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रामलला की हुई प्राण प्रतिष्ठा तो वामपंथी-कट्टरपंथी गिरोह के उखड़े प्राण पखेरू: कहने लगे – ये सेक्युलरिज्म की मौत: इस्लामी गिरोह कह रहा – फिर खड़ा होगा बाबरी

एक तरफ जहाँ सोमवार (22 जनवरी, 2024) को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर संपूर्ण हिन्दू समाज खुश नज़र आ रहा है, वहीं एक गिरोह के कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके दुःखों की कोई सीमा नहीं है। यहाँ तक कि सोशल मीडिया पर ‘बाबरी ज़िंदा है’ हैशटैग के साथ ट्रेंड भी चलाया गया। वहीं राना अय्यूब, अरफ़ा खानम, शेरवानी व आइशी घोष जैसों ने अपने देश को ही मृत करार दिया। इस गिरोह को 500 वर्षों के संघर्ष के बाद बने राम मंदिर से बड़ा ही दुःख है।

चंदा जमा कर के खा जाने का आरोप जिन पर लग चुका है, खुद को पत्रकार बताने वाली राना अय्यूब ने भी अपना ‘दर्द’ बयाँ किया। राना अय्यूब अक्सर विदेशी चैनलों पर बैठ कर भारत विरोधी बातें करती रहती हैं। राना अय्यूब ने लिखा, “ये दिन न सिर्फ सत्ताधारियों के क्रूर बहुसंख्यकवाद को प्रदर्शित करता है, बल्कि उनकी चुप्पी पर भी सवाल खड़े करेगा जो कभी संप्रदायिकता के खिलाफ लड़ते थे।” राना अय्यूब खुद इस्लामी कट्टरपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं।

इसी तरह ‘The Wire’ जैसे प्रोपेगंडा पोर्टल के लिए काम करने वाली अरफ़ा खानम शेरवानी ने भी सोशल मीडिया पर आकर प्रलाप किया। उन्होंने लिखा, “1992 में हुए सांप्रदायिक दंगों की एक पीड़ित के रूप में मेरे आसपास जो भी हो रहा है वो सब काफी परेशान करने वाला, अशांत कर देने वाला और हतोत्साहित करने वाला है। मेरी पीढ़ी को श्राप मिला है कि उन्होंने 6 दिसंबर, 1992 और 22 जनवरी, 2024 को अपने जीवनकाल में देखा।”

इसी तरह वामपंथी नेता आइशी घोष भी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के खिलाफ लिखती नज़र आईं। उन्होंने लिखा, “22 जनवरी, 2024 – एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र का पतन। इसे याद रखा जाएगा।” एक अन्य ट्वीट में उन्होंने अयोध्या पहुँचे सेलिब्रिटज पर तंज कसते हुए लिखा, “ये रीढ़विहीन लोग पैसे के लिए कुछ भी कर सकते हैं। उनके एजेंडे में फिट हो तो चाट भी सकते हैं। इसके राम के प्रति श्रद्धा से कोई लेना-देना नहीं है।” आइशी घोष JNU में हिंसा के लिए भी जानी जाती हैं।

इसी तरह, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ‘बाबरी ज़िंदा है’ ट्रेंड भी कराया गया। कोई 22 जनवरी, 2024 को ‘काला दिन’ बता रहा है, जबकि कोई लिख रहा है कि बाबरी मस्जिद उनके दिलों में ज़िंदा रहेगा। इस्लामी कट्टरपंथियों ने लिखा कि मस्जिद को मंदिर में तब्दील कर लोगे, लेकिन इस्लाम हमेशा रहेगा। इन लोगों ने लिखा कि हम न भूलेंगे, न माफ़ करेंगे। वहीं कुछ ने तो ‘इंशाअल्लाह’ लिखते हुए ये दावा भी कर डाला कि बाबरी मस्जिद को फिर से खड़ा किया जाएगा।

उधर अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब अयोध्या की गलियों में गोलियों को गड़गड़ाहट नहीं होगा, बल्कि दीपोत्सव होगा। उन्होंने कहा कि अब कोई अयोध्या की परिक्रमा में बाधा नहीं बन पाएगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर वहीं बना, जहां बनाने का संकल्प लिया, आज हम सबकी आत्मा इस बात से प्रफुल्लित हो रही है। उत्तर प्रदेश के CM ने कहा कि आज के इस पावन अवसर पर भारत का हर गाँव अयोध्या है, हर जिह्वा पर राम है, हमारे रामलला सिंहासन पर विराज रहे हैं।

