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फरार हो गए झारखंड के CM हेमंत सोरेन, या हो गया अपहरण? दिल्ली आवास पर डेरा डाल कर बैठी है ED, भाजपा बोली – संज्ञान लें राज्यपाल

क्या झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन घोटाला कर के फरार हो गए हैं? कम से कम मीडिया में तो यही चल रहा है। साथ ही भाजपा का भी यही आरोप है। ED (प्रवर्तन निदेशालय) जमीन घोटाले में उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जाँच चल रही है। अब ED उनसे दोबारा पूछताछ करने के लिए उन्हें खोज रही है। खबर है कि वो मिल ही नहीं रहे हैं। उन्हें पेश होने के लिए बुधवार (31 जनवरी, 2024) तक का समय दिया गया है। उनके दिल्ली स्थित आवास पर एजेंसी के अधिकारी डेरा डाले हुए हैं।

झारखंड में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री रहे बाबूलाल मरांडी ने भी इसे लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “ED अधिकारियों के डर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लापता होने की सूचना समाचार चैनलों के माध्यम से प्राप्त हो रही है। अगर इस खबर में सत्यता है तो यह झारखंड के लिए संवैधानिक संकट की स्थिति है। महामहिम CP राधाकृष्णन से निवेदन है कि वो मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को तलब कर जाँच एजेंसी से भागने का कारण पूछें।”

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड की साख और प्रतिष्ठा दाँव पर है। उन्होंने कहा कि अपनी इन हरकतों से हेमंत ने उनके जनजातीय समाज की प्रतिष्ठा और गौरव को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। साथ ही उन्होंने झारखंड के DGP से जवाब माँगा कि CM हेमंत सोरेन सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़कर रात को कैसे बाहर निकल कर भाग सकते हैं? उन्होंने की सुरक्षा में लगे कर्मियों को बर्खास्त करने की माँग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को तुरंत सुरक्षित रूप से पेश किया जाना चाहिए।

बाबूलाल मरांडी ने पूछा कि आखिर एक राज्य का मुख्यमंत्री भगोड़ा कहलाने का पाप कैसे कर सकता है? उन्होंने इसे शर्मनाक करार दिया। वहीं गोड्डा के सांसद एवं भाजपा नेता निशिकांत दुबे भी इस मामले में मुखर हैं। डॉ दुबे ने कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि झारखंड सरकार का महाधिवक्ता मेरे झारखंड की आन बान और शान वीर शिबू सोरेन जी के बेटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को भगोड़ा घोषित कर देगा। आज मेरी बात सही साबित होती दिख रही है।”

निशिकांत दुबे ने कहा कि मीडिया के ख़बरों के अनुसार या तो हेमंत सोरेन जी भाग गए दिल्ली से या तो बीमार हो गए या तो अपहरण हो गया। उन्होंने झारखंड के राज्यपाल CP राधाकृष्णन से माँग की कि सीएम के सुरक्षा अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड का नाक कट गया। हेमंत सोरेन को अब तक 10 बार समन भेजा जा चुका है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उनके साथ पूछताछ जारी होने की बात भी कही जा रही है।

केरल में अनवर करता था 10वीं क्लास की बच्ची का रेप, ‘गंदी फोटो’ दिखाकर ब्लैकमेल: चूहा मारने वाला जहर खा मर गई छात्रा

केरल के कासरगोड में एक नाबालिग छात्रा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उसका अनवर नाम का एक 24 वर्षीय युवक लम्बे समय से यौन शोषण कर रहा था। वह उसे उसके निजी फोटो लीक करने की धमकी भी देता था। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर नाबालिग ने आत्महत्या कर ली।

जानकारी के अनुसार, कासरगोड के बदियाद्का इलाके में रहने वाली नाबालिग छात्रा, जो कि कक्षा 10 की छात्रा थी, उसने चूहे मारने वाला जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उसकी आत्महत्या के पीछे का कारण तो सामने आया ही है। इसके अलावा नाबालिग ने मृत्यु से पहले ही पुलिस को अपना बयान भी दर्ज करवा दिया था।

उसने बताया था कि अनवर लगातार उसका यौन शोषण कर रहा था। अनवर उसको स्कूल के रास्ते में परेशान करता था, वह उसके निजी फोटो लीक करने की धमकी भी देता था। अनवर नाबालिग को मारने की धमकी भी देता था। उसने यहाँ तक धमकी भी दी थी कि यदि वह उसके साथ रिश्ता नहीं रखेगी तो वह पिता की हत्या कर देगा। उसने बालिका को इतना परेशान किया कि उसने तंग आकर जहर पी लिया।

