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डंडे से पीट-पीट कर हत्या, कॉन्ग्रेस विधायक के देवर के घर से मिली युवक की लाश: भतीजा हुआ फरार, कुत्तों के साथ जाँच में जुटी बिहार पुलिस

बिहार के नवादा जिले में कॉन्ग्रेस की विधायक नीतू कुमारी के देवर के घर में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की उम्र 23 साल है जिसका नाम पियूष सिंह है। पियूष नीतू कुमारी का दूर का रिश्तेदार बताया जा रहा है। मृतक के परिजनों ने विधायक के देवर पर हत्या और लाश को छिपाने का आरोप लगाया है। घटना शनिवार (28 अक्टूबर, 2023) की है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला नवादा जिले के नरहट थाना क्षेत्र का है। यहाँ हिसुआ से कॉन्ग्रेस विधायक नीतू सिंह के देवर सुमन सिंह का घर है। शनिवार शाम सुमन सिंह के घर से एक 23 साल के युवक की लाश मिली जिसकी पहचान पियूष सिंह के तौर पर हुई। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। घटना की जाँच के लिए फ़ौरन ही SIT (विशेष जाँच दल) का गठन कर दिया गया। मौके पर पहुँचे नवादा के पुलिस अधीक्षक अम्बरीश राहुल के मुताबिक, प्रथम दृष्टया हत्या डंडे से पीट-पीट कर हुई है। हालाँकि, उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की सही वजह की पुष्टि करने की बात कही।

वहीं पियूष सिंह के परिजनों ने सुमन सिंह के बेटे गोलू पर हत्या का इल्जाम लगाया है। अब तक हुई जाँच में यह बात निकल कर सामने आई है कि घटना के दिन पियूष सिंह अपने घर से खाना ले कर गोलू सिंह के पास गए थे। काफी देर तक जब पियूष घर नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। आखिरकार पियूष को खोजते हुए उनके घर वाले गोलू सिंह के घर पहुँचे। यहाँ एक कमरे में पियूष की लाश पड़ी मिली। पुलिस टीम डॉग स्कायड, फिंगर प्रिंट आदि टीमों की मदद से केस की बारीकी से जाँच में जुटी है।

नवादा के SP ने आगे बताया कि अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, घटना के समय मृतक के साथ विधायक नीतू कुमारी के परिवार के तौर पर सिर्फ गोलू सिंह ही मौजूद था। हालाँकि, उन्होंने इस बाबत अंतिम जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई पुष्टि करने की बात कही। घटना के बाद गोलू सिंह फरार हो गया है। पुलिस का मानना है कि घटना में गोलू सिंह के दोस्त के रूप में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। बताते चलें कि आरोपित गोलू सिंह की माँ आभा सिंह भी कॉन्ग्रेस पार्टी से नवादा की पूर्व जिलाध्यक्ष रहीं हैं। ये सभी कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता व मंत्री स्वर्गीय आदित्य सिंह के परिवार से हैं।

Murder of a young man in the house of brother-in-law of Congress MLA Neetu Kumari in Nawada, Bihar

वर्ल्ड कप के मैच में काली पट्टी बाँध कर क्यों उतरी टीम इंडिया? जानिए इंग्लैंड के खिलाफ ब्लैक आर्म बैंड में क्यों दिखे रोहित-कोहली समेत सभी खिलाड़ी

टीम इंडिया ICC वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में रविवार (29 अक्टूबर, 2023) को इंग्लैंड के खिलाफ लीग मैच खेल रही है। इस दौरान भारतीय क्रिकेटरों को अपनी बाँह पर काली पट्टी बाँध कर खेलते हुए देखा गया। सोशल मीडिया पर कई लोग इसके बाद सवाल पूछने लगे कि आखिर भारतीय खिलाड़ी इस मैच में काली पट्टी बाँध कर क्यों खेल रहे हैं। बता दें कि किसी दुःख के मौके पर या पीड़ितों के समर्थन में अक्सर खिलाड़ी ऐसा करते रहे हैं।

असल में रोहित शर्मा एन्ड कंपनी के खिलाड़ी अपनी बाँह पर काली पट्टी बाँध कर इसीलिए खेल रहे हैं क्योंकि हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी का निधन हुआ है। बिशन सिंह बेदी भारत के दिग्गज स्पिन गेंदबाज हुआ करते थे, जिन्होंने 77 वर्ष की उम्र में सोमवार (23 अक्टूबर, 2023) को अंतिम साँस ली। भारत के लिए 67 टेस्ट मैच खेलते हुए 1967 से लेकर 1979 तक बिशन सिंह बेदी ने 266 विकेट लिया था।