‘काफिर नंबर-1’ : ऊर्फी जावेद ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर किया हवन-पाठ, इस्लामी कट्टरपंथियों ने दी गालियाँ

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उर्फी जावेद ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन हवन पूजा की एक वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। साथ ही लिखा- उत्सव मना रहे सभी लोगों को बधाई। वीडियो के बैकग्राउंड में भजन चल रहा है “मैं तो रूचि, रूचि भोग लगाऊँगी, माखन मिश्री मैं राम को खिलाऊँगी।”

इस वीडियो में दिख रहा है कि उर्फी स्लीवलेस सूट पहनकर अपने घर में हवन कर रही हैं। इस दौरान दो पंडित साथ हैं जो उनसे यज्ञ करवा रहे हैं।

वीडियो देखने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे। कोई उनको दयालु बता रहा है तो कोई उन्हें हर धर्म का सम्मान करने वाला कह रहा है। लेकिन कुछ लोगों को उनका ये पूजा पाठ करना पसंद भी नहीं आया।

एक सैफे नाम के यूजर ने कहा, “सभी मुस्लिम लोग इसे अनफॉलो करो।”

तस्वीर साभार: उर्फी जावेद का इंस्टा अकॉउंट

वहीं, कुछ ने तो उसे मुसलमान मानने से ही इनकार कर दिया। एक रिहान सब्बीर ने लिखा- “ए सा$% मुसलमानों की इज्जत दुबा रही है।”

फारूक अब्दुल्ला नाम के यूजर ने लिखा- “अस्तागफिरउल्लाह, लानत है तेरे जैसी लड़की पे तू जल्दी से गोबर खाने वाली बन जा सा&%।” एक यूजर ने तो उन्हें काफिर नंबर-1 भी कहा।

तस्वीर साभार: उर्फी जावेद का इंस्टा अकॉउंट

बता दें कि अपने अजीब और अनोखी पोशाकों के कारण उर्फी जावेद इंटरनेट पर मशहूर हैं। उन्हें ‘DIY एक्सपर्ट’ कहा जाता है। अक्सर वो अपने बोल्ड आउटफिट से पैपराजी का ध्यान खींचती रहती हैं।

इससे पहले उर्फी जावेद अपने पहनावे को लेकर बीबीसी वर्ल्ड से का था, “मैंने प्रसिद्धि हासिल कर ली है? हाँ। यश? हाँ। काम? नहीं, लोग मेरी इज्जत नहीं करते। लोग मेरे साथ काम नहीं करना चाहते।” उन्होंने ये भी कहा था, “मैं ध्यान आकर्षित करती हूँ। मैं ध्यान चाहती हूँ, इसलिए मैं वैसे ही कपड़े पहनती हूँ।”

वो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ और ‘कसौटी जिंदगी’ सहित कई टीवी शो में नजर आई चुकी हैं। वो बिग बॉस ओटीटी का हिस्सा बनने के बाद वो मशहूर हुई थीं। उर्फी जावेद आखिरी बार रियलिटी टीवी शो स्प्लिट्सविला के 14वें एडिशन में दिखाई दी थीं।

‘मैं संसार का सबसे सौभाग्यशाली’: जिनकी प्रतिमा की अयोध्या के मंदिर में हुई प्राण-प्रतिष्ठा वे हुए भाव विह्वल, बोले अरुण योगीराज- मुझ पर भगवान राम का आशीर्वाद

सदियों के इंतजार के बाद भगवान रामलला अयोध्या के भव्य राममंदिर में प्रतिष्ठित हो गए। प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य यजमान गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा का कार्य संपन्न करा चुके हैं। इससे पहले रामलला की मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकार अरुण योगीराज ने कहा कि वे अपने आप को दुनिया के सबसे सौभाग्यशाली व्यक्ति मान रहे हैं।

अरुण योगीराज ने कहा, “मुझे यह भावना आ रही है कि मैं विश्व का सबसे सौभाग्यशाली व्यक्ति हूँ। मेरे साथ हमेशा मेरे पुरखों, मेरे परिवार और भगवान रामलला का आशीर्वाद रहा है। मुझे लगता है कि मैं सपनों की दुनिया में हूँ। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा दिन है।” योगीराज ने ही इस मंदिर में स्थापित होने वाली रामलला की मूर्ति बनाई है।

