Home Blog Page 1417

PAK को कश्मीर पर मिला आतंकी संगठन ‘हमास’ का साथ… दोनों को सताई मानवाधिकार की चिंता: बोले- मुस्लिम उम्माह इकट्ठा हों

इजरायल और हमास के बीच जारी जंग के दौरान पाकिस्तान का हमास प्रेम देखने को मिला है। दरअसल, पाकिस्तान के नेताओं ने रविवार (5 नवंबर, 2023) को फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास के प्रमुख  से मुलाकात की है, जिसमें फिलिस्तीन की तुलना कश्मीर से की गई है। पाकिस्तान की मजहबी पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पाकिस्तान (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कतर में हमास के प्रमुख इस्माइल हानिया और पूर्व प्रमुख खालिद मशाल से मुलाकात की है, जिसमें कश्मीर राग अलापा गया है।

आतंकी संगठन हमास के प्रमुख ने कहा, फिलिस्तीन और कश्मीर में अन्याय उन देशों के चेहरे पर एक तमाचा है, जो मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए दूसरों की निंदा करते हैं। इतना ही नहीं गाजा को जंग में झोंकने वाला हमास अब पाकिस्तान की शह पर कश्मीर-कश्मीर चिल्ला रहा है। यह वही हमास है, जिसने एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की चाह में गाजा को दाव पर लगा दिया है। पर आतंकी हमला किया और अब जवाबी कार्रवाई में गाजा के लोगों के पास न तो खाना है और ना ही पानी।

मीडिया रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि अधिकांश अस्पतालों में भी हमास के लोग छिपे हुए हैं। साथ ही घायलों की संख्या इतनी ज़्यादा बढ़ गई है कि अब गाजा के किसी भी अस्पताल में कोई भी बेड खाली नहीं बचा है।

आतंकी हमास को पाकिस्तान का खुला समर्थन 

हमास के आतंकी हमले का पाकिस्तान खुला समर्थन कर रहा है। अब इसी समर्थन को और ज्यादा मजबूत करने के लिए मौलाना फजलुर रहमान ने रविवार को कतर में हमास के सर्वोच्च नेता इस्माइल हानिया और पूर्व प्रमुख खालिद मशाल से मुलाकात की। फजलुर रहमान जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) का प्रमुख है। अरब न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक JUI-F चीफ शनिवार (4 नवंबर, 2023) को ही कतर पहुँच गए थे।

हमास के आतंकी हमले को पाकिस्तान खुलकर सपोर्ट कर रहा है। यही वजह है कि पाकिस्तान में फिलिस्तीन और हमास के समर्थन में लगातार रैलियाँ निकाली जा रही हैं। ऐसे में कहा जा रहा कि पाकिस्तान के मजहबी नेता मौलाना फजलुर रहमान अरब देशों के नेताओं के साथ मिलकर गाजा पर माहौल बनाने की कोशिश में है।

हमास को भी सता रही मानवाधिकार की चिंता

हमास के आतंकी खालिद मशाल ने कश्मीर राग अलापते हुए कश्मीर की तुलना फिलिस्तीन से की है। रिपोर्ट के अनुसार, मशाल ने कहा कि कश्मीर और फिलिस्तीन में जारी अत्याचार मानवाधिकारों पर एक तमाचा है।”

अब इजरायल में बेगुनाहों का खून बहाने वाले हमास को भी मानवाधिकार की चिंता सता रही है। जबकि आतंकी संगठन हमास यह भूल गया कि कश्मीर के हालात पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से भी अच्छे हैं, जहाँ कंगाली के साथ रोज-रोज आतंकी हमलों का खौफ बना हुआ है। वहीं कश्मीर में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। शांतिपूर्ण तरीके से त्यौहार मनाए जा रहे हैं।

पाकिस्तानी मौलाना फजलुर से क्या बोला हमास चीफ

जेयूआई-एफ के प्रवक्ता असलम गौरी ने मौलाना फजलुर रहमान और इस्माइल हानिया के बीच बैठक के बारे में बताते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने फिलिस्तीन मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान, हानिया ने मुस्लिमों से इजरायली हमले के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया – जिसमें 7 अक्टूबर से लगभग अब करीब 10 हजार फिलिस्तीनियों की मौत का दावा किया गया है। हानिया ने कहा, “यह मुस्लिम उम्माह की जिम्मेदारी है कि वह इजरायली अत्याचारों के खिलाफ एकजुट हो।”

खबर है कि हमास के आतंकी और पाकिस्तान के मजहबी नेताओं के बीच ऐसे समय में मुलाकात हुई जब इजरायली फाइटर जेट लगातार गाजा पट्टी पर हमला कर रहे हैं, जिसमें 7 अक्टूबर से अब तक 4,800 बच्चों सहित 9,770 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

गौरतलब है कि गाजा की यह हालत 7 अक्टूबर को हमास के इजरायल पर किए गए आत्मघाती हमलों के बाद हुई है। हमास ने अपने लड़ाकों के लिए गाजा की सुरंगों में पूरी व्यवस्था बना रखी है लेकिन उसने आम लोगों को उनके हालात पर मरने के लिए छोड़ दिया है। हमास ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि वह गाजा के लोगों के प्रति जिम्मेदार नहीं हैं। हालात यह है कि लोग दाने-दाने को मोहताज है। यहाँ तक कि बिजली पानी भी नहीं है। 

अरविंद केजरीवाल जी, आपका बायो-केमिकल डीकंपोजर कहाँ गया? पराली से कोयला बनाने वाली तकनीक कहाँ है? 2020 को बताया था प्रदूषण का आखिरी साल, पर अब भी हाल बेहाल

