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‘आम लोगों के लिए मानवीय मदद भेजना जारी रखेगा भारत’: फिलिस्तीन के राष्ट्रपति को PM मोदी का आश्वासन, UK-अमेरिका ने चेताया – हमारे नागरिक जल्द छोड़ें लेबनान

इजरायल और हमास के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर हमला किया और 1500 लोगों को मार डाला। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बातचीत की है। गाजा के अल अहील अस्पताल में हुई मौतों को लेकर पीएम मोदी ने दुःख प्रकट किया। अस्पताल पर हुए रॉकेट हमले में 500 लोगों के मारे जाने की बात कही गई थी। ये घटना सोमवार (16 अक्टूबर, 2023) को हुई।

इजरायल का कहना है कि हमास द्वारा फायर किया गया रॉकेट फिलिस्तीन के अस्पताल में ही गिर गया, जिस कारण ये घटना हुई। इस हमले के कारण पूरे अरब में इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ और वहाँ के नेताओं ने निंदा की, लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन पूरी तरह इजरायल के साथ खड़े हैं। अब पीएम मोदी ने नागरिकों की मौत पर दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि फिलिस्तीनी लोगों के लिए भारत मानवीय मदद भेजना जारी रखेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बातचीत के बाद कहा, “हमने आतंकवाद, हिंसा और क्षेत्र में बिगड़ती हुई स्थिति को लेकर अपनी चिंताओं को साझा किया। साथ ही इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर मैंने भारत के लंबे समय से चले आ रहे स्टैंड को भी दोहराया।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले भी कहा था कि गाजा के अस्पताल पर हुए हमले के बाद हुई मौतों को लेकर उन्हें गहरा सदमा लगा है और उनकी संवेदनाएँ मृतकों के परिवारों के साथ हैं।

उधर दूसरी तरफ लेबनान की ओर से आतंकी संगठन हिज्बुल्ला भी लगातार इजरायल पर हमले कर रहा है। इसके बाद अमेरिका और ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को लेबनान छोड़ने के लिए कहा है। लेबनान के रॉकेट्स का जवाब इजरायल भी शिलिंग हमलों से दे रहा है। उधर इजिप्ट के राष्ट्रपति अब्देल फ़तेह अल सीसी ने जॉर्डन के शासक किंग अब्दुल्लाह से मुलाकात की। उधर अमेरिका ने सैन्य इस्तेमाल के लिए कई ट्रक्स, एम्बुलेंस और इंजीनियरिंग उपकरण इजरायल को भेजे हैं।

इंडी गठबंधन में दरार: एमपी में कॉन्ग्रेस के ‘हाथ’ अपमानित हुए अखिलेश यादव, बोले- भ्रम में रखा, अब गठबंधन का बाद में देखेंगे

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को कॉन्ग्रेस के हाथों अपमानित होना पड़ा है। उन्हें मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस ने पूरी तरह से अपमानित करते हुए कोई भाव नहीं दिया और वादे के मुताबिक 6 सीटें छोड़िए, एक भी सीट नहीं दिया। इसके बाद अब अखिलेश यादव ने कहा है कि अगर उन्हें पता होता कि राज्यों के स्तर पर गठबंधन नहीं है, तो वो कभी किसी बैठक में जाते ही नहीं।

गुस्से में अखिलेश यादव, खतरे में इंडी गठबंधन

जी हाँ, एमपी में कॉन्ग्रेस के हाथों अपमानित हुए अखिलेश यादव गुस्से में दिख रहे हैं। दरअसल, एमपी में पूर्व कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री (कमलनाथ या दिग्विजय सिंह, अभी कंफर्म नहीं) के साथ बैठक के बाद समाजवादी पार्टी ने अपने प्रदर्शन का आँकड़ा उनके साथ साझा किया था। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने रात में 1 बजे तक सपा नेताओं के साथ बातचीत की और आखिर में कहा कि वो 6 सीटें मध्य प्रदेश में देने को तैयार हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि इस बात पर सहमति बनने के बाद भी कॉन्ग्रेस ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए और समाजवादी पार्टी के लिए जगह ही नहीं छोड़ी। अखिलेश यादव ने कहा है कि केंद्र के चुनाव के लिए चीजें बाद में देखी जाएँगी। अगर उन्हें पता होता कि राज्यों में गठबंधन नहीं है, तो वो किसी बैठक में शामिल ही नहीं होते और न ही कोई लिस्ट कॉन्ग्रेस के साथ साझा करते।

एमपी में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा

समाजवादी पार्टी ने भी मध्य प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है और कई 31 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रभारी व्याजी गोंड ने कहा है कि समाजवादी पार्टी सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की कोशिश कर रही है। अभी तक 31 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की जा चुकी है।

राज्यों में नहीं है कोई गठबंधन

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अगर ये मुझे पहले दिन पता होता कि विधानसभा स्तर पर कोई गठबंधन नहीं है, I.N.D.I (इंडी अलायंस) का, तो हम कभी मिलने ही नहीं जाते। न ही हमारी पार्टी के लोग जाते और न ही हम कभी कॉन्ग्रेस के लोगों के साथ अपनी सूची साझा करते। अभी लोकसभा चुनाव के लिए कोई गठबंधन होगा, केंद्र के लिए, तो हम उस पर विचार करेंगे।

