम पहुँची है। ED के साथ यहाँ दिल्ली पुलिस की टीम भी पहुँची है। उनसे ED जमीन घोटाला मामले में पूछताछ करना चाहती है। इसको लेकर उन्हें कई समन भेजे जा चुके हैं। हेमंत सोरेन से इससे पहले 20 जनवरी, 2024 को पूछताछ की गई थी। इस दिन पूछताछ पूरी ना होने के कारण 29 या 31 जनवरी को उनसे पेश होने को कहा गया था।

इस बीच इस चर्चा ने भी जोर पकड़ा था कि ED हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर सकती है। इसको लेकर यह भी कयास लगाए गए थे कि वह अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को भी मुख्यमंत्री बना सकते हैं। झारखंड के एक निर्दलीय विधायक ने भी सीट खाली की थी। कहा गया था कि इस सीट से ही चुनाव लड़ेंगी।

‘बच्चों को नहीं दें नया पेन’: जानिए ‘परीक्षा पे चर्चा’ में अभिभावकों को PM मोदी ने क्यों दी ये सलाह, बोले – 2 बच्चों के बीच तुलना न करें माता-पिता, बढ़ती है नफरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सातवीं बार ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को संबोधित किया। बोर्ड परीक्षा से पहले प्रधानमंत्री देश भर के छात्रों में हौसला भरते हैं और उनका उत्साहवर्धन करते हैं। इस दौरान हर बार वो स्कूली बच्चों के माता-पिता के लिए भी सकारात्मक संदेश देते हैं। इस बार प्रधानमंत्री ने बच्चों के माता-पिता से अनुरोध किया है कि वो बच्चों की दूसरों के साथ तुलना न करें।

पीएम मोदी ने दिया तनाव से बचने का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव से बचने का मंत्र दिया। पीएम मोदी ने कहा, “परीक्षा से पहले आराम से बैठें, हँसी-मजाक में 5-10 मिनट बिता दीजिए। खुद में खो जाइए, एग्जाम से बाहर निकल जाएँगे, फिर जब आपके हाथ में प्रश्न पत्र आएगा तो आप आराम से कर पाएँगे। हम बाकी चीजों में लटके रहते हैं, वो बिना कारण हमारी शक्ति बर्बाद करता है। हमें खुद में ही खोए रहना चाहिए। बचपन से अर्जुन और पक्षी की आँख वाली कथा सुनते हैं, इन्हें अपने जीवन में भी लागू भी करें। घबराहट का कारण है कि परीक्षा के समय सोचना कि कहीं समय कम ना पड़ जाए, अच्छा होता मैं पहले वे प्रश्न कर लेता, ऐसे में पहले पूरा पेपर पढ़ लीजिए फिर देखिए कि आपको कैसे करना है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “कुछ माता पिता को लगता है कि आज एग्जाम है कि बच्चे को नई पेन लाकर दें, लेकिन मेरा आग्रह है कि जो पेन रोज यूज करता है, वही ले जाने दीजिए। न उसे कपड़ों पर टोकिए, जो पहन रहा है उसे पहनने दीजिए। एग्जाम पर उसे कंफर्ट फील कराइए।”

पूरी नींद जरूरी

पीएम मोदी ने परीक्षा के समय बच्चों को पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा, “जैसे मोबाइल को कार्य करने के लिए चार्जिंग की आवश्यकता होती है, उसी तरह बॉडी को भी रिचार्ज रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि स्वस्थ मन के लिए शरीर को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए प्रॉपर नींद लेना भी बहुत आवश्यक है।”

बच्चों के बीच तुलना न करें माता-पिता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और छात्रों के माता-पिता के साथ चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि अगर जीवन में चुनौतियाँ न हों तो जीवन बहुत ही चेतनाहीन बन जाएगा। ऐसे में प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, लेकिन यह स्वस्थ तरीके की होनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि माता-पिता को दो बच्चों के बीच तुलना नहीं करनी चाहिए। क्योंकि इससे नफरत पैदा होती है, जो आगे चलकर जहरीले वृक्ष में बदल सकता है।

पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों के रिपोर्ट कार्ड को माता-पिता अपने विजिटिंग कार्ड की तरह इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे बच्चों के मन-मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

शिक्षक का काम नौकरी नहीं, बल्कि जीवन बदलना

बच्चों के तनाव को कम करने में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। इसलिए शिक्षक और छात्रों के बीच हमेशा सकारात्मक रिश्ता रहना चाहिए। शिक्षक का काम सिर्फ जॉब करना नहीं, बल्कि जिंदगी को संवारना है, जिंदगी को सामर्थ्य देना है, यही परिवर्तन लाता है।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी को देखा। उन्होंने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम की शुरुआत में ही प्रदर्शन की तारीफ की और लोगों से प्रदर्शनी को देखने की भी अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत में शिक्षकों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने शिक्षकों से मुखातिब होते हुए कहा कि वो नए बच्चों को पुरानी कक्षाओं के बारे में बताएँ। बच्चों का हौसला बढ़ाएँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छात्र तो हर कक्षा में बदलते रहते हैं, लेकिन शिक्षक वहीं पर रहते हैं। वो छात्रों को प्रेरणा दे सकते हैं। छात्रों को समस्याओं का हल बता सकते हैं।