आज जब पंजाब में पराली जलाने की घटनाएँ बदस्तूर जारी हैं और दिल्ली प्रदूषण के खतरनाक स्तर से जूझ रहा है, AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल के तमाम दावे और वादे भी धरे के धरे दिख रहे हैं। इसे समझने के लिए हमें चलना होगा 3 साल पहले, लेकिन फ़िलहाल जानते हैं कि दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति क्या है। पंजाब में पराली जलाने की घटनाएँ इस साल 17,000 के पार हो गई हैं और रविवार (5 नवंबर, 2023) को ऐसी 3230 घटनाएँ हुई हैं।

ये एक दिन में इस बार सबसे ज़्यादा संख्या है। साफ़ अर्थ है कि ये घटनाएँ जारी रहेंगी और इस पर लगाम नहीं लगने वाला। सोचिए, 4 नवंबर को पराली जलाने की 1360 गतिविधियाँ सामने आई थीं और अगले ही दिन संख्या लगभग ढाई गुना बढ़ गई। वहीं 2022 की बात करें तो उस साल इसी दिन, यानी 5 नवंबर को ही पंजाब में पराली जलाने की 2817 घटनाएँ सामने आई थीं। ताज़ा घटनाओं की बात करें तो संगरूर, जो कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला भी है, वो 551 के साथ टॉप पर रहा।

अब चलते हैं 2 साल पहले, सितंबर 2021 में। तब AAP ने यूट्यूब पर एक वीडियो डाला था, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहते दिख रहे हैं कि जब किसान अक्टूबर महीने में धान की फसल काटता है तो उसके बाद उसके तने नीचे रह जाते हैं, जिन्हें पराली कहते हैं। उन्होंने कहा था कि दोष सरकारों का है, किसानों का नहीं है, जो किसान अपने खेतों को जलाएगा उस पर जुर्माना लगाए की बजाए सरकारों को समाधान देना चाहिए।

इसके बाद अरविंद केजरीवाल इस वीडियो में कहते हैं कि पिछले साल दिल्ली सरकार ने समाधान निकाला, पूसा इंस्टिट्यूट ने एक बायो डीकंपोजर बनाया, उसे हमने दिल्ली में टेस्ट किया और 39 गाँवों में 1935 एकड़ में इसका छिड़काव किया गया और सामने आया कि इससे धान के डंठल गल जाते हैं, उन्हें काटना नहीं पड़ता है, जलाना नहीं पड़ता। केजरीवाल ने शानदार नतीजे का दावा करते हुए कहा था कि खुद केंद्र सरकार की एजेंसी ने इसकी तारीफ़ की है और 90% ने कहा कि 15-20 दिनों में उनकी पराली जल गई और अगले फसल के लिए खेत तैयार हो गई।

बकौल अरविंद केजरीवाल, इससे खेत की मिट्टी की उर्वरा क्षमता भी बढ़ गई। जब केजरीवाल बोल रहे होते हैं, इस वीडियो में चलाया गया कि कैसे ये कथित बायो डीकंपोजर काम कर रहा है। केजरीवाल ने तभी प्रदूषण की मुक्ति की बात करते हुए कहा था कि जब दिली में ये हो सकता है तो अन्य राज्यों में भी हो सकता है। ये अलग बात है कि पंजाब में भी उन्हीं की सरकार है लेकिन तब भी पराली जलाने के आँकड़े खतरनाक तरीके से बढ़ते ही चले जा रहे हैं।

इतना ही नहीं, यही सब ड्रामा आज से 3 साल पहले, यानी नवंबर 2020 में भी हुआ था। तब भी अरविंद केजरीवाल ने पराली जलाने का सस्ता और आसान समाधान देने की बात करते हुए कहा था कि अभी तक की सरकारें पराली जलाने को लेकर सिर्फ बहाना मार रही थीं। तब उन्होंने प्रदूषण के लिए पंजाब में पराली जलाने को जिम्मेदार बताया था, लेकिन अब उनकी पार्टी के लोग यूपी-हरियाणा को इसका जिम्मेदार बताते हुए कह रहे कि पंजाब की घटनाओं का यहाँ कोई असर ही नहीं हो रहा है।

अरविंद केजरीवाल ने तो यहाँ तक कह दिया था कि ये आखिरी साल है जब दिल्ली प्रदूषण को झेल रहा है। इसके बाद 2021 बीत गया, 2022 बीत गया और अब 2023 भी बीत रहा है, लेकिन प्रदूषण घटने की बजाए बढ़ता ही चला जा रहा है, AQI 999 के स्तर पर पहुँच गया है और इससे ज़्यादा तो मापा भी नहीं जा सकता। केजरीवाल का वो ‘आखिरी साल‘ आखिर खत्म नहीं हुआ अभी तक? या फिर वो स्वर्ग के कोई देवता हैं, जिनके लिए दिन और रात पृथ्वी पर दिन-रात की अवधि के हजारों गुना अधिक होते हैं?

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 3 साल पहले दावा किया था कि सिर्फ 20 लाख रुपए में पूरी दिल्ली की पराली को गलाया जा सकता है। इसमें तो वो बजट का भी बहाना नहीं दे सकते हैं। उस समय भी गोपाल राय ही पर्यावरण मंत्री थे, जो अब हैं। डीकंपोजर के छिड़काव के समय बड़े-बड़े दावों में वो भी शामिल थे। कहाँ है आज वो डीकंपोजर? दिल्ली की पूरी पराली 20 लाख रुपए में खाद क्यों नहीं बन रही? ये फॉर्मूला उनकी पार्टी पंजाब में क्यों नहीं अपना रही?

