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PM मोदी के कार्यक्रम में लगे थे जो सफाईकर्मी, DMK के नगर निगम ने उनके लिए कूड़े की गाड़ी में भेजा खाना: श्रीरंगम मंदिर में पहुँचे थे प्रधानमंत्री

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से सफाईकर्मियों के अपमान का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले साफ-सफाई के काम में लगे सफाई कर्मचारियों को कूड़े की गाड़ी में खाना भेजा गया। यह कारनामा तिरुचिरापल्ली नगर निगम ने किया।

20 जनवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तिरुचिरापल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने वाले श्रीरंगम का दौरा था। इस दौरे में वह रंगनाथस्वामी मंदिर जाने वाले थे। इससे पहले यहाँ पर शहर की साफ सफाई करने के लिए लगभग 200 लोगों को ड्यूटी पर लगाया गया था।

इनको शुक्रवार (19 जनवरी, 2024) को जब खाना भेजा गया तो यह एक कूड़े की गाड़ी में भेजा गया। इस गाड़ी में इनके खाने के बर्तन रखे गए। गाड़ी में पहले से प्लास्टिक का कूड़ा भरा हुआ था। इसकी तस्वीरें लोगों ने खींच कर वायरल कर दीं। लोगों ने तिरुचिरापल्ली नगर निगम पर प्रश्न खड़े किए।

आनन फानन में इसके बाद यह खाना वापस किया गया। तिरुचिरापल्ली नगर निगम इस पूरे विवाद से बचता भी नजर आया और उसके अधिकारियों ने बताया कि खाना ऑटो से भेजा गया था लेकिन इसे बाद में कूड़े वाली गाड़ी पर रख दिया गया। इसे अम्मा कैंटीन में बनाया गया था। बताया जा रहा है लोगों के कहने के बाद यह खाना वापस कैंटीन भेजा गया।

कूड़े की गाड़ी में खाना देखने वाले लोगों ने शिकायत की कि अगर वह यह नहीं देखते तो यही खाना कर्मचारियों में वितरित कर दिया जाता। हालाँकि इस मामले में बैकफुट पर आने के बाद तिरुचिरापल्ली नगर निगम ने तीन कर्मचारियों को निलंबित भी कर दिया। गौरतलब है कि त्रिची नगर निगम पर तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके ही काबिज है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यहाँ श्रीरंगम में मंदिर में दर्शन और पूजन अर्चन करने पहुँचे थे। यह राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले की उनकी उपासना का हिस्सा है। वह आज (21 जनवरी, 2023) को तमिलनाडु के रामेश्वरम पहुँचे हैं और उस जगह पर साधना की जहाँ से रामसेतु चालू होता है।

‘रामायण-महाभारत को क्यों कहें माइथोलॉजी? क्यों नहीं है अपने कल्चर में विश्वास?’ तेलुगु स्टार बोले – ये हमारा इतिहास

तेलुगु फिल्मों के स्टार विष्णु मंचू ने रामायण और महाभारत को ‘माइथोलॉजी’ बताने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे इतिहास बताया है। मंचू ने कहा कि भारतीय संस्कृति के सबूत हर तरफ हैं। भगवान राम द्वारा बनाए गए सेतु से लेकर द्वारका नगरी तक। नासा तक हिंदू संस्कृति से जुड़े प्रतीकों की स्थिति स्पष्ट कर चुका है। मंचू ने भारतीय संस्कृति पर सवाल उठाने वालों को आड़े हाथों लिया।

तेलुगु सिनेमा के स्टार और मशहूर फिल्मी खानदान से तालुक्क रखने वाले विष्णु मंचू ‘कन्नप्पा’ नाम की फिल्म बना रहे हैं। इस फिल्म का स्क्रीनप्ले भी उन्होंने ही लिखा है और इसकी कहानी पर भी काम किया है। विष्णु मंचू ने कहा कि लोगों को रामायण और महाभारत को ‘माइथोलॉजी’ कहने की जगह इतिहास के तौर पर समझना चाहिए। इससे जुड़े सबूत सामने हैं तो इसे असलियत के तौर पर देखना चाहिए।

विष्णु मंचू ने इंस्टाग्राम पर शेयर एक वीडियो में ये कहते दिखे कि कन्नप्पा फिल्म पर काम करते हुए वे ये सोचने पर मजबूर हुए कि क्या ये सब सिर्फ माइथोलॉजी है? ये सही नहीं है। उन्होंने कहा, “जब हम रामायण पढ़ते हैं और तथ्यों के साथ उसका मिलान करते हैं तो हमें पता चलता है कि यह सत्य को जानने का माध्यम है। राम सेतु एक पुल है जिसके अवशेष रामेश्वरम और श्रीलंका के बीच पाए गए हैं। इसी तरह महाभारत में भी द्वारका साक्षात विद्यमान है।”

विष्णु मंचू ने कहा कि उनका मानना है कि इतिहास जानना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यक्ति को इतिहास को अपनाना भी चाहिए। कन्नप्पा ऐसा ही करने का एक प्रयास है। मंचू ने कहा कि यह फिल्म उनकी आस्था का एक हिस्सा है, जो भगवान शिव के सबसे महान भक्त की कहानी बताता है।

‘कन्नप्पा’ के बारे में बताते हुए विष्णु मंचू ने कहा, “कन्नप्पा एक सत्य कहानी है। श्री कालहस्ती मंदिर इसकी गवाही देने के लिए खड़ा है। हम भगवान शिव और माँ पार्वती को अपने माता-पिता की तरह मानते हैं। ये मंदिर और वायुलिंगम हजारों सालों से हैं। ये माइथोलॉजी नहीं है, ये एक सच्ची कहानी है। कन्नप्पा भगवान शिव के सबसे बड़े भक्त की सच्ची कहानी है।”

