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‘हिन्दू कीड़े-मकोड़े की तरह मसले जाएँगे… योगी ने कुछ नहीं किया, हमारी सरकार आने पर सब जाएँगे जेल’: अयान कुरैशी को UP पुलिस ने दबोचा

सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में खुद को अयान कुरैशी बता रहा एक मुस्लिम युवक हिन्दुओं को कीड़ा-मकोड़ा कहते हुए अपनी सरकार आने पर सब सफा (मतलब सारे विपक्षी साफ, सारे विरोधी साफ, सारे किए गए काम साफ इत्यादि) हो जाने जैसी बयानबाजी कर रहा है। आरोपित हिन्दुओं के त्योहारों पर बंद होने वाली मांस की दुकानों के फैसले पर भी आपत्ति जताता दिख रहा। पीछे मुस्लिम समुदाय के ही कुछ अन्य लोग भी दिखाई दे रहे हैं, जो अयान कुरैशी का समर्थन कर रहे हैं। पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर FIR दर्ज कर ली है। अयान कुरैशी हिरासत में ले लिया गया है।

यह वीडियो मसूरी थानाक्षेत्र का है। न्यूज़ गैलरी नाम के एक यूट्यूब चैलन ने इसे शनिवार (4 नवंबर 2023) को पब्लिश किया है। 7 मिनट 48 सेकेंड के इस यूट्यूब वीडियो में पत्रकार ने रफ़ीकाबाद में रहने वाले लोगों से सवाल-जवाब किए। इसी दौरान अयान कुरैशी ने भी जवाब दिया। अयान ने कहा, “भाई हिन्दू क्या है? तुम इंडिया में रहने के बाद सिर्फ हिन्दू-हिन्दू हो। कौन से देश में हैं हिन्दू, ये बताओ मुझे। बाबर का इतिहास और उसका इतिहास क्या कर रहे हो… आप कुछ भी कर लो बस इंडिया तक ही सीमित हो।”

सरकार द्वारा हिन्दू तीर्थस्थलों को उनके पौराणिक नाम फिर से देने पर भी अयान कुरैशी ने आपत्तिजनक बयानबाजी की। उसने कहा, “प्रयागराज का नाम वो रख दिया, ये रख दिया। भाई तुम्हारी सरकार है, तुम कुछ भी रख दो। जिस दिन हमारी सरकार आएगी, उस दिन सब सफा (मतलब सारे विपक्षी साफ, सारे विरोधी साफ, सारे किए गए काम साफ इत्यादि) हो जाएगा। जो पहले का था, वही रहेगा।”

कर्नाटक बुर्का विवाद पर भी अयान कुरैशी ने कहा कि मुस्लिम लड़कियों की मर्जी, वो कुछ भी पहनें। इस दौरान अजीब ढंग से अयान ने करवा चौथ जैसे हिन्दू त्योहारों का नाम लेते हुए इस दौरान बंद करवाई जाने वाली मांस की दुकानों पर आपत्ति जताई।

मुर्गे का मांस बेचने वाला अयान कुरैशी ने गायों के संरक्षण पर भी तंज कसा। उसने कहा कि जैसे गाय की चिंता की जा रही है वैसे ही बिल्ली, मुर्गे और भैंसे की भी फ़िक्र की जाए। अयान के मुताबिक योगी आदित्यनाथ ने एक भी काम अच्छा नहीं किया है। अंत में अयान ने कहा, “इस्लाम जिंदा था, है और रहेगा भी।”

इस पूरे इंटरव्यू के दौरान अयान कुरैशी के पीछे मौजूद कुछ लोगों की भीड़ इस बयानबाजी का समर्थन करते हुए बीच-बीच में नारेबाजी करती रही। कैमरे में नहीं दिख रहे बगल खड़े किसी शख्स ने यह भी कहा कि बाबर उनका है।

भारत में रहने, भारतीय लोगों के पैसों पर पलने वाले अयान कुरैशी ने हद तब कर दी, जब उसने कहा:

“मुसलमानों की लड़ाई केवल यहूदियों से है। ये क्या हैं हिन्दू? ये कीड़े-मकोड़े की तरह मसले जाएँगे।”

इस बयान पर पत्रकार ने आपत्ति जताई और ऐसा न बोलने की हिदायत दी। हालाँकि इस हिदायत का अयान कुरैशी पर कोई फर्क नहीं पड़ा और वो अपनी बात पर कायम रहा। इस दौरान एक अन्य व्यक्ति ने सरकार को ढोंगी कहा। अंत में अयान ने कहा, “ये सरकार जाने के बाद इन्हें छुपने की कहीं जगह नहीं मिलेगी। ये सब जेल में जाएँगे। एक-एक कर के। सफा बिलकुल। हम तो इतना जानते हैं।”