यह भी सामने आया है कि यह नाबालिग अनवर से 6 माह पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से मिली थी। इसके बाद दोनों की कुछ दिन बातचीत हुई। जब नाबालिग ने बातचीत बंद की तो अनवर उसे धमकाने लगा। उसे रास्ते में आते-जाते रोक कर धमकियाँ देने लगा। इन्हीं सब कारणों से परेशान होकर बालिका ने 23 जनवरी, 2024 को अपने घर में जहर खा लिया।

उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने अस्पताल में ही उसका बयान दर्ज कर लिया। आरोपित अनवर के खिलाफ पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और POCSO के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अनवर घटना के बाद से फरार हो गया था। उसे कर्नाटक के बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया है।

कोझिकोड में भी एक नाबालिग का यौन शोषण

केरल से ही एक और नाबालिग के यौन शोषण का मामला सामने आया है। कोझिकोड के पेरुवान्नामुझी में एक शिक्षक पर ही कक्षा 10 में पढ़ने वाली छात्रा के यौन शोषण का आरोप लगा है। नाबालिग बच्ची को यौन शोषण के कारण बीमार भी हो गई। डॉक्टर ने इसके बाद पुलिस को जानकारी दी। बच्ची से आगे जानकारी लेने पर शिक्षक के खिलाफ POCSO के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया। अभी आरोपित शिक्षक फरार है। मामले की आगे जाँच चल रही है।

मालदीव की संसद में लत्तम-जुत्तम, एक-दूसरे को पटक कर पीटने लगे सांसद: सबसे बड़ी पार्टी ने मोहम्मद मुइज्जु को हटाने के लिए जुटा लिए हस्ताक्षर

मालदीव की संसद में फ़िलहाल ‘मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP)’ सबसे बड़ी पार्टी है। अब उसने वहाँ के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए अभियान छेड़ दिया है। इतना ही नहीं, उसने इसकी प्रक्रिया शुरू करते हुए उतने सांसदों के हस्ताक्षर भी जुटा लिए हैं जितने की ज़रूरत है। MDP के एक नेता ने बताया कि एक अन्य विपक्षी दल ‘द डेमोक्रेट्स’ की सहायता से उसने महाभियोग प्रस्ताव के लिए हस्ताक्षर जुटा लिए हैं। अब इसे स्पीकर के समक्ष पेश किया जाना बाकी है।

मोहम्मद मुइज्जु की सरकार चीन के हाथों की कठपुतली बन गई है। चीन को फायदा पहुँचाने के लिए वहाँ की सरकार 4 नए कानून लेकर आई है। इस पर पक्ष-विपक्ष के सांसदों के बीच संसद में लत्तम-जुत्तम भी हुई। सरकार समर्थक सांसदों ने इसके बाद प्रदर्शन किया, जिससे संसद का कामकाज भी बाधित हुआ। कंडीथीमु के सांसद अब्दुल्ला शाहीन अब्दुल हकीम ने केंदिकूलहूधु के सांसद अहमद ईशा को ठोकर मार कर गिरा दिया, जिसके बाद दोनों के बीच लड़ाई हुई।

दोनों सांसद चैंबर में ही गिर पड़े। इस दौरान शाहीन के सिर में भी चोटें आई हैं। अल्पसंख्यक नेता मूसा सिराज ने इस झगड़े को रोकने का प्रयास किया। असल में विपक्ष ने मोहम्मद मुइज्जु के कुछ मंत्रियों को मान्यता नहीं दी, जिससे ‘प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव (PPM)’ और ‘पीपल्स नेशनल कॉन्ग्रेस (PNC)’ के नेता भड़क गए। वीडियो में भी देखा जा सकता है कि कैसे स्पीकर की कुर्सी के पास सांसद आपस में लड़ पड़े। सरकार का कहना है कि विपक्ष द्वारा नए मंत्रियों को मान्यता न देना नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन है।

एक सांसद तो सीटी बजा आकर स्पीकर को डिस्टर्ब करते हुए देखा गया। माथीवेरी के सांसद हसन ज़हीर को भी चोटें आई हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद मालदीव के 3 मंत्रियों ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उसके बाद तीनों को इस्तीफा देना पड़ा था। लक्षद्वीप के प्रमोशन से भड़के मालदीव को चीन का साथ मिला। लेकिन, वहाँ के आम लोग और विपक्षी दल भारत के प्रति अच्छा रुख रखते हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने वहाँ के राजदूत को भी तलब किया था।

