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17 साल की लड़की, स्कूल में चुम्मा, प्राइवेट पार्ट छुआ, अगले साल रेप: CPM नेता की भतीजी का केस, कोर्ट में वीडियो… चाचा पर गंभीर आरोप

केरल में कासरगोड का रहने वाला 20 साल का मोहम्मद अंजार पिछले 25 दिनों से न्यायिक हिरासत में है। उस पर 17 साल की नाबालिग लड़की से बलात्कार और यौन शोषण का आरोप है। पीड़िता को आरोपित की गर्लफ्रेंड बताया जा रहा है। अब आरोपित के परिवार ने इस केस को एक साजिश बताया है। साजिश किसने की? आरोपित के परिवार के अनुसार CPM नेता मोहम्मद सलमान (बदला हुआ नाम) ने। आरोपित युवक के पिता द्वारा अदालत में सबूत के तौर पर एक वीडियो जमा की गई। वीडियो में 17 साल की पीड़ित लड़की ने खुद को बालिग बताते हुए मोहम्मद अंजार पर लगाए गए आरोपों को दबाव में उठाया गया कदम बताया है।

मनोरमा की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला कासरगोड के नीलेश्वर थानाक्षेत्र का है। यहाँ की रहने वाली और केस दर्ज करते समय अपनी उम्र 17 साल बताने वाली एक लड़की ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में पुलिस में यौन शोषण की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड मोहम्मद अंजार पर आरोप लगाया कि उसने साल 2022 में स्कूल के अंदर न सिर्फ जबरन उसे चुम्मा लिया बल्कि प्राइवेट पार्ट को गलत ढंग से छुआ भी। पीड़िता की शिकायत में आरोपित द्वारा जुलाई 2023 में उसके साथ रेड मून बीच पर रेप करना भी शामिल था।

लड़की की इस शिकायत पर पुलिस ने मोहम्मद अंजार के खिलाफ IPC में बलात्कार की धारा 376 (1) के साथ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर लिया। नवम्बर के पहले सप्ताह में पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। अब आरोपित के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मोहम्मद अंजार को सिर्फ लड़की से प्यार करने की वजह से फर्जी केस में फँसाया गया है। इस पूरी साजिश के सूत्रधार के तौर पर CPM पार्टी के नेता मोहम्मद सलमान (बदला हुआ नाम) का नाम लिया गया है।

शुक्रवार (27 अक्टूबर 2023) को मोहम्मद अंजार की जमानत अर्जी कासरगोड की अदालत में दाखिल हुई। अंजार के 57 वर्षीय अब्बा अबू बकर ने कोर्ट में लड़की का एक वीडियो बयान पेन ड्राइव के जरिए दाखिल किया। यह वीडियो लड़की ने खुद बना कर अपने एक दोस्त को भेजा था। वीडियो को अंजार के परिवार तक पहुँचाने की अपील भी की गई थी। वीडियो में पीड़िता ने अपने ही परिजनों पर खुद को जबरन बंधक बना कर रखने और स्कूल जाने से रोकने का आरोप लगाया है।

लड़की का यह भी दावा है कि अंजार ने उसके साथ कभी भी शारीरिक संबंध नहीं बनाए। गुरुवार (26 अक्टूबर 2023) को रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में लड़की ने खुद को 18 साल की बालिग बताया। लड़की ने अपने चाचा और CPM नेता मोहम्मद सलमान (बदला हुआ नाम) पर अपनी पिटाई का आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने ही मोहम्मद अंजार पर फर्जी केस दर्ज करवाने का दबाव बनाया था। लड़की ने अदालत से अंजार के साथ खुद को भी अपने घर वालों से बचाने की गुहार लगाई है। बकौल पीड़िता उसे उनके ही घर वालों द्वारा ठीक से खाना भी नहीं दिया जा रहा है।

आरोपित अंजार के अब्बा अबू बकर ने भी CPM नेता मोहम्मद सलमान (बदला हुआ नाम) पर गंभीर आरोप जड़े। उनका कहना है कि मोहम्मद सलमान (बदला हुआ नाम) ने उनके बेटे और उसके 3 साथियों को 2-3 अक्टूबर की रात में अपने घर में बंद करके बेरहमी से पीटा था। आरोप है कि जब वो अंजार से अपनी भतीजी का कोई अवैध संबंध साबित नहीं कर पाए तब फर्जी शिकायत दर्ज कर उसे जेल भिजवा दिया। इन आरोपों की पुष्टि अंजार के साथियों अलजाब, हसन और जामिन ने भी की है। उन्होंने बताया कि मोहम्मद सलमान (बदला हुआ नाम) ने अपने 10 साथी गुंडों के साथ उन्हें बंधक बना कर पीटा है।

CPM नेता मोहम्मद सलमान (बदला हुआ नाम) का दावा है कि अंजार और उसके साथियों के मोबाइल से उनकी भतीजी की आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें मिली थीं। उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को भी गलत बताया है। हालाँकि पुलिस ने अदालत में अंजार की जमानत का विरोध किया है। पीड़िता के मेडिकल परीक्षण में भी यौन शोषण की पुष्टि नहीं हुई है। सभी दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 30 अक्टूबर तय की है।

पाकिस्तान में फिलिस्तीन के समर्थन में रैली: पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर मारा, फायरिंग और आगजनी, 43 गिरफ्तार

आतंकी संगठन हमास के समर्थन में रैली निकालकर फिलिस्तीन के प्रति एकजुटता का दिखावा दुनिया भर में किया जा रहा है, जबकि सीरिया-सूडान जैसे मुल्कों में मारे जा रहे मुस्लिमों को कोई इस्लामी देश आश्रय देने को तैयार नहीं है। फिलिस्तीन के प्रति ऐसा ही दिखावा पाकिस्तान में रैली के जरिए करने की कोशिश की जा रही थी। इस दौरान जमकर फायरिंग और आगजनी हुई।

कट्टरपंथी राजनीतिक दल जमात-ए-इस्लामी (JI) द्वारा शनिवार (28 अक्टूबर 2023) को रैली की तैयार कर रही थी। इस रैली के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे थे। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस भारी दल के साथ घटनास्थल पर पहुँची और लाउडस्पीकर को जब्त कर लिया। इसके बाद पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी की गई।

जमात ने यह रैली बिना जिला प्रशासन की अनुमति के आयोजित किया था। पुलिस ने शनिवार को श्रीनगर राजमार्ग पर दो अलग-अलग ‘झड़पों’ में जमात-ए-इस्लामी के 40 से अधिक कार्यकर्ताओं और तीन नेताओं को हिरासत में ले लिया। जिन नेताओं को हिरासत में लिया गया है उनमें इस्लामाबाद के JI प्रमुख नसरुल्ला रंधावा और उनके डिप्टी काशिफ चौधरी तथा डॉक्टर फारूक शामिल हैं।