अरुण योगीराज ने रामलला के पाँच वर्षीय क्षत्रिय राजकुमार वाले स्वरुप की श्यामल प्रतिमा बनाई है। यह प्रतिमा कुछ दिन पहले ही गर्भगृह में स्थापित की गई थी। उन्होंने यह मूर्ति कर्नाटक से लाए गए पत्थर से बनाई है। यह पत्थर मैसूर के एक दलित किसान रामदास के खेत से लाए गए थे। रामदास ने जहाँ से यह पत्थर निकला है, उस जमीन को राम मंदिर बनाने के लिए दे दी है।

अरुण योगीराज को प्रतिमा बनाने के दौरान मुश्किल का सामना करना पड़ा। मूर्ति बनाने के दौरान उनकी आँख में एक पत्थर का नुकीला टुकड़ा घुस गया था। इसके बाद उनकी सर्जरी हुई। कई दिनों तक उन्हें एंटीबायोटिक और पेनकिलर्स पर रखा गया। हालाँकि, रामलला की भव्य प्रतिमा गढ़ने से उन्हें कुछ भी नहीं रोक सका। उनकी पत्नी विजेता ने ‘न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ को ये जानकारी दी।

मैसूर के रहने वाले अरुण योगीराज साल 2008 में मैसूर यूनिवर्सिटी से MBA कर चुके हैं और कुछ समय तक निजी कंपनी में नौकरी भी की। हालाँकि, इस नौकरी को छोड़कर उन्होंने अपने पारिवारिक पेशे को चुना। मैसूर के गुज्जेगौदाना पुरा स्थित एक जगह से पत्थर लाया गया, जिससे रामलला की प्रतिमा गढ़ी गई है। ये दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन पत्थरों में से एक है।

उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम में जगद्गुरु शंकराचार्य की जिस प्रतिमा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनावरण किया था, उसे भी उन्होंने ही बनाया था। इतना ही नहीं, दिल्ली के इंडिया गेट पर पीएम मोदी ने ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जिस प्रतिमा का अनावरण किया था, उसे भी अरुण योगीराज ने ही गढ़ा था। प्रतिमा बनाने के दौरान योगीराज सात्विक आहार पर थे।

अयोध्या के भव्य राममंदिर में प्रतिष्ठित हुए रघुकुल दीपक, सनातनियों की 500 वर्षों की पूर्ण हुई तपस्या: PM मोदी ने की पूजा

अयोध्या में रामलला अपने जन्मस्थान पर हमेशा के लिए विराजमान हो गए। इसी के साथ सनातनियों की सदियों की तपस्या भी पूर्ण हो गई, जिसके लिए वो 500 वर्षों तक त्याग और बलिदान करते रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास व अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे।

मंत्रोच्चार एवं वैदिक कर्मकांड के साथ रामलला को प्राण प्रतिष्ठित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान मुख्य यजमान की भूमिका निभाई। वो चाँदी का मुकुट लेकर गर्भगृह में पहुँचे थे।

रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह (फोटो साभार : इंडिया टीवी)

राम मंदिर का निर्माण केवल एक भवन का निर्माण नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म के लिए महत्वपूर्ण आध्यात्मिक उपलब्धि है। यह मंदिर सनातन मूल्यों और सिद्धांतों का प्रतीक है। राम मंदिर हिंदू धर्म के भूत, वर्तमान और भविष्य का प्रतीक है। यह मंदिर सनातन परंपरा के अतीत की शानदार विरासत को संजोता है। यह मंदिर हिंदू धर्म के वर्तमान को मजबूत करता है।

यह मंदिर हिंदू धर्म के भविष्य के लिए एक नई आशा का संदेश देता है। राम मंदिर का निर्माण भारत के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है। यह घटना भारत की संस्कृति और सभ्यता की विरासत को दर्शाती है। यह घटना भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करती है। राम मंदिर भारत के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। यह मंदिर भारत में शांति, समृद्धि और भाईचारे का संदेश देता है।

टाइम्स स्कायर से लेकर एफिल टॉवर तक… राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा की धूम: विदेशों में गूँज रहा- एक ही नारा, एक ही नाम, जय श्रीराम

अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के विराजने की खुशी केवल देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है। अमेरिका में न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से एक दिन पहले ही रविवार (21 जनवरी, 2024) को लोग प्रभु राम के रंग में नजर आए।

न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वायर पर भगवान राम की तस्वीर देख भारतीय प्रवासी झूम उठे। परदेश में अपने देश की सांस्कृतिक विरासत और सनातन पर गर्व करते हुए श्री राम के भजन गाए और जयकारे लगाए।

यहाँ भारतीय लोग पारंपरिक भारतीय पोशाक पहने, हाथों में राम जी की तस्वीर वाले भगवा झंडे लिए, झूम-झूम के रामलला का गुणगान कर रहे थे। इसके साथ ही ढोल-नगाड़ों संग ‘एक ही नारा एक ही नाम, जय श्री राम’ जयकारा लगाता नजर आए।

इस संबंध में यूके में भारतीय दूतावास ने एक्स पर लिखा, “भारतीय प्रवासियों ने राम मंदिर, अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के शानदार उत्सव के साथ टाइम्स स्क्वायर को रौशन किया। पारंपरिक भारतीय पोशाक पहने हुए लोगों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करते हुए जीवंतता और एकता के साथ भजन और गीत गाए।”

अमेरिकी मेयर ने दी शुभकामनाएँ

वहीं अमेरिका में मैसाचुसेट्स के वॉर्सेस्टर शहर के मेयर जो पेटी ने भी राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के लिए हिंदू समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। वो इस मौके पर खुद भी मौजूद रहे।

मेयर पेटी ने भारत के 75वें गणतंत्र दिवस मनाने का ऐलान करने के साथ कहा, “वॉर्सेस्टर शहर के सभी निवासियों को इसमें (गणतंत्र दिवस) भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें और अयोध्या (भारत) में श्री राम मंदिर के शुभ उद्घाटन पर अमेरिकी हिंदू, सिख, जैन को हमारी हार्दिक बधाई दें।”

उन्होंने कहा, “हम 22 जनवरी को भारत के अयोध्या में श्री राम मंदिर के उद्घाटन के लिए अमेरिकी हिंदू, सिख, जैन और एशियाई-अमेरिकी प्रवासी समुदायों को हार्दिक बधाई देते हैं और दोनों ऐतिहासिक समारोहों को स्वीकार करने और मान्यता देने में हमारी मदद करने के लिए फाउंडेशन ऑफ इंडियन-अमेरिकियों (एफआईए) न्यू इंग्लैंड के आभारी हैं।”

ओवरसीज फ्रैंड्स ऑफ राम मंदिर के सदस्यों ने टाइम्स स्कॉवयर पर लड्डू भी बाँटें। अमेरिका के शहरों में बड़े पैमाने पर 22 जनवरी को कार रैली भी होने जा रही है। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर से लेकर अमेरिका में लगभग 300 जगहों पर अयोध्या में हो रही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण हो रहा है।

अमेरिका से लेकर ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में प्राण-प्रतिष्ठा की झूम

बताते चलें कि केवल अमेरिका ही नहीं दुनिया के अन्य मुल्कों में भी राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर खासा उत्साह देखा गया। यूके, फ्राँस,ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में मंदिरों खास कार्यक्रम और कार रैलियाँ हो रही हैं।

नेपाल के जनकपुर में सीताजी के मायके में प्राण प्रतिष्ठा से पहले मंदिर को रोशनी से सजाया गया है। मॉरिशस में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर 2 घंटे का स्पेशल ब्रेक है। मॉरिशस के सारे मंदिर में दीए जलाए जाएँगे। सभी में राम के नाम का जाप होगा।

प्राण प्रतिष्ठा से पहले ताइवान के इस्कॉन में रविवार भजन-कीर्तन किया गया। वहीं इंग्लैंड के मंदिरों में खास कार्यक्रम और कार रैलियाँ हो रही है तो फ्रांस के पेरिस में एफिल टावर तक बड़ी रामरथ यात्रा निकाली जा रही है। यहीं नहीं इससे पहले विश्व कल्याण का यज्ञ भी हुआ।

कनाडा के ओन्टारियो राज्य के ब्रॉम्पटन और ओकविल में 22 जनवरी को राम मंदिर डे का ऐलान किया है। ब्रॉम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने कहा कि राम मंदिर बनने से हिंदुओं का सदियों पुराना सपना पूरा हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया में भी मंदिरों में खास कार्यक्रम और रैलियाँ की जा रही है।