भारत ने जब पहली बार वनडे में जीत दर्ज की थी, उसमें बिशन सिंह बेदी का अहम रोल था। उन्होंने उस मैच में 12 ओवर फेंका था, जिसमें से 8 तो मेडेन ओवर थे। साथ ही उन्होंने मात्र 6 रन देकर एक विकेट भी झटका था। ईस्ट अफ्रीका के खिलाफ 1975 के वर्ल्ड कप में ये मैच हुआ था, जिसमें विरोधी टीम मात्र 120 के स्कोर पर सिमट गई थी। अमृतसर में जन्मे बिशन सिंह बेदी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब भी सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज हैं।

उन्होंने इस फॉर्मेट में 370 मैचों में 1560 विकेट झटके हैं। उन्होंने दिल्ली की तरफ से घरेलू क्रिकेट में पदार्पण किया था। इतना ही नहीं, इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में भी उन्होंने लोहा मनवाया था और नॉर्थहैम्पटनशायर की तरफ से 102 मैचों में 1972-77 के बीच 434 विकेट झटके थे। अब भारतीय क्रिकेट टीम उन्हें श्रद्धांजलि दे रही है। BCCI ने भी मैच से पहले इसकी जानकारी दी कि खिलाड़ी ब्लैक आर्म बैंड पहन कर खेलेंगे। बिशन सिंह बेदी निधन से पहले बीमार चल रहे थे।

इसी तरह जब महान गायिका लता मंगेशकर का निधन हुआ था, तब भी टीम इंडिया नरेंद्र मोदी स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ काली पट्टी बाँध कर खेलने उतरी थी।

सरदार पटेल की जयंती पर देश भर से जमा हुई मिट्टी से बनेगी ‘अमृत वाटिका’, युवाओं के लिए नया संगठन भी: ‘मन की बात’ में PM मोदी ने मीराबाई को बताया प्रेरणा पुंज

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार (29 अक्टूबर, 2023) को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से देश को संबोधित किया है। यह ‘मन की बात’ का 106वाँ संस्करण था। प्रधानमंत्री ने इस दौरान स्वदेशी सामान खरीदने की अपील, अमृत कलश से लेकर सरदार पटेल की जयंती जैसे विषयों पर बात की।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि जब भी कहीं घूमने जाएँ तो वहाँ के स्थानीय कलाकारों से अपने बजट के एक हिस्से का सामान ज़रूर खरीदें। प्रधानमंत्री ने अपील की कि इस बार त्योहारों पर ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत देश में बने उत्पाद खरीदें।

उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की यह भावना मात्र त्योहारों तक सीमित ना रहे। यह विजन केवल रेहड़ी-पटरी के दुकानदारों से सामान लेने तक सीमित ना रहे। हमें ऐसे सामानों को अपनाना होगा जो कि बड़े ब्रांड भारत में ही तैयार कर रहे हैं। इसके साथ उन्होंने स्वदेशी भुगतान माध्यम UPI को बढ़ाने की अपील भी की और इसकी सेल्फी ‘नमो एप’ पर साझा करने को कहा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके पश्चात आगामी 31 अक्टूबर को लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों के विषय में भी बताया। 31 अक्टूबर को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर पूरे देश से एकत्र की गई मिट्टी को विशाल भारत कलश में डाला जाएगा और इसी मिट्टी से अमृत वाटिका का निर्माण होगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि 31 अक्टूबर को देश में पिछले ढाई वर्ष से चल रहे ‘आजादी का अमृत’ कार्यक्रम का समापन होगा।

31 अक्टूबर को ही एक नए संगठन की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि 31 अक्टूबर के लिए देश के युवाओं के लिए ‘मेरा युवा भारत’ (MYBharat) नाम के संगठन की नीँव रखी जाएगी। इस संगठन के माध्यम से देश के युवाओं को राष्ट्रनिर्माण के कार्यक्रमों में भाग लेने का मौका मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को भी श्रद्धांजलि दी। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की 31 अक्टूबर को पुण्यतिथि होती है। उन्हें इसी दिन वर्ष 1984 में उनके ही सिख अंगरक्षकों ने मार दिया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दौरान दो ऐसे व्यक्तियों के विषय में बात की जो साहित्य के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इसमें पहला नाम तमिल की लेखिका शिवशंकरी का है जो कि पूरे भारत भर में घूम कर अन्य भाषाओं के साहित्य का अनुवाद कर रही हैं। वह 18 भाषाओं के साहित्य का अनुवाद कर चुकी हैं।

इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु के ही ए के पेरूमल के बारे में भी प्रधानमंत्री ने बात की। वह तमिलनाडु में अलग अलग जगह घूम कर लोक कलाओं के बारे में लिखते हैं और उसे अपनी किताब का हिस्सा बनाते हैं। वह इस क्रम में 100 से अधिक किताबें लिख चुके हैं।