बता दें कि इंडी गठबंधन की घोषणा के बाद से ही पार्टियों में दरार दिख रही है। पंजाब में आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस आमने सामने हैं, तो दिल्ली में दोनों पार्टियाँ एक राउंड भिड़ चुकी हैं। पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस और टीएमसी के बीच नोकझोंक हो चुकी है, तो केरल में सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियाँ दोनों ही इंडी गठबंधन के हिस्से में हैं। अब उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी इंडी गठबंधन का बुरा हाल दिख रहा है।

कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार में नया घोटाला: इंदिरा गाँधी कैंटीन के नाम पर वसूली, बिल क्लियर करने के लिए रिश्वत ले रहे अधिकारी

कर्नाटक के इंदिरा कैंटीन योजना में रिश्वतखोरी के आरोप लगे हैं। योजना को 2013 में कॉन्ग्रेस सरकार ने गरीबों को सस्ती भोजन उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया था। आरोप है कि अधिकारी ठेकेदारों से बिलों को निपटाने के बदले कमीशन माँग रहे हैं। कर्नाटक के यदुगिरि जिले में इंदिरा कैंटीन चलाने वाली निर्मला देवी महिला मंडल के सचिव विश्वनाथ रेड्डी दरशनापुरा ने यह आरोप लगाया है।

रिपब्लिक की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्मला देवी महिला मंडल के सचिव विश्वनाथ रेड्डी दरशनापुरा ने आरोप लगाया कि अधिकारी उनसे बिलों को निपटाने के बदले कमीशन माँग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों ने धमकाया है कि अगर वो कमीशन नहीं देंगे, तो उनके कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया जाएगा।

दरशनापुरा ने कहा कि उन्होंने इन आरोपों को पहले भी संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उन्हें अब इस मामले को मीडिया के सामने लाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कमीशन खोरी के आरोपों ने इंदिरा कैंटीन योजना के कार्यान्वयन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

जानकारी के मुताबिक, हावेरी, हिरेकेरूर और रानेबेन्नूर की तीन कैंटीन्स ने एक साल में 35 लाख का बिल बनाया है, जिसका अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे में आरोप लग रहा है कि इन कैंटीन की बिलों को अप्रूव करने वाले अधिकारियों ने रिश्वत की माँग की है। अब अधिकारियों का कहना है कि कैंटीन संचालक ने असली बिल से ज्यादा के बिल भुगतान के लिए लगाए हैं, ऐसे में उनकी गलती है तो बिल अप्रूव नहीं हो रहे हैं। हालाँकि अधिकारियों का कहना है कि पूरी जाँच के बाद जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।

एक सप्ताह के अंदर मामले सुलझाने का दावा

हावेरी की डीयूडीसी ममता होसागुड ने रिपब्लिक को बताया कि “आयुक्तों द्वारा माँगी जा रही रिश्वत झूठी है। ये निराधार आरोप हैं। अगर उनके पास कोई सबूत है तो उन्हें दें। मैं मामले की जाँच करूँगीं। मैं हावेरी और राणेबेन्नूर के दोनों आयुक्तों को नोटिस जारी कर उनसे पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए भी कहूँगीं।” उन्होंने कहा कि शहर के नगर निगम आयुक्तों को नोटिस दिया जाएगा और इसे एक सप्ताह के भीतर सुलझा लिया जाएगा।

बता दें कि कर्नाटक में कॉग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए कई लोक लुभावन वादे किए थे, जिसमें इंदिरा कैंटीन भी एक था। इस कैंटीन में गरीबों को सस्ता और बेहतर भोजन देनी की बात कही गई थी। अब इस योजना से जुड़ा घोटाला सामने आने के बाद योजना में धाँधलियों का मामला गरमा गया है।

‘महुआ मोइत्रा ने चुरा लिया मेरा कुत्ता’: घूस के बदले सवाल कांड में फँसीं TMC सांसद के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत, वकील बोले – मुझे जान का खतरा

हाल ही में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की गई कि वो घूस लेकर संसद में सवाल पूछती हैं। स्पीकर ने उनकी इस शिकायत को संसद की आचार समिति के पास भेज दिया। महुआ मोइत्रा पर कारोबारी दर्शन हीरानंदानी की कंपनी के हित के लिए संसद में सवाल पूछ कर केंद्र सरकार से सूचनाएँ निकलवाने का आरोप है। अब उन पर कुत्ता चुराने का आरोप भी लगा है। एक और पत्र के सामने आने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने गुरुवार (19 अक्टूबर, 2023) को दिल्ली के पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को एक पत्र भेज कर तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ शिकायत की है। इसमें उन्होंने बताया है कि महुआ मोइत्रा ने उनके कुत्ते ‘हेनरी’ को न सिर्फ चुरा लिया, बल्कि उसे अवैध तरीके से अपने पास भी रखी हुई हैं। उनका ये पालतू कुत्ता मात्र 3 साल का है। इसे उन्होंने नई दिल्ली के जनकपुरी स्थित दुकान से खरीदा था।

अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने बताया है कि उन्होंने जनवरी 2021 में 75,000 रुपए में इस कुत्ते को खरीदा था। पैसों का भुगतान उन्होंने 2 इंस्टॉलमेंट्स में किया था। उन्होंने 10,000 रुपए और 65,000 रुपए के भुगतान की 2 रसीदें भी दिल्ली पुलिस को भेजी हैं। साथ ही उन्होंने ‘केनल क्लब ऑफ इंडिया (KCI)’ से अपने कुत्ते का पंजीकरण भी कराया था। उन्होंने पत्र में बताया है कि हेनरी से उनका रिश्ता एक अभिभावक और बच्चे का है।

अनंत जय देहाद्राई ने इस शिकायती पत्र में लिखा, “जब से हेनरी 40 दिन का था, तभी से मैं उसकी देखभाल कर रहा हूँ। मैं उसकी सभी ज़रूरतों और चिंताओं को समझता हूँ। 10 अक्टूबर, 2023 से ही महुआ मोइत्रा ने मेरे उस कुत्ते का अपहरण कर के छिपा कर अपने पास रखा हुआ है। उन्होंने मुझे ब्लैमेल और प्रताड़ित करने के लिए ऐसा किया है। मैंने उनके खिलाफ CBI में जो शिकायत दायर की है, उसका बदला लेने के लिए उन्होंने ऐसा किया है।”

जय अनंत देहाद्राई ने दिल्ली पुलिस को लिखे पत्र में कहा है कि वो हाथ जोड़ कर पूरी मानवता के साथ विनती करते हैं कि हेनरी को उसके असली अभिभावक के पास रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द उन्हें उनके कुत्ते हेनरी से मिलवाया जाए। उन्होंने अपनी जान को भी खतरा बताया है और कहा है कि वो डर के साये में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके जीवन और उनकी स्वतंत्रता की रक्षा की जाए, उन्हें उनके कुत्ते हेनरी को वापस लाने में उनकी मदद की जाए।

अडानी समूह ने भी आरोप लगाया था कि उसे नुकसान पहुँचाने के लिए महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछे। महुआ मोइत्रा ने अपनी नोटिस में सभी मीडिया संस्थानों को उनके खिलाफ कंटेंट हटाने के लिए भी कहा था और 24 घंटे में ऐसा न करने पर कार्रवाई की धमकी दी थी। टीएमसी सांसद ने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि आरोप झूठे हैं और राजनीतिक लाभ लेने और उनके खिलाफ व्यक्तिगत बदला लेने के लिए लगाए गए हैं।

Rapidx: सुविधा प्लेन वाली, किराया ऑटो से कम, स्पीड राजधानी ट्रेन से ज्यादा – महिलाओं के लिए अलग डिब्बा, प्रीमियम कोच में कोट टाँगने वाला हुक भी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (20 अक्टूबर, 2023) को देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के प्राथमिकता वाले सेक्शन का श्री गणेश करेंगे। इसके एक दिन बाद ही शनिवार (21 अक्टूबर, 2023) को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) यात्रियों के लिए इस पर ट्रेनों की रेगुलर सर्विस शुरू कर देगा।

फिलहाल, NCRTC दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के प्राथमिकता वाले 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर ही RAPIDX का संचालन करेगा। ये सेक्शन साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक फैला है। इस पूरे 82 किलोमीटर के कॉरिडोर के साल 2025 तक पूरा होने की संभावना है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोगों के लिए ये सर्विस किसी सौगात से कम नहीं हैं।

दरअसल, RRTS कॉरिडोर को देश की राजधानी से बाहर प्रमुख शहरों में रहने वाले लोगों के लिए दिल्ली और एनसीआर में काम के लिए किए जाने वाले रोजाना के सफर को आसान बनाना था। आइए जानते हैं इस सेक्शन की क्या खासियत है और कैसे ये यात्रियों को लिए फायदेमंद साबित होने जा रही है।

क्या है रैपिडएक्स

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ‘रैपिडएक्स’ नाम की सेमी-हाई-स्पीड क्षेत्रीय रेल सेवा के लिए कॉरीडोर का निर्माण कर रहा है। ये क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी RRTS कहलाता है। एनसीआरटीसी दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों के साथ केंद्र की एक संयुक्त कंपनी है। इसे ही दिल्ली और मेरठ के बीच भारत के पहले आरआरटीएस के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है।

कितने होंगे कोच और आरक्षित सीटें

हर RAPIDX ट्रेन में एक प्रीमियम कोच समेत कुल 6 कोच होंगे। इसमें चार स्टैंडर्ड होंगे और एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। महिलाओं का ये आरक्षित कोच प्रीमियम कोच के बगल में होगा। अधिकारियों के मुताबिक, RAPIDX ट्रेन के हर कोच में सीटों को क्रमबद्धता से लगाया गया है। महिलाओं लिए आरक्षित कोच के अलावा अन्य कोचों में भी महिलाओं, खास तौर से दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीटें आरक्षित होंगी।