आतंकी भिंडरावाले का पोस्टर गुरुद्वारे में लगाने से रिटायर्ड कर्नल ने किया मना, खालिस्तान समर्थक भड़के: लाठी-तलवार से हमला किया, गाड़ी तोड़ी

पंजाब के तरन तारन में खालिस्तानियों ने जम कर उत्पात मचाया। यहाँ खालिस्तानी इस बात से भड़के थे कि उन्हें भिंडरावाले की तस्वीर लगाने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। इसको लेकर उन्होंने रिटायर्ड कर्नल हरसिमरन सिंह पर हमला बोल दिया। उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी गई। उनको तलवारों और लाठी डंडों से निशाना बनाया गया।

जानकारी के अनुसार, तरन तारन के गाँव पहुविंद में दीप सिंह जन्मस्थान गुरुद्वारे पर रविवार (28 जनवरी, 2024) बाबा दीप सिंह की जयंती पर उत्सव हो रहा था। इस दौरान कुछ सिख युवकों ने यहाँ पर मारे जा चुके खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरें लगाई हुई थी।

इस पर इस गुरुद्वारा प्रबन्धक कमिटी के अध्यक्ष रिटायर्ड कर्नल हरसिमरन सिंह को आपत्ति हुई। उन्होंने इन सिख युवकों से भिंडरावाले की तस्वीरें यहाँ से हटाने को कहा। इस पर यह युवक राजी नहीं हुए। तस्वीरें हटाने को लेकर हरसिमरन सिंह और इन युवकों की बहस भी हुई।

इसके बाद उन्होंने स्वयं ही यह तस्वीरें हटा दी। उनका यह वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें वह फोटो का विरोध करते दिखते हैं। हालाँकि युवक मानते नहीं हैं और फोटो लगाने की जिद्द करते हैं। इसके बाद वह स्वयं ही फोटो हटा देते हैं। युवक दोबारा से फोटो रखते हैं और वह दोबारा से हटा देते हैं। यह वीडियो वायरल होने के बाद यहाँ विवाद हो गया।

कर्नल सिंह एक अन्य वीडियो में लोगों को समझाते दिखते हैं कि यहाँ या तो सिख गुरुओं की फोटो लगाई जाए या फिर बाबा दीप सिंह की फोटो लगाई जाए। हालाँकि युवक उनसे तब भी बहस करते रहते हैं और भिंडरावाले की फोटो लगाने पर अड़े रहते हैं।

कर्नल हरसिमरन का भिंडरावाले की फोटो का विरोध करना उन्हें भारी पड़ गया। सिख कट्टरपंथियों ने उन्हें निशाने पर ले लिया। गुरुद्वारे से लौटते समय उनकी गाड़ी पर इन कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया। उनकी गाड़ी को घेर कर उन्हें निशाना बनाया गया। उनकी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। उनकी सुरक्षा कर रही पुलिस से भी कट्टरपंथियों ने लड़ाई झगड़ा किया।

कट्टरपंथियों के कर्नल हरसिमरन सिंह पर हमला करने का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिखता है कि उनकी गाड़ी को घेरकर लाठी डंडे बरसाए जा रहे हैं। उनकी गाड़ी को कुछ लोग बचाने की भी कोशिश करते हैं। उनके आगे जा रही पुलिस की गाड़ी को भी घेरा गया।

पुलिस ने इस मामले में बताया है कि लड़ाई झगड़े में एक इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी घायल हुआ है। इसके अलावा कर्नल हरसिमरन सिंह को बचाने वाले और उन पर हमला करने वाले, दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने कर्नल सिंह को सुरक्षित स्थान पर पहुँचा दिया है।

इस मामले की जानकारी होने के बाद यहाँ कुछ सिख नेता भी पहुँचे और कर्नल हरसिमरन सिंह पर सिख भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाने लगे। वहीं कर्नल हरसिमरन सिंह ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा, “हमने भिंडरावाले की फोटो भक्तों के जूतों के पास रखने पर आपत्ति जताई थी। इसके अलावा उन लोगों ने एक अवैध टेंट भी गुरुद्वारा के बाहर लगाया था, इसके लिए अनुमति गुरुद्वारा प्रबन्धक कमिटी से नहीं ली गई थी।”

पाकिस्तान में बलूचों का नरसंहार… फौज ने गायब किए 10 और युवक: रेड के बहाने अपहरण, अत्याचारों पर मानवाधिकार संगठन चुप

पाकिस्तान की फौज के अत्याचारों के खिलाफ बलूच नागरिकों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसे रोकने के लिए उनके युवाओं को लापता किया जा रहा है। खबर है कि बलूचिस्तान के डेरा बुगती क्षेत्र में 10 लोग लापता हैं। वहाँ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ मिलकर घर-घर तलाशी अभियान चलाया और 10 लोगों को लापता कर दिया। इनमें कुछ छात्र भी हैं।