गौरतलब है कि अभिनेता-निर्देशक विष्णु मंचू न्यूजीलैंड में अपनी अपकमिंग फिल्म ‘कन्नप्पा’ का पहला शेड्यूल पूरा कर चुके हैं। मुकेश कुमार सिंह द्वारा निर्देशित यह फिल्म भगवान शिव के भक्त ‘कन्नप्पा’ की अद्भुत स्टोरी पर प्रकाश डालती है। इस फिल्म में प्रभास भगवान शिव की भूमिका निभा सकते हैं, जो मेहमान के तौर पर फिल्म में नजर आने वाले हैं। कुछ समय पहले मंचु इस फिल्म की शूटिंग के दौरान घायल हो गए थे।

BJP नेता के घर में घुसे, परिवार के सामने हथौड़े से सिर पर वार कर मार डाला: केरल की कोर्ट ने असलम, ज़ाकिर समेत 15 इस्लामी कट्टरपंथियों को पाया दोषी

केरल की एक स्थानीय अदालत ने दिसम्बर 2021 में एक बड़े भाजपा नेता की हत्या के मामले में 15 आरोपितों को दोषी ठहराया है। प्रतिबंधित इस्लामी संगठन PFI से जुड़े इन दोषियों को भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव रंजीत श्रीनिवास की हत्या के मामले में 22 जनवरी 2024 दिन सोमवार को सजा सुनाई जाएगी।

रंजीत श्रीनिवास को 19 दिसम्बर 2021 को उनके घर में घुसकर परिजनों के सामने कर दी गई थी। इस मामले में केरल के अलप्पुझा जिले की मवेलीकारा कोर्ट ने नईसम, मोहम्मद असलम, अनूप, अजमल, अब्दुल कलाम उर्फ़ सलाम, अब्दुल कलाम, सफरुद्दीन, मनषद, जसीब राजा, नवास, समीर, नज़ीर, जाकिर हुसैन, शाजी और शेरनस अशरफ को हत्या का दोषी पाया है।

ये सभी अलप्पुझा के ही रहने वाले हैं और प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन PFI और इसकी राजनीतिक शाखा SDPI से जुड़े हुए हैं। इन दोषियों में शुरुआती 8 को रंजीत की हत्या में सीधे तौर पर दोषी माना गया है। इन पर कोर्ट ने धारा 302 समेत चार और धाराएँ लगाई हैं।

दोषी नम्बर 9 से 12 को लेकर यह तथ्य सामने आया है कि बाकी जब 8 आरोपित रंजीत की हत्या कर रहे थे, तब ये दोषी उनके घर के बाहर खतरनाक हथियारों के साथ पहरा दे रहे थे। इसके अलावा 13वें, 14वें और 15वें दोषी को इस हत्या की साजिश रचने और हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया है।

कोर्ट के सामने इस मामले में पुलिस ने आरोपित अनूप के फ़ोन से बरामद एक हिटलिस्ट रखी थी। इस केस में यह बहुत बड़ा सबूत बना। इस हिटलिस्ट में रंजीत श्रीनिवास समेत 150 से अधिक लोगों के नाम थे। इनमें भाजपा और हिंदू संगठनों के कई नेताओं के नाम भी शामिल थे। कोर्ट के इस फैसले पर भाजपा ने खुशी जताई है।

रंजीत को हथौड़े से मारा, पैर अलग कर दिए, चेहरा बिगाड़ा कर की हत्या

भाजपा नेता के भाई अभिजीत ने बताया था, “भाई को कोच्चि में ओबीसी मोर्चा की समिति की पहली बैठक में शामिल होना था। हमारे परिवार के लिए यह दिन पवित्र था। दोनों भाई रविवार सुबह बेटी भाग्या को ट्यूशन छोड़कर घर लौटे, तब तक सब ठीक था। रंजीत के पास कोई वजह नहीं थी कि वो तंग हों। मगर SDPI नेता शान की कथित हत्या के बाद गैंग ने बदला लेने के लिए नेता की तलाश शुरू की।” 

अभिजीत ने बताया था कि उनके भाई के सिर में हथौड़े से वार हुआ और बीवी, माँ और छोटी बेटी के सामने उनका चेहरा कूच दिया गया। छोटी बेटी जब भागकर बचाने आगे आई तो गैंग ने उसके सामने तलवार निकाल ली। माँ को जमीन में गिराकर उन्हें कुर्सी से दबा दिया गया। न्होंने बताया कि गुंडों ने उनके भाई रंजीत के पहले पैर काट दिए, ताकि वो भाग न सकें। इसके बाद उनकी बाइक तोड़ी गई। उनसे उनकी धोती ले ली गई।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के कुछ देर पहले ही रंजीत की 71 वर्षीय माँ विनोदिनी अपने बेटे के लिए पूजा करके मंदिर से घर लौटी थीं। विनोदिनी ने बताया था, “घर की सीढ़ियाँ चढ़ते समय मुझे कुछ आवाज सुनाई दी। मुझे लगा कि कोई जबरदस्ती घर का दरवाजा खोलकर अंदर आ रहा है। उनके पास तलवारें थीं, हथौड़े थे। उन्होंने धक्का देकर दरवाजा खोला और घर में रखे टेबल का शीशा हथौड़े से तोड़ दिया। रंजीत आवाज सुनकर जैसे ही बाहर आया। उन्होंने उसके सिर पर हथौड़ा मार दिया।”

रंजीत की माँ के ऊपर भी हमला हुआ। उन्होंने बताया, “उपद्रवियों ने उसकी धोती उतारकर उसे मारा और जब मैं उनके पास रोते-रोते गई तो उन्होंने मुझे भी धक्का देकर नीचे गिरा दिया। उसकी बीवी लीशा आई तो उसे भी नीचे गिरा दिया। जब हृदया (रंजीत की छोटी बेटी) रोते आई तो उन लोगों ने तलवार निकाल ली। उन लोगों ने मेरी गर्दन पर भी तलवार रखकर मुझे डराया। इतनी सी देर में इन लोगों ने मेरे बेटे को बहुत बर्बरता से मार दिया।”