कितने लोग कर सकेंगे सफर

हर RAPIDX ट्रेन में ट्रेनों के दोनों छोर पर पायलट केबिन होंगे और 407 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। इसके साथ ही 1,061 अतिरिक्त यात्री खड़े होंगे। इसके कोचों में ओवरहेड सामान रैक के साथ 2X2 बैठने की सुविधा, ऑन-बोर्ड वाई-फाई, हर सीट के लिए चार्जिंग पॉइंट, एक पब्लिक उद्घोषणा और डिस्प्ले सिस्टम, डायनेमिक रूट मैप डिस्प्ले होगा। तो वहीं व्हीलचेयर के लिए निर्धारित जगह के साथ ही एक आपातकालीन अलार्म सिस्टम होगा जो इमरजेंसी के दौरान यात्रियों को इंटरकॉम के जरिए ड्राइवर के साथ बात करने की सुविधा देगा।

कैसा होगा प्रीमियम कोच

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली से मेरठ की तरफ जाने वाला पहला कोच और मेरठ से दिल्ली तरफ आने वाला आखिरी कोच प्रीमियम कोच होगा। एक स्लाइडिंग दरवाजे के जरिए बगल के कोच से अलग किया जाएगा। इसके साथ ही प्रीमियम कोच में सीट का कलर कोड अन्य कोच के कलर से अलग होगा।

इसके साथ ही आरामदायक गद्देदार रिक्लाइनिंग सीटें, कोट हुक, मैगजीन होल्डर और फुटरेस्ट जैसी कई यात्रियों को ध्यान में रखकर दी गई सुविधाएँ प्रीमियम कोच को प्रीमियम बनाती हैं। मसलन एक प्रीमियम कोच की सीट में पैरों को रखने के लिए अतिरिक्त जगह होगी।

इस कोच में प्रीमियम लाउंज के जरिए ही चढ़ा जा सकेगा। आने वाले वक्त में इसमें वेंडिंग मशीन लगाने का भी प्लान है। जिससे कोच के अंदर ही स्नैक्स और पेय पदार्थ खरीदे जा सकेंगे।

रैपिडएक्स के स्टेशन पर मिलेंगी ये सुविधाएँ

रैपिडएक्स के हर स्टेशन पर कॉनकोर्स लेवल के पेड एरिया में पीने का पानी और वॉशरूम होंगी। छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को ध्यान में रखते हुए हर स्टेशन के महिला शौचालय में डायपर बदलने के लिए जगह दी जाएगी। रैपिडएक्स के सभी स्टेशनों पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा दी जाएगी।

किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के लिए एम्बुलेंस आसानी से मँगवाई जा सकेगी। इस सेक्शन में RAPIDX के गाजियाबाद स्टेशन पर एक ‘लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर’ भी है। ये सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। यहाँ से खोई और पाई चीजों की जानकारी RAPIDX कनेक्ट ऐप पर मुहैया कराई जाएगी।

कितनी होगी स्पीड

RAPIDX भारत का सबसे तेज़ शहरी ट्रांजिट सिस्टम हैं। जो ब्रॉड गेज के रेलवे ट्रैक के लिए बनाई गई वंदे भारत ट्रेन की रफ्तार से मेल खाती है। वंदेभारत 180 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती है। हालाँकि, RAPIDX की चलने की रफ्तार इससे कम होगी।

कहाँ से कब तक चलेगी ये ट्रेन

साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच प्राथमिकता वाले इस सेक्शन में पाँच स्टेशन साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो हैं। NCRTC के मुताबिक, साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक सफर करने के लिए यात्रियों को सुबह 6 बजे से ट्रेन मिलनी शुरू हो जाएगी। एक पूरे दिन ट्रेन चलने का वक्त सुबह 06:00 बजे से शुरू होकर रात 11:00 बजे तक रहेगा।

RAPIDX के स्टैंडर्ड क्लास और प्रीमियम क्लास कोच की किराया लिस्ट (फोटो साभार: news18.com)

क्या होगा RAPIDX का किराया

RAPIDX ट्रेन में दो तरह के कोच स्टैंडर्ड क्लास और प्रीमियम क्लास हैं। इन कोच में 90 सेमी से कम लंबाई वाले बच्चों को मुफ्त में सफर करने को मिलेगा। किराए की बात करें तो स्टैंडर्ड क्लास के यात्रियों को जहाँ कम दूरी के रूट के महज 20 रुपए तो प्रीमियम क्लास के यात्रियों को इसी के लिए 40 रुपए देने होंगे।

इसी तरह सेक्शन के पहले स्टेशन से लेकर यदि कोई यात्री आखिरी स्टेशन तक यात्रा कर रहा है तो इस समान रूट के स्टैंडर्ड क्लास के यात्रियों को 50 रुपए देने होंगे तो वहीं प्रीमियम क्लास के कोच में इस रूट के लिए 100 रुपए किराया देना होगा।