अरविंद केजरीवाल ने अलग-अलग कार्यक्रमों में इस ‘बायोकेमिकल सलूशन’ की बात करते हुए बताया था कि ये बहुत सस्ता है और दिल्ली की तरह पंजाब में भी ये किया जा सकता है, वो लोग क्यों नहीं कर रहे? आज अरविंद केजरीवाल खुद से पूछें कि वो पंजाब में उनकी ही सरकार ये क्यों नहीं कर रही? एक रैली में उन्होंने इसी तरह दावा किया था कि पंजाब में कई फैक्ट्रियाँ लगाई जा सकती हैं जो पराली से कोयला बनाएँगे और इससे किसानों को 1000 रुपए प्रति एकड़ पैसे मिलेंगे सो अलग।

उन्होंने यहाँ तक दावा किया था कि पराली काट कर ले जाने के लिए भी कंपनियाँ आएँगी, इसमें किसानों का पैसा या मेहनत नहीं लगेगी। इसी तरह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पंजाब की तत्कालीन सरकार पर हमला बोला था। तब वहाँ कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री थे और कॉन्ग्रेस सत्ता में थी। तब केजरीवाल ने एक टाइमलाइन माँगते हुए कहा था कि दिल्ली की जनता सरकारों से स्पेसिफिक टाइमलाइन चाहती है कि आप कब पराली जलाना शुरू करेंगे और किसानों को मशीनें उपलब्ध कराएँगे।

इसी तरह एक और रैली में उन्होंने हरियाणा सरकार पर हमला बोला था। मीडिया से बात करते हुए भी उन्होंने पराली से कोयला बनाने की बात कही थी और कहा था कि कई फैक्ट्रियाँ किसानों की पराली खरीदने के लिए तैयार हैं। केजरीवाल का वो बायोकेमिकल सलूशन कहाँ है? कम बजट वाला आसान समाधान कहाँ है? है तो सिर्फ प्रदूषण और पराली से उठता धुआँ। कल वो टाइमलाइन माँगते थे, आज उनके पास इस समस्या के लिए टाइम ही नहीं है।

प्रदूषण का जिम्मेदार हरियाणा…पंजाब तो 500Km दूर: सरकार बनने पर जिस प्रदेश को बचा रही AAP, उस पर पहले केजरीवाल ही उठाते थे सवाल

दिल्ली में बिगड़ती हवा का ठीकरा आम आदमी पार्टी किसी भी तरीके से सिर्फ हरियाणा पर फोड़ना चाहती है। उनको बस ये दिखाना है कि किस तरीके से पंजाब में जलने वाली पराली का दिल्ली में बढ़ रहे AQI से कोई लेना देना नहीं है। इसके लिए उन्होंने पहले कहा कि हरियाणा सरकार पराली जलाने पर कंट्रोल नहीं कर रही है और जब ये बात सामने आई कि पंजाब में ये वाकये ज्यादा है तो तर्क दिया कि पंजाब तो दिल्ली से 500 किलोमीटर दूर है और हरियाणा सिर्फ 100 किलोमीटर।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि जब पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार नहीं थी तब इन्हें अक्सर हरियाणा के साथ पंजाब को भी दोष देते देखा जाता था। मगर अब जब से आप सरकार वहाँ आई है तब से पार्टी का काम वहाँ जलती परालियों को डिफेंड करने का है और दिल्ली से उसकी दूरी दिखाकर ये समझाने का है कि वहाँ का धुआँ दिल्ली में इतना नहीं आ सकता।

जब केजरीवाल करते थे पंजाब पर सवाल

आम आदमी पार्टी की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कर ने इस संबंध में आज मीडिया से बात की। यहाँ आँकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने पहले तो दिल्ली की स्थिति को पहले के मुकाबले बेहतर दिखाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा- आँकड़े बताते हैं कि दिल्ली में इस बार 31% प्रदूषण कम हुआ है। केंद्र सरकार को भी ये स्वीकारना पड़ा कि दिल्ली में पिछले 8 सालों में इस बार सबसे बेहतर हवा थी।

फिर, उन्होंने CAQM आँकड़ों का हवाला देकर कहा, पंजाब में इस बार अभी तक पिछले साल के मुकाबले 50-67 प्रतिशत पराली कम जली है। जो पराली पंजाब में अभी जल रही है वो यहाँ (दिल्ली) से 500 किलोमीटर दूर है और जो पराली हरियाणा में जल रही है वो यहाँ से करीब 100 किलोमीटर दूर है।

उन्होंने सारा ठीकरा हरियाणा पर फोड़ते हुए कहा कि दिल्ली का सबसे करीब राज्य हरियाणा है तो जरूरी है कि समक्षा की जानी चाहिए कि 2014 से खट्टर सरकार ने प्रदूषण को लेकर क्या कदम उठाए हैं। आगे उन्होंने मीडिया को बताया कि अभी हरियाणा सरकार 100 ईवी बसें लेने पर विचार कर रही है। अभी उन्होंने ये बसें ली नहीं है। वहाँ जो बसें चल रही हैं वो प्रतिबंधित फ्यूल से चल रही हैं।

प्रियंका कक्कर का कहना है कि यही बसें दिल्ली में एंटर कर रही हैं और गोपाल राय ये डिमांड कर रहे हैं कि इमरजेंसी के चलते हरियाणा सरकार इन बसों के प्रवेश को रोके। प्रियंका कहती हैं कि इंडस्ट्री हरियाणा में चल रही हैं खट्टर सरकार ने उन्हें कोई सहूलियत नहीं दी कि वो क्लीन फ्यूल इस्तेमाल कर पाएँ जैसा कि दिल्ली ने किया है। सारी इंस्ट्री एनसीआर में हैं उसका प्रदूषण भी दिल्ली में आ रहा है।

बता दें कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से इस समय जनता बेहाल है और AAP पार्टी उन्हें समाधान देने की बजाय ये समझा रही है कि किस तरीके ये सब दूसरे प्रदेशों ने किया है। एक वीडियो भी सामने आई है जिसमें कुछ इलाकों में हवा साफ करने के लिए वहाँ पानी का छिड़काव हो रहा है। हालाँकि बाकी जगह क्या स्थिति है इस बारे में बात नहीं हो रही। लोग लगातार आम आदमी पार्टी से सवाल पूछ रहे हैं जिसका जवाब देने की बजाय पार्टी प्रवक्ता उनके आगे दूसरे प्रदेशों को कोस रहे हैं।