‘एक हफ्ते के भीतर लिखकर दो कि तुम्हें खेद है’: तेजस्वी यादव को सुप्रीम कोर्ट का आदेश, लालू के बेटे ने गुजरातियों को कहा था ‘ठग’

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से कहा है कि वह एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट रूप से यह लिखकर दें कि उन्हें गुजरातियों पर दिए गए बयान पर खेद है और अपना वक्तव्य वापस लें। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी उनके खिलाफ दायर किए गए एक मानहानि के मामले में दी है।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने इस मामले को सुना। तेजस्वी इस मामले को खत्म करने को लेकर 22 जनवरी, 2024 को सुप्रीम कोर्ट पहुँचे थे। यहाँ उन्होंने एक शपथपत्र दायर करके जानकारी दी थी कि वह गुजरातियों के खिलाफ दिया गया अपना बयान वापस लेना चाहते हैं।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तेजस्वी यादव को एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट शब्दों में यह लिखना होगा कि गुजरातियों पर दिए गए बयान पर उन्हें खेद है। वह अपने इस बयान को वापस लेते हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होनी है, ऐसे में उन्हें यह कहते हुए शपथ पत्र एक सप्ताह भीतर दाखिल करना होगा। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस मामले में तेजस्वी के खिलाफ मामला दर्ज करवाने वाले गुजराती सामाजिक कार्यकर्ता हरेश मेहता के वकील से कहा कि वह उनसे पूछें कि वह इस मामले में आगे क्या चाहते हैं।

गौरतलब है कि तेजस्वी यादव ने 22 मार्च 2023 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुजरातियों के खिलाफ बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “सिर्फ गुजराती ही ठग हो सकते हैं और उनका अपराध माफ भी कर दिया जाएगा। अगर वह देश से फरार भी हो जाएँ तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?”

इसको लेकर हरेश मेहता ने उनके खिलाफ गुजरात में आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करवाया था। इसमें कहा गया था कि तेजस्वी यादव ने पूरे गुजराती समाज का अपमान किया है। अहमदाबाद में इस मामले में उन्हें समन भी जारी किया गया था लेकिन वह यहाँ पेश होने नहीं पहुँचे थे और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

तेजस्वी यादव अभी पटना में हैं। उन्होंने यह बयान बिहार के उपमुख्यमंत्री रहते हुए दिया था। अब उनकी कुर्सी भी चली गई है। 28 जनवरी, 2024 को बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने राजद से समर्थन वापस लेकर NDA के साथ मिलकर सरकार बना ली है। तेजस्वी यादव से कल (30 दिसम्बर, 2024) को पटना में जमीन के बदले नौकरी मामले में ED पूछताछ भी करने वाली है। आज उनके पिता लालू प्रसाद यादव से पूछताछ हो रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले एक ऐसा ही मामला कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी के विरुद्ध दर्ज करवाया गया था। राहुल गाँधी ने 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जाति मोदी को लेकर कहा था कि ‘सारे मोदी चोर’ होते हैं। इस पर उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला चला था। इस मामले में उन्हें 2 वर्ष की सजा अहमदबाद की अदालत ने सुनाई थी।

खाना-पानी-दवा लेकर लालू प्रसाद यादव पहुँचे ED दफ्तर, जॉब स्कैम मामले में चल रही पूछताछ: झारखंड CM हेमंत सोरेन के भी दिल्ली आवास पर पहुँची टीम

राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद से ‘नौकरी के बदले जमीन घोटाला’ मामले में पूछताछ करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम आज (29 जनवरी 2024) बिहार की राजधानी पटना पहुँची है। यहाँ लालू प्रसाद यादव से पूछताछ चालू हो गई है। यह पूछताछ पटना स्थित ED दफ्तर में हो रही है। उनकी दवा-खाना-पानी भी यहाँ भिजवाया गया है।

इससे पहले लालू यादव को आज (29 जनवरी, 2024) के पूछताछ के लिए समन भेजा गया था। लालू प्रसाद यादव अभी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर जमानत पर जेल से बाहर हैं। वह चारा घोटाले के मामले में जेल में बंद थे। लालू प्रसाद यादव से पूछताछ करने पहुँची ED की टीम का राजद के कार्यकर्ताओं ने घेराव भी किया और हंगामा काटा।

तेजस्वी यादव से भी होगी पूछताछ

गौरतलब है कि लालू यादव के बाद कल (30 जनवरी, 2024) को उनके बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से भी पूछताछ होगी। इसके लिए भी ED ने पहले ही समन भेज दिया था। लालू यादव से होने वाली सुनवाई में उनके साथ उनकी बेटी मीसा भारती भी पहुँची हैं।