इस वायरल वीडियो का गाजियाबाद पुलिस ने संज्ञान लिया है। ACP मसूरी के मुताबिक वीडियो के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपित अयान कुरैशी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जर्मनी के हैम्बर्ग एयरपोर्ट पर कार लेकर घुसा शख्स, किए फायर: उड़ानें रद्द, पुलिस ने इलाके को घेरा, साथ में रखा है बच्चा

जर्मनी के हैम्बर्ग में एक सिरफिरा एयरपोर्ट के रनवे पर गाड़ी लेकर घुस गया है। आशंका जताई जा रही है कि वह एक अपहरणकर्ता है। एयरपोर्ट पर आने-जाने वाली सैकड़ों उड़ानों को या तो फिलहाल रोक दिया गया है या फिर रद्द कर दिया गया है।

हैम्बर्ग पुलिस द्वारा एक्स (पहले ट्विट्टर) पर दी गई जानकारी के अनुसार, शनिवार को स्थानीय समय शाम 8:00 बजे एक सिरफिरा अपनी गाड़ी को एयरपोर्ट के बैरियर तोड़ते हुए रनवे तक ले गया, जिससे एयरपोर्ट का कामकाज रुक गया।

अभी तक सामने आई जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट पर गाड़ी ले जाने वाले 35 साल के शख्स के साथ 4 साल का एक बच्चा भी है। पुलिस इसे अपहरण का मामला मानकर चल रही है। इस शख्स की पत्नी ने बताया है कि बच्चे को अपने पास रखने के विवाद में उसने अपहरण किया है। पति-पत्नी के बीच बच्चे को अपने रखने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था।

इस शख्स ने अपनी गाड़ी से दो बार हवाई फायर किया और जलती हुई बोतलें भी फेंकी। पुलिल ने फायरिंग की पुष्टि नहीं की है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उसने किसी हमले की धमकी दी है या नहीं। हैम्बर्ग पुलिस उससे सम्पर्क साधने में सफल रही है और मनोवैज्ञानिकों के साथ उससे बातचीत कर रही है।

इस शख्स की पत्नी ने कहा कि आरोपित उसके संपर्क में है। इस दौरान हैम्बर्ग से उड़ने वाले सभी विमानों से लोगों को निकालकर आसपास के होटल में ले जाया गया है। किसी भी नई उड़ान पर रोक लगा दी गई है। बाहर से आने वाली उड़ानों का रास्ता बदल दिया गया है।

एयरपोर्ट जाने वाली सड़कों और रेल को भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर हैम्बर्ग एयरपोर्ट से कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि कुछ हवाई जहाज़ों के पास जमीन पर आग लगी हुई है और उसे सुरक्षाकर्मी उसे बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।

इस पूरी घटना में अभी तक किसी के घायल होने या मारे जाने की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय पुलिस और एयरपोर्ट सुरक्षा के अतिरिक्त घटनास्थल पर जर्मनी की स्पेशल फ़ोर्स, स्वाट और अन्य टीमें पहुँची हैं।

छत्तीसगढ़ में BJP नेता की दिनदहाड़े हत्या: नक्सलियों ने दौड़ा-दौड़ा कर खंजर-कुल्हाड़ी से किए वार, पहले धमकी दी थी- कोई बस्तर वोट माँगने मत आना

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों से पहले बस्तर में भाजपा नेता रतन दुबे की हत्या कर दी गई। दुबे बस्तर में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और नारायणपुर जिला पंचायत सदस्य थे। कथिततौर पर चुनाव प्रचार के लिए आयोजित रैली के बाद ही रतन दुबे पर नक्सलियों ने दिनदहाड़े धारदार हथियार से हमला बोला।

बता दें कि दुबे की हत्या से पहले नक्सलियों ने 10 दिन पहले धमकी दी थी कि कोई राजनैतिक पार्टी का कार्यकर्ता या प्रत्याशी बस्तर में वोट माँगने न आए। लेकिन 7 और 17 को मतदान के मद्देनजर रतन दुबे वोटों के लिए गए और नक्सलियों ने उन्हें वहीं जान से मार दिया।

पुलिस का कहना है कि उन्होंने इस केस को दर्ज कर लिया है और आगे जाँच की जा रही है। दुबे नारायणपुर जिला के पंचायत सदस्य थे और कौशलनगर के ढौदई क्षेत्र में रैली करने आए थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रचार खत्म होने के बाद मंच के पास मुर्गों की लड़ाई का आयोजन किया गया, जिसके कारण वहाँ भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान ग्रामीणों के वेश में आए पुरुषों का एक समूह चुपचाप भीड़ से अलग हो गया और मंच के पास आने लगा।

दुबे ने उन्हें तुरंत देख खतरे को भांप लिया। वह मंच से कूदकर भागने लगे। हंगामे के कारण ग्रामीणों की नजर भी वहाँ पड़ी और सबने देखा कि बंदूक, खंजर और कुल्हाड़ी लिए लोगों का एक समूह दुबे का पीछा कर रहा थे।