आज भी जब प्रियंका कक्कर ने पंजाब की दूरी ज्यादा बताकर हरियाणा पर सारा ठीकरा फोड़ना चाहा उस समय लोगों ने गूगल मैप के लिए जरिए दिल्ली पंजाब की दूरी का प्रमाण देकर उन्हें झूठा करार दिया और रास्ता शेयर करते हुए बोले जितने किलोमीटर आप पंजाब को दूर बता रही हैं उतने में तो लोग लाहौर एंटर कर जाएँगे।

चेकिंग के नाम पर उतरवाया मंगलसूत्र, बुर्के में सबको एंट्री दे दी: कर्नाटक में सरकारी नौकरी की परीक्षा देने आई हिंदू महिलाओं-लड़कियों का आरोप

कर्नाटक के कलबुर्गी में सरकारी नौकरी के लिए हो रहे इम्तिहान के दौरान हिन्दू छात्राओं के मंगलसूत्र और कानों की बालियाँ उतरवाने का मामला सामने आया है। छात्राओं का आरोप है कि बुर्का पहने छात्राओं को चेकिंग के बाद प्रवेश की अनुमति दे दी गई थी। भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को हिन्दुओं के खिलाफ पक्षपात बताया है। घटना रविवार (5 नवम्बर, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला कलबुर्गी के प्री-ग्रेजुएशन गर्ल्स कॉलेज का है। रविवार को यहाँ कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा एफडीए भर्ती परीक्षा आयोजित थी। इस परीक्षा के दौरान कई लड़कियों ने आरोप लगाया है कि जाँच के नाम पर उनसे मंगलसूत्र और गले की चेन उतरवा ली गई। परीक्षा देने आई कुछ अन्य महिलाओं ने सुरक्षा जाँच के नाम पर कानों की बालियाँ और पायल भी उतरवा लेने की बात कही है। इन महिलाओं में एक का नाम राजम्मा है।

वहीं एक अन्य छात्रा का आरोप है कि कुछ लड़कियाँ बुर्का पहन कर आईं थीं। उन लड़कियों की जाँच तो की गई लेकिन उन्हें बुर्के में ही अंदर जाने की अनुमति दे दी गई थी। इस आदेश की शिकार छात्राओं के मुताबिक हिन्दू परम्परा में मंगलसूत्र का उतारा जाना अपशगुन होता है लेकिन अधिकारियों की वजह से उनको ऐसा करना पड़ा। उन पर पैरों की बिछिया तक को भी उतारने का दबाव बनाया गया। जाँच कर रहे अधिकारियों ने इसे कुछ छात्रों के ब्लूटूथ और नकल करने की अन्य सामग्री के साथ पकड़े जाने के बाद बरती गई सख्ती बताया है।

हालाँकि, जाँच के नाम पर प्रभावित हुई छात्राओं ने इस जवाब पर पूछा कि किसी और की गलती की सजा उनको क्यों दी जा रही है? कुछ ही देर में यह खबर वायरल हो गई। भारतीय जनता पार्टी के विजयपुरा से विधायक बसनगौड़ा ने पूछा है कि क्या नियम सिर्फ हिन्दुओं के लिए ही है? विरोध बढ़ता देख कर कई अधिकारी कॉलेज पहुँच गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं के मंगलसूत्र आदि चेकिंग के नाम पर न उतरवाए जाएँ।

Mahadev Book और Reddyannaprestopro सहित सट्टेबाजी वाले 22 ऐप ब्लॉक: केंद्र सरकार का सट्टेबाजी पर एक्शन

इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की अनुशंसा पर 22 सट्टेबाजी वाले ऐप के खिलाफ ब्लॉकिंग के आदेश दिए हैं। इन ऐप्स में महादेव बेटिंग ऐप भी शामिल है, जिसके प्रमोटरों पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ₹508 करोड़ रूपए देने का आरोप है।

मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ में महादेव ऐप पर ED की जाँच के बाद लिया है। इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस के एक कॉन्स्टेबल भीम सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया है, जिसके ऊपर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।

आईटी राज्यमंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने इस मामले में कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार के पास यह अधिकार था कि वह इस महादेव ऐप को बंद कराने के लिए अनुशंसा कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया।”

उन्होंने आगे कहा, ” वह इस मामले की 1.5 साल से जाँच कर रहे हैं लेकिन इस दौरान छत्तीसगढ़ की सरकार ने एक बार भी इस ऐप को बंद करवाने की माँग नहीं रखी। इस अवैध ऐप को बंद करने की केवल एक माँग ED की तरफ से आई है। इस पर एक्शन लिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार को ऐसा करने से कोई नहीं रोक रहा था।”

महादेव बेटिंग ऐप के साथ ही रेड्डीअन्नाप्रेस्टोप्रो और 20 अन्य ऐप को बंद किया गया है। गौरतलब है कि भारत में ऐसे सट्टेबाजी के ऐप को चलाने की अनुमति नहीं है, जिनमें भाग्य के आधार पर जीतने वाला का निर्णय हो। सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय में कहा गया था कि केवल वही ऐप चल सकते हैं, जो ‘गेम ऑफ़ स्किल’ यानी कौशल पर आधारित हैं।

महादेव ऐप के मामले में शुभम सोनी नाम के एक शख्स ने वीडियो रिलीज करके दावा किया है कि वही महादेव बेटिंग ऐप का मालिक है और उसने ही इसे 2017 में शुरू किया था। शुभम दुबई में रहता है। उसने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ₹508 करोड़ देने का दावा भी किया है।

महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटरों सौरभ चन्द्राकर और रवि उप्पल पर आरोप है कि उन्होंने सट्टेबाजी की इस रकम को हवाला के जरिए भारत से दुबई पहुँचाया। इस मामले में 34 बॉलीवुड एक्टरों की भूमिका भी जाँच हो रही है।

हमने शुरू की तीर्थ यात्रा योजना, BJP ने कॉपी किया: केजरीवाल हो रहे थे चौड़े, CM शिवराज बोले- जब अस्तित्व में नहीं थी AAP, तब से चल रही ये स्कीम

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार (4 नवम्बर 2023) को प्रदेशवासियों के लिए ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ का ऐलान किया था। इस घोषणा पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने रविवार (5 नवम्बर 2023) को इसे आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा शुरू की गई योजना करार दे दिया।

हालाँकि इस दावे पर पलटवार करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ही इसे अपने प्रदेश में अपनी सरकार द्वारा साल 2012 में ही शुरू की गई योजना बताया और दावा किया अरविन्द केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं।

अब सच्चाई क्या है इसके लिए ऑपइंडिया ने दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के दावे की पड़ताल की…

केजरीवाल का दावा

दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का ऐलान किया। इसमें उन्होंने वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा, अमृतसर, पटना साहिब आदि तीर्थ स्थानों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा रेलवे की फ्री यात्रा की जानकारी दी। इस योजना का लाभ 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को मिलेगा। अरविन्द केजरीवाल ने अगले दिन रविवार को इस योजना को भाजपा सरकार द्वारा अपनी सरकार की नकल करार दिया।

अपने X हैंडल पर अरविन्द केजरीवाल ने रविवार को लिखा, “मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना पूरे देश में अभी तक केवल दिल्ली में चल रही थी। पहली बार दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने चलाई। इस योजना के तहत हम दिल्ली के 75,000 से ज़्यादा बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा करवा चुके हैं। हमें ख़ुशी है कि बीजेपी हमारी सरकार से सीखकर काम करने की कोशिश कर रही है। खट्टर साहिब, अगर इसके कार्यान्वन में कोई तकलीफ़ आये तो पूछ लीजिएगा, हरियाणा वासियों की मदद करने में हमें बड़ी ख़ुशी होगी।”

शिवराज सिंह चौहान ने केजरीवाल को बताया झूठा

रविवार को ही शिवराज सिंह चौहान ने अरविन्द केजरीवाल के ट्वीट को कोट (Quote) किया। उन्होंने लिखा, “अरविंद जी, झूठ के अपने शीश महल से बाहर निकलिए और आँखें खोलकर देखिए। जब ‘आप’ का अस्तित्व भी नहीं था, तब से मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बुजुर्गों को तीर्थ दर्शन करवा रही है। भाजपा की हमारी सरकार ने 2012 में ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ प्रारंभ की थी और अब तो हम हवाई जहाज से भी यात्राएं करा रहे हैं।”

शिवराज सिंह का दावा सही

ऑपइंडिया ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और दिल्ली के CM अरविन्द केजरीवाल के दावों की अपने स्तर पर पड़ताल की। मध्य प्रदेश सरकार के धार्मिक न्याय विभाग की वेबसाइट पर हमें मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना की जानकारी मिली।

इसमें साफ़ तौर पर योजना के जून 2012 में शुरू होने की जानकारी दी गई है। योजना के पात्र तीर्थयात्रियों को स्पेशल ट्रेन से न सिर्फ यात्रा बल्कि नाश्‍ता, भोजन, पीने का पानी, ठहरने का इंतजाम, बस आदि की व्यवस्था सरकार करवाती है।

वहीं अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना महज 5 साल पहले शुरू हुई थी। तब साल 2018 में शुरू हुई यह योजना बीच में लगभग 23 माह बंद भी रही थी। दिल्ली सरकार की योजना में वृन्दावन और हरिद्वार के साथ अजमेर शरीफ का भी नाम है।

योजना के अंतर्गत दिल्ली की प्रत्येक विधानसभा से हर साल 1100 बुजुर्गों को यात्रा कराने का प्रावधान है। हालाँकि सितंबर 2023 में भी एक कार्यक्रम के दौरान अरविन्द केजरीवाल इस योजना को सबसे पहले अपने दौरा शुरू किए जाने का दावा कर चुके हैं।

‘CM बघेल को दिए थे मैंने ₹508 करोड़’ : सामने आया महादेव ऐप का ‘मालिक’, मुख्यमंत्री बोले- अनजान शख्स पर भरोसा करोगे क्या

छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ₹5,000 करोड़ के महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में घिरते हुए नजर आ रहे हैं। उन पर महादेव ऐप के प्रमोटरों से ₹508 करोड़ लेने के आरोपों के बाद अब एक शख्स शुभम सोनी ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि वही महादेव बेटिंग ऐप का मालिक है और उसने ही यह धनराशि छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री को दी।

शुभम सोनी वीडियो में अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट दिखाते हुए कहता है- “महादेव बेटिंग बुक का मालिक मैं ही हूँ, मैंने ही इसे 2017 में चालू किया था।” उसने बताया कि उसने इस ऐप को बहुत छोटे स्तर से चालू किया था और धीमे-धीमे काम बढ़ता गया, जिससे उसकी जीवनशैली बदल गई।

उसने बताया, “जब हमारे पास पैसा आने लगा तब हमें प्रोटेक्शन की जरूरत पड़ी। हमने इसके लिए वर्मा जी से मीटिंग की। मैं उन्हें ₹10 लाख हर महीने देने लगा। लेकिन हमारे लड़के इसके बाद भी अंदर (जेल में) होने लगे।