आगामी माह नवम्बर में 15 तारीख को मनाए जाने वाले जनजातीय गौरव दिवस के विषय में भी प्रधानमंत्री ने बात की। उन्होंने भगवन बिरसा मुंडा के विषय में बात करते हुए उनके साहस की प्रसंशा की और उनके अंग्रेजों के विरोध का उल्लेख किया। उन्होंने टंट्या भील, सिद्धो कान्हू जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का भी उल्लेख किया और युवाओं से इन विभूतियों के विषय में जानने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान भारतीय पैरालम्पिक टीम के चीन के हांगझाऊ में पैरा एशियन गेम्स में प्रदर्शन की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत ने इन खेलों में 111 पदक जीत कर इतिहास रच दिया है।

प्रधानमंत्री ने गुजरात के अम्बादेवी मंदिर में कबाड़ से बनाई गई प्रतिमाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने वेस्ट सामान से कलाकृतियाँ बनाने की अपील की।

इस वर्ष देश महान महिला संत मीराबाई की 525वीं जन्म जयंती मना रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह संगीत, कविताओं और भक्ति जैसे समर्पण के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि वह देश की महिलाओं की प्रेरणा पुंज हैं।

उन्होंने 31 अक्टूबर को होने ‘रन फॉर यूनिटी’ के में लोगों से शामिल होने की अपील भी की और दीवाली के समय लोगों से सावधानी बरतने की अपील भी की।

झाड़-फूँक के बहाने महिला को कमरे में ले गया सलीम, किया बलात्कार: अपने गुस्से का इलाज कराने गई थी, केरल में ‘चंगाई’ वाला धंधा

केरल में झाड़-फूँक के नाम पर एक महिला से बलात्कार करने का मामला सामने आया है। आरोपित की पहचान सलीम मुसलियार के रूप में हुई है। 49 साल के सलीम ने एक महिला को बताया कि वह उसकी बात अगर मानती है तो वह उसकी समस्या को दूर कर देगा। इसके बाद उसने बलात्कार किया। आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

सलीम मुसलियार को ‘चंगाई’ देने वाला बताता था। वह झाड़-फूँक के जरिए लोगों के रोगों का इलाज करने का दावा करता था। वह रुहानी ताकतों की ‘काट’ की भी बात करता था। एक दिन उसके पास एक महिला पहुँची। महिला को लगता था कि वह जरूरत से ज्यादा गुस्सा करती है। सलीम ने उसे बताया कि वो उसकी समस्या का ‘समाधान’ निकाल सकता है, बशर्ते वो एक अनुष्ठान में उसका साथ दे।

ये मामला केरल के अल्लप्पुझा (अल्लेपी) का है। वहाँ के कायमकुलम कस्बे में सलीम मुसलियार ने ये कहकर महिला को अपने घर बुलाया कि वो उसके ‘एंगर इश्यू’ यानि अत्यधिक गुस्सा आने की समस्या को दूर कर देगा। इसके बाद वह महिला को अपने कमरे में ले गया। वहाँ उसने महिला के साथ संबंध बनाया और यह कहकर घर भेज दिया कि अब वह चंगी हो जाएगी।

महिला ने बताया कि उसे उसका ही एक रिश्तेदार इलाज की खातिर मुसलियार के पास लेकर गया था, लेकिन मुसलियार ने उसकी आस्था का कत्ल करते हुए उसके साथ बलात्कार किया। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने सलीम को अलाप्पुझा जिले के मन्नादी मुस्लिम जमात के पास स्थित दारुल फातिया पेरेथ हाउस से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे कायमकुलम के मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहाँ से उसे हिरासत में भेज दिया गया है।

केरल में कई घटनाएं आ चुकी हैं सामने

बता दें कि केरल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में इस तरह के लोगों की संलिप्तता के कई मामले सामने आए हैं। वहीं, कहीं पर महिलाओं को बेचने का मामला सामने आता है तो कहीं पर महिलाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराकर सेक्स गुलाम बना लिया जाता है। ऐसी ही घटनाओं पर आधारित फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ भी आ चुकी है, जिसमें महिला के खिलाफ संगठित अपराध की पोल खोली गई है।

ब्लास्ट से केरल में मर रहे गैर-मुस्लिम, मुख्यमंत्री वामपंथी नेताओं के साथ गाजा को बचाने में जुटे