दरअसल, केरल में भाजपा नेता की हत्या से पूर्व अलाप्पुझा जिले में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश सचिव केएस शान की मृत्यु हो गई थी। बताया गया था कि 18 दिसंबर 2021 की शाम सात बजे के करीब शान बाइक से अपने घर जा रहा था, तभी मन्नानचेरी के पास एक तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी थी। इससे शान गंभीर रूप से घायल हो गया था और बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

‘ये इसका सबूत है कि लोग क्या कर सकते हैं’: न्यूजीलैंड के मंत्रियों ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर PM मोदी को दी बधाई, कहा – दुनिया भर में उनका सम्मान

अयोध्या में 22 जनवरी को होने जा रहे राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी उत्साह है। न्यूजीलैंड के मंत्री भी खासे उत्साहित हैं उन्होंने पीएम मोदी को बधाई देने के साथ ही उनकी तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राम मंदिर हकीकत बन पाया है।

न्यूजीलैंड के रेग्यूलेशन मंत्री डेविड सिमॉर राम मंदिर समारोह को लेकर खासे उत्साहित हैं। उन्होंने पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा, “पूरे भारत को जय श्री राम! इस शानदार स्मारक के उत्सव की खासकर पीएम मोदी सहित भारत के सभी लोगों को बधाई। पीएम के नेतृत्व में 500 वर्षों के बाद इस राम मंदिर निर्माण को संभव हो पाया है और ये हजारों साल तक रहेगा। ये इस बात का सुबूत है कि वास्तव में लोग क्या कर सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं पीएम मोदी के साहस, ज्ञान और हिम्मत की सराहना करता हूँ, क्योंकि वो आज भारत के एक अरब से अधिक लोगों को दुनिया की चुनौतियों से निपटने में मदद करते हैं। मुझे उम्मीद है कि उनकी ये ताकत और विश्वास बना रहेगा। मेरी राम मंदिर आने की इच्छा हैं। मैं बेहद खुश हूँ कि मुझे भारत के इस महान उत्सव पर बात करने का मौका मिला।”

वहीं राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर न्यूजीलैंड की एथनिक कम्यूनिटीज मंत्री मेलिसा ली का कहना है, “मैं दुनिया भर के भारतीय प्रवासियों को अयोध्या में राम मंदिर समारोह के लिए शुभकामनाएँ देती हूँ, खासकर न्यूजीलैंड के भारतीयों को। 500 साल बाद बनने वाले राम मंदिर के लिए पीएम मोदी सहित में पूरे भारत को इस अद्भुत मंदिर के लिए बधाई देती हूँ।”

ली ने आगे कहा, “मैं यकीन करती हूँ कि मोदी जी इस मंदिर के निर्माण के हिमायती रहे हैं और मैं सोचती हूँ कि ये समारोह मोदी जी के काम और मंदिर को पुनर्जीवित करने की उनकी वकालत का नतीजा है। यही वजह है कि उन्हें कई बार प्रधानमंत्री के रूप में चुना गया है। यह भारत को आगे ले जाने और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने की उनकी इच्छा को दर्शाता है। पीएम मोदी का दुनिया भर में सम्मान किया जाता है और वह भारत के लोगों के लिए बहुत अच्छा काम करते हैं।”

बताते चलें कि जैसे-जैसे जैसे-जैसे अयोध्या में राम मंदिर का भव्य ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह नजदीक आ रहा है। भारत से दूर विदेशों में बसे भारतीय में उत्साह हिलोरें मार रहा है। दुनिया भर में भारतवासी इस उत्सव को अपने-अपने तरीके जश्न से मना रहे हैं।

सिडनी में भारतीय प्रवासियों शनिवार (20 जनवरी, 2024) को एक कार रैली आयोजित कर राम मंदिर समारोह का जश्न मनाया। वहीं 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में रामजन्मभूमि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क के मशहूर टाइम्स स्क्वायर पर लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा।

इससे पहले अमेरिका न्यू जर्सी में राम मंदिर समारोह से पहले भारतीयों ने कार रैली का आयोजन किया। रैली में भारतीय 350 से अधिक कारों सहित भारतीय ‘राम सिया राम जय राम’ गाते हुए सड़कों पर निकले।

क्रिकेट की पिच पर ‘जय श्री राम’: भारत के भरत ने सेंचुरी ठोक टाली हार, धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाकर रामलला को समर्पित किया शतक

भारतीय क्रिकेट टीम में नियमित जगह बनाने की कोशिश कर रहे विकेटकीपर बल्लेबाज केएस भरत ने प्रत्यंचा (धनुष पर बाण चढ़ाना) चढ़ा कर अपना शतक भगवान राम को समर्पित किया। उन्होंने इंडिया ए के लिए खेलते हुए इंग्लैंड लॉयंस के खिलाफ शानदार शतक लगाया और एक समय मैच से बाहर जा रही इंडिया ए टीम को मैच जीतने की स्थिति तक पहुँचा दिया था। हालाँकि इंडिया ए और इंग्लैंड लायंस टीम के बीच हुआ मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ।

इस अनऑफिसियल टेस्ट मैच में भारत ए के सामने चौथी पारी में जीत के लिए 490 रनों का लक्ष्य रखा गया था। भारतीय टीम ने 219 रनों पर ही 5 विकेट गँवा दिए थे, और एक समय इंडिया ए को हार दिख रही थी, लेकिन श्रीकर भरत ने 165 गेंदों पर 116 रनों की विस्फोटक पारी खेल डाली। जिस समय मैच को समाप्त घोषित किया गया, उस समय इंडिया ए ने 125 ओवरों में 5 विकेट गँवा कर 426 रन बना लिए थे और लक्ष्य से महज 64 रन दूर थे।