JI के सूचना सचिव सज्जाद अहमद अब्बासी का दावा है कि पार्टी 29 अक्टूबर 2023 (रविवार) को होने वाले ‘गाजा मार्च’ की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस दल घटनास्थल पर पहुँचा और उनके शिविरों को उखाड़ फेंका। उन्होंने दावा किया कि लगभग दो सप्ताह पहले इस्लामाबाद प्रशासन से अमेरिकी दूतावास तक रैली आयोजित करने के लिए लिखित रूप में अनुमति माँगी गई थी।

इस बीच पुलिस वहाँ पहुँचकर धारा 144 का हवाला दिया। टेंट उखाड़ दी और लाउडस्पीकर को जब्त कर लिया। पुलिस ने कहा कि उन लोगों को जिला प्रशासन से रैली आयोजित करने की अनुमति नहीं मिली है। इसके बाद जमात के कार्यकर्ताओं ने बवाल करना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन पर जमकर लाठी चार्ज किया। पुलिस को फायरिंग भी करनी पड़ी।

माना जा रहा है कि जमात पाकिस्तान की वर्तमान सरकार के खिलाफ लोगों में माहौल तैयार करने की कोशिश कर रही थी। इसके साथ अमेरिकी दूतावास तक प्रदर्शन के दौरान दूतावास पर हमले की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद लोगों ने फिलिस्तीन के समर्थन में इकट्ठा हुए थे।

जमात के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की पुलिस कार्रवाई के खिलाफ पार्टी के नेता और कार्यकर्ता श्रीनगर राजमार्ग पर एकत्रित हो गए। इस दौरान पुलिस और कार्यकार्ताओं के बीच जमकर टकराव हो गया। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि गिरफ्तारियाँ इसलिए की गईं क्योंकि कुछ लोग श्रीनगर राजमार्ग को अवरुद्ध करने का प्रयास कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “राजमार्ग एक अंतर-प्रांतीय कनेक्टिविटी सड़क है और सड़क को अवरुद्ध करने से जनता के लिए समस्याएँ पैदा होती हैं।” पुलिस ने इन राजनीतिक कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए प्रचलित प्रक्रियाओं का पालन करने की सलाह दी।

‘साँप तो साँप ही रहेगा…’: येरुशलम को लेकर 1000 साल पहले हुए ईसाई-मुस्लिम युद्ध को फिर दोहराने की तुर्किये की धमकी, एर्दोगन बोले- गाजा में नरसंहार के लिए पश्चिमी देश जिम्मेदार

फिलिस्तीन के इस्लामी आतंकी संगठन हमास द्वारा किए गए कत्लेआम के बाद इजरायल ने दूसरे चरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। पहले चरण में उसने आतंकियों और उनके ठिकानों पर बम बरसाई और अब दूसरे चरण में गाजा में जमीनी सैनिकों को उतारकर आतंकियों का खात्मा शुरू कर दिया है। इजरायल की कार्रवाई में अब तक 7700 फिलिस्तीनी मारे गए। इस कार्रवाई पर अब तुर्की ने इजरायल को ‘क्रूसेड वार’ यानी धर्मयुद्ध की धमकी दी है।

तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन (Recep Tayyip Erdoğan) ने कहा कि कुछ देशों को छोड़ दिया जाए तो गाजा में फिलिस्तीनियों की हत्या में पश्चिमी देशों का सीधा हाथ है। आत्मरक्षा का अधिकार है, लेकिन इसमें न्याय कहाँ है? उन्होंने धमकी वाले अंदाज में कहा कि अगर गाजा में हमले नहीं रूके तो एक बार फिर से क्रूसेड वार शुरू हो जाएगा।

बताते चलें कि तुक्रिये के अलावा ईरान ने भी इस इस युद्ध के लिए अमेरिका सहित पश्चिमी देशों को जिम्मेदार ठहराया है और सीधी धमकी दी है। वहीं, कतर सहित अधिकांश इस्लामी देश फिलिस्तीन के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं। इन देशों में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में फिलिस्तीन के लोगों के समर्थन में रैलियाँ निकाली जा रही हैं।

तुर्किये के इंस्तांबुल में आयोजित एक रैली में एर्दोगन ने इज़रायल को ‘युद्ध अपराधी’ और ‘कब्जा करने वाला’ बताया। अपने लगभग एक घंटे के भाषण में एर्दोगन ने यह भी कहा कि इजरायल में घुसकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का गर्दन रेतने वाला हमास आतंकवादी संगठन नहीं है। इसके साथ ही कुछ पश्चिमी देशों के इज़रायल के लिए बिना शर्त समर्थन देने की भी आलोचना की।

एर्दोगन के बयान की इजरायल ने निंदा की है और तुर्किये और उन्हें साँप कहा है। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत गिलाद एर्दान ने कहा, “साँप तो साँप ही रहेगा“। ऊर्जा मंत्री इजरायल कार्ट्ज ने कहा, “मुस्लिम ब्रदरहुड का आदमी हमास-दाएश आतंक का समर्थन कर रहा है।”

वहीं इजरायल ने तुर्किये के अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया है। इजरायल के विदेश मंत्री एली कोहेन ने कहा, “तुर्किये के गंभीर बयानों को देखते हुए मैंने आपसी संबंधों के पुनर्मूल्यांकन के लिए तुर्किये से अपने राजयनिक प्रतिनिधियों को लौटने का आदेश दे दिया है।”

दरअसल, एर्दोगन ने जिस धर्मयुद्ध की बात कही है, वह साल 1000 से साल 1291 के बीच यरुशलम को लेकर ईसाइयों और मुस्लिमों के बीच चला था। हालाँकि, उसके बाद भी यह कई सदियों तक चलता रहा। येरुशलम यदूदी, ईसाई और मुस्लिम, तीनों के लिए महत्वपूर्ण है। यहूदी की शुरुआत इसी येरुशलम से हुई थी, जबकि ईसाइयों के ईसा मसीह को यहीं क्रूस पर लटकाया गया था। इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद भी यहाँ कुछ दिन ठहरे थे।

येरुशलम पहले रोम साम्राज्य का अंग था। ये बाद में ईसाई हो गए। बाद में इस मुस्लिमों ने अधिकार कर लिया। फिर अधिकार को लेकर मुस्लिमों और ईसाइयों के बीच सात भीषण युद्ध लड़े गए थे। इन यु्द्धों में येरुशलम कभी इसाइयों को हाथ लगा तो कभी मुस्लिमों के। आखिर में येरुशलम पर तुर्की के इस्लामी ऑटोमन साम्राज्य का कब्जा हो गया था। इसी को लेकर एर्दोगन पश्चिमी देशों को धमकी दे रहे हैं।

इन सब तमाम बयानों के बीच इजरायल अपने लक्ष्य से बिना भटके हमास के आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में जुटा है। इजरायल ने साफ कह दिया है कि वह गाजा में ऐसी कार्रवाई करेगा कि अगले पचास सालों तक इस्लामी आतंकी इजरायल पर हमले के बारे में सोचेंगे नहीं। इजरायल ने अब गाजा में जमीनी सैनिकों को भी उतार दिया है।

इजरायल की कार्रवाई में अब 7700 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इनमें हमास के प्रमुख कमांडर से लेकर उसके वायुसेना प्रमुख भी शामिल हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कहा है कि यह लड़ाई इजरायल के अस्तित्व की लड़ाई है। इजरायल गाजा में हमास के सुरंगों को नष्ट करने के लिए भी स्पॉन्ज बम इस्तेमाल करने वाला है।