शुभम सोनी ने दावा किया कि इन्हीं ‘वर्मा जी’ ने उन्हें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और बिट्टू भैया नाम के एक शख्स से मिलाया। जहाँ उनकी डील हुई। इसकी जानकारी उसने जाँच एजेंसियों को भी दी है। उसने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उससे दुबई जाकर काम बढ़ाने को कहा था।

शुभम के मुताबिक इसके बाद उसका काम बढ़ गया। दुबई में ही वह सौरभ चन्द्राकर और रवि उप्पल से मिला और उनको कंस्ट्रक्शन के काम के लिए अपना सलाहकार रख लिया। धीरे-धीरे वो लोग मशहूर होने लगे। वहीं शुभम का मालिक होने के बावजूद कहीं नाम नहीं आया, इसलिए उसे इसका दुख हुआ।

उसने कहा कि इन दोनों पर मुख्यमंत्री का आशीर्वाद नहीं था इसलिए वह प्रसिद्ध हुए, जिसका उसे बुरा लगा। वह कहता है- “हमारे मुख्यमंत्री साहब बघेल जी पलटी मार देते हैं।”

आगे शुभम ने बताया कि जब दुबई में रहने के दौरान फिर से उसे समस्या होने लगी तो वह भिलाई आया और वर्मा जी तथा गिरीश तिवारी नाम के शख्स से मिला। इसके पश्चात वह एसपी प्रशांत अग्रवाल से मिलने गया जिन्होंने उसकी फ़ोन पर बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से करवाई।

शुभम सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस दौरान उसे डांट लगाई। मुख्यमंत्री ने शुभम से कहा, “तुम्हें मैंने दुबई काम बढ़ाने के लिए भेजा था और तुम मालिक बनके बैठ गए।” सोनी ने दावा किया है कि इसके बाद उसने प्रशांत अग्रवाल से बात करके आगे का प्लान समझ लिया।

शुभम ने इस बात पर हैरानी जताई है कि इतना पैसा देने के बाद भी उसका काम नहीं बढ़ रहा है और लोग जेल जा रहे हैं। उसने कहा कि ये राजनीतिक सिस्टम में वह फँस चुका है। वीडियो में स्पष्ट रूप से वह आरोप लगाता है कि बिट्टू भैया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उसने ₹508 करोड़ दिए हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जाँच में भी बताया था कि महादेव ऐप के प्रमोटरों ने भूपेश बघेल को ₹508 करोड़ दिए थे। इस धनराशि का उपयोग छतीसगढ़ चुनाव में किया जाना था।

CM बघेल की प्रतिक्रिया

बता दें कि शुभम द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद सीएम बघेल ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति दावा कर रहा है,

“वो मुझसे मिला। मैंने उसे संरक्षण देने का आश्वासन दिया और दुबई जाकर व्यवसाय करने का सुझाव दिया। लेकिन मुझे आश्चर्य है कि एक अनजान व्यक्ति के बयान को सभी जिम्मेदार टीवी चैनल किस आधार पर चला रहे हैं? किस आधार पर इसमें मेरा नाम जोड़ा जा रहा है? क्या यह मानहानि का मामला नहीं है। यह कोई रहस्य नहीं है कि ये वीडियो क्यों आया और यह भी समझना कठिन नहीं है कि चुनाव के वक्त ऐसा बयान भाजपा को फायदा पहुँचाने के लिए किया गया है।”

गौरतलब है कि ₹5,000 करोड़ के इस महादेव बेटिंग ऐप घोटाला का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इस मामले में ED अब तक ₹400 करोड़ से अधिक की जब्त्ती भी कर चुकी है। कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। मामले के किंगपिन सौरभ चंद्राकर, रवि उप्प्प्ल फरार हैं। इस मामले में 34 बॉलीवुड हस्तियों की भूमिका की जाँच भी चल रही है।

जिस थाने में एल्विश यादव पर हुई FIR, उसके थानेदार पर गिरी गाज: कमिश्नर ने लाइन हाजिर करने का दिया आदेश, कारण- अपराध पर नहीं लगा पाए अंकुश

‘बिग बॉस ओटीटी 2’ के विजेता एल्विश यादव इन दिनों सुर्खियों में हैं। एल्विश पर नोएडा में आयोजित एक रेव पार्टी के लिए, कथित तौर पर साँप के जहर की आपूर्ति करने का आरोप लगा लगा था। दरअसल, एक प्रतिबंधित साँप के साथ उनका वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन अब इस मामले में एक और मोड़ आया है। इस FIR में एल्विश यादव का नाम डालने वाले थाना प्रभारी पर एक्शन लिया गया है। 

जहाँ एल्विश अपने ऊपर लगे आरोपों पर पहले ही सफाई दे चुके हैं। उन्होंने इन आरोपों को झूठा बताते हुए मानहानि का केस करने की बात कही थी, वहीं अब इस मामले में नोएडा सेक्टर-49 के थाना प्रभारी पर गाज गिरी है। 

इस कार्रवाई पर अपर आयुक्त (कानून और व्यवस्था) आनंद कुलकर्णी ने कहा कि बढ़ते अपराध पर अंकुश न लगा पाने और विवेचना में लापरवाही बरतने की वजह से थाना प्रभारी पर कार्रवाई की गई है। नोएडा सेक्टर-49 के थाना प्रभारी संदीप चौधरी को लाइन हाजिर किया गया है। 

इस मामले में आगे जानकर देते हुए उन्होंने बताया कि कोटा पुलिस द्वारा नोएडा पुलिस से संपर्क कर एल्विश यादव को पकड़ने की बात कही गई थी। जिसके जवाब में नोएडा पुलिस ने कहा कि एल्विश मामले की अभी जाँच चल रही है, जाँच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

हालाँकि इसके बाद राजस्थान पुलिस ने एल्विश यादव को छोड़ दिया था वहीं नोएडा पुलिस का कहना है कि एल्विश को न अभी आरोपित बनाया गया है और न ही क्लीन चिट दी गई है। मामले में जाँच जारी है आगे उसके अनुसार ही कार्रवाई होगी। 