अपनी 116 रनों की पारी के दौरान श्रीकर भरत ने जब शतकीय आँकड़ा छुआ, तो कुछ ऐसा किया कि पूरा भारत अब उन्हीं की चर्चा कर रहा है। उन्होंने शतक बनाने के बाद धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने जैसा सेलिब्रेशन किया और अपने शतक को भगवान राम को समर्पित किया। अब उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

गौरतलब है कि इंग्लैंड की टीम भारत का दौरा कर रही है। इस दौरे पर 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। इस दौरे की तैयारियों के लिए दोनों टीमों ने जूनियर टीमों का मैच भी रखा है। इसे अनाधिकारिक टेस्ट मैच कहा जाता है, जिसमें खिलाड़ी मुख्य टीम में दावेदारी के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। इस तरह से भारत ए और इंग्लैंड लायंस के बीच ये मुकाबला खेला गया। जिसमें इंग्लैंड लायंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 553 रन बनाकर पारी घोषित की थी। इंडिया ए इसके जवाब में महज 227 रनों पर सिमट गई थी। हालाँकि, लायंस ने इंडिया ए को फॉलोऑन न देते हुए दूसरी पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 163 रनों पर पारी घोषित कर दी थी औऱ इंडिया ए के सामने 490 रनों का लक्ष्य रखा था।

इंडिया ए ने दूसरी पारी में बेहद खराब शुरुआत की। टीम का पहला विकेट कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के तौर पर पहले ही ओवर में गिर गया, वो खाता भी नहीं खोल सके। इंडिया ने महज 6 रनों के स्कोर पर रजत पाटीदार (4 रन) का भी विकेट गँवा दिया। कुल 93 रनों के स्कोर पर सरफराज खान (55) भी आउट हो गए, तो 158 रनों के कुल स्कोर पर प्रदोश रंजन पॉल (43) के रूप में चौथा विकेट गिर गया। साई सुदर्शन (97) पाँचवें विकेट के तौर पर आउट हुए। इसके बाद मैदान पर उतने के एस भरत ने 165 गेंदों पर 116 रनों की आक्रामक पारी खेली। वहीं, मानव सुथार 254 गेंदों पर 89 रन बनाकर मैदान पर आखिर तक डटे रहे। मानव सुथार की वजह से ही ये मैच बच सका, जिसमें के एस भरत ने एक समय इंडिया ए को जीत की राह तक दिखा दी थी।

तमिलनाडु में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के लाइव टेलीकास्ट पर बैन! BJP बोली – मंदिरों को धमकी, पूजा और विशेष प्रसाद पर भी प्रतिबंध

तमिलनाडु में 22 जनवरी को होने वाले अयोध्या राम मंदिर कार्यक्रमों के लाइव टेलीकास्ट पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (21 जनवरी, 2024) को इसे लेकर ट्वीट कर डीएमके सरकार पर हमला बोला है। हालाँकि, इसे लेकर अभी सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर सीतारमण ने कहा, “TN सरकार ने 22 जनवरी को अयोध्या राम मंदिर के कार्यक्रमों के लाइव प्रसारण को देखने पर प्रतिबंध लगा दिया है। TN में श्री राम के 200 से अधिक मंदिर हैं। HR&CE प्रबंधित मंदिरों में श्री राम के नाम पर किसी भी पूजा/भजन/प्रसादम/अन्नदानम की अनुमति नहीं है। पुलिस निजी तौर पर संचालित मंदिरों को भी कार्यक्रम आयोजित करने से रोक रही है। वे आयोजकों को धमकी दे रहे हैं कि वे पंडाल तोड़ देंगे। इस हिंदू विरोधी, घृणित कार्रवाई की कड़ी निंदा करती हूँ।”

सीतारमण ने अपने एक्स थ्रेड में आगे लिखा कि लोगों को भजन आयोजित करने, गरीबों को खाना खिलाने, मिठाइयाँ बाँटने और जश्न मनाने से रोका और धमकाया जा रहा है, जबकि वे केवल अयोध्या में राम मंदिर अभिषेक समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी को देखना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “तमिलनाडु सरकार अनौपचारिक लाइव टेलीकास्ट प्रतिबंध को उचित ठहराने के लिए कानून व्यवस्था के बिगड़ने का दावा कर रही है। यह एक झूठी और फर्जी कहानी है! अयोध्या फैसले के दिन कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं थी। देश-भर यह समस्या उस दिन भी नहीं थी जब माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने राम मंदिर का शिलान्यास किया था। तमिलनाडु में प्रभु श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा उत्सव मनाने के लिए लोगों में उमड़े स्वैच्छिक भागीदारी और भावना ने हिंदू विरोधी DMK सरकार को बेहद परेशान कर दिया है!”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि केबल टीवी ऑपरेटरों को बताया गया है कि लाइव टेलीकास्ट के दौरान बिजली कटौती की संभावना है। वित्त मंत्री सीतारमण ने इसे I.N.D.I. गठबंधन के प्रमुख सहयोगी DMK का हिंदू विरोधी कदम बताया है।

वहीं तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई ने एक ट्वीट में कहा, “ऐसा लगता है कि धर्मनिरपेक्ष सरकार चलाने के नाम पर हिंदू विरोधी गतिविधियों में लगी डीएमके सरकार ने तमिलनाडु के मंदिरों में विशेष पूजा और भोजन प्रसाद पर प्रतिबंध लगा दिया है।”

उन्होंने इशारा किया, “द्रमुक सरकार को मंदिर प्रथाओं में हस्तक्षेप करने का क्या अधिकार है? इसके अलावा पुलिस को कहा गया है कि श्री राम की मूर्ति की स्थापना के मद्देनजर तमिलनाडु में मंदिर प्रशासन या जनता की ओर से कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं करने देना चाहिए और जनता के देखने के लिए बड़ी स्क्रीन के माध्यम से सीधा प्रसारण नहीं करना चाहिए।”