कुछ दूर पीछा करने के बाद एक नक्सली ने दुबे पर पीछे से गोली मारी। जैसे ही वो नीचे गिरे वैसे ही उनके ऊपर पीछे खंजर और कुल्हाड़ी लेकर हमला बोल दिया गया। ये घटना जरघाटी थाने से 5 किलोमीटर दूर शाम करीब 5:30 हुई। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है

भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम प्रकाश माथुर ने कहा, “रतन दुबे को नक्सलियों में टुकड़ों में काट दिया। मैं अपील करता हूँ पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से उनकी मौत का बदला चुनाव जीत कर लिया जाए। टारगेट किलिंग लगातार हो रही है। ये दिखाता है कि छत्तीसगढ़ में हालात बद्तर हैं। नक्सली डरे हैं क्योंकि जानते हैं कि भाजपा सत्ता में आई तो वो नहीं रह पाएँगे।”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 16 जनवरी को भाजपा कार्यकर्ता बुधराम करतम की हत्या की गई थी। इसके बाद भाजपा नेता नीलकंथ कक्कम को मारा दया था। 10-11 फरवरी में नारायणपुर के ही उपाध्यक्ष साग साहु और दंतेवाड़ा में रामधर अलामी की हत्या हुई थी।

जेल के बाहर भी आतंकी रहेगा ‘कैद’, भागेगा तो दबोचा जाएगा: जम्मू-कश्मीर पुलिस GPS ट्रैकर इस्तेमाल करने वाली देश की पहली पुलिस बनी

आतंकियों को जमानत पर छोड़ने के बाद उन पर कड़ी निगाह रखी जाएगी। इसके लिए उनके पैरों में GPS ट्रैकर डालने का निर्णय लिया है। ऐसा करने वाली जम्मू-कश्मीर पुलिस देश की पहली पुलिस फोर्स बन गई है। आतंकियों के पैरों में डाले गए इस ऐंकलेट के जरिए आतंकी की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

GPS ट्रैकर एंकलेट एक डिवाइस होती है। इसे किसी शख्स के टखने के चारों तरफ चिपका दिया जाता है। इसे लगाने के बाद वह व्यक्ति जहाँ भी जाएगा, उसके बारे में ऑपरेटर को जानकारी मिलती रहेगी। अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में जमानत या परोल पर जाने वाले कैदियों के लिए इस डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है।

पुलिस का कहना है कि इस डिवाइस को NIA की स्पेशल कोर्ट के एक आदेश के बाद इस्तेमाल में लाया गया है। NIA की स्पेशल कोर्ट ने पुलिस को एक खूँखार आतंकी पर नजर रखने के लिए उस पर जीपीएस ट्रैकर लगाने का निर्देश दिया था। पश्चिमी देशों में इस डिवाइस का इस्तेमाल घर में नजरबंद कैदियों की निगरानी के लिए भी किया जाता है।

जिस आतंकी पर पहली बार इस ट्रैकर का इस्तेमाल किया गया है, उसका नाम गुलाम मोहम्मद भट्ट है। भट्ट को UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था। उसने जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन किया था। जमानत पर सुनवाई लंबित रहने के कारण आरोपित ने कोर्ट से अंतरिम जमानत की माँग की थी। इसके बाद कोर्ट ने यह निर्णय दिया।

आरोपित गुलाम भट्ट पर कई आतंकी संगठनों से जुड़े होने के आरोप हैं। वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन केकहने पर कश्मीर में आतंकी फाइनेंसिंग में शामिल हो गया था। ऐसे ही एक मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। उसे 2.5 लाख रुपए की टेरर फाइनेंसिंग करते समय गिरफ्तार किया गया था।

वहीं, एक अन्य मामले में आतंकी संगठन से जुड़ने और साजिश रचने के आरोप में NIA कोर्ट और दिल्ली की पाटियाला हाउस कोर्ट ने उसे दोषी ठहरा चुकी है। इसको देखते हुए कोर्ट ने पुलिस से उस पर कड़ी निगरानी रखने के लिए कहा था। इसके बाद अभियोजन पक्ष की दलील के बाद कोर्ट ने उस पर जीपीएस ट्रैकर लगाने का निर्देश दिया।

‘CM शिवराज सिंह चौहान से खुश हैं 77% मतदाता’: ओपिनियन पोल में मध्य प्रदेश में BJP को पूर्ण बहुमत, महिलाओं का रुझान भाजपा को दिलाएगा बड़ी जीत

मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके लिए सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कॉन्ग्रेस जोर-शोर से प्रचार में लगे हुए हैं। अब ‘Pollsters India’ नामक एजेंसी ने राज्य में ओपिनियन पोल किया है, जिसमें कॉन्ग्रेस पार्टी पिछड़ती हुई दिख रही है। इस ओपिनियन पोल की मानें तो राज्य में जहाँ भाजपा 124 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत पा सकती है, वहीं कॉन्ग्रेस मात्र 97 सीटों पर सिमटती हुई दिख रही है। एजेंसी ने बताया है कि महिला मतदाताओं का भाजपा के प्रति रुझान इसका प्रमुख कारण है।

‘पोल्स्टर्स इंडिया’ के ओपिनियन पोल के हिसाब से महिला मतदाताओं के बीच भाजपा 20% से आगे है। इतना ही नहीं, OBC और जनजातीय समाज के बीच भी भाजपा आगे दिख रही है। 41% मतदाताओं ने कहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान का प्रदर्शन उत्कृष्ट है, वहीं 36% ने कहा कि उनका काम संतोषजनक है। ये सर्वे 3 अक्टूबर से लेकर 30 अक्टूबर के बीच 35,268 सैम्पल लेकर किया गया। इसमें पाया गया कि कॉन्ग्रेस पर भाजपा की बढ़त 5% है, जो उसे चुनाव जीता सकता है।

इस ओपिनियन पोल की मानें तो 2018 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले उसका वोट 3.1 प्रतिशत बढ़ जाएगा। वहीं कॉन्ग्रेस के वोट शेयर में 2.1% की कमी आने की उम्मीद है। भाजपा को जहाँ 44.7% वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है, वहीं कॉन्ग्रेस का वोट शेयर 39.4% रहने की उम्मीद है। बीच में 15 महीने छोड़ दें (जब कमलनाथ CM थे) तो भाजपा यहाँ 19 वर्षों से सत्ता में है। जहाँ 31% मतदाताओं ने कहा कि भाजपा की जन-कल्याणकारी योजनाएँ गेमचेंजर साबित होंगी, जबकि 34% ने कहा कि इसका प्रभाव पड़ेगा।

कॉन्ग्रेस में 2 पूर्व मुख्यमंत्रियों कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच खींचातानी और अंदरूनी कलह को भी पार्टी के खराब प्रदर्शन का कारण माना गया है। 44% ने कहा कि उनका कार्यकाल अच्छा है, जबकि 21% ने ही पूर्व सीएम कमलनाथ के कार्यकाल को उनसे बेहतर बताया। केंद्र सरकार के कामकाज के कारण भी भाजपा को फायदा हो रहा है। जहाँ 54% उत्तरदाताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदर्शन को उत्कृष्ट बताया, वहीं 35% ने कहा कि उनका काम संतोषजनक है।

‘जमीन होनी थी सरकार की, कब्जा मुफीद और रिहाना जैसों का’: जो पाकिस्तान चला गया उसके नाम पर बनाते रहे फर्जी कागजात, आज़ादी के 76 साल बाद FIR

उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में पाकिस्तान की सम्पत्ति पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। यहाँ मुफीद खान, रिहाना और कुछ अन्य लोगों पर 1947 में पाकिस्तान चले गए एक व्यक्ति की जमीन को फर्जी कागजात बनवा कर अपने नाम करवाने का आरोप लगा है। अदालत के आदेश पर नोएडा पुलिस ने 24 अक्टूबर, 2023 को कई धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। फिलहाल मामले की जाँच की जा रही है।

इस मामले में शिकायतकर्ता नूर मोहम्मद नाम का एक व्यक्ति है जो मूलतः मेवात के पुन्हाना क्षेत्र का रहने वाला है। शिकायतकर्ता ने बताया है कि साल 1947 में हुए बँटवारे में जेवर का रहने वाला तौफीक नाम का व्यक्ति भारत से पाकिस्तान चला गया था। जाते हुए तौफीक की 6.838 हेक्टेयर जमीन भारत में रह गई थी। यह जमीन नोएडा के मेहंदीपुर आलियाबाद में मौजूद है। शिकायतकर्ता का कहना है कि तौफीफ की जमीन नियमानुसार भारत सरकार की होनी चाहिए थी।

अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगा कर शिकायतकर्ता ने बताया कि यह जमीन तौक़ीफ के पाकिस्तान जाने के बाद भी लम्बे समय तक उसी के नाम पर कागजातों में बनी रही। शिकायत में आगे मुफीद खान उर्फ़ एम ए खान को नटवरलाल बताते हुए आरोप लगाया गया है कि उसने तौक़ीफ की जमीन के फर्जी लोगों के साथ मिल कर नकली कागजात बनवाए। दावा है कि इन्हीं नकली कागजातों के आधार पर पाकिस्तान चले गए तौफीक की जमीन को मुफ़ीद खान द्वारा अपनी बीवी रिहाना के नाम करवा दिया गया।