ED की पूछताछ के लिए भले ही पहले से तारीख तय थी लेकिन यह ऐसे समय में हो रही है जब एक ही दिन पहले बिहार में राजद की सरकार गिरी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनकी पार्टी से समर्थन वापस ले लिया था और एनडीए के साथ मिलकर सरकार बना ली है।

इससे पहले 9 जनवरी, 2024 को इस मामले में ED ने एक 4,800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव का नाम शामिल है। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों के नाम भी चार्जशीट में शामिल किए गए थे।

इस घोटाले की सीबीआई जाँच कर रही है लेकिन इसमें जुड़े पैसे के लेनदेन में गडबडी गड़बड़ी की जाँच ED को मिली है। ED ने मार्च 2023 में इस मामले में छापेमारी भी की थी। ED की जाँच में सामने आया है कि नौकरी के बदले लिए गए पैसे से कई जमीनें औने पौने दामों पर खरीदीं गईं।

इनमें से कुछ जमीनें पटना और एक मकान दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में भी खरीदा गया। दिल्ली के इस बंगले की कीमत ₹150 करोड़ है, सामने आया था कि यह मकान एक ऐसी कम्पनी के नाम पर था जिसे तेजस्वी यादव ने मात्र ₹4 लाख में खरीदा था।

हेमंत सोरेन के आवास पर पूछताछ के लिए पहुँची ED

जहाँ एक और लालू प्रसाद यादव से ED पूछताछ कर रही है वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास पर भी एक टीम पहुँची है। ED के साथ यहाँ दिल्ली पुलिस की टीम भी पहुँची है। उनसे ED जमीन घोटाला मामले में पूछताछ करना चाहती है। इसको लेकर उन्हें कई समन भेजे जा चुके हैं। हेमंत सोरेन से इससे पहले 20 जनवरी, 2024 को पूछताछ की गई थी। इस दिन पूछताछ पूरी ना होने के कारण 29 या 31 जनवरी को उनसे पेश होने को कहा गया था।

इस बीच इस चर्चा ने भी जोर पकड़ा था कि ED हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर सकती है। इसको लेकर यह भी कयास लगाए गए थे कि वह अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को भी मुख्यमंत्री बना सकते हैं। झारखंड के एक निर्दलीय विधायक ने भी सीट खाली की थी। कहा गया था कि इस सीट से ही चुनाव लड़ेंगी।

‘बच्चों को नहीं दें नया पेन’: जानिए ‘परीक्षा पे चर्चा’ में अभिभावकों को PM मोदी ने क्यों दी ये सलाह, बोले – 2 बच्चों के बीच तुलना न करें माता-पिता, बढ़ती है नफरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सातवीं बार ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को संबोधित किया। बोर्ड परीक्षा से पहले प्रधानमंत्री देश भर के छात्रों में हौसला भरते हैं और उनका उत्साहवर्धन करते हैं। इस दौरान हर बार वो स्कूली बच्चों के माता-पिता के लिए भी सकारात्मक संदेश देते हैं। इस बार प्रधानमंत्री ने बच्चों के माता-पिता से अनुरोध किया है कि वो बच्चों की दूसरों के साथ तुलना न करें।

पीएम मोदी ने दिया तनाव से बचने का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव से बचने का मंत्र दिया। पीएम मोदी ने कहा, “परीक्षा से पहले आराम से बैठें, हँसी-मजाक में 5-10 मिनट बिता दीजिए। खुद में खो जाइए, एग्जाम से बाहर निकल जाएँगे, फिर जब आपके हाथ में प्रश्न पत्र आएगा तो आप आराम से कर पाएँगे। हम बाकी चीजों में लटके रहते हैं, वो बिना कारण हमारी शक्ति बर्बाद करता है। हमें खुद में ही खोए रहना चाहिए। बचपन से अर्जुन और पक्षी की आँख वाली कथा सुनते हैं, इन्हें अपने जीवन में भी लागू भी करें। घबराहट का कारण है कि परीक्षा के समय सोचना कि कहीं समय कम ना पड़ जाए, अच्छा होता मैं पहले वे प्रश्न कर लेता, ऐसे में पहले पूरा पेपर पढ़ लीजिए फिर देखिए कि आपको कैसे करना है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “कुछ माता पिता को लगता है कि आज एग्जाम है कि बच्चे को नई पेन लाकर दें, लेकिन मेरा आग्रह है कि जो पेन रोज यूज करता है, वही ले जाने दीजिए। न उसे कपड़ों पर टोकिए, जो पहन रहा है उसे पहनने दीजिए। एग्जाम पर उसे कंफर्ट फील कराइए।”