अयोध्या के राम मंदिर में PM मोदी, आ गई प्राण प्रतिष्ठा की बेला

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए पहुँच गए हैं। प्रधानमंत्री मंदिर परिसर में मौजूद हैं। वे मंदिर परिसर के पास बने हेलीपैड पर हेलिकॉप्टर से उतरे। इसके बाद वह मंदिर की तरफ बढ़ गए। प्रधानमंत्री ने हेलिकॉप्टर से अयोध्या का एक वीडियो भी जारी किया।

प्रधानमंत्री मोदी 12:05 बजे से मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पूजा करेंगे। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी इस पूजा में यजमान की भूमिका में रहेंगे। इससे पहले कुछ समय प्रधानमंत्री के लिए रिजर्व रखा गया है।

आज 12:55 बजे मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हो जाएगी और मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए तैयार हो जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी यहाँ से निकल जाएँगे और 1 बजे यहाँ बने एक सार्वजनिक कार्यक्रम स्थल पर जाएँगे। यहाँ वह सार्वजनिक समारोह में भाग लेंगे। इस दौरान वे राम मंदिर का निर्माण करने वाले श्रमिकों से मिलेंगे। 

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी लगभग 2 बजे अयोध्या में कुबेर टीला के दर्शन करने जाएँगे। वहाँ वह पूजा अर्चना में भाग लेंगे। इसके बाद 3 बजे वे दिल्ली लौट आएँगे। बताते चलें कि प्रधानमंत्री प्राण प्रतिष्ठा के लिए 11 दिनों से कठिन व्रत कर रहे हैं। वे यम-नियम का भी पालन कर रहे हैं।

वह इस दौरान दक्षिण के कई मंदिरों में भी गए। प्रधानमंत्री मोदी आन्ध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु के कई मंदिरों में गए और वहाँ दर्शन किया। प्रधानमंत्री रामेश्वरम भी पहुँचे थे। रामेश्वरम में पुजारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री तमिलनाडु के मंदिरों से पवित्र जल का कलश लेकर तमिलनाडु से वापस हुए हैं।

प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त पास आते ही मंदिर परिसर में रामध्वनि गुंजायमान हो गई है। गायक सोनू निगम और अनुराधा पौडवाल भजन से सबका मन मोह रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के प्राण प्रतिष्ठा पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौडा ने कहा है कि यह अवसर उनको भगवान से मिला है। एचडी देवेगौड़ा भी अयोध्या पहुँचे हैं।

राम मंदिर में भगवान रामलला की की जिस मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है, उसे मैसूरु के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगिराज ने बनाई है। योगीराज का कहना है कि वह अपने आप को विश्व का सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मान रहे हैं।

इलाके में रहते हैं ‘अन्य समुदाय’ के लोग – राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का टेलीकास्ट रोकने के लिए नहीं चलेगा ये बहाना: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को लताड़ा

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की नेतृत्व वाली तमिलनाडु की DMK सरकार ने 22 जनवरी को अयोध्या में हो रहे राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रमों के लाइव टेलीकास्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब स्टालिन सरकार के इस कदम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 22 जनवरी 2024 को एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस शीर्ष न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस भेजा है।

तमिलनाडु भाजपा के एक नेता द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि तमिलनाडु सरकार ने इस अवसर पर सभी प्रकार की पूजा-अर्चना, भजन और अन्नदान पर प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य सरकार पुलिस-प्रशासन एवं अधिकारियों के माध्यम से अपनी शक्ति का मनमाना प्रयोग कर रही है। याचिका में कहा गया है कि सरकार का यह कदम संविधान के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना ने तमिलनाडु सरकार के उस मौखिक आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर राज्य सरकार एवं अन्य को नोटिस जारी किया है। इस पर तमिलनाडु ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। राज्य सरकार ने अपने जवाब में कहा कि याचिका सिर्फ राजनीति से प्रेरित है।

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा कि अनुमति को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि इलाके में अन्य समुदाय रह रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा कि यह एक समरूप समाज है और इसे केवल इस आधार पर न रोकें कि उस जगह पर अन्य समुदाय के लोग भी रहते हैं।