उदाहरण के लिए यदि आप साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक जाते हैं तो स्टैंडर्ड क्लास में सफर करने पर आपको इसके 50 तो प्रीमियम क्लास के कोच में 100 रुपए देने होंगे। इस कॉरिडोर के उद्घाटन के दिन RAPIDX स्मार्ट कार्ड लॉन्च होने की उम्मीद जताई जा रही है।

कैसे ले सकेंगे टिकट

रैपिड एक्स ट्रेन के टिकट लेने के लिए आपको लाइन में लगने की भी जरूरत नहीं है क्योंकि इसके टिकट के लिए डिजिटल क्यूआर कोड आधारित टिकट यात्री सिस्टम बनाया गया है। इसका नाम ‘RAPIDX कनेक्ट’ है। ये एक मोबाइल एप्लिकेशन है। इसका इस्तेमाल कर आसानी से टिकट खरीदा जा सकता है।

इसके साथ ही पेपर क्यूआर कोड पर आधारित यात्रा टिकट भी लिए जा सकते हैं। इन्हें टिकट वेंडिंग मशीन (टीवीएम) के जरिए या फिर स्टेशनों पर टिकट काउंटरों से खरीद सकता है।

टीवीएम कार्ड नकद पेमेंट मोड के अलावा गैर-नकद भुगतान लेनदेन के लिए रुपे/मास्टर/वीज़ा मानक के मुताबिक क्रेडिट/डेबिट/प्रीपेड कार्ड रीडर से लैस हैं। इसके लिए एनसीआरटीसी ने साहिबाबाद और गाजियाबाद में 4-4 टीवीएम और गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो में 2-2 टीवीएम बनाए हैं।

रैपिडएक्स में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) के जरिए या फिर एनसीएमसी के मुताबिक चलने वाले किसी भी कार्ड साथ यात्री सफर कर सकते हैं। दरअसल, एनसीएमसी यात्रियों को यात्रा, टोल टैक्स, खुदरा खरीदारी के साथ-साथ पैसे निकालने तक की सुविधा देता है। जहाँ भी एनसीएमसी की सुविधा होती हैं लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

रैपिड एक्स ट्रेन के लिए कोई भी व्यक्ति इन कार्ड्स को स्टेशन के टिकट काउंटर से खरीद सकता है। इस कार्ड को न्यूनतम 100 रुपए से अधिकतम 2000 रुपए तक रिचार्ज किया जा सकता है। एनसीएमसी एक ओपन-लूप कार्ड है जो ‘वन नेशन, वन कार्ड’ पहल का नतीजा है। इस वजह से ये कार्ड देश की सभी परिवहन प्रणालियों में चलता है।

कितना ले जा सकते हैं सामान

रैपिड एक्स ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के सामान के आकार और उसके वजन की सीमा भी तय की गई है। इसमें यात्रा करने वाले यात्रियों के सामान का वजन 25 किलो से अधिक नहीं होना चाहिए। 25 किलो से अधिक का सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को या तो सफर या सामान में से एक का चुनाव करना होगा। इसके साथ यात्रियों को 80 सेमी x 50 सेमी x 30 सेमी लंबाई-चौड़ाई वाला सामान ही ले जाने की इजाजत होगी।

अपना लिंग हाथ में लिए हुए पुरुष, 11000 साल पुरानी मूर्ति: तुर्की में हुई खोज के बाद पुरातत्व वैज्ञानिक भी हैरान

तुर्की में पुरातत्वविज्ञानियों को एक ऐसी मूर्ति मिली है, जिसमें एक पुरुष अपना लिंग पकड़ कर खड़ा दिख रहा है। बताया जा रहा है कि ये मूर्ति 11,000 वर्ष पुरानी है। इतिहासकारों ने कहा है कि इस मूर्ति से कृषि के विकास से पहले के काल को समझने में मदद मिलेगी। साथ में एक जंगली सूअर की मूर्ति भी मिली है। इसे एक अभूतपूर्व आर्कियोलॉजिकल खोज बताया जा रहा है। इससे उस समय के समाज को समझने में भी मदद मिलेगी। गोबेली टेपे और कराहन टेपे के आसपास के इलाकों में ये मूर्तियाँ मिलीं।

इन्हें दुनिया के सबसे बड़े टेम्पल परिसरों में से गिना जाता है। गोबेली टेपे महापाषाण काल के T आकार के स्तंभों के लिए विख्यात है। साथ ही यहाँ कई ऐसी मूर्तियाँ मिली हैं जिनमें काफी पेचीदा काम किया हुआ है। बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार के कार्यों में इनका इस्तेमाल किया जाता था। UNESCO ने भी इसे अंतरराष्ट्रीय धरोहर की मान्यता दी हुई है। प्रागैतिहासिक काल को समझने के लिए ये महत्वपूर्ण है। जंगली सूअर वाली आकृति को लाइमस्टोन से बनाया गया है।