पूरी नींद जरूरी

पीएम मोदी ने परीक्षा के समय बच्चों को पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा, “जैसे मोबाइल को कार्य करने के लिए चार्जिंग की आवश्यकता होती है, उसी तरह बॉडी को भी रिचार्ज रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि स्वस्थ मन के लिए शरीर को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए प्रॉपर नींद लेना भी बहुत आवश्यक है।”

बच्चों के बीच तुलना न करें माता-पिता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और छात्रों के माता-पिता के साथ चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि अगर जीवन में चुनौतियाँ न हों तो जीवन बहुत ही चेतनाहीन बन जाएगा। ऐसे में प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, लेकिन यह स्वस्थ तरीके की होनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि माता-पिता को दो बच्चों के बीच तुलना नहीं करनी चाहिए। क्योंकि इससे नफरत पैदा होती है, जो आगे चलकर जहरीले वृक्ष में बदल सकता है।

पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों के रिपोर्ट कार्ड को माता-पिता अपने विजिटिंग कार्ड की तरह इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे बच्चों के मन-मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

शिक्षक का काम नौकरी नहीं, बल्कि जीवन बदलना

बच्चों के तनाव को कम करने में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। इसलिए शिक्षक और छात्रों के बीच हमेशा सकारात्मक रिश्ता रहना चाहिए। शिक्षक का काम सिर्फ जॉब करना नहीं, बल्कि जिंदगी को संवारना है, जिंदगी को सामर्थ्य देना है, यही परिवर्तन लाता है।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी को देखा। उन्होंने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम की शुरुआत में ही प्रदर्शन की तारीफ की और लोगों से प्रदर्शनी को देखने की भी अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत में शिक्षकों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने शिक्षकों से मुखातिब होते हुए कहा कि वो नए बच्चों को पुरानी कक्षाओं के बारे में बताएँ। बच्चों का हौसला बढ़ाएँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छात्र तो हर कक्षा में बदलते रहते हैं, लेकिन शिक्षक वहीं पर रहते हैं। वो छात्रों को प्रेरणा दे सकते हैं। छात्रों को समस्याओं का हल बता सकते हैं।

आतंकी भिंडरावाले का पोस्टर गुरुद्वारे में लगाने से रिटायर्ड कर्नल ने किया मना, खालिस्तान समर्थक भड़के: लाठी-तलवार से हमला किया, गाड़ी तोड़ी

पंजाब के तरन तारन में खालिस्तानियों ने जम कर उत्पात मचाया। यहाँ खालिस्तानी इस बात से भड़के थे कि उन्हें भिंडरावाले की तस्वीर लगाने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। इसको लेकर उन्होंने रिटायर्ड कर्नल हरसिमरन सिंह पर हमला बोल दिया। उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी गई। उनको तलवारों और लाठी डंडों से निशाना बनाया गया।

जानकारी के अनुसार, तरन तारन के गाँव पहुविंद में दीप सिंह जन्मस्थान गुरुद्वारे पर रविवार (28 जनवरी, 2024) बाबा दीप सिंह की जयंती पर उत्सव हो रहा था। इस दौरान कुछ सिख युवकों ने यहाँ पर मारे जा चुके खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरें लगाई हुई थी।

इस पर इस गुरुद्वारा प्रबन्धक कमिटी के अध्यक्ष रिटायर्ड कर्नल हरसिमरन सिंह को आपत्ति हुई। उन्होंने इन सिख युवकों से भिंडरावाले की तस्वीरें यहाँ से हटाने को कहा। इस पर यह युवक राजी नहीं हुए। तस्वीरें हटाने को लेकर हरसिमरन सिंह और इन युवकों की बहस भी हुई।

इसके बाद उन्होंने स्वयं ही यह तस्वीरें हटा दी। उनका यह वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें वह फोटो का विरोध करते दिखते हैं। हालाँकि युवक मानते नहीं हैं और फोटो लगाने की जिद्द करते हैं। इसके बाद वह स्वयं ही फोटो हटा देते हैं। युवक दोबारा से फोटो रखते हैं और वह दोबारा से हटा देते हैं। यह वीडियो वायरल होने के बाद यहाँ विवाद हो गया।

कर्नल सिंह एक अन्य वीडियो में लोगों को समझाते दिखते हैं कि यहाँ या तो सिख गुरुओं की फोटो लगाई जाए या फिर बाबा दीप सिंह की फोटो लगाई जाए। हालाँकि युवक उनसे तब भी बहस करते रहते हैं और भिंडरावाले की फोटो लगाने पर अड़े रहते हैं।