वहीं, इजरायल की कठोर कार्रवाई से सहमे हमास के आतंकियों ने कहा था कि अगर इजरायल अपने हमले रोकता है तो वह बंधकों को छोड़ देगा। उसने बंधकों को छोड़ने के लिए समय माँगा था, लेकिन इजरायल ने अपनी कार्रवाई नहीं रोकी। अब हमास ने दावा किया है कि इजरायल के हमलों में 50 बंधकों की मौत हो गई है।

बता दें कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर एक साथ लगभग 5000 रॉकेट दाग दिया था। इसके साथ ही चौतरफा जमीनी हमला करके निर्दोष इजरायली महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों सहित 1400 लोगों की हत्या कर दी थी। इसके साथ ही लगभग 229 महिला, बच्चों और पुरुषों को बंधक बनाकर आतंकी अपने साथ गाजा लेकर चले गए हैं।

वकील बेटे ने 73 साल की माँ को बहुत मारा, पोते ने पानी गिरा जानबूझ कर लगाया था ‘पेशाब’ का आरोप: CCTV से धराया, बेटी ने कराया अरेस्ट

पंजाब के रोपड़ से एक बुजुर्ग महिला के साथ क्रूरता का मामला सामने आया है। बुजुर्ग महिला की पिटाई और उसको प्रताड़ित करने की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। मामले में आरोपित महिला का बेटा ही है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, रोपड़ के ज्ञानी जैल सिंह नगर में 73 वर्षीय बुजुर्ग आशारानी अपने बेटे, बहू और पोते के साथ रहती हैं। उनके साथ यह सभी मिलकर मारपीट करते हैं। एक वीडियो में सामने आया कि उन्हें उनका बेटा अंकुर वर्मा पीट रहा है।

अनुराग ने आरोप लगाया कि उसकी माँ ने बिस्तर पर पेशाब किया है। बाद में हालाँकि यह सामने आया कि बिस्तर पर बुजुर्ग महिला के पोते ने ही पानी फैलाया था और जानबूझ कर आरोप अपनी दादी पर लगाया, जिसके बाद बेटे ने अपनी ही माँ की पिटाई की।

यह पूरा मामला जब पीड़िता आशारानी की बेटी दीपशिखा को पता चला तो उन्होंने घर पर पहुँच कर अपनी माँ की हालत जानी और सीसीटीवी फुटेज निकलवाए। इसके पश्चात उन्होंने यह जानकारी पंजाब पुलिस को दी, जिन्होंने आरोपित अंकुर वर्मा को गिरफ्तार किया।

पीड़िता को घर से निकाल कर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अस्पताल में जाँच के दौरान के पीड़िता आशारानी के शरीर पर मारपीट के निशान मिले हैं। पीड़िता के बेटे पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 327, 342 और 323 के अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

पंजाब सरकार में मंत्री डॉ बलजीत कौर ने इस मामले का संज्ञान लिया है और इसकी निंदा की है। उन्होंने महिला एवं बाल संरक्षण मामले के विभाग से इस मामले की जाँच करने को भी कहा है। एक अन्य वायरल वीडियो में मीडिया से बात करते हुए आरोपित अंकुर वर्मा इन सभी आरोपों का जवाब देने से बचता हुआ दिखता है।

यह भी जानकारी सामने आई है कि अपनी माँ को पीटने वाले वकील अंकुर वर्मा की रोपड़ बार काउंसिल की सदस्यता रद्द कर दी गई है। अब वह वकालत नहीं कर पाएगा। अंकुर को रोटरी क्लब से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

अस्पताल में डेंगू बुखार से तप रही थी 22 साल की युवती, वार्ड बॉय शोएब ने बनाया हवस का शिकार: CCTV में कैद हुई घटना

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक निजी अस्पताल में एक लड़की के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। ये घटना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के नर्सिंग होम की है। जहाँ गुरुवार (26 अक्टूबर, 23) की रात डेंगू से पीड़ित लड़की के साथ शोएब नाम के वार्डबॉय ने छेड़छाड़ की। उसकी ये हरकत सीसीटीवी में भी कैद हो गई। लड़की ने शोर मचाया, तब जाकर इस वारदात का पता चला।

ये मामला नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के डॉ. डी. बी गौतम डायबिटीज सेंटर नर्सिंग होम से जुड़ा है। यहाँ डेंगू पीड़ित 22 साल की एक लड़की गुरुवार को भर्ती हुई थी। आरोप है कि इलाज के दौरान गुरुवार रात अस्पताल के वार्ड बॉय शोएब ने उसके साथ छेड़छाड़ की। शोएब की ये घिनौनी करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हुई है।

इस मामले में पुलिस ने पीड़िता के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस आरोपित शोएब की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है, अभी वो पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

नई मंडी कोतवाली के सीओ हेमंत कुमार ने बताया कि नई मंडी इलाके डीबी हॉस्पिटल है, यहाँ इलाज के लिए भर्ती हुई लड़की के साथ छेड़छाड़ हुई। उन्होंने बताया कि डॉक्टर साहब के जाने के बाद वार्ड बॉय जिसका नाम शोएब है उसके द्वारा उस युवती से छेड़छाड़ की गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

अस्पताल प्रशासन ने मानी छेड़छाड़ की बात

इस वारदात की जानकारी देते हुए नर्सिंग होम के डॉक्टर डी बी गौतम ने स्वीकार किया कि घटना वहीं की है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को हमारे हॉस्पिटल में एक डेंगू के मामले में 20-22 साल कि लड़की भर्ती थी तो जब वह रात के समय सोई हुई थी। जिसके साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपित को 2 माह पहले ही काम पर रखा था।

‘आतंकवाद एक घातक बीमारी’: भारत ने बताया क्यों UNGA में वोटिंग से बनाई दूरी, कहा – इजरायल पर हमास के हमले की हम करते हैं कड़ी निंदा

भारत ने ‘संयुक्त राष्ट्र महासभा’ (UNGA) में इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध को रोकने की अपील के प्रस्ताव की वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। शुक्रवार (27 अक्टूबर, 2023) को यूएनजीए में जॉर्डन के पेश किए इस प्रस्ताव में इजरायल पर हमला करने वाले इस्लामी आतंकी संगठन हमास का नाम तक नहीं था।

इस प्रस्ताव में गाजा पट्टी में बेरोकटोक मानवीय मदद पहुँचाने को लेकर भी अपील की गई। अब भारत ने इस प्रस्ताव से दूरी बनाने को लेकर कहा है कि वो इजरायल और फिलीस्तीन मुद्दे पर बातचीत के जरिए समाधान का समर्थन करता है, लेकिन इजरायल पर हमास के हमले की कड़ी निंदा करता है। वोटिंग से दूर रहने को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप दूत योजना पटेल ने भारत की बात रखी।