गोबेली टेपे में में मिली ये मूर्ति 8700 BC से लेकर 8200 BC तक के बीच की है। जहाँ इसकी लंबाई 4.4 फ़ीट है, वहीं ऊँचाई 2.3 फ़ीट है। इसमें लाल, काला और सफ़ेद रंगों का इस्तेमाल किया गया है। इससे पता चलता है कि इसे पेण्ट भी किया गया था। वहीं इससे 22 मील की दूरी पर स्थित कराहन टेपे में पुरातत्वविदों को 7 फ़ीट लंबे एक पुरुष की मूर्ति मिली है। इसकी पसलियों, रीढ़ की हड्डी और और कंधों की बनावट स्पष्ट दिख रही है। इतिहासकारों का मानना है कि ये वहाँ स्थित इमारत से जुड़े किसी पूर्वज की मूर्ति हो सकती है।

इस मूर्ति की खासियत ये है कि ये व्यक्ति अपना लिंग अपने हाथ में पकड़ा हुआ दिख रहा है, जिसे इशारा मिलता है कि ये किसी समुदाय का प्रजनक रहा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस इलाके में हर एक इमारत से जुड़ा कोई न कोई पूर्वज रहा होगा। इस व्यक्ति का चित्रण मृतक के रूप में किया गया होगा, ये कयास भी लगाए जा रहे हैं। कुछ ही दूर पर एक गिद्ध की मूर्ति भी मिली है। हालाँकि, इस पर और शोध और अध्ययन के बाद ही वैज्ञानिक अधिक जानकारी दे पाएँगे।

गोरखपुर के जिस दंगे के बाद गिरे थे योगी आदित्यनाथ के आँसू, 16 साल बाद उसके दोषी शमीम को सज़ा: भुगतेगा आजीवन कारावास, हिन्दू युवक की हत्या से शुरू हुई थी हिंसा

गोरखपुर की अदालत ने 2007 गोरखपुर दंगों के मुख्य आरोपित मोहम्मद शमीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शमीम को 16 साल बाद गिरफ्तार किया गया था। शमीम को 25 जनवरी, 2007 को मोहर्रम के जुलूस के दौरान राजकुमार अग्रहरि नाम के युवक की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है, जिसके बाद उसे सजा सुनाई गई। इस बीच वो 15 साल तक फरारी भी काट चुका है। ये वही मामला है, जिसमें योगी आदित्यनाथ को जेल भी जाना पड़ा था।

जमानत मिलने के बाद फरार हो गया था शमीम

इस मामले में शमीम, उसके अब्बू शफीकउल्लाह को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन शमीम 16 अगस्त, 2007 को जमानत पा गया था और फरार हो गया था। इस मामले में उसके अब्बू शफीकउल्लाह को साल 2012 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, वो अब अपनी सजा काट रहा है। वहीं, शमीम फरार हो गया था और चेन्नई में पहचान छिपाकर रहता था। इस बीच, वो गोरखपुर शिफ्ट हो गया था, जिसके बाद मुखबिर की सूचना पर उसे 16 सितंबर, 2023 को पुलिस ने पूरे 15 साल बाद गिरफ्तार किया था। वो यहाँ भी पहचान छिपाकर किराए के घर में रहा था। इसके एक माह के बाद अब शमीम को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने उम्रकैद के साथ ही लगाया अर्थदंड

इस मामले में गोरखपुर के अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर-छह में केस चल रहा था। न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा के साथ ही 13,500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न चुका पाने की सूरत में उसे 13 माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। कोर्ट ने उसकी हत्या की संलिप्तता को माना और सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अपना फैसला सुनाया।

राजकुमार अग्रहरि की हत्या के बाद सुलगा था गोरखपुर

शमीम और उसके साथियों ने शादी समारोह से लौटते समय राजकुमार अग्रहरि नामक युवक को बुरी तरह से चाकुओ, तलवार से गोद डाला था, जिसकी दो दिन बाद अस्पताल में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरा गोरखपुर सुलग गया था। यही वो मामला है, जिसमें मुलायम सिंह यादव की सरकार में मौजूदा मुख्यमंत्री और तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ को भी आरोपित बनाया गया था, जिसमें उन्हें 11 दिन के लिए जेल भी जाना पड़ा था।

संसद में फूट-फूट कर रो पड़े थे योगी आदित्यनाथ

बता दें कि दंगों के बाद संसद सत्र में 12 मार्च 2007 को योगी आदित्यनाथ अपनी बात कहने के लिए खड़े हुए। संसद में खड़े होने के बाद वो फूट-फूटकर रोने लगे थे। साथी सांसदों ने उनके आँसू पोछे थे। इस मामले में उन्होंने बताया कि तत्कालीन राज्य सरकार ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया था। इस मामले में योगी आदित्यनाथ पर दंगे भड़काने के आरोप लगाए थे, लेकिन साल 2014 में वो सीडी फर्जी पाई गई, जिसमें योगी आदित्यनाथ के बयान को रिकॉर्ड करने का दावा किया गया था। इस मामले में 2017 में केस को बंद कर दिया गया था।

‘दोस्तिया कहियो खतम होगा, जब तक जीवित रहेंगे आपलोगों से संबंधे रहेगा’: BJP से ‘इश्किया का इशारा’ कर नीतीश कुमार ने खूब बटोरी ताली