तमिलनाडु सरकार की ओर से कोर्ट में पेश अमित आनंद तिवारी ने कहा कि सरकार ने ऐसा कोई मौखिक आदेश नहीं है और राम मंदिर प्रतिष्ठा के अवसर पर पूजा आदि के सीधे प्रसारण पर कोई प्रतिबंध नहीं है। तिवारी ने कहा, “हम मानते हैं और विश्वास करते हैं कि अधिकारी कानून के अनुसार कार्य करेंगे, न कि मौखिक निर्देशों के अनुसार।”

बताते चलें कि 21 जनवरी 2024 को X पर सीतारमण ने कहा, “तमिलनाडु सरकार ने 22 जनवरी को अयोध्या राम मंदिर के कार्यक्रमों के लाइव प्रसारण को देखने पर प्रतिबंध लगा दिया है। TN में श्री राम के 200 से अधिक मंदिर हैं। HR&CE प्रबंधित मंदिरों में श्री राम के नाम पर किसी भी पूजा/भजन/प्रसादम/अन्नदानम की अनुमति नहीं है। पुलिस निजी तौर पर संचालित मंदिरों को भी कार्यक्रम आयोजित करने से रोक रही है। वे आयोजकों को धमकी दे रहे हैं कि वे पंडाल तोड़ देंगे। इस हिंदू विरोधी, घृणित कार्रवाई की कड़ी निंदा करती हूँ।”

सीतारमण ने अपने एक्स थ्रेड में आगे लिखा कि लोगों को भजन आयोजित करने, गरीबों को खाना खिलाने, मिठाइयाँ बाँटने और जश्न मनाने से रोका और धमकाया जा रहा है, जबकि वे केवल अयोध्या में राम मंदिर अभिषेक समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी को देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार अनौपचारिक लाइव टेलीकास्ट प्रतिबंध को उचित ठहराने के लिए कानून व्यवस्था के बिगड़ने का दावा कर रही है, जो कि झूठी और फर्जी कहानी है!

उन्होंने कहा, “अयोध्या फैसले के दिन कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं थी। देश-भर यह समस्या उस दिन भी नहीं थी जब माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने राम मंदिर का शिलान्यास किया था। तमिलनाडु में प्रभु श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा उत्सव मनाने के लिए लोगों में उमड़े स्वैच्छिक भागीदारी और भावना ने हिंदू विरोधी DMK सरकार को बेहद परेशान कर दिया है!”

‘निजी जगहों को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन के लाइव टेलीकास्ट के लिए पुलिस की अनुमति की ज़रूरत नहीं’: तमिलनाडु में राम का नाम लेने के लिए जाना पड़ा हाईकोर्ट

मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा है निजी जगहों पर कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लाइव प्रसारण के लिए सरकार या पुलिस की अनुमति लेने की ज़रूरत नहीं है। तमिलनाडु में DMK की सरकार है, जिसके मंत्री उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म को खत्म करने की बात कर चुके हैं। भाजपा ने आरोप लगाया था कि वहाँ के मंदिरों को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन विशेष पूजा का आयोजन करने या फिर विशेष प्रसाद वितरित करने से रोका जा रहा है। मंदिरों को धमकाया जा रहा है।

मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा है कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लाइव टेलीकास्ट या फिर भजन के आयोजन के लिए सरकार या पुलिस की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे धर्म की विजय बताते हुए पेश किया। तमिलनाडु का HRCE विभाग वहाँ के मंदिरों की निगरानी करता है। प्राइवेट मंदिरों और मैरिज हॉल्स में भी ऐसे आयोजन हो सकते हैं। इसके लिए सिर्फ मंदिर के एग्जीक्यूटिव अधिकारी को सूचित करना होगा।

इसके बाद एग्जीक्यूटिव अधिकारी इसकी अनुमति देगा, साथ ही अगर कुछ पाबंदियाँ हैं तो इस बारे में भी बता दिया जाएगा। ‘विवेकानंद हिन्दू मूवमेंट’ ने इस संबंध में याचिका दायर की थी, जिस पर जजों ने अपने चैंबर में ही त्वरित सुनवाई की। पट्टाभिराम स्थित KKR कल्याण मंडपन में भी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का लाइव टेलीकास्ट चल रहा है, पहले इसी संबंध में अनुमति वाला संशय था। पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाना पड़ा।