कर्नल हरसिमरन का भिंडरावाले की फोटो का विरोध करना उन्हें भारी पड़ गया। सिख कट्टरपंथियों ने उन्हें निशाने पर ले लिया। गुरुद्वारे से लौटते समय उनकी गाड़ी पर इन कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया। उनकी गाड़ी को घेर कर उन्हें निशाना बनाया गया। उनकी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। उनकी सुरक्षा कर रही पुलिस से भी कट्टरपंथियों ने लड़ाई झगड़ा किया।

कट्टरपंथियों के कर्नल हरसिमरन सिंह पर हमला करने का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिखता है कि उनकी गाड़ी को घेरकर लाठी डंडे बरसाए जा रहे हैं। उनकी गाड़ी को कुछ लोग बचाने की भी कोशिश करते हैं। उनके आगे जा रही पुलिस की गाड़ी को भी घेरा गया।

पुलिस ने इस मामले में बताया है कि लड़ाई झगड़े में एक इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी घायल हुआ है। इसके अलावा कर्नल हरसिमरन सिंह को बचाने वाले और उन पर हमला करने वाले, दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने कर्नल सिंह को सुरक्षित स्थान पर पहुँचा दिया है।

इस मामले की जानकारी होने के बाद यहाँ कुछ सिख नेता भी पहुँचे और कर्नल हरसिमरन सिंह पर सिख भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाने लगे। वहीं कर्नल हरसिमरन सिंह ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा, “हमने भिंडरावाले की फोटो भक्तों के जूतों के पास रखने पर आपत्ति जताई थी। इसके अलावा उन लोगों ने एक अवैध टेंट भी गुरुद्वारा के बाहर लगाया था, इसके लिए अनुमति गुरुद्वारा प्रबन्धक कमिटी से नहीं ली गई थी।”

पाकिस्तान में बलूचों का नरसंहार… फौज ने गायब किए 10 और युवक: रेड के बहाने अपहरण, अत्याचारों पर मानवाधिकार संगठन चुप

पाकिस्तान की फौज के अत्याचारों के खिलाफ बलूच नागरिकों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसे रोकने के लिए उनके युवाओं को लापता किया जा रहा है। खबर है कि बलूचिस्तान के डेरा बुगती क्षेत्र में 10 लोग लापता हैं। वहाँ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ मिलकर घर-घर तलाशी अभियान चलाया और 10 लोगों को लापता कर दिया। इनमें कुछ छात्र भी हैं।

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी फौज ने जाफर कॉलोनी में रेड मारी थी जिसके बाद वहाँ जीटीए जिला अध्यक्ष और जम्हूरी वतन पार्टी एक्टिविस्ट मास्टर गौस बख्स के बेटे मीरन बख्स बुगती गायब कर दिए गए।

इसी तरह केच जिले के ताजबन इलाके में शनिवार (27 जनवरी 2024) को एक घर में रेड मारने के दौरान पाकिस्तानी फौज ने बहादुर चक्र नाम के नवयुवक को हिरासत में लिया था। पूछने पर भी जब उसका पता नहीं चला तो उन्होंने M-8 सीपीईसी हाईवे ब्लॉक कर दिया और प्रदर्शन पर बैठ गए। पूरी रात उन्होंने सड़क पर बिताई।

इसी तदरह हनीफ बुगती और शाह हुसैन के बेटे फैजल को भी पाकिस्तानी फोर्स की काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने सुई फील्ड के लेबर क्वार्टर से उठाया था। हालाँकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। इसी तरह अतीफुल्लाह भी कथिततौर पर पाकिस्ताी खुफिया एजेंसियों द्वारा गाय कर दिया गया। इसी तरह शाहजेन पंप इलाके से भी तीन लोग गायब हुए जिनकी पहचान नहीं हो पाई है।

पाकिस्तानी फौज के खिलाफ बलूच नागरिकों का विरोध

बता दें कि बलूचिस्तान में नागरिकों को लापता करने का इल्जाम हमेशा से पाकिस्तानी फोर्स पर लगता रहा है। लेकिन बलूच के नागरिक हिम्मत जुटाकर समय-समय पर उनके विरुद्ध प्रदर्शन करते हैं। उनकी नीतियों का विरोध करते हैं। इस बार भी वह यही कर रहे हैं।

एक्टिविस्ट महरंग बलूच ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए जानकारी दी। उन्होंने बताया कि असलम, हम्माल और बहादुर चकर बलूच छात्र हैं, जिनका होशाप और ताजबान से अपहरण किया गया है। इनके परिवार के सदस्य ही सीपीईसी मार्ग को ब्लॉक किया है।