केरल में रविवार (29 अक्टूबर, 2023) को ईसाइयों की एक सभा में जोरदार ब्लास्ट हुआ है जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है वहीं कई घायल बताए  जा रहे हैं। यह  धमाका कोच्चि के कलामस्सेरी इलाके में एक कन्वेंशन सेंटर में चल रही यहोवा की प्रार्थना सभा में हुआ है। कन्वेंशन सेंटर में 2000 के करीब लोग मौजूद थे मौजूद थे जबकि अभी तक घायलों की संख्या 35 बताई जा रही है। केरल में हाई अलर्ट है।  धमाके  की जाँच के लिए NIA  टीम रवाना हो गई है। एक तरफ जहाँ इसे आतंकी हमले के तौर देखा जा रहा है वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और वामपंथी गाजा के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल होते नजर आए। 

गाजा के समर्थन में प्रदर्शन करते नजर आए मुख्यमंत्री सहित वामपंथी नेता

एक तरफ जहाँ केरल में सुबह से ही एक  के बाद एक ब्लास्ट हो रहे हैं वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पार्टी नेता सीताराम येचुरी सहित सीपीआई-एम के नेता  इजराइल-हमास युद्ध पर एकेजी भवन के बाहर प्रदर्शन करते रहे। मुख्यमंत्री के साथ वामपंथी नेताओं ने गाजा पर इजरायल के नरसंहार और आक्रामकता को रोकने की माँग कर रहे हैं। 

बता दें कि केरल के ही मल्लपुरम में 27 अक्टूबर, 2023 को जमात-ए-इस्लामी की यूथ विंग ‘सॉलिडेरिटी यूथ मूवमेंट’ द्वारा भी फिलिस्तीन के समर्थन में एक रैली निकाली गई थी। इस रैली को आतंकी संगठन हमास के नेता राशिद मशेल ने वर्चुअली संबोधित किया था। इस रैली में ‘बुलडोजर हिंदुत्व और यहूदियों को उखाड़ फेंको’ जैसे नारे लगाए गए थे।और आज इस रैली के दूसरे ही दिन यानी 29 अक्टूबर को केरल में ब्लास्ट हुआ है। 

कब हुआ विस्फोट 

कलामस्सेरी के सी. आई. विबिन दास ने कहा कि पहला विस्फोट सुबह लगभग 9 बजे हुआ और उसके बाद अगले एक घंटे में कई विस्फोट हुए। मौके पर ही एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 35 घायलों को निकाल कर अस्पताल पहुँचाया  गया है. वहीं कहा जा रहहा है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। यह ब्लास्ट एर्नाकुलम के कलामासेरी स्थित जामरा कन्वेंशन सेंटर में हुआ है। यहाँ आयोजित तीन दिवसीय यहोवा विटनेस सम्मेलन के तीसरे दिन का कार्यक्रम चल रहा था। 

पुलिस को फोन कर माँगी मदद

ब्लास्ट के संबंध में आतंकी साजिश की आशंका जताई जा रही है। हालाँकि, केरल पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर फिलहाल कोई बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन एक अधिकारी ने बताया कि सुबह 9 बजे विस्फोट के बाद पुलिस के पास मदद के लिए फोन आने लगा था। तुरंत ही पुलिस की टीम मौक़े पर पहुँचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। 

NIA  करेगी जाँच 

मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना का संज्ञान लिया है। वहीं ब्लास्ट की जाँच के लिए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की फॉरेंसिक टीम,  पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, बम स्क्वॉयड मौके पर पहुँच गए हैं। वहीं इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन से बात की है। गृहमंत्री शाह ने केंद्र से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। 

क्या है यहोवा प्रार्थना सभा 

दरअसल, यहोवा प्रार्थना सभा या यहोवा विटनेस (Jehovah’s Witnesses) ईसाई धर्म का एक पंथ है, जिसकी धार्मिक मान्यताएँ मुख्यधारा की ईसाईयत से थोड़ी अलग होती हैं। वैश्विक स्तर पर इसके कई कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं। इसमें भाग लेने वाले लोगों की संख्या भी बहुत ज़्यादा होती है। इन कार्यक्रमों में मुख्य रूप से बाइबल-आधारित बातचीत, नाटक और उनके प्रचार कार्य के वीडियो शामिल होते हैं।

हमास के नेेता ने केरल की रैली को किया था संबोधित

गौरतलब है कि आतंकी संगठन हमास के एक बड़े नेता खालिद मशेल ने जमात-ए-इस्लामी की एक रैली को मल्लपुरम में वर्चुअली संबोधित किया था। हालाँकि, हमास नेता के संबोधित और इस कथित विस्फोट के बीच आपसी संबंध है या नहीं है, यह बात जाँच के बाद ही सामने आ पाएगी। लेकिन, अगर यह आतंकी हमला है तो इसके तार बहुत दूर तक जुड़े हो सकते हैं।