इजरायल और हमास के संघर्ष विराम को लेकर पेश किए गए इस प्रस्ताव का शीर्षक ‘नागरिकों की सुरक्षा और कानूनी और मानवीय दायित्वों को कायम रखना’ था। इसके पक्ष में 120 देशों ने वोट किया। वहीं 14 ने इसके खिलाफ वोट दिया तो 45 देशों ने वोटिंग में भाग ही नहीं लिया। भारत उनमें से एक था।

इसे लेकर यूएन में देश की स्थायी उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने कहा, “ऐसी दुनिया में जहाँ मतभेदों और विवादों को बातचीत से हल किया जाना चाहिए, इस प्रतिष्ठित संस्था को हिंसा को लेकर गहराई से फिक्रमंद होना चाहिए। वह भी तब, जब यह इतने बड़े पैमाने और तेजी से हो रही हो जो कि बुनियादी मानवीय मूल्यों का अपमान हो। राजनीतिक उद्देश्य को प्राप्त करने के साधन के तौर पर हिंसा अंधाधुंध नुकसान पहुँचाती है और किसी भी टिकाऊ समाधान की राह नहीं दिखाती है।”

उन्होंने आगे कहा कि 7 अक्टूबर को इजरायल में हुए आतंकी हमले चौंकाने वाले थे और निंदा के लायक हैं। हमारी संवेदनाएँ बंधक बनाए गए लोगों के साथ भी हैं। हम उनकी तत्काल और बगैर शर्त रिहाई की माँग करते हैं। आतंकवाद एक घातक बीमारी है और इसकी कोई हदें, राष्ट्रीयता या नस्ल नहीं होती। दुनिया को आतंकवादी कृत्यों के किसी भी औचित्य पर यकीन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आइए हम मतभेदों को दूर रखें, एकजुट हों और आतंकवाद के प्रति शून्य-सहिष्णुता का नजरिया अपनाएँ।

यूएन में देश की उप स्थायी प्रतिनिधि पटेल ने कहा कि गाजा में चल रहे संघर्ष में हताहतों की संख्या एक गंभीर, संगीन और लगातार चिंता पैदा करने वाला विषय हैं। नागरिक, खासकर महिलाएँ और बच्चे अपनी जान देकर इसकी कीमत चुका रहे हैं। इस मानवीय संकट को संबोधित करने की जरूरत है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के तनाव कम करने के कोशिशों और गाजा के लोगों को मानवीय मदद देने का स्वागत करते हैं। भारत ने भी इस कोशिश में योगदान दिया है।

उन्होंने कहा, भारत इस चल रहे संघर्ष में बिगड़ते सुरक्षा हालात और नागरिकों की जान की हैरान कर देने वाले नुकसान से बेहद फिक्रमंद है। इस क्षेत्र में शत्रुता बढ़ने से मानवीय संकट और बढ़ेगा। ऐसे वक्त में सभी पक्षों को बहुत अधिक जिम्मेदारी का परिचय देना जरूरी है।

पटेल ने कहा भारत ने हमेशा इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर बातचीत के जरिए दो-राज्य समाधान का समर्थन किया है। जिसमें इजरायल के साथ शांति से सुरक्षित और मान्यता वाली सीमाओं के अंदर रहने वाले एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यावहारिक फिलिस्तीन राज्य की स्थापना हो सके।

अपनी बात को खत्म करते हुए योजना पटेल ने कहा, “इसके लिए, हम पार्टियों से विनती करते हैं कि वे तनाव कम करें, हिंसा से बचें और सीधी शांति वार्ता को जल्द से जल्द फिर से शुरू करने के लिए स्थितियाँ बनाने की दिशा में काम करें। हमें उम्मीद है कि इस सभा के विचार-विमर्श से आतंक और हिंसा के खिलाफ एक साफ संदेश जाएगा और हमारे सामने मौजूद मानवीय संकट का समाधान करते हुए कूटनीति और बातचीत की संभावनाओं का विस्तार होगा।”

गौरतलब है कि इस प्रस्ताव पर आम सभा में वोटिंग से पहले 193 सदस्यीय निकाय ने कनाडा के प्रस्तावित और अमेरिका के सह-प्रायोजित एक संशोधन पर विचार किया। कनाडा के प्रस्तावित संशोधन में प्रस्ताव में एक पैराग्राफ डालने के लिए कहा गया।

इसमें पैराग्राफ में कहा गया कि महासभा 7 अक्टूबर 2023 को इज़रायल में शुरू हुए हमास के आतंकवादी हमलों को साफ तौर पर खारिज करती है। इनकी निंदा करती है। इसके साथ बंधक बनाने की भी निंदा करती है। बंधकों की सुरक्षा की माँग करती है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत बंधकों की भलाई और उनसे मानवीय व्यवहार और उनकी तत्काल और बगैर शर्त रिहाई की अपील करती है।

भारत ने 87 अन्य देशों सहित इस संशोधन के पक्ष में मतदान किया। वहीं 55 सदस्य देशों ने इसके खिलाफ मतदान किया और 23 गैरहाजिर रहे। मौजूद रहे और वोट करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत न मिलने की वजह से इस मसौदा संशोधन को अपनाया नहीं जा सका। इस वजह से यूएनजीए के 78वें सत्र के अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस ने मसौदा संशोधन को अपनाए न जाने का एलान किया।

महुआ मोइत्रा ने BJP सांसद को कहा ‘झारखंडी कुत्ता’, कबूला – कारोबारी से मँगाए लिपस्टिक और आई शैडो, 3 साल से दुबई से लॉगिन हो रही संसद वाली आईडी

अपनी तीखी और तेज़-तर्रार ज़ुबान के लिए मशहूर तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने आखिर स्वीकार कर लिया कि कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के साथ उन्होंने अपना संसद का लॉगिन आईडी और पासवर्ड शेयर किया था।

शुक्रवार (27 अक्टूबर, 2023) को पत्रकार राजदीप सरदेसाई के साथ एक इंटरव्यू में ‘कैश फॉर क्वेरी’ की आरोपित सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि ऐसा करके उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और ये किसी भी तरह से नियमों के खिलाफ नहीं है। इस दौरान वो संसद में उन पर आरोप लगाने वाले और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से उनकी शिकायत करने वाले बीजेपी सांसद डॉ निशिकांत दुबे पर भी निशाना साधने से भी नहीं चूकीं। मोइत्रा ने कहा, “कोई छोटा झारखंडी पिटबुल मुझे खत्म नहीं कर सकता।”

गौरतलब है लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ये मामला संसद की आचार समिति को भेजा था। आचार समिति ‘पैसे के बदले संसद में सवाल पूछने’ के मुद्दे की जाँच कर रही है। टीएमसी सांसद मोइत्रा पर कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से नकद और अन्य तरह की मदद लेकर उनके प्रतिद्वंद्वी गौतम अडानी को टारगेट कर संसद में सवाल पूछने का आरोप है।

उन्हें आचार समिति ने 31 अक्टूबर को पेश होने को कहा था, लेकिन टीएमसी सांसद महुआ ने आचार समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर को दो पन्नों का लेटर लिख आने से इनकार कर 5 नवंबर की तारीख माँग ली।