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी फौज ने जाफर कॉलोनी में रेड मारी थी जिसके बाद वहाँ जीटीए जिला अध्यक्ष और जम्हूरी वतन पार्टी एक्टिविस्ट मास्टर गौस बख्स के बेटे मीरन बख्स बुगती गायब कर दिए गए।

इसी तरह केच जिले के ताजबन इलाके में शनिवार (27 जनवरी 2024) को एक घर में रेड मारने के दौरान पाकिस्तानी फौज ने बहादुर चक्र नाम के नवयुवक को हिरासत में लिया था। पूछने पर भी जब उसका पता नहीं चला तो उन्होंने M-8 सीपीईसी हाईवे ब्लॉक कर दिया और प्रदर्शन पर बैठ गए। पूरी रात उन्होंने सड़क पर बिताई।

इसी तदरह हनीफ बुगती और शाह हुसैन के बेटे फैजल को भी पाकिस्तानी फोर्स की काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने सुई फील्ड के लेबर क्वार्टर से उठाया था। हालाँकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। इसी तरह अतीफुल्लाह भी कथिततौर पर पाकिस्ताी खुफिया एजेंसियों द्वारा गाय कर दिया गया। इसी तरह शाहजेन पंप इलाके से भी तीन लोग गायब हुए जिनकी पहचान नहीं हो पाई है।

पाकिस्तानी फौज के खिलाफ बलूच नागरिकों का विरोध

बता दें कि बलूचिस्तान में नागरिकों को लापता करने का इल्जाम हमेशा से पाकिस्तानी फोर्स पर लगता रहा है। लेकिन बलूच के नागरिक हिम्मत जुटाकर समय-समय पर उनके विरुद्ध प्रदर्शन करते हैं। उनकी नीतियों का विरोध करते हैं। इस बार भी वह यही कर रहे हैं।

एक्टिविस्ट महरंग बलूच ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए जानकारी दी। उन्होंने बताया कि असलम, हम्माल और बहादुर चकर बलूच छात्र हैं, जिनका होशाप और ताजबान से अपहरण किया गया है। इनके परिवार के सदस्य ही सीपीईसी मार्ग को ब्लॉक किया है।

उन्होंने ये भी बताया कि बलूचिस्तान के लोग बलूच नरसंहार और मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन फिर भी वहाँ ये सब जारी हैं। उन्होंने मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वह बलूच युवाओं की बरामदगी की वकालत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

कॉन्ग्रेस का वही हाल होगा जो मुगलों का हुआ… कर्नाटक में 108 फीट ऊँचे खंभे से हनुमान ध्वज उतारे जाने पर BJP नेता भड़के, कहा- इन्हें बस मस्जिद-दरगाह पसंद है

कर्नाटक के मांड्या जिले के केरागोडू गाँव में 108 फीट ऊँचे खम्भे से कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा भगवा रंग का हनुमान ध्वज उतारने का मामला गरमा गया है। भाजपा, बजरंग दल और जेडीएस ने माँग की है कि झंडा वापस लगाया जाए। वहीं, इसके नेताओं ने झंडा उतारने को लेकर राज्य की सिद्दारमैया सरकार पर हमला बोला है।

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार पर भगवान हनुमान जी और भगवान राम से नफरत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस सरकार इनसे नफरत करती है कि जबकि मुस्लिम शासक टीपू सुल्तान की प्रशंसा करती है। उन्होंने कॉन्ग्रेस सरकार को मुग़ल शासक औरंगजेब का शासन बताया है। उन्होंने कहा है कि वह हनुमान भक्त हैं और राज्य सरकार की धमकियों ने ना डरे हैं और ना डरेंगे।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “अयोध्या राम मंदिर का विरोध करने के बाद हिंदू विरोधी कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार अब हनुमान जी के खिलाफ खड़ी है। कर्नाटक पुलिस ने मांड्या जिले में ग्राम पंचायत बोर्ड द्वारा फहराए गए हनुमान जी के झंडे को उतार दिया। क्या हिंदू दूसरे दर्जे के नागरिक हैं? क्या भगवा से नफरत ही कॉन्ग्रेस की धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा है?”