दरअसल रविवार सुबह ही पीएम मोदी धनुषकोडि के नजदीक अरिचल मुनई प्वाइंट गए हैं। कहा जाता है कि यहीं से राम सेतु का निर्माण हुआ था। इसके बाद वे श्री कोठंडारामा स्वामी मंदिर में पूजा और दर्शन किया। धनुषकोडी के कोठंडारामा नाम का मतल धनुषधारी राम है।

ऐसा कहा जाता है कि यहीं पर पहली बार विभीषण ने श्री राम से मिले उनसे शरण माँगी थी। कुछ किंवदंतियाँ हैं वहीं जगह जहाँ श्री राम ने विभीषण का राज्याभिषेक किया था।

बताते चलें कि तमिलनाडु में हिंदूओं और सनातन धर्म को लेकर इस तरह की घृणित राजनीति पहली बार नहीं हुई है। खुद तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के बेटे और मंत्री एमके उदयनिधि और सरकार के मंत्री सनातन के खिलाफ अभद्र बयानबाजी कर चुके हैं। सनातन को मिटाने का आह्वान कर चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ एचआर एंड सीई ने स्पष्टीकरण जारी किया है कि यह गलत सूचना फैलाई गई है कि धर्मार्थ विभाग ने तमिलनाडु के मंदिरों में कल राम के नाम पर पूजा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

अयोध्या के पौराणिक मणि पर्वत की तीन तरफ बना दी गई दरगाह, गणेश कुंड के पास नई मजार बनाने की तैयारी: ईरान और बगदाद के नाम पर हैं कब्रें

अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को रामजन्मभूमि पर मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। देश और दुनिया के विशिष्ट लोग इस अवसर पर अयोध्या पहुँच रहे हैं। ये सभी लोग अन्य दर्शनार्थियों के साथ कड़ी सुरक्षा में अयोध्या में मौजूद विभिन्न स्थलों का दर्शन करेंगे। इन्हीं दर्शनीय स्थलों में से एक है मणिपर्वत, जो कि मुख्य अयोध्या तीर्थ के विद्याकुंड से सटा हुआ है।

भगवान राम से जुड़े और पौराणिक रूप से अति महत्वपूर्ण इस स्थान के 3 तरफ दरगाहें बना दी गई हैं। इन दरगाहों पर रंग-रोशन एकदम नया दिखाई देता है। इसके अलावा, एक नई दरगाह भी बनाने की तैयारी चल रही है। आसपास तमाम पक्की कब्रों को भी देखा जा सकता है, जिसके नीचे पुराने समय के निर्माण मौजूद हैं।

क्या है मणिपर्वत का इतिहास

ऑपइंडिया की टीम ने मणिपर्वत का दौरा किया। यह पवित्र स्थल भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग (ASI) द्वारा संरक्षित है। मंदिर ऊँचाई पर बना हुआ है और वहाँ जाने के लिए कई सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। यहाँ के पुजारी ने हमें बताया कि इसी स्थान पर कभी भगवान राम और माँ सीता एक साथ झूला झूलते थे। साथ ही माँ सीता के विवाह के बाद उनके पिता जनक ने उपहार में इतनी मणियाँ भेंट की थीं कि उससे एक पहाड़ खड़ा हो गया था। कालांतर में बाहरी लुटेरों के आक्रमण में इस जगह को विकृत करने का प्रयास किया गया।

मणिपर्वत अयोध्या

आज भी अयोध्या और आसपास के गाँवों में मणिपर्वत से जुड़े लोकगीत महिलाओं द्वारा गए जाते हैं। इन्हीं में से एक लोकगीत के बोल हैं, “झलुआ पड़ा मणि पर्वत पय। हम सखि झूलय जाबय ना।” अर्थात ‘मणिपर्वत पर झूला पड़ा है और मैं अपनी सहेलियों के साथ वहाँ झूलने जाऊँगी।’ पहले के समय में इन गीतों को टेपरिकॉर्डर से घर-घर में बजाया जाता था। इन प्राचीन लोकगीतों को आज भी यूट्यूब पर सुना जा सकता है। मणिपर्वत पर आज भी हर सावन को मेला लगता है जहाँ देश भर के श्रद्धालु आते हैं।

मणिपर्वत के दक्षिण में हजरत शीष अलहै सलाम की दरगाह

मणिपर्वत के दक्षिण में हजरत शीष की दरगाह है। मणिपर्वत से इस दरगाह की दूरी 100 मीटर से भी कम है। कहना गलत नहीं होगा कि मणिपर्वत की बाउंड्री से ये दरगाह लगभग सटी हुई है। बाकायदा मुख्य सड़क पर इसका बोर्ड भी लगाया गया है। बोर्ड में हलाल अहमद और मौलाना मोहम्मद आसिफ फिरदौसी का नाम और मोबाइल नंबर लिखा हुआ है।

दरगाह के बाहर हमें गुजरात के रजिस्ट्रेशन नंबर की एक मारुति अर्टिगा गाडी खड़ी मिली। सफ़ेद रंग की इस दरगाह को चारों तरफ से पक्की दीवालों से घेर दिया गया है। दरगाह के आसपास हिस्सों की साफ-सफाई भी लगातार जारी है। साफ किए जा रहे इन हिस्सों से दरगाह का आकार बढ़ता जा रहा है।

दरगाह हजरत शीष

बाउंड्री में आधे दर्जन से अधिक मजार

जब ऑपइंडिया की टीम इस दरगाह के अंदर गई तो वहाँ मुस्लिम समुदाय के लगभग 5 लोग मौजूद थे। कम-से-कम 5 अलग-अलग हिस्सों में बाँटी गई इस दरगाह में 6 से अधिक कब्रें हैं। इन कब्रों में कुछ तो सामान्य इंसानों की साइज की हैं, जबकि एक की लम्बाई 10 फुट के करीब है।