‘कैश लेने के आरोप के सबूत कहाँ हैं?’: महुआ मोइत्रा

पत्रकार राजदीप सरदेसाई के साथ इस इंटरव्यू में महुआ मोइत्रा ने कहा, “कोई भी कुछ भी आरोप लगा सकता है। दर्शन हीरानंदानी ने कैश का जिक्र किया है। इसे साबित करने का दायित्व भी शिकायतकर्ता पर है। क्या हीरानंदानी ने यह दिखाने के लिए कोई दस्तावेजी सबूत दिया गया है कि उन्होंने मुझे नकदी दी है। दर्शन ने अपने हलफनामे तक में नकदी का कोई जिक्र नहीं किया है। तो, वहीं वकील जय देहाद्राई हैं, जिनके अतीत में मेरे साथ खराब रिश्ते थे और वो आरोप लगा रहे हैं कि मुझे कैश मिला है।

TMC सांसद ने कहा, “कल, उन्हें (हीरानंदानी) को समिति में बुलाया गया था। समिति ने उनसे 14 बार पूछा ‘क्या आपके पास यह दिखाने के लिए कोई दस्तावेजी सबूत है कि कोई नकद दिया गया था’, वो कुछ भी देने में असमर्थ थे। यह पूरी बात एक दिखावा है। अगर उनके पास कोई सबूत है तो उन्हें इसे सामने लाना चाहिए। यदि दर्शन हीरानंदानी ने नकदी दी है और वे उन्हें तथाकथित सरकारी गवाह कहा जा रहा है, तो उन्हें तुरंत बताना चाहिए कि उन्होंने मुझे नकदी कहाँ दी है। यह शुरू से आखिर तक पूरी तरह से फर्जी और झूठ है।”

महुआ मोइत्रा ने कहा, “जय अनंत देहाद्राई ने बगैर किसी दस्तावेजी सबूत के मुझे दिए गए सामानों की लिस्ट दी। मैं एक बैंकर थी। उन्होंने फेरागामो जूतों का जिक्र किया। जब उन्होंने इस ब्रांड का उच्चारण भी नहीं सीखा था, तभी से मैं इसका इस्तेमाल कर रही हूँ। मैंने इस देश में आने के लिए इसे छोड़ दिया और मैं बाटा चप्पल भी पहनतीं हूँ। जैसा कि मैंने पहले कहा था, ये राजनीतिक दुर्भावना से किया गया काम है। उन्होंने बस इतना किया है कि एक नाकाम रिश्ते से एक शख्स को आरोप लगाने के लिए चुना है और फिर दर्शन हीरानंदानी के सिर पर बंदूक रखकर उसे सरकारी गवाह बना दिया है।”

‘सीपीडब्ल्यूडी ने किया मेरे बंगले का रेनोवेशन’: महुआ मोइत्रा

इस दौरान दर्शन हीरानंदानी के उनके बंगले के रेनोवेशन का भुगतान करने के दावे पर मोइत्रा ने कहा, “जिस बंगले 9B टेलीग्राफ लेन में मैं अभी रहती हूँ, वह मेरा सरकार से आवंटित बंगला है। वो (दर्शन हीरानंदानी) मेरे बहुत ही पक्के दोस्त हैं। वो मेरे लिए अब भी ऐसे ही है और वह मेरे सांसद होने से पहले से भी मेरे लिए ऐसे ही रहे हैं।”

महुआ मोइत्रा ने आगे कहा, “दर्शन और उनके पिता की एक बहुत बड़ी रियल एस्टेट कंपनी है। वे भारत के सबसे बड़े बिल्डरों में से एक हैं। जब मुझे मेरा निजी बँगला आवंटित किया गया तो वह जर्जर हालत में था। इसमें 5 फॉल्स सीलिंग थीं और रोशनी नहीं आती थी। मैंने दर्शन से पूछा कि क्या आप किसी आर्किटेक्ट से मुझे यह बताने के लिए कह सकते हैं कि हम खिड़कियों, रोशनी और दरवाजों को कैसे फिर से डिजाइन कर सकते हैं ताकि रोशनी आती रहे और केंद्रीय लोक निर्माण प्रभाग (CPWD) कैसे इसे ऐसा बना सकता है?”

इस दौरान मोइत्रा ने कथित तौर पर दर्शन हीरानंदानी के वास्तुकार के उन्हें भेजे गए तथाकथित डिज़ाइन चित्र भी दिखाए। उन्होंने कहा, “ये डिज़ाइन CPWD के इंजीनियरों और ठेकेदारों को सौंपे गए थे जिन्होंने मेरे घर का काम किया था। इस सरकारी बँगले का पूरा रेनोवेशन भारत सरकार के अधीन CPWD ने किया है। इस घर में कोई निजी ठेकेदार नहीं आया। एक दोस्त के तौर पर दर्शन हीरानंदानी ने मुझे ये वास्तुकार के डिजाइन दिए। रीडिजाइन के हर एक पैसे का भुगतान CPWD ने किया था। कोई भी निजी ठेकेदार ने इसमें शामिल नहीं था।”

‘दर्शन हीरानंदानी ने खरीदी लिपस्टिक और आई-शैडो’

इस दौरान महुआ मोइत्रा ने कबूला कि दर्शन हीरानंदानी ने उनके लिए लिपस्टिक और आई-शैडो खरीदी थी। उनका कहना था, “एक करीबी दोस्त के तौर पर दर्शन हीरानंदानी से मुझे केवल एक चीज मिली थी। मेरे जन्मदिन के तोहफे के तौर पर 3-4 साल पहले एक स्कार्फ। जब वह दुबई से आ रहे थे तो उन्होंने मुझे फोन कर पूछा कि क्या मुझे कुछ चाहिए। बॉबी ब्राउन नामक एक ब्रांड का मैं इस्तेमाल करती थी। एक करीबी दोस्त होने के नाते वो मेरे लिए दुबई ड्यूटी-फ्री मेकअप स्टोर से बिटन पीच रंग की लिपस्टिक और छाल के रंग का आई-शैडो एक बार नहीं बल्कि शायद 2-5 बार खरीद कर लाए हैं।”

महुआ ने आगे कहा, “मैं दर्शन हीरानंदानी से विनती करूँगी कि वह तुरंत आएँ और उन्होंने मुझे जो कुछ भी दिया है उसे रिकॉर्ड में रखें। तीसरी चीज जो उन्होंने मुझे दी है वह यह है कि जब भी मैं मुंबई जाती हूँ, जो शायद पिछले 5 साल में चार या पाँच बार हुआ, तो उनकी कार मुझे ले जाती है और वापस हवाई अड्डे तक छोड़ देती है। मैं उनके साथ कभी नहीं रही। मैं अपने दोस्तों के साथ रहती हूँ। उनकी कार ने मुझे पिक किया और वापस हवाई अड्डे तक छोड़ दिया। वो मेरे दोस्त हैं। कल अगर मैं मुंबई जाऊँगी, तो मुझे उम्मीद होगी कि उनकी कार मुझे ले जाएगी और वापस हवाई अड्डे पर छोड़ देगी। जब ‘इंडिया टुडे’ मुझे अपने स्टूडियो में आमंत्रित करता है, तो आप मुझे लेने के लिए एक कार भेजते हैं। यह वैसा ही है। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं एक खास तरीके से कुछ माँगती हूँ।”