‘आपत्तिजनक पोस्ट लाइक करना अपराध नहीं, शेयर/रीट्वीट करना अपराध’: इलाहाबाद हाईकोर्ट से इमरान को राहत, जामा मस्जिद की हिंसक भीड़ का मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि किसी आपत्तिजनक पोस्ट को लाइक करना अपराध नहीं है। हालाँकि अदालत ने ऐसी पोस्ट को रिट्वीट या शेयर करना अपराध की श्रेणी में बताया है। 18 अक्टूबर 2023 को उच्च न्यायालय ने यह आदेश मोहम्मद इमरान क़ाज़ी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। काज़ी पर आगरा के मंटोला थाने में 1 जुलाई 2019 को केस दर्ज हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल की अदालत में हुई। आरोपित मोहम्मद इमरान काजी की तरफ से एडवोकेट जय राज ने बहस की। बहस के दौरान काजी के वकील ने अपने मुवक्किल के खिलाफ साल 2019 में आगरा के मंटोला थाने में दर्ज FIR को निरस्त करने की माँग की थी।

इस FIR में काजी पर फेसबुक फरहान उस्मान द्वारा की गई एक आपत्तिजनक पोस्ट लाइक करने का आरोप लगा था। इस FIR में 6 नामजदों के साथ 10 अन्य अज्ञात के भी नाम थे। इस पोस्ट की वजह से शहर का माहौल खराब होना बताया गया था।

FIR में दर्ज नामजद आरोपित इमरान क़ाज़ी ने अपने खिलाफ दर्ज केस को हाईकोर्ट में चैलेन्ज किया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि इमरान क़ाज़ी के खिलाफ हिंसा में शामिल होने या उसके भड़काने का कोई सबूत पुलिस पेश नहीं कर पाई है। उन्होंने बताया कि मामले के विवेचक अनुज कुमार ने अपनी केस डायरी में इमरान काजी का रोल फरहान उस्मान की एक फेसबुक पोस्ट को लाइक करना बताया है। हालाँकि बाद में यह पोस्ट भी डिलीट कर ली गई थी।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि फेसबुक पर किसी पोस्ट को लाइक करना अपराध का आधार नहीं माना जा सकता है। इसी दौरान हाईकोर्ट ने आपत्तिजनक पोस्ट को शेयर या रीट्वीट करना अपराध की श्रेणी में बताया।

आरोपित इमरान काजी को बड़ी राहत देते हुए इस केस से उनका नाम हटाने के आदेश भी दिए गए। हालाँकि यह राहत इसी मामले में 5 अन्य नामजद और 10 अन्य अज्ञात आरोपितों के लिए नहीं होगी। हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट को निर्देश दिया है कि इस मामले में जिन अन्य आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, वो केस चलाया जाए।

क्या था पूरा मामला

यह मामला है 1 जुलाई 2019 का। तब आगरा की जामा मस्जिद पर लगभग 600 की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बिना अनुमति भीड़ जुटा कर हिंसा की थी। पुलिस सब इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने इस घटना की FIR दर्ज करवाई थी। तब उन्होंने भारतीय मुस्लिम विकास परिषद आगरा के अध्यक्ष समी अगाई, मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फरहान उस्मान, चंचल उस्मानी, इमरान उस्मान, इमरान काजी और इमरान खान पर केस दर्ज करवाया था। उन सभी पर सोशल मीडिया के माध्यम से भीड़ को भड़काने का आरोप था।

पुलिस ने यह केस IPC की धारा 147, 148 और 149 के साथ IT एक्ट की धारा 67 के तहत दर्ज किया था। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

प्रदूषण खतरनाक स्तर के पार, फेल हुई दिल्ली-पंजाब की AAP सरकार: पहले सिर्फ पराली जलता था, अब ट्रैक्टर चला कर सैटेलाइट को भी चकमा दे रहे किसान

दिल्ली से लेकर पंजाब तक आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार प्रदूषण रोकने में नाकाम हो रही है। लगातार कई तरह की योजनाएँ बनाने के दावों और तमाम प्रतिबंध लगाने के बाद भी राजधानी दिल्ली में हवा का स्तर खराब होता जा रहा है जबकि पंजाब में पराली जलने से रोकने में भी नाकामी मिल रही है।

सर्दियों का मौसम आते ही दिल्ली की हवा एक बार फिर एक बार खराब हो गई है। रविवार (29 अक्टूबर, 2023) को दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 352 जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी कैम्पस में 351 दर्ज किया गया। नेहरू नगर में तो AQI 400 के पार निकल गया।

दिल्ली के अन्य कई इलाकों में भी AQI 200-300 के बीच है। हवा में प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है, विशेषकर साँस की बीमारियों से परेशान रोगियों के लिए यह घातक हो सकता है।