इन कब्रों के नाम हजरत बाबा जलील नक्शबंदी, नजीरुद्दीन कादरी बगदादी मजार, ईरान की शहजादी हजरात बीवी सैयदा जाहिदा, मजार हजरत शीष, हजरत शीष की बेगम और उनके बच्चे आदि रखे गए हैं। ईरान की शहजादी सैयदा जाहिदा के बारे में हमें मजार पर बताया गया कि वो जियारत करने आईं थीं और वहीं बस गईं।

एक ही दरगाह के अंदर कई कब्रें

जिस दिन कायनात बनी उस दिन से दरगाह का दावा

यहाँ के खादिम ने दावा किया कि दरगाह जब से दुनिया बनी तब से है। हजरत शीष को उन्होंने संसार के पहले इंसान और अपने पैगंबर हजरत आदम का तीसरा बेटा बताया। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हजरत शीष की लम्बाई 70 गज थी। इस लम्बाई को उन्होंने मणिपर्वत तक फैला बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि तारीखों के हिसाब से हजरत शीष की कब्र मणि पर्वत तक होनी चाहिए। खादिम का यह भी कहना है कि देश और विदेश तक लोग उस दरगाह पर आते हैं। इन लोगों में खादिम ने स्थानीय नेताओं के भी शामिल होने का दावा किया। हर साल यहाँ उर्स भी होता है। इस दरगाह के रख-रखाव के लिए यहाँ के खादिम को चंदा मिलता है।

दरगाह के खादिम और उनके सहयोगी

पूर्वी कोने पर कोतवाल बाबा की दरगाह

ऑपइंडिया ने मणिपर्वत के पूर्वी हिस्से की पड़ताल की तो वहाँ एक और दरगाह मिली। यह दरगाह एक पेड़ को घेर कर बनाई गई है। बाकायदा ऊँचा सा चबूतरा बनाकर उस पर एक पक्की मजार खड़ी कर दी गई है। इसे हरे रंग से रंगा गया है। इस पर नई चादर आदि भी चढ़ाई गई है। इसे कोतवाल बाबा की दरगाह नाम दिया गया है। मजार पर नल भी लगाया गया है।

इसी मजार के पास एक नई मजार खड़ी की गई है, जिसका नाम सैयद शाह बाबा रखा गया है। इन दोनों दरगाहों की देखभाल एक मुस्लिम महिला करती है। महिला ने बताया कि दोनों दरगाह उसके शौहर ने अपने जीवित रहते बनवाई थी। फ़िलहाल महिला अब सरकार से विधवा पेंशन ले रही है।

पेड़ को घेरकर बनी कोतवाल बाबा की दरगाह

कोतवाल बाबा के बारे में पता चला कि वो कोई पूर्व पुलिस अधिकारी था, जो किसी जमाने में अयोध्या कोतवाली में तैनात था। जो महिला इन दोनों दरगाहों की देखभाल करती है, उसका घर वहाँ से लगभग 3 किलोमीटर दूर है। यहाँ भी हर साल उर्स होता है, जिसमें काफी चंदा जमा हो जाता है। इस दरगाह पर भी नेपाल तक के लोगों के आने का दावा किया जाता है। इस दरगाह के बगल भी मौजूद जंगलों की साफ-सफाई यहाँ के संरक्षकों द्वारा जारी है।

कोतवाल बाबा दरगाह के पास सैयद शाह मजार

उत्तरी कोने पर शमशुद्दीन शाह बाबा की दरगाह

मणिपर्वत के उत्तरी कोने पर एक और दरगाह बनी हुई है। इसका नाम हजरत अली सैयद शमशुद्दीन शाह बाबा है। यह दरगाह भी एक पेड़ को घेरकर बनाई गई है। मणिपर्वत से उतरने वाली सीढ़ियाँ जहाँ खत्म होती हैं, वहीं ये दरगाह बनाई गई है। इसे हरे रंग से पेंट किया गया है। सीमेंट के ऊँचे चबूतरे पर चढ़ने के लिए बाकायदा सीढ़ियाँ बनाई गईं हैं।

दरगाह के ऊपर मौजूद कब्र को हरे रंग की चादर से ढँका गया है। इसका रख-रखाव और मेंटिनेंस भी अनवरत जारी है। दरगाह हजरत अली सैयद शमशुद्दीन शाह बाबा से सटी हुई खुले मैदान में एक और दरगाह बनाई गई है। इसके नाम का बोर्ड आदि नहीं दिखा। इन दोनों दरगाहों पर कोई खादिम भी हमें मौजूद नहीं मिला।

उत्तर दिशा में शमशुद्दीन शाह दरगाह

सैकड़ों की तादाद में पक्की कब्रें

उपरोक्त तीनों दरगाह- शीष, शमशुद्दीन और कोतवाल बाबा के बीच में सैकड़ों कब्रें मौजूद हैं। इन कब्रों पर ऊपर हाल ही में पक्का निर्माण किया गया है। नीचे प्राचीन काल की ईंटें दिखाई देती हैं। पक्की कब्रों पर अरबी भाषा में कुछ लिखा गया है। नव निर्माणों को हरे रंग से कलर किया जा रहा है।

हरजत शीष दरगाह के खादिम का कहना है कि वो जगह पहले से ही कब्रिस्तान है। उसका कहना है कि आज भी वहाँ आसपास के मुस्लिमों को दफनाया जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो मणि पर्वत के पश्चिमी और दक्षिणी कोने के हिस्सों में सामूहिक कब्रों का अम्बार लगा है।

पुराने निर्माण के ऊपर बनी नई कब्रें और रंग-रोशन

गणेश कुंड पर नई दरगाह भी बनाने की तैयारी

जिस अयोध्या तीर्थ के नवनिर्माण में वर्तमान सरकार दिन-रात एक किए हुए है, वहाँ अंदर ही अंदर नई दरगाहों को भी बनाने की तैयारी चल रही है। जब ऑपइंडिया की टीम दरगाह कोतवाल बाबा पर मौजूद थी तो उसके पास हमें गणेश कुंड दिखा। गणेश कुंड का हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन विभाग द्वारा सौंदर्यीकरण करवाया गया है।