तमिलनाडु सरकार ने इस दौरान मद्रास उच्च न्यायालय में अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर भीड़भाड़ ज़्यादा हो तो इसके लिए पुलिस को पूर्व में सूचित करना आवश्यक है। हालाँकि, सरकार के नियंत्रण वाले मंदिरों में इसके लिए अधिकारी को सूचित कर अनुमति लेनी होगी, जिसकी कुछ शर्तें भी होंगी। हाईकोर्ट ने कहा कि राम नाम के पाठ का आयोजन प्रतिबंधित नहीं है। साथ ही कहा कि ईश्वर भक्ति से शांति और एकता का सन्देश मिलना चाहिए, समाजिक सौहार्द बिगाड़े बिना।

33000 दीयों से जगमगाया ‘सियावर रामचंद्र की जय’, बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: 11 लाख दीपों से अयोध्या भी रौशन

अयोध्या में आज (22 जनवरी, 2024) को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इसके चलते पूरे देश में उत्सव का माहौल है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया गया। यहाँ रिकॉर्ड संख्या में दीये जलाए गए। इसका विहंगम वीडियो भी सामने आया है।

शनिवार (21 जनवरी, 2024) को महाराष्ट्र के चंद्रपुर के चंदा क्लब ग्राउंड में 33,258 दियों से ‘सियावर रामचंद्र की जय’ लिखा गया। इसके साथ ही यह एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया। यहाँ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की एक टीम मौजूद थी। इस कार्यक्रम को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सार्वजनिक वाचनालय द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए।

इस पूरे कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र सरकार में मंत्री सुधीर मुनगंटीवार को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की तरफ से मिलिंद वर्लेकर और प्रसाद कुलकर्णी ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के साथ ही रिकॉर्ड बनने का प्रमाण पत्र दिया।

गौरतलब है कि आज अयोध्या में भी दीये जलाए जाएँगे। अयोध्या में जलाए जाने वाले 11 लाख दीयों में मुख्य मंदिर से लेकर हनुमानगढ़ी, सरयू के घाटों समेत प्रत्येक घर में जलाए जाएँगे। इसके लिए घरों में दियों का वितरण भी किया गया है। यह दीये शाम को जलाए जाएँगे।

अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पहुँच चुके हैं। यहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले से ही मौजूद है। इसके अलावा पूरे देश से बड़े नाम कल से ही अयोध्या पहुँचना चालू हो गए थे। राजनेताओं से लेकर अभिनेता, क्रिकेटर, कलाकार और हर क्षेत्र के दिग्गज यहाँ पहुँच चुके हैं।

अयोध्या में मंदिर के भीतर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से लेकर 1 बजे तक होगा। इस दौरान 84 सेकेण्ड का एक शुभ मुहूर्त निकाला गया है। प्रधानमंत्री 1 बजे के बाद एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद वह कुबेर टीला के दर्शन के लिए जाएँगे।

मंत्रोच्चार से जागेंगे रामलला, 84 सेकेंड के शुभ मुहूर्त में होगी प्राण-प्रतिष्ठा: अयोध्या में सिक्योरिटी टाइट, पुष्प वर्षा के लिए हेलीकॉप्टर भी तैयार

500 साल बाद आज दोबारा अयोध्या में रामलला अपने भवन में विराजने जा रहे हैं। बस प्रतीक्षा है तो शुभ मुहूर्त की जो मात्र 84 सेकेंड ही रहने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अवसर पर अयोध्या में 10 बजकर 20 मिनट पर पहुँच रहे हैं। इसके बाद आगे का कार्यक्रम आरंभ होगा। वहीं आरती के समय हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की जाएगी और हर अतिथि के हाथ में घंटी होगी।

जानकारी के मुताबिक, प्राण-प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:29:08 से 12:30:32 तक का है। ये 84 सेकेंड्स का समय आज पूरे दिन में सबसे खास है। इस समय मृगशिरा नक्षत्र और वाणमुक्‍त का है। इसका अर्थ है कि इस समय किए गए काम में कोई रुकावट नहीं आती है।

बताते चलें कि 22 जनवरी यानी आज पौष माह के शुक्‍ल पक्ष की द्वादशी यानी कुर्म द्वादशी तिथि है। इस दिन प्राण प्रतिष्‍ठा के लिए अभिजीत मुहूर्त, इंद्र योग, मृगशिरा नक्षत्र, मेष लग्न एवं वृश्चिक नवांश को चुना गया है। सभी शास्त्रीय परंपराओं का पालन करते हुए अभिजीत मुहूर्त में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी वो गर्भ गृह में विराजेंगे।