उन्होंने ये भी बताया कि बलूचिस्तान के लोग बलूच नरसंहार और मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन फिर भी वहाँ ये सब जारी हैं। उन्होंने मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वह बलूच युवाओं की बरामदगी की वकालत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

कॉन्ग्रेस का वही हाल होगा जो मुगलों का हुआ… कर्नाटक में 108 फीट ऊँचे खंभे से हनुमान ध्वज उतारे जाने पर BJP नेता भड़के, कहा- इन्हें बस मस्जिद-दरगाह पसंद है

कर्नाटक के मांड्या जिले के केरागोडू गाँव में 108 फीट ऊँचे खम्भे से कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा भगवा रंग का हनुमान ध्वज उतारने का मामला गरमा गया है। भाजपा, बजरंग दल और जेडीएस ने माँग की है कि झंडा वापस लगाया जाए। वहीं, इसके नेताओं ने झंडा उतारने को लेकर राज्य की सिद्दारमैया सरकार पर हमला बोला है।

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार पर भगवान हनुमान जी और भगवान राम से नफरत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस सरकार इनसे नफरत करती है कि जबकि मुस्लिम शासक टीपू सुल्तान की प्रशंसा करती है। उन्होंने कॉन्ग्रेस सरकार को मुग़ल शासक औरंगजेब का शासन बताया है। उन्होंने कहा है कि वह हनुमान भक्त हैं और राज्य सरकार की धमकियों ने ना डरे हैं और ना डरेंगे।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “अयोध्या राम मंदिर का विरोध करने के बाद हिंदू विरोधी कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार अब हनुमान जी के खिलाफ खड़ी है। कर्नाटक पुलिस ने मांड्या जिले में ग्राम पंचायत बोर्ड द्वारा फहराए गए हनुमान जी के झंडे को उतार दिया। क्या हिंदू दूसरे दर्जे के नागरिक हैं? क्या भगवा से नफरत ही कॉन्ग्रेस की धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा है?”

कर्नाटक भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर आज (29 जनवरी, 2023) को कर्नाटक के सभी जिलों में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार वापस से भगवा ध्वज उसी खम्भे पर नहीं लगवाती है तो राज्य की हर एक इमारत पर भगवा ध्वज फहरा कर प्रदर्शन किया जाएगा।

कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेन्द्र ने हनुमान ध्वज उतारे जाने को लेकर ट्विटर पर लिखा, “कर्नाटक में सिद्दारमैया सरकार ने अपनी ताकत और पुलिस बल का दुरुपयोग करते हुए केरागोडु गाँव के लोगों की हनुमान ध्वज फहराने की धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक लगाई है, यह गाँव पंचायत द्वारा लिया गया सर्वसम्मत निर्णय था। जो कि मुगल शासन के ‘अत्याचारों’ की याद दिलाता है। इस कॉन्ग्रेस सरकार का भी वही हश्र होगा जो मुगलों का हुआ था।”

कर्नाटक के बड़े भाजपा नेता सीटी रवि ने भी हनुमान ध्वज उतारे जाने को लेकर कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि यदि वह हनुमान ध्वज उतरवाते हैं तो उन्हें खुद को हिन्दू कहलाने का कोई हक नहीं है। राज्य के अन्य भाजपा नेता एन रवि कुमार ने कॉन्ग्रेस पर राम और हनुमान से नफरत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा है कि राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार पूरे प्रदेश भर में लहरा रहे हरे झंडों के प्रति आँखे मूँद लेती है।

उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस पहले से राम और हनुमान को पसंद नहीं करती है और धर्मांतरण तथा गौहत्या के खिलाफ एक्शन नहीं लेती है। उनको सिर्फ दरगाह और मस्जिदों में जाना और वहाँ सजदे करना पसंद है जबकि वह मंदिरों में जाना और भगवा से सम्बंधित कुछ भी पहनने से मना करते हैं।”

कर्नाटक के भाजपा नेता वी सुनील कुमार ने पूछा है कि क्या कॉन्ग्रेस सरकार ने कर्नाटक में भगवा झंडे लहराने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा है कि अगर कॉन्ग्रेस सरकार ने इसका आदेश नहीं दिया तो फिर वह उन अधिकारियों पर कार्रवाई करें जिन्होंने यह झंडा उतरवाया।

गौरतलब है कि मंड्या जिले के केरागोडू गाँव में ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा करके एक 108 फीट लंबा पोल स्थापित किया था। इस पर भगवा ध्वज लगा था और आंजनेय (हनुमान जी को यहाँ आंजनेय कहा जाता है) की छवि थी। इसे गाँव के रंगमंदिर के पास लगाया गया था। इसके लिए ग्राम पंचायत की भी अनुमति ले ली गई थी।