वहीं, आज एल्विश यादव ने भी एक पोस्ट कर अपनी बात रखी। जो देखते ही देखते वायरल हो गया। एल्विश यादव ने लिखा, “नाम के साथ बदनामी भी आती है, जलने वाले भी बढ़ते हैं और मैं हैरान नहीं होऊँगा कि आने वाले समय पर मुझपे और भी इल्जाम लगेंगे। मुझे भगवान पर पूरा भरोसा है, श्री राम जी पर भरोसा है। ये टाइम भी जल्दी बीतेगा।'”

गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार (4 नवंबर, 2023) को राजस्थान पुलिस द्वारा एल्विश यादव को हिरासत में लिए जाने के कुछ ही देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। मीडिया में बताया गया था कि एक चेकपॉइंट के पास उनकी कार को रोका गया था। उनकी पहचान ज़ाहिर होने के बाद कोटा पुलिस ने हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की थी। फ़िलहाल, एल्विश यादव अपने अगले प्रोजेक्ट्स की शूटिंग और प्रमोशन से जुड़ी गतिविधियों में व्यस्त हैं।

‘मैं उनके जैसा कभी नहीं खेल सकता’: जन्मदिन पर 49वें ODI शतक के बाद विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर को बताया अपना हीरो, बोले – वो बल्लेबाजी के परफेक्शन

विराट कोहली ने ICC वर्ल्ड कप 2023 में दक्षिण अफ्रीका को हरा कर लगातार 8वीं जीत दर्ज की। जहाँ विराट कोहली ने 49वाँ शतक जड़ कर सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी की, वहीं रवींद्र जडेजा ने 5 विकेट झटके। वहीं विराट कोहली ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे। मैच के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान विराट कोहली ने कहा कि ये एक बड़ा गेम था, शायद टूर्नामेंट की सबसे कठिन टीम के साथ। उन्होंने कहा कि इसके पीछे अच्छा करने का लक्ष्य था।

विराट कोहली ने कहा कि चूँकि ये उनके जन्मदिन पर आया है, इसीलिए ये खास था और दर्शकों ने इसे और खास बना दिया। उन्होंने कहा कि वो इसी उत्साह के साथ सुबह नींद से जागे थे कि ये कोई सामान्य मैच नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि बाहर से लोग मैच को अलग तरीके से देखेंगे। उन्होंने कहा कि सलामी बल्लेबाज अच्छी ओपनिंग देते हैं तो फिर बाकियों का काम आसान हो जाता है और सबको उसी तरीके से खेलना होता है।

‘मैं कभी सचिन तेंदुलकर जैसा नहीं खेल सकता’: विराट कोहली

विराट कोहली ने इस दौरान ये भी कहा कि इस मैच में जैसे-जैसे गेंद पुरानी हुई, वैसे-वैसे परिस्थितियाँ अत्यधिक धीमी होती चली गईं। उन्होंने कहा कि ये स्पष्ट सन्देश आ गया था कि मैं अपने इर्दगिर्द खेलता रहूँ। विराट कोहली ने कहा कि इस दृष्टिकोण को लेकर वो खुश थे। भारत के पूर्व कप्तान ने आगे कहा कि जैसे ही टीम ने 315 के स्कोर को पार किया, हमें पता था कि अब हम औसत स्कोर से ऊपर हैं। उन्होंने कहा कि वो खुद को एन्जॉय कर रहे हैं, क्रिकेट ही क्रिकेट खेल रहे हैं, ये सभी चरणों से ज़्यादा महत्वपूर्ण है।

इस दौरान उन्होंने ईश्वर का भी धन्यवाद देते हुए कहा कि वो सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें ये मौका मिलता रहा है। इस दौरान सचिन तेंदुलकर द्वारा उन्हें दी गई बधाई के बारे में भी पूछा गया। इस पर विराट कोहली ने कहा, “मेरे लिए ये बहुत ज़्यादा है। अपने हीरो के रिकॉर्ड की बराबरी करना मेरे लिए विशेष है। जब बात बल्लेबाजी की आती है तो वो परफेक्शन हैं। मेरे लिए ये बहुत ही भावुक क्षण है। मुझे पता है मैं कहाँ से आया हूँ, मुझे वो दिन याद है जब मैं उन्हें टीवी पर देखता था।”

इस दौरान विराट कोहली ने ये भी कहा कि सचिन तेंदुलकर से प्रशंसा मिलना उनके लिए बहुत बड़ी बात है। विराट कोहली ने स्पष्ट कहा कि लोग तुलना करना पसंद करते हैं, लेकिन उन्हें पता है कि वो कभी सचिन तेंदुलकर की तरह नहीं खेल सकते। विराट कोहली ने कहा कि इसके पीछे कारण है कि लोग सचिन तेंदुलकर की तरफ क्यों देखते हैं। बता दें कि 24 वर्षों के करियर में सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय मैचों में शतकों का शतक लगाया।

वर्ल्ड कप: भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराया, ऐसा रहा मैच का हाल

भारत ने ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 में लगातार 8वें मैच में जीत दर्ज की। रविवार (5 नवंबर, 2023) को दक्षिण अफ्रीका को मात देकर भारत ने अंक तालिका में अपना पहला नंबर बरकरार रखा। ये मैच इसीलिए भी इतिहास में दर्ज हो गया क्योंकि विराट कोहली ने इसमें 49वाँ शतक लगाया और सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद खुद ‘क्रिकेट के गॉड’ ने ‘किंग’ की प्रशंसा में सन्देश भेजा। स्टेडियम में भी दर्शकों ने अपने मोबाइल फोन्स की लाइट्स जला कर विराट कोहली के शतक का स्वागत किया।