कर्नाटक भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर आज (29 जनवरी, 2023) को कर्नाटक के सभी जिलों में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार वापस से भगवा ध्वज उसी खम्भे पर नहीं लगवाती है तो राज्य की हर एक इमारत पर भगवा ध्वज फहरा कर प्रदर्शन किया जाएगा।

कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेन्द्र ने हनुमान ध्वज उतारे जाने को लेकर ट्विटर पर लिखा, “कर्नाटक में सिद्दारमैया सरकार ने अपनी ताकत और पुलिस बल का दुरुपयोग करते हुए केरागोडु गाँव के लोगों की हनुमान ध्वज फहराने की धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक लगाई है, यह गाँव पंचायत द्वारा लिया गया सर्वसम्मत निर्णय था। जो कि मुगल शासन के ‘अत्याचारों’ की याद दिलाता है। इस कॉन्ग्रेस सरकार का भी वही हश्र होगा जो मुगलों का हुआ था।”

कर्नाटक के बड़े भाजपा नेता सीटी रवि ने भी हनुमान ध्वज उतारे जाने को लेकर कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि यदि वह हनुमान ध्वज उतरवाते हैं तो उन्हें खुद को हिन्दू कहलाने का कोई हक नहीं है। राज्य के अन्य भाजपा नेता एन रवि कुमार ने कॉन्ग्रेस पर राम और हनुमान से नफरत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा है कि राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार पूरे प्रदेश भर में लहरा रहे हरे झंडों के प्रति आँखे मूँद लेती है।

उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस पहले से राम और हनुमान को पसंद नहीं करती है और धर्मांतरण तथा गौहत्या के खिलाफ एक्शन नहीं लेती है। उनको सिर्फ दरगाह और मस्जिदों में जाना और वहाँ सजदे करना पसंद है जबकि वह मंदिरों में जाना और भगवा से सम्बंधित कुछ भी पहनने से मना करते हैं।”

कर्नाटक के भाजपा नेता वी सुनील कुमार ने पूछा है कि क्या कॉन्ग्रेस सरकार ने कर्नाटक में भगवा झंडे लहराने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा है कि अगर कॉन्ग्रेस सरकार ने इसका आदेश नहीं दिया तो फिर वह उन अधिकारियों पर कार्रवाई करें जिन्होंने यह झंडा उतरवाया।

गौरतलब है कि मंड्या जिले के केरागोडू गाँव में ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा करके एक 108 फीट लंबा पोल स्थापित किया था। इस पर भगवा ध्वज लगा था और आंजनेय (हनुमान जी को यहाँ आंजनेय कहा जाता है) की छवि थी। इसे गाँव के रंगमंदिर के पास लगाया गया था। इसके लिए ग्राम पंचायत की भी अनुमति ले ली गई थी।

मंड्या के प्रशासन ने शनिवार (27 जनवरी, 2024) को यहाँ पहुँच कर पोल से ध्वज हटा दिया था। यहाँ ध्वज हटाने के लिए प्रशासन भारी संख्या में पुलिस बल लाया था। इस दौरान यहाँ प्रदर्शन कर रहे हिन्दुओं पर लाठीचार्ज भी किया गया। इस प्रदर्शन में भाजपा, जेडीएस और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि ध्वज हटाने के लिए रात का समय चुना गया। ध्वज शनिवार रात को हटाया गया। यहाँ हिन्दू रात से ही इकट्ठा होने लगे थे और 28 जनवरी, 2024 को यहाँ माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया और भाजपा ने प्रदेशव्यापी आन्दोलन का ऐलान कर दिया।

फिक्स्ड थी मुनव्वर फारूकी की जीत: बिग बॉस 17 के फाइनल रिजल्ट पर उठे सवाल, अभिषेक को कहा ट्रॉफी का असली हकदार

हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने वाले कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को बिग बॉस-17 में विजेता की ट्रॉफी मिली है। इसके साथ उन्हें 50 लाख रुपए का इनाम और ब्रांड न्यू कार दी गई है। फारूकी के साथ फाइनल्स में अभिषेक कुमार, मन्नारा चोपड़ा, अंकिता लोखंडे और अरुण महा शेट्टी थे।

किसी रियलिटी शो में मुनव्वर की यह दूसरी ट्रॉफी है। इससे पहले उन्हें लॉक-अप सीजन में भी विजेता की ट्रॉफी मिली थी। उनकी इस जीत के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें फिक्सड विनर बताया जा रहा है। वहीं अभिषेक कुमार को लोग असली विनर कह रहे हैं।

लेडी खबरी नाम के अकॉउंट से कहा गया, “मैंने 15 अक्टूबर 2023 को ही कहा था कि बिग बॉस 17 के विजेता मुनव्वर फारूकी होंगे। मेरी खबर बिलकुल गलत नहीं थी। फिनाले का प्लान भी उसके जन्मदिन वाले दिन किया गया, और क्या चाहिए। वाह। विनर उसी दिन तय था जब उसने कॉन्ट्रैक्ट साइन किया। उसे जीतना तो था ही क्योंकि वो हमेशा भगवान श्रीराम का मजाक उड़ाता है। उसे ट्रॉफी देना वो भी उसी महीने में जब राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा हुई हो, हिंदुओं के लिए इससे अपमानजनक क्या है।”

इसके अलावा यूट्यूबर अनुराग डोभाल भी अपने बयान में कह चुके थे कि बिगबॉस का विनर ऑडियंस नहीं चुनेगी बल्कि मेकर्स चुनेंगे। ये फिक्स्ड है। उन्होंने ये भी कहा था कि मेकर्स के पसंदीदा अंकिता लोखंडे और मुनव्वर फारूकी हैं। इन्हीं दोनों में से कोई एक शो में ट्रॉफी जीतेगा।