यह हालात तब हैं जब दिल्ली में निर्माण कार्यों समेत गाड़ियों और डीजल जनरेटर जैसी गतिविधियों पर आंशिक या पूर्ण रूप से कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। दिल्ली की केजरीवाल सरकार प्रदूषण रोकने में नाकाम रहने पर अब अपने हाथ खड़े कर रही है। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना ने 25 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रदूषण के स्रोतों को मापने के लिए कोई आधिकारिक डाटा मौजूद नहीं है। आतिशी के इस बयान को सोशल मीडिया पर हास्यास्पद बताया गया।

गौरतलब है कि पंजाब में ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) की सरकार आने से पहले आतिशी स्वयं और केजरीवाल दिल्ली के प्रदूषण का पूरा भार हरियाणा और पंजाब में किसानों के पराली जलाने पर डालते रहते थे। उनका खुद का एक वर्ष 2020 का बयान इसी विषय में है।

दिल्ली के अलावा पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने में असफल साबित हो रही है। जहाँ हरियाणा की सरकार ने पराली जलाने की घटनाओं पर नियन्त्रण पाया है वहीं पंजाब में लगातार पराली जल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पंजाब में पराली जलाने के कारण दृश्यता कम हो गई है और शहरों का प्रदूषण स्तर भी बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में इस वर्ष 15 सितम्बर से लेकर 28 अक्टूबर तक पराली जलाने की 4186 घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। हरियाणा में यह इसकी एक चौथाई 1019 ही हैं।

पंजाब में किसान पराली जलाने के नायाब तरीके भी ढूँढ रहे हैं। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पराली में आग लगाने के तुरंत बाद किसान उस पर ट्रैक्टर चला रहे हैं ताकि जलती हुई पराली दब जाए और उसका धुआँ ज्यादा ना उठे। इस तरीके से पंजाब की एजेंसियाँ सैटेलाइट में यह धुआँ नहीं देख पाती।

पंजाब के किसान यह कदम उठाने के लिए इस लिए भी मजबूर हैं क्योंकि उन्हें आम आदमी पार्टी की सरकार पराली का स्थायी निस्तारण अभी तक नहीं दे पाई है, ऐसे में किसानों के पास इसे जलाने के अलावा और कोई रास्ता भी नहीं बचता है भले ही यह पर्यावरण के लिए कितना ही हानिकारक क्यों ना हो।

दारू की दुकान में चोरी के लिए घुसा चमन, पैग पर पैग मार कर हुआ इतना टल्ली कि साथी भी छोड़ कर भाग निकले: दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा

देश की राजधानी दिल्ली में एक चोर के अजीबोगरीब कारनामे का मामला सामने आया है। यहाँ शराब की दुकान में चोरी के मकसद से घुसा चोर दारू की बोतलें देख कर लालच में आ गया। उसने जी भर के शराब पी, जिससे वो नशे में धुत हो कर दुकान में ही सो गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 27 साल के आरोपित का नाम चमन कुमार है। घटना शनिवार (28 अक्टूबर, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके का है। यहाँ शुक्रवार-शनिवार की रात चमन कुमार अपने 2 साथियों के साथ चोरी के इरादे से घूम रहा था। काफी देर की रेकी के बाद इन सभी ने कांति नगर एक्सटेंशन में एक शराब की दुकान में चोरी करने का फैसला किया। नकदी चुराने के लिए इन्होंने लोहे की रॉड साथ में ली। ये तीनों चोर रात के समय दुकान में आराम से घुस गए। दुकान के अंदर शराब की बोतलें देख कर चमन को लालच आ गया।

बताया जा रहा है कि चमन शराब पीने में जुट गया। एक के बाद एक वो कई पैग पर पैग मारता गया जिससे उसको तेज नशा हो गया। आखिरकार हालात ये बन गए कि वो उठने लायक भी नहीं रहा। चमन के बाकी दोनों साथियों ने उसको उठाने की काफी कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहे। इस बीच सुबह लगभग 5 बजे पुलिस की एक गश्ती टीम उधर से निकली। टीम में मौजूद स्टाफ ने एक दुकान का शटर खुला पाया तो उसी तरफ आगे बढ़े। पुलिस को आता देख कर चमन के बाकी दोनों साथी मौके से भाग निकले।

नशे में धुत चमन भाग नहीं पाया। पुलिस उसे उठा कर अपने साथ थाने ले कर आई। दुकान के मालिक को भी सूचना दे दी गई। चमन को चोरी के प्रयास में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके दुकान के अंदर आधे घंटे से अधिक रहने की बात कही जा रही है। चमन से उसके बाकी दोनों साथियों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। चमन मूल रूप से दिल्ली के नन्दनगरी का रहने वाला है। माना जा रहा है कि जल्द ही बाकी दोनों आरोपित भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