हमने गणेश कुंड के पास एक जगह मिट्टी का उभार देखा। मिट्टी का ये उभार एक कब्र के आकार का था। जब हम इस जगह को देख रहे थे, उसी समय कोतवाल शाह दरगाह की देखरेख करने वाली महिला हमारे पास पहुँच गई। उसने हमें मिट्टी से दूर रहने के लिए कहा।

गणेश कुंड (पीछे) के पास नई दरगाह बनाने की तैयारी

महिला ने बताया कि वो उस जगह पर नई दरगाह बनाना चाहती है, जिसके लिए पैसे जुटाए जा रहे हैं। दरगाह का नाम पहले से ही सोचकर रहमतुल्लाह रखा गया है। महिला ने यह भी दावा किया कि रहमतुल्लाह की दरगाह बनाने का सपना उसके मरहूम (मृत) शौहर का है, जिसे वो पूरा करना चाहती है।

दरगाह की केयर टेकर मुस्लिम महिला

दरगाहों से सटा हुआ सुरक्षाबलों का कैम्प

ऑपइंडिया की टीम ने मणिपर्वत के साथ आसपास के इलाकों को भी खंगाला। कोतवाल शाह की देखरेख करने वाली महिला ने दावा किया कि झाड़ियों के अंदर अभी और भी कई मजार मौजूद हैं। इन मजारों के पास गणेश और विद्याकुंड जैसे पवित्र और पौराणिक धर्मस्थल भी मौजूद हैं, जिनका संबंध सीधे भगवान राम से है। ये सभी अयोध्या मुख्य तीर्थ क्षेत्र अथवा धर्मनगरी इलाके में आते हैं।

इन मजारों से एकदम सटकर उत्तर प्रदेश पुलिस की PAC विंग का बड़ा-सा कैम्प है। इस कैम्प में जवानों के आवास, वाहनों की पार्किंग के साथ-साथ उनके हथियारों को भी रखा जाता है। कहना गलत नहीं होगा कि 3 तरफ मजारों से घिरा यह क्षेत्र न सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी काफी संवेदनशील है।

दशरथ समाधि और मणिपर्वत वाली दरगाह का एक ही खादिम

ऑपइंडिया ने 2 जनवरी 2024 की अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में अयोध्या शहर से 14 किलोमीटर दूर स्थित महाराजा दशरथ की समाधि के पास एक दरगाह होने का खुलासा किया था। तब ऑपइंडिया ने बताया था कि उस दरगाह को पौराणिक क्षेत्र बिल्वहरि शरीफ से जोड़कर बेलहरी शरीफ कहा जाने लगा है।

मणिपर्वत के पास मौजूद बड़ी दरगाह हजरत शीष की पड़ताल में एक नई जानकारी निकल कर सामने आई है। इस दरगाह के खादिम के परिवार द्वारा ही दशरथ समाधि के बगल वाले दरगाह को संचालित किया जाता है। दूसरे शब्दों में एक ही मुस्लिम परिवार द्वारा अयोध्या के 2 अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर बनी दरगाहों को चलाया जा रहा है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो गुर्गे गिरफ्तार: पंजाब में एनकाउंटर में हुए घायल, बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए कर रहे थे रेकी

लॉरेस बिश्नोई गैंग के दो गुर्गे जालंधर में पकड़े गए हैं। एनकाउंटर के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी कर रहे थे। एनकाउंटर में घायल हुए दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया है, जहाँ दोनों का इलाज किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों बदमाश कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेंबर हैं। ये बदमाश हत्या, सुपारी किलिंग और ड्रग तस्करी की कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। पकड़े गए बदमाशों मेम पहला नितिन जालंधर का रहने वाला है और दूसरा अश्वनी गांव बुलोवाल का रहने वाला है। ये दोनों बदमाश दो वारदातों को अंजाम देने के लिए अपनी योजना के मुताबिक 2 लोगों की रेकी कर रहे थे और पुलिस ने इसकी जानकारी प्राप्त होने के बाद से अपना जाल बिछा रखा था।

जानकारी के मुताबिक, जालंधर में नाखा वाले बाग नजदीक वडाला चौक पर दो गैंगस्टर और सीआईए स्टाफ के बीच गोलियाँ चली हैं। इस दौरान दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। काबू किए गए आरोपी हत्या, सुपारी किलिंग और ड्रग तस्करी के मामलों में शामिल थे। वहीं इस मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी की बाल-बाल जान बच गई। बताया जा रहा है कि गोली उनकी पगड़ी में फँस गई, जिसके चलते वह बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई।

पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि ये दोनों अमेरिका में बैठे जसमीत उर्फ लकी के साथ लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में थे। लकी ने ही इन दोनों बदमाशों को जालंधर में किसी व्यक्ति की रेकी करने के लिए भेजा था। बताया जा रहा है कि देर रात से सीआईए स्टाफ की टीम इन आरोपियों की तलाश कर रही थी। आरोपियों से पिस्टल और कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है।

रिलायंस, अडानी, डाबर, Uber, ITC… भगवान राम के स्वागत के लिए तैयार प्राइवेट कंपनियाँ: कहीं जलेबी तो कहीं दिव्य भोग का वितरण, श्रद्धालुओं के लिए पानी का प्याऊ

सोमवार (22 जनवरी, 2024) को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियाँ लगभग अंतिम चरण में हैं। देश भर से लोग यहाँ शामिल होने पहुँचने लगे हैं। रामलला के अयोध्या आगमन को जहाँ सरकारी समर्थन मिला है तो वहीं निजी क्षेत्र भी पीछे नहीं है। निजी कंपनियाँ भी अपने अपने तरीके से अयोध्या में रामलला के स्वागत की तैयारी कर रही हैं।