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार (19 अक्टूबर, 2023) को बिहार के पूर्वी चम्पारण स्थित ‘महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी’ (MGCUB) में पहुँचीं, जहाँ उन्होंने सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और छात्र-छात्राओं को डिग्रियाँ प्रदान की। इस दौरान वहाँ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्थानीय सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधामोहन सिंह भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने छात्र-छात्राओं को कहा कि वो अपनी शिक्षा का इस्तेमाल राष्ट्रहित में करें।

उन्होंने याद दिलाया कि सबसे पहले 2007 में केंद्र सरकार ने बिहार में सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी की स्थापना का निर्णय लिया था और 2009 में इस संबंध में अधिनियम पास किया गया। उन्होंने याद दिलाया कि उस दौरान भी वो ही मुख्यमंत्री थे और कॉन्ग्रेस की केंद्र सरकार को उन्होंने स्पष्ट कहा था कि राष्ट्रीय स्तर पर सबसे पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय चम्पारण में बने। उन्होंने याद दिलाया कि राष्ट्रपति कहे जाने वाले महात्मा गाँधी यहाँ के लोगों द्वारा आग्रह किए जाने के बाद आए थे और बड़ा अभियान चलाया।

उन्होंने इस दौरान राष्ट्रपति से कहा कि अगले दौर में वो उन्हें बापू से जुड़े स्थलों को दिखाएँगे। इस दौरान उन्होंने ये याद भी दिलाया कि उन्होंने कई यात्राएँ यहीं से शुरू की थी। उन्होंने याद दिलाया कि देश की आज़ादी से 30 साल पहले महात्मा गाँधी ने यहीं से आंदोलन शुरू किया था। नीतीश कुमार बोले, “मेरा बतवे नहीं सुनता है। हम तो बार-बार कहते हैं कि बापू का जो चम्पारण से अभियान शुरू हुआ, उसे राष्ट्रीय स्तर पर महत्व दिया जाए। इसीलिए, हम सबकी इज्जत करते हैं। वोटवा जिसको देना है उ दे, जो करे। लेकिन जब तक जीवित रहेंगे, यहाँ का हम इज्जत करते रहेंगे।”

नीतीश कुमार बोले, “आप जानते है, उस समय वो (तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल) बतवा नहीं माना। हमको कह दिया कि साहब अभी यहाँ नहीं कर सकते हैं। हम सबको समझाए कि वहीं करिए, त बोले अच्छा-अच्छा। हमने कह दिया कि आप कौन चीज के नेता हैं कि बापू की सिखाई चीजों को भुला रहे हैं। आप गया कह रहे हैं तो 2 तय कीजिए, गया में भी बनाइए। त मेरा स्वीकार किया। 2014 में ये स्वीकृति हो गई और 2016 से काम शुरू हुआ। हमलोग 135 एकड़ दे दिए हैं, लेकिन आपको 300 एकड़ चाहिए। हम उतना दे देंगे। अधिकारियों से कह दिया है कि एक महीने में तत्काल कर दीजिए।”

उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि जल्द से जल्द MGCUB की नई इमारत बने और राज्य सरकार भी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का नाम महात्मा गाँधी के नाम पर रखने का भी सुझाव उन्हीं का था। उन्होंने आग्रह किया कि तेज़ी से निर्माण कार्य हो, सारी मदद की जाएगी। उन्होंने 3 दिन के भीतर मुख्य सचिव से रिपोर्ट लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि आने-जाने के रास्ते से लेकर एक-एक चीज बनवा दी जाएगी। उन्होंने रहने के लिए हॉस्टल की व्यवस्था की भी बात कही।

इसी दौरान उन्होंने मंच पर उपस्थित लोगों की तरफ इशारा करते हुए कहा, “जितने लोग हमारे हैं, सब साथी हैं। छोड़िए न भाई, हम अलग हैं और आप अलग हैं। हमरा त दोस्तिया कहियो ख़तम होगा? जब तक हम जीवित रहेंगे, आपलोगों के साथ मेरा संबंधें रहेगा। चिंता मत कीजिए।” ऊपर संलग्न किए गए वीडियो में आप 40 मिनट के बाद नीतीश कुमार का भाषण सुन सकते हैं। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या नीतीश कुमार फिर से भाजपा के साथ किसी न किसी बहाने से नजदीकियाँ बढ़ाने की जुगत में लगे हैं।

फिलिस्तीन के समर्थन में खुलेआम उतरे पाकिस्तानी क्रिकेटर्स, शेयर किया झंडा; मोहम्मद रिजवान ने गाजा को समर्पित किया था शतक

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ियों ने इजरायल के खिलाफ ट्वीट किए हैं। इन ट्वीटों में उन्होंने फिलिस्तीनियों के समर्थन में आवाज उठाई है। विकेट कीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने अपने शतक को गाजा के लोगों को समर्पित किया था। उन्होंने ट्वीट किया, “यह शतक गाजा के मेरे भाइयों और बहनों के लिए है।” इसके बाद अब पिछले कुछ घंटों में लगभग सभी पाकिस्तानी खिलाड़ियों (कुछ को छोड़कर) ने फिलिस्तीन के समर्थन में फिलिस्तीन झंडे के साथ पोस्ट किया है