TMC सांसद ने खुद को दी क्लीन चिट

महुआ मोइत्रा ने राजदीप सरदेसाई से कहा, “सबसे पहले, यह साबित हो गया है कि कोई नकद लेनदेन नहीं हुआ था, इसलिए ये आरोप पूरी तरह से खत्म हो गए हैं। इससे यह भी सिद्ध हो गया है कि ऐसा कुछ भी नहीं था, जैसा कि मैंने बताया न तो नकदी है और न ही सामान के तौर पर मेरे पास ऐसा कुछ नहीं है।”

महुआ ने आगे संसद में सवाल पूछने को लेकर कहा, “सवालों की औसत संख्या क्या है, एक सांसद सवाल कैसे पूछता है? सवाल पूछने के दो तरीके हैं। मैं हाथ से उठाकर सवाल पूछ सकती हूँ। मैं इसे लिख सकती हूँ, इस पर हस्ताक्षर कर सकती हूँ और इसे दे सकती हूँ। साल 2019 से कोई भी इन्हें ऑनलाइन दे सकता है। किसी को आपके लिए सवाल पूछने के लिए लॉगिन क्रेडेंशियल देने का कोई मतलब नहीं है।”

‘NIC लॉगिन के कोई नियम नहीं हैं’: महुआ मोइत्रा

उन्होंने अन्य सांसदों पर भी यही तरीका अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, “कोई भी सांसद अपने सवाल नहीं पूछता। उनके PA, उनके इंटर्न, उनके PRS फेलो सवाल टाइप करते हैं और सोर्स से उन सवालों का बनाकर सवाल डालते हैं। अधिकतर सांसदों को यह भी नहीं पता कि सवाल क्या हैं। किसी भी सांसद के पास अपना लॉगिन और पासवर्ड नहीं है। सभी लॉगिन और पासवर्ड उनकी टीमों के पास हैं। NIC लॉगिन के लिए कोई नियम नहीं हैं।”

महुआ मोइत्रा ने कहा, “NIC लॉगिन पर कोई नियम नहीं है कि आपकी लॉगिन आईडी और पासवर्ड किसके पास हो सकता है। हर सांसद का लॉगिन और सवाल बड़ी टीमों को दिए जाते हैं। आप कह रहे हैं कि मैंने इसे एक विदेशी संस्था को दे दिया। दर्शन हीरानंदानी मेरे दोस्त हैं और वह एक भारतीय नागरिक हैं। तीन साल से वह दुबई से लॉग इन कर रहे हैं।”

‘कैश फॉर क्वेरी’ की आरोपित सांसद ने कहा, “मैंने खुद स्विट्जरलैंड से लॉग इन किया है। मेरी बहन का बच्चा कैंब्रिज में था, जब मैं छुट्टियों पर थी तो मैंने कहा, ‘क्या आप इसे डाल सकती हैं, मेरे पास सवाल डालने की समय सीमा है, तो क्या आप कृपया सवाल टाइप कर सकते हैं।’ उसने (बहन) ऐसा किया है। यदि एनआईसी का सवाल और उत्तर पोर्टल इतना सुरक्षित है तो आप आईपी पते को इसमें प्रवेश करने से क्यों नहीं रोकते? जब हर एक सवाल आरटीआई के तहत है तो संसद में सवाल कहाँ की राष्ट्रीय सुरक्षा है? दर्शन हीरानंदानी संसद में सवाल पूछने के लिए मुझसे नहीं मिले।”

महुआ मोइत्रा ने अडानी पर बोला हमला और कहा – टीएमसी साथ है

महुआ मोइत्रा ने कहा, “मैं मिस्टर अडानी पर निशाना साध रही थी। मैं अभी भी उन पर निशाना साध रही हूँ और कोई मुझे झुका नहीं सकता। क्योंकि वह धोखाधड़ी कर रहे हैं, वह भाजपा सरकार की मदद से इस देश के लोगों पर सबसे बड़ा कॉर्पोरेट घोटाला कर रहा है जिसकी वजह से आपको बिजली, हवाई टिकट, बंदरगाहों और हर चीज के लिए ऊँची कीमतें चुकानी पड़ रही हैं।”

इस इंटरव्यू में मोइत्रा ने कहा, “मेरी पार्टी मेरे पीछे है और मैं एथिक्स कमेटी में इसे सुलझाने में पूरी तरह से काबिल हूँ। अब तक मैं चुप थी क्योंकि मैं आचार समिति के नियमों का पालन कर रहा थी। लेकिन, दूसरी चीज़ जनमत की अदालत है। इस देश में लाखों लोग हैं जो इन फासीवादी गुंडों के खिलाफ खड़े होने और अडानी और उनके भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने के लिए मुझे एक आवाज के रूप में देखते हैं। तो ये लोग सोच रहे हैं कि महुआ का मुँह बंद कर दिया, इसलिए यह मेरा दायित्व है कि मैं मीडिया के पास जाऊँ और लोगों को आश्वस्त करने के लिए अपना पक्ष रखूँ कि कोई भी चीज मुझे निराश नहीं करेगी।”

बीजेपी MP निशिकांत दुबे को कहा ‘पिटबुल’

आखिर में, महुआ मोइत्रा ने कहा, “कल, मैं हँस रही थी जब एक शिकायतकर्ता ने कहा कि यह एक धर्म युद्ध था। यह कोई धर्मयुद्ध नहीं है दोस्त। यह द्रौपदी का चीर हरण है और अब आप महाभारत युद्ध देखेंगे। मैं चाहती हूँ कि 13000 करोड़ रुपए के कोयला घोटाले में एफआईआर दर्ज हो। ये राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए लगाए गए आरोप हैं।”

उन्होंने कहा, “जय देहाद्राई इस तरह की राष्ट्रीय अहमियत के हकदार नहीं हैं कि इस मुद्दे को मेरे बनाम उनके जैसा बनाया जाए। उन्होंने फर्जी शिकायत लिखी है। रत्ती भर भी सबूत नहीं है। सबसे अहम बात जो भाजपा करने की कोशिश कर रही है वह यह है कि उन्हें यह फर्जी शिकायत मिली है और अब उन्हें इसका समर्थन करने के लिए दर्शन की मदद लेनी होगी। इसलिए दर्शन को समिति के सामने आना होगा और उन सामानों की एक फेहरिस्त देनी होगी जो उन्होंने मुझे दी हैं। यही वो हैं, यदि में दोषी हूँ तो मुझे ये फाँसी दिलवाएंगे।”

अपने विरोधियों को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा, “उन्होंने धमकाने के लिए गलत इंसान को चुना है। कुछ भी मुझे झुकाएगा नहीं। मैंने इसमें दाखिल हो गई हूँ और यहाँ बैठने के लिए मैंने अपने जीवन में सब कुछ त्याग दिया है, कुछ छोटे झारखंडी पिटबुल और कुछ पहले के कड़वे निजी खराब रिश्ते मेरा खात्मा नहीं कर पाएँगे।