वहीं मुनव्वर ने इस ट्रॉफी को जीतने के बाद कहा, “मैं जानता हूँ कि मैंने कुछ गलतियाँ कीं और मुझे उसका खामियाजा भुगतना पड़ा। इसके लिए मुझे जज भी किया गया। हालाँकि, असल दुनिया में मैंने कुछ अच्छे काम किए हैं और इसकी वजह से मुझे प्रशंसकों का प्यार मिला है। यह उनकी शुभकामनाएँ और समर्थन है जिसने मुझे यहाँ तक ​​आने में मदद की है। मैं उनका बहुत आभारी हूँ।”

बता दें कि मुनव्वर फारूकी का रिएलिटी शो में सफर विवादित रहा। उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड ने उन्हें धोखेबाज कहा। उनसे सारे नाते खत्म कर लिए। वहीं आयशा खान ने शो में आकर मुनव्वर की काफी फजीहत की। पिछले रिएलिटी शो लॉक अप में भी उनके साथ यही हुआ था। उस समय पर उनकी बीवी और बेटे का सच दुनिया के सामने आया था। इस बार उनके गर्लफ्रेंड होने के बावजूद बाकी लड़कियों से संबंध की बात निकलकर आई। वहीं ज्योतिषी को हाथ दिखाने से मना करने पर भी फारूकी की क्लिप वायरल हुई थी।

‘तुम मुझसे रिश्ता क्यों नहीं रखते?’ – ये कह कर महजबीन मोहसिन ने अपने पूर्व प्रेमी पर फेंक दिया तेज़ाब, बुरी तरह झुलसा

अहमदाबाद में महजबीन मोहसिन नाम की मुस्लिम महिला ने अपने पूर्व हिंदू प्रेमी पर एसिड अटैक कर दिया, क्योंकि वो अब उस महिला से रिश्ता नहीं रखना चाहता था। ये रिश्ता करीब 4 साल तक चला था, लेकिन घर वालों की वजह से दोनों अलग हो गए थे। पर गुस्साई महजबीन ने बदले के लिए हर हद को पार कर दिया और अपने पूर्व प्रेमी को रास्ते में रोक कर उस पर तेजाब फेंक दिया। इस काम में उसकी एक सहेली ने भी साथ दिया।

ये मामला अहमदाबाद के बापूनगर इलाके का है। यहाँ 51 साल के राकेश ब्रह्मभट्ट पर उनकी पूर्व प्रेमिका महजबीन मोहसिन ने अपनी सहेली की मदद से तेजाब फेंक दिया। इस हमले में वो बुरी तरह से झुलस गए। उनके चेहरे, उनकी दाहिनी आँख, पीठ और प्राइवेट पार्ट वाला हिस्सा बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, राकेश अहमदाबाद में एएमटीएस में कंट्रोलर के पद पर काम करते हैं। वो पहले कंडक्टर के तौर पर काम करते थे, जहाँ 5 साल पहले उनकी पहचान महजबीन मोहसिनभाई चुवारा से हो गई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध भी स्थापित हो गए थे। महजबीन जुहापुरा में आयशा मस्जिद के पास अंजुम पार्की की रहने वाली है। दोनों के बीच 4 साल तक रिश्ता रहा, लेकिन घर वालों को पता चल गया। जिसकी वजह से एक 1 साल से दोनों अलग हो गए थे। हालाँकि महजबीन लगातार राकेश और उसके घरवालों को धमकाती रहती थी। वो एक दिन उसकी बेटी के घर भी धमक गई थी। और आखिरकार उसने एसिड से हमला कर ही दिया।

ऑपइंडिया के पास मौजूद एफआईआर की कॉपी के मुताबिक, शनिवार (27 जनवरी, 2024) को रात करीब 8:30 बजे राकेश पर अहमदाबाद के कालूपुर रेलवे स्टेशन के पास हमला हुआ। राकेश उस समय एएमटीएस कंट्रोल केबिन नंबर 7 पर ड्यूटी पर थे। उस दौरान महजबीन अपनी एक सहेली के साथ वहाँ पहुँची और उसने ‘तुम मुझसे रिश्ता क्यों नहीं रखते’ कहकर तेजाब से भरी केन राकेश के ऊपर फेंक दिया। तेजाब फेंकने से राकेश की दाहिनी आँख, पीठ और प्राइवेट पार्ट गंभीर रूप से झुलस गए। उसके चिल्लाने पर आसपास के लोग भी वहाँ जमा हो गए, जिसके बाद महजबीन और उसकी सहेली फरार हो गए। वहीं, स्थानीय लोगों ने राकेश को जीसीएस अस्पताल पहुँचाया।

राकेश ब्रह्मभट्ट की पत्नी ने ऑपइंडिया को बताया, “उनकी (राकेश ब्रह्मभट्ट) आँख में बहुत गंभीर चोट लगी है, हम प्रार्थना कर रहे हैं कि उनकी आँख बच जाए। अब उन्हें जीसीएस अस्पताल से सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।” पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 326(ए), 333 और 114 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी है। कालूपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।