दोनों आरोपित जेवर थानाक्षेत्र के किला कॉलोनी के निवासी बताए गए हैं। शिकायतकर्ता द्वारा इस मामले की शिकायत 9 और 10 अक्टूबर, 2023 को थाना प्रभारी जेवर, पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर और SDM जेवर से स्पीड पोस्ट व ई मेल के जरिए करने की बात कही गई है। हालाँकि, इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उलटे आरोप है कि 11 अक्टूबर को रिहाना और मुफीद ने पीड़ित को केस वापसी का दबाव बनाते हुए अंजाम भुगतने की धमकी दी।

हालाँकि, पुलिस स्तर से कार्रवाई न होता देख पीड़ित ने अदालत की शरण ली है। अदालत के आदेश पर जेवर थानाक्षेत्र में यह मुकदमा IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 120 B और 506 के तहत 24 अक्टूबर 2023 को दर्ज हुआ। मामले में रिहाना और मुफीद खान को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात लोगों का नाम है। मामले की जाँच सब इंस्पेक्टर अजय कुमार को सौंपी गई है। मीडिया से बात करते हुए थाना प्रभारी जेवर ने बताया कि केस की जाँच करवाई जा रही है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पूर्व के कई अधिकारियों पर उठे सवाल

ऑपइंडिया ने इस मामले पर शिकायतकर्ता के वकील इरशाद चौधरी से बात की। इरशाद ने दावा किया कि यदि मामले की उच्चस्तरीय जाँच हो तो पाकिस्तानी व्यक्ति की जमीन को हथियाने में कई पूर्व अधिकारी भी शामिल मिलेंगे। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति पाकिस्तान चला गया था भारत में उसका न सिर्फ निवास प्रमाण पत्र बनता रहा बल्कि उसकी मौत का भी सर्टिफिकेट जारी करके जमीन की हेराफेरी में पूर्व के कई अधिकारियों ने साजिश में हाथ बँटवाया है।

एडवोकेट इरशाद चौधरी का दावा है कि तौकीक की जमीन जेवर कोर्ट के पास ही है जो सरकार के कई बड़े कामों में प्रयोग आ सकती है जिसमें पुलिस लाइन या अदालत तक खुल सकती है। एडवोकेट इरशाद के मुताबिक केस में नामजद आरोपित इससे पहले भी कुछ जमीनों की हेराफेरी में शामिल रह चुके हैं लेकिन उन पर अभी तक प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया है। हालाँकि उन्होंने इस कानूनी लड़ाई को आगे भी जारी रखने का ऐलान किया। इरशाद चौधरी ने इस बात में भी हैरत जताई है कि देशद्रोह से भी गंभीर इस मामले में अभी तक किसी भी आरोपित को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है।

राजस्थान पुलिस ने एल्विश यादव को छोड़ा, कार रोक कर की थी पूछताछ: नोएडा पुलिस से बातचीत के बाद जाने दिया

राजस्थान पुलिस ने एल्विश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद उनसे पूछताछ की, अब उन्हें छोड़ दिया गया है। मीडिया में उनकी गिरफ़्तारी की खबर सामने आई, उसके कुछ ही देर बाद सूचना आई कि उन्हें छोड़ दिया गया है। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) उमेश मिश्रा ने उन्हें हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की थी। मीडिया में बताया गया कि एक चेकपॉइंट के पास उनकी कार को रोका गया था। उनकी पहचान ज़ाहिर होने के बाद कोटा पुलिस ने हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की।

फिर उन्हें छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि कोटा पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने के बाद नोएडा पुलिस से संपर्क किया और इसकी सूचना दी। हालाँकि, यूपी पुलिस ने स्पष्ट किया कि वो फ़िलहाल वॉन्टेड नहीं हैं और फरार नहीं चल रहे, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। दोनों राज्यों की पुलिस ने आपस में बातचीत की, फिर उन्हें छोड़ दिया गया। एल्विश यादव फ़िलहाल अपने अगले प्रोजेक्ट्स की शूटिंग और प्रमोशन से जुड़े गतिविधियों में व्यस्त हैं।

राजस्थान पुलिस ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने चुनाव के मद्देनज़र रखते हुए नाकाबंदी लगाई थी और इसी दौरान कार में बैठे व्यक्ति व्यक्ति की पहचान एल्विश यादव के रूप में हुई, तभी उन्हें रोका गया था। नोएडा पुलिस से बातचीत करने के बाद उन्हें रोकने की ज़रूरत नहीं महसूस हुई और उन्हें छोड़ दिया गया।

एल्विश यादव की सोशल मीडिया पर बहुत बड़ी फैन फॉलोविंग है। जहाँ यूट्यूब पर उनके 1.46 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं, वहीं इंस्टाग्राम पर उनके पेज को 1.56 करोड़ लोगों ने लाइक कर रखा है। वहीं फेसबुक पर भी एल्विश यादव के 45 लाख फॉलोवर्स हैं। ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी अक्सर उनके सपोर्ट में उनके फैंस ट्रेंड चलते रहते हैं, जहाँ उनके हैंडल पर 7.12 लाख फॉलोवर्स हैं। अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। साँपों के साथ उनके कुछ वीडियो भी सामने आए थे।