वहीं सांंसद डॉ निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर सरकारी गवाह दर्शन हीरानंदानी को प्रभावित करने का आरोप लगाया। डॉ निशिकांत दुबे ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट किया, “जानकारी के मुताबिक, दर्शन हीरानंदानी और दुबई दीदी (एमपी) संपर्क में हैं। गवाह को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। लोकसभा अध्यक्ष को कार्रवाई करनी चाहिए।”

उधर दूसरी तरफ राजदीप सरदेसाई के साथ महुआ मोइत्रा के इस इंटरव्यू के प्रसारित होने के कुछ घंटों बाद ही वकील जय अनंत देहाद्राई ने इसकी मेजबानी करने वाले पत्रकार राजदीप सरदेसाई को जवाब देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का सहारा लिया।

जय अनंत देहाद्राई ने लिखा, “इसने साबित कर दिया। यह साफ करने के लिए राजदीप सरदेसाई को धन्यवाद कि क्यों मेरे अपहरण किए कुत्ते हेनरी को मेरी सीबीआई शिकायत वापस लेने के बदले लौटाने का ऑफर दिया जा रहा है। ऐसा तब होता है जब ‘लेन-देन’ जिंदगी का एक तरीका बन जाता है।”

‘बलात्कारी बाबर के भक्तों को अयोध्या में घुसने नहीं देंगे’: कॉन्ग्रेस नेता ने बाबरी ढाँचे को बताया ‘शहीद’ तो साधु का ऐलान, बोले – कालनेमियों से सावधान रहें सनातनी

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, कॉन्ग्रेस की तरफ से ध्रुवीकरण की कोशिशें भी तेज होती जा रही हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता ने बाबरी ढाँचे को ‘शहीद’ करार दे दिया, जिसके बाद से पूरे देश के साधु-संत गुस्से में हैं। अयोध्या के महंत राजू दास ने कहा है कि इन बाबर भक्तो को वो अयोध्या में घुसने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि ये लोग भगवान राम के नहीं, बल्कि विदेशी आक्रांता और ‘बलात्कारी बाबर’ के भक्त हैं।

कॉन्ग्रेस नेताओं का बाबरी प्रेम नहीं जा रहा

हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने कॉन्ग्रेसी नेताओं पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये कितने दुर्भाग्य की बात है कि कॉन्ग्रेस नेताओं का बाबरी प्रेम नहीं जा रहा है। वो समय-समय पर खुद ही बता देते हैं कि ये राम के नहीं, विदेशी आक्रांता बाबर के भक्त हैं। ऐसे लोगों को अयोध्या के संत किसी मंदिर में नहीं जाने देंगे।

कालनेमियों-नक्कालों से सनातनियों को सावधान होने की जरूरत

उन्होंने कहा कि ये लोग शुरू से ही राम मंदिर का विरोध कर रहे थे। जब हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो उसके बाद भी इन्होंने कहा था कि ये राम मंदिर अभी नहीं बने क्योंकि इससे बीजेपी को फायदा होगा। ये लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने की बात कर रहे थे। बाबर ने भारत में लाखों मंदिरों को तोड़ा, हमारे वेद विद्यालय तोड़े, आज उसका महिमामंडन हो रहा है। ऐसे लोगों से सतर्क होने की जरूरत है, वक्त आने पर मंदिर-मंदिर घूमने लगते हैं। ऐसे कालनेमियों और नक्कालों से सनातनियों को सावधान होने की जरूरत है।

दरअसल, शुक्रवार (26 अक्टूबर 2023) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉन्ग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष केके मिश्रा ने बाबरी मस्जिद के साथ शहीदी शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “मेरे पास वो अखबार भी है कि 6 दिसंबर को जब बाबरी मस्जिद ध्वस्त हुई, उसकी शहीदी हुई। उसके दूसरे दिन जब देश में कत्लेआम हुआ था तब इनके नेताओं ने मुरली मनोहर जोशी ने, अडवाणी जी ने कहा था कि ये काम अपराधी तत्वों ने किया था, हमने नहीं किया है। तो ये बताएँ कि ये रामेश्वर शर्मा भी उस विध्वंस में शामिल थे, तो क्या ये गुंडे हैं? इतनी हिम्मत उनको होनी चाहिए कि मंदिर तोड़ा है, मस्जिद तोड़ा है, उसे कबूलें। जिन रणछोड़दासों में इतनी हिम्मत नहीं है, उनको राम के नाम को उपयोग करने का अधिकार ही नहीं है।” सोशल मीडिया पर उनके इस बयान का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

भाजपा ने कॉन्ग्रेस पर बोला जबरदस्त हमला

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उनके इस बयान पर हमला बोलते हुए कहा कि इस पर पूरी कॉन्ग्रेस को स्पष्टीकरण देना चाहिए। आखिर बाबर से कॉन्ग्रेस को इतना प्रेम क्यों है’ कॉन्ग्रेस की असल बाबर भक्ति आज सामने आ गई है। यह वह लोग हैं जिनको राम मंदिर बनने से दुख हो रहा है।

वहीं, बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि कॉन्ग्रेसियों के मन में और जुबान पर आज भी बाबरी मस्जिद शहीदी की पीड़ा है। कॉन्ग्रेस की ‘बाबरी सोच’ अब तक गई नहीं है। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कॉन्ग्रेस से बर्दाश्त नहीं हो रही है, इसलिए गाँधी परिवार के निर्देश पर कॉन्ग्रेसी ऊल-जुलूल बयानबाजी कर रहे हैं। पहले लगातार प्रयास करते रहे कि राम मंदिर न बन पाए और अब जब बन गया है तो बौखला गए हैं।

‘मेरा अब्बा मुझ पर डालता है गंदी नज़र’: गुलफ्शा घर-वापसी कर बनी स्नेहा, जिस आकाश राजपूत से रचाई शादी उसके पूरे परिवार को खत्म करने की मिल रहीं धमकियाँ

दिल्ली की एक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी कर के हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। लड़की का नाम गुलफ्शा है जो अब स्नेहा राजपूत नाम से जानी जाएँगी। गुलफ्शा ने दिल्ली के ही आकाश राजपूत नाम के युवक से जुलाई 2023 में शादी कर ली थी। यह शादी राजस्थान के कोटा में हुई थी। शादी के बाद आकाश को गुलफ्शा के परिवार से जान से मारने की धमकियाँ मिल रहीं हैं। पीड़ितों ने पुलिस से अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

यह मामला दिल्ली के सुल्तानपुरी क्षेत्र का है। आकाश राजपूत ने इस बाबत एक पत्र जारी किया है। ‘जय श्री राम’ से शुरू हुए इस पत्र में 3 माह पहले गुलफ्शा से शादी होने और फ़िलहाल की वैवाहिक जिंदगी से बेहद खुश होने की बात कही गई है। इसी पत्र में खुद और खुद के परिवार को गुलफ्शा के परिजनों से लगातार धमकियाँ मिलने का आरोप लगाया गया है। गुलफ्शा को न लौटाने पर आकाश के पूरे परिवार को खत्म करने की बातें कहीं जाती हैं। गुलफ्शा ने FIR दर्ज कर के यह भी बताया है कि उसके अब्बा सुलेमान उस पर गंदी नजर डालते हैं।