मंड्या के प्रशासन ने शनिवार (27 जनवरी, 2024) को यहाँ पहुँच कर पोल से ध्वज हटा दिया था। यहाँ ध्वज हटाने के लिए प्रशासन भारी संख्या में पुलिस बल लाया था। इस दौरान यहाँ प्रदर्शन कर रहे हिन्दुओं पर लाठीचार्ज भी किया गया। इस प्रदर्शन में भाजपा, जेडीएस और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि ध्वज हटाने के लिए रात का समय चुना गया। ध्वज शनिवार रात को हटाया गया। यहाँ हिन्दू रात से ही इकट्ठा होने लगे थे और 28 जनवरी, 2024 को यहाँ माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया और भाजपा ने प्रदेशव्यापी आन्दोलन का ऐलान कर दिया।

फिक्स्ड थी मुनव्वर फारूकी की जीत: बिग बॉस 17 के फाइनल रिजल्ट पर उठे सवाल, अभिषेक को कहा ट्रॉफी का असली हकदार

हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने वाले कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को बिग बॉस-17 में विजेता की ट्रॉफी मिली है। इसके साथ उन्हें 50 लाख रुपए का इनाम और ब्रांड न्यू कार दी गई है। फारूकी के साथ फाइनल्स में अभिषेक कुमार, मन्नारा चोपड़ा, अंकिता लोखंडे और अरुण महा शेट्टी थे।

किसी रियलिटी शो में मुनव्वर की यह दूसरी ट्रॉफी है। इससे पहले उन्हें लॉक-अप सीजन में भी विजेता की ट्रॉफी मिली थी। उनकी इस जीत के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें फिक्सड विनर बताया जा रहा है। वहीं अभिषेक कुमार को लोग असली विनर कह रहे हैं।

लेडी खबरी नाम के अकॉउंट से कहा गया, “मैंने 15 अक्टूबर 2023 को ही कहा था कि बिग बॉस 17 के विजेता मुनव्वर फारूकी होंगे। मेरी खबर बिलकुल गलत नहीं थी। फिनाले का प्लान भी उसके जन्मदिन वाले दिन किया गया, और क्या चाहिए। वाह। विनर उसी दिन तय था जब उसने कॉन्ट्रैक्ट साइन किया। उसे जीतना तो था ही क्योंकि वो हमेशा भगवान श्रीराम का मजाक उड़ाता है। उसे ट्रॉफी देना वो भी उसी महीने में जब राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा हुई हो, हिंदुओं के लिए इससे अपमानजनक क्या है।”

इसके अलावा यूट्यूबर अनुराग डोभाल भी अपने बयान में कह चुके थे कि बिगबॉस का विनर ऑडियंस नहीं चुनेगी बल्कि मेकर्स चुनेंगे। ये फिक्स्ड है। उन्होंने ये भी कहा था कि मेकर्स के पसंदीदा अंकिता लोखंडे और मुनव्वर फारूकी हैं। इन्हीं दोनों में से कोई एक शो में ट्रॉफी जीतेगा।

वहीं मुनव्वर ने इस ट्रॉफी को जीतने के बाद कहा, “मैं जानता हूँ कि मैंने कुछ गलतियाँ कीं और मुझे उसका खामियाजा भुगतना पड़ा। इसके लिए मुझे जज भी किया गया। हालाँकि, असल दुनिया में मैंने कुछ अच्छे काम किए हैं और इसकी वजह से मुझे प्रशंसकों का प्यार मिला है। यह उनकी शुभकामनाएँ और समर्थन है जिसने मुझे यहाँ तक ​​आने में मदद की है। मैं उनका बहुत आभारी हूँ।”

बता दें कि मुनव्वर फारूकी का रिएलिटी शो में सफर विवादित रहा। उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड ने उन्हें धोखेबाज कहा। उनसे सारे नाते खत्म कर लिए। वहीं आयशा खान ने शो में आकर मुनव्वर की काफी फजीहत की। पिछले रिएलिटी शो लॉक अप में भी उनके साथ यही हुआ था। उस समय पर उनकी बीवी और बेटे का सच दुनिया के सामने आया था। इस बार उनके गर्लफ्रेंड होने के बावजूद बाकी लड़कियों से संबंध की बात निकलकर आई। वहीं ज्योतिषी को हाथ दिखाने से मना करने पर भी फारूकी की क्लिप वायरल हुई थी।