केरल में गैर-मुस्लिम सभा में 3 ब्लास्ट: 1 महिला की मौत, कई घायल – 2 दिन पहले यहीं मुस्लिम भीड़ को हमास आतंकी ने किया था संबोधित

केरल के मल्लपुरम में 27 अक्टूबर 2023 को जमात-ए-इस्लामी की यूथ विंग ‘सॉलिडेरिटी यूथ मूवमेंट’ द्वारा फिलिस्तीन के समर्थन में एक रैली निकाली गई थी। इस रैली को आतंकी संगठन हमास के नेता राशिद मशेल ने वर्चुअली संबोधित किया था। इस रैली में ‘बुलडोजर हिंदुत्व और यहूदियों को उखाड़ फेंको’ जैसे नारे लगाए गए थे। इस रैली के दूसरे ही दिन यानी 29 अक्टूबर को केरल में ब्लास्ट हुआ है, जिसमें 1 व्यक्ति की मौत हो गई है और 23 से अधिक घायल हो गए हैं। इस विस्फोट को आतंकी वारदात के तौर पर देखा जा रहा है।

यह ब्लास्ट एर्नाकुलम के कलामासेरी स्थित जामरा कन्वेंशन सेंटर में हुआ है। यहाँ आयोजित तीन दिवसीय यहोवा विटनेस सम्मेलन के तीसरे दिन का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान सुबह 9:40 बजे धमका हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ मिनटों के अंतराल पर यहाँ तीन विस्फोट हुए हैं। विस्फोट के वजह के बारे में अभी जानकारी सामने नहीं आई है। हालाँकि, न्यूज 18 ने एक सोर्स के हवाले से कहा है कि विस्फोट का पैटर्न बताता है कि यह आतंकी हमला है।

यहोवा विटनेस के क्षेत्रीय प्रवक्ता टीए श्रीकुमार ने बताया कि प्रार्थना के कुछ सेकेंड बाद ही विस्फोट हो गया। पहला धमाका हॉल के बीच में हुआ। इसके कुछ सेकेंड बाद हॉल के दोनों तरफ धमाका हुआ। कहा जा रहा है कि जिस शख्स की जान गई है वह महिला है। वहीं, घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि घायलों में कई हालत चिंताजनक है।

इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में लगभग 2000 लोग शामिल हुए थे। कार्यक्रम में भाग लेने वालों महिलाएँ और छोटे-छोटे बच्चे भी थे। इनमें से ज्यादातर लोग अंगलामली से थे। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, फॉरेंसिक विभाग, बम स्क्वॉयड और NIA की टीम मौके पर पहुँच गए हैं। वहीं, नजदीकी कालामसेरी गवर्नमेंट हॉस्पिटल के डॉक्टरों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर पहुँचने के लिए कहा गया है।

बता दें कि यहोवा विटनेस (Jehovah’s Witnesses) ईसाई धर्म का एक पंथ है, जिसकी धार्मिक मान्यताएँ मुख्यधारा की ईसाईयत से थोड़ी अलग होती हैं। वैश्विक स्तर पर इसके कई कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं। इसमें भाग लेने वाले लोगों की संख्या भी काफी होती है। इन कार्यक्रमों में मुख्य रूप से बाइबल-आधारित बातचीत, नाटक और उनके प्रचार कार्य के वीडियो शामिल होते हैं।

हमास के नेेता ने केरल की रैली की किया था संबोधित

आतंकी संगठन हमास के एक बड़े नेता खालिद मशेल ने जमात-ए-इस्लामी की एक रैली को मल्लपुरम में वर्चुअली संबोधित किया था। हालाँकि, हमास नेता के संबोधित और इस कथित विस्फोट के बीच आपसी संबंध है या नहीं है, यह बात जाँच के बाद ही सामने आ पाएगी। लेकिन, अगर यह आतंकी हमला है तो इसके तार बहुत दूर तक जुड़े हो सकते हैं।

दरअसल, जिस राशिद माशेल ने जमात की फिलिस्तीन समर्थक रैली को वर्चुअली संबोधित किया था वह हमास का बड़ा नेता है। वह हमास के संस्थापक सदस्यों में से एक है। वह साल 2017 तक हमास पोलित ब्यूरो का चेयरमैन भी था। इजरायल को राशिद मशेल की भी तलाश है।