फिलिस्तीन के समर्थन में उतरे पाकिस्तानी खिलाड़ी

इजरायल का विरोध करने और फिलिस्तीन का समर्थन करने के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने बुधवार (18 अक्टूबर, 2023) की रात का समय चुना, ताकि अधिक से अधिक लोगों में फिलिस्तीन को लेकर चल रहे ट्रेंड को आगे बढ़ाया जा सके। एक दो नहीं, बल्कि कई खिलाड़ियों ने फिलिस्तीन के समर्थन में पोस्ट किए। कई ने फिलिस्तीन के फोटो का इस्तेमाल किया, तो फहीम अशरफ ने फिलिस्तीन के झंडे वाली इमोजी का। उन्होंने हैशटैग का भी इस्तेमाल किया, जिसमें फिलिस्तीन के समर्थन की बात कही गई थी।

पाकिस्तानी खिलाड़ियों के एक्स पोस्ट का स्क्रीनशॉट

बता दें कि पाकिस्तान ने कुछ दिन पहले भी श्रीलंका को रिकॉर्ड रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए हराया था। उस मैच में पाकिस्तानी खिलाड़ी रिजवान ने शतक लगाया था। उस शतक और जीत के बाद उन्होंने प्रेजेंटेशन सेरेमनी में अपने शतक को गाजा के आतंकियों को समर्पित किया था। उस मैच में रिजवान को एक और बात के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा, कि उन्होंने मैदान में खिंचाव होने और चोट लगने का कई बार झूठा नाटक किया। इसका खुलासा भी उन्होंने खुद ही बातचीत में किया था।

हमास के हमले में जा चुकी है करीब 1400 इजरायलियों की जान

गौरतलब है कि हमास के हमलों में इजरायल के करीब 1400 लोगों की मौत हुई है। वहीं 3000 से ज्यादा घायल हैं। हमास ने इस हमले में करीब 250 इजरायली नागरिकों को बंधक भी बना लिया था। इजरायली बंधकों को छुड़ाने और हमास को मिटाने के लिए गाजा की घेराबंदी कर दी गई है। इजरायल के जवाबी कार्रवाई में करीब तीन हजार आतंकी मारे गए हैं। इजरायल वार टीम ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करके बताया है कि इजरायल को टारगेट कर हमास के दागे रॉकेट में से 30 से 40% मिसफायर होकर गाजा पट्टी में ही गिरे हैं।

‘हमें मत पढ़ाओ सेक्युलरिज्म, ये देश हिन्दुओं का है और रहेगा’: छत्तीसगढ़ में गरजे CM सरमा, बोले – राम मंदिर तोड़ कर बाबरी मस्जिद बनाना सेक्युलरिज्म नहीं

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक संबोधन के दौरान कहा कि हम हिन्दू हैं, हमें सेक्युलरिज्म का पाठ मत पढ़ाइए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ये देश हिन्दुओं का देश है और ये देश हिन्दुओं की तरफ रहेगा। उन्होंने कहा, “ये सेक्युलरिज्म की भाषा हमें मत सिखाओ। हमें आपसे सेक्युलरिज्म की भाषा नहीं सीखनी है। हमलोग ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ को मानते हैं, ये सिद्धांत विश्व को हमने दिया है। सेक्युलरिज्म का अर्थ ये नहीं है कि कोई राम मंदिर को तोड़ कर बाबर के नाम पर मस्जिद बनाएगा।”

असम के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इसे सेक्युलरिज्म नहीं कहा जाता। उन्होंने ये बातें छत्तीसगढ़ में एक चुनावी जनसभा के दौरान कही। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ को दिल से प्यार करते हैं, इसके लिए हमें किसी सबूत की ज़रूरत नहीं है। वहाँ मौजूद जनता से उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी विजयी ने ये प्रदेश आपके लिए बनाया था। उन्होंने ये भी कहा कि भाजपा के लिए इस प्रदेश का सम्मान माँ-बेटे का है।

वहाँ मौजूद जनसभा से असम के सीएम ने कहा कि आपलोग माँ हैं और भाजपा आपका बेटा है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही हम आगे बढ़ेंगे और ऐसा ही हमारा संकल्प है। बता दें कि हाल ही में असम के मुख्यमंत्री ने NCP के संस्थापक शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले को लेकर इजरायल-हमास युद्ध के परिप्रेक्ष्य में बयान दिया था। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि शरद पवार अपनी बेटी को हमास की तरफ से लड़ने के लिए गाजा भेजेंगे।

उन्होंने शरद पवार के उस बयान का विरोध करते हुए ये कहा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पूरी जमीन फिलिस्तीन की है और इजरायल ने उस पर कब्ज़ा कर लिया है। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी फिलिस्तीन के साथ है। हालाँकि, उनकी पार्टी का एक बड़ा धड़ा अलग हो चुका है और भाजपा के साथ महाराष्ट्र की सरकार में शामिल है। सीएम सरमा के बयान पर अब सुप्रिया सुले ने कहा है कि दोनों का DNA एक ही है क्योंकि पहले वो दोनों ही कॉन्ग्रेस में थे।