पीड़ित युवक ने अपनी शिकायत में पुलिस पर भी ढिलाई करने का आरोप लगाया है। आकाश के मुताबिक, FIR दर्ज होने के बावजूद अभी तक पुलिस ने गुलफ्शा के परिवार से ताल्लुक रखने वाले आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। आकाश ने अपनी और पूरे परिवार की हत्या की आशंका भी जताई है। इसी के साथ पीड़ित स्नेहा उर्फ़ गुलफ्शा और आकाश ने राजस्थान के कोटा जिले में जुलाई को हुए अपने विवाह का इकरारनामा भी प्रस्तुत किया है। दोनों 3 साल से एक दूसरे से प्यार करते थे।

‘O न्यूज़’ को दिए गए इंटरव्यू में आकाश ने बताया कि उनकी सास नसरीन ने साजिश कर के उनके ऊपर बलात्कार का झूठा केस दर्ज करवा रखा है। गुलफ्शा ने भी अपनी अम्मी पर लगे इन आरोपों को सही बताया। आकाश ने यह भी बताया कि वो जब कभी काम पर जाते हैं तो गुलफ्शा के घर वाले उनका पीछा करते हैं। उनका दावा है कि गुलफ्शा के घर वालों का कहना है कि वो अपनी बेटी की शादी हिन्दू छोड़ कर कहीं भी करने को तैयार है। स्नेहा बनी गुलफ्शा ने खुद को हिन्दू धर्म में बेहद खुश बताया।

गुलफ्शा ने आगे बताया कि उनके अब्बा का एक अन्य महिला से अफेयर चल रहा था। ऐसे में उनके घर जब भी झगड़े होते थे तब आकाश ही बीच-बचाव करने के लिए बुलाए जाते थे। शुरुआत में गुलफ्शा की अम्मी अपनी बेटी की शादी आकाश से करवाने को राजी थीं। सुलेमान पर आरोप है कि उन्होंने आकाश से शादी के बाद अपनी बेटी को बेरहमी से मारा-पीटा था। आकाश का आरोप है कि उनकी सास ने या तो उन्हें जेल भेजने या किसी से मरवा डालने का एलान किया है।

देश में पहली बार मेमोरी चिप्स का उत्पादन: ‘सहस्र’ ने ‘मेक इन इंडिया’ के लिए किया ₹350 करोड़ का निवेश, सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर भारत

भारत की पहली सेमीकंडक्टर उत्पादन कंपनी होने का गौरव प्राप्त किया है ‘सहस्र सेमीकंडक्टर्स’ ने। इस कंपनी ने चिप्स का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। राजस्थान की कंपनी ‘सहस्र सेमीकंडक्टर्स’ ने भारत में मेमोरी चिप्स का उत्पादन शुरू कर दिया है। यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि इससे देश को मेमोरी चिप्स के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

‘सहस्र सेमीकंडक्टर्स’ की भिवाड़ी, राजस्थान में एक असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग यूनिट है। इस सुविधा में इस महीने की शुरुआत में उत्पादन शुरू हो गया। ‘सहस्र सेमीकंडक्टर्स’ ने शुरू में माइक्रोएसडी कार्ड, चिप-ऑन-बोर्ड और माइक्रोएसडी कार्ड जैसे उत्पादों के लिए मेमोरी चिप्स का उत्पादन शुरू किया है।

कंपनी कर रही है 350 करोड़ रुपए का निवेश

इस महीने की शुरुआत में मनीकंट्रोल से बातचीत में सहस्र के सीईओ वरुण मनवानी ने कहा कि कंपनी के लिए पहले चरण के हिस्से के रूप में शुरुआती निवेश लगभग 350 करोड़ रुपए है। इसमें से कंपनी प्लांट और मशीनरी के लिए 160 करोड़ रुपए पहले ही दे चुकी है। निवेश का दूसरा चरण लगभग 190 करोड़ रुपए होने का अनुमान है और यह दो से तीन साल की अवधि में फैला होगा।

इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में सहस्र के प्रबंध निदेशक अमृत मनवानी ने कहा कि कंपनी ने “मेड-इन-इंडिया” माइक्रो-एसडी कार्ड बेचने वाली पहली कंपनी होने का गौरव हासिल किया है और उनके उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर शानदार प्रतिक्रिया मिली है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र की दिशा में आगे बढ़ने की पर्याप्त क्षमताएं हैं। उन्होंने आशा जताई कि भारत तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ेगा। भारत ने जापान के साथ मिलकर इस दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इसके लिए मेमोरेंडम पर भी साइन किया जा चुका है।

अमेरिकी कंपनी कर रही भारत में 22.540 करोड़ का निवेश

इससे पहले, इस जून की शुरुआत में अमेरिका स्थित मेमोरी चिप दिग्गज माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने गुजरात में सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सुविधा स्थापित करने की अपनी योजना की घोषणा की। माइक्रोन भारत में कुल 22,540 करोड़ रुपए का निवेश करने वाली है।

इन वजहों से भारत को मिल रही सफलता

सरकार का समर्थन: भारत सरकार ने मेमोरी चिप्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियों और कार्यक्रमों की घोषणा की है। इन नीतियों और कार्यक्रमों ने ‘सहस्र सेमीकंडक्टर्स’ जैसी कंपनियों को भारत में मेमोरी चिप्स का उत्पादन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी: ‘सहस्र सेमीकंडक्टर्स’ ने जापानी कंपनी रेनॉल्ड से प्रौद्योगिकी लाइसेंस प्राप्त किया है। यह प्रौद्योगिकी दुनिया की सबसे उन्नत मेमोरी चिप्स में से कुछ का उत्पादन करने में सक्षम है।

प्रतिभाशाली टीम: ‘सहस्र सेमीकंडक्टर्स’ के पास एक अनुभवी और प्रतिभाशाली टीम है। इस टीम ने भारत में मेमोरी चिप्स के उत्पादन को शुरू करने के लिए कड़ी मेहनत की है।

सहस्र सेमीकंडक्टर्स की सफलता से सकारात्मक प्रभाव

मेमोरी चिप्स के आयात में कमी: भारत मेमोरी चिप्स का एक बड़ा आयातक है। सहस्रा सेमीकंडक्टर्स की सफलता से भारत को मेमोरी चिप्स के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

रोजगार सृजन: सहस्र सेमीकंडक्टर्स ने भारत में हजारों लोगों को रोजगार दिया है। कंपनी का विस्तार होने से और अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

आर्थिक विकास: मेमोरी चिप्स एक महत्वपूर्ण उद्योग है। सहस्र सेमीकंडक्टर्स की सफलता से भारत के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

सहस्र सेमीकंडक्टर्स की सफलता भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह देश के लिए आर्थिक और तकनीकी विकास के अवसर पैदा करेगी।