मल्लपुरम की रैली का पोस्टर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पोस्टर में हमास के आतंकी नेता खालिद मशेल की बड़ी-सी फोटो दिख रही है, जो हाथ हिलाने की मुद्रा में है। पोस्टर में 27 अक्टूबर 2023 की तारीख दी गई है। बैकग्राउंड में काले रंग के झंडे दिख रहे हैं। शाम 4:30 पर हुई इस रैली का मकसद फिलिस्तीन के लिए एकजुटता दिखाना था।

इस रैली के दौरान एक बड़ी स्क्रीन पर इस्लामी आतंकी संगठन हमास का आतंकी खालिद मशेल दिखा। उसने हाथों में फिलिस्तीन का झंडा लिए लोगों को सम्बोधित भी किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रैली में भीड़ द्वारा फिलिस्तीन के समर्थन और इजरायल के विरोध में नारेबाजी की गई। इस रैली में ‘बुलडोजर हिंदुत्व और यहूदियों को उखाड़ फेंको’ जैसे नारे लगाए गए।

बताते चलें कि इससे पहले भी सॉलिडेरिटी यूथ मूवमेंट फिलिस्तीन के समर्थन में रैलियाँ निकाल चुका है। पहले की रैलियों में उसने फिलिस्तीन के राजदूत को वर्चुअल तौर पर शामिल किया था। आतंकी संगठन हमास के किसी आतंकी नेता को भारत में हुई किसी रैली में इस तरह से पहली बार शामिल किया गया है।

इससे पहले गुरुवार (26 अक्टूबर 2023) को केरल के ही कोझिकोड में फिलिस्तीन के समर्थन में एक रैली हुई थी। इस रैली को कॉन्ग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के प्रमुख सहयोगी आईयूएमएल (IUML) ने आयोजित किया था। रैली में कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर भी शामिल हुए थे। तब उन हमास को आतंकी संगठन कहने पर उनका काफी विरोध हुआ था।

दिल्ली के हिंदू-विरोधी दंगों में जिस दिलबर नेगी को हाथ-पैर काट आग में फेंक दिया था, उनकी हत्या के 11 आरोपितों को कोर्ट ने छोड़ा

2020 में दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों में मारे गए दिलबर नेगी की हत्या के 11 आरोपियों को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने बरी कर दिया है। दिलबर नेगी की एक मिठाई की दुकान में जलाकर हत्या कर दी गई थी, जहाँ वह काम करते थे।

कोर्ट ने इस मामले में आदेश देते हुए कहा कि इन 11 लोगों की दंगे के अन्य मामलों में उपस्थिति उन्हें दिलबर नेगी की हत्या का आरोपी नहीं बनाती। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने हालाँकि एक आरोपी मोहम्मद शाहनवाज पर हत्या, दंगे और भीड़ इकट्ठा करने के आरोप तय कर दिए।

जिन 11 आरोपितों को कोर्ट ने छोड़ा, उनके नाम हैं: मो. फैजल, आजाद, असरफ अली, राशिद (मोनू), शाहरुख, मो. शोएब (छुटवा), परवेज, राशिद (राजा), मो. ताहिर, सलमान, सोनू सैफी। इस मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचल ने कहा:

“यहाँ उपस्थित तमाम आरोपितों की पहचान दंगे के कई वीडियो में हुई है लेकिन इनमें से कोई शाहनवाज के साथ उस समय नहीं देखा गया, जब वह गोदाम में आग लगाने जा रहा था। इसीलिए शाहनवाज को छोड़ कर बाकी सभी लोगों को बरी किया जाता है।”

कोर्ट ने कहा कि शाहनवाज के विरुद्ध इस बात के सबूत पाए गए हैं कि वह भीड़ के साथ मिल कर हिन्दू समुदाय के लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों को नष्ट करके उनमें आग लगा रहा था और दंगे फैला रहा था। शाहनवाज को मार्च 2020 में गिरफ्तार किया गया था।

दिलबर नेगी की हत्या के 6 आरोपितों को इससे पहले जनवरी 2022 में दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी। दिलबर नेगी मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी जिले के रहने वाले थे और दिल्ली के बृजपुरी स्थित अनिल स्वीट हाउस में काम करते थे। वह हत्या से मात्र 6 माह पहले ही काम की तलाश में दिल्ली आए थे।

2020 में दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों की जाँच और मीडिया रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि दुकान में आग लगाकर उसमें फेंकने से पहले उनके हाथ-पैर काट दिए गए थे। उनके दो साथी इस दौरान दंगाइयों की भीड़ से बच कर भागने में कामयाब रहे थे।

वर्ष 2020 में हुए दिल्ली दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। दिलबर नेगी के अलावा इस दंगे में इंटेलिजेंस ब्यूरो के अफसर अंकित शर्मा को भी मार कर एक नाले में फेंक दिया गया था।