हालाँकि, उन्होंने एक स्पष्टीकरण जारी कर के कहा था कि ये सभी वीडियो 5-6 महीने पुराने हैं। उनका कहना है कि गानों की शूटिंग के लिए इनका इस्तेमाल किया गया था। मीडिया में यहाँ तक दावा किया गया था कि वो भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कोटा ग्रामीण स्थित रामगंज सुकेत थाने की पुलिस ने ये कार्रवाई की थी। रेव पार्टी और साँपों के ज़हर से नशे के मामले में नोएडा पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।

I.N.D.I. गठबंधन ने किया बहिष्कार, कॉन्ग्रेसी पूर्व CM ने किया सत्कार: कमलनाथ के साथ दिखीं नविका कुमार तो भड़का विपक्षी गिरोह

लोकसभा चुनाव-2024 से पहले भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार को हराने के लिए विपक्षी दलों का इंडी गठबंधन (INDI Alliance ) उससे पहले ही टूटता दिख रहा है। आए दिन गठबंधन के दल एक दूसरे के खिलाफ तीखे बयान-बाजी कर रहे हैं।

दल में देश की विपक्षी पार्टियों को पीएम मोदी के खिलाफ एकजुट करने का झंडा बुलंद करने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी से गठबंधन के बाकी दल खार खाए बैठे हैं। इस कड़ी में अब मध्य प्रदेश समाजवादी पार्टी की यूनिट ने कॉन्ग्रेस नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ के इंडी गठबंधन के बहिष्कृत पत्रकारों में शामिल नविका कुमार के साथ घूमने पर आड़े हाथों लिया।

समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश यूनिट ने अपने एक्स हैंडल पर कॉन्ग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा के हैंडल पर पत्रकार नविका कुमार और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ की फोटो के साथ ही इंडी गठबंधन के बहिष्कृत पत्रकारों की लिस्ट के साथ लिखा गया, “इंडिया अलायन्स की मीटिंग में सर्वसम्मति से तय हुआ था कि कुछ पत्रकार जो भाजपा के एजेंडे पर डिबेट्स करते हैं उनके किसी कार्यक्रम में अलायन्स में शामिल दलों के प्रतिनिधि नहीं जाएँगे और ना ही उन्हें बुलाएँगे। अब कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता। पूर्व मुख्यमंत्री तथा मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के सर्वेसर्वा कमलनाथ जी इंडिया अलायन्स द्वारा बहिष्कृत पत्रकार को लेकर अपने साथ चुनाव प्रचार में घूम रहे। कॉन्ग्रेस पार्टी खुद इंडिया अलायन्स के साथी दलों के साथ ईमानदार नहीं है और कॉन्ग्रेस खुद भाजपा के एजेंडे पर काम कर रही।”

गौरलतब है I.N.D.I. अलायंस ने गुरुवार, (14 सितंबर, 2023 ) को खुलेआम 14 समाचार एंकरों की एक सूची जारी कर उनके ‘बहिष्कार’ का फैसला लिया था। इनकी लिस्ट इसी दिन कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई थी। 

अब उसी कॉन्ग्रेस के नेता कमलनाथ मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले लिस्ट में 9वें नबंर पर शामिल पत्रकार नविका कुमार के साथ चुनाव प्रचार अभियान पर जाते हैं और उनसे बात करते हैं। इससे इंडी गठबंधन के दलों की छाती पर साँप लोटना स्वाभाविक था।

इससे पहले भी चुनावी राज्य एमपी में सीटों को लेकर नाराज समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव कॉन्ग्रेस पार्टी की छिछालेदार कर चुके हैं। उन्हें यहाँ कॉन्ग्रेस ने पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए वादे के मुताबिक 6 सीटें तो छोड़िए, एक भी सीट नहीं दी।

इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा कि अगर उन्हें पता होता कि राज्यों के स्तर पर गठबंधन नहीं है, तो वो कभी इंडी गठबंधन की किसी बैठक में जाते ही नहीं। इसके बाद उनकी पार्टी ने यहाँ अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

यहाँ के प्रदेश प्रभारी व्याजी गोंड ने कहा समाजवादी पार्टी सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की कोशिश कर रही है। अभी तक 31 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया गया है। उधर दूसरी तरफ सभी विपक्षी दलों को बटोर कर लाने वाले बिहार के सीएम नीतिश कुमार का भी कुछ ऐसा ही हाल है।