धर्म परिवर्तन का दबाव डाला गया

भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित राकेश ब्रह्मभट्ट ने बताया कि महजबीं ने उन्हें काफी परेशान किया। अब उसे अपनी आंखों से कुछ दिखाई भी नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि महज़बीन ने पहले उनकी बेटी के घर में घुसने की कोशिश की थी और राकेश और उसके परिवार ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसने यह भी आरोप लगाया है कि महजबीन उस पर धर्म परिवर्तन के लिए भी दबाव बना रही थी।

कॉन्ग्रेस सरकार ने उतरवाया हनुमंत ध्वज तो सड़क पर उतरे ग्रामीण, BJP-JDS कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया: ‘बंद’ को कुचलने के लिए क्रूरता

कर्नाटक में 108 फुट ऊँचे खंबे से हनुमान जी का झंडा उतारने के विरोध में ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया है। उनका साथ बीजेपी और जेडीएस कार्यकर्ता भी दे रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है। बीजेपी-जेडीएस कार्यकर्ताओं को पुलिस-प्रशासन ने हिरासत में भी लिया है। ये मामला कर्नाटक के मंड्या जिले का है। जहाँ केरागोडू गाँव में हनुमान जी की ध्वजा 108 फुट ऊँचे खंबे पर लहराया गया था।

हनुमान जी की इस ध्वजा को लहराने की अनुमति मंड्या जिले के केरागोडू ग्राम पंचायत बोर्ड ने ही दी थी। इसके बावजूद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने झंडे को नीचे उतारा। प्रशासन के इस काम का स्थानीय लोगों ने तीखा विरोध किया है, जिनका साथ बीजेपी और जेडीएस के कार्यकर्ता भी दे रहे हैं। इस बीच, बीजेपी और जेडीएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में भी लिया है। वहीं, स्थानीय महिलाओं पर भी पुलिस बल ने कार्रवाई की है और उन्हें झंडे के नीचे से बलपूर्वक हटा दिया है। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा बुलाए गए बंद को प्रशासन से निर्दयता से कुचला है।

जानकारी के अनुसार, मंड्या जिले के केरागोडू गाँव में ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा करके एक 108 फीट लंबा पोल स्थापित किया था। इस पर भगवा ध्वज लगा था और आंजनेय (हनुमान जी को यहाँ आंजनेय कहा जाता है) की छवि थी। इसे गाँव के रंगमंदिर के पास लगाया गया था। बताया जा रहा है कि इसके लिए ग्राम पंचायत की भी अनुमति ले ली गई थी।

हालाँकि, गाँव के कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया और उन्होंने इसके विरुद्ध शिकायत कर दी। इस शिकायत के आधार पर मंड्या के प्रशासन ने शनिवार (27 जनवरी, 2024) को यहाँ पहुँच कर पोल से ध्वज हटा दिया था। यहाँ ध्वज हटाने के लिए प्रशासन भारी संख्या में पुलिस बल लाया था। इस दौरान गाँव के लोग प्रदर्शन करते रहे और प्रशासन से अपील करते रहे कि यह ध्वज उन्होंने आपसी सहमति से लगाया है, इसके बाद भी प्रशासन नहीं माना। अजब ग्रामीणों ने अधिक प्रदर्शन किया तो उनको यहाँ से हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज तक कर दिया।

एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ध्वज हटाने के लिए रात का समय चुना गया। ध्वज शनिवार रात को हटाया गया। यहाँ हिन्दू रात से ही इकट्ठा होने लगे थे और आज सुबह (28 जनवरी, 2024) को यहाँ माहौल और तनावपूर्ण हो गया। प्रशासन के इस निर्णय से गुस्साए ग्रामीणों ने केरागोडू को बंद रखने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने विरोध में स्थानीय कॉन्ग्रेस विधायक रविंद्रकुमार के पोस्टर भी फाड़ दिए। कुछ लोगों ने उनके इस पूरे मामले के पीछे होने का आरोप लगाया। मौके पर मौजूद बजरंग दल, भाजपा और जेडीएस कार्यकर्ता भगवा ध्वज को दोबारा लगाए जाने की माँग कर रहे हैं।

ढेर हुए शेर… गाबा से हैदराबाद तक नौसिखिया खिलाड़ियों ने चैंपियनों को धोया, ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों पर भारी पड़ा ‘ओवर कॉन्फिडेंस’?