प्राण प्रतिष्‍ठा समारोह के अनुष्ठान के सभी कार्य गणेशवर शास्त्री द्रविड़ की निगरानी में 121 आचार्य कर रहे हैं। मुख्‍य आचार्य की भूमिका में काशी के विद्वान लक्ष्मीकांत दीक्षित हैं।प्राण प्रतिष्‍ठा के अवसर पर गर्भगृह में मुख्‍य यजमान पीएम मोदी सहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे।

इससे पहले रामलला को मंत्रोच्चार के साथ जगाया जाएगा और उसके बाद सुबह 10 बजे से मंगलध्वनियाँ का गान होगा। इसमें कई राज्यों के 50 से भी अधिक वाद्य यंत्रों से मंगल ध्वनियाँ गुँजायमान होगी। इसके बाद पीएम मोदी सहित अतिथियों के पहुँचने के बाद सुबह 11 बजे से दोपहर 12.55 तक गर्भगृह में पूजा, वेद-मंत्रों का मंगलाचरण होगा। मुख्य यजमान पीएम मोदी ने इसके लिए 11 दिनों का व्रत रखा है।

इसके बाद पीएम मोदी अतिथियों को संबोधित करेंगे और मंदिर बनाने वाले श्रमजीवियों से मिलेंगे। दोपहर 2.15 बजे कुबेर टीला में भगवान शिव का पूजन करेंगे। दोपहर 2.30 बजे मंदिर में वसोधारा पूजन के साथ पारायण होगा। शाम को पूर्णाहुति यज्ञ के साथ देवता विसर्जित होंगे।

शाम 7 बजे से अतिथिराम लला का दर्शन करेंगे और शाम को दीप प्रज्ज्वलित कर देशभर में फिर दिवाली मनाई जाएगी।

अयोध्या में सुरक्षा की व्यवस्था

इन सबके बीच अयोध्या में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या में हर जगह मशीन गन और AK-47 लिए कमांडो तैनात हैं। हेलिकॉप्टर से निगरानी हो रही है। अयोध्या की सीमा में प्राण प्रतिष्ठा का न्योता और पास रहने वाले लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

सुरक्षा के मद्देनजर अयोध्या को 9 जोन में बाँटा गया है। राम मंदिर रेड जोन में है। परिसर की सुरक्षा 6 लेयर की है। यहाँ सुरक्षा के लिए स्पेशल STF टीम, एटीएस कमांडो क्रैश रेटेड बोलार्ड, अंडर व्हीकल स्कैनर, टायर किलर, बूम बैरियर के लिए तैनात हैं।

हनुमान गढ़ी येलो जोन में हैं। इन दोनों जगहों में 34 सब इंस्पेक्टर, 71 हेड कॉन्स्टेबल, 312 कॉन्स्टेबल को तैनात हैं। हेलिकॉप्टर से राम मंदिर की निगरानी हो रही है तो मंदिर परिसर के ऊपर से ड्रोन, हवाई जहाज या चॉपर के गुजरने पर मनाही है।

महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा NSG और CISF के हाथ हैं। PM मोदी और अन्य VVIP मेहमानों के जाने वाले रास्तों के दौरान पड़ने वाले घरों वेरिफिकेशन किया गया है। यहाँ करीब सभी घरों की छतों पर सिक्योरिटी फोर्स के जवान तैनात हैं।

अयोध्या में इस दौरान बस और ट्रेन जैसे सार्वजनिक वाहनों की एंट्री बंद हैं। अभी यहाँ 25 हजार से अधिक जवान, एयरपोर्ट से राम मंदिर की सभी ऊँची इमारतों पर स्नाइपर्स तैनात हैं तो 31 IPS अधिकारी ड्यूटी पर हैं। 10 हजार CCTV और AI से सुरक्षा पर नजर है तो एंटी ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं।

खुफिया विभाग भी अलर्ट है सादी वर्दी में 1 हजार से अधिक जवान यहाँ हैं। सोमवार को नगरी का कण-कण जैसे राम नाम जपता लग रहा है। फूलों से सजी अयोध्या में 21 जनवरी रात से ही लोग भजन गाते राम का नाम लेते झूम रहे हैं।