इस बीच, अखिलेश यादव ने भी साफ कर दिया है कि वो इंडी गठबंधन को परे रखकर उत्तर प्रदेश की 80 में से 65 लोकसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे। उन्हें किसी दल के संग-साथ की जरूरत नहीं है।

वहीं जम्मू-कश्मीर से भी इंडी गठबंधन में शामिल दल जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) के भी इसे लेकर बगावती तेवर दिखने लगे हैं। जेकेएनसी के वाइस प्रेजिडेंट उमर अब्दुल्ला भी कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ के संग पत्रकार नाविका कुमार को देख अपनी त्यौरियाँ चढ़ा रहे हैं। उन्होंने अपने एक्स हैंडल से तंज करते हुए पोस्ट किया, “एंकरों का बहिष्कार करने वाली एक मूर्खतापूर्ण सूची के लिए इतना ही। मुझे खुशी है कि यह अपनी ही मौत मर गया INDIA गठबंधन।”

खुद को सभी को साथ लेकर चलने वाला नेता बताते हुए बिहारी बाबू नीतीश कुमार ने गुरुवार (2 नवंबर, 2023) को सीपीआई और वामदलों की पटना में हुई एक रैली के मंच से कॉन्ग्रेस पर सवालिया निशान लगाए। उन्होंने कहा कि अभी कॉन्ग्रेस पार्टी गठबंधन पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उसका तवज्जो महज 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों पर है।

नीतीश कुमार का ये बयान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव जैसा ही है। कॉन्ग्रेस पर हमलावर होते हुए सीएम नीतीश कुमार ने इंडी गठबंधन से बाहर जाने की बात साफ तो नहीं की, लेकिन ये कहा कि वो सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं। इसलिए ही सभी को एकजुट कर रहे हैं।

उन्होंने खुद को सोशलिस्ट का तमगा देते हुए कहा कि सीपीआई से पुराना रिश्ता है। कम्युनिस्ट और सोशलिस्ट को एक होकर आगे चलना है। अब एक बार पाँचों राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म हो जाए, उसके बाद इस गठबंधन के भविष्य पर चर्चा होगी।

भाजपा के खिलाफ गठबंधन बनाने में सीएम नीतीश कुमार अहम रोल में रहे। उन्होंने भाजपा के खिलाफ सभी दलों को इकट्टा करने में एड़ी चोटी का जोर लगाया था। इसी वजह से पटना की बैठक के बाद मुंबई और फिर बेंगलुरु में बैंठके हुईं।

इस बैठक में ही राहुल गाँधी ने उनसे पूछे बगैर ही गठबंधन का नामकरण I.N.D.I. Alliance कर डाला था। इससे सुशासन बाबू खासे नाराज हुए थे और गठबंधन की तरफ से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुए थे। हालाँकि बाद में साझा बयान जारी कर इस घटना पर लीपापोती करने की कोशिश की गई थी।

यही नहीं एजेंडा के तौर पर शामिल की गई जातीय जनगणना की माँग पर सभी दलों की रजामंदी नहीं थी। इसके बाद इस मुद्दे को भी राहुल गाँधी ने हाईजैक करने की कोशिश की है और वो लगातार इस मुद्दे पर खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं।

वहीं दक्षिण में इंडी गठबंधन का हिस्से डीएमके पार्टी ने सनातन पर उल्टी-सीधी बयानबाजी की। इस पर गठबंधन चुप्पी साधे बैठे रहा। हालाँकि उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए बयान के बाद इंडी गठबंधन की भोपाल की रैली चुनावों की वजह से कॉन्ग्रेस के दबाव में रद्द कर दी गई।

उधर दूसरी तरफ आरजेडी के नेताओं की सनातन और हिंदू विरोधी बयानों पर गठबंधन के सभी दल होठ सिले बैठे रहे। इसी तरह पंजाब से लेकर दिल्ली तक आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस की तनातनी जगजाहिर है। उधर सीएम ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में वामदलों के साथ काम करने में एतराज हैं।

एल्विश यादव को राजस्थान पुलिस ने पकड़ा, नोएडा पुलिस ने कहा – ‘वांछित नहीं’ तो छोड़ा: रेव पार्टी और साँपों के ज़हर से नशा मामले में दर्ज है मुकदमा


ताज़ा अपडेट: एल्विश यादव को राजस्थान पुलिस ने छोड़ दिया है। नोएडा पुलिस ने बातचीत के दौरान कहा कि वो वांछित नहीं हैं, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

रेव पार्टी और साँपों के ज़हर का नशे के रूप में इस्तेमाल के आरोपों में फँसे यूट्यूबर एल्विश यादव को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ यूपी पुलिस ने FIR दर्ज की थी। इनमें से 5 आरोपित 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजे भी जा चुके हैं। 9 ज़िंदा साँप और 20 मिलीलीटर ज़हर बरामद किए जाने के संबंध में ये कार्रवाई की गई है। एल्विश यादव ‘बिग बॉस OTT’ के 2023 संस्करण के विजेता हैं और खासे चर्चा में रहते हैं।