‘विश्व टेस्ट चैंपियनशिप’ (WTC) में टॉप की दोनों टीमों ऑस्ट्रेलिया और भारत को एक ही दिन हार मिली है। भारत अपने सबसे मजबूत घरेलू मैदानों में से एक हैदराबाद की पिच पर इंग्लैंड से मैच हार गया, तो दूसरी तरफ वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम को उसके ही घर में घुसकर वेस्टइंडीज के नए नवेले-खिलाड़ियों ने बुरी तरह से हरा दिया। वो भी ऑस्ट्रेलिया के सबसे मजबूत मैदान गाबा में। ऑस्ट्रेलिया को वेस्टइंडीज के हाथों में 8 रनों से मात झेलनी पड़ी, तो भारतीय टीम को 28 रनों से हार झेलनी पड़ी। खास बात ये है कि दोनों ही टीमों में ऐसे खिलाड़ियों ने टीम को जीत दिलाई, जिन्हें बेहद कम करके आँका जा रहा था।

हैदराबाद की स्पिन पिच पर ही ढेर हुए भारतीय शेर

भारत ने इंग्लैंड की टीम का स्वागत किया था हैदराबाद की सूखी पिच पर। ये पिच स्पिनरों की मददगार पिच थी। इसका फायदा घरेलू टीम को मिलना था, हालाँकि, इंग्लैंड की टीम ने भी इसकी खूब तैयारी की थी। भारतीय टीम ने दो तेज गेंदबाजों को अंतिम एकादश में शामिल किया, तो इंग्लैंड ने सिर्फ एक तेज गेंदबाज को मैच में खिलाया। इस बीच पूरे मैच में भारतीय टीम भारी पड़ती नजर आई, लेकिन इंग्लैंड की टीम जिस बैजबाल क्रिकेट के लिए जानी जाती है, उसकी वजह से उसे ही जीत मिली।

इसमें इंग्लैंड के उन स्पिनरों का योगदान काफी ज्यादा रहा, जिन्हें शुरू की दो पारियों में खारिज किया जाता रहा। वहीं, इंग्लैंड की दूसरी पारी में महज 278 गेंदों पर शानदार 196 रनों की पारी खेलने वाले ओली पोप को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

ऐसा रहा मैच का हाल

इस मैच की शुरुआत में इंग्लैंड ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। इंग्लैंड की पूरी टीम पहले ही दिन 246 रनों पर सिमट गई। महज 64.3 ओवरों में 3.81 रन रेट से इंग्लैंड ने ये रन बनाए। कप्तान बेन स्टोक्स ने 88 गेंदों पर तेज तर्रार 70 रन बनाए। भारत की तरफ से जसप्रीत बुमराह ने 2 विकेट लिए, तो अक्षर पटेल ने भी दो विकेट लिए. वहीं रविंद्र जडेजा और आर अश्विन ने 3-3 विकेट लिए। इस तरह से भारतीय स्पिनरों ने 8 विकेट चटकाए।

भारतीय टीम ने पहली पारी में जोरदार शुरुआत की। यशस्वी जायसवाल ने 74 गेंदों पर 80 रन बनाए। केएल राहुल ने 86, रविंद्र जडेजा ने 87, श्रीकर भरत ने 41 और अक्षर पटेल ने 44 रन बनाए। भारतीय टीम ने कुल 436 रन बनाए और पहली पारी के आधार पर 190 रनों की बढ़त हासिल की। इंग्लैंड की तरफ से जो रुट ने पार्ट टाइम स्पिनर से कहीं बड़ी जिम्मेदारी निभाते हुए 4 विकेट झटके। वहीं, बाकी के स्पिनर महंगे साबित हुए। रेहान अहमद को 2, टॉम हर्टली को 2 विकेट मिले तो जैक लीच को एक विकेट मिला।

इसके बाद मैच में आया बदलाव

भारतीय टीम से 190 रनों से पिछड़ी इंग्लैंड की टीम ने दूसरी पारी में जोरदार बल्लेबाजी की और 102 ओवरों में 420 रन जोड़ दिए। ओली पोप ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ अहम साझेदारियाँ करते हुए टीम के स्कोर को 420 रनों तक पहुँचाया। इसी स्कोर पर कुल 196 रन बनाकर ओली पोप आउट हो गए। इस तरह से भारतीय टीम के सामने कुल 231 रनों का लक्ष्य था।

स्पिन के जाल में फंसी भारतीय टीम

भारतीय टीम के लिए 231 रनों का लक्ष्य भारी साबित हुआ। कुल 8 बल्लेबाजों ने दोहरे अंक का आंकड़ा छुआ, लेकिन कोई भी बल्लेबाज 40 का आंकड़ा नहीं पार कर पाया। पूरी भारतीय टीम 202 रनों पर सिमट गई। जिस हर्टले को खतरा नहीं माना जा रहा था, उसने 7 विकेट लिए और भारतीय टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। जो रूट और जैक लीच को एक-एक विकेट मिला। इस तरह से जिस स्पिन बॉलिंग पिच का जाल भारतीय टीम ने बुना, उसे उसी के घर में अंग्रेज टीम ने मात दे दी, वो भी टॉम हर्टली, रेहान अहमद जैसे नए स्पिनरों के दम पर, तो जैक लीच के घायल होने के बावजूद। हाँ, जो रूट ने अपने अनुभव का खूब फायदा उठाया और 5 विकेट लेकर इंग्लैंड की टीम को हमेशा मैच में बनाए रखा।