अयोध्या में रामलला के नए मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए ITC समूह की कम्पनी मंगलदीप ने अगले 6 माह के लिए धूप और अगरबत्ती दी है। इससे भगवान की पूजा अर्चना निर्बाध होती रहे। अडानी समूह ने भी अपनी तैयारी की है। अडानी समूह की कम्पनी विलमार यहाँ लोगों को 25,000 जलेबियाँ बाँटेगी। इसके पीछे कम्पनी ने कहा है कि प्रभु श्रीराम की प्रिय मिठाई जलेबी थी इसीलिए हम भी जलेबी बाँटेंगे। इसके अलावा कम्पनी एक दिन भव्य भोग का आयोजन करेगी। इसमें 5000 से अधिक लोगों को भोग बाँटा जाएगा।

वहीं भारत के बड़े कारोबारी समूह रिलायंस ने 22 जनवरी को देश के अपने सभी दफ्तरों में छुट्टी रखने का निर्णय लिया है। इसके मुंबई समेत तमाम दफ्तर बंद रहेंगे। रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अम्बानी स्वयं भी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में जाएँगे। रिलायंस यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को पानी भी पिलाएगी। इसके लिए एक प्याऊ लगाया गया है।

भारत के बड़े रोजाना उपयोग वाले उत्पाद निर्माता डाबर ने भी अयोध्या के लिए विशेष तैयारियाँ की हैं। यह अयोध्या के आसपास के इलाकों में अपनी आपूर्ति बढ़ा रही है। साथ ही कम्पनी ने अयोध्या में स्पेशल एक्सपीरियंस जोन बनाने का ऐलान भी किया है। भारत समेत विश्व में कैब सर्विस देने वाली कम्पनी उबर भी अयोध्या में अपनी विशेष सेवाएँ चालू कर चुकी है। इसने यहाँ इलेक्ट्रिक ऑटो के साथ शुरुआत की है। कम्पनी का कहना है कि यह समय के साथ अपनी सुविधाएँ बढ़ाती जाएगी।

विमानन सेवा कम्पनियों ने भी देश भर से श्रद्धालुओं को अयोध्या लाने और ले जाने के लिए कमर कस ली है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने एअरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही यहाँ से सेवाएँ चालू कर दी थीं। अयोध्या को अब मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली, चेन्नई, अहमदबाद और दरभंगा से हवाई सेवाओं से जोड़ दिया है। इसके लिए इंडिगो, एअर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और स्पाइसजेट अपनी सुविधाएँ दे रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अयोध्या को और शहरों से भी जोड़ा जाएगा।

यं पालयसि धर्मं त्वं धृत्या च नियमेन च… माँ कौशल्या ने श्रीराम को दिया जो आशीर्वाद, तमिलनाडु में बुजुर्ग से PM मोदी को मिला वही आशीष: वायरल हुआ वीडियो

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाली राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले देश कई मंदिरों में पूजन अर्चन कर रहे हैं। वह 20 जनवरी को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के श्रीरंगम में श्रीरंगनाथस्वामी मंदिर पहुँचे। यहाँ जाते हुए रास्ते में उन्हें एक अनोखा आशीर्वाद दिया गया। उनका स्वागत एक श्लोक से हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा की झलकियों को दिखाती हुई वीडियो भी सामने आई। इस वीडियो में दिखता है कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए श्रीरंगम की जनता सड़कों पर उमड़ आई है और लोग उनका स्वागत फूल बरसा के कर रहे हैं। इसी वीडियो में दिखता है कि रास्ते उन्हें आशीर्वाद देते हुए एक तमिल पुजारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक श्लोक पढ़ते हैं।

तमिल पुजारी द्वारा पढ़ा गया यह श्लोक अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिन्होंने यह श्लोक पढ़ा उनके विषय में भी जानकारी सामने आई है। उन्होंने जो श्लोक पढ़ा, उसके विषय में भी लोगों ने जानकारी इकट्ठा करके इसका स्रोत और अर्थ बताया। एक यूजर ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए श्लोक पढ़ने वाले पुजारी वाढ्यार कृष्ण कुमार हैं। वह तमिल परिवारों के लिए पारम्परिक पूजा अर्चना सम्पन्न करवाते हैं।

उनके द्वारा पढ़ा गया श्लोक है, “यं पालयसि धर्मं त्वं धृत्या च नियमेन च। स वै राघवशार्दूल धर्मस्त्वामभिरक्षतु।।” यह वाल्मीकि रामायण के अयोध्याकाण्ड में 25वें सर्ग का तीसरा श्लोक है। यह श्लोक माता कोशल्या ने प्रभु राम के लिए कहा है। यह उन्होंने प्रभु श्रीराम के वनगमन के मौके पर कहा। इसका अर्थ है, “आप जो कर्तव्य साहस और आत्म अनुशासन के साथ निभा रहे हैं, हे रघु के वंशजों में से एक सिंह, आपकी वही रक्षा करेंगे।” प्रधानमंत्री मोदी के लिए पढ़े गए इस श्लोक को एक्स (पहले ट्विटर) पर खूब प्रशंसा मिली।

प्रधानमंत्री मोदी श्रीरंगनाथ मंदिर पहुँचने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। वह आज (21 जनवरी, 2024) को भी तमिलनाडु में हैं और रामेश्वरम पहुँचे हैं। यहाँ प्रधानमंत्री मोदी ने कोथान्द्रस्वामी मंदिर में पूजा अर्चना की। प्रधानमंत्री मोदी ने अरिचल मुनइ में भी पूजा की। यहीं से रामसेतु चालू होता है, इसे प्रभु राम ने सेना के साथ मिलकर लंका पहुँचने के लिए बनाया था।