एल्विश यादव की सोशल मीडिया पर बहुत बड़ी फैन फॉलोविंग है। जहाँ यूट्यूब पर उनके 1.46 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं, वहीं इंस्टाग्राम पर उनके पेज को 1.56 करोड़ लोगों ने लाइक कर रखा है। वहीं फेसबुक पर भी एल्विश यादव के 45 लाख फॉलोवर्स हैं। ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी अक्सर उनके सपोर्ट में उनके फैंस ट्रेंड चलते रहते हैं, जहाँ उनके हैंडल पर 7.12 लाख फॉलोवर्स हैं। अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। साँपों के साथ उनके कुछ वीडियो भी सामने आए थे।

हालाँकि, उन्होंने एक स्पष्टीकरण जारी कर के कहा था कि ये सभी वीडियो 5-6 महीने पुराने हैं। उनका कहना है कि गानों की शूटिंग के लिए इनका इस्तेमाल किया गया था। बताया जा रहा है कि पुलिस की नाकेबंदी को देख कर एल्विश यादव भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कोटा ग्रामीण स्थित रामगंज सुकेत थाने की पुलिस ने ये कार्रवाई की है। रेव पार्टी और साँपों के ज़हर से नशे के मामले में नोएडा पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।

खबर ये भी है कि एल्विश यादव को गिरफ्तार कर के नोएडा लाया जा रहा है। उनकी गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है। कुछ खबरों में उन्हें फरार बताया जा रहा था। नोएडा के सेक्टर-49 में उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया गया था। भाजपा सांसद मेनका गाँधी ने बढ़-चढ़ कर उनकी गिरफ़्तारी की माँग की थी। उनकी संस्था ‘पीपल फॉर एनिमल’ ने ही इस मामले का खुलासा भी किया था। राहुल नामक एक तस्कर के साथ उनके संबंध होने के आरोप भी हैं।

‘रामलला के लिए दान करना चाहता हूँ 11 किलो का सोने का मुकुट, उसमें लगे हैं 101 हीरे’: राम मंदिर ट्रस्ट को महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने लिखा पत्र

महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने एक बार फिर से जेल से पत्र लिखा है। उसने इच्छा जताई है कि वो राम मंदिर के लिए दान देना चाहता है। बकौल महाठग, वो रामलला के लिए सोने का मुकुट दान करना चाहता है। उसने ये चिट्ठी ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के नाम लिखी है और इसमें कहा गया है कि वो जो मुकुट दान में देना चाहता है वो 11 किलोग्राम का है और 916.24 कैरेट सोने से बनी है। उसका कहना है कि इस मुकुट में 101 हीरे भी लगे हुए हैं।

उसने दावा किया है कि हर हीरा 5 कैरेट का है। मुकुट के बीच में एक पन्ना का पत्थर भी लगा हुआ है, जो 50 कैरेट का है। उसने यहाँ तक दावा किया है कि इस मुकुट को दक्षिण भारत के एक बड़े ज्वेलर्स द्वारा तैयार किया गया है। उसने इस पत्र में खुद और अपने परिवार की भगवान रामचंद्र के प्रति अटूट भक्ति होने का भी दावा किया है और कहा है कि इसी कारण वो ये मुकुट दान करने के लिए प्रेरित हुआ है। उसने इसे सपने सच होने जैसा बताया है।

उसने दावा किया है कि ये एक गहन आशीर्वाद है। सुकेश चंद्रशेखर ने कहा कि उसके जीवन में जो भी है वो भगवान श्रीराम के आशीर्वाद का भी प्रमाण है। उसने कहा कि यह योगदान उसके लिए एक बड़े मील का पत्थर बन गया है। उसने अनंत मलिक को अपना क़ानूनी सलाहकार और स्टाफ बताते हुए कहा है कि आगे की कार्यवाही के लिए उसे अधिकृत किया गया है। उसने आवश्यक बिल, रसीदें और प्रमाण पत्र प्रदान करने सहित सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करने का आश्वासन भी दिया है।

उसने लिखा है कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक काम पूरा हो जाएगा। महाठग सुकेश चंद्रशेखर का कहना है कि 22 जनवरी, 2024 को अभिषेक समारोह में वो अपना मुकुट रामलला को पहनाए जाने की इच्छा रखता है। फ़िलहाल वह राष्ट्रीय राजधानी स्थित मंडोली में जेल-11 में बंद है। हालाँकि, ये जान लेने वाली बात है राम मंदिर ट्रस्ट ने इसका कोई जवाब नहीं दिया है और न ही मुकुट को स्वीकार किया गया है। सुकेश इससे पहले अक्सर अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को पत्र लिखने के लिए जाना जाता रहा है।