ऑस्ट्रेलिया को भी अपने घर में मिली हार

ऑस्ट्रेलियाई तेज गेदबाजी का खौफ सारी दुनिया में है। ऑस्ट्रेलियाई मैदानों में सबसे खतरनाक पिच गाबा की पिच को माना जाता है, जिस पर तेज गेंदबाजों की तूती बोलती है। इस मैदान पर मेहमान टीमों का शिकार अबतक ऑस्ट्रेलियाई टीम करती रही है। हालाँकि इस बार उसकी दवा उसे ही वेस्टइंडीज ने चखा दी। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के सामने चौथी पारी में जीत के लिए 216 रनों का लक्ष्य था। उसके बल्लेबाज एक समय 2 विकेट के नुकसान पर 113 रन बना चुके थे। यहाँ से अबतक चोट की वजह से बाहर रहे नए गेदबाज शेमार जोसेफ मैदान में आए और लगातार 11.5 ओवर की गेंदबाजी में 68 रन देकर 7 विकेट चटका लिए। ओपनर स्टीवन स्मिथ 91 रन बनाकर नाबाद रहे, लेकिन दूसरी ओर से सभी 10 विकेट गिर गए और ऑस्ट्रेलियाई टीम 8 रनों से पीछे रह गई।

भारत और ऑस्ट्रेलिया का हारना ये बताता है कि खेल के मैदान में कई बार अपनी ताकत ही अपनी हार की वजह बन जाती है, खासकर तब जब सामने वाली टीम आपकी टैक्टिस को जानती हो। एक तरफ इंग्लैंड ने भारतीय टीम के सामने 4 स्पिनर मैदान में उतारे, तो दूसरी तरफ वेस्टइंडीज ने अपने सभी तेज गेदबाजों को।

‘ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दरगाह के नीचे हिन्दू मंदिर’: CM भजनलाल शर्मा को पत्र, ज्ञानवापी की तरह होगा ASI सर्वे?

राजस्थान के अजमेर में स्थित मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पहले हिंदू मंदिर था, इसकी जाँच में असलियत सामने आ जाएगी। ‘महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्ष’ ने इसके लिए पत्र लिखा है। महाराणा प्रताप सेना का कहना है कि ये दरगाह हिंदू मंदिर को तोड़कर बनाया गया है, जिसकी ASI सर्वे बहुत जरूरी है। इस सर्वे से सारा दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। संगठन के अध्यक्ष का कहना है कि उन्होंने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी जाँच की माँग की थी और यही माँग हमने मौजूदा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी की है।

महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने ये पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया है। साथ ही अपना एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें वो इस बारे में बता रहे हैं। राजवर्धन कहते हैं, “अजमेर दरगाह कोई दरगाह नहीं बल्कि एक हिंदू मंदिर है।” परमान ने दावा किया कि ‘महाराणा प्रताप सेना’ ने पहले इसे राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार के संज्ञान में लाया था। ये अलग बात है कि कॉन्ग्रेसी सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। हाँ, अब बीजेपी सरकार से कार्रवाई की उम्मीद में ये पत्र फिर से लिखा जा रहा है।

राजवर्धन सिंह परमार ने कहा कि राजस्थान के कई जिलों में निकाली गई ‘जन जागरण यात्रा’ के दौरान कई लोगों ने इस माँग का समर्थन किया है। उन्होंने सीएम से अनुरोध किया कि वे आवश्यक निर्देश जारी करें और अयोध्या में बाबरी ढाँचे और वाराणसी में ज्ञानवापी ढाँचे की जाँच की तरह अजमेर के दरगाह की भी जाँच करवाएँ।

‘ढाई दिन के झोपड़ा’ को लेकर माँग जारी

बता दें कि अजमेर में चिश्ती की दरगाह से कुछ सौ मीटर दूरी पर स्थित ढाई दिन के झोपड़ा को लेकर भी ऐसी ही माँग चल रही है। बीजेपी सांसद रामचरण बोहरा ने ढाई दिन का झोपड़ा को मूल स्वरूप में लाने के लिए केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन व पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी किशन रेड्डी जी को पत्र भी लिखा था। ढाई दिन का झोपड़ा मूल रूप से विशालकाय संस्कृत महाविद्यालय (सरस्वती कंठभरन महाविद्यालय) हुआ करता था। यह ज्ञान और बुद्धि की हिंदू देवी माता सरस्वती को समर्पित मंदिर था।

जयपुर के सांसद रामचरण बोहरा ने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी को लिखे पत्र में कहा, “ढाई दिन का झोपड़ा जो कि 12वीं सदी में महाराज विग्रहराज चौहान द्वारा देवालय और संस्कृत शिक्षण केंद्र के रूप में स्थापित किया गया था, उसे 1294 ई. में मोहम्मद गौरी के कहने पर कुतुबुद्दीन ऐबक ने तोड़ दिया था। यह केंद्र वेद पुराणों का प्रसारक होने के साथ ही संस्कृति शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।