सचिन तेंदुलकर ने अपने ट्वीट में लिखा, “बहुत अच्छा खेले, विराट। पहले इस साल मुझे 49 से 50 तक पहुँचने के लिए 365 दिनों का इंतजार करना पड़ा। मुझे आशा है कि आप 49 से 50 तक अगले ही कुछ दिनों में पहुँचोगे और मेरे रिकॉर्ड को तोड़ोगे। बधाइयाँ!” बता दें कि इस साल 24 अप्रैल, 2023 को सचिन तेंदुलकर ने 50वाँ जन्मदिन मनाया है। विराट कोहली ने इस मैच में 121 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से 101 रनों की पारी खेली।

मैच में इससे पहले कप्तान रोहित शर्मा ने धूम-धड़ाका खेल का प्रदर्शन किया। 24 गेंदों पर 40 रनों की पारी में उन्होंने 6 चौके और 2 छक्के जड़े और फिर कागिसो रबादा का शिकार बने। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रबादा ने 12वीं बार रोहित शर्मा को आउट किया। इसके बाद शुभमन गिल भी चलते बने। हालाँकि, फिर विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने भारतीय पारी को सँभाला। श्यास अय्यर शुरुआत में धीमे थे लेकिन फिर उन्होंने भी कुछ अच्छे शॉट्स खेले।

वो 87 गेंदों मर 77 रन बना कर आउट हुए। 134 रनों की इस साझेदारी ने भारत के लिए काम आसान कर दिया। अंत में उतरे रवींद्र जडेजा ने भी 15 गेंदों पर 29 रनों की तेज-तर्रार पारी खेली और भारत का स्कोर 326 पहुँच गया। इसके बाद पश्चिम बंगाल के कोलकता स्थित ईडन गार्डन्स में भारतीय गेंदबाजों का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। 13.1 ओवर में 40 रन के स्कोर पर दक्षिण अफ्रीका की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी।

जहाँ विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक को मोहम्मद सिराज ने अपना शिकार बनाया, वहीं कप्तान तेम्बा बावुमा को रवींद्र जडेजा ने चलता किया। मोहम्मद शमी ने भी जश्न में शामिल हुए और आते-आते रासी वैन डेर डुसेन को चलता किया। हेनरिक क्लासेन भी जडेजा की गेंद पर चलते बने। रवींद्र जडेजा ने डेविड मिलर के रूप में अपना तीसरा विकेट लिया। जडेजा का चौथा शिकार बने केशव महाराज। कुलदीप यादव ने भी पार्टी जॉइन की और मैक्रो जानसन को आउट किया।

इसके बाद रवींद्र जडेजा का भी 5वाँ विकेट आया और उन्होंने कसिगो रबादा को कट एन्ड बोल्ड किया। कुलदीप यादव ने अंतिम विकेट गिराया और भारत ने एकतरफा जीत दर्ज की। भारत ने इस मैच को 243 रनों से जीत लिया।

10 महीने में ₹11000 करोड़ का लोन: RTI से हुए खुलासे के बाद निशाने पर हिमाचल प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार, BJP बोली – हर विभाग में बैठा दिए अपने चहेते

हिमाचल प्रदेश सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू कर के चर्चा में आई थी, जिसके बाद ये सवाल उठा था कि क्या इस लोक-लुभावन फैसले से सरकारी खजाने पर गलत असर नहीं पड़ेगा? अब सामने आया है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार 10 महीनों में 11,000 करोड़ रुपए का लोन ले चुकी है। यानी, कॉन्ग्रेसी राज्य सरकार ने हर महीने औसतन 1100 करोड़ रुपए का ऋण लिया। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी और प्रदेश सह मीडिया प्रभारी स्वदेश ठाकुर ने इन आँकड़ों को लेकर सरकार को घेरा।

भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य के विकास और जनता के हित की योजनाओं में इनमें से एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया है। RTI के माध्यम से निकाली गई सूचना की मानें तो 10 महीने में हिमाचल प्रदेश की सरकार ने 10,300 करोड़ रुपए का लोन ले चुकी है, वहीं 1000 करोड़ का लोन इसने अन्य संस्थाओं से लिया है। इस दौरान न कोई नया संस्थान खोला गया और न ही पुराने संस्थानों को अपग्रेड किया गया। यहाँ तक कि स्वास्थ्य विभाग में भी एक भी डॉक्टर या पैरामेडिकल कर्मचारी की नियुक्ति नहीं हुई।

प्रदेश भाजपा ने आरोप लगाया है कि अन्य विभागों का भी यही हाल है, ऐसे में साफ़ है कि इसके 5 वर्षों के कार्यकाल में न तो कोई भर्ती होनी है और न ही कोई विकास कार्य। भाजपा ने आशंका जताई है कि ऋण लेने का क्रम इसी तेज़ी से जारी रहा तो 5 साल में ये सरकार 60,000 करोड़ रुपए से भी अधिक का लोन लेकर हिमाचल प्रदेश को कंगाली की तरफ धकेल देगी। प्रदेश भाजपा ने आरोप लगाया है कि हिमाचल में सिर्फ वही योजनाएँ चल रही हैं, जिनके लिए मोदी से पैसा मिल रहा है।

आरोप है कि जहाँ एक तरफ कॉन्ग्रेस सरकार पैसों की कमी का रोना रोती है, वहीं दूसरी तरफ नियम-कानूनों को ताक पर रख कर कई मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति कर दी जाती है। कैबिनेट रैंक के कई नए पद गठित कर के उन पर मनपसंद व्यक्तियों को बिठा देने का आरोप भी लगा है। भाजपा का कहना है कि इन्हीं लोगों के ऐशोआराम पर 11,000 करोड़ रुपए ऋण लेकर खर्च किया गया है। पिछली सरकारों के मुकाबले ये सरकार तेज़ी से लोन ले रही है।